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  • ‘मन की बात’ से प्रेरणा लेकर आयुर्वेद को जनकल्याण से जोड़ें : राज्यपाल  पटेल

    ‘मन की बात’ से प्रेरणा लेकर आयुर्वेद को जनकल्याण से जोड़ें : राज्यपाल पटेल

    भोपाल 

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि मन की बात से प्रेरणा लेकर आयुर्वेद को जनकल्याण से जोड़ें, क्योंकि आने वाला समय आयुर्वेद का है। आवश्यकता उसके ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने की है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन, प्रकृति संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश समाज तक पहुंचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। आयुर्वेद को केवल उपचार तक सीमित नहीं रखें। उसके ज्ञान से रोग नियंत्रण, स्वास्थ्य जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने आयुर्वेद महाविद्यालय को शिक्षा, शोध, सेवा और जन-जागरूकता को एक साथ आगे बढ़ाने का केंद्र बनने के लिए प्रोत्साहित किया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य का संबंध केवल दवा से नहीं, बल्कि स्वच्छता, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, योग, व्यायाम और सकारात्मक सोच से भी है।

    राज्यपाल  पटेल पं. खुशीलाल शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान के रजत जयंती सभागार में रविवार को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के प्रसारण से पूर्व श्रोताओं को संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल  पटेल ने कहा कि ‘मन की बात’ प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के नागरिकों से संवाद का नवाचार है, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रेरक कार्य और अनुभव सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम सामान्य नागरिकों के छोटे प्रयासों और जन भागीदारी की उपयोगी पहल को सामने लाकर समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक कार्य करने की प्रेरणा देता है। जागरूक नागरिक अपने स्तर पर निरंतर प्रयासों से समाज में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकते हैं। ‘मन की बात’ यह संदेश देती है कि समाज में बदलाव केवल बड़े प्रयासों से नहीं, बल्कि छोटे और निरंतर कार्यों से भी संभव है। उन्होंने उदाहरण दिया कि किसी गांव में एक विद्यार्थी भी स्वास्थ्य जागरूकता का छोटा अभियान शुरू कर अनेक परिवारों तक उसका प्रभाव पहुंचा सकता है।

    राज्यपाल  पटेल ने कहा कि आधुनिक समय में जीवनशैली से जुड़ी अनेक चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और अनुशासित दिनचर्या अत्यंत आवश्यक है। स्वस्थ शरीर से स्वस्थ मन और सक्रिय बुद्धि का निर्माण होता है। उन्होंने संतुलित आहार, मिलेट के सेवन, पर्याप्त पानी पीने, नियमित व्यायाम और कम तेल के उपयोग को स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया। कोविड के दौरान गिलोय की महत्ता को बताते हुए अधिकांश पेड़-पौधों में औषधीय गुण होने की बात कही। जन औषधि केंद्रों से दवाएँ लेने के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों पर बल दिया। बताया कि देश में 25 हजार केंद्र बनाने का लक्ष्य है, जिनमें 19 हजार केंद्र स्थापित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि गांवों और जनजातीय क्षेत्रों में औषधीय पौधों तथा पारंपरिक उपचार से जुड़ा व्यापक ज्ञान उपलब्ध है। इस ज्ञान को वैज्ञानिक दृष्टि से समझना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से स्थानीय ज्ञान, वन औषधियों और पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों के अध्ययन तथा शोध के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और जागरूक नागरिक ही मजबूत समाज की आधारशिला हैं। शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    प्रमुख सचिव आयुष  शोभित जैन ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि आयुष विभाग द्वारा जन स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित शिक्षा, शोध, उपचार और योग की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद प्रकृति, संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली पर आधारित प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जो स्वास्थ्य और कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। आभार प्रदर्शन आयुक्त आयुष मती आर. उमा महेश्वरी ने किया।

    कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल  पटेल का शॉल, फल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। अतिथियों द्वारा भगवान धनवंतरी की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

