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  • CM का बड़ा प्रशासनिक कदम, जन विश्वास पोर्टल पर एक महीने में 5.64 लाख शिकायतें हल; कलेक्टरों की साप्ताहिक रिपोर्ट जरूरी

    CM का बड़ा प्रशासनिक कदम, जन विश्वास पोर्टल पर एक महीने में 5.64 लाख शिकायतें हल; कलेक्टरों की साप्ताहिक रिपोर्ट जरूरी

    भोपाल 
    प्रदेश में जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और अधिकारियों की मैदानी सक्रियता की निगरानी के लिए शुरू किए गए जन विश्वास अभियान के तहत अब जिलों की गतिविधियों और उपलब्धियों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज होगा।

    इसके लिए मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान पोर्टल शुरू किया गया है। सीएम डॉ मोहन यादव ने आज मंत्रालय में इस पोर्टल को लॉन्च किया। इस अभियान की शुरुआत 7 अगस्त 2026 को हुई थी और अब तक चार सप्ताह पूरे हो चुके हैं।

    एक महीने में 5.64 लाख शिकायतों का समाधान
    अभियान के पहले महीने में 5 लाख 64 हजार से अधिक सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण किया गया है। वहीं, लोक सेवा गारंटी के तहत दर्ज 8 लाख 6 हजार से अधिक आवेदनों का भी निराकरण किया जा चुका है। अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक सप्ताह में एक दिन फील्ड में जाकर जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं।

    हर सोमवार पोर्टल पर अपडेट होगी जिले की रिपोर्ट
    पोर्टल पर जिलों से हर सप्ताह अभियान के दौरान किए गए कामों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें अधिकारियों के भ्रमण, निरीक्षण, जनसंवाद, उद्यम संवाद, यशस्वी संवाद और मीडिया संवाद के साथ जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों की जानकारी भी शामिल होगी। इसके अलावा नीतिगत विषय, अभियान के दौरान दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश, जिले के प्रमुख नवाचार और राज्य सरकार को भेजे जाने वाले प्रमुख सुझाव भी पोर्टल पर दर्ज किए जाएंगे।

    संभागायुक्त करेंगे नियमित मॉनिटरिंग
    अभियान के दौरान शुक्रवार तक किए गए कार्यों की जानकारी संबंधित जिला कलेक्टर को अगले सोमवार तक अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। संभागायुक्त इसकी नियमित मॉनिटरिंग करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक सोमवार को जिलों की पूरी जानकारी अपलोड हो गई है।

    विभागों को भी मिलेगी निगरानी की जिम्मेदारी
    पोर्टल की मॉनिटरिंग के लिए सभी विभागों को लॉगिन आईडी दी जा रही हैं। कलेक्टरों द्वारा हर सप्ताह दर्ज की जाने वाली जानकारी की उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा होगी। इसके जरिए जिलों से जुड़े ऐसे मामलों को चिह्नित किया जाएगा, जिनके निराकरण के लिए राज्य स्तर पर समन्वय की जरूरत है।

    पोर्टल पर क्या-क्या दर्ज होगा

    भ्रमण से लेकर नवाचार तक का रिकॉर्ड
    जन विश्वास पोर्टल पर जिलों की गतिविधियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसमें अधिकारियों के भ्रमण, निरीक्षण, जनसंवाद, उद्यम संवाद, यशस्वी संवाद, इंफ्लुएंसर संवाद और जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की जानकारी दर्ज होगी। इसके अलावा नीतिगत एवं राज्य स्तरीय विषय, महत्वपूर्ण निर्देश, प्रमुख सुझाव और ऐसे नवाचार भी दर्ज किए जाएंगे, जिन्हें दूसरे जिले अपना सकें।

    हर गतिविधि की फोटो अपलोड करना जरूरी
    पोर्टल पर दर्ज की जाने वाली गतिविधियों के साथ उसका फोटो भी अपलोड करना होगा। यूजर मैनुअल के अनुसार फोटो अधिकतम 1 एमबी का होना चाहिए और JPG, JPEG या PNG फॉर्मेट में स्वीकार किया जाएगा। फोटो ऐसी होनी चाहिए, जिससे पूरी गतिविधि का प्रतिनिधित्व हो सके। यह व्यवस्था भ्रमण, निरीक्षण, जनसंवाद, उद्यम संवाद, यशस्वी संवाद और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के लिए दी गई है।

    700 शब्दों में बताना होगा पूरा काम
    भ्रमण, निरीक्षण, जनसंवाद, उद्यम संवाद, यशस्वी संवाद और इंफ्लुएंसर संवाद की पूरी कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण पोर्टल पर दर्ज करना होगा। इसके साथ बैठक या संवाद के दौरान दिए गए प्रमुख निर्देश और सुझाव बिंदुवार दर्ज किए जाएंगे। इनका विवरण अधिकतम 700 शब्दों में दिया जा सकेगा।

    कितने लोग आए, कहां हुआ संवाद और क्या शिकायत मिली
    जनसंवाद के लिए पोर्टल पर गतिविधि की तारीख और नेतृत्व करने वाले अधिकारी का नाम दर्ज करना होगा। इसके बाद संवाद का स्थान, कार्यक्रम में शामिल नागरिकों की अनुमानित संख्या और उनकी समस्या/शिकायत का विवरण दर्ज किया जाएगा। पूरी कार्रवाई और प्रमुख निर्देश-सुझाव भी अपलोड करने होंगे।

    सरकार का फोकस सिर्फ आम जनता तक सीमित नहीं
    पोर्टल में उद्यम संवाद और इंफ्लुएंसर संवाद के लिए भी अलग मॉड्यूल रखा गया है। उद्यम संवाद में शामिल उद्यमियों की अनुमानित संख्या, स्थान और पूरी कार्रवाई का विवरण दर्ज होगा। वहीं इंफ्लुएंसर संवाद में उपस्थित इंफ्लुएंसर्स की संख्या, कार्यक्रम का स्थान और पूरी कार्रवाई दर्ज की जाएगी। दोनों गतिविधियों में प्रमुख निर्देश-सुझाव और फोटो अपलोड करने की व्यवस्था है।

    दूसरे जिलों में लागू हो सकने वाले नवाचार भी दर्ज होंगे
    पोर्टल पर अभियान के दौरान मिले प्रमुख सुझावों के साथ जिले के ऐसे महत्वपूर्ण नवाचारों की जानकारी बुलेट पॉइंट में दर्ज की जाएगी, जिन्हें दूसरे जिले भी अपना सकें। इससे जन विश्वास अभियान के तहत अलग-अलग जिलों में किए जा रहे प्रयोगों और बेहतर कामों को साझा करने का आधार तैयार होगा।

  • प्रतिभा को तकनीक से जोड़कर मेधावियों के सपनों को नई उड़ान दे रही MP सरकार: CM डॉ. यादव

    प्रतिभा को तकनीक से जोड़कर मेधावियों के सपनों को नई उड़ान दे रही MP सरकार: CM डॉ. यादव

