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  • मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य जल संसाधन उपयोग समिति की बैठक सम्पन्न

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य जल संसाधन उपयोग समिति की बैठक सम्पन्न

    रायपुर

    मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत गठित राज्य जल संसाधन उपयोग समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित औद्योगिक इकाइयों के लिए वार्षिक जल आबंटन प्रदाय की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने प्राथमिकता के आधार पर पेयजल आपूर्ति हेतु जल प्रदाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराने हेतु जल संग्रहण एवं प्रदाय के लिए समुचित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।

     बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित उद्योगों (स्पंज आयरन, पावर प्लांट, सीमेंट एवं अन्य विनिर्माण इकाइयों) को जलाशयों व नदियों से दिए जाने वाले वार्षिक जल प्रदाय एवं नए आबंटन प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। भू-जल प्रबंधन और जल संरक्षण पर जोर

     बैठक में राज्य भू-जल प्रबंधन एवं नियमन प्राधिकरण के गठन के संबंध में भी चर्चा हुई। औद्योगिक संस्थानों को स्वीकृत सीमा के भीतर ही जल उपयोग करने और जल शुल्क का समयबद्ध भुगतान करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने उद्योगों को जल संरक्षण के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) तकनीक अपनाने, वाटर रीसाइक्लिंग प्लांट स्थापित करने तथा वर्षा जल संचयन प्रणालियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।

    मिशन अमृत 2.0 के तहत 9 पेयजल योजनाओं को मंजूरी

    बैठक में मिशन अमृत 2.0 तथा अन्य योजनाओं के अंतर्गत कुल 09 पेयजल प्रदाय योजनाओं के लिए स्वीकृत जल आबंटन की पुष्टि एवं अनुमोदन किया गया। इससे प्रदेश के नगरीय निकायों में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    कृषि, पेयजल और औद्योगिक जरूरतों के बीच जल के संतुलित बंटवारे पर बल दिया

      मुख्य सचिव ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को कृषि, पेयजल और औद्योगिक जरूरतों के बीच जल के संतुलित बंटवारे पर बल देने को कहा, ताकि आगामी शुष्क मौसम में पेयजल एवं कृषि सिंचाई पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।

           बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी, भू-जल वैज्ञानिक सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट

    नई दिल्ली
     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। प्रधानमंत्री आवास पर हुई मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री को फिरोजाबाद के ODOP ग्लासवर्क से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट की।

    प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा फिलहाल सामने नहीं आया है।

    मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में सरकार और संगठन से जुड़ी गतिविधियां लगातार चल रही हैं। हालांकि इन मुलाकातों में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी के बिना किसी राजनीतिक एजेंडे की पुष्टि नहीं की जा सकती।

    मुख्यमंत्री योगी इससे पहले भी दिल्ली दौरों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और जेपी नड्डा समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करते रहे हैं।

  • कुलपतियों संग कलेक्टर-SP की बैठक, विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा पर फोकस

    कुलपतियों संग कलेक्टर-SP की बैठक, विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा पर फोकस

    रायपुर.

    कलेक्ट्रेट रायपुर में आज कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने जिले में संचालित विभिन्न विश्वविद्यालयों/शैक्षणिक संस्थानों के कुलपतियों के साथ प्रतिनिधियों की बैठक ली।

    इस बैठक में विदेशी विद्यार्थियों के सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवास, संस्थानों की जिम्मेदारी, स्थानीय प्रशासन के साथ पुलिस के साथ समन्वय को लेकर चर्चा की गई। बैठक में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेशी विद्यार्थी भारत में अध्ययन के लिए आते हैं, इसलिए उनके लिए सुरक्षित, अनुशासित और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

    विदेशी विद्यार्थियों के आवास आवागमन की व्यवस्था के निर्देश
    बैठक में विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को निर्देशित किया गया कि विदेशी विद्यार्थियों के आवास के साथ आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में जो विदेशी विद्यार्थी विश्वविद्यालय/कॉलेज के छात्रावास से बाहर निजी मकानों, पीजी या अन्य स्थानों पर रह रहे हैं, उन्हें अगले 15 से 30 दिनों के अंदर संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए अथवा संस्थान से संबद्ध सुरक्षित छात्रावास में स्थानांतरित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

    आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
    इस संबंध में संस्थानों को विद्यार्थियों की सुविधा, सुरक्षा, स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध आवासीय व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। बैठक में कहा गया कि किसी भी अप्रिय घटना, दुर्घटना या कानून-विरोधी गतिविधि की स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही उसके संभावित कारणों की पहचान कर आवश्यक निरोधात्मक कदम उठाए जाएं। प्रशासन और पुलिस को स्थानीय नागरिकों से समय-समय पर विदेशी विद्यार्थियों से संबंधित शिकायतों के साथ सूचनाएं प्राप्त होती रही हैं। कुछ मामलों में विद्यार्थियों द्वारा अनुशासनहीनता या कानून-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने की आशंका से संबंधित शिकायतें भी सामने आई हैं। इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए संस्थानों को अपने स्तर पर प्रभावी निगरानी, काउंसलिंग और अनुशासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

    कानून उल्लंघन की स्थिति में की जाएगी नियमानुसार कार्रवाई
    यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी विद्यार्थी के विरुद्ध केवल उसकी राष्ट्रीयता के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। कानून का उल्लंघन करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि विभिन्न देशों से आने वाले विद्यार्थियों की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि भारत की स्थानीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियों से अलग हो सकती है। ऐसे में विश्वविद्यालयों को चाहिए कि विदेशी विद्यार्थियों को भारतीय कानून, स्थानीय सामाजिक व्यवहार, रीति-रिवाज, सार्वजनिक आचरण एवं स्थानीय संवेदनशीलताओं के संबंध में आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान करें।

    विदेशी विद्यार्थियों के सहयोग की अपील
    साथ ही स्थानीय नागरिकों से भी अपील की गई कि विदेशी विद्यार्थियों के प्रति सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार रखें। किसी भी वास्तविक समस्या या कानून-विरोधी गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन, पुलिस या जिला प्रशासन को दें। सभी विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों को निर्देशित किया गया कि उनके संस्थान में अध्ययनरत विदेशी विद्यार्थियों से संबंधित अद्यतन एवं सत्यापित जानकारी संस्थान स्तर पर व्यवस्थित रूप से संधारित करें और आवश्यकतानुसार जिला प्रशासन के साथ साझा करें। इसमें विद्यार्थियों की संख्या, देश, पाठ्यक्रम, संस्थान में प्रवेश की स्थिति, छात्रावास/आवास का विवरण और आवश्यक संपर्क जानकारी सहित प्रासंगिक अभिलेखों को अद्यतन रखने पर जोर दिया गया।

    संस्थानों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि विदेशी विद्यार्थियों के भारत आगमन से लेकर अध्ययन अवधि एवं आवास संबंधी आवश्यक जानकारी का समुचित रिकॉर्ड उपलब्ध रहे तथा किसी भी महत्वपूर्ण परिवर्तन की जानकारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को समय पर दी जाए। विश्वविद्यालय प्रशासन को विदेशी विद्यार्थियों के लिए नियमित ओरिएंटेशन एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा उन्हें आपातकालीन संपर्क नंबर, पुलिस सहायता, यातायात नियम, साइबर सुरक्षा, नशीले पदार्थों एवं अन्य कानून-विरोधी गतिविधियों से दूर रहने संबंधी जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए।

    कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण ने विश्वविद्यालय प्रबंधन, विदेशी विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों से अपील की कि रायपुर को विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने में सभी पक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाएं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय प्रबंधन, विद्यार्थी, अभिभावक एवं स्थानीय समाज के समन्वित प्रयास से ही सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।

  • ईवीएम प्रबंधन, चुनावी डेटाबेस साझा करने और समय पर चुनाव कराने पर बनी सहमति

    ईवीएम प्रबंधन, चुनावी डेटाबेस साझा करने और समय पर चुनाव कराने पर बनी सहमति

    रायपुर

     राज्य निर्वाचन आयोग, छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर स्थित कार्यालय में आज राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति की अहम बैठक संपन्न हुई। 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन के तहत आयोजित इस बैठक में विभिन्न राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों ने स्थानीय निकाय चुनावों को और अधिक सुगम, निष्पक्ष, आधुनिक तकनीक से लैस एवं समय पर कराने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। 

    बैठक में स्थायी समिति द्वारा बनाई गई तीन उप-समितियों के कामकाज की प्रगति पर चर्चा की गई। इसमें राज्यों में लागू तकनीकी पहलों और ऑनलाइन व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई, ताकि दूसरे राज्य भी इन्हें अपने यहां लागू कर चुनावी कामकाज को बेहतर बना सकें। इसी तरह जरूरत पड़ने पर राज्यों के बीच ईवीएम साझा करने के लिए एक 'ईवीएम प्रबंधन प्रणाली सॉफ्टवेयर' तैयार करने पर विमर्श हुआ, जिसकी जिम्मेदारी बिहार राज्य निर्वाचन आयोग संभाल रहा है। इसके साथ ही चुनावों के सफल संचालन के लिए अपनाए गए अच्छे तौर-तरीकों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) के आदान-प्रदान और तय समय पर चुनाव कराने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने पर भी बात हुई।

