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  • नीरज चोपड़ा के फैंस के लिए बुरी खबर! चोट के चलते एशियाई खेलों से बाहर, 2026 सीजन समाप्त

    नीरज चोपड़ा के फैंस के लिए बुरी खबर! चोट के चलते एशियाई खेलों से बाहर, 2026 सीजन समाप्त

    नई दिल्ली

    ट्रेनिंग के दौरान टखने में लिगामेंट फटने की वजह से नीरज चोपड़ा 2026 सीजन के बाकी हिस्से से बाहर हो गए हैं. इस चोट के कारण दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट एशियन गेम्स और डायमंड लीग फाइनल में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. इससे उनका अभियान समय से पहले ही खत्म हो गया है, जबकि ऐसा लग रहा था कि वे अपनी लय हासिल कर रहे हैं. उन्होंने इस साल के अपने तीसरे कॉम्पिटिटिव इवेंट में 'सीजन का बेस्ट थ्रो' किया था. नीरज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर एशियन गेम्स से बाहर होने की बात कही है. चोपड़ा ने कन्फर्म किया कि चोट के कारण उन्हें और उनकी टीम को अपना सीजन यहीं खत्म करना पड़ा. उन्होंने लिखा,  "दुर्भाग्य से, इसके कुछ समय बाद ही ट्रेनिंग के दौरान मेरे टखने में लिगामेंट फट गया.  अपने डॉक्टर और टीम से बातचीत के बाद, हमने तय किया है कि मैं इस सीजन के बाकी इवेंट्स में हिस्सा नहीं लूंगा। 

    28 साल के चोपड़ा ने चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद जून में दोहा डायमंड लीग में वापसी की थी, जहां उन्होंने 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया था. इसके बाद उन्होंने ग्लासगो में 85.83 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता और फिर लॉजेन में अपने सीजन का बेस्ट थ्रो किया था।

    नीरज चोपड़ा ने पोस्ट शेयर करके दी अपडेट
    चोपड़ा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि लुसाने डायमंड लीग में सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के कुछ ही समय बाद उन्हें चोट लगी। चोपड़ा ने कहा, ''कड़ी मेहनत के बाद मुझे लग रहा था कि मैं आखिरकार अच्छी लय हासिल कर रहा हूं, जिसकी मुझे तलाश थी और लुसाने में मैंने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।''

    उन्होंने कहा, ''दुर्भाग्य से कुछ समय बाद ही अभ्यास के दौरान मेरे टखने के लिगामेंट में चोट लग गई। अपने डॉक्टर और टीम से सलाह मशविरा करने के बाद हमने फैसला किया है कि मैं इस सत्र में आगे नहीं खेल पाऊंगा। यह निराशाजनक है, खासकर इसलिए क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं अपनी लय पाने के करीब था। लेकिन जैसा कि कहते हैं, उतार-चढ़ाव तो जीवन का हिस्सा होते हैं।''

    चोपड़ा ने कहा, ''अब मेरा ध्यान पूरी तरह से फिट होने और पहले से भी अधिक मजबूत होकर वापसी करने पर है।''

    क्या एशियाई खेल से बाहर हुए नीरज चोपड़ा?
    भारत के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने शनिवार को घोषणा की कि अभ्यास के दौरान उनके टखने के लिगामेंट में चोट लग गई है, जिसके कारण वह आगामी एशियाई खेलों में नहीं खेल पाएंगे। उन्होंने बताया कि लुसाने डायमंड लीग में सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के बाद वह चोटिल हुए।

    डायमंड लीग फाइनल के लिए किया था क्वालीफाई
    भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार को ही डायमंड लीग फाइनल 2026 के लिए क्वालिफाई किया था। उन्होंने सीजन के आखिरी एथलेटिक्स मीट के लिए आखिरी जगह हासिल की, जो बेल्जियम में 4 और 5 सितंबर को आयोजित होगा। पूरे सीजन में 12 पॉइंट हासिल करके नीरज चोपड़ा ने छह खिलाड़ियों वाले फाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। पोलैंड के डेविड वेग्नर और जर्मनी के रियो 2016 ओलंपिक चैंपियन थॉमस रोहलर, दोनों ने डायमंड लीग जैवलिन थ्रो स्टैंडिंग में 10-10 पॉइंट हासिल किए।