  • PM मोदी ने मन की बात में सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर जनगणना और नशामुक्ति अभियान तक की चर्चा

    PM मोदी ने मन की बात में सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर जनगणना और नशामुक्ति अभियान तक की चर्चा

    नई दिल्ली
     रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 138वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीय सेना द्वारा लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पार की गई 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक को याद किया। उन्होंने कहा कि भारत ने यह साफ कर दिया है कि आतंकवाद का जवाब मजबूत और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा।

    पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक ने दुनिया के सामने भारत की आतंक-रोधी नीति का एक नया उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि देश कल यानी 28 सितंबर को इस स्ट्राइक की दसवीं वर्षगांठ मनाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया यह देखकर हैरान रह गई थी कि आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक के लिए किस तरह बहादुर भारतीय सैनिकों ने नियंत्रण-रेखा पार की थी।

    'आतंकवादी हमलों का दिया जाएगा मुंहतोड़ जवाब'
    उन्होंने कहा कि आतंकी हमलों के कारण देश लंबे समय से दर्द झेल रहा था और सर्जिकल स्ट्राइक इसी का निर्णायक जवाब था। पिछले दशक में बालाकोट एयरस्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारत ने बार-बार यह संदेश दिया है कि आतंकवादी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले देश में सिलसिलेवार धमाका आम बात थी। 13 सितंबर, 2008 को दिल्ली के सिलसिलेवार धमाकों में कई लोग मारे गए थे। इसके कुछ ही हफ्तों बाद मुंबई में 26 नवंबर का हमला हुआ लेकिन अब भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति पर चल रहा है और इसका नतीजा सामने है।

    जनगणना को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
    प्रधानमंत्री ने जनगणना के संबंध में कहा कि इसका पहला चरण लगभग सभी राज्यों में पूरा हो गया है और 32 करोड़ से ज़्यादा परिवारों का डेटा दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के दूरदराज के और बर्फीले इलाकों में अभी काम चल रहा है।

    पीएम मोदी ने कहा कि इन इलाकों से कई प्रेरणादायक अनुभव सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में जनगणना की शुरुआत चमोली के माणा गांव में 83 साल की पूर्णिमा रावत के साथ हुई। माणा को देश का पहला गांव माना जाता है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तरकाशी के बागौरी गांव में होमस्टे चलाने वाले हरदेव सिंह राणा ने डिजिटल तरीके से अपना ब्योरा खुद दर्ज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना सभी की राष्ट्रीय जिम्मेदारी है और लोग अपने मोबाइल से ही अपनी और अपने परिवार की जानकारी 17 भाषाओं में दर्ज करा सकते हैं।

    उन्होंने लोगों से ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in पर जानकारी देने की अपील की और कहा कि पूरी प्रक्रिया में लगभग 20 मिनट लगते हैं और किसी दस्तावेज को अपलोड नहीं करना पड़ता। अब तक 2 करोड़ 60 लाख से ज्यादा लोगों ने मोबाइल से अपना ब्योरा दर्ज कराया है। नागरिकों के बारे में सही जानकारी देश के भविष्य की सटीक तस्वीर बनाने में मदद करती है।

    पीएम मोदी ने अशोक सिंघल को किया याद
    प्रधानमंत्री ने कहा कि आज विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल की सौवीं जयंती है। उन्होंने कहा कि सिंघल ने अपना पूरा जीवन संस्कृति, समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया। 27 सितंबर, 1926 को आगरा में जन्मे अशोक सिंघल ने समाज में रहते हुए भी एक तपस्वी जैसा जीवन जिया। राम जन्मभूमि आंदोलन को उन्होंने जो दिशा और ऊर्जा दी, अयोध्या में भव्य मंदिर उसी का परिणाम है। सिंघल ने सामाजिक भेदभाव और असमानता के खिलाफ भी लड़ाई लड़ी।