    सफलता में रहें विनम्र और असफलता से सीखकर आगे बढ़ें विद्यार्थी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रतिभा को तकनीक से जोड़कर मेधावी विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने लगभग 1.22 लाख विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप के लिए 304.98 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की
    प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को मिली 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
    शिक्षक मूर्तिकार की तरह विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा को तराशते हैं
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम को किया संबोधित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थी की वास्तविक सफलता केवल अच्छे अंक अथवा प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में नहीं, बल्कि उसके संस्कार, विनम्रता, अनुशासन और व्यक्तित्व में निहित होती है। विद्यार्थी सफलता से उत्साहित हों, लेकिन अपने भीतर अहंकार नहीं आने दें। असफलता से निराश होने के बजाय उसके कारणों को समझें और उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाएँ। मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी ही कभी हारता और कभी जीतता है। जीतने का सपना देखने और चुनौतियों का सामना करने का साहस रखने वाला ही सच्चा खिलाड़ी कहलाता है। संघर्षों से बचने वाले जीवन में कभी सफल नहीं होते। जीवन में कठिनाइयों और चुनौतियों से घबराने की आवश्यकता नहीं है। सफलता संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प से प्राप्त होती है। परमात्मा ने प्रत्येक व्यक्ति को सीमित और मूल्यवान समय दिया है। विद्यार्थी इसका सदुपयोग करते हुए पूरी ईमानदारी से अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें। आज किया गया परिश्रम ही कल की बड़ी सफलता का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के राशि अंतरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के लगभग एक लाख 22 हजार मेधावी विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है।

    लैपटॉप ज्ञान और संभावनाओं का प्रवेश-द्वार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से कहा कि लैपटॉप केवल एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और भविष्य की नई संभावनाओं का प्रवेश-द्वार है। विद्यार्थी इसका उपयोग ऑनलाइन अध्ययन, डिजिटल पाठ्य सामग्री, ई-लाइब्रेरी, शोध तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करें। तकनीक के माध्यम से अपने ज्ञान का विस्तार करते हुए विद्यार्थी अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर कोई न कोई विशिष्ट प्रतिभा अवश्य होती है। जिस प्रकार मूर्तिकार पत्थर के भीतर छिपी मूर्ति को पहचानकर अनावश्यक हिस्सों को हटाता है, उसी प्रकार शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उनके व्यक्तित्व को तराशते हैं। विद्यार्थियों की सफलता में उनके माता-पिता और शिक्षकों के त्याग, परिश्रम एवं मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

    शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बढ़ाया प्रदेश का गौरव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थी निरंतर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित कर रहे हैं। मेरिट सूची में शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी शिक्षकों की मेहनत और शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तक, गणवेश, साइकिल, स्कूटी, छात्रवृत्ति और लैपटॉप जैसी सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के सपनों की राह में बाधा न बने। प्रदेश का प्रत्येक बच्चा अपनी योग्यता के आधार पर डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, वैज्ञानिक, अधिकारी, उद्यमी अथवा अपनी पसंद के किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़े।

    शिक्षा के लिए बजट में व्यापक प्रावधान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को प्रदेश के भविष्य में निवेश मानती है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 36 हजार 730 करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा विभाग के लिए 4 हजार 247 करोड़ रुपये तथा तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के लिए 2 हजार 932 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में स्कूल, महाविद्यालय, तकनीकी शिक्षण संस्थान और चिकित्सा महाविद्यालयों का विस्तार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा की सीटों में निरंतर वृद्धि से प्रदेश के विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिल रहे हैं। युवाओं के लिए शासकीय भर्तियों की प्रक्रिया भी निरंतर और पारदर्शी रूप से संचालित की जा रही है।

    द्वितीय बोर्ड परीक्षा से मिला सुधार का नया अवसर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले बोर्ड परीक्षा में अपेक्षित परिणाम नहीं आने पर विद्यार्थियों का पूरा वर्ष प्रभावित हो जाता था। विद्यार्थियों के हित में अब कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में द्वितीय मुख्य परीक्षा का अवसर उपलब्ध कराया गया है। इससे विद्यार्थी अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं और असफल होने पर भी बिना वर्ष गँवाए पुनः प्रयास कर सकते हैं। यह व्यवस्था विद्यार्थियों को निराशा से बचाकर आगे बढ़ने का नया अवसर प्रदान करती है।

    शिक्षा और विद्यार्थियों को सर्वोच्च प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्ववर्ती सरकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में प्रदेश में शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों का अपेक्षित विस्तार नहीं हो सका। वर्तमान राज्य सरकार ने विद्यालयी शिक्षा से लेकर उच्च, तकनीकी और चिकित्सा शिक्षा तक अधोसंरचना, बजट तथा संस्थानों का व्यापक विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में भारत का मान-सम्मान निरंतर बढ़ रहा है। देश की युवा शक्ति, लोकतांत्रिक व्यवस्था और सशक्त नेतृत्व ने भारत के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी शिक्षा, कौशल, तकनीक और रोजगार को युवा भविष्य के निर्माण का आधार बनाकर कार्य कर रही है।

    शासकीय स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षकों और विद्वानों को गुरु पूर्णिमा पर सम्मानित किया गया

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश युवाओं को आगे बढ़ते हुए देखना चाहता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी इस विकास यात्रा में कदम से कदम मिलाकर साथ चल रही है। विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और कौशल ही सफलता के दो मित्र हैं। राज्य सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम दिलाने वाले शासकीय स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षकों और विद्वानों को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सम्मानित किया है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमें अपने मन में संकल्प और दृढ़ निश्चय की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि बड़े लक्ष्य तय करें और उन्हें हासिल करने के लिए परिश्रम करें।

    राज्य सरकार ने वर्ष 2028 तक कुल 55 मेडिकल कॉलेज और 10 हजार यूजी सीटों का लक्ष्य तय किया है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार स्कूल शिक्षा की बेहतरी के लिए प्रतिबद्ध है। बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें, ड्रेस, साइकिलें, लैपटॉप और स्कूटी भी प्रदान की जा रही हैं। लेकिन प्रदेश के स्कूलों में कभी वह दौर भी था, जब बच्चों को स्कूलों में बैठने तक के इंतजाम नहीं हुआ करते थे। हमारी सरकार ने तेजी से नए मेडिकल कॉलेज खोलने प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में आजादी के बाद 55 साल में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे। अब निजी और शासकीय मिलाकर कुल 33 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। राज्य में अभी साढ़े 6 हजार से अधिक एमबीबीएस की सीटें हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2028 तक कुल 55 मेडिकल कॉलेज और 10 हजार यूजी सीटों का लक्ष्य तय किया है।

    राज्य सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाते हुए प्रदेश का बजट बढ़ाकर 4 लाख 38 हजार करोड़ तक पहुंचाया

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाते हुए प्रदेश का बजट बढ़ाकर 4 लाख 38 हजार करोड़ तक पहुंचाया है। इसमें स्कूल शिक्षा पर 36 हजार 730 करोड़, चिकित्सा शिक्षा पर 24 हजार करोड़, उच्च शिक्षा पर 4200 करोड़, तकनीकी शिक्षा पर 2932 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। सभी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती का अभियान निरंतर जारी है। अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ देकर राज्य सरकार अपने उत्तरदायित्वों को पूरा कर रही है। अगर पदोन्नति नहीं मिले तो जीवन में निराशा आ जाती है। हमारी सरकार ने सालों से लंबित पदोन्नतियों का मार्ग प्रशस्त किया है। पदोन्नति से सभी विभागों के कर्मचारियों में प्रसन्नता, उत्साह और सकारात्मकता का वातावरण बना है। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया विद्यार्थियों से संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेधावी विद्यार्थियों से उनके भविष्य के सपनों को लेकर संवाद किया। मेधावी विद्यार्थी बुंदेला ने बताया कि वे एक सफल राजनेता बनकर देश-प्रदेश की सेवा करना चाहते हैं। एक छात्रा ने बताया कि वर्तमान समय में युवाओं को स्किल की जरूरत है। हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए अथक परिश्रम करना चाहिए। अकाउंटेंट की पढ़ाई कर रही छात्रा ने कहा कि यह लैपटॉप उन्हें ऑनलाइन एजुकेशन में काफी मददगार साबित होगा। एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही छात्रा तन्वी कुमावत ने बताया कि वे डॉक्टर बनकर जरूरतमंदों की सेवा करना चाहती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अगर आज LEARN करेंगे तो कल EARN करेंगे। निश्चित रूप से ये लैपटॉप पढ़ाई की दिशा में महत्वपूर्ण सहायक सिद्ध होगा।