    वेग्नर ने गुरुवार को ज्यूरिख डायमंड लीग में तीसरा स्थान हासिल करके छह पॉइंट बटोरे, जबकि रोहलर ने आठवें स्थान पर रहकर एक पॉइंट जोड़ा; इस तरह दोनों नीरज से दो पॉइंट पीछे रह गए। इस सीज़न में पुरुषों के जैवलिन थ्रो इवेंट वाले पांच डायमंड लीग मीट में से भारतीय एथलीट ने केवल दो में हिस्सा लिया। जून में दोहा में उन्होंने 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया, और फिर पिछले हफ़्ते लुसाने में अपने सीज़न के सर्वश्रेष्ठ 88.05 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। इन दो प्रदर्शनों से उन्हें क्रमशः पांच और सात पॉइंट मिले, जो अंततः ब्रसेल्स में उनकी जगह पक्की करने के लिए काफ़ी साबित हुए।

    हर डायमंड लीग मीट में, जैवलिन थ्रो में शीर्ष आठ खिलाड़ियों को पॉइंट मिलते हैं; विजेता को आठ और आठवें स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को एक पॉइंट मिलता है। सीरीज़ के अंत में पॉइंट के आधार पर शीर्ष छह खिलाड़ी सीज़न के आखिरी फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करते हैं

     नीरज चोपड़ा ने दी जानकारी
    उन्होंने लिखा- कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार मुझे लगा कि मैं उस लय और गति को हासिल कर रहा हूं, जिसकी मुझे तलाश थी। लॉजेन में सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के बाद मेरा आत्मविश्वास भी बढ़ा था। दुर्भाग्य से इसके कुछ ही समय बाद ट्रेनिंग के दौरान मेरे टखने में लिगामेंट फट गया। डॉक्टर और अपनी टीम के साथ चर्चा के बाद हमने फैसला किया है कि मैं इस सीजन के बाकी मुकाबलों से बाहर रहूंगा। यह निराशाजनक है, खासकर इसलिए क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं अपनी लय हासिल करने के बेहद करीब हूं।

    मजबूत वापसी पर नजरें
    उन्होंने कहा, 'लेकिन जैसा कि कहते हैं, मुश्किलें सफर का हिस्सा होती हैं। अब मेरा पूरा ध्यान अच्छी तरह से स्वस्थ होने और पहले से ज्यादा मजबूत वापसी करने पर है। आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद।' बता दें कि उन्हें डायमंड लीग के खिताबी मुकाबले में 6 सितंबर को उतरना था।

    रोहित यादव पर दारोमदार
    नीरज की अनुपस्थिति में अब 19 सितंबर से शुरू हो रहे एशियन गेम्स के जैवलिन थ्रो इवेंट में भारत की उम्मीदों का पूरा दारोमदार युवा एथलीट रोहित यादव के कंधों पर आ गया है। रोहित ने हाल ही में भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स सिल्वर लेवल कॉन्टिनेंटल टूर में 87.68 मीटर का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंककर स्वर्ण पदक जीता था। ऐसे में नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी में रोहित यादव ही एशियन गेम्स में भारतीय भाला फेंक दल की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरेंगे, जबकि नीरज फिलहाल किसी भी प्रतियोगिता में उतरने के बजाय अपनी रिकवरी पर पूरा ध्यान केंद्रित करेंगे।

    पिछले दो इवेंट में ऐसा रहा प्रदर्शन
    नीरज चोपड़ा ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उन्होंने 85.83 मीटर का थ्रो फेंककर सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। इसके बाद 22 अगस्त 2026 को लुसाने डायमंड लीग में नीरज ने अपने प्रदर्शन में और सुधार करते हुए 88.05 मीटर का इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और दूसरा स्थान हासिल किया। हालांकि, टॉप स्थान हासिल करने वाले श्रीलंका के रुमेश पथिरागे से वे महज 9 सेंटीमीटर (88.14m) के मामूली अंतर से पीछे रह गए थे।

