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  • किसानों के लिए बड़ी खबर, यूपी में रबी फसलों के उत्पादन का लक्ष्य बढ़ा; बीज-खाद पर मिलेगा अनुदान

    किसानों के लिए बड़ी खबर, यूपी में रबी फसलों के उत्पादन का लक्ष्य बढ़ा; बीज-खाद पर मिलेगा अनुदान

    लखनऊ
     कृषि विभाग इस बार रबी सत्र में फसलाें के उत्पादन में बढ़ोतरी की रणनीति पर काम करेगा। इस बार रबी फसलों के 510 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। बुधवार को राज्य स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी-2026 में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इस लक्ष्य की घाेषणा की। उन्होंने अनुदानित बीज व उर्वरकों की अंतरराज्यीय तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने और विभागीय पोर्टल के सर्वर को अधिक सुगम बनाने के भी निर्देश दिए।

    इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित गोष्ठी में कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश की कृषि विकास दर आठ प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। पिछले वर्ष रबी सत्र में 480 लाख टन फसल उत्पादन हुआ था, इस बार इसमें 30 लाख टन की बढ़ोतरी का लक्ष्य है। दलहन-तिलहन उत्पादन में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 50 लाख मिनीकिट निश्शुल्क वितरित किए जा रहे हैं।

    कृषि यंत्रों पर लगभग 350 करोड़ रुपये और बीजों पर 600 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। प्रमुख सचिव कृषि डा. एमकेएस सुन्दरम ने बताया कि रबी सत्र के लिए 15.50 लाख टन यूरिया और 6.25 लाख टन डीएपी का स्टाक किया गया है। वहीं पहली बार चना व मटर के बीजों पर 75 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। इस दौरान प्रगतिशील किसानों को मिनीकिट, कृषि यंत्रों के स्वीकृति पत्र और फेरोमोन ट्रैप का सांकेतिक वितरण किया गया।

    कार्यक्रम में सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, गाेसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम गुप्ता, अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बीएल मीणा, अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम, कृषि निदेशक त्रयंबक मणि त्रिपाठी, सीजीएम नाबार्ड पंकज कुमार, आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता कुमार प्रशांत आदि उपस्थित रहे।

  • हरियाणा में तारीखें और एमएसपी घोषित, रबी फसलों की 20 मार्च से होगी खरीद

    हरियाणा में तारीखें और एमएसपी घोषित, रबी फसलों की 20 मार्च से होगी खरीद

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 की फसलों की खरीद प्रक्रिया घोषित कर दी है। राज्य में मसूर की खरीद 20 मार्च से आरंभ होकर 30 अप्रैल तक होगी, जबकि सरसों की खरीद 28 मार्च से आरंभ होकर एक मई तक संचालित होगी। चने की खरीद एक अप्रैल से आरंभ होगी, जो कि 10 मई तक चलेगी। ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद 15 मई से 20 जून तक और सूरजमुखी की खरीद एक जून से 30 जून तक की जाएगी।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में सीजन 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद को लेकर किए जा रहे खरीद प्रबंधों की समीक्षा की। बैठक के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025-26 में प्रमुख फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि हुई है। सरसों का उत्पादन लगभग 13.17 लाख टन होने का अनुमान है। सूरजमुखी का उत्पादन 0.70 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि चना और मसूर के उत्पादन में भी सुधार दर्ज किया गया है। ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन 98 टन तक बढ़ने का अनुमान है।

    मुख्य सचिव ने उच्च उत्पादन अनुमानों पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि समयबद्ध खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को बिना किसी विलंब के लाभकारी मूल्य मिल सके। साथ ही, किसानों में एमएसपी और खरीद प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए। बैठक में चालू सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की भी समीक्षा की गई। सरसों के लिए एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 5,875 रुपये, मसूर के लिए 7,000 रुपये, सूरजमुखी के लिए 7,721 रुपये तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।