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  • परविंदर सिंह झोटा की हत्या के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, फरीदकोट में BJP प्रधान को हिरासत में लिया गया

    परविंदर सिंह झोटा की हत्या के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, फरीदकोट में BJP प्रधान को हिरासत में लिया गया

    फरीदकोट/जालंधर.

    मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में बुधवार को भाजपा के आहवान पर राज्य के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किया जा रहा है। जालंधर में जहां एक तरफ पुतला फूंका गया, वहीं फरीदकोट में प्रदर्शन कर रहे जिला प्रधान संदीप सिंह सन्नी बराड़ को हिरासत में लिया गया है।

    गौरतलब है कि कल की घटना के बाद भाजपा ने पूरे राज्य में प्रदर्शन करने का एलान किया था। फरीदकोट में घंटा घर चौक पर भाजपा नेताओं की तरफ से रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद जब प्रदर्शनकारी एसएसपी कार्यालय के बाहर धरना देने पहुंचे तो पुलिस ने जिला प्रधान सन्नी बराड़ सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इससे पहले भाजपा जिला अध्यक्ष सन्नी बराड़ के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने फरीदकोट के घंटाघर चौक से मिनी सचिवालय तक रोष मार्च निकाला और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

    प्रदर्शन के उपरांत भाजपा नेताओं ने डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा और एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस को ज्ञापन सौंपकर पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति और नशे के कारोबार पर चिंता जताई। भाजपा जिला अध्यक्ष सन्नी बराड़ ने कहा कि मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा की हत्या ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में गैंगस्टरों और नशा तस्करों के हौसले बुलंद हैं तथा पुलिस प्रशासन इन पर प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहा है।

    सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी
    भाजपा नेता सन्नी बराड़ ने आरोप लगाया कि मानसा में एक केमिस्ट खुलेआम नशा बेच रहा था। जब परमिंदर सिंह झोटा जैसे नौजवानों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो उनकी गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है।
    डीसी व एसएसपी को ज्ञापन देते भाजपा नेता।

    जिले में भी नशे की समस्या पर ठोस कदम उठाने की जरूरत: बराड़
    उन्होंने दावा किया कि फरीदकोट जिले में भी नशे की समस्या पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। सन्नी बराड़ ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब को रंगला पंजाब बनाने का वादा करके सत्ता में आई सरकार के कार्यकाल में राज्य के हालात बिगड़ गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नशा तस्करों और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

  • परविंदर झोटा हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई तेज, अमृतपाल की पार्टी के कई कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए

    परविंदर झोटा हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई तेज, अमृतपाल की पार्टी के कई कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए

    मानसा.

    पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के बाद सूबे में हड़कंप मच गया है। बुधवार को गुस्साए लोगों ने आरोपी की दुकान में आग लगा दी। वहीं, आरोपी केमिस्ट के घर पर बुलडोजर से कार्रवाई की गई है।

    उधर, खडूर साहिब सीट से सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में मानसा जाने की योजना बना रहे कई लोगों को पुलिस हिरासत में ले रही है। तरसेम सिंह ने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या पर दुख जताया और पंजाब सरकार पर नशीली दवाओं की तस्करी रोकने में नाकाम रहने और नशीली दवाओं के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबाने का आरोप लगाया।

    आरोपी की दुकान में लगाई आग, मकान पर चला बुलडोजर
    मानसा। पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के बाद तनाव की स्थिति बन गई है। हत्या के आरोपी अश्विनी की दुकान में भीड़ ने आग लगा दी। वहीं, आरोपी के मकान को भी गिराया जा रहा है। पुलिस मौके पर मौजूद है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। आरोपी को मंगलवार को राजस्थान के चूरू से गिरफ्तार किया गया था।

    आरोपी की दुकान में आग, मकान पर कार्रवाई
    परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद मानसा में लोगों का गुस्सा सामने आया। हत्या के आरोपी अश्विनी की दुकान को भीड़ ने आग के हवाले कर दिया। इसके बाद आरोपी के मकान को गिराने की कार्रवाई भी शुरू हुई। मौके पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने कहा कि पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मौजूद है। प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सूचना मिलने के बाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसएसपी के अनुसार, अवैध निर्माण से जुड़ी जानकारी मिली थी और उसी संबंध में कार्रवाई की जा रही है।