     

  • नीरज चोपड़ा ने खुद दी बुरी खबर, लिगामेंट चोट के बाद पूरे सीजन से हुए बाहर

    नीरज चोपड़ा ने खुद दी बुरी खबर, लिगामेंट चोट के बाद पूरे सीजन से हुए बाहर

    नई दिल्ली
    अगले महीने से जापान में खेले जाने वाले एशियाई खेलों से पहले भारत को बड़ा झटका लगा है। इन खेलों में देश की पदक की सबसे बड़ी उम्मीदों में से एक भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा बाहर हो गए हैं। नीरज चोपड़ा चोट के कारण इन खेलों में नहीं खेल पाएंगे। नीरज चोपड़ा ने शनिवार को खुद इंस्टाग्राम के जरिए इस बात की जानकारी दी है।

    नीरज ने बताया है कि लिगामेंट की चोट के कारण वह एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। उन्होंने डॉक्टर और टीम के साथ मिलकर सलाह करने के बाद ये फैसला किया है।

    ट्रेनिंग के दौरान लगी चोट
    चोपड़ा ने लुसाने डायमंड लीग में अच्छा प्रदर्शन किया था जिससे काफी उम्मीद जगी थी। उन्होंने यहां अपनी सीजन की बेस्ट थ्रो की थी। आज नीरज ने जो पोस्ट किया है उसमें उन्होंने चोट की बात कही है। उन्होंने लिखा, "काफी मेहनत के बाद। लुसाने में अपनी सीजन की बेस्ट थ्रो करने के बाद मुझे लग रहा था कि मैं लय हासिल कर रहा हूं। दुर्भाग्यवश, इसके बाद मुझे ट्रेनिंग के दौरान टखने में लिगामेंट टीयर हुआ। अपने डॉक्टर और टीम के साथ बात करने के बाद हमने फैसला किया है कि मैं पूरे सीजन बाहर ही रहूंगा।"

    उन्होंने लिखा, "ये निराशाजनक है क्योंकि मैं अपनी लय को हासिल करने के काफी करीब महसूस कर रहा था। जैसा कहा जाता है, कुछ दुख सफर का हिस्सा होते हैं। मेरा फोकस इस समय रिकवर करने और मजबूती से वापसी करने पर है। आपके प्यार और सपोर्ट के लिए शुक्रिया।"

    सीजन हुआ खत्म
    नीरज की इस पोस्ट के साथ ही ये साफ हो गया है कि उनका सीजन भी इसी के साथ खत्म हो गया। नीरज हाल के दौर में अपना बेस्ट नहीं दे पा रहे थे। ग्लास्गो में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स में उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद थी, लेकिन वह सिल्वर ही जीत सके थे। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज का बाहर होना एशियाई खेलों में भारत का एक पदक छिन जाना है। उम्मीद होगी कि नीरज जल्दी वापसी करेंगे।

     

  • नीरज चोपड़ा का दमदार प्रदर्शन, कम प्रतियोगिताओं के बावजूद डायमंड लीग फाइनल का टिकट पक्का

    नीरज चोपड़ा का दमदार प्रदर्शन, कम प्रतियोगिताओं के बावजूद डायमंड लीग फाइनल का टिकट पक्का

     ब्रुसेल्स

    दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है. नीरज ने सीजन की पांच में से सिर्फ दो मीटिंग में हिस्सा लिया, इसके बावजूद वह छह खिलाड़ियों वाले फाइनल में जगह बनाने में सफल रहे. ज्यूरिख डायमंड लीग में नहीं उतरने के बाद भी उनके 12 अंक उन्हें क्वालिफिकेशन में छठे स्थान पर रखने के लिए पर्याप्त रहे. डायमंड लीग फाइनल 4 और 5 सितंबर को ब्रुसेल्स में आयोजित होगा. नीरज के लिए खिताबी मुकाबला एशियन गेम्स से पहले खुद को परखने का अहम मौका होगा। 