    सोमनाथ मंदिर को लेकर क्या कहा?
    प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने इस साल की शुरुआत सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के साथ की। उन्होंने बताया कि महमूद गजनवी ने पहली बार 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर को नष्ट किया था, फिर भी यह मंदिर अपनी पूरी भव्यता के साथ खड़ा है। वर्ष 1026 ईस्वी में जब गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को नष्ट किया था, उसी साल गुजरात के मोढेरा में प्रसिद्ध सूर्य मंदिर को भी हमला कर नष्ट कर दिया गया था जिसे राजा भीमदेव ने 1025 में बनवाया था।

    पीएम मोदी ने कहा कि मोढेरा सूर्य मंदिर को बाद में अलाउद्दीन खिलजी ने भी नष्ट कर दिया था। हमारे लिए सूर्य प्रकाश, ऊर्जा, विज्ञान और निरंतरता की प्रेरणा का प्रतीक है, इसीलिए आज मोढेरा न केवल अपने सूर्य मंदिर के लिए जाना जाता है, बल्कि देश का पहला सूर्य ग्राम यानी सोलर विलेज भी बन गया है। मोढेरा में पर्यटकों के लिए कई आकर्षण और सुविधाओं की शुरूआत की गई है। मकर संक्रांति के बाद जनवरी में मोढेरा नृत्य महोत्सव होता है। इसमें सांस्कृतिक और शास्त्रीय नृत्यों की प्रस्तुतियां दी जाती हैं।

    स्वच्छता अभियान की दिलाई याद
    प्रधानमंत्री ने आगामी 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती की चर्चा करते हुए कहा कि स्वच्छता, बापू के जीवन के मार्गदर्शक सिद्धांतों में से एक है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के युवा एक नदी को साफ करने का काम कर रहे हैं। इसी तरह, आंध्र प्रदेश में युवा पुरानी बावड़ियों और कुओं की सफाई कर रहे हैं, जिससे भारत की प्राचीन विरासत को पुनर्जीवित करने में मदद मिल रही है। मुंबई में कुछ युवा समुद्र तटों को साफ रखने की पहल कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली में बच्चे और युवा कचरा अलग करने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने ते लिए जागरूकता बढ़ा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में विद्यार्थी स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पिकनिक स्थलों के बाजार-क्षेत्रों की सफाई कर रहे हैं। इन सभी प्रयासों की शुरुआत एक व्यक्ति से होती है और दूसरे लोगों के जुड़ने से आंदोलन बढ़ता जाता है। यही जन- भागीदारी का सार है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता ही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

    नशा मुक्त युवा अभियान
    प्रधानमंत्री ने कहा कि नशा–मुक्त युवा अभियान के तहत देश के लाखों युवाओं ने हाल ही में, नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा की है और इसकी जानकारी दूसरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी ली है। यह अभियान सौ सप्ताह चलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में ही देश भर में हजारों शपथ और जागरूकता कार्यक्रम हुए हैं। उन्होंने नशा-मुक्ति का संदेश पहल की सराहना की। इसमें युवा अपनी भाषा और अपने तरीके से इस संदेश का प्रसार करते हैं।

    प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपनी रचनात्मकता का उपयोग करते हुए इस अभियान में शामिल होने की अपील की। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि माय भारत मंच पर राष्ट्रगान, नारा लेखन और नुक्कड़ नाटक सहित कई प्रतियोगिताएं की गई हैं। इसी तरह, युवा सोशल मीडिया पर हैशटैग नशामुक्तयुवा का इस्तेमाल करते हुए रचनात्मक सामग्री साझा कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच और ध्यान शिविर जैसे कार्यक्रम भी किए जाएंगे। उन्होंने लोगों से त्योहारी मौसम के बीच, अपने आसपास ऐसे लोगों का सहयोग करने की अपील की जो नशे से छुटकारा पाने की कोशिश कर रहे हैं।

  • PM Modi की ‘मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़ का कोरबा, जल संरक्षण मॉडल बना देशभर के लिए मिसाल

