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  • वार्ड 74 के विकास को मिलेगी गति, राज्यमंत्री गौर ने बताई सरकार की प्राथमिकता

    वार्ड 74 के विकास को मिलेगी गति, राज्यमंत्री गौर ने बताई सरकार की प्राथमिकता

    क्षेत्र का समग्र विकास और उन्नत नागरिक सुविधाएं हमारी प्राथमिकता : राज्यमंत्री  गौर

    वार्ड 74 में 60 लाख रुपये के विकास कार्यों किया भूमि-पूजन

    भोपाल 

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा कि गोविंदपुरा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास तथा नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण मूलभूत नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क, नाली, पेयजल एवं अन्य ढांचागत संरचनाओं को सशक्त बनाने की दिशा में विकास कार्य निरंतर गतिशील हैं। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौर ने उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए तथा उन्हें निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण किया जाए, जिससे जन-सामान्य को इन लोक-कल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ अविलंब मिल सके।

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर मंगलवार को भोपाल के गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 74 में लगभग 60 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत विभिन्न बुनियादी विकास कार्यों के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं ।उन्होंने कहा कि इन जनोपयोगी निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से संपूर्ण क्षेत्रवासियों को सुदृढ़ सड़क मार्ग एवं समुचित जल-निकासी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के क्षेत्र में स्थायी राहत एवं सुगमता प्राप्त होगी।

    राज्यमंत्री  गौर ने साईंधाम करारिया में 17 लाख 60 हजार रुपये की लागत से बनने वाली सीसी रोड एवं आरसीसी नाली निर्माण कार्य तथा कैलाश नगर सेमरा में 12 लाख 25 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सीसी नाली का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने महाराज रंजीत सिंह मार्ग से गणपति रॉयल तक 13 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित सीसी रोड, कैलाश नगर में 11 लाख 50 हजार रुपये की लागत से आकार लेने वाली सीसी रोड व आरसीसी नाली तथा शारदा नगर में 4 लाख रुपये की लागत के सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया।

    समारोह के समापन अवसर पर राज्यमंत्री  गौर ने विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के कड़े निर्देश दिए। वहीं, क्षेत्र में बुनियादी विकास की इस नई सौगात के लिए स्थानीय नागरिकों एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने राज्यमंत्री श्रीमती गौर का हृदय से आभार व्यक्त किया।

     

  • विकसित भारत के संकल्प की अविराम यात्रा कृष्णा गौर

    विकसित भारत के संकल्प की अविराम यात्रा कृष्णा गौर

    भोपाल

    भारत के सार्वजनिक जीवन में कुछ यात्राएँ केवल राजनीतिक यात्रा नहीं होतीं, वे राष्ट्र-निर्माण की यात्रा बन जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष ऐसी ही एक प्रेरणादायी यात्रा का प्रतीक हैं।

    7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी जी ने जिस जिम्मेदारी को स्वीकार किया था, वह आज 25 वर्षों की निरंतर जनसेवा, नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण की एक ऐतिहासिक यात्रा बन चुकी है। गुजरात से शुरू हुई यह यात्रा आज भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और विश्व में अग्रणी राष्ट्र बनाने के संकल्प तक पहुँच चुकी है।

    इन 25 वर्षों को केवल सत्ता में निरंतरता के रूप में देखना इस यात्रा को सीमित कर देना होगा। वास्तव में यह नीति से नीयत, नीयत से परिणाम और परिणाम से जनविश्वास तक की यात्रा है।

    गरीब के सम्मान से राष्ट्र के उत्थान तक

    प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही है कि विकास को उन्होंने केवल बड़े शहरों और बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रखा। गरीब, किसान, महिला, युवा, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, जनजातीय समाज और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्य धारा से जोड़ना उनकी नीतियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

    जनधन योजना के माध्यम से वित्तीय समावेशन, उज्ज्वला योजना के माध्यम से महिलाओ के जीवन में सुविधा, स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से स्वच्छता को जन आंदोलन बनाना, प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को पक्का घर, आयुष्मान भारत के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा और पीएम-किसान के माध्यम से किसानों को प्रत्यक्ष सहायता—इन पहलों ने शासन और सामान्य नागरिक के बीच संबंध को नए रूप में स्थापित किया है। यह परिवर्तन केवल योजनाओ की सूची नहीं है। यह उस सोच का परिणाम है जिसमें सरकार का अर्थ केवल प्रशासन नहीं, बल्कि जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन है।