    हर डायमंड लीग मीटिंग के दौरान मेन्स जैवलिन थ्रो स्पर्धा में शीर्ष आठ खिलाड़ियों को अंक दिए जाते हैं. विजेता को आठ अंक मिलते हैं, जबकि आठवें स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को एक अंक मिलता है. क्वालिफिकेशन सीरीज खत्म होने के बाद सबसे ज्यादा अंक हासिल करने वाले छह एथलीट फाइनल के लिए क्वालिफाई करते हैं। 

    नीरज चोपड़ा ने इस सीजन में दो मीटिंग में हिस्सा लिया. उन्होंने दोहा डायमंड लीग में 85.69 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया था. इसके बाद लुसाने में उनका प्रदर्शन और बेहतर रहा, जहां 88.05 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के साथ नीरज दूसरे स्थान पर रहे। 

    ज्यूरिख डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी के बीच श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिरगे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 92.07 मीटर का विशाल थ्रो किया. यह उनके करियर का दूसरा सबसे लंबा थ्रो रहा. इससे पहले उन्होंने जून में रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का थ्रो किया था। 

    ज्यूरिख में रुमेश पथिरागे ने दूसरे प्रयास में 88.23 मीटर, तीसरे प्रयास में 89.90 मीटर और आखिरी प्रयास में 92.07 मीटर का थ्रो किया. इस शानदार प्रदर्शन के साथ वह क्वालिफिकेशन तालिका में 39 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहे. एंडरसन पीटर्स ने ज्यूरिख में 86.93 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि पोलैंड के डेविड वेगनर 85.16 मीटर के साथ तीसरे नंबर पर रहे। 

    फाइनल के लिए क्वालिफाई करने वाले जैवलिन थ्रोअर
    रुमेश थरंगा पथिरागे (श्रीलंका)- 39 अंक
    एंडरसन पीटर्स (ग्रेनाडा)- 35 अंक
    केशोर्न वाल्कॉट (त्रिनिदाद एंड टोबैगो)- 23 अंक
    कर्टिस थॉम्पसन (यूएसए)- 20 अंक
    जूलियस येगो (केन्या)- 13 अंक
    नीरज चोपड़ा (भारत)- 12 अंक

    2026 में रुमेश पथिरागे का प्रदर्शन शानदार रहा है. वह इस सीजन में पांच डायमंड लीग मीटिंग में उतरे और चार में जीत दर्ज की. सिर्फ रबात में वह दूसरे स्थान पर रहे थे. उनके नाम इस साल 90 मीटर से ज्यादा के दो थ्रो और 88 मीटर से ज्यादा के सात थ्रो हैं. 23 वर्षीय श्रीलंकाई एथलीट की निरंतरता उन्हें ब्रुसेल्स फाइनल में सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल करती है। 

    इस बीच भारत के रोहित यादव ने भुवनेश्वर में कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में 87.68 मीटर का थ्रो करके अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. उन्होंने इस साल किसी डायमंड लीग मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन एशियन गेम्स में उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। 

  • आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए भारत तैयार, नीरज समेत 73 एथलीट दिखाएंगे दम

    आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए भारत तैयार, नीरज समेत 73 एथलीट दिखाएंगे दम

     नई दिल्ली
     राष्ट्रमंडल खेलों का रोमांच खत्म होने के बाद अब खेल प्रेमियों पर एशियाई खेलों का रंग चढ़ने वाला है। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से एशियाई खेल 2026 का आगाज होगा, जो चार अक्टूबर तक चलेंगे।

    खेल मंत्रालय ने इन खेलों के लिए 492 सदस्यीय भारतीय दल को मंजूरी दी है। इसमें 73 एथलीट शामिल हैं, जो भारत का सबसे बड़ा दल है। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा एशियाई खेलों में भारतीय एथलेटिक्स टीम की अगुआई करेंगे। वह पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर खिताबी हैट्रिक पूरी करने के इरादे से उतरेंगे।

    भारतीय एथलेटिक्स दल में हांगझोउ एशियाई खेलों के 16 पदक विजेताओं को शामिल किया गया है, जिनमें पांच व्यक्तिगत चैंपियन अपने खिताब का बचाव करेंगे। टीम में हांगझोउ 2023 के स्वर्ण पदक विजेता अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी भी शामिल हैं, जो एशियाई खेलों में अपने-अपने खिताब बरकरार रखने के लक्ष्य के साथ उतरेंगे।

