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  • जोधपुर में 8 देशों की वायुसेनाओं का अभ्यास खत्म, राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक पर दिया जोर

    जोधपुर में 8 देशों की वायुसेनाओं का अभ्यास खत्म, राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक पर दिया जोर

    जाधपुर
    राजस्थान की ऐतिहासिक और रणनीतिक सरजमीं जोधपुर एक बार फिर भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और अंतरराष्ट्रीय सामरिक संबंधों की नई मिसाल बनी है। जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' के दूसरे संस्करण के भव्य समापन अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। भारतीय वायुसेना और दुनिया भर से आई मित्र देशों की वायुसेनाओं के जवानों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि आधुनिक दौर में सुरक्षा का मतलब केवल सीमा की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि नई तकनीकों और आत्मनिर्भरता के बल पर वैश्विक स्तर पर खुद को मजबूत बनाना भी है।

    जोधपुर के आसमान में गर्जते लड़ाकू विमानों की आवाज के बीच रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत लगातार अपने आसपास के क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की गतिविधियों पर बारीक नजर बनाए हुए है। उन्होंने जोधपुर की इस पावन भूमि से देश की थल, जल और नभ सेनाओं में हो रहे ऐतिहासिक बदलावों का जिक्र किया। अपने सम्बोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने भारत की सैन्य तैयारियों, स्वदेशी हथियारों, ड्रोन तकनीक, एआई और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की दिशा में तेजी से बढ़ रहे भारत के कदमों पर विस्तार से अपनी बात रखी।

    1. संकट के समय स्वदेशी तकनीक ही असली ताकत
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोधपुर में कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आधुनिक युद्ध और संकट के समय कोई भी देश लंबे समय तक युद्ध नहीं लड़ सकता, जब तक कि वह खुद अपने हथियार और महत्वपूर्ण तकनीक न बनाता हो। इसी कड़ी सोच ने भारत को रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' को अपनी राष्ट्रीय नीति बनाने के लिए प्रेरित किया है।

    2. आत्मनिर्भरता का मतलब अकेलापन नहीं
    उन्होंने स्पष्ट किया कि 'आत्मनिर्भर भारत' का मतलब दुनिया से अलग-थलग (Isolation) होना बिल्कुल नहीं है। इसका सीधा अर्थ देश के भीतर अपनी घरेलू क्षमता को इतना मजबूत बनाना है कि हम जटिल और अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों को खुद डिजाइन और विकसित कर सकें।

    3. सशस्त्र बलों का बुनियादी रूपांतरण
    भारतीय सशस्त्र बल वर्तमान में संरचनात्मक (structurally), भौतिक (materially) और रणनीतिक (strategically) रूप से एक बुनियादी बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं, जो भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत सैन्य शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है।

    4. ड्रोन और एआई ने बदला युद्ध का स्वरूप
    अनमैन्ड सिस्टम और ड्रोन तकनीक ने सैन्य ऑपरेशन्स की गति, पैमाने और प्रकृति को पूरी तरह बदल दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब युद्ध के दौरान फैसले लेने की प्रक्रिया को नया आकार दे रही है।

    5. प्लेटफॉर्म की संख्या नहीं, फैसले लेने की स्पीड अहम
    राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य की सैन्य ताकत केवल इस बात पर निर्भर नहीं करेगी कि हमारे पास कितने फाइटर जेट या प्लेटफॉर्म हैं, बल्कि इस बात पर निर्भर करेगी कि हम कितनी तेजी से खतरों को भांपते हैं, समझते हैं, फैसले लेते हैं और एक्शन (Sensing, Understanding, Deciding, Acting) लेते हैं।

    6. तेजस और आकाश प्रणाली का विशेष उल्लेख
    भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान 'तेजस' और मिसाइल डिफेंस सिस्टम 'आकाश' का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि ये उपकरण भारत की स्वदेशी क्षमता और सैन्य आत्मनिर्भरता के सबसे बड़े प्रतीक बनकर उभरे हैं।

    7. 5th जनरेशन फाइटर जेट और भविष्य की तैयारी
    रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत पांचवीं पीढ़ी (5th Generation) के लड़ाकू विमानों की तकनीक विकसित करने की दिशा में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है और बहुत जल्द भारत इस क्षेत्र में भी बड़ी सफलता हासिल करेगा।

    8. स्पेक्ट्रम कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर पर जोर
    आधुनिक युद्ध अब केवल थल, जल और वायु तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि स्पेस, साइबर और सूचना क्षेत्र (Information Domain) की अहमियत बहुत अधिक बढ़ गई है, जहां इलेक्ट्रॉनिक्स वॉरफेयर के लिए एब्सोल्यूट स्पेक्ट्रम कंट्रोल बेहद जरूरी है।

