Tag: Rajya Sabha elections

  • राज्यसभा चुनाव 2026: BJP ने जारी की 2 और नामों की सूची, जानें उत्तराखंड-बंगाल से किसे मिला टिकट

    राज्यसभा चुनाव 2026: BJP ने जारी की 2 और नामों की सूची, जानें उत्तराखंड-बंगाल से किसे मिला टिकट

    नई दिल्ली
    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यसभा चुनाव के लिए दो और उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। भगवा पार्टी ने उत्तराखंड में होने वाले चुनाव के लिए दिनेश आर्य को कैंडिडेट बनाया है। वहीं, पश्चिम बंगाल में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए रुक्मिणी मल्लिक ऊर्फ कोयल मल्लिक को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

    आपको बता दें कि राज्यसभा में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरज शेखर, बृजलाल, प्रो. राम गोपाल यादव, रामजी, बी. एल. वर्मा, सीमा और हरदीप सिंह पुरी के साथ-साथ उत्तराखंड से नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला है। उत्तर प्रदेश से डॉ. दिनेश शर्मा की सीट उनके इस्तीफे के कारण 11 सितंबर से रिक्त है।

    बंगाल से कोयल मल्लिक को टिकट
    पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की एक सीट के लिए उपचुनाव रुक्मिणी मल्लिक के 16 जुलाई को इस्तीफे देने के बाद से रिक्त है। उनका कार्यकाल दाे अप्रैल 2032 तक था। भाजपा ने उन्हें ही यहां से कैंडिडेट बनाया है। आपको बता दें कि वह पहले टीएमसी में थीं। सांसदों के बगावत के बाद उन्होंने भी ममता का साथ छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था।

    आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की राज्यसभा की 12 सीट के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होंगे। इनमें उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट शामिल है, जहां मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव होगा।

    मतदान 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। आयोग ने पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी करने का निर्देश दिया है।

  • दीपांकर भट्टाचार्य बोले- राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन प्रत्याशियों को वोट देंगे विधायक

    दीपांकर भट्टाचार्य बोले- राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन प्रत्याशियों को वोट देंगे विधायक

     रांची
     झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) भाकपा-माले की राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक के समापन पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने बड़ा ऐलान किया है।

    उन्होंने घोषणा की है कि झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भाकपा-माले के विधायक महागठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करेंगे।

    दीपांकर भट्टाचार्य ने भरोसा जताया कि महागठबंधन के प्रत्याशी झामुमो (JMM) के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा इस चुनाव में शानदार जीत दर्ज करेंगे।

    वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप
    पार्टी की बैठक में चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर गंभीर सवाल उठाए गए। दीपांकर भट्टाचार्य ने केंद्र और आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया:

            इस अभियान के बहाने गरीबों, दलितों, अल्पसंख्यक समुदायों और प्रवासी मजदूरों के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।
            अकेले बगोदर विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम गायब किए जाने की पुख्ता सूचना मिली है।

    नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए भाकपा-माले ने पूरे राज्य में “वोट बचाओ अभियान” चलाने का निर्णय लिया है।

    पेपर लीक मामले पर NTA को भंग करने की मांग
    देशभर में छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ पर पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि NEET, CUET, CBSE और SSC जैसी प्रमुख परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण छात्र-युवा आंदोलन तेज हो रहा है

    भाकपा-माले ने मांग की है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तुरंत भंग किया जाए। देश में एक पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।

    महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन
    बैठक में केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दों पर भी रणनीति तैयार की गई। देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी के खिलाफ पार्टी 16 जुलाई से अगस्त तक एक बड़ा देशव्यापी अभियान शुरू करेगी।

    साथ ही, फासीवाद, बुलडोजर राजनीति और निजीकरण के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कई लोगों ने पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की।

    मौके पर राज्य सचिव मनोज भक्त, पोलित ब्यूरो सदस्य हलधर महतो, विधायक अरूप चटर्जी और विधायक चंद्रदेव महतो सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

     

  • राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, तीसरी सीट पर BJP की चुप्पी और कांग्रेस की सक्रियता बढ़ी

    राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, तीसरी सीट पर BJP की चुप्पी और कांग्रेस की सक्रियता बढ़ी

    भोपाल.