    चुनावी डेटाबेस और M-3 मॉडल EVM पर सहमति

     बैठक में राज्यों के बीच चुनावी डेटाबेस साझा करने पर विचार हुआ, जिसका सुझाव गुजरात और महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने दिया था। इसके साथ ही जरूरत के समय राज्यों को M-3 मॉडल ईवीएम उपलब्ध कराने और उनके मिलकर इस्तेमाल करने की व्यवस्था पर भी सहमति बनी, जिसे पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रस्तावित किया था। अन्य राज्यों की चुनाव व्यवस्था और नवाचारों को समझने के लिए चुनाव कार्यक्रमों की जानकारी साझा करने और एक-दूसरे के यहां अध्ययन दौरे करने पर भी जोर दिया गया।

     बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्तों के ‘कोऑपरेटिव फेडरलिज्म और मल्टीलेवल गवर्नेंस’ विषय पर होने वाले आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए पुणे को संभावित स्थल तय किया गया। वहीं नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार ने नवा रायपुर के विकास और आधुनिक स्वरूप पर एक प्रस्तुति दी।

    नवीन विधानसभा और नवा रायपुर की सराहना

    बैठक के बाद विभिन्न राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों ने सपरिवार नवा रायपुर के सेक्टर-19 स्थित छत्तीसगढ़ के नवीन विधानसभा भवन का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने सदन के भीतर जाकर विधायी कामकाज और सदन चलाने की व्यवस्था की जानकारी ली। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस नए विधानसभा भवन का लोकार्पण किया था। उन्होंने नवा रायपुर के प्रमुख सेक्टरों का भी जायजा लिया। आयुक्तों ने यहां शिक्षा, स्वास्थ्य और नई तकनीक के क्षेत्र में तेजी से तैयार हो रही विश्वस्तरीय सुविधाओं को देखा तथा एक आधुनिक और सुनियोजित स्मार्ट शहर के रूप में नवा रायपुर के विकास मॉडल की सराहना की।

    डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम में देखी छत्तीसगढ़ के जनजातीय संघर्षों की झलक

     भ्रमण के अंत में निर्वाचन आयुक्तों ने नवा रायपुर स्थित देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का सपरिवार अवलोकन किया। आयुक्तों ने संग्रहालय के 14 अलग-अलग सेक्टरों में डिजिटल तकनीक और स्क्रीन के जरिए दिखाए गए छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों और आजादी की लड़ाई की प्रेरक गाथाओं को करीब से देखा और समझा। उन्होंने हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम, परलकोट, तारापुर, लिंगागिरी, कोई, मेरिया, मुरिया, रानी चौरिस, भूमकाल, सोनाखान विद्रोह, झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह जैसे ऐतिहासिक संघर्षों की जीवंत प्रस्तुतियों की जमकर तारीफ की। इसके पश्चात उन्होंने ट्राइबल म्यूजियम में आयोजित संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया।

  • निकाय चुनाव में टिकट को लेकर BJP में बढ़ी खींचतान, प्रदेश कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी

    निकाय चुनाव में टिकट को लेकर BJP में बढ़ी खींचतान, प्रदेश कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी

    जयपुर
    नगरीय निकाय चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा का मंथन रविवार को चौथे दिन भी आधी रात के बाद तक जारी रहा। करीब 4 से 5% सीटों पर अभी अंतिम फैसला नहीं हो सका। पार्टी इन सीटों पर आज फैसला करेगी। प्रदेश कार्यालय में प्रत्याशी चयन में गोपनीयता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। प्रत्याशी चयन को लेकर हुई बैठक में मोबाइल को लेकर सख्ती रही। कक्ष में नेताओं और पदाधिकारियों के मोबाइल रखने पर रोक थी।

    इसी दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का टेबल पर चार्जिंग में लगा मोबाइल भी सुरक्षाकर्मी (पीएसओ) के जरिए बैठक कक्ष से बाहर भिजवा दिया गया। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इससे पहले रविवार को प्रदेश कार्यालय में पहले भरतपुर संभाग के शेष निकायों के वार्डों पर प्रत्याशियों के नाम तय किए गए।