    प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले 3 साल से प्रवेश दर बढ़ती जा रही है

    स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षण व्यवस्था बेहतर हो रही है। कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या अधिक अंक पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लैपटॉप की राशि दी जा रही है। लैपटॉप लेने वाले बच्चों की संख्या प्रतिवर्ष बढ़ रही है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले 3 साल से प्रवेश दर बढ़ती जा रही है। हमारी सरकार के प्रयासों से स्कूली बच्चों की ड्रॉप आउट दर शून्य हो गई है। यह लैपटॉप विद्यार्थियों की कॉलेज की पढ़ाई को सरल और डिजिटल करेगा। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत डिजिटलीकरण को प्रोत्साहित किया गया है। प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना अंतर्गत अब तक कुल साढ़े 6 लाख विद्यार्थियों को 1620 करोड़ रुपए लैपटॉप के लिए विद्यार्थियों के खातों में भेजे गए हैं। राज्य में लगभग 18 हजार रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रक्रिया जारी है। हमारे बच्चे 2047 में विकसित भारत का नेतृत्व करेंगे। जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना आज वट वृक्ष का रूप ले चुकी है। मेधावी विद्यार्थियों को लगातार लैपटॉप क्रय के लिए राशि वितरित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सरकार अपनी योजनाओं से जन-जन को लाभान्वित कर रही है।    

    कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक विष्णु खत्री, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह सहित प्रदेशभर से आए मेधावी विद्यार्थी, शिक्षण एवं अभिभावक उपस्थित थे।

  • मोहन सरकार के अहम फैसले: RGPV का होगा पुनर्गठन, 35 किमी लंबे पश्चिमी बाइपास को मंजूरी

    मोहन सरकार के अहम फैसले: RGPV का होगा पुनर्गठन, 35 किमी लंबे पश्चिमी बाइपास को मंजूरी

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। सरकार ने भोपाल में पश्चिमी बाइपास की पुनरीक्षित लागत को अपनी स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही, एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी की सलाहकार के पद पर नियुक्ति और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को तीन अलग-अलग हिस्सों में बांटने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई है।

    35 किलोमीटर का होगा पश्चिमी बाइपास
    भोपाल में पश्चिमी बाइपास के निर्माण से जबलपुर से होकर इंदौर जाने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें 21 किलोमीटर का फेरा कम लगाना होगा। पहले इस मार्ग की कुल लंबाई 41 किलोमीटर तय की गई थी, लेकिन पुनरीक्षित योजना के तहत अब यह दूरी घटकर 35 किलोमीटर रह जाएगी। वन्य जीवों और पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रातापानी वन क्षेत्र में अंडरपास बनाए जाएंगे।

    के. साईं मनोहर बने सलाहकार, दिल्ली में रहेगा मुख्यालय
    प्रशासनिक कसावट और समन्वय के उद्देश्य से कैबिनेट ने सेवानिवृत्त आइपीएस अधिकारी के. साईं मनोहर को सलाहकार नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी अपनी मंजूरी दे दी है। इस नई जिम्मेदारी के तहत उनका मुख्यालय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रहेगा।

    तीन हिस्सों में बंटेगा आरजीपीवी, कौशल विकास से भी जुड़ेगा
    तकनीकी शिक्षा के विस्तार और विकेंद्रीकरण के लिए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को अब तीन हिस्सों में बांटा जाएगा। इसके तहत विश्वविद्यालय के तीन अलग-अलग मुख्यालय भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में बनाए जाएंगे। इसके अलावा, कैबिनेट ने इन तीनों विश्वविद्यालयों की शिक्षा प्रणाली के साथ कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) को भी अनिवार्य रूप से जोड़ने की अनुमति प्रदान कर दी है।

    7,331 से 26 हजार गांवों तक पहुंचेगी डेयरी सहकारी समितियां
    कैबिनेट ने पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र के लिए करीब 2,973 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। अगले पांच वर्षों में सहकारी दुग्ध समितियों का विस्तार 7,331 गांवों से बढ़ाकर 26 हजार गांवों तक किया जाएगा। दूध संकलन की क्षमता 12 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं दूध प्रसंस्करण क्षमता 17.8 लाख लीटर से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन और दुग्ध पैकेट की बिक्री 7 लाख लीटर से बढ़ाकर 35 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है।

    ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी 25 से बढ़कर 60 प्रतिशत
    किसानों के लिए भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी का लक्ष्य 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह खरीदी निर्धारित उपार्जन लक्ष्य के भीतर होगी, इसलिए किसानों को उपज बेचने में परेशानी नहीं होगी।

    पश्चिमी भोपाल बायपास की लागत बढ़कर 3,225 करोड़
    लोक निर्माण विभाग के प्रस्तावों में पश्चिमी भोपाल बायपास फोरलेन परियोजना की लागत को बढ़ाकर करीब 3,225 करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी गई है। पहले इसकी लागत 2,981 करोड़ रुपये थी। भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में बदलाव और रातापानी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अतिरिक्त अंडरपास बनाए जाने के कारण लागत बढ़ी है। हालांकि परियोजना की लंबाई करीब 40 किलोमीटर से घटकर 35.61 किलोमीटर हो गई है। इसके बनने के बाद जबलपुर और नर्मदापुरम की ओर से इंदौर जाने वाले वाहनों को करीब 21 किलोमीटर कम दूरी तय करनी पड़ेगी। वहीं  बीमना खिमालसा बायपास को भी फोरलेन बनाने का फैसला हुआ है। क्षेत्र में रिफाइनरी और रेलवे यार्ड के कारण यातायात बढ़ने को देखते हुए करीब 2,670 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किया जाएगा। 

    जनविश्वास अभियान अब 11 सितंबर से
    मुख्यमंत्री मोहन यादव का जनविश्वास अभियान लगातार जारी रहेगा। चार सप्ताह में मुख्यमंत्री छिंदवाड़ा, बड़वानी, टीकमगढ़ और बालाघाट में कार्यक्रम कर चुके हैं। बालाघाट के नक्सल प्रभावित रहे दूरस्थ क्षेत्रों में भी मुख्यमंत्री ने पहुंचकर स्थानीय लोगों से संवाद किया। जन्माष्टमी के कारण अभियान की अगली तारीख में बदलाव किया गया है। पहले 4 और 5 सितंबर को कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन अब जनविश्वास अभियान 11 सितंबर से फिर शुरू होगा।

    ग्रामीण विकास में 60:40 का फॉर्मूला
    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े प्रस्ताव में केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में वित्तीय व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई। इसमें राज्य का हिस्सा करीब 10,574 करोड़ रुपये होगा। प्रत्येक जिले में शिकायतों के निराकरण के लिए एक लोकपाल की नियुक्ति भी की जाएगी।