    मध्य प्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल शनिवार को नामांकन दाखिल कर चुके हैं, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन भी मैदान में हैं। लेकिन सबसे अधिक चर्चा तीसरी सीट को लेकर भाजपा की संभावित रणनीति को लेकर हो रही है।

    भाजपा और कांग्रेस दोनों ने शनिवार को विधायक दल की बैठकें आयोजित कर मतदान प्रक्रिया, वोट की वैधता और चुनावी रणनीति पर अपने-अपने विधायकों को प्रशिक्षण दिया। हालांकि भाजपा ने तीसरी सीट को लेकर अपने पत्ते अभी तक नहीं खोले हैं। पार्टी सूत्रों का दावा है कि केंद्रीय नेतृत्व के संकेत मिलते ही अंतिम समय में कोई बड़ा राजनीतिक कदम उठाया जा सकता है।

    भाजपा ने रणनीति रखी गोपनीय
    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि पार्टी फिलहाल केवल दो सीटों पर चुनाव लड़ रही है और तीसरे प्रत्याशी को उतारने की कोई योजना नहीं है। इसके बावजूद पार्टी के भीतर से मिल रहे संकेत बताते हैं कि तीसरी सीट को लेकर मंथन जारी है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा की रणनीति अंतिम समय तक गोपनीयता बनाए रखने की है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून होने के कारण राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि सोमवार को कोई अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आ सकता है। इससे पहले वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी कह चुके हैं कि यदि पार्टी तीसरा प्रत्याशी उतारती है तो उसे जिताने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा।

    कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की चिंता
    उधर कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन मौजूद रहीं, लेकिन बैठक में अपेक्षित उत्साह और गर्मजोशी दिखाई नहीं दी। पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग की आशंका को लेकर चिंता बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व अपने विधायकों को एकजुट रखने और मतदान तक किसी भी तरह की टूट-फूट रोकने में जुटा हुआ है। यही वजह है कि पार्टी लगातार अपने विधायकों के साथ संवाद बनाए हुए है।

    2016 जैसा दांव दोहराने की चर्चा
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा यदि तीसरी सीट पर प्रत्याशी उतारती है तो यह रणनीति वर्ष 2016 की याद दिला सकती है, जब पार्टी ने विनोद गोटिया को तीसरी सीट पर उम्मीदवार बनाया था। हालांकि तब उन्हें सफलता नहीं मिली थी, लेकिन इस बार बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के बीच भाजपा संभावनाओं को परख रही है। राज्यसभा चुनाव के अंतिम चरण में अब सभी की नजरें भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं। यदि तीसरा प्रत्याशी मैदान में उतरता है तो चुनावी मुकाबला और रोचक हो सकता है।

  • राज्यसभा चुनाव से पहले बिहार की राजनीति गर्म: नीतीश और निशांत की अलग-अलग यात्राओं के मायने

    राज्यसभा चुनाव से पहले बिहार की राजनीति गर्म: नीतीश और निशांत की अलग-अलग यात्राओं के मायने

    पटना

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब से राज्यसभा जाने का एलान किया है, तब से बिहार की राजनीति में उथल-पुथल मच गई है। नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार चर्चा के केंद्र बिन्दु में हैं। जनता दल यूनाईटेड में शामिल होने के बाद निशांत कुमार बिहार की यात्रा पर निकलेंगे। वह अपनी यात्रा की शुरुआत चंपारण से करेंगे। वह अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए बिहार भ्रमण करने की तैयारी में हैं।

