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  • कबड्डी में गोल्ड जीतकर मनीषा ने बढ़ाया देश का मान, भिवानी के परिवार की बदली जिंदगी

    कबड्डी में गोल्ड जीतकर मनीषा ने बढ़ाया देश का मान, भिवानी के परिवार की बदली जिंदगी

    हिसार.

    दो एकड़ जमीन, परिवार की सीमित आमदनी व आंखों में बड़े सपने। इन चुनौतियों के बीच भिवानी रोहिल्ला की बेटी मनीषा ने कबड्डी के मैदान में ऐसा दम दिखाया कि परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में भी योगदान दिया।

    गरीब किसान परिवार में जन्मी मनीषा ने मेहनत व लगन के दम पर गांव से खेल का सफर शुरू किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। चीन के बाद एशियन गेम्स में भी गोल्ड जीतकर परिवार का नाम रोशन किया है।

    2016 से किया था कबड्डी का अभ्यास
    वर्ष 2016 में शुरू किया था कबड्डी का अभ्यास मनीषा ने वर्ष 2016 में गांव में ही कोच धर्मपाल के मार्गदर्शन में कबड्डी का अभ्यास शुरू किया था। करीब तीन साल की मेहनत के बाद उसे जिला स्तर पर खेलने का मौका मिला। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2022 में पंजाब में आयोजित नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, हालांकि क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।
    निराश होने के बजाय मनीषा ने अपनी कमियों पर काम किया। हरिद्वार में आयोजित सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया। स्टेट स्तर की प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन किया और आगे बढ़ने का सिलसिला जारी रखा।

    आर्थिक चुनौतियों को मात दे परिवार की बदली तकदीर
    बहनों ने भी बनाई पहचान मनीषा पांच बहनों में चौथे नंबर पर है और उसका एक छोटा भाई भी है। परिवार के पास केवल दो एकड़ जमीन है, ऐसे में आर्थिक चुनौतियों के बीच खेल में आगे बढ़ना आसान नहीं था। मनीषा व उसकी दो बहनें रेनू और शिक्षा भी पदक जीतकर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में योगदान दिया है।

  • ईरान को हराकर भारत बना चैंपियन, महिला कबड्डी में गोल्ड मेडल

    ईरान को हराकर भारत बना चैंपियन, महिला कबड्डी में गोल्ड मेडल

    टोक्यो 

     भारतीय महिला कबड्डी टीम ने कबड्डी फाइनल में शानदार खेल दिखाया और ईरान को हराकर एशियाई खेल 2026 में भारत के लिए तीसरा गोल्ड मेडल जीता। बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर यह कड़ा मुकबला अपने नाम किया। महिला कबड्डी में लगातार गोल्ड मेडल जीतकर भारत ने इतिहास रच दिया।

    मुकाबले के दौरान कई बार ऐसा लगा कि ईरान जीत जाएगा और भारत को हरा देगा। हालांकि, टीम ने दबाव में भी शानदार खेल दिखाया और एशियाई खेलों में देश के लिए तीसरा गोल्ड मेडल जीता। दिलचस्प बात यह है कि मुकाबले के आखिरी पलों में ईरान ने कई गलतियां कीं। एक समय तो उनकी टीम के दो रेडर्स ने 'डबल एंट्री' भी कर दी। छोटी-मोटी गलतियों के बावजूद, भारतीय टीम की मानसिक मजबूती ने उन्हें मैच जीतने और आखिर में पहला स्थान हासिल करने में मदद की।

    भारत ने महिला कबड्डी में चौथी बार जीता मेडल
    2010 में एशियाई खेलों में महिला कबड्डी स्पर्धा की शुरुआत के बाद से भारत ने अब तक खेले गए पांचों फाइनल में जगह बनाई है और सभी में मेडल जीतने में सफल रहा है। (टीम ने चार बार स्वर्ण पदक और एक बार रजत पदक जीता है।) भारत महिला कबड्डी टीम ने 2010 में गुआंगझोऊ में थाइलैंड को 28-14 से हराकर खिताब जीता था। 2014 में इंचियोन (दक्षिण कोरिया) में टीम ने ईरान को 31-21 से हराकर गोल्ड मेडल जीता था। जकार्ता 2018 में ईरान ने बाजी मारी थी और भारत को 27-24 से हार मिली थी। भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। 2022 में तय हांगझोऊ एशियन गेम्स का आयोजन 2023 में हुआ था। जिसमें भारतीय महिला टीम ने चीनी ताइपे को 26-25 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। एशियन गेम्स 2026 में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।