    महिला शक्ति को नेतृत्व की शक्ति बनाना

    प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने नारी शक्ति को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सक्रिय भागीदार के रूप में देखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से लेकर महिला स्वयं सहायता समूहों, उज्ज्वला, मुद्रा, जनधन और अन्य योजनाओ तक महिलाओ को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त करने का प्रयास हुआ है। आज देश की महिलाएँ राजनीति, प्रशासन, विज्ञान, सेना, खेल, उद्यमिता और शिक्षा सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे कदम राजनीतिक प्रतिनिधित्व के क्षेत्र में भी एक नई दिशा का संकेत देते हैं।

    एक महिला जनप्रतिनिधि के रूप में मैं मानती हूँ कि जब देश की आधी आबादी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती है, तब पूरा देश आगे बढ़ता है।

    पिछड़े वर्गों के सशक्तीकरण की दिशा में

    मेरे लिए प्रधानमंत्री मोदी जी की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पक्ष सामाजिक न्याय और अवसरों के विस्तार सेभी जुड़ा है। पिछड़े वर्गों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ना के वल राजनीतिक प्रतिनिधित्व का विषय नहीं है; यह शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, कौशल, वित्तीय अवसर और सम्मानजनक जीवन से जुड़ा व्यापक प्रश्न है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सरकार ने वंचित वर्गों के लिए योजनाओ की पहुँच बढ़ाने, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण को मजबूत करने और अवसरों को अधिक व्यापक बनाने पर जोर दिया है। यही सोच ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के भाव को मजबूत करती है। मध्य प्रदेश में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण के दायित्व से जुड़े होने के कारण मैं विशेष रूप से महसूस करती हूँ कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओ का लाभ पहुँचाना ही सुशासन की वास्तविक कसौटी है।

    डिजिटल भारत और बदलता हुआ शासन

    पिछले 25 वर्षों की एक बड़ी उपलब्धि भारत के शासन तंत्र में तकनीक का व्यापक समावेश भी है। आज डिजिटल भुगतान, आधार, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और ऑनलाइन सेवाओ ने नागरिक और सरकार के बीच की दूरी को कम किया है। भारत ने यह दिखाया है कि तकनीक के वल आधुनिकता का प्रतीक नहीं, बल्कि पारदर्शिता, गति और समावेशन का माध्यम भी बन सकती है। भारत की डिजिटल क्षमता ने विश्व के सामने एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है और अनेक क्षेत्रों में भारत आज समाधान देनेवालेदेशों मेंशामिल हो रहा है।

    आत्मनिर्भर भारत सेविकसित भारत तक

    प्रधानमंत्री मोदी जी की सोच में भारत के वल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि एक मजबूत उत्पादन, नवाचार और आत्मनिर्भरता वाला राष्ट्र है।

    ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और बुनियादी ढाँचे में बड़े निवेश जैसी पहलों ने भारत की आर्थिक क्षमता को नई गति देने का प्रयास किया है।

    आज भारत की आकांक्षा के वल वर्तमान को बेहतर बनाने की नहीं, बल्कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की है। यह लक्ष्य के वल सरकार का लक्ष्य नहीं हो सकता; यह 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक भागीदारी सेही पूरा होगा।

    विश्व पटल पर नए आत्मविश्वास का भारत

    प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति में भी आत्मविश्वास और सक्रियता दिखाई देती है। भारत ने वैश्विक मंचों पर विकासशील देशों की आवाज को मजबूती से रखने का प्रयास किया है। G20 की अध्यक्षता, वैश्विक दक्षिण की चिंताओ को सामने रखना, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, आपदा के समय सहायता और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका इस परिवर्तन को दर्शाती है। भारत आज विश्व व्यवस्था में केवल एक सहभागी नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्णऔर प्रभावशाली भागीदार के रूप मेंअपनी भूमिका को मजबूत कर रहा है।

    25 वर्ष हमें क्या सिखाते हैं?

