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  • Instagram का 2010 से 2026 तक सफर, आखिर क्यों बार-बार बदला लोगो और डिजाइन

    Instagram का 2010 से 2026 तक सफर, आखिर क्यों बार-बार बदला लोगो और डिजाइन

    इंस्टाग्राम की शुरुआत जिस मक़सद से हुई थी वो कमोबेश अब खत्म हो चुका है. शुरुआत में इंस्टा एक ऐसा प्लेटफॉर्म हुआ करता था जहां लोग ज़्यादातर फ़ोटोज़ के ज़रिए एक्सप्रेस करते थे. जमाना बदला और इंस्टा भी. टिक टॉक ने शॉर्ट वीडियो का क्रेज़ शुरु किया और इंस्टा ने स्नैपचैट और टिकटॉक के फीचर्स से इंस्पायर होता गया. धीरे धीरे फ़ोटोज़ गुम होते गए और अब हालत ये है कि इंस्टाग्राम पर ज़्यादातर शॉर्ट वीडियोज हैं. लोगों की स्क्रीन टाइम बढ़ती ही जा रही है. एक पुराने कैमरे से शुरू हुआ Instagram आज दुनिया के सबसे पहचान वाले सोशल मीडिया ब्रांड्स में है.

    इस सफर में इसका लोगो भी कई बार बदला. कभी असली कैमरे जैसा दिखने वाला लोगो था, फिर रेट्रो कैमरा आया, 2016 में पूरा डिजाइन उलट गया और अब 2026 में इंस्टाग्राम ने करीब 10 साल बाद अपने लिखे हुए नाम यानी वर्डमार्क को बदल दिया है. आखिर हर बार इंस्टाग्राम ने अपना लोगो क्यों बदला और इन बदलावों के पीछे क्या सोच थी?

    अगर आज किसी को बिना नाम लिखे सिर्फ इंस्टाग्राम का ऐप आइकॉन दिखा दिया जाए, तो शायद उसे पहचानने में एक सेकंड भी नहीं लगेगा. यही किसी भी बड़े ब्रांड की सबसे बड़ी ताकत होती है. लेकिन इस पहचान तक पहुंचने में इंस्टाग्राम का लोगो एक लंबा सफर तय कर चुका है. दिलचस्प बात यह है कि इंस्टाग्राम का लोगो शुरू से ऐसा बिल्कुल नहीं था जैसा आज हम देखते हैं.

    2010: शुरुआत एक असली कैमरे से हुई थी
    इंस्टाग्राम अक्टूबर 2010 में लॉन्च हुआ था. उस समय इसका लोगो आज के साफ-सुथरे ऐप आइकॉन से बिल्कुल अलग था. यह एक पुराने इंस्टैंट कैमरे जैसा दिखता था, जिसमें कैमरे की बॉडी, लेंस, फ्लैश और बाकी छोटे-छोटे हिस्से तक दिखाई देते थे.

    साल 2010 से अब तक कितना बदला लोगो.
    इस पहले लोगो को Instagram Co-founder Kevin Systrom ने बनाया था. डिजाइन में कैमरे को काफी असली दिखाने की कोशिश की गई थी. यह उस समय के ऐप डिजाइन के एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा था, जिसे स्क्यूओमॉर्फिज्म कहा जाता था. आसान भाषा में समझें तो डिजिटल चीजों को असली दुनिया की चीज जैसा दिखाना.

    लेकिन इस लोगो की एक दिक्कत भी थी. यह एक असली कैमरे से काफी मिलता-जुलता था. बताया जाता है कि इसी वजह से इंस्टाग्राम को आगे चलकर दूसरे डिजाइन की तरफ जाना पड़ा.

    2010:  रेट्रो कैमरा जैसा लोगो
    इंस्टाग्राम ने जल्द ही डिजाइनर और फोटोग्राफर Cole Rise की मदद ली. राइज ने 1950 के दशक के Bell & Howell कैमरे से प्रेरणा लेकर एक नया आइकन तैयार किया. बेल एंड होवेल अमेरिका की एक पुरानी कैमरा कंपनी थी, जो 20वीं सदी में फिल्म और कैमरा इक्विपमेंट्स के लिए जानी जाती थी.