    भारत का रहा दबदबा
    शुक्रवार को टोकाई सिटिजन्स जिम्नेजियम में खेले गये मुकाबले में भारत ने नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। 2010 में एशियाई खेलों में महिला कबड्डी स्पर्धा की शुरुआत के बाद से भारत सभी पांचों बार फाइनल में पहुंचा है। जकार्ता 2018 में स्वर्ण पदक मैच को छोड़कर, जिसमें ईरान जीता था, भारत ने बाकी सभी फाइनल जीते हैं।

    मौजूदा चैंपियन भारत ने इस तरह से प्रतियोगिता में अपना अजय अभियान जारी रखा है। भारत ने पहले हाफ में 31-17 की बड़ी बढ़त बना ली, जिसमें चार ऑल-आउट और चार बोनस अंक शामिल थे। नेपाल भारत को पर्याप्त चुनौती नहीं दे सका और दूसरे हाफ में केवल सात अंक ही जुटा सका। इससे पहले महिला टीम ने ग्रुप चरण में ईरान, बांग्लादेश और जापान को हराया था। महिला कबड्डी को 2010 में पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया था और तब से भारत ने इसमें अपना दबदबा बनाए रखा है।

    भारतीय टीम ने पहले हाफ में बना ली थी 22-16 की बढ़त
    भारतीय महिला कबड्डी टीम एशियन गेम्स 2026 का आगाज होने से पहले ही गोल्ड जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी, जिसमें उनका प्रदर्शन भी शानदार देखने को मिला जो गोल्ड मेडल मुकाबले तक जारी रहा। ग्रुप स्टेज में जहां भारतीय महिला कबड्डी टीम का एकतरफा प्रदर्शन देखने को मिला तो वहीं सेमीफाइनल मैच को भी उन्होंने एकतरफा अंदाज में अपने नाम किया था। गोल्ड मेडल मैच में भारतीय टीम को ईरान से कड़ी टक्कर भी मिली जिसमें पहले हाफ में एक समय स्कोर 7-7 की बराबरी पर था, जिसके बाद भारतीय टीम अपने खेल को और अधिक आक्रामक करने के साथ पहला हाफ खत्म होने पर ईरान को एकबार ऑल आउट करने के साथ 22-16 के अंतर से बढ़त बना ली थी।

    दूसरे हाफ में ईरान ने की वापसी लेकिन भारतीय टीम ने बनाए रखी बढ़त
    गोल्ड मेडल मैच का दूसरा हाफ काफी रोमांचक रहा जिसमें ईरान की टीम ने जबरदस्त तरीके से वापसी करने के साथ भारतीय टीम को ऑल आउट भी कर दिया था, जिससे बढ़त काफी कम हो गई। इसके बाद भारतीय टीम ने वापसी करने के साथ ईरान को ऑल आउट किया और मुकाबला खत्म होने के साथ अपनी बढ़त को बनाए रखा जिसमें मैच के अंत में स्कोर लाइन 37-34 रहा और टीम इंडिया गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रही।

    पुरुषों के वर्ग में भी भारत मौजूदा चैंपियन है। फाइनल में उसका सामना ईरान से होगा। पुरुषों की कबड्डी 1990 से एशियाई खेलों का हिस्सा रही है और भारत ने अब तक आठ स्वर्ण पदक जीते हैं।

    महिला कबड्डी टीम

    मुख्य कोच: भारत तेजस्विनी बाई

        पुष्पा राणा (कप्तान)
        भावना ठाकुर
        ज्योति ठाकुर
        मनीषा कुमारी
        निकिता कुमारी
        पिंकी रॉय
        पूजा हथवाला
        राज रानी
        रितु नेगी
        रितु श्योराण
        संजू देवी
        सोनाली शिंगटे

  • Kabaddi: जापान पर भारी पड़ा भारत, 25 अंकों से दर्ज की जीत; पहले ही मैच में दिखाया दम

    Kabaddi: जापान पर भारी पड़ा भारत, 25 अंकों से दर्ज की जीत; पहले ही मैच में दिखाया दम

    आइची-नागोया 
     
    भारत ने सोमवार को एशियाई खेल 2026 में अपने पुरुष कबड्डी अभियान की शानदार शुरुआत की और अपने पहले मैच में जापान को 49-24 से हराया। जापान ने बोनस पॉइंट के साथ स्कोरिंग की शुरुआत की, लेकिन भारत ने तुरंत जवाब दिया और अयान लोचब ने टच पॉइंट से स्कोर बराबर कर दिया। जल्द ही भारत ने मुकाबले पर पूरी तरह से पकड़ बना ली। आशु ने शानदार तीन-पॉइंट की रेड की, जिसके बाद भारत के डिफेंस ने जापानी रेडर को सफलतापूर्वक टैकल किया। इसके बाद एक और रेड पॉइंट मिला, जिससे भारत ने पहला 'ऑल-आउट' किया और 11-2 की बढ़त बना ली।
     
