Tag: Om Prakash Rajbhar

  • मंत्री संजय निषाद ने निषाद समाज की आर्थिक प्रगति पर रखे अपने विचार

    मंत्री संजय निषाद ने निषाद समाज की आर्थिक प्रगति पर रखे अपने विचार

    कानपुर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका मजबूत बनाने के प्रयासों के बीच ‘उत्तर प्रदेश 2.0: कृषि से समृद्धि’ यूपी संवाद आयोजित किया गया। इसमें खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने, कृषि उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। कृषि विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और प्रगतिशील किसानों ने बताया कि तकनीक, फसल विविधीकरण, बाजार तक पहुंच और खेती के साथ दूसरे व्यवसाय अपनाकर किसानों के लिए आय के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

    पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सुनाए खेती के अनुभव
    प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने ‘किसान भाई-बंपर कमाई’ सत्र में अपने खेती-किसानी के दिनों के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनके खेत में एक-एक किलो वजनी आलू पैदा हुए थे। उन्होंने लहसुन की फसल में मेड़ों पर शलगम उगाने और पांच-पांच किलो तक के शलगम उपजने का भी जिक्र किया। मटर की पैदावार के बारे में उन्होंने बताया कि मंडी में उनकी उपज देखकर कारोबारियों को पहले विश्वास नहीं हुआ, लेकिन खेत देखने के बाद वे हैरान रह गए। उन्होंने मनहर धान का उल्लेख करते हुए इसे करीब 60 दिनों में तैयार होने वाली फसल बताया। अपने राजनीतिक सफर के बारे में राजभर ने कहा कि कांशीराम के विचारों और उनसे जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी ने राजनीति के प्रति उनकी रुचि बढ़ाई। इसके बाद वह धीरे-धीरे राजनीति में बढ़े।

    कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने निषाद समाज की प्रगति पर रखी बात
    प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने ‘पशु नहीं, प्रॉफिट पालन’ सत्र में निषाद समाज की सामाजिक और आर्थिक प्रगति पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने समाज को आगे बढ़ाने में शिक्षा, सरकारी सुविधाओं और रोजगार के अवसरों की भूमिका पर जोर दिया। मत्स्य पालन से जुड़े परिवारों की आजीविका मजबूत करने और मछली पालन को आय के साधन के रूप में विकसित करने की संभावनाएं भी इस चर्चा का हिस्सा रहीं। सत्र में समाज के लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का मुद्दा प्रमुख रहा।

    किसानों को बाजार से जोड़ने पर जोर
    ‘सरकार और बाजार मेरे द्वार’ सत्र में कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने किसानों की उपज के उचित मूल्य और बाजार तक उनकी पहुंच से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि खेती में उत्पादन बढ़ाने के साथ उपज की बिक्री की बेहतर व्यवस्था होना भी जरूरी है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिल सके। सरकारी योजनाओं की जानकारी, कृषि उत्पादों की खरीद और बाजार से जुड़ाव के जरिए किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

    आधुनिक तकनीक से खेती को लाभकारी बनाने पर चर्चा
    ‘खेती हाईटेक, लाइफ सेट’ सत्र में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता, आईआईटी कानपुर के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. जयंत कुमार सिंह और पद्मश्री सम्मानित प्रगतिशील किसान राम शरण वर्मा ने आधुनिक खेती की संभावनाओं पर चर्चा की। इसमें सेंसर आधारित तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल से मिट्टी की स्थिति समझने तथा फसल के लिए जरूरी पोषक तत्वों का आकलन करने पर जोर रहा। चर्चा के मुताबिक, सेंसर आधारित तकनीक से मिट्टी की जांच लगभग एक मिनट में की जा सकती है। इससे जरूरत के अनुसार खाद और अन्य कृषि संसाधनों का इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है। ऐसी तकनीकों का उद्देश्य खेती की लागत घटाने और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने में किसानों की मदद करना है।