    यह डिजाइन पहले वाले कैमरे से काफी आसान था, लेकिन इसमें पुराना कैमरा वाला एहसास बरकरार रखा गया. कैमरे का बड़ा लेंस, ऊपर व्यूफाइंडर और बीच में रंगीन रेनबो स्ट्राइप इसकी पहचान बन गए.

    यहां एक बेहद दिलचस्प बात है. इंस्टाग्राम उस समय मोस्टली फोटो शेयर करने वाला ऐप था और उसके सबसे खास फीचर्स में फोटो फिल्टर शामिल थे. यानी लोग अपनी नई तस्वीरों को पुराने कैमरे और फिल्म जैसी फील देने के लिए इंस्टाग्राम इस्तेमाल कर रहे थे. इसलिए रेट्रो कैमरे वाला लोगो सिर्फ अच्छा दिखने वाला डिजाइन नहीं था. वह इंस्टाग्राम के उस समय के प्रोडक्ट से सीधे जुड़ा हुआ था.

    2011: वही कैमरा, लेकिन ज्यादा रियल
    2011 में Instagram ने इस कैमरा आइकॉन को फिर से थोड़ा बदला. इस बार कैमरे में ज्यादा डिटेल जोड़ी गई. लेंस में चमक और गहराई बढ़ाई गई, ऊपर वाले हिस्से में लेदर जैसी टेक्सचर दिखाई देने लगी और रेनबो स्ट्राइप को भी ज्यादा साफ किया गया. यानी कैमरा अब पहले से ज्यादा असली लगने लगा था.

    Instagram का लोगो
    यह लोगो 2016 तक इंस्टाग्राम की पहचान बना रहा. उस दौरान इंस्टाग्राम भी तेजी से बड़ा हो रहा था. इसलिए लाखों लोगों के लिए यह रेट्रो कैमरा सिर्फ एक ऐप आइकॉन नहीं रहा. वह इंस्टाग्राम की पहचान बन गया. और फिर 2016 में कंपनी ने फिर से लोगो बदला.

    2016: लोगो में हुआ सबसे बड़ा बदलाव
    मई 2016 में इंस्टाग्राम ने अपना पुराना कैमरा आइॉन हटा दिया और उसकी जगह एक बेहद सिंपल कैमरा आइकॉन पेश किया. पीछे पर्पल, पिंक, ऑरेंज और यलो कलर का ग्रेडिएंट था और सामने सिर्फ व्हाइट लाइन से कैमरे का आकार बनाया गया था. आज यह डिजाइन इतना जाना-पहचाना है कि शायद नई पीढ़ी के लिए यही इंस्टाग्राम है. लेकिन 2016 में इसे लेकर लोगों के रिएक्शन काफी अलग थे.

    कई लोगों को पुराना ब्राउन कैमरा पसंद था. नए लोगो को लेकर सोशल मीडिया पर मजाक बना और कई यूजर्स ने इसे इंस्टाग्राम की पहचान खत्म करने वाला बदलाव तक कहा. उस समय मीडिया में भी इस बदलाव को लेकर काफी चर्चा हुई थी. लेकिन इंस्टाग्राम ने यह बदलाव अचानक नहीं किया था.

    कंपनी के तत्कालीन हेड ऑफ डिजाइन Ian Spalter और उनकी टीम ने इस पर लंबे समय तक काम किया था. टीम के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि इंस्टाग्राम की पुरानी पहचान को बचाते हुए उसे फ्यूचर के लिए कैसे बदला जाए.

    इसके लिए इंस्टाग्राम ने अपने कर्मचारियों से एक दिलचस्प काम करवाया. उनसे कहा गया कि वे पांच सेकंड में याद से इंस्टाग्राम का आइकॉ बनाएं. ज्यादातर लोगों ने तीन चीजें बनाईं, रेनबो, लेंस और व्यूफाइंडर.