    तीन नए जिलों में खुलेंगे सामाजिक न्याय विभाग के कार्यालय
    2023 में गठित मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा जिलों में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के कार्यालय संचालित नहीं थे। कैबिनेट ने इन जिलों में कार्यालय शुरू करने के लिए पदों की स्वीकृति दी है। प्रत्येक जिले में कार्यालय संचालन के लिए अमले की नियुक्ति की जाएगी। 

    प्रदेश का राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) अब तीन हिस्सों में बांटा जाएगा। मोहन यादव सरकार मध्य भारत, महाकौशल और मालवा रीजन के लिए अलग-अलग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बनाने जा रही है। मंजूरी के बाद प्रदेश में तीन प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हो जाएंगे।तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक भोपाल का मौजूदा RGPV मध्य भारत प्रांत का विश्वविद्यालय होगा। वहीं जबलपुर में महाकौशल विश्वविद्यालय और उज्जैन में मालवा क्षेत्र का विश्वविद्यालय मुख्यालय बनाया जाएगा।

    सरकार ने अपने दो साल का कार्यकाल पूरा होने पर आयोजित 45 सूत्रीय विशेष एजेंडा बैठक में प्रदेश की मेडिकल और इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी को तीन भागों में बांटने का निर्णय लिया था। पिछली कैबिनेट बैठक में जबलपुर स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी को विभाजित करने का फैसला हो चुका है। अब इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी के विभाजन का प्रस्ताव लाया जा रहा है।

    डेयरी विकास योजना को भी मंजूरी की तैयारी
    कैबिनेट बैठक में पशुपालन विभाग की डेयरी विकास योजना से जुड़ा प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसमें नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) और राज्य सरकार के स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के बीच हुए एमओयू को आगे बढ़ाने के लिए योजना को मंजूरी दी जाएगी। योजना का उद्देश्य प्रदेश में डेयरी क्षेत्र के विकास और दुग्ध उत्पादन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करना है।

    ईओडब्ल्यू में विधि सलाहकार की नियुक्ति
    आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में रिक्त विधि सलाहकार के पद पर सेवानिवृत्त अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देव नारायण शुक्ल के चयन को मंजूरी दी गई। यह पद एक मार्च से रिक्त था और इसके लिए विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया पूरी की गई। 

    भ्रष्टाचार के दोषी वनकर्मी की पूरी पेंशन रोकने का प्रस्ताव
    वन विभाग में पदस्थ रहे उप वन क्षेत्रपाल अब्दुल तनवीर खान को रिश्वत लेते पकड़े जाने के मामले में न्यायालय ने चार साल के कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। वे 2024 में निलंबन की स्थिति में सेवानिवृत्त हुए। कैबिनेट ने उनकी संपूर्ण पेंशन स्थायी रूप से रोकने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

    इंदौर बाल गृह मामले में अधिकारी की पेंशन में कटौती
    इंदौर के विशेष गृह बालक से बच्चों के पलायन के मामले में अधीक्षक राजीव जिवेदी को निलंबित किया गया था। विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित पाए गए। कैबिनेट ने उनकी पेंशन में से एक वर्ष तक 5 प्रतिशत कटौती करने का निर्णय लिया। इस पर लोक सेवा आयोग की सहमति भी प्राप्त हो चुकी है।

    जून तिमाही में देश की जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत
    कैबिनेट बैठक में देश की आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 6.9 प्रतिशत थी। बैठक में इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन के रूप में रेखांकित किया गया। 

  • भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था का प्रमाण 7.8% GDP ग्रोथ, CM डॉ. यादव ने PM मोदी को दिया श्रेय

    भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था का प्रमाण 7.8% GDP ग्रोथ, CM डॉ. यादव ने PM मोदी को दिया श्रेय

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत होना गर्व का विषय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प से भारत विश्व की सबसे तेज गति से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था में गिना जाने लगा है। अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व की सभी अनिश्चतताओं और चुनौतियों के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था ने शानदार प्रदर्शन किया है, यह भारतवासियों के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सभी क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ रहा है। जनकल्याणकारी योजनाएं और जनहितैषी गतिविधियां देश में आर्थिक समृद्धि बढ़ा रही हैं। इसके साथ ही भारत की वैश्विक स्तर पर भी कीर्ति और प्रसिद्धि भी बढ़ रही है।

     

  • 1.21 लाख छात्रों को बड़ी सौगात, CM बोले- असफलता से सीखें और आगे बढ़ें

    1.21 लाख छात्रों को बड़ी सौगात, CM बोले- असफलता से सीखें और आगे बढ़ें

    भोपाल

    क्या आपके बैंक खाते में 25000 रुपये आए? मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने आज 1 सितंबर को 'प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना' के अंतर्गत 1.21 लाख छात्रों के खाते में 340 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। यह पैसा मेधावी छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए दिए गए हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में "प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना" अंतर्गत एक विद्यार्थी के माध्यम से प्रदेश के 1.21 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 304 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन छात्रों को लैपटॉप के लिए पैसा दिया है, जिन्होंने इस साल 12वीं की परीक्षा में 75% या उससे ज्यादा नंबर हासिल किए हैं।

    मुख्यमंत्री ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था, जब वे गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस पर मिलने वाले लड्डू के लिए भी तरस जाते थे। आज परिस्थितियां बदल गई हैं। उन्होंने बच्चों से कहा- "आज लर्न करोगे तो कल अर्न करोगे।" कार्यक्रम में 10 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए, जबकि 1.21 लाख विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए।

    पत्थर और मूर्तिकार का उदाहरण देकर समझाया
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस पत्थर में छेनी-हथौड़ी की चोट सहने की क्षमता होती है, वही आगे चलकर सुंदर मूर्ति बनता है और मंदिर में सम्मान पाता है। इसी तरह जिंदगी की कठिनाइयां व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी मैदान में उतरेगा, वही हार सकता है और वही जीतने का सपना भी देख सकता है।

    धीरेंद्र बोले- UPSC के बाद राजनीति में आऊंगा
    12वीं में 97.2% अंक हासिल करने वाले धीरेंद्र सिंह मुंडेला ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनका लक्ष्य पहले यूपीएससी की तैयारी करना और आगे राजनीति में आकर देश के विकास में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि घूमने के दौरान लोगों की परेशानियां देखने के बाद उन्होंने राजनीति में जाने का फैसला किया।

    95% अंक हासिल करने वाली हिमांशी पाठक ने एंटरप्रेन्योर बनने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि शुरुआत में एयर होस्टेस के रूप में काम करने के बाद खुद का बिजनेस शुरू करना चाहती हैं। उनका लक्ष्य नौकरी पाने के बजाय नौकरी देने वाली बनना है।

    लड्डू भी नहीं मिलते थे
    कांग्रेस के शासन काल की बात करते हुए सीएम बोले कि आज तो अच्छा दौर है। आप लोगों को लैपटॉप मिल रहा है। हम तो गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस पर लड्‌डू लेने को भी तरस जाते थे।

    473 विद्यार्थियों से शुरू हुई योजना, अब 1.21 लाख तक पहुंची

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की योजना की शुरुआत 473 विद्यार्थियों से हुई थी। इस बार 1 लाख 21 हजार 804 विद्यार्थी इसके दायरे में आए हैं। कार्यक्रम में 10 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए, जबकि पात्र विद्यार्थियों के खातों में 25-25 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए।