    9. सह-विकास और सह-उत्पादन पर फोकस
    रक्षा अनुसंधान (R&D) से लेकर ट्रेनिंग और हथियारों के मेंटेनेंस तक, भारत अपने मित्र राष्ट्रों के साथ 'को-डेवलपमेंट' (Co-development) और 'को-प्रोडक्शन' (Co-production) पर विशेष जोर दे रहा है। साझा तकनीक और अनुभव से सभी देशों की परिचालन क्षमता बढ़ेगी।

    10. जोधपुर की धरा से मित्र देशों का आभार
    'तरंग शक्ति-2026' के सफल आयोजन पर भारतीय वायुसेना और शामिल हुए सभी 8 देशों की वायुसेनाओं, उनके क्रू मेंबर्स और 32 देशों के पर्यवेक्षकों का अभिनंदन करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि यह अभ्यास आपसी विश्वास, साझा अनुभव और भावी रक्षा संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

     

  • NDTV डिफेंस समिट में राजनाथ सिंह का संदेश, राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा भारत

    NDTV डिफेंस समिट में राजनाथ सिंह का संदेश, राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा भारत

    नई दिल्ली
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि जब-जब पड़ोसी देश आतंकवाद को बढ़ावा देता रहेगा, तब-तब भारत आतंकवादियों के खिलाफ हमले करने के लिए तैयार रहेगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत शांति चाहता है। भारत न तो युद्ध चाहता है और न ही किसी दूसरे देश की जमीन पर कब्जा करना चाहता है। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि शांति की इच्छा को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।

    समाचार चैनल एनडीटीवी के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पड़ोसी देश कहकर पाकिस्तान की ओर इशारा किया।

    जमीन पर जीत ही युद्ध में जीत का एकमात्र पक्का सबूत
    इसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल धीरज सेठ ने कहा है कि टेक्नोलॉजी निश्चित रूप से लड़ाइयों को छोटा कर रही है, लेकिन जरूरी नहीं कि यह युद्धों को भी छोटा करे। उन्होंने कहा कि जमीन पर जीत ही युद्ध में जीत का एकमात्र पक्का सबूत है। उन्होंने आगे कहा, "आज सोशल मीडिया पर हम दुनिया भर में युद्ध से जुड़ी कई खबरें और बातें देखते हैं। जहां जानकारी और नैरेटिव के जरिए असली लड़ाई की तस्वीर को धुंधला करने की कोशिश की जाती है। इससे अनिश्चितता और भ्रम पैदा होता है।''

    उन्होंने कहा, "मेरा मानना ​​है कि इस सब शोर-शराबे के बीच एक सच्चाई कभी नहीं बदलती। सफलता के लिए जमीन हमेशा एकमात्र ठोस और काम की चीज रहेगी। जीत को हमेशा इलाके के आधार पर मापा गया है, मापा जाता है और मापा जाएगा। उस इलाके पर कब्जा करने, उसे सुरक्षित करने और उसकी रक्षा करने का काम सेना ही करेगी।"

    पाकिस्तान ने बीत कई वर्षों में कई ऐसे आतंकी नेटवर्क को पनाह दी है जिन्होंने भारत में हमले किए हैं। भारत का हमेशा से यह मानना ​​रहा है कि पाकिस्तानी या पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों ने पिछले कुछ वर्षों में भारत में कई आतंकी हमले किए हैं।

    आपको बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के मशहूर टूरिस्ट टाउन पहलगाम पर हमला किया। इस हमले में एक नेपाली नागरिक समेत 26 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इन हमलों में मुजफ्फराबाद, कोटली, बहावलपुर, रावलकोट, चकस्वारी, भीमबर, नीलम घाटी, झेलम और चकवाल की जगहों को निशाना बनाया गया।

    राजनाथ सिंह ने कहा, "भारत बातचीत में विश्वास करता है, लेकिन अगर कोई देश आतंकवाद को बढ़ावा देता है तो बातचीत वहीं खत्म हो जाएगी। भारत सहयोग चाहता है, लेकिन राष्ट्रीय हित की कीमत पर नहीं।"

  • रक्षा मंत्री बोले-2014 से पहले सरकारों को रहती थी कुर्सी बचाने की चिंता, देश के हाथ से निकल जाते थे अवसर

    रक्षा मंत्री बोले-2014 से पहले सरकारों को रहती थी कुर्सी बचाने की चिंता, देश के हाथ से निकल जाते थे अवसर