    सरकारी योजनाओं से लाभार्थियों के अनुभवों पर चर्चा
    ‘लाभार्थी लाइव’ सत्र में विधायक महेश त्रिवेदी और कल्याणपुर की विधायक नीलिमा कटियार ने किसानों तथा लाभार्थियों से बातचीत की। चर्चा में किसान सम्मान निधि, किसान दुर्घटना बीमा योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के लाभ का उल्लेख हुआ। नीलिमा कटियार ने महिला स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों की भूमिका पर चर्चा करते हुए ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। महिला किसान नीतू देवी ने बताया कि मछली पालन, कृषि मशीनों और दूसरी सुविधाओं से उन्हें आजीविका के नए अवसर मिले। किसान सुनील कुमार ने बीज, खाद और कृषि उपकरणों से जुड़े अनुभव साझा किए तथा प्राकृतिक खेती के बारे में बताया। उन्होंने किसानों के समूहों के माध्यम से खेती की तकनीकी जानकारी साझा करने का भी उल्लेख किया।

    नए प्रयोगों से खेती में आय के अवसर बढ़ा रहे किसान
    ‘यूपी का स्मार्ट अन्नदाता’ सत्र में कानपुर में कश्मीर के सेब उगाने वाले किसान मंजीत, उन्नाव में नीदरलैंड के फूल उगाने वाले किसान शांतनु शुक्ला और बेंगलुरु में आईटी नौकरी छोड़कर कानपुर में जैविक खेती करने वाले किसान दंपती रश्मि और अंकुर सचान ने अपने अनुभव साझा किए। विधान परिषद सदस्य सलिल बिश्नोई भी चर्चा में शामिल हुए। इन किसानों के प्रयोगों से यह सामने आया कि पारंपरिक फसलों के अलावा सेब, फूलों और जैविक उत्पादों की खेती भी आय के नए अवसर खोल सकती है। हालांकि, ऐसी खेती में स्थानीय जलवायु के अनुकूल किस्मों का चयन, उत्पादन की गुणवत्ता और बाजार में बिक्री की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। किसानों के अनुभवों के जरिए खेती में नवाचार और वैकल्पिक आजीविका की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

  • ‘अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे तो अखिलेश की जमानत जब्त हो जाएगी’, ओम प्रकाश राजभर का तीखा हमला

    ‘अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे तो अखिलेश की जमानत जब्त हो जाएगी’, ओम प्रकाश राजभर का तीखा हमला

    लखनऊ
    सुभासपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने कहा कि अगर अखिलेश यादव अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे तो अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएंगे। जेपीएनआईसी के मुद्दे पर भी उन्होंने सपा प्रमुख को घेरते हुए कहा  कि अखिलेश यादव को लीज और बिक्री का अंतर नहीं पता है।

    'अयोध्या से डर लग रहा तो जहूराबाद से चुनाव लड़ें अखिलेश'
    राजभर ने कहा कि अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए अखिलेश यादव ने खुद चुनौती दी थी और अब  मुख्यमंत्री ने उसे स्वीकार कर लिया है। अब अखिलेश को अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए। राजभर ने दावा किया कि वहां चुनाव लड़ने पर अखिलेश यादव की जमानत जब्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश अयोध्या से चुनाव नहीं लड़ना चाहते तो जहूराबाद आकर उनसे मुकाबला कर सकते हैं।

    '200 करोड़ का प्रोजेक्ट 865 करोड़ तक पहुंचा, फिर भी अधूरा'
    जेपीएनआईसी को बेचने के आरोप पर राजभर ने अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि परियोजना की शुरुआती लागत 200 करोड़ रुपये थी, जो सपा सरकार के कार्यकाल में बढ़कर 865 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, लेकिन परियोजना पूरी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएनआईसी के आठ सदस्यों में सात अखिलेश यादव के करीबी थे और अखिलेश यादव खुद भी उसमें शामिल थे। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि संस्थान के होटल, क्लब और आय के अन्य स्रोतों पर अखिलेश यादव और उनके परिवार के लोगों का प्रभाव था।

    राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने जेपीएनआईसी को 30 साल की लीज पर दिया है। उन्होंने अखिलेश यादव के इसे बेचे जाने के आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा कि लीज पर देने और संपत्ति बेचने में अंतर होता है।

    'अखिलेश अपने पांच साल के कार्यकाल को देखें'
    दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ और इस मामले में उत्तर प्रदेश के लोगों को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर राजभर ने कहा कि सपा प्रमुख को अपने पांच साल के शासनकाल को भी देखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई पुलिस के साथ बदसलूकी करेगा तो क्या पुलिस उस पर फूल बरसाएगी? राजभर ने कहा कि पुलिस को अपनी सुरक्षा के साथ-साथ देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी होती है।

  • राजभर ने अखिलेश से पूछा- कांग्रेस के खिलाफ बोलने की परमिशन आपने दी या चच्चू आत्मनिर्भर हो गए?

