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  • लंदन में पंजाबी सिख युवती ने मुस्लिम युवक से की शादी, धर्म परिवर्तन के दावे से मचा विवाद

    लंदन में पंजाबी सिख युवती ने मुस्लिम युवक से की शादी, धर्म परिवर्तन के दावे से मचा विवाद

    अमृतसर 
    अमृतसर की रहने वाली सिख युवती को ग्रूम कर मुस्लिम बना दिया गया। वह करीब 2 साल पहले पढ़ाई के लिए गई लंदन गई थी। अब वह पिछले 1 महीने से अपने माता-पिता को फोन नहीं कर रही थी। जब परिवार को शक हुआ तो सिख कम्युनिटी के लोगों से संपर्क किया।

    दोस्तों ने जब ढूंढ़ा तो युवती मुस्लिम के घर मिली। सिख समुदाय के लोगों ने दरवाजा खटखटाया तो पूछा कि कमलप्रीत कौर यहीं रहती है। इस पर मुस्लिम महिला ने उसे आइरा कहकर आवाज दी जिससे कंफर्म हो गया कि वह मुस्लिम बन चुकी है।

    युवती से जब पूछा गया कि तुम पिता का फोन क्यों नहीं उठा रही और बात क्यों नहीं कर रही तो उसका सीधा जवाब था कि आप फोन कर बता दो। मैं भी बता दूंगी मुझे कोई समस्या नहीं है।

    र्मिक प्रतीकों को त्यागने पर परिजनों को हुआ शक
    एक पंजाबी समाचार चैनल से बातचीत में पीड़ित परिवार ने अपना दर्द बयां करते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। युवती की मां के अनुसार, अमृतधारी होने के बावजूद उनकी बेटी ने अचानक गुरुद्वारे जाना और रोजाना का नितनेम (पाठ-पूजा) बंद कर दिया था। जब परिवार ने उसे समझाने का प्रयास किया, तो उसने धार्मिक परंपराओं पर सवाल उठाने शुरू कर दिए और उसका व्यवहार अचानक चिड़चिड़ा व आक्रामक होने लगा। बाद में परिजनों को पता चला कि वह एक पाकिस्तानी मूल के युवक के संपर्क में थी। परिवार की लाख कोशिशों और समझाइश के बावजूद युवती घर छोड़कर चली गई और कड़ा व सिरी साहिब जैसे पवित्र धार्मिक प्रतीकों को उतार दिया। अब लाचार माता-पिता ने समुदाय और प्रशासन से अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है।

    पश्चिमी देशों में सिर उठा रहा ग्रूमिंग गैंग का नेटवर्क
    ब्रिटेन समेत कई पश्चिमी देशों में सक्रिय ग्रूमिंग नेटवर्क को लेकर लंबे समय से गंभीर सवाल उठते रहे हैं। सामाजिक संगठनों और विश्लेषकों के अनुसार, ये गिरोह सोची-समझी रणनीति के तहत अन्य समुदायों की नाबालिग बच्चियों और कम उम्र की युवतियों को झूठे प्रेमजाल में फंसाते हैं। इसके बाद उनका भावनात्मक और शारीरिक शोषण कर उन्हें अपना मूल धर्म छोड़ने और इस्लाम कबूल करने के लिए विवश किया जाता है। स्थानीय स्तर पर ऐसी कई घटनाएं पहले भी दर्ज हो चुकी हैं, जिन पर ब्रिटिश संसद से लेकर मानवाधिकार मंचों तक बहस हो चुकी है।

    नाबालिगों को निशाना बनाए जाने से बढ़ा आक्रोश
    ब्रिटेन में इस तरह के गिरोहों की सक्रियता ने सिख समुदाय को गहरे संकट में डाल दिया है। इससे पहले लंदन के हाउसलो इलाके में भी 14 वर्षीय एक मासूम सिख बच्ची को बहला-फुसलाकर अगवा करने और एक फ्लैट में बंधक बनाकर प्रताड़ित करने का जघन्य मामला सामने आया था। उस घटना के बाद भी पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों की सुस्त कार्यप्रणाली को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे। अब ताजी घटना के बाद प्रवासी समुदाय ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से इन संगठित गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।

    लड़की के पिता ने बताया कैसे बेटी को फंसाया..