    वाराणसी
     रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विरासत लिखी जाएगी तो उसमें यह भी लिखा जाएगा कि उन्होंने देश को नक्सलवाद से कैसे मुक्ति दिलाई, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 कैसे समाप्त किया, करोड़ों लोगों को गरीबी से कैसे बाहर निकाला, संसद में महिलाओं को बराबर की भागीदारी कैसे दिलाई और नौजवानों के सपनों को कैसे पंख दिए। एक महान नेता लोगों को स्वावलंबी बनाता है और प्रधानमंत्री मोदी ने यही किया है।
     
    प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर वाराणसी में सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि काशी और वडनगर को जोड़ने वाली यात्रा प्रधानमंत्री की जन्मभूमि को कर्मभूमि से जोड़ने की यात्रा है। एक ओर काशी है, जहां से उनके सार्वजनिक जीवन को नई ऊर्जा मिली और दूसरी ओर वडनगर है, जहां उन्हें मां हीराबेन का आशीर्वाद और संस्कार मिले। उन्होंने इसे सेवा, संस्कार और साधना की संगम यात्रा बताया।
     
    पहले सरकारों को कुर्सी बचाने की रहती थी चिंता
    राजनाथ सिंह ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि 2014 से पहले भारत के हाथ से अवसर निकल जाते थे। पहले की सरकारें सोती रहती थीं या उन्हें अपनी कुर्सी बचाने की चिंता रहती थी। उन्होंने सेमीकंडक्टर उद्योग का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया की बड़ी चिप निर्माता कंपनी भारत में फैक्ट्री लगाना चाहती थी, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उसे दो बार अनुमति नहीं दी और देश ने रोजगार का बड़ा अवसर खो दिया।
     
    भारत जो बोलता है उसे पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती
    रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर को बढ़ावा देने की पहल की तो सवाल उठाए गए कि भारत में इसकी इंडस्ट्री कैसे लग सकती है। पीएम मोदी को अभी दशकों तक देश की सेवा करनी है। पहले 13 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और पिछले 12 वर्षों से देश के प्रधानमंत्री के रूप में अपनी योग्यता का निर्वाहन कर रहे हैं। 25 वर्षों तक उन्होंने अनवरत जन सेवा का काम किया है। पीएम ने भारत को ऐसे स्थिति में पहुंचाया है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर आज भारत जो बोलता है उसे पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत बोल क्या रहा है। पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब भारत बोलता था उसे जितना गंभीरता से लिया जाना चाहिए था वो नहीं होता था।

    दो हजार साल पुराना काशी-वडनगर का रिश्ता
    रक्षा मंत्री ने कहा कि वडनगर और काशी का रिश्ता बहुत पुराना है। करीब दो हजार साल पहले बौद्ध भिक्षुओं ने सारनाथ से वडनगर की यात्रा की थी। उस समय उद्देश्य ज्ञान और अध्यात्म को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना था। आज उसी प्राचीन परंपरा को नए रूप में सेवा यात्रा के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री के द्वारा गुजरात में लिए गए कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि क्रिकेट में टेस्ट मैच की गति से चलने वाले विकास कार्य को उन्होंने वन-डे मैच में बदलने का काम किया।
     
    मोबाइल की टॉर्च जलवाकर पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दिलाई
    रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि वह दुनिया के बड़े नेताओं से मिलते समय उन्हें भारत में बनी वस्तुएं उपहार में देते हैं। उन्होंने अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन को वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी से बना पिकॉक ब्रोच दिए जाने का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने उपस्थित लोगों से मोबाइल की टॉर्च जलवाकर प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई दिलाई।
     
    250 बाइक से वडनगर जाएंगे 500 यात्रीः पंकज चौधरी
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि काशी से 250 बाइक पर सवार 500 यात्री गंगाजल लेकर वडनगर जा रहे हैं। इसी तरह 250 बाइक पर 500 यात्री गुजरात की पवित्र नदियों का जल लेकर वडनगर से काशी आ रहे हैं। सात अक्तूबर को वडनगर में बाबा हाटकेश्वर को जल अर्पित किया जाएगा और काशी में बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर यात्रा पूर्ण होगी।
     
    प्रतिदिन 60 से 80 स्थानों पर कार्यक्रम होंगे
    पंकज चौधरी ने कहा कि हजारों किलोमीटर की यह यात्रा 10 राज्यों के 193 जिलों और 1,159 गांवों से होकर गुजरेगी। उत्तर प्रदेश के 50 जिले यात्रा के मार्ग में आएंगे। प्रतिदिन 60 से 80 स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। यात्रा के दौरान वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और प्लास्टिक मुक्त भारत का संकल्प दिलाया जाएगा। प्रत्येक पड़ाव पर 15 मिनट की डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी, स्थानीय नेताओं से संवाद होगा और स्वच्छता कर्मियों का सम्मान किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के निरोगी जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत का मान-सम्मान वैश्विक स्तर पर बढ़ा है। काशी के सांसद के रूप में वह काशी के कोने-कोने को विकसित कर रहे हैं।
     