    इंस्टाग्राम की डिजाइन टीम ने इन्हीं तीन चीजों को नए डिजाइन की नींव बनाया. पुराने कैमरे की पूरी तस्वीर हट गई, लेकिन कैमरे का आइडिया, लेंस और रेनबो नए डिजाइन में रह गए. यानी इंस्टाग्राम ने अपनी पहचान को मिटाया नहीं. उसने उसे छोटा करके एक सिंपल निशान में बदल दिया.

    यह बदलाव सिर्फ लोगो का नहीं था. 2016 में इंस्टाग्राम ने सिर्फ ऐप आइकन नहीं बदला था.  पूरे ऐप का लुक भी बदल दिया गया. अंदर का इंटरफेस ज्यादा साफ और ब्लैक-एंड-व्हाइट हो गया ताकि यूजर का ध्यान तस्वीरों और वीडियो पर रहे.

    इंस्टाग्राम ने उस समय कहा था कि पिछले पांच साल में ऐप सिर्फ फोटो फिल्टर करने और शेयर करने की जगह नहीं रहा. लोग वीडियो शेयर कर रहे थे, नए टूल इस्तेमाल कर रहे थे और एक्सप्लोर के जरिए नए लोगों और कंटेंट से जुड़ रहे थे. इसलिए ब्रांड का लुक भी बदलती कम्युनिटी के साथ बदलना जरूरी था. यही वह दौर था जब इंस्टाग्राम ने अपने रेट्रो कैमरे को पीछे छोड़कर डिजिटल दुनिया के हिसाब से खुद को दोबारा डिजाइन किया.

    2022: इंस्टाग्राम ने कलर्स फिर से बदले, लेकिन पहचान नहीं
    2022 में इंस्टाग्राम ने अपनी विजुअल पहचान को एक बार फिर अपडेट किया. इस बार बदलाव 2016 जितना बड़ा नहीं था. कंपनी ने अपने मशहूर ग्रेडिएंट को ज्यादा ब्राइट और लाइवली बनाया. साथ ही Instagram Sans नाम का नया फॉन्ट सिस्टम भी पेश किया गया और पूरी विजुअल पहचान को ज्यादा मॉडर्न बनाने की कोशिश की गई. यानी 2022 में इंस्टाग्राम ने यह नहीं कहा कि पुराना डिजाइन गलत था. उसने उसी पहचान को थोड़ा और मॉडर्न बनाने की कोशिश की.

    2026: 10 साल बाद बदला इंस्टाग्राम का वर्डमार्क
    13 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम ने अपने लिखे हुए नाम यानी वर्डमार्क को करीब 10 साल बाद अपडेट किया है. यहां सबसे जरूरी बात यह है कि इंस्टाग्राम का मशहूर कैमरा ऐप आइकॉन नहीं बदला है. इस बार बदलाव लिखे हुए इंस्टाग्राम नाम में है. नया वर्डमार्क पुराने कर्सिव स्टाइल और प्रिंट अक्षरों के बीच का डिजाइन है. Instagram CEO Adam Mosseri के मुताबिक ऐप के ऊपर दिखने वाला वर्डमार्क 10 साल से नहीं बदला था, इसलिए इसे रिफ्रेश करने का समय आ गया था. कंपनी का फोकस इसे ज्यादा साफ और मॉडर्न बनाने पर है, जबकि पुराने इंस्टाग्राम की झलक भी इसमें रखी गई है. लेकिन इंटरनेट ने नए डिजाइन को तुरंत ऐक्सेप्ट नहीं किया. कुछ यूजर्स को यह नया डिजाइन पसंद आया, लेकिन कई लोगों का कहना है कि कुछ अक्षर साफ नहीं दिखते. सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने मजाक में इसे Instagram की जगह Instagzam तक पढ़ दिया. रेडिट पर भी नए वर्डमार्क को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली.

