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  • प्याज-लहसुन की तेजी से बढ़ी खाने की लागत, दुकानदारों की कमाई पर पड़ा असर

    प्याज-लहसुन की तेजी से बढ़ी खाने की लागत, दुकानदारों की कमाई पर पड़ा असर

     करनाल
    रसोई में सब्जी का स्वाद बढ़ाने वाले प्याज, लहसुन और अदरक के दाम बढ़ने से घर के बजट के साथ ही होटल, ढाबे और स्ट्रीट फूड का जायका भी महंगा पड़ने लगा है।

    प्याज का थोक भाव इस समय करीब 45 से 50 रुपये किलो है, जबकि खुदरा में यह करीब 60 रुपये किलो बिक रहा है। करीब 10-15 दिन पहले खुदरा प्याज 40 रुपये किलो के आसपास था।

    अदरक थोक में करीब 100 रुपये और खुदरा में 120 से 140 रुपये किलो तक पहुंच गया है। लहसुन का थोक भाव 160 से 200 रुपये और खुदरा भाव 200 से 240 रुपये किलो तक है। करनाल सब्जी मंडी के थोक विक्रेता विवेक के अनुसार लहसुन में पिछले दिनों के मुकाबले स्पष्ट तेजी आई है।

    तड़के का खर्च बढ़ा, रसोई में कटौती
    प्याज-लहसुन के बिना अधिकांश सब्जियों, दाल और ग्रेवी का स्वाद अधूरा माना जाता है। ऐसे में इनके दाम बढ़ने का सीधा असर घरेलू रसोई पर पड़ रहा है। गृहणियां अब खरीदारी में मात्रा का हिसाब लगाने लगी हैं। पहले जहां एक साथ अधिक मात्रा में प्याज और लहसुन खरीदा जाता था, वहीं अब जरूरत के हिसाब से खरीदारी की जा रही है।

    गृहणी संतोष ने बताया कि रोजमर्रा की सब्जियों के साथ मसालों और अन्य सामान के दाम पहले ही बजट बिगाड़ रहे हैं। अब प्याज और लहसुन भी महंगे होने से महीने का हिसाब लगाना मुश्किल हो रहा है। गृहणी कनिका चोपड़ा ने कहा कि स्वाद से समझौता करना आसान नहीं है, इसलिए मात्रा कम करके काम चलाना पड़ रहा है।

    ढाबे-रेस्तरां में लागत बढ़ी, स्ट्रीट फूड पर भी असर
    प्याज, लहसुन और अदरक की खपत घरों के अलावा होटल, रेस्तरां और ढाबों में भी बड़े पैमाने पर होती है। ग्रेवी, छोले, चाप, मंचूरियन, चाइनीज व्यंजन और विभिन्न स्ट्रीट फूड में इनकी रोजाना खपत होती है।

    कीमत बढ़ने से संचालकों की लागत बढ़ गई है। रेस्तरां संचालक बिल्लु ने बताया कि उनके सामने दो विकल्प हैं। या तो बढ़ी लागत खुद वहन करें या फिर खाने की कीमत बढ़ाएं। ग्राहक पहले ही कीमत को लेकर संवेदनशील हैं, इसलिए सीधे दाम बढ़ाना आसान नहीं है। ऐसे में बढ़ी लागत का असर मुनाफे पर पड़ रहा है। स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण है।

    बर्गर, चाट, मोमोज, छोले-कुलचे, नूडल्स और अन्य खाद्य पदार्थों में प्याज का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है। कुछ दुकानदार मात्रा में कटौती कर रहे हैं, जबकि कुछ ग्राहकों को पहले की तुलना में कम प्याज दे रहे हैं।

    नतीजा यह कि प्याज-लहसुन-अदरक की तेजी ने सिर्फ रसोई का बजट नहीं बढ़ाया, बल्कि शहर के खानपान कारोबार की लागत भी बढ़ा दी है। अगर तेजी आगे बनी रही तो इसका असर खाने की प्लेट की कीमत और ग्राहकों की जेब दोनों पर दिखाई दे सकता है।

     

  • प्याज की बढ़ती कीमतों से राहत के लिए दो सप्ताह करना होगा इंतजार

    प्याज की बढ़ती कीमतों से राहत के लिए दो सप्ताह करना होगा इंतजार

     रांची
    राजधानी के बाजार में प्याज की कीमत में पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। वर्तमान में पंडरा थोक मंडी में प्याज 35 से 42 रुपये किलो तक बिक रहा है, जबकि खुदरा बाजार में इसकी कीमत 45 से 50 रुपये किलो पहुंच गई है। कारोबारियों का कहना है कि कीमतों में यह तेजी फिलहाल नई फसल की आवक में देरी के कारण है।

    वहीं पंडरा आलू-प्याज व्यवसायी संघ के सचिव रोहित कुमार ने बताया कि सामान्य तौर पर सावन की शुरुआत तक दक्षिण भारत की मंडियों से प्याज की नई फसल रांची पहुंचने लगती थी। इस वर्ष नई फसल की आवक में देरी हुई है। इसके कारण बाजार में उपलब्ध प्याज पर दबाव बढ़ा और कीमतों में तेजी देखने को मिली।

    दो सप्ताह बाद राहत की उम्मीद
    नुसार दक्षिण भारत से प्याज की नई फसल अगले दो सप्ताह के भीतर मंडियों में पहुंच सकती है। नई फसल की आवक शुरू होते ही बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।

    ऐसे में उपभोक्ताओं को फिलहाल करीब दो सप्ताह इंतजार करना पड़ सकता है। वहीं प्याज की कीमतों में तेजी 13 और 14 अगस्त से देखने को मिली। 14 अगस्त को पंडरा थोक मंडी में प्याज 28 से 30 रुपये किलो बिक रहा था।

    कुछ ही दिनों में इसकी कीमत बढ़कर 42 रुपये किलो तक पहुंच गई। रांची में फिलहाल प्याज की आपूर्ति मुख्य रूप से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से हो रही है।

    रोज पहुंच रहे 10 से 12 ट्रक
    संघ के सदस्यों ने बताया कि रांची की मंडियों में प्रतिदिन करीब 10 से 12 ट्रक प्याज पहुंच रहे हैं। सावन के कारण आवक में मामूली कमी जरूर रही, लेकिन इसका खास असर थोक बाजार पर नहीं पड़ा है। वहीं पंडरा मंडी में सफेद आलू 7 से 8 रुपये, लाल आलू 10 से 12 रुपये और एलटी आलू 11 से 14 रुपये किलो बिक रहा है। वहीं लहसुन की कीमत 60 से 170 रुपये किलो और अदरक 130 से 140 रुपये किलो है।