    नरेंद्र मोदी भारत के सम्मान और गौरव का नामः चिराग पासवान
    केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि पूर्व में भी सरकारें रही हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को देश और विदेश में नई पहचान दिलाने का काम किया है। पिछले 12 वर्षों में उन्होंने हर दिशा में अपनी सोच को स्थापित किया है और आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। नरेंद्र मोदी केवल देश के प्रधानमंत्री का नाम नहीं, भारत के सम्मान और गौरव का नाम है। यदि देश का प्रत्येक युवा उनके व्यक्तित्व का अंश भर भी अपने जीवन में उतार ले तो देश का भविष्य और बेहतर होगा।
     
    काशी की धरती पर खड़ा होना गर्व का क्षणः चंद्रबाबू नायडू

    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि काशी की धरती पर खड़ा होना उनके लिए गर्व का क्षण है। काशी सबसे प्राचीन नगरी है और नई सोच देती है। वडनगर से काशी तक प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा की यात्रा दिखाई है। आज देश बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है। अन्नदाता मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तकनीक की समझ का उल्लेख करते हुए कहा कि वह युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं। यही नया और आत्मनिर्भर भारत है। उन्होंने वाराणसी में बड़ी संख्या में लोगों के आने का जिक्र करते हुए यहां बालाजी का मंदिर बनाने की बात भी कही।

  • आगरा में राजनाथ सिंह का अनोखा अंदाज, चांदी का मुकुट लौटाकर बोले- गरीब बेटी के काम आए

    आगरा में राजनाथ सिंह का अनोखा अंदाज, चांदी का मुकुट लौटाकर बोले- गरीब बेटी के काम आए

     आगरा

    उत्तर प्रदेश के आगरा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने प्रवास के दौरान 'खटीक गर्जना सम्मेलन' में हुए स्वागत के दौरान उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया. दरअसल, समाज की ओर से राजनाथ सिंह को चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया गया. सम्मान स्वीकार करने के बाद रक्षा मंत्री ने मुकुट अपने पास रखने के बजाय उसे समाज को वापस लौटा दिया. चांदी का मुकुट वापस लौटाते समय उन्होंने कहा कि मैं सब कुछ स्वीकार कर लेता हूं, लेकिन चांदी का यह मुकुट आपके हवाले करता हूं. किसी गरीब मां-बाप की बेटी शादी के बाद विदा हो रही हो और उसके पैरों में चांदी की पायल न हो, तो इस मुकुट को तुड़वाकर उसके लिए पायल बनवाकर दे देना. राजनाथ सिंह की इस बात ने पूरे कार्यक्रम में मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। 

    'समाज को बांटने की कोशिश में नहीं आएंगे'
    सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ लोग अपने राजनीतिक हित साधने के लिए समाज को भड़काने की कोशिश करते हैं. कभी जाति के नाम पर तो कभी धर्म के नाम पर समाज में दरार पैदा करने का प्रयास किया जाता है। 

    उन्होंने कहा कि हमें संकल्प लेना होगा कि हम किसी के बहकावे में नहीं आएंगे और समाज को बंटने नहीं देंगे. समाज में प्रेम हो, सहयोग हो और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होने की भावना हो, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा. राजनाथ सिंह ने कहा- 'याद रखिए, टूटने से बिखरेंगे और जुड़ने से निखरेंगे। 

    'सनातन और हिंदू धर्म को जाति के चश्मे से देखने वाले मूल भाव नहीं समझते'

    रक्षा मंत्री ने कहा कि सनातन और हिंदू धर्म को केवल जाति के चश्मे से देखने वाले लोग उसके मूल भाव को समझ नहीं पाते हैं. उन्होंने कहा कि हमारी व्यवस्था कर्म आधारित है. इसमें एक ही व्यक्ति के कई कर्तव्य हो सकते हैं और कई लोगों का एक ही कर्तव्य हो सकता है. उन्होंने कहा कि वह साझा कर्तव्य धर्म की रक्षा करना और राष्ट्र की रक्षा करना है। 

    'खटीक समाज ने अत्याचार सहे, लेकिन धर्म परिवर्तन नहीं किया'
    राजनाथ सिंह ने खटीक समाज के इतिहास और योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि समाज ने लंबे समय तक अत्याचार सहे, लेकिन अपने धर्म और आस्था को नहीं छोड़ा. उन्होंने कहा कि खटीक समाज ने अत्याचार सहे, लेकिन धर्म परिवर्तन नहीं किया. यह उसके धैर्य, संघर्ष और अपनी संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