    इसके बाद जयपुर संभाग के 2,970 वार्डों पर मंथन शुरू हुआ। स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के कारण कई वार्डों पर नाम तय करने में पेच फंसा रहा। सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन पार्टी के अधिकृत जिला या निकाय प्रभारी संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को प्रत्याशियों के सिंबल सौपेंगे। सूत्रों के अनुसार पार्टी सिंबल वितरण के बाद ही प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक करने की तैयारी में है, ताकि बगावत की आशंका को कम किया जा सके। भाजपा की तरफ से प्रत्याशियों को नामांकन भरने के लिए फोन भी किए गए।

    'चर्चा में बैठते है तो वाद-विवाद होते ही है'
    भरतपुर संभाग के चुनाव संचालन समिति के प्रभारी अशोक परनामी ने रविवार को प्रदेश कार्यालय में मीडिया के सामने कहा कि मेरे घर पर हुई बैठक में कोई विवाद नहीं हुआ। न तो पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव ने कोई चप्पल दिखाई और न ही करौली जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन ने कोई गला दबाने का काम किया। जब हम चर्चा में बैठते हैं तो वाद-विवाद होते ही है। बाद में हमने मिलकर एक नाम तय कर दिया।

    अलवर निगम में टिकट वितरण को लेकर भाजपा में बगावत शुरू हो गई है। शहर के चार में से दो मंडल अध्यक्षों ने अपनी पूरी कार्यकारिणी के साथ इस्तीफा दे दिया है। ये इस्तीफे भाजपा जिलाध्यक्ष को भेजे गए हैं। वरिष्ठ भाजपाई सुरेश मेहता ने सोशल मीडिया पर लिखा- पार्टी को अनुभवी और पुराने नेताओं की जरूरत नहीं है। हमें घर बैठना चाहिए ताकि स्वार्थी और चापलूस लोगों को जगह मिल सके।

    प्रदेश कार्यालय के कार्यकर्ताओं बाहर ने की नारेबाजी
    जयपुर शहर के 150 वार्डों में प्रत्याशी चयन को लेकर रविवार देर रात तक माथापच्ची चलती रही। रात करीब 9 बजे के बाद चर्चा शुरू हो सकी। सिविल लाइंस और किशनपोल विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े वार्डों में संभावित नामों को लेकर गहमागहमी रही। कुछ कार्यकर्ताओं के प्रदेश कार्यालय पहुंचने और गेट के बाहर नारेबाजी करने से टिकट वितरण का मुद्दा और गरमा गया।

  • शिक्षा, टीबी और नशे की रोकथाम पर राज्यपाल सख्त, अधिकारियों को दिए अहम दिशा-निर्देश

    शिक्षा, टीबी और नशे की रोकथाम पर राज्यपाल सख्त, अधिकारियों को दिए अहम दिशा-निर्देश

    जयपुर
    राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में टीबी की स्थिति, मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई तथा शिक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी लेते हुए टीबी मरीजों को समय पर पूरा उपचार मुहैया कराने, ‘नशा मुक्त दौसा’ बनाने के लिए नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    राज्यपाल ने जिले में टीबी की स्थिति की समीक्षा करते हुए वर्तमान में टीबी से ग्रसित मरीजों की संख्या, उनकी औसत आयु और उपचार की स्थिति सहित विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों से रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त जिले का लक्ष्य रखते हुए टीबी के प्रत्येक मरीज को समय पर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार अस्पताल में भर्ती कर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    राज्यपाल ने जिले में मादक पदार्थों के उपयोग एवं नशे की स्थिति की समीक्षा करते हुए ‘नशा मुक्त दौसा’ बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ युवाओं के मन में नशे के प्रति नकारात्मक भावना विकसित की जाए। नशीले पदार्थों के स्रोतों को चिन्हित कर उन्हें बंद करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस मादक पदार्थों के स्रोत तक पहुंचे।

    उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों को अपने कार्मिकों के स्तर पर भी नशा मुक्ति के लिए पहल करनी चाहिए। शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की उपलब्धता पूरी तरह रोकने के लिए संबंधित विभाग समन्वय से कार्रवाई करें। पुलिस नशे के नेटवर्क के खिलाफ दृढ़ता से कार्रवाई करते हुए लगातार निगरानी एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे।

    राज्यपाल ने जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ जिले में शिक्षा की स्थिति की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात, शिक्षकों की उपलब्धता तथा विषयवार शिक्षकों की स्थिति सहित विभिन्न मानकों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने और उसे आगे बढ़ाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। जितने अधिक नागरिक शिक्षित होंगे, उतना ही देश मजबूत होगा। उन्होंने शिक्षकों से ‘मैं शिक्षक हूं’ की भावना को हमेशा अपने मन में रखते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहे, ड्रॉपआउट न हो और किसी भी स्तर पर पढ़ाई बीच में न छूटे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नीट एवं जेईई में चयनित विद्यार्थियों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।