    राजभर ने अखिलेश से पूछा- कांग्रेस के खिलाफ बोलने की परमिशन आपने दी या चच्चू आत्मनिर्भर हो गए?

    लखनऊ
    समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बढ़ती तकरार को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सपा-कांग्रेस के रिश्तों पर सवाल उठाते हुए संभावित गठबंधन को ‘ठगबंधन’ करार दिया।

    'ए महाराज, इसको गठबंधन कहते हैं?'
    राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अखिलेश यादव रायबरेली गए तो कांग्रेस के लोग उन्हें इटावा जाने को कह रहे हैं। उन्होंने शिवपाल यादव को लेकर भी तंज कसा और कहा कि ‘चच्चू’ कांग्रेस वालों को जसवंतनगर बुलाकर औकात दिखाना चाह रहे हैं।

    राजभर ने आगे लिखा कि इमरान मसूद अखिलेश को आंखें दिखा रहे हैं और इकरा हसन कांग्रेस वालों को उनकी जगह दिखा रही हैं। वहीं, अजय राय और राजेंद्र पाल गौतम ने सपा को छोटा भाई बना दिया है और सपा के प्रवक्ता कांग्रेसियों को लिमिट में रहने की सीख दे रहे हैं। इसी को लेकर राजभर ने सवाल किया, 'ए महाराज, इसको गठबंधन कहते हैं?'

    'असल में इसको ठगबंधन कहा जाता है'
    ओमप्रकाश राजभर ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर तंज कसते हुए इसे ‘ठगबंधन’ बताया। उन्होंने लिखा कि ठगी के लिए प्लानिंग भी हो रही है और ‘लूट के माल’ की बंदरबांट को लेकर भी लड़ाई हो रही है। राजभर ने आगे तंज करते हुए लिखा कि लड़ाई इस बात की है कि ‘कौन बड़ा ठग?’

    अखिलेश से पूछा- नेताओं को परमिशन आपने दी है?
    राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल करते हुए लिखा कि क्या अपने नेताओं को कांग्रेस के खिलाफ बोलने की परमिशन उन्होंने ही दी है या फिर शिवपाल यादव और बाकी नेता इस मामले में ‘आत्मनिर्भर’ हो गए हैं।

    अमेठी जाने की दी नसीहत
    राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव को अमेठी जाने की नसीहत भी दी। उन्होंने लिखा कि अगर अखिलेश रथ निकाल रहे हैं तो लखनऊ के बगल में अमेठी है और उन्हें वहां एक चक्कर लगा लेना चाहिए।

    राजभर ने अमेठी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर भी तंज कसा। उन्होंने लिखा कि यही अमेठी है, जिसने ‘आपके मित्र राहुल बाबा को सिर्फ हराया ही नहीं, बल्कि भगा दिया।’ पोस्ट के अंत में राजभर ने लिखा 'उसी अमेठी घूम आइये महाराज, कांग्रेसियों को जलने दीजिए।'

  • “सपा राज में पूरे प्रदेश की तिजोरी लूटकर सिर्फ सैफई को चमकाया, जनता को दिए सिर्फ डर और दंगे”: ओम प्रकाश राजभर

    “सपा राज में पूरे प्रदेश की तिजोरी लूटकर सिर्फ सैफई को चमकाया, जनता को दिए सिर्फ डर और दंगे”: ओम प्रकाश राजभर

    लखनऊ

    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 'सैफई मॉडल' के विकास के उदाहरण पर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश की सरकार थी तब 24 घंटे बिजली केवल सैफई में मिलती थी। सैफई महोत्सव होता था और सैफई महोत्सव में मुंबई से हीरो-हीरोइन आकर डांस करते थे। आसपास के गांवों में दुष्टता का आतंक हो जाता था और लोग भय ग्रस्त होकर घरों में कैद रहते थे।