    मनजीत कौर ने पुलिस पर लगाए आरोप
    इस बीच, 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह के सहयोगी सरदार गुरप्रीत सिंह की मददगार मनजीत कौर ने पुलिस पर उन्हें जबरन घर में रोके रखने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में मानसा जाने वाली थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया। मनजीत कौर ने बताया कि सुबह करीब 5.30 बजे पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और दरवाजा जोर-जोर से खटखटाने लगे। वहां करीब 15-16 पुलिसकर्मी और एक महिला पुलिसकर्मी मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों ने उनका नाम पूछा और बताया कि उन्हें ऊपर से आदेश मिले हैं तथा उन्हें थाने चलना होगा। मनजीत कौर ने बताया कि उन्होंने पुलिस से कार्रवाई का कारण पूछा, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने मोबाइल से घटनाक्रम रिकॉर्ड करने की कोशिश की तो पुलिसकर्मियों ने उनका फोन छीन लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी लगातार उन्हें एक सूची में नाम होने की बात कह रहे थे और धमकी भरे लहजे में बात कर रहे थे।

  • दोस्त की मौत के बाद युवाओं के बीच लोकप्रिय हुआ परविंदर सिंह झोटा, पंजाब में बढ़ी चर्चा

    दोस्त की मौत के बाद युवाओं के बीच लोकप्रिय हुआ परविंदर सिंह झोटा, पंजाब में बढ़ी चर्चा

    मानसा.

    नशे के खिलाफ आवाज उठाने पर जान गंवाने वाले परविंदर सिंह झोटा के जीवन में भी एक ऐसा दौर भी आया था, जब वह खुद नशे की गिरफ्त में फंस गया था, लेकिन एक दोस्त की नशे के कारण हुई मौत ने उसे भीतर तक झकझोर दिया। इस घटना के बाद उसने न सिर्फ नशा छोड़ने का फैसला किया बल्कि नशे के खिलाफ जंग भी छेड़ दी।

    नशे के खिलाफ अभियान के दौरान वह इंटरनेट मीडिया के जरिए अपनी बात रखता था और नशे से जुड़े मामलों को सामने लाने के लिए स्टिंग ऑपरेशन भी करता था।

    बॉक्सिंग में रहा नेशनल खिलाड़ी
    नशे के कारोबार में शामिल होने का संदेह होने पर लोगों से सीधे सवाल करना और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना उसकी गतिविधियों का हिस्सा बन गया। यही नहीं विभिन्न विवादों और कानूनी मामलों के कारण भी वह चर्चा में रहा। झोटा कभी बॉक्सिंग का नेशनल खिलाड़ी रहा था। उसकी शारीरिक ताकत के कारण लोग उसे "झोटा" कहने लगे और फिर यही नाम उसकी पहचान बन गया। परविंदर सिंह झोटा के खिलाफ नौ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि इनमें कुछ मामले विचाराधीन थे, जबकि कुछ में उसे राहत मिली थी। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार,झोटा को गोली मारने वाले केमिस्ट अश्विनी कुमार के खिलाफ अलग-अलग वर्षों में चार एफआइआर दर्ज हुई थीं।

    मां से कहा था रोटी बनाकर रखना, आकर खाऊंगा
    झोटा की मां अमरजीत कौर की आंखों के सामने बार-बार बेटे के घर से निकलते समय कहे गए शब्द घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कहता था कि कुछ लोग उसे मार देंगे, लेकिन फिर उसने नशे के खिलाफ अपनी आवाज बंद नहीं की। मां ने कहा कि घर से निकलते समय उसने पैर छुए और कहा कि रोटी बनाकर रखना, लौटकर खाना खाएगा।

  • परविंदर झोटा की मौत से परिवार में मातम, मां ने इंसाफ के लिए उठाई आवाज़

    परविंदर झोटा की मौत से परिवार में मातम, मां ने इंसाफ के लिए उठाई आवाज़

    मानसा.

    पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस बीच पुलिस ने बुधवार को हत्याकांड के मुख्य आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। इससे पहले एक्टिविस्ट के पिता और पूर्व फौजी भीम सिंह ने कहा था कि जब तक उनके बेटे का आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाता।

    वह अपने बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं, परविंदर सिंह झोटा की मां ने कहा कि हम भी बदला लेंगे। उन्होंने कहा कि उनका बेटा हमेशा नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ा।

    ""मेरे बेटा हमेशा नशा विक्रेताओं के खिलाफ लड़ाई लड़ा। डर के मारे उसे मार दिया गया।
    परविंदर झोटा की मां ने कहा कि उनके बेटे से नशा विक्रेताओं को डर था। इसलिए मार दिया गया। उन्होंने कहा कि मुझे भी बदला चाहिए। हम अपने बेटे का बदला लेकर छोड़ेंगे।""