        मुस्लिम ट्रैक्सी ड्राइवर से ड्राइविंग सीखने लगी: अमृतसर के अमृतधारी सिख परिवार की लड़की कमलप्रीत कौर करीब 2 साल पहले पढ़ाई के लिए लंदन गई थी। वहां ड्राइविंग सीखने के दौरान 6 महीने पहले वह पाकिस्तानी मूल के एक मुस्लिम ड्राइविंग टीचर के संपर्क में आ गई। परिजनों का आरोप है कि उस व्यक्ति ने लड़की का ब्रेनवॉश करके उसे अपने जाल में फंसा लिया और उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया।

        आरोपी पहले से कर चुका दो शादियां: पीड़ित परिवार के अनुसार, आरोपी पहले से ही दो शादियां कर चुका है। उसने लड़की को उसके परिवार से पूरी तरह से अलग कर दिया है और उसका नाम बदलकर आइरा रख दिया है। लड़की ने पिछले एक महीने से अपने माता-पिता के फोन उठाने बंद कर दिए हैं, जिससे चिंतित होकर परिजनों ने मीडिया और सिख समुदाय से मदद की गुहार लगाई।

        बेटी धार्मिक थी और नितनेम करती थी: लड़की के पिता ने बताया कि उनकी बेटी पहले बहुत धार्मिक थी और नियमित रूप से पाठ व सेवा करती थी। आरोपी ने उसका मानसिक रूप से धर्मांतरण कराकर उसकी धार्मिक पहचान को दूर कर दिया है। पिता को आशंका है कि उनकी बेटी का शोषण किया जा सकता है या उसे किसी गलत हाथों में बेचा जा सकता है, इसलिए वे बहुत टेंशन में हैं।

        बेटी को मुस्लिम के चंगुल से छुड़ाया जाए: पीड़ित परिवार ने केंद्र सरकार, ब्रिटेन की सिख संस्थाओं और स्थानीय गुरुद्वारा कमेटियों से अपील की है कि वे एकजुट होकर उनकी बेटी को सुरक्षित बाहर निकालें। उन्होंने मांग की है कि लड़की को आरोपी के चंगुल से आजाद कराकर जल्द से जल्द भारत वापस भेजा जाए ताकि उसको फिर से सिखी के साथ जोड़ा जा सके।

  • ब्रिटेन में पानी की किल्लत! वजू में पानी बर्बाद न करने और चावल सिर्फ 2 बार धोने की सलाह

    ब्रिटेन में पानी की किल्लत! वजू में पानी बर्बाद न करने और चावल सिर्फ 2 बार धोने की सलाह

    लंदन 

     इंग्लैंड में पानी की कमी अब इतनी बढ़ गई है कि सरकार और पानी की कंपनियां लोगों की आदतों में भी बदलाव की अपील कर रही हैं. इसी कड़ी में दक्षिण एशियाई यानी देसी परिवारों से कहा गया है कि वे चावल को 5-7 बार धोने के बजाय सिर्फ दो बार पानी से साफ करें. दावा है कि इससे हर बार चावल बनाते समय करीब 5 लीटर पानी बचाया जा सकता है. इस कैंपेन पर करीब 2.7 लाख पाउंड खर्च किए जा रहे हैं. इसका मकसद अलग-अलग समुदायों के लोगों को पानी बचाने के आसान तरीके बताना है. इसी के साथ मुस्लिम समुदाय के लोगों को नमाज से पहले किए जाने वाले वजू में भी कम पानी इस्तेमाल की बात कही गई है. लेकिन अब इस पैसे और इस मुहिम को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। 

    चावल धोने की आदत पर क्यों नजर?
    इंग्लैंड के कई हिस्से इस समय सूखे की मार झेल रहे हैं. कई इलाकों में नदियों और जलाशयों का पानी कम हो रहा है. ऐसे में पानी की कंपनियां घरों में पानी की खपत कम करने के तरीके बता रही हैं. मुहिम में कहा गया है कि कुछ दक्षिण एशिया परिवार कच्चे चावल को 5 से 7 बार बहते पानी में धोते हैं. पानी साफ होने तक चावल धोने की इस आदत को कम करने की सलाह दी गई है. लोगों से कहा गया कि चावल को सिर्फ दो बार धोने से हर बार करीब 5 लीटर पानी बच सकता है. चावल धोने के बाद बचे पानी को फेंकने के बजाय पौधों में डालने का सुझाव भी दिया गया है। 

    मुस्लिमों को खास निर्देश
    इस मुहिम में मुस्लिम समुदाय को भी शामिल किया गया है. कैंब्रिज सेंट्रल मस्जिद के साथ मिलकर लोगों को वुजू के दौरान पानी बचाने का तरीका बताया जा रहा है. लोगों से कहा गया है कि नल खुला छोड़कर वुजू करने के बजाय एक लीटर का जग इस्तेमाल करें. अभियान के मुताबिक, लगातार नल चलाकर वुजू करने में एक बार में करीब 6 से 12 लीटर पानी खर्च हो सकता है। 

    खर्च पर उठे सवाल
    इस मुहिम को लेकर कुछ नेताओं और लोगों ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जब लोगों के पानी के बिल बढ़ रहे हैं, तब ऐसी योजनाओं पर इतना पैसा खर्च करना कितना सही है? कंजर्वेटिव नेता माइक वुड ने भी इस खर्च की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि बढ़ते पानी के बिल भरने वाले परिवार इस तरह की योजना देखकर खुश नहीं होंगे. कुछ लोगों का यह भी कहना है कि पानी बचाने के लिए पहले ब्रिटेन की पुरानी पाइपलाइनों को ठीक किया जाना चाहिए। 