    PM Modi की ‘मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़ का कोरबा, जल संरक्षण मॉडल बना देशभर के लिए मिसाल

    प्रधानमंत्री के 'मन की बात' में गूंजा कोरबा का जल संरक्षण मॉडल

    'कैच द रेन' अभियान में नगर निगम के नवाचारों की प्रधानमंत्री ने की सराहना

    रायपुर 
    जल संरक्षण के क्षेत्र में कोरबा जिले के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित प्रयासों को आज राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान मिली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 136वें एपिसोड में कोरबा नगर पालिक निगम द्वारा कैच द रेन अभियान के अंतर्गत किए जा रहे वर्षा जल संरक्षण कार्यों का उल्लेख करते हुए इसे जल संवर्धन की प्रभावी पहल बताया। यह उपलब्धि कोरबा नगर पालिक निगम, जिला प्रशासन एवं जिलेवासियों के लिए गौरव का विषय है।

    'कैच द रेन' अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन

           कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन तथा नगर पालिक निगम, कोरबा के आयुक्त आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से अनेक नवाचारी एवं स्थायी पहल की गई हैं। 'कैच द रेन' अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत वर्षा जल का अधिकतम संचयन एवं भूजल स्तर में वृद्धि के लिए शहर में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।
    एसएएम-2.0 योजना के अंतर्गत शहर के 10 विभिन्न स्थानों पर रिचार्ज वेल का निर्माण कराया गया है। इनका निर्माण नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (इसरो) के तकनीकी विशेषज्ञों के परामर्श से इंजेक्ट वेल पद्धति के अनुसार किया गया है। इन रिचार्ज वेल के माध्यम से भारी वर्षा के दौरान सड़कों एवं नालियों में बहने वाले वर्षा जल को सीधे भूगर्भ में पहुंचाया जा रहा है, जिससे जल का अपव्यय रुक रहा है तथा भूजल स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।

    1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट स्थापित

             नगर निगम ने वर्षा जल संचयन को जनभागीदारी से जोड़ते हुए शासकीय भवनों में 757 तथा निजी भवनों में 971, कुल 1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट स्थापित कराए हैं। साथ ही भवन अनुज्ञा विभाग द्वारा जारी प्रत्येक भवन निर्माण अनुमति में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य प्रावधान के रूप में शामिल किया गया है।

    रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान अनिवार्य

               इसके अतिरिक्त सामुदायिक भवनों, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों, आंगनबाड़ी भवनों, मंगल भवनों तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों के निर्माण में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में 109 निर्माण कार्यों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं, जिनमें वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

    95 अनुपयोगी, क्षतिग्रस्त एवं ध्वस्त बोरवेलों का चिन्हांकन कर रिचार्ज

              भूजल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्थित 95 अनुपयोगी, क्षतिग्रस्त एवं ध्वस्त बोरवेलों का चिन्हांकन कर उन्हें रिचार्ज संरचनाओं के रूप में विकसित करने के लिए री-ड्रिलिंग की कार्ययोजना तैयार की गई है। इससे अनुपयोगी संसाधनों का उपयोग जल संरक्षण के लिए किया जा सकेगा।

    वाटर हार्वेस्टिंग पिट के माध्यम से जल संरक्षण को भी बढ़ावा

             जल संरक्षण के साथ-साथ जिले में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने के लिए भी व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा कोरबा एवं कटघोरा वनमंडल में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है तथा वाटर हार्वेस्टिंग पिट के माध्यम से जल संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कोरबा वनमंडल में इस वर्ष ढाई लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    सभी शासकीय कार्यालयों के परिसरों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहन

              कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार जिले में 15 सितंबर तक एक पेड़ माँ के नाम सहित सघन वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम द्वारा 18 जुलाई को "रन फॉर ग्रीन कोरबा" का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों की सहभागिता से पौधरोपण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके साथ ही बीबी-राम-जी अभियान के माध्यम से पौधों का वितरण कर सभी शासकीय कार्यालयों के परिसरों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 'मन की बात' में कोरबा के जल संरक्षण मॉडल का उल्लेख किया

