Tag: Rajasthan Weather

  • कोटा से जैसलमेर तक लू का अलर्ट, मौसम विभाग ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह

    कोटा से जैसलमेर तक लू का अलर्ट, मौसम विभाग ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह

    जयपुर

    राजस्थान में गर्मी और आंधी-बारिश, सबकुछ देखने को मिल रहा है. प्रचंड गर्मी से तपते प्रदेश में कई जगहों पर पारा 45 डिग्री से नीचे चला गया. चित्तौड़गढ़ में सबसे ज्यादा 44.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. शनिवार (23 मई) को कुछ हिस्सों में तेज रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने का अलर्ट है. संभावना है कि इससे तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट हो सकती है.  

    कई हिस्सों में हो सकती है बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के उत्तर पश्चिमी और उत्तरी भागों में कल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ बना है. इससे कई जगहों पर 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ बारिश की संभावना है. इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आज भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार है.

    3 डिग्री तक चढ़ेगा पारा
    हालांकि, गर्मी से ये राहत बस ज्यादा दिन नहीं रहेगी. अगले 24 घंटे के भीतर ही पारा एक बार फिर चढ़ने की संभावना है. रविवार (24 मई) से भीषण हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है. पूर्वानुमान के मुताबिक, कल से कई शहरों के तापमान में 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. इस दौरान कई जगह तापमान 47-48 डिग्री तक भी पहुंच सकता है.

    कोटा से जैसलमेर तक अलर्ट!
    चित्तौड़गढ़, कोटा, प्रतापगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी और श्रीगंगानगर के लिए लू का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की अपील है कि हीटवेव के इन दिनों में लोग सावधानी से रहे. दिन के समय कम से कम घर से बाहर निकले. अगर कोई जरूरी काम से बाहर निकालना पड़े तो चेहरे को सूती कपड़े से ढक कर निकले. अपने साथ पानी या अन्य पेय पदार्थ रखें, उसका सेवन करते रहे.

  • फलोदी में 45°C पार, फिर भी आंधी-बारिश का असर; 17 मई से फिर बढ़ेगी गर्मी

    फलोदी में 45°C पार, फिर भी आंधी-बारिश का असर; 17 मई से फिर बढ़ेगी गर्मी

    जयपुर

    राजस्थान में भीषण गर्मी और आंधी-बारिश, दोनों का असर देखने को मिल रहा है. अगले 2 दिन मौसम कुछ ऐसा ही रहेगा. मौसम विभाग ने आज (15 मई) राज्य के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी करते हुए मेघगर्जन, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. वहीं, राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना हुआ है. हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आ सकती है.

    इन जिलों में येलो अलर्ट
    शेखावाटी-हाड़ौती समेत कई इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. बीकानेर, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, कोटपुतली-बहरोड़, अलवर, डीग, खैरथल-तिजारा, करौली, भरतपुर, धौलपुर, दौसा, बारां, बूंदी, कोटा, सवाई माधोपुर और जयपुर में अचानक मौसम बदल सकता है. इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं.

    फलोदी में पारा 45 डिग्री के पार
    गुरुवार (14 मई) को राजस्थान भीषण गर्मी की चपेट में रहा.  फलौदी सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं, जैसलमेर में 45.1, श्रीगंगानगर में 44.8, बीकानेर में 44.1, चित्तौड़गढ़ और जोधपुर में 44 डिग्री के आसपास तापमान रिकॉर्ड किया गया.

    17 मई से फिर सताएगी गर्मी
    मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, बीते 24 घंटों में कुछ क्षेत्रों में आंधी और हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की गई. चूरू के सरदारशहर में सर्वाधिक 18 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. 17 मई से तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा.

  • जयपुर से बीकानेर तक मौसम का बदलाव, बारिश के बाद फिर बढ़ेगा पारा

    जयपुर से बीकानेर तक मौसम का बदलाव, बारिश के बाद फिर बढ़ेगा पारा

    जयपुर

    राजस्थान में हाल ही में हुई बारिश से मिली राहत अब ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 3 से 4 दिनों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ेंगी और तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होगी. पिछले 24 घंटों में एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का दौर देखने को मिला, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. जयपुर के शाहपुरा में सबसे अधिक 68 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सीकर ग्रामीण क्षेत्र में 31 मिमी वर्षा हुई.