    अखिलेश राज में सिर्फ सैफई का हुआ विकास

    राजभर ने कहा कि अखिलेश ने केवल सैफई का ही विकास किया। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा पैसे ले जा कर वहां लगा दिया। सैफई में मेडिकल कॉलेज बनवाने से लेकर वहां की सड़कें तक चौड़ी करवा दी। दूसरी जगहों की उपेक्षा हुई। 

    SIR पर अखिलेश के आरोप गलत

    राजभर ने कहा कि अखिलेश SIR पर जो आरोप लगा रहे हैं, वो सरासर गलत हैं। मैं जिस विधान सभा से विधायक हूं वहां 16 हजार वोटर मृतक थे, उनको निकाला गया। इसके अलावा 23 हजार स्थानांतरित मतदाता थे, जिन्हें चुनाव आयोग ने एक जगह करने के लिए स्वीकृत किया। SIR कोई नया नहीं है. यह 1952 से लेकर 2003 के बीच में कई बार हुआ है। 

    अखिलेश की सरकार में गुंडागर्दी चरम पर थी 

    राजभर ने कहा कि अखिलेश के राज में गुंडागर्दी, लूट, हत्या, बलात्कार और छिनैती चरम पर थे।  मुजफ्फरनगर जब दंगों में जल रहा था तो यह मुख्यमंत्री होते हुए डांस देख रहे थे। सरकारी नौकरियां पैसे पर देते थे। राजभर ने कहा अखिलेश को कोई वोट नहीं देगा। अखिलेश वोट पाने के लिए आरोप लगा रहे हैं। उन्हें तो अपनी गलतियों के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए।

  • आपने युवाओं को शूटर बनाया, पैसे लेकर नौकरी दी’, अखिलेश यादव पर ओमप्रकाश राजभर का सीधा हमला

    आपने युवाओं को शूटर बनाया, पैसे लेकर नौकरी दी’, अखिलेश यादव पर ओमप्रकाश राजभर का सीधा हमला

    लखनऊ
    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बेहद तीखे अंदाज में हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव को संबोधित कर पूछा- 'का भइया अखिलेश जी, हाल-चाल ठीक है न?' इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता नहीं है कि हाल ठीक होगा, क्योंकि चुनाव से पहले एक लाख युवाओं को नौकरी मिलने जा रही है।

    राजभर ने अपनी पोस्ट में कहा कि ये नौकरियां बिना लेन-देन, बिना भेदभाव, बिना जात-पात और बिना क्षेत्रवाद के दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में नौ साल में साढ़े नौ लाख नौकरियां दी जा चुकी हैं और कुछ ही हफ्तों में दस लाख का आंकड़ा भी पूरा हो जाएगा।

    राजभर ने इसी मुद्दे पर अखिलेश यादव पर व्यंग्य करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि 'बस गिनती करते जाइए।' उन्होंने अखिलेश से भी गिनती शुरू करने को कहा। साथ ही तंज कसा कि अगर वह ठीक से गिनती न कर पाएं तो 'चच्चू को लगा दीजिएगा।' राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश सरकार के समय लूट का पूरा हिसाब-किताब चच्चू (शिवपाल यादव) ही करते थे।

    ‘चुनाव आ रहा है, दोपहर 12 बजे तक सोना छोड़ दीजिए’
    राजभर ने अपने पोस्ट में आगामी चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने लिखा- 'सुनिए महाराज, चुनाव आ रहा है। दोपहर 12 बजे तक सोना छोड़ दीजिए।'

    इसके बाद उन्होंने सपा के पिछले विधानसभा चुनावों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए लिखा कि 2017 में 47 और 2022 में 111 सीट मिली थी। राजभर ने तंज किया कि इस बार 47 सीट भी आ जाए तो कहिएगा।

    ‘आपने युवाओं को शूटर बनाया’
    राजभर ने अपने पोस्ट में सपा सरकार के कार्यकाल पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने लिखा कि जब अखिलेश यादव का समय था, तब उन्होंने 'युवाओं को शूटर बनाया' और भेदभाव करके, पैसे लेकर नौकरी दी। राजभर ने आगे लिखा कि शूटरों के भरोसे चुनाव जीतने के चक्कर में थे, लेकिन 'शूटर तो ढेर हो गए।' इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि अब कुछ अपराधी सपा के कार्यकर्ता बनकर घूम रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि सरकार आने पर वे फिर लूट और अपराध करेंगे।