            प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 'मन की बात' में कोरबा के जल संरक्षण मॉडल का उल्लेख किया जाना इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय स्तर पर दूरदृष्टि, नवाचार और जनभागीदारी के साथ किए गए प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रेरणा बन सकते हैं। कोरबा नगर पालिक निगम का यह मॉडल अब जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के अन्य नगरीय निकायों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में उभर रहा है।

    रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित कर वर्षा जल संचयन को जनआंदोलन बनाएं

           कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं निगमायुक्त आशुतोष पांडेय ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों, संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित कर वर्षा जल संचयन को जनआंदोलन बनाएं तथा जल संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

  • मन की बात में पीएम मोदी ने करगिल शौर्य और जल संरक्षण पर दिया संदेश

    मन की बात में पीएम मोदी ने करगिल शौर्य और जल संरक्षण पर दिया संदेश

    नई दिल्ली
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम के 136वें एपिसोड में लोगों को संबोधित कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने सबसे पहले करगिल विजय दिवस के मौके पर शहीदों को याद किया। उन्होंने कहा कि करगिल विजय दिवस की तारीफ को याद करने की जरूरत नहीं है। यह हर भारतीय के मन मस्तिष्क में रहती है। यह बलिदान की अमर गाथा है। उन्होंने कहा कि करगिल युद्ध में भारतीय जवानों ने कठिन चुनौतियों के बाद भी हार नहीं मानी और देश को जीत दिलाई। वीर जवानों की याद में इस बार नई दिल्ली से द्रास तक विशेष शौर्य यात्रा निकाली जा रही है। पीएम मोदी ने बताया कि स्वदेशी रक्षा तकनीक लगातार भारतीय सेनाओं को मजबूत बना रही हैं। उन्होंने बताया कि INS महेंद्र गिरी नौसेना में शामिल हुआ है और इसी साल पिनाका मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया गया है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम में एक बार फिर से कैच द रेन अभियान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैंने पिछले मन की बात कार्यक्रम में इसका जिक्र किया था। इसके बाद लोगों ने इस पर काम करना शुरू किया है। पीएम मोदी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य जहां पानी गिरे उसे रोकना है। लोगों ने इसके लिए विशेष अभियान चलाया है। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में 4 हजार तालाब बनाए गए हैं। इसके साथ ही कई राज्यों ने भी इसमें हिस्सा लिया है। कहीं नदियों की गाद साफ की जा रही है, तो कहीं कुओं और तालाबों को नया जीवन दिया जा रहा है।

    तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि की पोती कयालविजी ने एसबीआई ब्रांच में मैनेजर को ही थप्पड़ मार दिया। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक उनकी लिफ्ट को लेकर बहस हो गई थी।

    तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि की पोती कयालविजी ने एसबीआई के बैंक मैनेजर को थप्पड़ जड़ दिया। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले वह बैंक मैनेजर का मजाक उड़ाने वाले हावभाव दिखाती हैं और फिर थप्पड़ मार देती हैं। जानकारी के मुताबिक लिफ्ट ठीक से ना चलने को लेकर उनकी मैनेजर से बहस हो गई थी।

    पूर्व केंद्रीय मंत्री की बेटी हैं कयालविजी
    रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना 20 जुलाई को है। अदियार इलाके में एसबीआई एनआरआई की ब्रांच में कयालविजी पहुंची थीं। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री एमके अलागिरी की बेटी हैं। कयालविजी मैनेजर के ऑफिस पहुंचीं। वीडियो में देखा जा सकता है कि वह बैठकर मैनेजेर से बात कर रही हैं। इसके बाद उनकी मैनेजर से तीखी बहस शुरू हो जाती है और वह अचानक कुर्सी से उठकर मैनेजर को एक थप्पड़ लगा देती हैं।