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  • फीस और यूनिफॉर्म के नाम पर वसूली पर रोक की तैयारी, निजी स्कूलों पर बड़ा एक्शन

    फीस और यूनिफॉर्म के नाम पर वसूली पर रोक की तैयारी, निजी स्कूलों पर बड़ा एक्शन

     मुजफ्फरपुर

    तिरहुत प्रमंडल के तीन सौ से अधिक निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग की कार्रवाई की तलवार लटक गई है।

    फीस वृद्धि, किताब और पोशाक के नाम पर मनमानी वसूली की शिकायतों के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। प्रमंडलीय आयुक्त के निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी सक्रिय हो गए हैं और चिह्नित स्कूलों के प्रबंधन व प्राचार्यों से जवाब-तलब की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    बताया गया कि प्रमंडल के विभिन्न जिलों में संचालित निजी विद्यालयों की शुल्क संरचना और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है।

    300 स्कूल चिह्नित
    विभाग ने ऐसे करीब 300 स्कूलों को चिह्नित किया है, जहां नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिली हैं। संबंधित स्कूलों से जवाब मांगा जा रहा है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    आयुक्त ने बिहार निजी विद्यालय शुल्क (विनियमन अधिनियम) 2019 का हवाला देते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है।

    अधिनियम के अनुसार निजी विद्यालय हर वर्ष अधिकतम सात प्रतिशत तक ही फीस वृद्धि कर सकते हैं। बावजूद इसके कई स्कूलों द्वारा बिना उचित आधार के शुल्क बढ़ाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।

    जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सख्त निर्देश
    आयुक्त ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में निजी विद्यालयों की नियमित निगरानी और निरीक्षण करें

    साथ ही फीस, पुस्तक और पोशाक से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा कर निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट उपलब्ध कराएं, ताकि अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

    शिक्षा विभाग की इस सख्ती से निजी स्कूल संचालकों में बेचैनी बढ़ गई है। अभिभावकों को उम्मीद है कि विभाग की कार्रवाई से मनमानी फीस वसूली पर रोक लगेगी और उन्हें राहत मिलेगी।

  • शिक्षा को बढ़ावा: हरियाणा के 334 स्कूलों को फंड जारी, हजारों जरूरतमंद बच्चों को फायदा

    शिक्षा को बढ़ावा: हरियाणा के 334 स्कूलों को फंड जारी, हजारों जरूरतमंद बच्चों को फायदा

    चंडीगढ़.

    प्रदेश सरकार ने नियम 134 ए के तहत गरीबों को पढ़ाने वाले सात जिलों के निजी स्कूलों के लिए 13.88 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। अंबाला, फतेहाबाद, गुरुग्राम, कैथल, महेंद्रगढ़, पंचकूला और रोहतक के 334 स्कूलों को फीस की प्रतिपूर्ति की जाएगी।

    प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बकाया राशि जारी करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षामंत्री महीपाल ढांडा का आभार जताते हुए बाकी जिलों का पैसा भी जल्द जारी करने की मांग की है। शिक्षा विभाग पहले ही नियम 134 के तहत बच्चों को पढ़ाने वाले निजी स्कूलों को फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 30 करोड़ रुपये स्वीकृत कर चुका है।

    शैक्षणिक सत्र 2015-16, 2016-17 और 2017-18 के लिए नियम 134-ए के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित निजी स्कूलों को दूसरी से पांचवीं तक के लिए 200 रुपये प्रति छात्र की दर से और कक्षा छठी से आठवीं तक के छात्रों के लिए 300 रुपये प्रति छात्र की दर से प्रतिपूर्ति की जाएगी। शहरी क्षेत्रों में दूसरी से पांचवीं तक 300 रुपये प्रति छात्र और छठी से आठवीं तक 400 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2018-19 से 2020-21 के लिए गांवों में स्थित स्कूलों को दूसरी से पांचवीं तक के छात्रों के लिए 300 रुपये और छठी से आठवीं तक के छात्रों के लिए 500 रुपये प्रति छात्र दिए जाएंगे।