    रक्षा मंत्री ने समाज से एकजुट रहने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि समाज की ताकत उसके एकजुट रहने में है और किसी भी राजनीतिक स्वार्थ के लिए समाज को बांटने की कोशिशों से बचना होगा। 

    सबका लक्ष्य एक—धर्म और राष्ट्र की रक्षा
    हिंदू धर्म को केवल जाति के चश्मे से देखने वाले लोग उसके मूल भाव को नहीं समझ पाते हैं। हमारी व्यवस्था कर्म-आधारित है। इसमें एक ही व्यक्ति के कई कर्तव्य हो सकते हैं और कई लोगों का एक ही कर्तव्य भी हो सकता है। लेकिन सबका लक्ष्य एक ही है—धर्म और राष्ट्र की रक्षा करना।

    खटीक समाज की तारीफ
    1946 में जब डायरेक्ट एक्शन डे की घोषणा की गई और बंगाल में हिंदुओं को निशाना बनाया जाने लगा, तब गोपाल पाठा के नेतृत्व में खटीक समाज के कई लोगों ने मोर्चा संभाला था। उन्होंने हिंदुओं की रक्षा करने का काम किया था।

    खटीक वो, जो खौफ को भी डरा दे
    समय चाहे कोई भी रहा हो, चुनौती कैसी भी रही हो और शत्रु कितना भी शक्तिशाली रहा हो, खटीक समाज ने धर्म और देश के स्वाभिमान की रक्षा से कभी पीछे हटना स्वीकार नहीं किया। ऐसा भी कहा जा सकता है कि खटीक वो है, जो खौफ को भी डरा दे। खटीक वो है, जो खतरे में सबसे आगे खड़ा रहे। खटीक वो है, जो खुद कठिनाई सहकर भी दूसरों की रक्षा करे।

    यूपी तेजी से विकास कर रहा
    आज उत्तर प्रदेश भी डबल इंजन की सरकार के साथ तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। आप याद कीजिए, एक समय था जब उत्तर प्रदेश में माफिया राज चलता था। ऊबड़-खाबड़ सड़कें होती थीं। असुरक्षा का माहौल था। लोग भय में जी रहे थे और आए दिन दंगे होते थे।

    अपराधियों के लिए सुर्खियों में रहता था यूपी
    उत्तर प्रदेश आज विकास के लिए जाना जा रहा है। विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जा रहा है। जो प्रदेश कभी अपराधियों के लिए सुर्खियों में रहता था, आज औद्योगिक कॉरिडोर बना रहा है। मेट्रो रेल का नेटवर्क फैला रहा है। अब तो आगरा मेट्रो के विस्तार का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

  • योगी का दावा- लखनऊ बना ब्रह्मोस मिसाइल का केंद्र, यूपी देश के विकास का ग्रोथ इंजन

    योगी का दावा- लखनऊ बना ब्रह्मोस मिसाइल का केंद्र, यूपी देश के विकास का ग्रोथ इंजन

    लखनऊ
     रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ को सौ करोड़ से अधिक रुपयों की सौगात दी। राजनाथ सिंह के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने योजनाओं का शिलान्यास किया।

    दिलकुशा ग्राउंड पर आयोजित समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज लखनऊ की ऐतिहासिक धरती पर एक साथ अनेक योजनाओं का शिलान्यास हुआ है। लखनऊ की गति और प्रगति को पूरे यूपी से जोड़कर देखता हूं। यदि यहां के किसी प्रतिनिधि ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ये काम होना चाहिए, उन्होंने दिल खोलकर काम किया है। केंद्र और राज्य सरकार की सोच एक दिशा में चलती है तो विकास की गति कई गुणा बढ़ जाती है।

    उन्होंने कहा कि यह 12 परियोजनाएं एक संकल्प हैं। आज भारत विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। आज से दस से 12 वर्षों पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात को इतनी गंभीरता से नहीं लेते थे, आज विश्व कान खोलकर सुनता है। विकसित भारत की यात्रा बड़े शहरों से शुरू होकर हर मुहल्ले तक पहुंचना चाहिए। समय बदलता है, शहर बदलते है और जरूरत बदलते हैं इसलिए नियम बदलते रहते हैं।