    उन्होंने कहा कि लैपटॉप केवल उपकरण नहीं, बल्कि डिजिटल लर्निंग, ई-लाइब्रेरी और उच्च शिक्षा में ज्ञान बढ़ाने का माध्यम है।

    विद्यार्थियों को लैपटॉप दिया
    सीएम मोहन यादव ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल एवं सफल भविष्य की कामना की और उनके साथ सामूहिक तस्वीर भी खिंचवाई।

    मुख्यमंत्री ने दिया खास संदेश
    इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने छात्रों को खास संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों से ये कहना चाहता हूं कि आपकी इस सफलता को कभी सिर पर नहीं चढ़ने देना, और जब कभी असफलता भी आए तो उसे दिल पर मत लगाना। हर परिस्थिति में सामान्य रहकर आगे बढ़ते रहना। अच्छा इंसान कागज के नंबर से नहीं बल्कि अच्छे मन से बढ़ता है। आपका ज्ञान और दक्षता आपकी सफलता में सदैव सहायक रहेंगे। गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं में मैरिट सूची में 50% से अधिक विद्यार्थी शासकीय स्कूलों से आ रहे हैं।

    9वीं कक्षा से ही शिक्षक कर रहे मेहनत
    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आगे कहा कि ऐसे विद्यालय, जहां शिक्षक कक्षा 9वीं से ही विद्यार्थियों के साथ निरंतर मेहनत करते हैं। उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करते हैं और न केवल 10वीं, बल्कि 12वीं बोर्ड परीक्षा में भी सभी विद्यार्थियों को प्रथम श्रेणी में लाने का लक्ष्य हासिल करते हैं। ऐसे विद्यालय वास्तव में शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर रहे हैं। विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता और लगातार तीन वर्षों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ऐसे विद्यालयों को सम्मानित करने का हमारी सरकार ने निर्णय लिया। मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रही यह उपलब्धि मेरे लिए गर्व का विषय है। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और हमारे शिक्षकों की इस सफलता से आज मेरी छाती गर्व से चौड़ी हो रही है।

    इन छात्रों को लैपटॉप के लिए मिला पैसा
    मध्य प्रदेश के जिन छात्र-छात्राओं के एमपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा में 75% या उससे जयादा नंबर आए थे, वे इस योजना के पात्र हैं। पिछले साल करीब 92 हजार छात्र-छात्राओं को लैपटॉप के लिए पैसा मिला था। इस बार यह संख्या बढ़कर 1.21 लाख हो गई है। अगर आप यह चेक करना चाहते हैं कि आपके खाते में पैसा आया है या नहीं तो आपको कुछ नहीं करना है। बस आधार से लिंक अपना वही खाता चेक करना है, जिसकी जानकारी स्कूल में दी गई थी। इसी खाते में डीबीटी के माध्यम से पैसा ट्रासंफर हो जाएगा।

    मुख्यमंत्री का विद्यार्थियों संग संवाद
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच पर ही विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों से पूछा कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं। छात्र वीरेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा कि मैं राजनेता बनना चाहता हूं। इस पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि यह भी हमारे लिए जरूरी है। बच्चे राजनेता बनकर देश को दिशा देने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। एक सवाल के जवाब में बुंदेला ने कहा कि मैंने लोगों की परेशानी देखी है। एक राजनेता उन परेशानियों को दूर कर सकता है।

    इसके बाद सीएम डॉ. मोहन ने बच्चों से पूछा कि किस-किस के घर में खेती-किसानी होती है और कौन-कौन किसान बनना चाहता है। उन्होंने छात्रों की प्रतिक्रिया देखने के बाद कहा कि हमारी जड़ खेती-किसानी है। बच्चे कहते हैं डॉक्टर बनेंगे, वकील बनेंगे, इंजीनियर बनेंगे, लेकिन कोई नहीं कहता कि मैं किसान बनना चाहता हूं। आप बताइए खेती के बिना काम चलेगा क्या। उन्होंने कहा कि किसान अगर मेहनत करके अन्न नहीं उगाएगा, तो क्या होगा। इसी तरह अगर हम राजनीति करने के लिए खड़े नहीं होंगे, तो अच्छे राजनेता कहां से आएंगे। छात्रा हिमांशी पाठक ने कहा कि मैं शुरुअात एयर होस्टेस बनकर करना चाहती हूं, लेकिन मेरा अंतिम उद्देश्य एंटरप्रिन्योर बनना है।

    बच्चे छोटे, लेकिन सपने और प्रयास बड़े हैं
    छात्रा मान्यता साहू ने कहा कि मैं इस लैपटॉप से बहुत काम करूंगी। ये लैपटॉप मेरी बहुत मदद करेगा। अरिमा इमरान ने कहा कि मैं नीट का एग्जाम दूंगी और मेरा उद्देश्य डॉक्टर बनना है। मैं गरीबों की सेवा करना चाहती हूं। उसके बाद कीर्ति ने माइक हाथ में थामा। उसके हाथ में लगी मेहंदी देखकर सीएम डॉ. मोहन ने कहा कि मैं भी मेहंदी लगा लेता हूं। अपनी बहन को मैं ही मेहंदी लगाता था।

    सरकारी स्कूल में शून्य हुआ ड्रॉप आउट
    स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षण व्यवस्था बेहतर हो रही है। कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या अधिक अंक पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लैपटॉप राशि दी जा रही है। पिछले साल भी लगभग 92 हजार विद्यार्थी लैपटॉप योजना से लाभान्वित हुए थे। माता-पिता और बच्चों का परिश्रम तथा शिक्षकों का बेहतर प्रबंधन के कारण ही इस वर्ष 1.21 लाख से अधिक विद्यार्थी लैपटॉप प्राप्त करने के लिए पात्र बने हैं।

    यह लैपटॉप विद्यार्थियों की कॉलेज की पढ़ाई को सरल और डिजिटल करेगा। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत डिजिटलीकरण को प्रोत्साहित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले ढाई साल में लगभग पौने 3 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप क्रय करने के लिए राशि वितरित की है। लैपटॉप खरीदने के लिए प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत अब तक कुल साढ़े 6 लाख विद्यार्थियों को 1620 करोड़ रुपए विद्यार्थियों के खातों में भेजे गए हैं।

    प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले 3 साल में प्रवेश दर बढ़ती जा रही है। हमारी सरकार के प्रयासों से स्कूली बच्चों की ड्रॉप आउट दर शून्य हो गई है। स्कूलों में शिक्षकों की कोई कमी नहीं है। हमारे स्कूलों में 70 से 72 हजार अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। राज्य सरकार लगभग 18 हजार रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रतिबद्ध है। बच्चे हमारे देश का भविष्य और प्रदेश की आशा हैं। हमारे बच्चे 2047 में विकसित भारत का नेतृत्व करेंगे।

     

  • बढ़ता जा रहा MP पर कर्ज का बोझ! आज ₹3,600 करोड़ और उधार लेगी मोहन सरकार

    बढ़ता जा रहा MP पर कर्ज का बोझ! आज ₹3,600 करोड़ और उधार लेगी मोहन सरकार

    भोपाल 

    राज्य सरकार विकास और उत्पादक योजनाओं एवं परियोजनाओं के नाम पर आज एक बार फिर कुल ₹3,600 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। इसके लिए सरकार 1 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), मुंबई कार्यालय के माध्यम से दो अलग-अलग सरकारी सिक्योरिटी की नीलामी करेगी।