    10 से 13 मार्च तक कोसी-सीमांचल की यात्रा
    इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 से 13 मार्च तक कोसी-सीमांचल की यात्रा पर निकलने की तैयारी में है। शनिवार को वह बख्तियारपुर गए थे। उनके बॉडी लैंग्वेज से एक बार भी नहीं लगा कि बिहार से दूर होना चाहते हैं। ऐसे में उनके दौरे से सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गए हैं। सीएम 10 मार्च को सुपौल में समृद्धि यात्रा पहुंचेंगे। इसके बाद मधेपुरा, किशनगंज, अररिया, कटिहार, पूर्णिया में कार्यक्रम करेंगे। इसके बाद सहरसा और खगड़िया में कार्यक्रम का प्लान बना है।

    जदयू प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान ने बढ़ाई टेंशन
    जनता दल यूनाईटेड के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि जदयू के सभी नेताओं की भारी मांग पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जदयू ज्वाइन कर रहे हैं। सभी विधायकों, कार्यकर्ताओं की इच्छा से मुख्यमंत्री से आग्रह किया। लंबी मांग के बाद सहमति दी उन्होंने। भाजपाई सीएम के लिए तैयार हैं आप? इस सवाल के जवाब में उमेश कुशवाहा ने कहा कि एनडीए के नेता हमारे नेता नीतीश कुमार हैं। नीतीश कुमार को जनादेश मिला है। नई सरकार का गठन कब होगा? इस सवाल के जवाब में उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार ने इस्तीफा तो दिया नहीं है। नई सरकार की गठन की चर्चा अभी कहां! जब समय आएगा, तब जनादेश हासिल करने वाले नीतीश कुमार तय करेंगे कि सीएम कौन होगा? कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार ने कुछ सोच-समझ कर राज्यसभा के लिए नामांकन किया है। 

  • महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव का ऐलान: नामांकन से लेकर मतदान तक की पूरी जानकारी एक जगह

    महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव का ऐलान: नामांकन से लेकर मतदान तक की पूरी जानकारी एक जगह

     मुंबई

    महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, क्योंकि राज्य से सात राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना बुधवार को जारी कर दी गई है। सदस्यों के चुनाव के लिए 16 मार्च को होगा। इस बात की जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर विलास अठवाले ने दी। उन्होंने बताया कि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 5 मार्च है। इसके बाद 6 मार्च को नामांकनों की जांच (स्क्रूटनी) होगी और 9 मार्च तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं।

    बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य इस चुनाव में मतदान करेंगे। राज्य से सात राज्यसभा सांसदों की अवधि अप्रैल में समाप्त हो रही है, जिसमें एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी शामिल हैं। अभी तक पवार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वे पुनः उम्मीदवार होंगे या नहीं। ऐसे में यदि आवश्यकता हुई, तो 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक विधान भवन में मतदान होगा और उसके बाद मतगणना की जाएगी।

    राज्यसभा का चुनाव कैसे होता है?
    राज्यसभा के सदस्य का चुनाव उस राज्य की विधानसभा के चुने हुए विधायक करते हैं, जिस राज्य से वह उम्मीदवार है। राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया लोकसभा और विधानसभा चुनाव से काफी अलग है, क्योंकि इस सदन के लिए मतदान सीधे जनता नहीं करती, बल्कि जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि करते हैं। राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल छह साल का होता है। राज्यसभा चुनावों के नतीजों के लिए एक फॉर्मूला भी तय किया गया है।

    जीतने के लिए कितने वोट की जरूरत?
    गौरतलब है कि महाराष्ट्र के फॉर्मूला के हिसाब से यहां किसी उम्मीदवार को जिताने के लिए कम से कम 37 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के मुताबिक सत्ताधारी गठबंधन सात में छह सीटों  पर आसानी से जीत दर्ज कर सकता है। विपक्ष एकजुट नहीं होता तो सातवें उम्मीदवार के लिए मुकाबला रोचक हो सकता है।  

    राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन में मिलकर काम करने का संकल्प लिया
    भारत निर्वाचन आयोग और राज्य चुनाव आयोगों का राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन मंगलवार 24 फरवरी 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में संपन्न हुआ। यह सम्मेलन 27 वर्षों के बाद आयोजित किया गया था और इसमें 30 राज्यों के राज्य चुनाव आयोगों ने भाग लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हुए इस सम्मेलन में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित रहे।

    सम्मेलन में राज्य चुनाव आयुक्तों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे सफल बताया। सभी ने हर साल ऐसे राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित करने का संकल्प लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में सभी ने राष्ट्रीय घोषणा 2026 को अपनाया। घोषणा में जोर दिया गया कि शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना लोकतंत्र की मजबूत नींव है और चुनावों का पारदर्शी तथा सुचारू संचालन लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत बनाता है।

  • राज्यसभा चुनाव: नितिन नवीन को टिकट, BJP की घोषणा के बाद बिहार के दूसरे कैंडिडेट पर नजर

    राज्यसभा चुनाव: नितिन नवीन को टिकट, BJP की घोषणा के बाद बिहार के दूसरे कैंडिडेट पर नजर

    नई दिल्ली
    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन राज्यसभा जाएंगे। वे भाजपा के बिहार से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए गए हैं। वहीं, भाजपा के बिहार से दूसरे कैंडिडेट के नाम चौंकाने वाला है। नितिन नवीन के साथ पार्टी ने दलित नेता शिवेश कुमार राम को प्रत्याशी बनाया है। दोनों नेता 5 मार्च को अपना नामांकन करेंगे। पटना के रहने वाले नितिन नवीन हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए थे। वे अभी पटना की बांकीपुर सीट से विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद से उनके संसद जाने की चर्चा तेज थी। अब भाजपा ने उम्मीदवार सूची जारी कर स्थिति साफ कर दी है।

    दूसरी सीट पर भाजपा का दलित दांव
    वहीं, भाजपा ने बिहार से अपने कोटे की दूसरी सीट से शिवेश राम को उम्मीदवार बनाया है। वे दलित वर्ग के नेता हैं। पार्टी ने उन्हें लोकसभा चुनाव 2024 में सासाराम से टिकट दिया था। मगर वे चुनाव हार गए थे। अब उन्हें राज्यसभा भेजा जा रहा है। इससे पहले, भोजपुरी स्टार पवन सिंह को भी राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें चल रही थीं, मगर उनका नाम कैंडिडेट लिस्ट में नहीं आया।

    उपेंद्र कुशवाहा का भी फिर से राज्यसभा जाना तय
    भाजपा के बिहार अध्यक्ष संजय सरावगी ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि नितिन नवीन और शिवेश राम के अलावा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के चीफ उपेंद्र कुशवाहा भी एनडीए के राज्यसभा उम्मीदवार होंगे। जबकि दो अन्य सीटों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू से नाम आना अभी बाकी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बिहार की सभी 5 सीटों पर एनडीए प्रत्याशियों की जीत का दावा किया है।

    16 मार्च को राज्यसभा चुनाव की वोटिंग
    बिहार की 5 समेत देश भर की 37 राज्यसभा सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। 5 मार्च को नॉमिनेशन का आखिरी दिन है। 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। बिहार में जो 5 राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं, उनपर अभी 3 एनडीए और दो आरजेडी के सांसद हैं। हालांकि, बिहार विधानसभा में मौजूदा संख्याबल के हिसाब से एनडीए की चार सीटों पर जीत पक्की है। पांचवीं सीट जीतने के लिए उसे 3 अतिरिक्त विधायकों का समर्थन चाहिए। विपक्ष से आरजेडी ने भी उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी है। महागठबंधन के पास भी पर्याप्त संख्याबल नहीं है। ऐसे में 16 मार्च को मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग के आसार नजर आ रहे हैं।