    लखनऊ सहित देश भर में बिल्डिंग बाइलाज बदल दिया है। अब ज्यादा ऊंचाई के मकान बन सकते हैं। बदलाव केवल इमारतों से नहीं हमारी पहचान में भी होता है।लखनऊ छांवनी परिषद ने पांच बाजार के नाम बदल दिया है। नाम बदलना केवल बोर्ड बदलना मात्र नहीं है। यह स्मृति को बदलना जैसा होता है। कोई ऊदा देवी बाजार का नाम सुनेगा तो उनके बलिदान को याद करेगा।

    आधुनिक मिसाइल ब्रह्मोस का केंद्र भी लखनऊ : योगी आदित्यनाथ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों के अंदर प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने अपनी एक नई यात्रा सुरक्षा और सुशासन की तय की है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज से 20 वर्ष पहले रेलवे स्टेशन पर एक बोर्ड लगा होता था मुस्कुराइये आप लखनऊ में हैं। शंकरी गलियां, जाम और गंदगी को देखकर रोने का मन करता था। लखनऊ में आज सकरी गलियां भी हैं तो आउटर रिंग रोड भी है। ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइल का केंद्र भी लखनऊ बना है।

    उन्होंने कहा कि यूनेस्को ने लखनऊ के कुजीन को मान्यता दी है। अटल जी के सपनों को साकार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन से हो रहा है। हम इस वर्ष के अंत तक गोमती नदी को पूरी तरह से स्वच्छ बनाने में सफल होंगे। बदलते विश्व परिवेश में लखनऊ में जिन सुविधाओं की आवश्यकता थी, वो आज निरंतर प्राप्त हो रही है। पिछले नौ वर्ष के अंदर हमने उत्तर प्रदेश को एक नई दिशा देने का प्रयास किया है, 2017 से उत्तर प्रदेश की पहचान का संकट था, पहले अराजकता थी, उपद्रव था, अभाव था, आज उत्तर प्रदेश इकोनामी का ग्रोथ रेट का इंजन बन गया है।

    यूपी के पास 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे का नेटवर्क 
    देश की 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे का नेटवर्क यूपी के पास है, सबसे बड़ा रेल नेटवर्क और मेट्रो यूपी में है। देश की पहली रैपिड रेल और वाटर वे यूपी में प्रारंभ हुआ है।हमारे पास 17 घरेलू और पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। देश में सैनिक स्कूल की शुरुआत यूपी से प्रारंभ हुई थी, आज यूपी के अंदर कई सैनिक स्कूल भावी अधिकारी तैयार कर रही है। अब छावनी परिषद को किसी तरह के फंड की कमी नहीं होगी। लखनऊ की छावनी परिषद आदर्श बनेगी, इज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को प्राप्त करेगी।

    बाहर से आने वाले देखते हैं लखनऊ का विकास : ब्रजेश पाठक
    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अटल जी का लखनऊ को संवारने का सपना राजनाथ सिंह जी पूरा कर रहे हैं। लखनऊ का विकास बाहर से आने वाले लोग देखते हैं। छावनी में आयोजित 100.92 करोड़ रूपये की योजनाओं का शिलान्यास करते हुए समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि प्रदेश सरकार का पहला दायित्व अपने नागरिकों की रक्षा करना। जब दुश्मन की गोली आती है और उसका जवाब गोले से देने का आदेश हमारे चीफ ने दिया होता है, तो आंतरिक सुरक्षा और मजबूत होती है। बागपत में आर्म्ड फोर्स में चयन की तैयारी का प्रयोग सफल हुआ है, 65 प्रतिशत बच्चों का चयन हुआ है। इसे लखनऊ में भी शुरू करेंगे।

  • मिसाइलों की कमी नहीं होने देंगे! रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा फैसला, भारतीय कंपनियों को मिलेगी DRDO टेक्नोलॉजी

    मिसाइलों की कमी नहीं होने देंगे! रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा फैसला, भारतीय कंपनियों को मिलेगी DRDO टेक्नोलॉजी

    नई दिल्ली

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. उन्होंने DRDO यानी डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन द्वारा विकसित सभी पारंपरिक मिसाइल सिस्टम की तकनीक देसी इंडस्ट्री को ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी है. यह ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी प्रक्रिया देश में ही इन मिसाइलों के उत्पादन का रास्ता खोलेगी। 

    पहले ये तकनीकें मुख्य रूप से सरकारी संस्थानों तक सीमित थीं. अब निजी कंपनियां भी इनका निर्माण कर सकेंगी. यह कदम रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है. इस फैसले से भारतीय कंपनियां एडवांस मिसाइल सिस्टम का उत्पादन देश के अंदर ही कर पाएंगी. उत्पादन लागू योग्यताओं, प्रमाणपत्रों और नियामक आवश्यकताओं के अधीन होगा. यानी कंपनियों को जरूरी मानक पूरे करने होंगे। 