    हल्की से मध्यम बारिश होगी  
    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बुधवार को कोटा, उदयपुर, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. हालांकि, यह राहत अस्थायी रहेगी और अगले कुछ दिनों में मौसम शुष्क होने लगेगा.

    ज आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित
    मंगलवार शाम को बालोतरा जिले के समदड़ी कस्बे में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. उदयपुर में भी अचानक मौसम बदला और तेज आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ. कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने गर्मी से राहत दिलाई.

    गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई
    बीते दो दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 7 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई, जिससे तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया. दिन की शुरुआत हल्की गर्मी के साथ हुई, लेकिन दोपहर बाद बादल छा गए और शाम तक आसमान पूरी तरह घिर गया.  इसके बाद गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई, जिसने मौसम को ठंडा कर दिया.

    अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क हो जाएगा
    मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के साथ ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क हो जाएगा.  हालांकि उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या आंधी की संभावना बनी रह सकती है.

    8 से 11 मई के बीच जोधपुर और बीकानेर संभाग में अधिकतम तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे क्षेत्र में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप फिर से बढ़ने के आसार हैं.

  • ओलों की सफेद चादर से फसलों को नुकसान, राजस्थान के 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, लुढ़का पारा

    ओलों की सफेद चादर से फसलों को नुकसान, राजस्थान के 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, लुढ़का पारा

    जयपुर
     राजस्थान में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। इसके चलते बारिश की लुका-छिपी बरकरार है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 6 अप्रैल से एक नया और शक्तिशाली वेदर सिस्टम सक्रिय हो रहा है। इसके चलते प्रदेश के 13 जिलों में देखने को मिलेगा, यहां तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है।
    ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बारिश होगी। राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इसके चलते मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी बदलाव को देखते हुए जिलों को दो श्रेणियों में बांटा है।
    4 जिलों में भारी बारिश और ओलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 9 जिलों में मध्यम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी के चलते यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस नए सिस्टम का प्रभाव 8 अप्रैल तक बना रह सकता है, जिससे जनजीवन और कृषि पर सीधा असर पड़ेगा।

    जानिए कैसा रहा बीते 24 घंटों का हाल
    शनिवार को भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला रहा। शाम होते ही जयपुर, अलवर, धौलपुर, कोटा और गंगानगर समेत कई जिलों में आसमान में घने बादल छा गए। सबसे अधिक बारिश उदयपुर के कोटड़ा क्षेत्र में सर्वाधिक 32 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं दौसा, बारां, बूंदी और टोंक में जमकर ओले गिरे। दौसा के नांगल में तो ओलों की वजह से जमीन पर सफेद चादर सी बिछ गई, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी।

    तापमान में भारी गिरावट
    लगातार हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के कारण राजस्थान में समय से पहले गर्मी की लहर गायब हो गई है। अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। चित्तौड़गढ़ में पारा 35.2 डिग्री रहा, जबकि जयपुर, जोधपुर और बीकानेर जैसे शहरों में भी मौसम ठंडा बना हुआ है।

    क्यों बदल रहा है मौसम?
    मौसम विशेषज्ञों के लिए मार्च-अप्रैल में इतने सक्रिय सिस्टम का बनना चर्चा का विषय है। सामान्यतः इस समय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस इतने प्रभावी नहीं होते, लेकिन इस बार उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में इनकी मजबूत स्थिति बनी हुई है। साथ ही, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने इस सिस्टम को और अधिक सक्रिय बना दिया है। हालांकि 5 अप्रैल को मामूली राहत मिल सकती है, लेकिन 6 अप्रैल से शुरू होने वाला नया दौर किसानों और आम जनता के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
    खुशेंद्र तिवारी

  • लू से मिली राहत और मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट, 6 अप्रैल से फिर मचेगा राजस्थान में शोर

    लू से मिली राहत और मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट, 6 अप्रैल से फिर मचेगा राजस्थान में शोर

