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  • रिलायंस Jio IPO की तारीखों पर बड़ा खुलासा! कब खुलेगा इश्यू और किस दिन हो सकती है लिस्टिंग?

    रिलायंस Jio IPO की तारीखों पर बड़ा खुलासा! कब खुलेगा इश्यू और किस दिन हो सकती है लिस्टिंग?

    मुंबई 

    भारत के सबसे बड़े मोबाइल नेटवर्क देने वाली रिलायंस इंडस्‍ट्रीज की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड अपना आईपीओ लाने जा रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि JIO का आईपीओ इसी महीने लाने की तैयारी चल रही है. कंपनी के अंदर की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और विदेशी निवेशकों की ओर से पॉजिटिव रिस्‍पॉन्‍स मिल रहा है। 

    जियो का आईपीओ अबतक लिस्‍टेड कंपनियों की तुलना में काफी अधिक प्रीमियम वाला हो सकता है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यह IPO 21 से 23 अक्‍टूबर तक सब्सक्रिप्‍शन के लिए खुल सकता है, जिसमें एंकर बुक 19 अक्टूबर को खुलने की संभावना है. यह आईपीओ 28 अक्‍टूबर तक एक्‍सचेंजों पर लिस्‍ट हो सकता है। 

    जियो आईपीओ को लेकर बना है उत्‍साह
    मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में कहा गया है कि सेबी के साथ नियामक प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और सभी आवश्यक अप्रूवल मिल चुके हैं. जियो ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के साथ निवेशक बैठकें आयोजित कीं, जिनकी प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है. वहीं दूसरी ओर, घरेलू निवेशकों की रुचि भी उम्‍मीदों से कहीं ज्‍यादा मजबूत हैं. रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि बाजार की स्थिति पर रोजाना बारीकी से नजर रखी जा रही है. निवेशकों ने कहा कि बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से शेयरों में उनकी रुचि पर कोई खास असर नहीं पड़ना चाहिए। 

    जून में ही फाइल हुआ था DRHP
    जियो प्लेटफॉर्म्स ने जून में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के सामने अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था. सेबी ने 28 अगस्त को अपने बयान में जियो के आईपीओ आने का रास्‍ता साफ कर दिया था. यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्‍यू होगा। 

    अगले हफ्ते होगा वैल्‍यूवेशन पर फैसला
    आईपीओ में मिले पैसों से कंपनी लगभग 27,500 करोड़ रुपये के बकाया लोन का भुगतान करेगी. बाकी अमाउंट से कंपनी अपने बाकी उद्देश्‍यों को पूरा करेगी. हालांकि, अभी इस आईपीओ की वैल्‍यूएशन तय नहीं की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों की प्रतिक्रिया और बाजार की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए, कीमत पर निर्णय अगले सप्ताह लिया जाएगा। 

    जियो का कारोबार 
    निवेशक जियो को केवल एक दूरसंचार ऑपरेटर के बजाय एक डिजिटल सेवा कंपनी के रूप में देख रहे हैं, जिसमें मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में विकास के अवसर मौजूद हैं. जियो प्लेटफॉर्म्स की टेलिकॉम कंपनी, रिलायंस जियो इन्फोकॉम के पास 31 मार्च तक 524.4 मिलियन ग्राहक थे, जिससे यह ग्राहक आधार के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी है. इसके 268.5 मिलियन 5G ग्राहक थे और यह चीन के बाहर सबसे बड़ी 5G स्टैंडअलोन ऑपरेटर थी। 

  • दो स्टार्टअप रहे असफल, तीसरे प्रयास में गीतांश बामनिया ने Rentomojo को दिलाई नई उड़ान

    दो स्टार्टअप रहे असफल, तीसरे प्रयास में गीतांश बामनिया ने Rentomojo को दिलाई नई उड़ान

    भिलाई 
     शहर के कारोबारी गीतांश बामनिया ने अपनी कंपनी रेंटोमोजो का 1,266 करोड़ का आइपीओ बाजार में उतारकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रेंटोमोजो की इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) 9 सितंबर को खुली और 11 सितंबर को बंद हुई। कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग 17 सितंबर को प्रस्तावित है।

    बता दें कि रेंटोमोजो एक प्रमुख भारतीय आनलाइन रेंटल प्लेटफार्म है। यह कंपनी ग्राहकों को घर और आफिस के उपयोग के लिए फर्नीचर, घरेलू उपकरण (जैसे फ्रिज, वाशिंग मशीन) और इलेक्ट्रानिक्स सामान मासिक किराए या सब्सक्रिप्शन माडल पर उपलब्ध कराती है।

    भिलाई में पले-बढ़े, दो स्टार्टअप रहे असफल
        गीतांश भिलाई में ही पले-बढ़े हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के सेक्टर-10 इंग्लिश मीडियम हायर सेकंडरी स्कूल से पढ़ाई करने वाले गीतांश ने आइआइटी मद्रास से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।

     इसके बाद उन्होंने केपीएमजी और फ्लिपकार्ट जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में काम किया। फिर उन्होंने खुद उद्यमी बनने का निर्णय लिया, दो स्टार्टअप भी शुरू किए, जो असफल रहे।

        असफलता से सीखते हुए उन्होंने वर्ष 2012 में ‘रेंटोमोजो’ की शुरुआत की। धीरे-धीरे कंपनी ने अपने कारोबार का विस्तार किया और ग्राहकों के बीच अपनी जगह बनाई।

    असफलताओं से मिली सीख बनी कारोबार की ताकत
        रेंटोमोजो के सफर में गीतांश के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि उन्होंने शुरुआती असफलताओं को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। 

    कारोबार में आने वाली चुनौतियों को समझते हुए उन्होंने माडल में बदलाव किए और बाजार की जरूरत के अनुरूप कंपनी को आगे बढ़ाया।

    अब 1,266 करोड़ रुपये के आइपीओ के जरिए कंपनी ने पहली बार अपने शेयर आम निवेशकों के लिए पेश किए हैं। शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयरों की खरीद-बिक्री बाजार में की जा सकेगी।

    पिता से कारोबार की प्रेरणा, मां चिकित्सा क्षेत्र में रहीं अग्रणी
    गीतांश अपने कारोबारी दृष्टिकोण के लिए परिवार से मिली प्रेरणा को भी महत्वपूर्ण मानते हैं। उनके पिता जगदीश बामनिया भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत रहे और सेवानिवृत्ति के बाद करीब 10 वर्षों तक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के व्यवसाय से जुड़े रहे। उनकी मां डॉ. मीरा बामनिया बीएसपी के जेएलएन अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर सेक्टर-नौ में बाल एवं शिशु रोग विभाग की प्रमुख रहीं और वर्ष 2020 में सेवानिवृत्त हुईं।

  • Jio IPO पर बड़ा अपडेट: SEBI ने दी मंजूरी, जल्द बाजार में आ सकती है अंबानी की कंपनी

    Jio IPO पर बड़ा अपडेट: SEBI ने दी मंजूरी, जल्द बाजार में आ सकती है अंबानी की कंपनी

    मुंबई 

    रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की है। दरअसल, जियो प्लेटफॉर्म्स को अपने ड्राफ्ट इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) पेपर्स के लिए सेबी (SEBI) से मंजूरी मिल गई है। बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अपने आईपीओ के लिए जून में ड्राफ्ट पेपर दाखिल किया था। इस इश्यू के जरिए कंपनी करीब चार अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है जिससे इसका मूल्यांकन लगभग 137 अरब डॉलर आंका गया है।

    27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना
    बाजार नियामक सेबी के समक्ष दाखिल ड्राफ्ट पेपर के मुताबिक, कंपनी 10 रुपये फेस वैल्यू वाले अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी, जो इश्यू के बाद की चुकता इक्विटी पूंजी का लगभग 2.9 प्रतिशत होगा। मतलब ये कि इसमें शेयरहोल्डर्स शेयर नहीं बेचेंगे।

    इस आईपीओ के लिए KFin टेक्नोलॉजीज को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। वहीं, कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टैनली इंडिया, BofA सिक्योरिटीज इंडिय, एक्सिस कैपिटल, BNP Paribas, सिटी ग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, HDFC बैंक, HSBC, ICICI सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल सर्विसेज, Jefferies, जेपी मॉर्गन, SBI कैपिटल मार्केट्स, UBS सिक्योरिटी समेत कई बड़े वित्तीय संस्थानों को बुक-रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है।

    क्या होगा पैसे का?
    नए शेयर के जरिए आईपीओ से जो रकम मिलेगी वो कंपनी के लिए होगी। ऐसे में यह पेशकश रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए एक अहम कदम मानी जा रही है। कंपनी ने बताया था कि इश्यू से प्राप्त राशि का उपयोग मुख्य रूप से उसकी दूरसंचार इकाई के कर्ज के आंशिक या पूरा भुगतान के लिए किया जाएगा। वहीं, सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। बता दें कि मार्च 2026 तक कंपनी पर कुल 71,529 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज था।

    वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का राजस्व 1.47 लाख करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट लगभग 30,000 करोड़ रुपये रहा। इसी अवधि में इसके ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ रही, जिनमें से 26.85 करोड़ यूजर 5जी नेटवर्क से जुड़े हैं। कंपनी ने अपनी भविष्य की रणनीति के तहत 2030 तक पूरे ग्राहक आधार को 5जी नेटवर्क पर स्थानांतरित करने, ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार करने और एआई आधारित सेवाओं को बढ़ाने की योजना बनाई है।

    फेसबुक और गूगल का दांव
    आपको बता दें कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने पहले भी वैश्विक प्रौद्योगिकी एवं निजी इक्विटी निवेशकों से बड़ी रकम जुटाई है। वर्ष 2020 में कंपनी ने फेसबुक की मूल कंपनी मेटा से 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले 43,574 करोड़ रुपये और गूगल से 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले 33,737 करोड़ रुपये जुटाए थे।

  • Behari Lal Engineering IPO में जबरदस्त उत्साह, ₹110 GMP से मजबूत लिस्टिंग के संकेत

    Behari Lal Engineering IPO में जबरदस्त उत्साह, ₹110 GMP से मजबूत लिस्टिंग के संकेत

     नई दिल्ली
    IPO पर निवेशकों ने जमकर दांव लगाया है। आईपीओ को कुल 118 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला है। आईपीओ ग्रे मार्केट में भी शानदार प्रदर्शन कर रहा है। जिसकी वजह से इसकी मजबूत लिस्टिंग के संकेत अभी से मिलने लगे हैं। बता दें, आईपीओ की एनएसई और बीएसई में लिस्टिंग 19 अगस्त को प्रस्तावित है।

    किस दिन खुला था आईपीओ
    यह आईपीओ 12 अगस्त को खुल गया था। निवेशकों के पास आईपीओ पर 14 अगस्त तक दांव लगाने का मौका था। आईपीओ के लिए कंपनी ने 271 रुपये से 285 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया था। वहीं, एक लॉट में 52 शेयरों को रखा गया था। जिसकी वजह से निवेशकों को कम से कम 14820 रुपये का दांव लगाना पड़ा।

    किस कैटगरी में कितना सब्सक्रिप्शन
    कंपनी के आईपीओ को तीन दिन में कुल 118 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। रिटेल कैटगरी में आईपीओ को 54 गुना सब्सक्राइब किया गया था। क्यूआईबी में यह आईपीओ 222 गुना सब्सक्राइब किया गया। वहीं, एनआईआई कैटगरी में 167 गुना सब्सक्राइब किया गया था।

    एंकर निवेशकों के लिए आईपीओ 11 अगस्त को खुला था। एंकर इनवेस्टर्स से कंपनी ने 90.49 करोड़ रुपये जुटाए थे।

    इस कंपनी के आईपीओ का साइज 301.62 करोड़ रुपये का है। कंपनी आईपीओ के जरिए 33 लाख फ्रेश शेयर जारी करेगी। वहीं, ऑफर फार सेल के जरिए 73 लाख शेयर मौजूदा निवेशक बेच दिए हैं।

    ग्रे मार्केट में दहाड़ रही है कंपनी
    इनवेस्टर्स गेन की रिपोर्ट के अनुसार ग्रे मार्केट में कंपनी की स्थिति काफी मजबूत है। आज मंगलवार को आईपीओ का जीएमपी 110 रुपये है। जोकि कल की तुलना में 5 रुपये अधिक की है। आईपीओ का सबसे कम जीएमपी 25 रुपये प्रति शेयर रहा है। बता दें, आज के जीएमपी से लग रहा है कि आईपीओ पहले दिन ही 38 प्रतिशत का फायदा करवा सकता है।

    कंपनी की स्थिति कैसी है?
    31 मई 2026 के आंकड़ों के अनुसार कंपनी के पास 178.57 करोड़ रुपये का काम था। कंपनी की फाइनेंशियल कंडीशन्स की बात करें तो यह वित्त वर्ष 2026 के दौरान 546 करोड़ रुपये का रेवन्यू जनरेट करने में सफल हुई थी। वहीं, इस दौरान उसे 64.64 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।