    अब कर्ज का कुल आंकड़ा चालू वित्त वर्ष में 51400 करोड़ रुपए हो जाएगा। वहीं नए कर्ज के बाद राज्य सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर 5 लाख 40 हजार 114 करोड़ रुपए हो जाएगा।

    राज्य सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दोनों कर्ज की अवधि, राशि, नीलामी और भुगतान की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है। पहला कर्ज ₹1,600 करोड़ 18 साल के लिए होगा। नीलामी प्लेटफॉर्म RBI का Core Banking Solution (E-Kuber) होगा। इस राशि की ब्याज के साथ अदायगी सरकार जुलाई 2044 तक 7.61 प्रतिशत सालाना

    ब्याज पर करेगी। ब्याज का हर साल भुगतान 8 जनवरी और 8 जुलाई को किया जाएगा।

    दूसरा कर्ज ₹ 2,000 करोड़ रुपए का 30 साल के लिए लिया जा रहा है। इसकी मूलधन वापसी सितंबर 2056 तक नीलामी में तय होने वाली कट-ऑफ यील्ड ब्याज के जरिये की जाएगी। हर साल 2 मार्च और 2 सितंबर को ब्याज राशि का भुगतान होगा।

    दोनों कर्ज की पूरी शर्तें
    सरकार ने कर्ज की अवधि और ब्याज दर से जुड़ी जानकारी साफ कर दी है। पहला कर्ज 1600 करोड़ रुपए का होगा। यह कर्ज 18 साल के लिए लिया जाएगा। इसकी नीलामी RBI के कोर बैंकिंग सिस्टम यानी E-Kuber (Electronic Kuber) प्लेटफॉर्म से होगी।

    सरकार इस राशि पर जुलाई 2044 तक 7.61 प्रतिशत सालाना ब्याज चुकाएगी। ब्याज का भुगतान हर साल 8 जनवरी और 8 जुलाई को किया जाएगा। दूसरा कर्ज 2000 करोड़ रुपए का होगा। यह कर्ज 30 साल के लिए लिया जा रहा है।

    इसकी मूलधन वापसी सितंबर 2056 तक होगी। इस कर्ज पर ब्याज दर नीलामी में तय होने वाली कट-ऑफ यील्ड से तय होगी। इसका भुगतान हर साल 2 मार्च और 2 सितंबर को किया जाएगा।

    किन लोगों से जुटाया जाएगा पैसा
    सरकारी सिक्योरिटी की इस नीलामी में बैंक और वित्तीय संस्थान बोली लगा सकेंगे। इसके अलावा पात्र निवेशक भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं। सरकार ने आम निवेशकों के लिए भी रास्ता खुला रखा है। इसके लिए नॉन-कॉम्पिटिटिव बिडिंग की व्यवस्था की गई है।

    इस श्रेणी में पात्र लोगों और संस्थाओं को कुल राशि का 10 प्रतिशत तक सिक्योरिटी दी जा सकती है। हालांकि एक बोलीदाता को अधिकतम 1 प्रतिशत हिस्सा ही मिल सकेगा। सरकार को इस कर्ज की पूरी राशि का भुगतान 2 सितंबर 2026 को करना होगा।

    इस साल अब तक कितना कर्ज लिया गया
    यह इस वित्त वर्ष में सरकार का नया कर्ज नहीं है। इससे पहले भी सरकार कई बार कर्ज ले चुकी है। 18 अगस्त को सरकार ने दो अलग कर्ज लिए थे। इनमें 1400 करोड़ रुपए का कर्ज 7.58 प्रतिशत ब्याज पर लिया गया था। वहीं 1000 करोड़ रुपए का कर्ज 7.39 प्रतिशत ब्याज पर लिया गया था। इन दोनों कर्ज की अवधि क्रमशः 12 साल और 8 साल है।

    इससे पहले 4 अगस्त को भी सरकार ने कर्ज लिया था। उस दिन 1600 करोड़ और 2000 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए थे। यानी अगस्त महीने में ही सरकार ने कई बार कर्ज उठाया है। आज होने वाली नीलामी के बाद इस वित्त वर्ष में लिए गए कुल कर्ज का आंकड़ा 51 हजार 400 करोड़ रुपए हो जाएगा।

    कितना बढ़ जाएगा राज्य पर कुल कर्ज
    राज्य सरकार पर पहले से भी भारी कर्ज है। 31 मार्च 2026 की स्थिति में सरकार पर चार लाख 88 हजार 714 करोड़ रुपए का कर्ज था। अब नए 3600 करोड़ रुपए के कर्ज के बाद यह आंकड़ा और बढ़ जाएगा। नए कर्ज के बाद राज्य सरकार पर कुल कर्ज पांच लाख 40 हजार 114 करोड़ रुपए हो जाएगा।

    यह आंकड़ा दिखाता है कि सरकार पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। हर महीने नई नीलामी के जरिए सरकार बाजार से पैसा जुटा रही है। यह पैसा विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं में खर्च किया जाता है।

    यह खबर क्यों जरूरी है
    यह खबर आम जनता के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि सरकारी कर्ज का सीधा असर राज्य की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। जब सरकार बार बार कर्ज लेती है तो जनता को इसकी जानकारी होना जरूरी है। संविधान हर नागरिक को सूचना का अधिकार देता है, इसलिए सरकारी खर्च और कर्ज से जुड़े आंकड़े पारदर्शी तरीके से सामने आने चाहिए।

    कर्ज का बढ़ता आंकड़ा भविष्य में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतंत्र के लिए जरूरी मानी जाती है। यह खबर पाठकों को राज्य की आर्थिक सेहत समझने में मदद करती है।

    किससे लिया जाएगा कर्ज
    यह कर्ज किसी एक बैंक से सीधे नहीं लिया जा रहा है। प्रदेश सरकार सरकारी सिक्योरिटीज बेचकर निवेशकों से पैसा जुटाएगी। इनकी नीलामी RBI के मुंबई कार्यालय से होगी। इसमें बैंक, वित्तीय संस्थान और पात्र निवेशक बोली लगा सकेंगे। इसके अलावा नॉन-कॉम्पिटिटिव बिडर्स के लिए भी सरकारी प्रतिभूतियों में हिस्सा लेने की व्यवस्था रखी गई है।

    नॉन-कॉम्पिटिटिव श्रेणी में पात्र व्यक्तियों और संस्थाओं को कुल नोटिफाइड राशि के 10% तक सिक्योरिटीज आवंटित की जा सकती हैं, जबकि एकल बोलीदाता के लिए अधिकतम सीमा नोटिफाइड राशि की 1% रखी गई है। सरकार को कर्ज की राशि का भुगतान 2 सितंबर 2026 को भुगतान करना होगा।

    18 अगस्त को लिया था 2400 करोड़ का कर्ज
    इसके पहले मोहन सरकार ने 18 अगस्त को सिक्योरिटी की नीलामी के बाद 7.58% और 7.39% ब्याज दर पर 1,400 करोड़ और 1,000 करोड़ रुपए के दो कर्ज उठाए हैं। इन दोनों कर्ज की राशि पर सरकार जनवरी और जुलाई में छमाही आधार पर ब्याज का भुगतान करेगी।

    दोनों कर्ज की अवधि क्रमशः 12 साल और 8 साल है। अगस्त महीने में ही 4 अगस्त को 1,600 करोड़ और 2,000 करोड़ रुपए के कुल 3,600 करोड़ रुपए कर्ज लिए गए थे। 31 मार्च 2026 की स्थिति में राज्य सरकार पर 4 लाख 88 हजार 714 करोड़ रुपए का कर्ज था। एक सितम्बर को होने वाली नीलामी के बाद लिए गए कर्ज का कुल आंकड़ा चालू वित्त वर्ष में 51400 करोड़ रुपए हो जाएगा।

