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  • बिहटा एयरपोर्ट का काम अप्रैल 2027 तक होगा पूरा, विमान परिचालन की तैयारियां तेज

    बिहटा एयरपोर्ट का काम अप्रैल 2027 तक होगा पूरा, विमान परिचालन की तैयारियां तेज

    पटना
    बिहटा एयरपोर्ट से विमान परिचालन को लेकर आ रहीं कठिनाइयों को जल्द दूर किया जाएगा। गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बुधवार को इससे जुड़ा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।

    बैठक में बिहटा एयरफोर्स स्टेशन की ओर से ग्रुप कैप्टन अश्विनी कुमार ने विमानों के सुचारू परिचालन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं को प्रस्तुत किया।

    100 मीटर में निर्माण गत‍िव‍िध‍ियों की होगी समीक्षा
    इनमें बिहटा हवाई अड्डा के रनवे के एप्रोच फनल में अनधिकृत निर्माणों की पहचान, एयरफोर्स स्टेशन की बाहरी दीवार के शिखर से 100 मीटर के दायरे में निर्माण गतिविधियों की समीक्षा, स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मानसूनी नालियों के अतिक्रमण एवं अवरोध का निराकरण आदि के मुद्दे शामिल रहे।

    इसके अलावा एयरफोर्स स्टेशन, बिहटा से सटी भूमि के आवंटन तथा रक्षा भूमि के म्यूटेशन में प्रशासनिक सहयोग और नवनिर्मित 33 केवी फीडर लाइन को एयरफोर्स स्टेशन के लिए समर्पित किए जाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    समन्‍वय स्‍थाप‍ित कर पूरा करें काम
    प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बैठक में संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष ध्यान देने को कहा।

    बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था एवं कमजोर वर्ग प्रभाग) के. सुहिता अनुपम तथा विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    गौरतलब है कि‍ करीब 1400 करोड़ से अधिक के इस प्रोजेक्‍ट का काम अप्रैल 2027 तक पूरा करना है। इसके तहत दो मंज‍िला टर्मिनल, 10 विमानों के लि‍ए हैंगर, एयरोब्रिज, आवासीय परिसर, प्रशासनिक भवन, कार पार्किंग व अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जानी है। परिसर में एप्रॉन का निर्माण कार्य जारी है।

     

  • पटना एयरपोर्ट जाने वालों के लिए बड़ी खबर, अब ऐप से मिलेगी पार्किंग की सुविधा और जाम से राहत

    पटना एयरपोर्ट जाने वालों के लिए बड़ी खबर, अब ऐप से मिलेगी पार्किंग की सुविधा और जाम से राहत

    पटना
     बिहार की राजधानी पटना में स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पटना में वाहनों की पार्किंग ऐप के माध्यम से हो सकेगी। निकास और प्रवेश द्वार पर सुगम यातायात व्यवस्था और पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए एयरपोर्ट परिसर में काम शुरू हो गया है। हाल ही में नई एजेंसी को परिसर में वाहनों के प्रबंधन का जिम्मा मिला है। एजेंसी ने बताया कि एक पखवारे में पीएमएसस ऐप से पटना एयरपोर्ट पर वाहनों की पार्किंग का स्लॉट बुक करने की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। एयरपोर्ट प्रशासन ने तय अवधि में काम पूरा करने का निर्देश एजेंसी को दिया है।

    पार्किंग संचालन कर रही एजेंसी पार्कमॉन्ट प्राइवेट लिमिटेड के विपिन कुमार ने बताया कि पटना एयरपोर्ट पर पार्किंग की नई व्यवस्था पर काम शुरू हो गया है। परिसर में पार्किंग प्रबंधन के लिए कंट्रोल एंड कमांड रूम बनाया जा रहा है। इससे सुगम आवाजाही की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। ऐप से वैसे वाहन चालकों को ऑनलाइन पेंमेंट की सुविधा दी जाएगी जिनकी गाड़ियों में फास्टैग नहीं लगा है। मैनुअल व्यवस्था में निकास द्वार के पास वाहनों की कतार लग जाती है। नई व्यवस्था के तहत ऐसे वाहनों के नंबर को तकनीकी माध्यम से स्कैन कर उन्हें निकास द्वार पर पेमेंट से छूट मिल जाएगी। ऐप से निकास द्वार के पास लगे कैमरे जुड़े होंगे। नंबर स्कैन होते ही स्वचालित माध्यम से बूम बैरियर स्वत: खुल जाएगा। इस सुविधा से निकास द्वार के पास जाम की स्थिति नहीं बनेगी।