  • इंस्टाग्राम लेकर आया नया फीचर ऐप, स्नैपचैट जैसा है ‘Instants’

    इंस्टाग्राम लेकर आया नया फीचर ऐप, स्नैपचैट जैसा है ‘Instants’

    इंस्टाग्राम ने एक नया ऐप अनवील किया है, जिसका नाम इंस्टैंट्स है. यह  इमेज शेयरिंग फीचर के साथ आता है. ये स्नैपचैट से इंस्पायर्ड है. इंस्टैंट्स से बाद भेजे गए इमेज एक बार देखने के बाद खुद ब खुद डिलीट हो जाते हैं या 24 घंटे के बाद ऑटोमेटिक डिलीट हो जाएंगे.

    इंस्टाग्राम की पुराना इतिहास रहा है कि वह अपने राइव्ल्स ऐप के पॉपुलर फीचर को कॉपी करता है. इसमें एक सबसे बड़ा उदाहरण रील्स है, जो टिकटॉक से इंस्पायर्ड है.

    इसी तरह से स्नैपचैट ने साल 2013 में स्टोरीज फॉर्मेट को पेश किया था. बाद में इंस्टाग्राम ने साल 2016 में अपने प्लेटफॉर्म में इस फीचर को पेश शामिल कर दिया है. अब इसी तरह से इंस्टाग्राम ने फिर से ये काम किया है.

    प्राइवेसी के लिए भी खास है न्यू ऐप
    इंस्टाग्राम ने अब इमेज शेयरिंग फीचर वाले इंस्टैंट्स को पेश किया है. प्राइवेसी के मद्देनजर यह एक अच्छा ऐप साबित होगा. यूजर्स सीक्रेट फोटो पर इसको यूज कर सकते हैं.

    इंस्टाग्राम ने Instants को थोड़ा बेहतर बनाने की कोशिश की है. इंस्टाग्राम ने इसमें 24 घंटे की टाइम लाइन को शामिल किया है. फोटो को रियल और अनफिल्टर्ड रखने के लिए ये फीचर यूजर्स को सिर्फ कैप्चर के लिए सिंगल टैप का ऑप्शन देगा और इसमें कोई एडिटिंग ऑप्शन नहीं मिलेगा.

    इंस्टाग्राम ने इंस्टैंट को क्यों पेश किया?
    रिपोर्ट के मुताबिक, इंस्टाग्राम ऐप से अलग इंस्टैंट्स का फोकस रियल टाइम शेयरिंग, रॉ इमेज इमेज पर है. इसमें फोटो शेयर करने के बाद जब कोई यूजर्स उसे एक बार देख लेता है तो वह उसके बाद ऑटोमेटिक डिलीट हो जाएगी. यह फोटो सिर्फ 24 घंटे तक ही रहती है.

    इंस्टाग्राम न्यू ऐप की मदद से इंफ्लुएंसर्स की तरफ फोकस को बढ़ाना चाहती है. इसमें वह विज्ञापनों की संख्या को भी शामिल करेगा. आने वाले दिनों में इसको लेकर और भी अपडेट आएंगे.

  • इंस्टाग्राम ने लॉन्च किया नया फीचर, 15 मिनट तक एडिट कर सकेंगे कमेंट

    इंस्टाग्राम ने लॉन्च किया नया फीचर, 15 मिनट तक एडिट कर सकेंगे कमेंट

    इंस्टाग्राम ने आखिरकार उस फीचर को लॉन्च कर दिया है, जिसका इंतजार लंबे समय हो रहा था. इस न्यू फीचर की मदद से यूजर्स और क्रिएटर्स अपने ही कमेंट को पोस्ट करने के बाद एडिट कर सकेंगे.

    आमतौर पर पोस्ट पर गलती से कोई गलत कमेंट हो जाता है. इंस्टाग्राम के नए फीचर की मदद से उस गलती को सुधारा जा सकेगा. इसमें यूजर्स टाइपो या फिर अपनी कोई गलती को सुधार सकेंगे.

    इंस्टाग्राम की तरफ से जारी किया गया फीचर सिर्फ 15 मिनट के लिए काम करेगा. यानी अगर यूजर्स कमेंट करने के 15 मिनट के अंदर कमेंट को एडिट कर पाएंगे.  

