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  • 177 KM का नया हाईवे, टोल से राहत; हरियाणा में बदलेगी सफर की तस्वीर

    177 KM का नया हाईवे, टोल से राहत; हरियाणा में बदलेगी सफर की तस्वीर

    अंबाला.

    साल 2027 में हरियाणा के लोगों को एक नई सौगात मिलेगी। अंबाला से शामली तक छह लाइन का हाइवे बनाया जा रहा है। इसका काम तकरीबन 70 फीसदी पूरा भी हो चुका है। इस राजमार्ग से बन जाने से पश्चिमी यूपी का सफर आसान हो जाएगा। वहीं, इस रूट का फायदा हरियाणावासियों को भी खूब मिलेगा। हरियाणा से वेस्ट यूपी तक बन रहा यह हाइवे मार्च, 2027 तक पूरा हो जाएगा।

    4900 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण
    हरियाणा के अंबाला से लेकर उत्तर प्रदेश के बीच बन रहा 122 किलोमीटर लंबा यह हाइवे की लागत 4800 करोड़ रुपये है। जिसके पूरा होने का लक्ष्य मार्च, 2027 रखा है। इस हाइवे को भारतमाला परियोजना के तहत किया जा रहा है। यह साल 2024 में शुरू हुआ था।

    हरियाणा के किन जिलों को फायदा?
    करनाल
    पानीपत
    कुरुक्षेत्र
    यमुनानगर
    अंबाला
    कैथल
    जींद
    रोहतक

    कहां से लेकर कहां तक बना रहा यह हाईवे?
    इस हाइवे का निर्माण अंबाला से शामली के बीच हो रहा है। इस बीच यह छह जिलों से होकर गुजरेगा। हरियाणा के अंबाला के अंतर्गत सोदापुर गांव से इसकी शुरुआत होगी। इसके बाद कुरुक्षेत्र, करनाल और यमुनानगर से होते हुए यह यूपी के सहारनपुर से होकर शामली को जोड़ेगा। खास बात है कि इस पूरे हाइवे पर कोई टोल प्लाजा नहीं होगा। 

    हाइवे से जुड़ी खास बातें…
    हाइवे पर कई स्थानों पर दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॉरिडोर की तर्ज पर रेस्ट एरिया बनाया जाएगा।
    पेट्रोल, सीएनजी पंप, रेस्टोरेंट और शौचालय आदि की सुविधा सुलभ कराई जाएगी।  NHAI बागपत डिवीजन द्वारा शामली से सहारनपुर तक 45 किमी हाइवे का निर्माण कराया जा रहा है। इस हाइवे का 77 किमी का दरमियां अंबाला डिवीजन के अंतर्गत आता है। हाइवे का लगभग 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। मार्च-2027 तक निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा।

  • जाम से मिलेगी राहत, गुरुग्राम-झज्जर कनेक्टिविटी के लिए तैयार हुआ प्लान

    जाम से मिलेगी राहत, गुरुग्राम-झज्जर कनेक्टिविटी के लिए तैयार हुआ प्लान

    गुरुग्राम
    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने गुरुग्राम और झज्जर को जोड़ने के लिए नए हाईवे के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत सलाहकार ने तीन विकल्प तैयार किए हैं। इन्हें मंजूरी के लिए एनएचएआई सचिव की अध्यक्षता में गठित एलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी को भेज दिया है। तीनों में से किसी एक विकल्प की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण की डीपीआर तैयार करवाई जाएगी।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आदेश जारी किए थे कि गुरुग्राम-झज्जर की कनेक्टीविटी को बेहतर किया जाए। गुरुग्राम-पटौदी रोड पर गांव वजीराबाद से झज्जर को जोड़ रही सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाए या नया हाईवे तैयार किया जाए। एनएचएआई ने इस सिलसिले में एक कंपनी को सलाहकार नियुक्त किया था। इस कंपनी ने तीन प्रस्ताव तैयार करके दिए हैं।

    ये हैं तीनों विकल्प
    पहले प्रस्ताव के मुताबिक, वजीरपुर से झज्जर तक जा रही मौजूदा सड़क की चौड़ाई को बढ़ाया जाए। मौजूदा समय में यह सड़क दोनों तरफ से दो-दो लेन की है, जिसे तीन-तीन लेन करने और साथ में दो-दो लेन की सर्विस रोड का निर्माण शामिल है। इस विकल्प के लिए आसपास लगते गांवों की करीब 395 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना होगा। दूसरे विकल्प के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 352डब्ल्यू स्थित गांव हरसरू से झज्जर तक खेतों से होता हुआ नया हाईवे तैयार किया जाए। इसके लिए 494 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। तीसरे विकल्प के तहत गुरुग्राम-पटौदी रोड से गांव वजीरपुर से खेतों से होते हुए झज्जर तक नया हाईवे तैयार करना है। इसके लिए भी करीब 475 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। इन तीनों हाईवे के निर्माण में करीब तीन से चार हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी।

    विकल्प नंबर दो में 400 एकड़ सरकारी जमीन
    विकल्प नंबर दो के तहत नया हाईवे बनाया जाता है तो इसके रास्ते में 400 एकड़ जमीन हरियाणा सरकार की है। इसके अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी। विकल्प नंबर एक में आधा एकड़ और विकल्प नंबर तीन में करीब साढ़े छह एकड़ जमीन हरियाणा सरकार की आ रही है।

    मौजूदा सड़क पर यातायात अधिक, जाम लग रहा
    झज्जर जाने के लिए वाहन चालक या तो वजीरपुर से जाते हैं या धनकोट की तरफ से। गांव वजीरपुर से झज्जर की तरफ वाहनों का आवागमन अधिक है। इस रोड पर यातायात जाम लग जाता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए नया हाईवे तैयार करने या मौजूदा सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की योजना पर विचार किया जा रहा है।

    योगेश तिलक, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, ''गुरुग्राम से वजीरपुर होते हुए झज्जर तक यातायात व्यवस्था बेहतर करने के लिए सलाहकार कंपनी ने तीन विकल्प सुझाव है। इसको लेकर तैयार सर्वे रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। किसी एक विकल्प की मंजूरी मिलने के बाद डीपीआर तैयार करने की दिशा में काम होगा।''