Tag: Pakistan-Afghanistan

  • पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर फिर भड़की हिंसा, जवाबी कार्रवाई में तालिबान के ठिकानों को बनाया निशाना

    पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर फिर भड़की हिंसा, जवाबी कार्रवाई में तालिबान के ठिकानों को बनाया निशाना

    काबुल
    पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हुई गोलीबारी में अफगान सुरक्षा बलों (तालिबान) के कई जवानों के मारे जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की ओर से यह कार्रवाई सीमा क्षेत्र में हुई घटनाओं के जवाब में की गई। समाचार एजेंसी सिन्‍हुआ की र‍िपोर्ट के मुताब‍िक, पाकिस्तानी सेना ने शनिवार को पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर अफगान बलों की ओर से की गई गोलीबारी का जवाब दिया। इससे पहले ऐसी रिपोर्ट थी कि तालिबान की गोलीबारी में पाकिस्तानी सेना के 7 जवान मारे गए हैं। हालांकि, पाकिस्तान ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    पाकिस्तानी हमले में तालिबान लड़ाकों की मौत
    सूत्रों के अनुसार, यह गोलीबारी कथित तौर पर विदेशी आतंकवादियों की पाकिस्तान में घुसपैठ को समर्थन देने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने दावा किया कि इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने कार्रवाई करते हुए अफगानिस्तान की ओर स्थित कई संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाया। सिन्‍हुआ के अनुसार, सूत्रों का दावा है कि इस गोलीबारी में अफगान सुरक्षा बलों के कई जवान मारे गए। साथ ही उनका एक चौकी (पोस्ट) और एक बेस कैंप भी निशाने पर लिया गया।

    तालिबान ने सीमा चौकी खाली की
    जवाबी कार्रवाई के दौरान वह बेस कैंप पूरी तरह नष्ट हो गया। इसके बाद अफगान पक्ष ने अपनी सीमा चौकी खाली कर दी। सिन्‍हुआ के अनुसार, इलाके में दोनों तरफ से गोलीबारी का सिलसिला जारी था। पाकिस्तानी सेना पूरी तरह सतर्क है और देश की सीमाओं की रक्षा तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष का कारण क्या है?
    अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। दोनों के बीच बार-बार होने वाली झड़पों के पीछे की मुख्‍य वजह आतंकवादी गतिविधियां, सीमा पार हमलों और सैन्य ठिकानों को लेकर मतभेद हैं। अफगानिस्तान का मानना है कि पाकिस्तान उसके देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए 'एकमात्र खतरा' है। अफगानिस्तान में पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समर्थित और प्रशिक्षित आतंकवादियों की सीमा पार घुसपैठ की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

    अफगानिस्तान में आतंकवाद फैला रहा पाकिस्तान
    रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में तालिबान ने कहा कि उसकी सेना ने नूरिस्तान में 41 आतंकवादियों को मार गिराया और 62 अन्य को पकड़ा है, जो आईएसआईएस से जुड़े समूहों से संबंधित थे और पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा समर्थित थे। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि आतंकवादियों ने पाकिस्तानी सेना के "प्रत्यक्ष मार्गदर्शन और सहयोग" से अफगानिस्तान में घुसपैठ करने की कोशिश की।

     

  • पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर फिर भड़की हिंसा, आधी रात के हमले में 35 लोगों की मौत, बढ़ा तनाव

    पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर फिर भड़की हिंसा, आधी रात के हमले में 35 लोगों की मौत, बढ़ा तनाव

    काबुल 
     पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया है. पाकिस्तान ने अफगान सीमा से सटे इलाकों में मिलिट्री ऑपरेशन चलाने का दावा किया है. पाकिस्तान सरकार के मुताबिक सुरक्षा बलों ने पहले खुफिया सूचना के आधार पर जमीनी अभियान चलाया और उसके बाद अफगानिस्तान सीमा के पास आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हवाई हमले (कैलिब्रेटेड स्ट्राइक) किए. इस कार्रवाई में कुल 35 लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है. यह ऑपरेशन ऐसे समय हुआ है जब एक दिन पहले कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्यालय पर बड़ा आतंकी हमला हुआ था. रिपोर्ट् के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से यह एक महीने में चौथा हमला है. इससे पहले 10 जून को पाकिस्तान के हमले में 26 लोग मारे गए थे। 

    पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि हाल के दिनों में देशभर में सुरक्षा बलों पर बढ़ते आतंकी हमलों के जवाब में यह अभियान शुरू किया गया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। 

    कराची हमले के बाद हुई कार्रवाई
    शनिवार को कराची स्थित पाकिस्तान रेंजर्स
    के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने हमला किया था. इस हमले में तीन पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई थी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने तीन हमलावरों को मार गिराया, जबकि एक हमलावर घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया. पाकिस्तानी सेना के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अफगान नागरिक है. इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़े संगठन जमात-उल-अहरार ने ली थी। 

    किन ठिकानों को बनाया निशाना?
    पाकिस्तान के मुताबिक सबसे पहले खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में खुफिया सूचना के आधार पर जमीनी अभियान चलाया गया. इस दौरान पाकिस्तान ने दावा किया कि ‘खान फरोश’ नाम का एक प्रमुख कमांडर समेत चार आतंकवादी मारे गए. इसके बाद अफगानिस्तान सीमा से लगे इलाकों में मौजूद जमात-उल-अहरार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े ठिकानों पर सटीक हमले किए गए. पाकिस्तान का दावा है कि अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में स्थित तीन ठिकाने नष्ट कर दिए गए, जहां 25 आतंकवादी मारे गए. इसके अलावा बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी नष्ट करने की बात कही गई है। 

    पाकिस्तान और अफगानिस्तान में क्यों बढ़ रहा तनाव?
    पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में सुरक्षा बलों और पुलिस पर हमले लगातार बढ़े हैं. पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उससे जुड़े संगठन अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में हमले करते हैं. हालांकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है. पाकिस्तान इससे पहले भी कई बार सीमा पार कर हवाई हमला करता रहा है।