    इंस्टाग्राम एडिट टैग को इसलिए यूज करेगी ताकि उनके प्लेटफॉर्म पर ट्रांस्पेरेंसी बनी रहे. अगर कोई भी यूजर्स अपने कमेंट को एडिट करता है तो बाकी लोगों को ये दिखना चाहिए कि वह कमेंट एडिट किया गया है.  

    कमेंट अपडेट के लिए मानने पड़ेंगे ये नियम  
        कमेंट एडिट के लिए 15 मिनट की टाइम लिमिट मिलेगी.  
        कमेंट को अनलिमिटेड एडिट्स कर पाएंगे.
        ए़डिट की सुविधा सिर्फ टेक्स्ट पर लागू है.
        कमेंट में फोटो आदि है तो उसे एडिट नहीं कर पाएंगे.
        एडिट किए गए कमेंट पर एडिट्स का टैग दिखेगा.

    कैसे एडिट कर पाएंगे पोस्ट किया कमेंट ?
    इंस्टाग्राम पोस्ट पर किए जा चुके कमेंट को एडिट करना आसान होगा. इसके लिए यूजर्स को कमेंट पर कुछ देर टैप करके रखना होगा. इसके बाद स्क्रीन पर नया ऑप्शन आएगा, जिसमें एडिट का ऑप्शन भी होगा. उस पर क्लिक करना होगा. इसके गलती गलत कमेंट को एडिट कर सकेंगे.

    कमेंट एक बार एडिट होने के बाद उस पर एडिटेड टैग नजर आने लगेगा. एक बार एडिट होने के बाद कोई भी यूजर्स ओरिजनल कमेंट को नहीं देख सकेगा, जिसकी जानकारी खुद कंपनी ने शेयर की है.

  • Instagram की प्राइवेसी पर संकट, Meta ने एंड टू एंड एन्क्रिप्शन हटाने का किया ऐलान

    Instagram की प्राइवेसी पर संकट, Meta ने एंड टू एंड एन्क्रिप्शन हटाने का किया ऐलान

    नई दिल्ली

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड चैट फीचर 8 मई 2026 के बाद बंद कर दिया जाएगा. यानी इस तारीख के बाद इंस्टाग्राम के डायरेक्ट मैसेज (DM) में यह सुरक्षा फीचर उपलब्ध नहीं रहेगा।

    यह जानकारी खुद इंस्टाग्राम के आधिकारिक हेल्प पेज पर दी गई है, जहां साफ कहा गया है कि 8 मई 2026 के बाद इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सपोर्ट नहीं करेगा।

    अगर किसी यूजर की चैट इस फीचर के तहत है, तो उन्हें पहले से नोटिफिकेशन मिलेगा और वे अपने चैट डेटा को डाउनलोड भी कर सकेंगे।

    क्या होता है एंड टू एंड एन्क्रिप्शन

    एंड टू एंड एन्क्रिप्शन एक ऐसी तकनीक होती है जिसमें मैसेज भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई भी तीसरा व्यक्ति उसे पढ़ नहीं सकता।

    यहां तक कि प्लेटफॉर्म चलाने वाली कंपनी भी उन मैसेज को नहीं देख सकती. इस तकनीक में मैसेज भेजते समय वह एक कोड में बदल जाता है और केवल रिसीवर के डिवाइस पर ही डिक्रिप्ट होता है।

    इसी वजह से इसे डिजिटल दुनिया में सबसे मजबूत प्राइवेसी सुरक्षा माना जाता है. Signal और WhatsApp जैसे कई मैसेजिंग प्लेटफॉर्म इसी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं ताकि यूजर्स की बातचीत पूरी तरह निजी रह सके।

    इंस्टाग्राम में कब आया था यह फीचर?
    इंस्टाग्राम ने एंड टू एंड एन्क्रिप्शन फीचर को 2023 के आसपास अपने मैसेजिंग सिस्टम में जोड़ना शुरू किया था. शुरुआत में यह फीचर सभी के लिए डिफॉल्ट नहीं था बल्कि यूजर्स को इसे अलग से ऑन करना पड़ता था।