    हत्या के बाद मच गया है हंगामा –
    पंजाब के मानसा में ड्रग्स के खिलाफ लड़ने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के बाद हंगामा मच गया है. परविंदर सिंह की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने कहा, 'मेरा बेटा मुझे कहता था, 'मां, ये मुझे मार देंगे.' जाने से पहले मेरे पैर छूकर बोला, 'मां, मेरा खाना तैयार रखना.' उन्होंने मेरा अनमोल बेटा छीन लिया. भगवंत मान सरकार ने सब बर्बाद कर दिया है.' परविंदर सिंह झोटा की हत्या का आरोप मेडिकल स्टोर चलाने वाले पर लगा है. पुलिस ने बताया कि मेडिकल स्टोर वाले ने ड्रग्स की अवैध बिक्री का खुलासा करने वाले एक एक्टिविस्ट की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने बताया कि परविंदर सिंह झोटा दवा की दुकानों पर ड्रग्स की अवैध बिक्री का पर्दाफाश करने के लिए जाने जाते थे.

    कैसे हुई झोटा की हत्या?
    पुलिस के मुताबिक, परविंदर सिंह उर्फ झोटा एक व्यक्ति को कुछ दवाएं बेचने को लेकर मेडिकल स्टोर वाले से सवाल कर रहे थे. इसी दौरान वह अपने मोबाइल फोन से बहस की रिकॉर्डिंग भी कर रहे थे, तभी उन्हें गोली मार दी गई.
    सामने आए 5 मिनट 49 सेकंड के एक वीडियो में झोटा को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मेडिकल स्टोर के मालिक ने अपनी पिस्तौल निकाल ली थी.

    झोटा स्टोर के मालिक से कहता है, 'मार, मार, हम पर गोली चला.'
    वीडियो में झोटा मेडिकल स्टोर के मालिक से कहता है कि उस बुजुर्ग आदमी ने उसकी दुकान से कुछ दवाइयां खरीदी थीं. जब दुकानदार उस बुजुर्ग आदमी से इन दावों के बारे में पूछता है, तो झोटा कहता है कि उसके पास इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग है.
    बहस के दौरान, झोटा स्टोर के मालिक से पूछता है, 'पिस्तौल निकालने की क्या जरूरत है? क्या हमने तुमसे कुछ कहा? इस बुजुर्ग आदमी ने तुमसे यह (दवाइयां) खरीदी हैं.' वह आगे कहता है, 'हम ड्रग इंस्पेक्टर को बुलाएँगे, अश्वनी (स्टोर का मालिक)। क्या हम तुमसे कुछ कह रहे हैं? तुम पिस्तौल नीचे रखो। क्या हम तुम्हें मार-पीट रहे हैं?'  झोटा कहता है, 'इसके हाथ में पिस्तौल है और यह दवाइयां बेच रहा है.'  इसके बाद मेडिकल शॉप का मालिक गोली चला देता है, जो वीडियो में रिकॉर्ड हो जाती है. इस पर झोटा और उसके साथी दुकान से बाहर भागते हैं.

    पिस्तौल लहराता हुआ बाहर निकला स्टोर का मालिक
    इस पूरी घटना का एक राहगीर ने भी वीडियो बनाया, जिसमें मेडिकल स्टोर का मालिक हथियार लहराते हुए अपनी दुकान से बाहर निकलता और झोटा का पीछा करता हुआ दिखाई देता है. झोटा अपनी जान बचाने के लिए भागता है. जब बाजार में लोग डर के मारे यह सब देख रहे होते हैं, तो एक आदमी दुकान के मालिक पर एक डिब्बा फेंकता है, जो उसके सिर पर लगता है. बिना डरे, दुकानदार अपनी दुकान में वापस चला जाता है. बाद में, वीडियो में झोटा को पास की एक दुकान में खून से लथपथ पड़ा हुआ दिखाया गया है. झोटा के साथ स्टोर पर गए चार लोगों को भी गोली लगी. मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने कहा कि आरोपी को पकड़ने की कोशिशें चल रही हैं.

    झोटा मानसा और आस-पास के इलाकों में ड्रग्स के इस्तेमाल और केमिस्ट की दुकानों पर नशीली दवाओं की गैर-कानूनी बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते रहे थे. वह सोशल मीडिया पर वीडियो भी शेयर करते थे. 2023 में, उन्होंने बैन की गई दवाएं बेचने के आरोप में एक मेडिकल स्टोर के मालिक को जूतों की माला पहनाई थी और बाजार में घुमाया था. उस समय, दुकान के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, और झोटा पर मारपीट और जबरदस्ती घुसने का मामला दर्ज किया गया था.