    भारतीय टीम का दबदबा जारी रहा और उन्होंने दूसरा 'ऑल-आउट' करके अपनी बढ़त को 18-2 तक पहुंचा दिया। भारत हाफ-टाइम तक 31-9 की मजबूत बढ़त के साथ आगे था; आशु और देवांक ने रेडिंग में अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि सुनील कुमार और राहुल ने डिफेंस में अहम योगदान दिया। ब्रेक के बाद भी भारत का दबदबा कायम रहा। पवन सहरावत, अर्जुन देशवाल और असलम इनामदार भी खेल में शामिल हुए और टीम की अटैकिंग ताकत को और बढ़ाया। जापान ने दूसरे हाफ में बेहतर टक्कर दी और 20 से ज़्यादा पॉइंट हासिल किए, लेकिन भारत पूरे समय मुकाबले पर हावी रहा। आखिरकार भारत ने 49-24 से बड़ी जीत हासिल की और एशियाई खेलों में अपने अभियान की जोरदार शुरुआत की।
     
    इस बीच, एशियाई खेल 2026 में भारत के लिए दिन शानदार रहा। भारत ने शूटिंग और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में और मेडल जीते, साथ ही एथलीटों ने तैराकी में फाइनल के लिए क्वालीफाई किया और बॉक्सिंग, सॉफ्ट टेनिस और टेबल टेनिस में जीत हासिल की। शूटिंग में, पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत फाइनल में हिमांशु ने सिल्वर और रुद्राक्ष ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इससे पहले, रुद्राक्ष और हिमांशु क्रमशः तीसरे और सातवें स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुके थे, जबकि पार्थ माने 11वें स्थान पर रहे। भारतीय तिकड़ी ने टीम इवेंट में भी सिल्वर मेडल जीता था। मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में, सुचिका तरियाल ने महिलाओं के ट्रेडिशनल 60kg सेमीफ़ाइनल में सिंगापुर की टेओ हुई हून से हारने के बाद ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। बॉक्सिंग में, सुमित ने पुरुषों के 70kg राउंड ऑफ़ 32 मुकाबले में थाईलैंड के बुंजोंग सिंसिरी को हराकर कॉम्पिटिशन में आगे जगह बनाई।
     
    सॉफ्ट टेनिस में, आध्या तिवारी और जय मीना ने कंबोडिया और मंगोलिया के खिलाफ़ अपने मिक्स्ड डबल्स ग्रुप B मैचों में जीत हासिल की। ​​हालांकि, उन्हें दक्षिण कोरिया के किम येओन-ह्वा और जैक्यू पार्क से हार का सामना करना पड़ा और फिर राउंड ऑफ़ 16 में फिलीपींस की क्रिस्टी सानोसा और शेरविन नुगुइट से भी हार मिली। स्विमिंग में, श्रीहरि नटराज पुरुषों के 50m बैकस्ट्रोक फ़ाइनल में पहुंचे, जबकि ऋषभ दास को रिज़र्व के तौर पर चुना गया। मणि आकाश और गीतेश शाह पुरुषों के 50m फ़्रीस्टाइल फ़ाइनल में जगह नहीं बना पाए, जबकि धनुष सुरेश पुरुषों के 100m ब्रेस्टस्ट्रोक फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करने में नाकाम रहे। वुशु में, न्येमन वांगसु महिलाओं के चांगक्वान फ़ाइनल में 15वें स्थान पर रहीं। टेबल टेनिस में, भारत ने महिलाओं की टीम के ग्रुप F मैच में पाकिस्तान को 3-0 से हराया। हालांकि, सेपकटकरा में भारत को झटका लगा और पुरुषों की टीम के रेगु ग्रुप B मैच में जापान से हार का सामना करना पड़ा।

    भारत के खाते में चार सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज

    एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदकवीर
    1. इलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्सा विनोद- विमेंस 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट (निशानेबाजी): सिल्वर
    2. इलावेनिल वलारिवन- विमेंस 10 मीटर एयर राइफल (निशानेबाजी): सिल्वर
    3. रुद्रांक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ राकेश माने- मेन्स 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट (निशानेबाजी): सिल्वर
    4. सुचिका तरियाल- विमेंस ट्रेडिशनल 60 किग्रा (MMA)- ब्रॉन्ज
    5. रुद्रांक्ष पाटिल- मेन्स 10 मीटर एयर राइफल (निशानेबाजी): ब्रॉन्ज
    6. हिमांशु ढिल्लों- मेन्स 10 मीटर एयर राइफल (निशानेबाजी): सिल्वर