    इस फीचर को ऑन करने के बाद बातचीत एक अलग एन्क्रिप्टेड चैट में होती थी और उसमें अतिरिक्त सुरक्षा विकल्प भी मिलते थे.  लेकिन अब कंपनी ने इसे पूरी तरह हटाने का फैसला लिया है।

    मेटा ने क्यों लिया यह फैसला?
    इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta का कहना है कि इस फीचर का इस्तेमाल बहुत कम लोग कर रहे थे. इसलिए कंपनी ने इसे बंद करने का फैसला लिया है।

    कंपनी यूजर्स को पहले से नोटिफिकेशन भी भेज रही है ताकि वे चाहें तो अपने एन्क्रिप्टेड चैट्स और मीडिया फाइल्स डाउनलोड कर सकें।

    क्या इंस्टाग्राम यूज़र्स के मैसेज डेटा से Meta AI होगा ट्रेन?
    आधिकारिक तौर पर भले ही मेटा ने इस फैसले को कम इस्तेमाल से जोड़ा है. लेकिन टेक इंडस्ट्री में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि एन्क्रिप्शन हटने से प्लेटफॉर्म के लिए मैसेजिंग डेटा को प्रोसेस करना आसान हो सकता है। 

    एंड टू एंड एन्क्रिप्शन होने पर प्लेटफॉर्म खुद यूजर्स के मैसेज नहीं पढ़ सकता, इसलिए उस डेटा का इस्तेमाल किसी भी तरह के विश्लेषण या AI सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए करना संभव नहीं होता।

    एक्सपर्ट्स का मानना है कि एन्क्रिप्शन हटने के बाद तकनीकी रूप से प्लेटफॉर्म के पास मैसेज स्कैन करने और डेटा को प्रोसेस करने की क्षमता बढ़ जाती है।

    इससे कंपनियां मैसेजिंग सिस्टम को बेहतर बनाने, कंटेंट मॉडरेशन करने या AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए डेटा का इस्तेमाल कर सकती हैं।

    कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि एन्क्रिप्शन हटने से प्लेटफॉर्म को मैसेज स्कैन करने और संदिग्ध या अवैध कंटेंट का पता लगाने में आसानी होती है।

    प्राइवेसी को लेकर पहले भी घिर चुकी है Meta
    प्राइवेसी को लेकर मेटा पहले भी विवादों में घिर चुकी है. हाल ही में कंपनी के RayBan Meta AI Glasses को लेकर बड़ा विवाद सामने आया था।

    कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इन स्मार्ट ग्लासेस से रिकॉर्ड हुई वीडियो और फोटो का इस्तेमाल एआई सिस्टम को ट्रेन करने के लिए किया जा रहा था और इसके लिए ह्यूमन रिव्यूअर्स भी फुटेज देखते थे।

    एक जांच में सामने आया कि कुछ कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स उन वीडियो को देखते थे जिनमें बेहद निजी पल भी शामिल थे। 

    रिपोर्ट्स के अनुसार इन फुटेज में लोगों के घर के अंदर के फुटेज, बाथरूम में रिकॉर्ड हुए पल या अन्य सेंसिटिव मोमेंट्स भी शामिल थीं।

    इन डेटा का इस्तेमाल एआई सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा था, जिससे प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल उठे।

    इतना ही नहीं, इन स्मार्ट ग्लासेस में मौजूद कैमरों को लेकर यह भी चिंता जताई गई कि लोग अनजाने में रिकॉर्ड हो सकते हैं, क्योंकि यह सामान्य चश्मे की तरह दिखते हैं और आसानी से वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं. एक्सपर्ट्स ने इसे भविष्य के लिए एक बड़ा प्राइवेसी खतरा बताया है। 

    यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर?
    8 मई 2026 के बाद इंस्टाग्राम पर भेजे जाने वाले मैसेज एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड नहीं होंगे. यानी तकनीकी रूप से यह मैसेज प्लेटफॉर्म के सर्वर पर प्रोसेस होंगे. हालांकि कंपनियां आमतौर पर दावा करती हैं कि यूजर्स के डेटा की सुरक्षा और प्राइवेसी का ध्यान रखा जाता है।