    अपने पोस्ट के अगले हिस्से में राजभर ने लिखा कि 'यकीन मानिए, सरकार तो आयेगी नहीं।' उन्होंने आगे कहा कि जो अपराधी बचे हैं, वे भी जल्दी ही निपट जाएंगे। पोस्ट के अंत में राजभर ने अखिलेश यादव पर फिर तंज कसते हुए लिखा- 'ख़ैर, ठीक से चुनाव लड़िए महाराज। एकतरफा चुनाव में मज़ा नहीं आता है।

  • कहा- सपा सरकार में सबसे ज्यादा तोड़ी गईं बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं

    कहा- सपा सरकार में सबसे ज्यादा तोड़ी गईं बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं

    लखनऊ
    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने रविवार को समाजवादी पार्टी के पीडीए नारे को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पीडीए को पूरी तरह ढकोसला बताते हुए कहा कि अखिलेश इसका मतलब अपनी सुविधा के अनुसार बदलते रहते हैं। कभी पीडीए को पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक बताते हैं तो कभी पी से पंडित, डी से दलित और ए से अहीर कहते हैं। कभी ए से अल्पसंख्यक, आधी आबादी तो कभी अगड़ा बता देते हैं।
     
    राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव दलितों से नफरत करते हैं और दलित महापुरुषों की प्रतिमा देखकर उनकी चिढ़ और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 की सपा सरकार के दौरान बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं सबसे ज्यादा तोड़ी गईं। जौनपुर, मऊ, सीतापुर और आजमगढ़ समेत कई जिलों में ऐसी घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि आंकड़े उठाकर देख लिए जाएं तो अखिलेश सरकार के दौरान दलितों पर अत्याचार कई गुना बढ़ा था।
     
    आगरा में दलित ग्राम प्रधान की हत्या का किया जिक्र
    ओम प्रकाश राजभर ने आगरा की एक घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार में एक दलित ग्राम प्रधान को सपाइयों ने पीट-पीटकर मार डाला था। ग्राम प्रधान का कसूर केवल इतना था कि उन्होंने सपा को वोट नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय बाबा साहब की प्रतिमाएं तोड़ने से लेकर दलितों पर अत्याचार तक के मामले लगातार सामने आए।
     
    राजभर ने कहा कि आज भी यूपी में दलितों पर अत्याचार के मामले में यादव और मुस्लिम यानी सपा के वोटर ही सबसे आगे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और उनके सैफई के कुनबे की बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर क्या सोच है, यह किसी से छिपी नहीं है।
     
    गेस्ट हाउस कांड को लेकर सपा को घेरा
    राजभर ने दो जून 1995 के गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय सपाई गुंडे मायावती की हत्या करना चाहते थे। संयोग से वहां भाजपा के नेता पहुंच गए। भाजपा के लोग नहीं होते तो शायद मायावती की हत्या कर दी जाती। किसी तरह उनकी जान बची थी।
     
    उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आज दलित सम्मान की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके शासनकाल में दलित बेटियों के साथ जितना जुर्म हुआ, उसे कौन नहीं जानता। अब वक्त बदल चुका है। योगी सरकार में दलित महापुरुषों को सम्मान मिल रहा है और दलित नायकों को नई पहचान दी जा रही है।

     नीला गमछा अखिलेश के गले की फांस: राजभर
    अखिलेश यादव के नीले गमछे पर तंज कसते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि वह बाबा साहब डॉ. आंबेडकर को आगे करके वोट लेने की सोच रहे हैं, लेकिन यही नीला गमछा उनके गले की फांस है। सिर पर लाल टोपी और गले में नीला गमछा दो जून 1995 की घटना की याद दिलाता है कि गेस्ट हाउस कांड में सपा ने मायावती के साथ क्या किया था।
     
    राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया। दलित महापुरुषों और बाबा साहब के नाम पर बने पार्कों और जिलों को खत्म करने का काम किया। दलितों के उत्थान और विकास के लिए महापुरुषों के नाम से बनी योजनाओं को भी खत्म किया गया।
     