    जयपुर
    राजस्थान में एक बार फिर से मौसम ने अचानक करवट ले ली। शुक्रवार को प्रदेश के पश्चिमी व मध्य इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया। जैसलमेर, नागौर, सीकर, डीडवाना और जालोर सहित कई जिलों में कहीं मूसलाधार तो कहीं हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को एकदम खुशनुमा बना दिया। तेज हवाओं और बारिश ने प्रदेश के तापमान में गिरावट ला दी और फिलहाल लू का असर पूरी तरह खत्म हो गया है।

    इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
    मौसम विभाग ने 3 अप्रैल को 8 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। सबसे ज़्यादा चौंकाने वाला नजारा जैसलमेर जिले में देखने को मिला,  जहां ग्रामीण इलाकों में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि भी हुई। जिले के पिथोडाई गांव में सुबह साढ़े सात से आठ बजे के बीच करीब 15 मिनट तक जोरदार ओले गिरे। ओलों की सफेद चादर बिछते ही तापमान तेज़ी से लुढ़क गया। वहीं, डीडवाना में सुबह साढ़े पांच से छह बजे के बीच तेज बारिश हुई जिसने ठंडी हवाओं के साथ मिलकर लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दिलाई। जालोर में भी बादलों ने सुबह से डेरा जमाया और रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा।

    क्यों बदला मौसम का मिजाज?
    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से यह बदलाव आया है। इस सिस्टम के असर से अरब सागर की नमी राजस्थान तक पहुंच रही है, जिससे बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। अप्रैल का पहला सिस्टम गुरुवार से ही सक्रिय हो चुका था और इसका असर श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में साफ नज़र आया। कई जगहों पर तूफानी बारिश के साथ ओले भी गिरे।

    उमस से मिली राहत
    मौसम विभाग के मुताबिक, 4 अप्रैल के बाद यह सिस्टम कमजोर पड़ सकता है, लेकिन राहत ज्यादा देर टिकने वाली नहीं है। 6 अप्रैल की शाम से एक और मजबूत सिस्टम दस्तक देगा। जिसके चलते 7 और 8 अप्रैल को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका जताई जा रही है। साथ ही विभाग ने यह भी चेताया है कि इस सिस्टम के गुजरने के बाद 10 अप्रैल तक हीटवेव की वापसी हो सकती है।

     

  • अप्रैल के पहले हफ्ते भीगेगा राजस्थान, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं और कई जिलों में गिरेगी बिजली

    अप्रैल के पहले हफ्ते भीगेगा राजस्थान, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं और कई जिलों में गिरेगी बिजली

    जयपुर
    राजस्थान के आसमान में एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दरअसल, प्रदेश में अगले दो दिनों के भीतर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है, जिससे जयपुर, अजमेर और बीकानेर समेत कई संभागों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
    आज दोपहर से ही बदलेगा मिजाज

    मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस नए वेदर सिस्टम का असर आज यानी 2 अप्रैल की दोपहर के बाद से ही नजर आने लगेगा। इसस जैसलमेर, बाड़मेर और फलोदी जैसे रेतीले इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हो सकती है। गौरतलब है कि अप्रैल का पूरा पहला हफ्ता भीगने वाला है, क्योंकि 7-8 अप्रैल को एक और सिस्टम एक्टिव होने की लाइन में लगा है।

    इन जिलों में मचेगा सबसे ज्यादा असर
    प्रदेश के कई संभागों में प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने बताया है कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। जोधपुर और बीकानेर संभाग में धूल भरी आंधी और गरज-चमक का सबसे ज्यादा असर दिखेगा। जयपुर और अजमेर में अचानक बादल छाने और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। साथ ही भरतपुर और कोटा के इलाकों में भी मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है।

    अन्नदाता पर दोहरी मार
    एक तरफ जहां शहर के लोगों को तपती गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। खेतों में रबी की फसल पककर तैयार है, ऐसे में ओले और बारिश फसल को तबाह कर सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने, मंडियों में खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढंकने के इंतजाम पुख्ता रखें। खेतों में सिंचाई रोक दें और जल निकासी का प्रबंध रखें।

    पिछले 24 घंटों का हाल
    बता दें कि बीते 24 घंटों में भी राजस्थान के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की गई है। जयपुर के सांभर इलाके में सबसे ज्यादा 34mm बारिश हुई है, जबकि श्रीगंगानगर के करनपुर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखा।