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  • पंजाब में ED रेड से हड़कंप, IAS अफसर के घर से ढाई करोड़ कैश बरामद

    पंजाब में ED रेड से हड़कंप, IAS अफसर के घर से ढाई करोड़ कैश बरामद

    चंडीगढ़
    पंजाब और चंडीगढ़ में दो दिन से ED की रेड चल रही है। टीम बुधवार देर रात दिल्ली के पूर्व मंत्री सतेंद्र जैन के चंडीगढ़ स्थित घर भी पहुंची।ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के पंजाब और चंडीगढ़ दफ्तरों में 2 दिन से ED की रेड चल रही है। ED ने मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे के घर लुधियाना में भी रेड की। देर रात टीम दिल्ली के पूर्व मंत्री सतेंद्र जैन के घर भी पहुंची। 

    सरकार ने हाईकोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग की। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने ED की छापेमारी की निगरानी के लिए वारंट ऑफिसर नियुक्त किया है। वारंट ऑफिसर को मौके पर जाकर छापेमारी की स्थिति देखने और इसकी रिपोर्ट अदालत में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

    वारंट ऑफिसर किसी भी समय छापेमारी वाली जगह पर जाकर निरीक्षण कर सकता है। उसे गुरुवार दोपहर 2 बजे तक मामले की स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंपनी होगी।

    इधर, एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि पंजाब के एक IAS अधिकारी के घर से करीब ढाई करोड़ कैश, सवा किलो सोना-चांदी और जमीन के कुछ दस्तावेज मिले हैं। इनकी जांच जारी है।

    ED की रेड के बीच पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व पंजाब के भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्‌टू ने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट से खलबली मचा दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में दावा किया है कि पंजाब का एक मंत्री देश छोड़कर भाग गया है। बताया जा रहा है कि बिट्‌टू का इशारा मंत्री मुंडियां की तरफ है। हालांकि, इसकी ऑफिशियल पुष्टि नहीं हुई है।

    आज AAP करेगी टीमों का घेराव
    वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) आज मोहाली में GMADA दफ्तर पर ED की कार्रवाई के विरोध में केंद्रीय जांच एजेंसी की टीमों का घेराव करेगी। पार्टी ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनावों से पहले केंद्रीय एजेंसियों के जरिए पंजाब सरकार और अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

    AAP नेताओं ने कहा कि लंबी छापेमारी के बावजूद ED को अब तक कुछ नहीं मिला। पार्टी ने ED की कार्रवाई के समय और तरीके पर सवाल उठाते हुए इसे अधिकारियों को डराने की कोशिश बताया। AAP ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही पंजाब में ED की सक्रियता बढ़ी है। भाजपा की धक्केशाही को पंजाब बर्दाश्त नहीं करेगा।

    मोहाली दफ्तर के 3 मंजिल सील किए
    ED ने मंगलवार सुबह मोहाली स्थित GMADA के फेज-8 में मुख्यालय में कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद ED और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान व अधिकारी मौके पर अब भी मौजूद हैं। ED अधिकारी सरकारी रिकॉर्ड खंगालने के साथ GMADA के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रहे हैं।

    मोहाली दफ्तर के 3 मंजिलों को सील किए जाने और रिकॉर्ड जब्त किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई जा रही है। इसके अलावा IAS अधिकारी राजीव गुप्ता की सेक्टर-19 स्थित कोठी में टीम पहुंची थी। ED की टीम बुधवार देर रात सेक्टर-39 की कोठी नंबर 926 में भी पहुंच गई, जहां दिल्ली के पूर्व मंत्री सतिंदर जैन रहते रहे थे।

    मंत्री के रिश्तेदार के घर भी पहुंची ED
    इसी जांच के दौरान बुधवार को पंजाब के शहरी आवास एवं विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह सैनी उर्फ प्रिंस के लुधियाना के साहनेवाल स्थित घर पर भी ED ने तलाशी ली। रिपोर्टों के अनुसार, वहां कार्रवाई दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुई और देर तक जारी रही।

    26 ठिकानों पर सर्च और सर्वे
    ED के अनुसार, तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में दिल्ली, मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना में 26 ठिकानों पर सर्च और सर्वे की कार्रवाई की गई है। इनमें कंपनी के प्रमोटर, निदेशक और उनसे जुड़े लोगों के ठिकाने शामिल हैं।

    ED के मुताबिक, GMADA और पंजाब सरकार के हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट विभाग के कार्यालयों में भी PMLA के तहत सर्वे किया जा रहा है, ताकि संबंधित कंपनियों से जुड़े रिकॉर्ड और सबूत जुटाए जा सकें।