    महापुरुषों से जुड़े पार्कों के लिए 500 करोड़
    ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि योगी सरकार में सभी महापुरुषों का सम्मान सुरक्षित है। दलित महापुरुषों को सम्मान देने के साथ दलित नायकों को नई पहचान मिल रही है। महापुरुषों के नाम पर बने पार्कों में पुरानी हो चुकी प्रतिमाओं को बदलने, बाउंड्री कराने और सौंदर्यीकरण के अन्य कार्यों के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये दिए हैं और सभी जगह काम शुरू हो गया है।
     
    उन्होंने कहा कि महापुरुषों को लेकर आज की सरकार जिस सोच के साथ काम कर रही है, ऐसी सोच सत्ता में रहते हुए अखिलेश यादव के मन में पैदा हुई होती तो शायद कुछ कदम आगे बढ़े होते। राजभर ने कहा कि अखिलेश जिस सोच को लेकर चल रहे हैं, उस पर 2027 में एक बार फिर पानी फिर जाएगा।

  • पीडीए पूरी तरह ढकोसला, दलित महापुरुषों से चिढ़ते हैं अखिलेशः ओमप्रकाश राजभर

    पीडीए पूरी तरह ढकोसला, दलित महापुरुषों से चिढ़ते हैं अखिलेशः ओमप्रकाश राजभर

    लखनऊ
     समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के पीडीए के नारे को लेकर उन पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने तीखा हमला बोला है। सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि अखिलेश यादव का पीडीए पूरी तरह से ढकोसला है। अखिलेश कभी पीडीए को पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक बताते हैं। कभी पी से पंडित, डी से दलित और ए से अहीर कहते हैं। कभी ए से अल्पसंख्यक तो कभी आधी आबादी और कभी अगड़ा बता देते हैं।

    ‘अखिलेश दलितों से नफरत करते हैं, दलित महापुरुषों से बढ़ जाती है चिढ़’
    ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव दलितों से नफरत करते हैं और दलितों के जो महापुरुष हैं, उनकी प्रतिमा देख कर वह बहुत ज्यादा चिढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि 2012 में अखिलेश यादव सरकार बनाए और 2017 तक देखा जाए तो समाजवादी पार्टी के गुंडों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की असंख्य मूर्तियां तोड़ डालीं। राजभर ने कहा कि डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा सबसे ज्यादा समाजवादी पार्टी की सरकार में तोड़ी गईं। चाहे जौनपुर का मामला हो, मऊ का हो, सीतापुर हो या आजमगढ़… ऐसे तमाम जिले हैं जहां बाबा साहब की प्रतिमा तोड़ी गईं।

    ‘आगरा का मामला कौन भूल सकता है? दलित ग्राम प्रधान को पीट-पीटकर मार डाला’
    ओमप्रकाश राजभर ने आगरा के एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सपा सरकार में दलित ग्राम प्रधान को सपाइयों ने पीट-पीटकर मार डाला था। ग्राम प्रधान का कसूर यह था कि उन्होंने सपा को वोट नहीं दिया था। इसके लिए उनकी हत्या कर दी गई। राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग आंबेडकर जी के संबंध में अगर आंकड़े उठाकर देखेंगे तो अखिलेश राज में दलितों के ऊपर अत्याचार कई गुना बढ़ा था। बाबा साहब की प्रतिमा तोड़ने का रिकॉर्ड भी समाजवादी पार्टी की सरकार में ही सबसे ज्यादा रहा।

    ‘सपा के वोटर ही दलित अत्याचार में सबसे आगे’
    ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आज भी यूपी में दलित अत्याचार के मामले में यादव और मुस्लिम यानी सपा के वोटर ही सबसे आगे हैं। खुद अखिलेश यादव और उनका सैफई का कुनबा बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए क्या विचार रखता है, यह किसी से छिपा नहीं है। लखनऊ के गेस्ट हाउस कांड में सपाई गुंडे मायावती की हत्या करना चाहते थे। संयोग से वहां बीजेपी के नेता पहुंच गए। बीजेपी के लोग नहीं होते तो शायद मायावती की हत्या कर दी जाती। किसी तरह से उनकी जान बची थी।