    श्री नरेन्द्र मोदी जी की 25 वर्षों की यात्रा हमें यह सिखाती है कि नेतृत्व केवल पद प्राप्त करने का नाम नहीं है। नेतृत्व का वास्तविक अर्थ है—दृष्टि रखना, कठिन निर्णय लेने का साहस रखना और उन निर्णयों को परिणाम में बदलने के लिए निरंतर परिश्रम करना। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री तक की यह यात्रा निरंतर जनसेवा की यात्रा रही है। आज जब हम इन 25 वर्षों को देखते हैं, तो यह केवल अतीत का मूल्यांकन करने का अवसर नहीं, बल्कि आने वाले भारत की दिशा तय करने का अवसर भी है।

    विकसित भारत के संकल्प के साथ

    आज इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं प्रधानमंत्री मोदी जी को 25 वर्षों की निरंतर जनसेवा के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देती हूँ। एक जनप्रतिनिधि और मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री के रूप में मेरा विश्वास है कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ केवल एक विचार नहीं, बल्कि नए भारत की कार्य संस्कृति है।

    हमारा संकल्प है कि समाज के प्रत्येक वर्ग—विशेषकर गरीब, पिछड़े, वंचित, महिलाएँ, युवा और अल्पसंख्यक को विकास की मुख्य धारा से जोड़ते हुए एक ऐसा भारत बनाया जाए जहाँ अवसर सबके लिए हों और सम्मान प्रत्येक नागरिक का अधिकार हो। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में पिछले 25 वर्षों ने भारत को नई आकांक्षा, नया आत्मविश्वास और नई दिशा दी है। अब अगला लक्ष्य और भी बड़ा है—

    2047 का विकसित भारत।

    आइए, इस अमृत संकल्प की यात्रा में हम सभी अपनी भूमिका निभाएँ और एक ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प लें जो समृद्ध भी हो, सशक्त भी हो, आत्म निर्भर भी हो और अपनी महान सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने वाला विश्वगुरु भारत भी हो।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जनसेवा के 25 गौरवपूर्ण वर्षों की हार्दिक बधाई।

     

     

  • मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर संकोच दूर करना और व्यापक जागरूकता लाना बेहद आवश्यक: राज्यमंत्री गौर

    मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर संकोच दूर करना और व्यापक जागरूकता लाना बेहद आवश्यक: राज्यमंत्री गौर

    भोपाल। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्ण गौर ने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं एवं बेटियों के जीवन की एक अत्यंत स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, किंतु लंबे समय तक सामाजिक झिझक के कारण इस विषय पर खुलकर चर्चा न होने से अनेक किशोरियों और महिलाओं को सही समय पर स्वच्छता संबंधी आवश्यक जानकारी नहीं मिल पाती थी। स्वस्थ बेटी, जागरूक महिला और आत्मविश्वासी नारी ही समाज की वास्तविक प्रगति का आधार हैं। 

    स्वच्छता से स्वास्थ्य, स्वास्थ्य से आत्मविश्वास और आत्मविश्वास से महिला सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त होता है। इस संदेश को प्रत्येक जरूरतमंद बहन-बेटी तक पहुँचाना हम सभी की सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। एक सक्षम बेटी, आत्मनिर्भर नारी और सशक्त मातृत्व ही हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं।" पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर भोपाल स्थित गोविंदपुरा क्षेत्र के रत्नागिरी चौराहा, आनंद नगर दशहरा मैदान में आयोजित विशाल सैनिटरी पैड वितरण समारोह को संबोधित कर रही थीं।

    कृष्णा सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था के तत्वावधान में आयोजित जनहितकारी कार्यक्रम में राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने लगभग 2,000 महिलाओं को 3 महीने की अवधि के लिए उपयोगी नि:शुल्क सेनेटरी पैड का वितरण किया। उन्होंने कहा कि केवल सैनिटरी पैड उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके सुरक्षित उपयोग, उचित निस्तारण तथा आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों से परामर्श लेने के संबंध में व्यापक जनजागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों के साथ स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर सहज और खुलकर संवाद स्थापित करने का आह्वान किया।

    राज्यमंत्री गौर ने रेखांकित किया कि मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं और बेटियों के सम्मान, उन्नति के अवसरों एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। समाज सेवा की वास्तविक परिभाषा को परिभाषित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद तक स्वच्छता सामग्री पहुँचाना, बेटी के मन से झिझक दूर करना और उसे स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना ही सच्ची जनसेवा है। उन्होंने संस्था के सदस्यों एवं सहयोगियों की इस अनुकरणीय पहल की प्रशंसा करते हुए प्रदेश की बेटियों के स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।

     