    नए कर्ज के बाद राज्य सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर 5 लाख 40 हजार 114 करोड़ रुपए हो जाएगा।

     

  • केन-बेतवा परियोजना को लेकर CM मोहन यादव ने कांग्रेस को घेरा, ‘नाटक’ करने का लगाया आरोप

    केन-बेतवा परियोजना को लेकर CM मोहन यादव ने कांग्रेस को घेरा, ‘नाटक’ करने का लगाया आरोप

    भोपाल
     नर्मदा घाटी के बांध कांग्रेस ने अटकाए, अब केन- बेतवा नदी जोड़ो प्रोजेक्ट में नाटक कर रही है। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश और यहां के किसानों के साथ अन्याय किया। उसने नर्मदा नदी के माध्यम से जनकल्याण को प्राथमिकता नहीं दी। कांग्रेस के मुख्यमंत्री और मंत्री कहते थे कि नर्मदा नदी नीचे हैं, मालवांचल ऊपर, तो पानी वहां तक कैसे पहुंचेगा? अब देख लीजिए हमने कर दिखाया। उज्जैन-इंदौर से लेकर पूरा मालवा अंचल नर्मदा जल का उपयोग कर रहा है। किसानों के खेत में पानी पहुंचा और पेयजल संकट का भी समाधान हुआ है। कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए यह बात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बातचीत में कही।

    कांग्रेस और उसके सहयोगी केवल झूठ बोलते हैं
    लाड़ली बहना जैसी योजना अब चुनौती बनती जा रही हैं। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष अधिक राशि देने की घोषणा कर रहा है?

    इसके जवाब में डा. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस हो या उसके सहयोगी दल, जब बोले तब झूठ ही बोले। वर्ष 2003 तक प्रदेश में कांग्रेस ने राज किया लेकिन गरीबी दूर करने पर सोचा भी नहीं। कांग्रेस चुनावी वादे करके पलट जाती है। इसके विपरीत देखिए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश के दुश्मनों को उनके घर में भी नहीं छोड़ेंगे तो सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक की। देश में अब आतंकी घटनाएं बंद हो गई हैं। कांग्रेस के राज में हमेशा दंगे होते थे। इकानामी पूरी बदल गई है। भाजपा की कथनी और करनी का उदाहरण भव्य श्रीराम मंदिर है, जिसका हिंदू- मुस्लिम सभी ने स्वागत किया।

    राजनीति में न आता तो शिक्षक बनता
    डा. मोहन यादव ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि उन्हें बच्चों के बीच जाकर लगता है कि मैं भविष्य के मध्य प्रदेश से संवाद कर रहा हूं। राजनीति में नहीं आता तो शिक्षा के क्षेत्र में काम करना निश्चित रूप से मुझे अच्छा लगता।

    कांग्रेस ने 55 वर्ष में मात्र साढ़े सात लाख हेक्टेयर रकबे को सिंचित बनाया
    सिंचाई सुविधाओं से जुड़े प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में 55 वर्ष राज करके भी कांग्रेस ने प्रदेश के हित में कुछ नहीं किया। वर्ष 2003 तक मध्य प्रदेश में मात्र साढ़े सात लाख हेक्टेयर रकबा ही सिंचित था, इसे भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार ने वर्ष 2023 तक 40 लाख हेक्टेयर और अब उनके कार्यकाल में 67 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा दिया है।

    मध्य प्रदेश की समृद्धि के लिए गुजरात माडल पर कर रहे काम
    डा. मोहन यादव कहते हैं कि मामला वित्तीय व्यवस्था को सुदृढ़ करने का हो या प्रदेश के विकास की रूपरेखा का, हम सभी क्षेत्रों में समान रूप से काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यही काम गुजरात में किया था। औद्योगिकीकरण से राज्य की समृद्धि का रास्ता उन्होंने ही दिखाया। नर्मदा का पानी कच्छ तक पहुंचाकर गुजरात में क्रांति लाई। सरलीकृत, पारदर्शी और त्वरित गति से काम करने का ही परिणाम है कि हमारे राज्य में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतर चुका है।

    भूमि और अन्य सहूलियत पाकर निवेशक पीछे हट जाते हैं, इस प्रश्न के जवाब में डा. मोहन यादव ने कहा कि भूमि पूजन से लेकर लोकार्पण तक सभी काम इंटरनेट मीडिया पर दिख जाते हैं। हमारे आसपास समुद्र नहीं हैं। कोई पोर्ट नहीं है फिर भी हमारा निर्यात 76 हजार करोड़ रुपए को पार कर गया।

  • डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा, प्रदेश के 1.22 लाख छात्रों के खाते में आएंगे लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये

    डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा, प्रदेश के 1.22 लाख छात्रों के खाते में आएंगे लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये

    प्रदेश के लगभग 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए मिलेंगे 25-25 हजार रुपये

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 1 सितंबर को 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि का करेंगे अंतरण

    कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थी होंगे लाभान्वित

    भोपाल 

    कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या अधिक अंक पाने वाले प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों का आधुनिक तकनीक से जुड़ने का सपना जल्द ही पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के लगभग 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि का अंतरण करेंगे। विद्यार्थियों को यह राशि 1 सितंबर को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयोजित लैपटॉप क्रय के लिये राशि वितरण कार्यक्रम के दौरान प्रदान की जाएगी।

    प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें डिजिटल तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। इसके अंतर्गत कक्षा 12वीं की परीक्षा में पहले ही प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।

    प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा का संबल

    प्रदेश सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत इस वर्ष प्रदेश के लगभग 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रत्येक विद्यार्थी के खाते में 25 हजार रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। इस प्रकार विद्यार्थियों को कुल 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया जाएगा।

    उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की यह पहल प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लैपटॉप के माध्यम से विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन, डिजिटल पाठ्य सामग्री, ई-लर्निंग और अन्य तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर अपनी शिक्षा को और बेहतर बना सकेंगे।

     

  • बाढ़ आपदा पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश, हर पीड़ित के साथ खड़ी है सरकार

    बाढ़ आपदा पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश, हर पीड़ित के साथ खड़ी है सरकार

    संकट की घड़ी में पूरी सरकार है बाढ़ पीड़ितों के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया पैदल भ्रमण, किया नुकसान का मुआयना
    अधिकारियों को 3 दिन तक चित्रकूट में ही रहकर राहत पहुंचाने के दिए निर्देश
    मुख्यमंत्री ने आश्रय स्थल जाकर बाढ़ प्रभावितों को दिए वस्त्र, घरेलू सामग्री और खाद्यान्न