    ‘अखिलेश राज में दलित बेटियों पर जितना जुर्म हुआ, वो कौन नहीं जानता’
    ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव दलित सम्मान की बात करते हैं, लेकिन उनके राज में दलित बेटियों के साथ जितना जुर्म हुआ वो कौन नहीं जानता है। उन्होंने कहा कि आज वक्त बदल गया है। योगी राज में दलित महापुरुषों को सम्मान मिल रहा है और दलित नायकों को नई पहचान मिल रही है। महापुरुषों के नाम पर बने पार्क में अगर प्रतिमा पुरानी हो गई है तो उसे बदलने, बाउंड्री कराने और सौंदर्यीकरण के अन्य काम के लिए सरकार ने अभी 500 करोड़ रुपये दिए हैं और सभी जगह काम चालू हो गया है।

    ‘नीला गमछा अखिलेश के लिए गले का फांस, लाल टोपी दिमाग पर’
    ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के नीले गमछे पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव सोच रहे हैं कि बाबा साहब डॉ. आंबेडकर को आगे करके वोट ले लेंगे, लेकिन उनके गले का नीला गमछा ही उनके गले का फांस है। सिर पर लाल टोपी और गले में नीला गमछा 2 जून 1995 की घटना याद दिलाता है कि आपने मायावती के साथ गेस्ट हाउस कांड में सपा ने क्या किया था।

    ‘आरक्षण में प्रमोशन का आरक्षण खत्म किया, महापुरुषों के नाम के पार्क और जिले खत्म किए’
    राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने आरक्षण में प्रमोशन का आरक्षण खत्म किया। दलित महापुरुषों बाबा साहब सहित अन्य के नाम से बने पार्क और जिले खत्म करने का काम अखिलेश यादव ने किया। दलितों के उत्थान और विकास के लिए महापुरुषों के नाम से बनी योजनाओं को भी खत्म करने का काम अखिलेश यादव ने किया।

    ‘आज योगी सरकार में सभी महापुरुषों का सम्मान सुरक्षित’
    ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आज सभी महापुरुषों का सम्मान योगी जी की सरकार में सुरक्षित है। कहीं कोई घटना नहीं हो पा रही है। महापुरुषों को लेकर आज की सरकार जो काम कर रही है, अगर ऐसी सोच सत्ता में रहते हुए अखिलेश जी के मन में पैदा हुई होती तो शायद कुछ कदम आगे बढ़ते। इसलिए जिस सोच को लेकर अखिलेश यादव चल रहे हैं, उस पर 2027 में एक बार फिर पानी फिर जाएगा।

  • सत्ता के लिए व्याकुल हैं अखिलेश, मोदी-योगी का विकास नहीं दिख रहा… राजभर का सपा पर तीखा हमला

    सत्ता के लिए व्याकुल हैं अखिलेश, मोदी-योगी का विकास नहीं दिख रहा… राजभर का सपा पर तीखा हमला

    लखनऊ
    एक्सप्रेसवे, ऑनलाइन पेमेंट, वक्फ संपत्ति, सरकारी नौकरियों और कानून-व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तीखा पलटवार किया। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव सत्ता पाने के लिए व्याकुल हैं, इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास के काम पसंद नहीं आ रहे। उन्होंने कहा कि सड़कें बनती हैं तो टूटती भी हैं और टूटने पर ठेकेदार उन्हें दोबारा बनाता है। अगर अखिलेश को सड़कों की चिंता है तो उन्हें अपने कार्यकाल की सड़कों को भी झांककर देखना चाहिए।

    ‘ऑनलाइन पेमेंट पर चुंगी की बात कर गुमराह कर रहे अखिलेश’
    ऑनलाइन पेमेंट पर चुंगी लगाए जाने के अखिलेश यादव के आरोप पर राजभर ने कहा कि उन्हें सही जानकारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 95 प्रतिशत लोगों पर इसका कोई भार नहीं है, जबकि 5 प्रतिशत सक्षम लोगों पर भार है। राजभर ने आरोप लगाया कि विपक्ष इसी तरह की बातों से लोगों को गुमराह कर रहा है।