    डीआरडीओ अब मिसाइल विकास से औद्योगिक उत्पादन की ओर बढ़ेगा. वह घरेलू उद्योग की क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल करेगा. इससे मिसाइल निर्माण की पूरी श्रृंखला देश के अंदर मजबूत होगी. छोटे और मझोले उद्यम यानी MSME तथा अन्य तकनीक साझेदार भी सप्लाई चेन में शामिल हो सकेंगे. उन्हें नए अवसर मिलेंगे और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। 

    इम्पोर्ट पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य
    इस पहल का मुख्य उद्देश्य घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाना है. साथ ही भारत के रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करना और इम्पोर्ट पर निर्भरता कम करना है. अभी कई एडवांस हथियार प्रणालियों के लिए विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता है. अब जब तकनीक भारतीय कंपनियों को दी जाएगी तो देश अपनी जरूरत की मिसाइलें खुद बना सकेगा। 

    इससे न सिर्फ विदेशी मुद्रा बचेगी बल्कि आपात स्थिति में आपूर्ति भी सुनिश्चित रहेगी. रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ने से नवाचार और प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी. यह फैसला डीआरडीओ की उस नीति का हिस्सा है जिसमें वह विकसित तकनीकों को उद्योग तक पहुंचाने पर जोर दे रहा है। 

    पारंपरिक मिसाइल सिस्टम में कई तरह की मिसाइलें शामिल हो सकती हैं जो पहले से विकसित हो चुकी हैं. इनके उत्पादन से भारतीय सशस्त्र बलों को तेजी से आधुनिक हथियार मिल सकेंगे. MSME को मिसाइल सप्लाई चेन में जगह मिलने से पूरे क्षेत्र में कौशल विकास होगा. कंपनियां नई तकनीक सीखेंगी और वैश्विक बाजार में भी अपनी जगह बना सकेंगी। 

    देश की कंपनियों को करना होगा ये काम
    अब कंपनियों को जरूरी योग्यताएं और प्रमाणपत्र हासिल करने होंगे. उसके बाद ही उत्पादन शुरू हो सकेगा. यह प्रक्रिया रक्षा क्षेत्र को और अधिक खुला और प्रतिस्पर्धी बनाएगी. लंबे समय में भारत न सिर्फ अपनी जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि मिसाइल तकनीक का निर्यात भी कर सकेगा. राजनाथ सिंह का यह फैसला आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम है. इससे देश की सुरक्षा क्षमता मजबूत होगी और रक्षा उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी. भारतीय कंपनियों के लिए यह एक बड़ा अवसर है जिसे वे सही तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं। 

  • राजनाथ सिंह का खुलासा: ‘भारत लंबी लड़ाई के लिए तैयार था, ऑपरेशन सिंदूर का था बड़ा उद्देश्य’

    राजनाथ सिंह का खुलासा: ‘भारत लंबी लड़ाई के लिए तैयार था, ऑपरेशन सिंदूर का था बड़ा उद्देश्य’

    नई दिल्ली
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को इस नई विश्व व्यवस्था का प्रतीक बताया. यह ऑपरेशन लगभग एक साल पहले पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था. 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी। 

    इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया. रक्षा मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की नीति साफ है – किसी भी हालत में आतंकवादी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

    भारत ने पहले सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और अब ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवाद के खिलाफ अपना रुख साबित किया है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिर्फ 72 घंटे में पूरा कर लिया गया, लेकिन इसके पीछे लंबी तैयारी थी. अगर जरूरत पड़ती तो भारत लंबी लड़ाई के लिए भी पूरी तरह तैयार था। 

    आज की दुनिया तेजी से बदल रही है. कई बड़े देश अपनी ताकत बढ़ा रहे हैं. राष्ट्रीय हितों को पहले से ज्यादा जोर-शोर से सामने रख रहे हैं. पुराना नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय सिस्टम अब सवालों के घेरे में है. संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं कमजोर पड़ रही हैं।  

    प्रौद्योगिकी, सप्लाई चेन और डिजिटल टूल्स को भी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसे में भारत को इस नई दुनिया में और ज्यादा सतर्कता के साथ आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत को अपनी सुरक्षा और विकास की रणनीति को नई परिस्थितियों के अनुसार ढालना होगा। 

    आतंकवाद के तीन आयाम और उसकी जड़ें
    राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को मानवता पर एक काला धब्बा बताया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद सिर्फ एक विकृत मानसिकता है. यह सुरक्षा का मुद्दा ही नहीं, बल्कि मानव मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है. आतंकवाद को अक्सर धर्म या किसी हिंसक विचारधारा के नाम पर जायज ठहराने की कोशिश की जाती है, जो दरअसल आतंकियों को कवर फायर देना है। 