    रीवा/चित्रकूट
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को रीवा से सीधे चित्रकूट पहुंचे। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में बाढ़ की आपदा से उत्पन्न परिस्थितियों का मुआयना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राचीन मुखार विन्द के पास बनाए गए आश्रय स्थल (राहत शिविर) पहुंचकर सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनके कुशल-क्षेम की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री का वितरण किया और कहा कि संकट की इस घड़ी में हमारी पूरी सरकार आप लोगों के साथ है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंदाकिनी नदी की बाढ़ से नदी का पानी घरो में घुसने से काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा चित्रकूट की अधोसंरचनाओं को भी क्षति पहुंची है। उन्होंने सभी प्रभावितों से कहा कि सरकार और प्रशासन आपदा की घड़ी में पीड़ितों के साथ है। सभी प्रभावितों को उनके हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट में जन जीवन सामान्य होने तक सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यहीं रूककर प्रभावितों को राहत पहुंचाने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रय स्थल पर बांदा के बबेरू से आए श्रद्धालु राजू सिंह से बात की। राजू ने बताया कि वे 20 लोगों के साथ कामतानाथ स्वामी के दर्शन करने आए थे। बाढ़ का पानी होने से वे सब अपने घर वापस नहीं लौट पाए। उन्होंने बताया कि इस आश्रय स्थल पर प्रशासन द्वारा उन सभी के लिए भोजन, पानी, नाश्ते की समुचित व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रय स्थल पर बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को वस्त्र, घरेलू सामग्री और खाद्यान्न आदि राहत सहायता सामग्री भी वितरित की।

    जल भराव वाले क्षेत्रों का किया पैदल भ्रमण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट नगर के रामधाम मोहल्ले में जलभराव (बाढ़) से प्रभावित क्षेत्रों का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने कीचड़ से सने मार्ग में पैदल चलकर प्रभावितों के घरों तक पहुंचकर जल भराव से हुए नुकसान का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रामफल गर्ग और किस्मत कुमार गर्ग के घर पहुंचकर जलभराव से हुए नुकसान की जानकारी ली तथा प्रभावित परिवारों से आत्मीय चर्चा कर उन्हें आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना से चित्रकूट मार्ग पर सियाराम कुटीर स्थित माधव धर्मशाला के समीप अग्रहरि किराना स्टोर पहुंचकर दुकानदार कामता प्रसाद गुप्ता से मुलाकात की और उनकी दुकान में पानी भरने से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में सरकार उनके साथ है और सभी प्रभावितों को नियमानुसार हरसंभव राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलाधिकारियों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए सभी प्रभावित परिवारों को हर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तत्परता, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ सभी प्रभावितों को राहत सहायता उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की कोई भी कमी न रहे।

    इस अवसर पर चित्रकूट के विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, नगर परिषद की अध्यक्षा सुसाधना पटेल, प्रबल श्रीवास्तव, कमिश्नर रीवा संभाग शीलेन्द्र सिंह, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं जिलाधिकारी उपस्थित थे।

    मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभावितों को राहत सहायता वितरण एवं नगर के पैदल निरीक्षण के उपरांत मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि चित्रकूट में में बीते दिनों से लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण यहां की सेमरावल एवं मंदाकिनी नदी के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। नगर के कई क्षेत्रों में लोगों के घरों में पानी भर गया है और उनके घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन की मुस्तैदी से अबतक किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। यहां राहत एवं बचाव कार्य लगातार चलाए जा रहे हैं। साथ ही प्रभावित लोगों तक आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से नुकसान तो हुआ है, जिसका आंकलन किया जा रहा है। जिला प्रशासन के सभी संबंधित अधिकारी इस समय मौके पर ही मौजूद हैं। प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर सतत् निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, वस्त्र, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने स्वयं शनिवार की रात रीवा में ही रुककर सतना और रीवा जिले में बाढ़ की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि चित्रकूट और सतना में अतिवृष्टि के कारण सेमरावल एवं मंदाकिनी नदी में बाढ़ का भयावह रूप देखने को मिला। राहत की बात यह है कि घटना दिन के समय हुई थी और मौसम के पूर्वानुमान के चलते जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में था। शासन की सजगता और सतर्कता तथा जिला प्रशासन की तत्परता से अब तक किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फिलहाल हमारा पूरा ध्यान राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने पर है, ताकि जलस्तर कम होने के बाद सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित रूप से उनके घरों तक पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाढ़ से हुए नुकसान का समुचित आंकलन कर सभी प्रभावित परिवारों को प्रशासन द्वारा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने बाढ़ प्रभावित नागरिकों से स्वयं मुलाकात कर जिलाधिकारियों को सभी प्रभावितों को सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के पशुओं की हानि हुई है या अन्य किसी भी प्रकार का नुकसान हुआ है, उसका विधिवत सर्वे कराया जाएगा और उन्हें भी नियमानुसार राहत एवं आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

     

  • जन विश्वास अभियान पर CM मोहन यादव की सीधी नजर, निरीक्षण और निगरानी कार्यों की खुद करेंगे समीक्षा

    जन विश्वास अभियान पर CM मोहन यादव की सीधी नजर, निरीक्षण और निगरानी कार्यों की खुद करेंगे समीक्षा

    भोपाल
     मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत सभी निरीक्षण एवं निगरानी कार्यों की समीक्षा खुद मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव करेंगे। वह विभागवार तो समीक्षा करेंगे ही, जिला व संभागवार समीक्षा भी की जाएगी। मुख्यमंत्री के प्रभार वाले इंदौर संभाग में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत सभी निरीक्षण और निगरानी परख ऐप के माध्यम से ऑनलाइन शुरू कर दी गई है।

    इंदौर संभाग के कमिश्नर भास्कर लाक्षाकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण भी दिलाया है। अभियान की रिपोर्ट और फॉलोअप रिपोर्ट भी परख ऐप के माध्यम से होगी। इसके पीछे सरकार का उद्देश्य है कि अधिकारियों के कामकाज की निगरानी केवल निरीक्षण तक ही सीमित न रहे, बल्कि ऐप के माध्यम से भी की जा सके।

    चार जिलों में हो चुकी समीक्षा
    इधर, मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत मुख्यमंत्री मोहन यादव अब तक मध्य प्रदेश के चार जिलों में जाकर सीधे जनता के बीच सुशासन और विकास कार्यों का जमीनी निरीक्षण और समीक्षा कर चुके हैं। इस अभियान की शुरुआत सात अगस्त से हुई थी। हर शुक्रवार को मुख्यमंत्री स्वयं एक जिले में पहुंचकर बंद कमरों के बजाय सीधे फील्ड में जाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं।

    विभिन्न सरकारी संस्थाओं का औचक निरीक्षण
    छिंदवाड़ा (प्रथम दौरा – सात अगस्त) निरीक्षण: अभियान के पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने छिंदवाड़ा जिले से इस मुहिम की शुरुआत की। उन्होंने सरकारी योजनाओं की जमीनी समीक्षा की और आम जनता से सीधा संवाद किया।

    बड़वानी (दूसरा दौरा – 14 अगस्त) निरीक्षण: दूसरे चरण में उन्होंने बड़वानी जिले का दौरा किया। यहां उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया, फील्ड विजिट की और जनता से सीधे जुड़कर उनकी लंबित शिकायतों का निवारण किया। लापरवाही मिलने पर कुछ अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई भी की गई।

    टीकमगढ़ (तीसरा दौरा – 21 अगस्त) निरीक्षण: तीसरे शुक्रवार को मुख्यमंत्री टीकमगढ़ जिले पहुंचे। यहां उन्होंने डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया।

    अस्पताल के ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर, लैब, ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्थाएं देखीं। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कुपोषित बच्चों की माताओं से भेंट की और मरीजों का हालचाल जाना।

    बालाघाट (चौथा दौरा – 29 अगस्त) निरीक्षण: रक्षाबंधन पर्व के कारण मुख्यमंत्री का इस बार का दौरा शनिवार को बालाघाट जिले में आयोजित किया गया।