    सीए-एनआरसी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसके विरोध में विपक्षी दलों ने आंदोलन किया और दिल्ली का शाहीन बाग पूरे देश में चर्चा का विषय बना, लेकिन कानून लागू हुआ। राजभर ने दावा किया कि लागू होने के तीन साल से ज्यादा समय बाद भी एक भी मुसलमान देश से नहीं निकाला गया।

    ‘वक्फ की संपत्ति का हिसाब होने लगा तो विपक्ष परेशान’
    वक्फ बोर्ड की संपत्ति के मुद्दे पर राजभर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कानून आने के बाद विपक्षी दल रोना-रोने लगे कि अब क्या होगा। उन्होंने कहा कि संपत्ति ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज होने के बाद चोरी नहीं की जा सकेगी।

    राजभर ने आरोप लगाया कि सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकारों के दौरान वक्फ की करोड़ों की संपत्ति को हजारों में लेकर किसी ने होटल बनाया, किसी ने मॉल बनाया और किसी ने बेच दिया। उन्होंने कहा कि अब रिकॉर्ड दर्ज होने की व्यवस्था से ऐसे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

    ‘अखिलेश के कार्यकाल में नौकरी बिकती थी’
    सरकारी नौकरियों को लेकर अखिलेश यादव के दावों पर राजभर ने कहा कि उन्हें सही जानकारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार अपने कार्यकाल में 9.5 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां दे चुकी है। वहीं, अखिलेश सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में नौकरियां बिकती थीं।

    राजभर ने दावा किया कि नौकरी का विज्ञापन निकलते ही शिवपाल यादव और उनके लोग सक्रिय हो जाते थे। उनके मुताबिक पांच, दस और पंद्रह लाख रुपये तक की बोली लगती थी। पैसा लेने के बाद सूची बनती थी, शिवपाल यादव सूची तैयार करते थे, अखिलेश यादव उस पर दस्तखत करते थे और संबंधित विभाग उसी सूची को जारी करता था।

    ‘नौकरियां बिना पैसे मिल रही हैं, इसलिए परेशान हैं’
    राजभर ने कहा कि अब योगी सरकार बिना पैसे के नौकरियां दे रही है, इसलिए अखिलेश यादव परेशान हैं। अखिलेश के सत्ता में आने पर नौकरी देने के दावे पर तंज कसते हुए उन्होंने पूछा, ‘कहां से देंगे, अपने घर से?’ उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश खुलकर नहीं कह पा रहे कि सरकार बनने पर अपनी जाति को नौकरी देंगे।

    राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने अपने पांच साल के कार्यकाल में अपनी बिरादरी को आगे बढ़ाने का काम किया और अब उन्हें चिंता है कि योगी सरकार नौकरियां देती गई तो सत्ता में लौटने पर उनके लोगों को नौकरी कैसे मिलेगी।

    ‘सपा सरकार में गुंडों की सरकार कही जाती थी’
    इबर और महिला अपराध को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर राजभर ने उन्हें अपने गिरेबान में झांकने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश सरकार को गुंडों की सरकार कहा जाता था। मुजफ्फरनगर दंगे का जिक्र करते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि जब मुजफ्फरनगर जल रहा था और लोग मारे जा रहे थे, तब सैफई में नाच देखा जा रहा था।

    राजभर ने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान एक हजार दंगे हुए, कर्फ्यू लगा और 1,200 लोगों की जान गई। उन्होंने कहा कि उस दौर में हर जिले में एक माफिया होता था, गैंगवार चलता था और लोग असलहे लहराते हुए सड़कों पर घूमते थे। राजभर ने सवाल किया कि क्या अखिलेश यादव उसी तरह का राज चाहते हैं। उन्होंने योगी सरकार को कानून के राज वाली सरकार बताते हुए कहा कि आज अपराध करने वाला 48 घंटे के भीतर जेल की सलाखों के पीछे पहुंच जाता है।

    ‘मंदिर भी बनाएंगे और मौलाना के साथ नमाज भी पढ़ेंगे?’
    अखिलेश यादव के मंदिर बनवाने के बयान पर भी राजभर ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो मंदिर बनवाने की बात करते हैं, वही मौलाना के साथ जाकर नमाज भी पढ़ते हैं। राजभर ने सवाल किया कि मंदिर बनाकर वहां पूजा भी करेंगे और टीका लगाकर नमाज पढ़ने भी जाएंगे?