  • प्यार की राह में धर्म बदला, मुस्लिम युवती मिस्बा अहमद ने हिंदू युवक के लिए अपनाया नया नाम मनीषा

    प्यार की राह में धर्म बदला, मुस्लिम युवती मिस्बा अहमद ने हिंदू युवक के लिए अपनाया नया नाम मनीषा

    लुधियान 
    कहते हैं कि मोहब्बत न तो जाति देखती है और न ही धर्म। सच्ची मोहब्बत करने वाले सामाजिक और परिवार की बेड़ियों को भी तोड़ देते हैं। कुछ ऐसा ही मामला यूपी के अलीगढ़ से सामने आया है। यहां पंजाब के लुधियाना की एक युवती ने अलीगढ़ के हिंदू युवक की मोहब्बत में अपना धर्म परिवर्तन कर लिया है। मिस्बा अहमद से मनीषा बनी युवती ने अलीगढ़ में अपने धर्म परिवर्तन का प्रार्थना पत्र दिया है। मामला जिले में उत्तर प्रदेश विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज किया गया पहला केस है।

    पंजाब के लुधियान आजाद नगर खन्ना निवासी मिस्बा अहमद ने एक धर्म से दूसरे धर्म में आशायित संपरिवर्तन के संबंध में यूपी विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड प्रार्थना पत्र प्रशासन को दिया है। जिसमें मिस्बा ने स्वेच्छा से मुस्लिम से हिन्दू धर्म परिवर्तन करने की जानकारी दी गई है। युवती ने पिछले दिनों हिन्दू धर्म में वापिसी का शपथ पत्र दिया और प्रयागराज में एक धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर धर्म परिवर्तन भी कर लिया। मिस्बा अब मनीषा के नाम से पहचानी जाएगी। टप्पल निवासी युवक की मोहब्बत में मिस्बा ने ऐसा किया। टप्पल के गांव बैना निवासी युवक के परिजन धर्म परिवर्तन के साक्षी बने। अब धर्म परिवर्तन को विधिवत रजिस्टर्ड किया जाएगा। प्रशासन इस मामले की कार्रवाई में तैयारी शुरू कर दी है।
    2020 में लागू हुआ था अधिनियम

    यूपी विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम 27 नवंबर 2020 को उत्तर प्रदेश में लागू हुआ था। अधिनियम के तहत जबरन धर्म परिवर्तन करने वालों पर सख्त कार्यवाही का भी प्रावधान है।
    धर्म परिवर्तन की कानूनी प्रक्रिया

    नोटरीकृत हलफनामा तैयार किया जाता है जिसमें नाम, पुराना पता, पुराना धर्म, और नया धर्म दर्ज हो। धर्म परिवर्तन केवल अपनी मर्जी से होना चाहिए। लालच, जबरदस्ती, या विवाह के बहाने (केवल शादी के लिए) किया गया धर्मांतरण गैरकानूनी है। यदि प्रशासन को लगता है कि जबरन धर्म परिवर्तन हुआ है, तो पुलिस जांच की जा सकती है। जबरन या अवैध तरीके से धर्मांतरण के मामलों में 1 से 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है।
    एक सप्ताह पहले संभल में युवती ने बदला था धर्म

    एक सप्ताह पहले संभल में इसी तरह का मामला सामने आया था। यहां एक युवती हिंदू प्रेमी के लिए घर वालों से बाग बन गई थी। परिवार वालों की मर्जी न होने के बाद उसने धर्म परिवर्तन करके हिंदू युवक से शादी कर ली थी। यही नहीं उसने अपना नाम भी बदल लिया था। हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के नवाड़ा गांव निवासी समरीन और अंकित एक ही स्कूल में पढ़ते थे। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। शादी करने के लिए तैयार नहीं हुए तो 27 जनवरी को समरीन घर छोड़कर अंकित के घर पहुंची और उसके साथ रहने की इच्छा जताई। समरीन के घर से जाने पर उसकी मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और अदालत में पेश किया। अदालत में दोनों ने खुद को बालिग बताया। समरीन ने स्पष्ट कहा कि वह अपनी इच्छा से अंकित के साथ रहना और विवाह करना चाहती है। 2 फरवरी को बयान दर्ज होने के बाद सीडब्ल्यूसी ने युवती को अंकित के सुपुर्द करने का आदेश दिया। सीडब्ल्यूसी के आदेश के बाद दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। विवाह के उपरांत समरीन ने हिंदू धर्म अपनाते हुए अपना नाम रूही रख लिया। अंकित के परिवार ने उसे स्वीकार कर लिया है।