    फिर भी साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि एंड टू एंड एन्क्रिप्शन हटने से प्राइवेसी को लेकर सवाल उठ सकते हैं, क्योंकि यह फीचर मैसेजिंग को सबसे ज्यादा सुरक्षित बनाता है।

    क्या WhatsApp पर भी खत्म होगा एन्क्रिप्शन?
    इंस्टाग्राम के इस फैसले के बाद कई यूजर्स के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या मेटा अपने दूसरे प्लेटफॉर्म पर भी ऐसा ही कदम उठाएगा. फिलहाल ऐसा नहीं है।

    मेटा के दूसरे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp में एंड टू एंड एन्क्रिप्शन पहले की तरह जारी रहेगा और यह वहां डिफॉल्ट रूप से लागू है।

    8 मई से पहले क्या करें यूजर्स?
    अगर आप इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड चैट का इस्तेमाल करते हैं तो 8 मई 2026 से पहले अपने चैट का बैकअप डाउनलोड कर सकते हैं. इंस्टाग्राम इसके लिए यूजर्स को नोटिफिकेशन और डाउनलोड का विकल्प देगा।

    इंस्टाग्राम का यह फैसला सोशल मीडिया प्राइवेसी को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है. कई टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सुरक्षा और मॉडरेशन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेंगे, जिसकी वजह से ऐसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

  • Instagram में तकनीकी खराबी, ऐप और पोर्टल नहीं कर रहे काम, हजारों यूजर्स ने किया रिपोर्ट

    Instagram में तकनीकी खराबी, ऐप और पोर्टल नहीं कर रहे काम, हजारों यूजर्स ने किया रिपोर्ट

    नई दिल्ली

    Instagram की सर्विस अचानक ठप पड़ गईं और बहुत से यूजर्स ने इसको लेकर रिपोर्ट्स भी किया. यूजर्स ने बताया है कि ऐप और पोर्टल दोनों प्रभावित हुए हैं. यूजर्स को फीड एक्सेस करने में प्रॉब्लम आ रही है।

    आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउन डिटेक्टर पर सैकडों यूजर्स ने रिपोर्ट की और बताया कि उनको इंस्टाग्राम पर प्रॉब्लम हो रही है. बहुत से यूजर्स फीड को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं यानी वह नए पोस्ट आदि को चेक नहीं कर पा रहे है।

    डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, इस आउटेज की शुरुआत सुबह 9 बजे के आसपास हुई है. हालांकि अभी तक कंपनी ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है।

    अमेरिका में दिखा सबसे ज्यादा असर 
    Instagram की सर्विस पर असर दुनियाभर में दिखाई दिया है. इसमें सबसे ज्यादा असर अमेरिका में दिखाई दिया. जहां करीब 12 हजार यूजर्स ने रिपोर्ट की है. हालांकि सवा दस के आसपास सर्विस दोबारा पटरी पर लौटने लगी हैं। 

    भारत में भी दिखा असर 
    Instagram की सर्विस भारत में भी प्रभावित दिखाई दीं, जहां करीब 1 हजार लोगों ने रिपोर्ट ने की है. यूके में भी इंस्टाग्राम की सर्विस प्रभावित हुई हैं। 

    एक पॉपुलर ऐप है Instagram 
    Instagram एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है. इस प्लेटफॉर्म पर यूजर्स फोटो और वीडियो को शेयर करते हैं. साथ ही इंस्टाग्राम पर रील्स आदि को भी पसंद किया जाता है. इस प्लेटफॉर्म सेलिब्रिटी आदि भी मौजूद हैं, जो रेगुलर पोस्ट करते हैं।