    साबले की वापसी
    हांगझोउ में पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीतने वाले अविनाश साबले चोट से प्रभावित दौर के बाद वापसी करेंगे। तजिंदरपाल सिंह तूर पुरुषों की शॉटपुट स्पर्धा में लगातार तीसरा एशियाई खेल स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य से उतरेंगे। वहीं, पारुल चौधरी 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज की तीन स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगी। हांगझोउ में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पुरुष 4×400 मीटर रिले टीम के सदस्य राजेश रमेश को भी टीम में जगह मिली है।

    हांगझोउ के अन्य पदक विजेताओं में ज्योति याराजी, मुरली श्रीशंकर, तेजस्विन शंकर, गुलवीर सिंह, मोहम्मद अफजल, एंसी सोजन, प्रवीण चित्रवेल और विथ्या रामराज शामिल हैं। तेजस शिरसे को भी पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ के लिए चुना गया है। उन्हें ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान बाएं पैर में दो स्ट्रेस फ्रैक्चर हुए थे। भारत की नजर एथलेटिक्स में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखने पर होगी।

    हांगझोउ में भारत का ऐसा रहा था प्रदर्शन
    हांगझोउ 2023 में भारत ने एथलेटिक्स में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 29 पदक जीते थे, जिसमें छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य पदक शामिल थे।

    भारतीय एथलेटिक्स टीम के प्रमुख खिलाड़ी
    पुरुष वर्ग: गुरिंदरवीर सिंह (100 मीटर), अनीमेश कुजूर (100 मीटर, 200 मीटर, मिक्स्ड 4×100 मीटर रिले), गुलवीर सिंह (1500 मीटर, 5000 मीटर, 10,000 मीटर), सावन बरवाल (मैराथन), तेजस शिरसे (110 मीटर बाधा दौड़), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), सर्वेश कुशारे (हाई जंप), कुलदीप कुमार (पोल वाल्ट), मुरली श्रीशंकर (लांग जंप), तजिंदरपाल सिंह तूर (शाटपुट), नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), तेजस्विन शंकर (डेकाथलान)।

     

  • नीरज चोपड़ा ने बढ़ाया देश का मान, रजत पदक जीतने पर CM नायब सिंह सैनी ने दी बधाई

    नीरज चोपड़ा ने बढ़ाया देश का मान, रजत पदक जीतने पर CM नायब सिंह सैनी ने दी बधाई

    चंडीगढ़.

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों, विशेषकर हरियाणा के लाल और लाडलियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने जेवलिन थ्रो (भाला फेंक) स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश के लिए रजत पदक अपने नाम किया है।

    उनकी इस उपलब्धि पर पूरे देश के साथ-साथ प्रदेश में खुशी की लहर है। सीएम नायब सैनी ने भी नीरज को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने नीरज चोपड़ा को बधाई देते हुए कहा कि नीरज ने एक बार फिर अपने शानदार खेल से पूरे विश्व में हरियाणा और भारत का नाम रोशन किया है।

    मुक्केबाजी रिंग में छाया हरियाणा
    वहीं, कॉमनवेल्थ गेम्स में आज का दिन भारतीय मुक्केबाजी के लिए बेहद ऐतिहासिक रहने वाला है। विभिन्न भार वर्गों के फाइनल मुकाबलों में आज देश के कुल 10 मुक्केबाज रिंग में उतरेंगे। गर्व की बात यह है कि फाइनल में पहुंचे इन 10 मुक्केबाजों में से 7 खिलाड़ी हरियाणा के हैं।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दीं शुभकामनाएं
    खिलाड़ियों के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी फाइनल में पहुंचे खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान ऊंचा किया –
    हरियाणा के खिलाड़ियों ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान ऊंचा किया है। आप सभी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश की पदक तालिका को और भी ऊपर लेकर जाएं, यही हमारी कामना है।
    – नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री (हरियाणा)