    रक्षा मंत्री ने जोर दिया कि आतंकवाद सिर्फ राष्ट्र-विरोधी कृत्य नहीं है, बल्कि इसके तीन आयाम हैं – ऑपरेशनल (संचालन संबंधी), आइडियोलॉजिकल (वैचारिक) और पॉलिटिकल (राजनीतिक). आतंकवाद की असली ताकत उसकी वैचारिक और राजनीतिक जड़ों में है. उन्होंने इसे रावण की नाभि से जोड़कर समझाया कि जब तक इस नाभि यानी वैचारिक और राजनीतिक संरक्षण को नहीं सुखाया जाएगा, आतंकवाद पूरी तरह खत्म नहीं होगा. इसलिए आतंकवाद को सिर्फ सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि सभी तीन आयामों में लड़ना जरूरी है। 

    पाकिस्तान पर सीधा हमला
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर सीधा आरोप लगाया कि वह लगातार आतंकवाद को समर्थन देता रहा है. उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान आजादी के समय एक साथ स्वतंत्र हुए, लेकिन आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के लिए जाना जाता है, जबकि पाकिस्तान इंटरनेशनल टेररिज्म (International Terrorism) का केंद्र बन गया है। 

    उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद और उसके प्रायोजकों (स्पॉन्सर्स) में कोई फर्क नहीं करता. पीएम मोदी की नीति के तहत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का रवैया अपनाया गया है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को परमाणु हमले की धमकियां भी मिलीं, लेकिन भारत उनमें नहीं फंसा और राष्ट्रहित में जो जरूरी था, वह किया। 

    तीनों सेनाओं की संयुक्त ताकत का प्रदर्शन
    ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य शक्ति के नए रूप का उदाहरण बना. इसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना ने एक साथ, एक योजना के तहत काम किया. रक्षा मंत्री ने कहा कि अब भारत की सैन्य शक्ति साइलो में नहीं चलती, बल्कि संयुक्त और एकीकृत रूप में उभरी है. यह एक वैश्विक शक्ति के रूप में भारत की छवि को मजबूत करता है। 

    भारत ने ऑपरेशन अपनी शर्तों और अपने समय पर शुरू किया और अपनी शर्तों पर ही समाप्त किया. सिर्फ उन्हीं ठिकानों को निशाना बनाया गया जो हमले के जिम्मेदार थे. ऑपरेशन इसलिए नहीं रोका गया क्योंकि क्षमता कम थी, बल्कि भारत ने अपनी मर्जी से रोका. जरूरत पड़ने पर ज्यादा कुछ भी किया जा सकता था। 

    स्वदेशी हथियारों की बढ़ती विश्वसनीयता
    ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम से लेकर निगरानी प्लेटफॉर्म तक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का खूब इस्तेमाल हुआ. इससे भारत की सटीकता और घातक क्षमता काफी बढ़ गई. रक्षा मंत्री ने बताया कि ऑपरेशन के बाद स्वदेशी हथियारों और रक्षा उपकरणों की विश्वसनीयता दुनिया भर में बढ़ी है। 

    अब कई देश भारत से हथियार और रक्षा सामग्री खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत का मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स अब शांति काल के साथ युद्ध के समय में भी तेज सप्लाई देने के लिए तैयार है. सर्ज कैपेसिटी और स्टोरेज कैपेसिटी मजबूत हुई है. इससे भारत की डिटरेंस बढ़ी है। 

    भविष्य की तैयारी: AI और टेक्नोलॉजी
    रक्षा मंत्री ने भविष्य की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा रहा है. GPU क्षमता बना रहा है. फ्यूचर स्किल्स प्रोग्राम चला रहा है. AI को 'Augmented Infantry' यानी बढ़ी हुई पैदल सेना के रूप में देखा जा रहा है. सेना ने AI, मशीन लर्निंग और बिग डेटा का इस्तेमाल करके अपनी क्षमताएं मजबूत करने का रोडमैप तैयार किया है. इससे देश न सिर्फ ज्यादा सुरक्षित बनेगा, बल्कि शक्तिशाली और समृद्ध भी होगा। 

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इन बयानों से साफ है कि नया भारत आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ बिना किसी समझौते के खड़ा है. ऑपरेशन सिंदूर ने न सिर्फ आतंकियों को सबक सिखाया, बल्कि दुनिया को भारत की सैन्य तैयारी, संयुक्त ताकत और स्वदेशी क्षमता का संदेश भी दिया. बदलते विश्व में भारत अपनी सुरक्षा और मूल्यों की रक्षा के लिए पूरी तरह सजग और तैयार है।