  • फेस स्वैप की तैयारी में इंस्टाग्राम! AI फीचर से फोटो-वीडियो होंगे और भी मजेदार

    फेस स्वैप की तैयारी में इंस्टाग्राम! AI फीचर से फोटो-वीडियो होंगे और भी मजेदार

    आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के बढ़ते चलन को देखते हुए मेटा के स्वामित्व वाला इंस्टाग्राम एक ऐसा फीचर लाने पर काम कर रहा है, जिसकी मदद से एआई से बनी फोटो और वीडियो में यूजर डिजिटली अपना चहरा जोड़ सकेंगे। कंपनी जल्द ही एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर ला सकती है। इंस्टाग्राम का यह फीचर OpenAI के Sora प्लेटफॉर्म को टक्कर दे सकता है। एक टिप्सटर Alessandro Paluzzi ने अपने एक्स अकाउंट से ट्वीट करके इस अपकमिंग टूल के बारे में बताया है। उनके अनुसार, इंस्टाग्राम में आने वाला यह टूल, सिंपल इमेज फिल्टर के बजाय पर्सनलाइज्ड “लाइकनेस” बनाने पर फोकस करता है। अभी तक इंस्टाग्राम ने इस फीचर के लॉन्चिंग को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि, टिप्सटर द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि इस सुविधा पर काफी पहले से काम चल रहा है।

    फेस स्वैप टूल लाने की तैयारी
    Alessandro Paluzzi ने X पर इंस्टाग्राम के अपकमिंग फीचर की डिलेट शेयर की है। उन्होंने दावा किया है कि इंस्टाग्राम AI-पावर्ड फेस स्वैप सिस्टम पर काम कर रहा है। इसे फेस स्वैप टूल भी कहा जाता है। हालांकि, इंस्टाग्राम में इसे “मेरी लाइकनेस बनाएं” नाम से लाया जा सकता है।
    लीक हुई इमेज के अनुसार, यूजर्स AI विजुअल्स या छोटी क्लिप बना सकते हैं। एआई से बनाई गई इन क्लिप में उनका चहरा भी जोड़ सकते हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हुआ है कि इंस्टाग्राम यह लाइकनेस डेटा कैसे इकट्ठा करेगा। उम्मीद है कि सिस्टम मौजूदा पोस्ट और हाइलाइट्स को एनालाइज करेगा या फिर ऑप्शन को एक्टिवेट करने के लिए यूजर्स को एक डेडिकेटेड सेल्फी अपलोड करने के लिए कहा जा सकता है।

    सेटअप हो जाने के बाद यूजर अलग-अलग सिनेरियो में खुद को दिखाते हुए कस्टमाइज्ड इमेज या वीडियो बना सकते हैं। इसके लिए उन्हें टेक्स्ट प्रॉम्प्ट डालना होगा।

    शेयरिंग और क्रिएटिव को मिलेगा बढ़ावा
    इस फीचर की मदद से एआई कंटेंट को और भी आकर्षक बनाया जा सकेगा। यूजर डायरेक्ट मैसेज के जरिए प्राइवेटली क्रिएशन भेज सकते हैं या उन्हें स्टोरीज और फीड पर पब्लिकली पोस्ट भी कर सकते हैं। हालांकि, ऐसी किसी भी डिटेल के लिए कोई कन्फर्मेशन नहीं है।

    अगर इसे लागू किया जाता है, तो यह टूल मेटा के अपने ऐप्स में जेनरेटिव AI में बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के साथ अलाइन होगा। इससे यूजर्स को ज्यादा इंटरैक्टिव और पर्सनलाइज्ड कंटेंट क्रिएशन टूल मिलेंगे।

    लेनी होगी परमिशन
    रिपोर्ट की मानें तो यूजर्स डायरेक्ट मैसेज से इनवाइट या रिक्वेस्ट भेज पाएंगे। AI से बने मीडिया में उनके अपीयरेंस का इस्तेमाल करने से पहले दूसरे यूजर को मंजूरी देनी होगी। यह परमिशन बेस्ड तरीका गलत इस्तेमाल को रोकने और पर्सनल आइडेंटिटी को प्रोटेक्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। अभी इस अपकमिंग फीचर की इतनी जानकारी ही सामने आई है। आगे आने वाले समय कंपनी इसके बारे में अन्य डिटेल शेयर कर सकती है।