    मुंबई और अन्य एयरपोर्ट पर कंपनी दे रही सुविधा
    पार्किंग व्यवस्था संभाल रही एजेंसी के प्रबंधक ने बताया कि यह सुविधा कंपनी की ओर से मुंबई एयरपोर्ट पर दी जा रही है। पटना एयरपोर्ट पर भी यह सुविधा देने की तैयारी है। ऐप की एक और खासियत यह है कि इसमें उपयोगकर्ताओं को खुली पार्किंग और बहुमंजिली पार्किंग का रियल टाइम स्टेटस दिखेगा। ताकि सुविधानुसार वे जगह का चयन कर सकें। इससे वाहन चालकों और यात्रियों के समय की बचत होगी। साथ ही पार्किंग प्रबंधन बेहतर हो सकेगा।

  • बर्ड हिट रोकने की कवायद बेअसर? पटना एयरपोर्ट के आसपास गंदगी और खुले में मांस-मछली बिक्री बनी चुनौती

    बर्ड हिट रोकने की कवायद बेअसर? पटना एयरपोर्ट के आसपास गंदगी और खुले में मांस-मछली बिक्री बनी चुनौती

     पटना
    पटना एयरपोर्ट पर पिछले वर्ष बर्ड हिट के नौ मामले समाने आए थे। ताजा घटना के बाद एक बार फ‍िर यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।

    इसी वर्ष अप्रैल जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर विमान परिचालन को और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से एयरफील्ड एनवायरमेंट मैनेजमेंट कमेटी (एईएमसी) की महत्वपूर्ण बैठक हुई थी।

    इसमें एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने और नियमित निगरानी की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।

    समिति की बैठक में कहा गया कि एयरफील्ड के आसपास गंदगी, खुले कचरे, जलजमाव जैसी स्थितियां के साथ मांस-मछली की दुकानें भी पक्षियों को आकर्षित करती हैं।

    पटना एयरपोर्ट पर बर्ड हिट की घटनाएं वर्षवार
    2021 : 2
    2022 : 1
    2023 : 1
    2025 : 9

    इससे बर्ड स्ट्राइक (पक्षियों से टकराव) की घटनाएं बढ़ती हैं। यह विमान सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
    भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने रनवे और आपरेशनल एरिया के पास विशेष कर्मियों (बर्ड चेजर्स) को तैनात किया है।

    फायर क्रैकर्स और स्केयर गन्स से पक्षियों को डराकर रनवे से दूर रखने के लिए पटाखे, स्केयर गन्स और शाट लाउंचर्स का नियमित इस्तेमाल किया जाता है।

    प्रत‍िबंध का नहीं दि‍ख रहा असर
    विमानों के टेकआफ और लैंडिंग के समय इनकी संख्या दोगुनी कर दी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में रनवे के किनारे उगने वाली जंगली घास की लगातार कटाई की जाती है ताकि कीड़े-मकौड़े बाहर नहीं आएं, क्योंकि इन्हें खाने के लिए पक्षी आकर्षित होते हैं।

    एयरपोर्ट के आसपास मांस-मछली की दुकानों पर रोक का निर्णय हर बैठक में लिया जाता है। लेकिन, फुलवारीशरीफ और आसपास के अन्य इलाकों में खुले में मांस-मछली बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध का असर नहीं दिख रहा है।

    इनके अवशेषों को खाने चील और अन्य बड़े पक्षी झुंड में आते हैं। गर्दनीबाग स्थित गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन को स्थानांतरित करने की कवायद भी सिफर है। एयरफील्ड के आसपास जलजमाव की स्थिति का भी पूरी तरह समाधान नहीं हो सका है।