  • अवधपुरी में सड़कों का निरीक्षण, गड्ढे तुरंत भरने के निर्देश

    अवधपुरी में सड़कों का निरीक्षण, गड्ढे तुरंत भरने के निर्देश

    भोपाल
     पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को गोविंदपुरा क्षेत्र के अवधपुरी में विभिन्न कॉलोनियों की सड़कों का निरीक्षण किया। उन्होंने आदर्श विहार, रीगल टाउन, सरला स्टेट, न्यू फोर्ट कॉलोनी और कंचन नगर में सड़क एवं अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान सड़कों पर जगह-जगह बने गड्ढों और खुली सीवेज लाइनों को देखकर राज्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण रहवासियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए, ताकि आगामी त्योहारों के दौरान नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    श्रीमती गौर ने अतिक्रमण के कारण सड़कों के संकरे होने पर भी अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाया जाए और आवश्यकतानुसार सड़क का चौड़ीकरण किया जाए। उन्होंने निर्माण एवं मरम्मत कार्य रात के समय कराने के निर्देश दिए, ताकि दिन में यातायात और आमजन की आवाजाही प्रभावित न हो।

    राज्यमंत्री ने बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को 10 दिन के भीतर चालू कराने तथा रहवासी क्षेत्र में संचालित गोदाम को नोटिस जारी कर नियमानुसार सील करने की कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

    रहवासियों को संबोधित करते हुए श्रीमती गौर ने कहा कि बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें खराब हुई हैं। इनका शीघ्र सुधार कराया जाएगा। फिलहाल गड्ढों को मजबूती से भरने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर निगम और  बिजली विभाग के अधिकारियों सहित सैकड़ों की संख्या में रहवासी मौजूद रहे।

  • भोपाल में विश्वकर्मा जयंती कार्यक्रम, मंत्री कृष्णा गौर ने सुख-समृद्धि की कामना की

    भोपाल में विश्वकर्मा जयंती कार्यक्रम, मंत्री कृष्णा गौर ने सुख-समृद्धि की कामना की

    भोपाल
    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के दिव्य शिल्पकार के रूप में जाना जाता है। उनका अद्वितीय ज्ञान, कौशल और निर्माण क्षमता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। भारतीय संस्कृति में भगवान विश्वकर्मा का विशेष महत्व है और उनकी जयंती हमें सृजन, परिश्रम एवं राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी धर्म, संस्कृति और हमारी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रही है। राज्यमंत्री गौर विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गोविंदपुरा क्षेत्र के बागसेवनिया स्थित विश्वकर्मा मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।

    प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में साकार हो रहा 'विकसित भारत' का संकल्प
    राज्यमंत्री गौर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मोत्सव पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ है।प्रधानमंत्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में देश में निर्माण और विकास की प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि 'विकसित भारत' के संकल्प के तहत प्रधानमंत्री मोदी समाज के सभी वर्गों के कल्याण और देश के सर्वांगीण विकास के लिए अहर्निश कार्य कर रहे हैं।

    कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद प्रताप बारे, प्रदीप पाठक, रामबाबू पाटीदार, सुरेंद्र पंडित सहित बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया अवधपुरी में 3.36 करोड़ की लागत से 4 लेन सीसी सड़क का भूमिपूजन

    राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया अवधपुरी में 3.36 करोड़ की लागत से 4 लेन सीसी सड़क का भूमिपूजन

    अवधपुरी में 3.36 करोड़ की लागत से बनेगी 4 लेन सीसी सड़क, राज्यमंत्री  कृष्णा गौर ने किया भूमिपूजन

    भोपाल
    अवधपुरी क्षेत्र के रहवासियों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। लंबे समय से प्रतीक्षित सड़क निर्माण कार्य अब जल्द ही शुरू होगा।  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने SBI ब्रांच से क्रिस्टल आइडल सिटी गेट तक बनने वाली 4 लेन सीसी सड़क का विधिवत भूमिपूजन किया।

    करीब 3 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क क्षेत्र के आवागमन को सुगम बनाएगी। विशेष बात यह है कि इस परियोजना में सेंटर ब्रिज और स्ट्रीट लाइट का निर्माण भी शामिल है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक सुचारु हो सकेगी।

    कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्र के विकास और नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह सड़क बनने से अवधपुरी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी।

    स्थानीय रहवासियों ने लंबे समय से इस सड़क की मांग की थी, जो अब पूरी होने जा रही है। भूमिपूजन कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष श्री सुरेंद्र धोटे,  श्री संजय शिवनानी , श्री वी शक्तिराव सहित  क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।