    290 करोड़ के बैंक फ्रॉड और GMADA से जुड़े लेनदेन की जांच
    ED के मुताबिक, जांच में तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स से जुड़े करीब 290 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड का मामला भी शामिल है। एजेंसी के अनुसार, मामले में नई दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित रेडिसन ब्लू होटल प्रोजेक्ट से जुड़े लेनदेन के साथ GMADA से कथित तौर पर वैधानिक बकाया में छूट और रद्द किए गए प्लॉट के दोबारा आवंटन की भी जांच की जा रही है।

    एजेंसी के अनुसार, रेमिगेट से जुड़े मामले में करीब 57 करोड़ रुपए का आर्थिक लाभ दिए जाने की भी जांच है। साथ ही जमीन अधिग्रहण से जुड़ी कथित अनियमितताओं में एक निजी कंसल्टेंसी फर्म की भूमिका और अधिकारियों से उसके संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।

    जांच अभी जारी है। ED की तलाशी और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

  • भोपाल में फर्जी IAS तृप्ति का नया कारनामा, नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख ठगे; तीसरी FIR से बढ़ी मुश्किलें

    भोपाल में फर्जी IAS तृप्ति का नया कारनामा, नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख ठगे; तीसरी FIR से बढ़ी मुश्किलें

    भोपाल 
    फर्जी आईएएस
    अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने के मामले में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत के खिलाफ पुलिस ने तीसरी प्राथमिकी दर्ज की है। जहांगीराबाद निवासी और बैतूल मूल की 28 वर्षीय ख्याति धौलपुरे ने नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपये लेने और फर्जी प्रशिक्षण कराने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तृप्ति और उसके साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

      फर्जी पहचान और नौकरी का झांसा
    पीड़िता के अनुसार जून 2024 में उसकी मुलाकात तृप्ति से हुई थी। उस समय तृप्ति ने खुद को नरोन्हा अकादमी की विभागाध्यक्ष और एमपीटी में अतिरिक्त निदेशक बताया था। नौकरी लगवाने के नाम पर उसने तीन लाख रुपये ऐंठे। बाद में ठगी का अहसास होने पर जब पीड़िता ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने टालमटोल की, लेकिन बाद में तीन लाख रुपये लौटा दिए।

      संग्रहालयों में कराया फर्जी प्रशिक्षण
    तृप्ति ने ख्याति और उसकी सहेली को भोपाल के ट्राइबल म्यूजियम तथा मानव संग्रहालय ले जाकर पौधरोपण और भाषण कराया। इस अवधि में उसने वीडियो भी बनाए। ख्याति का आरोप है कि तृप्ति ने उसे प्रशिक्षण में अधिकारी जैसा आत्मविश्वास दिखाने के उद्देश्य से पद का नाम बोलने को कहा था। यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित भी होने लगा था।

    आरटीआई से उजागर हुआ फर्जीवाड़ा
    तृप्ति ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर विवाह किया था। विवाह के बाद जब ससुर को आशंका हुई तो उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी से आरटीआई से सूचना मांगी। वहां से मिले उत्तर से उसका आईएएस होने का दावा फर्जी निकला। पुलिस ने आरोपी के ठिकानों से शासकीय लेटरहेड, फर्जी पहचान पत्र, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज, प्रशिक्षु आईएएस लिखे स्मृति चिह्न और भारत सरकार लिखी कार बरामद की है।

      डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की जांच
    ससुराल से मिली प्रशिक्षण किट और मसूरी प्रशिक्षण से जुड़ी तस्वीरों को पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया है। तृप्ति ने कथित तौर पर आईएएस बनकर विधानसभा परिसर जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि पुलिस जांच दल मोबाइल, डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों और दस्तावेज की जानकारी जुटा रहा है। मामले में डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी का पूरा हिसाब जोड़ा जा रहा है और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की कड़ियां मिलाकर पड़ताल जारी है।

     

  • IAS निधि निवेदिता पर शासन का बड़ा फैसला, तबादले के बाद कार्यकाल के कई आदेश हुए निरस्त

    IAS निधि निवेदिता पर शासन का बड़ा फैसला, तबादले के बाद कार्यकाल के कई आदेश हुए निरस्त

    भोपाल

    महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त रहीं आईएएस निधि निवेदिता को हटाने के बाद अब उनके कार्यकाल में जारी किए गए कई आदेश भी शासन ने वापस ले लिए हैं। पांच सितंबर को उनका तबादला राजस्व विभाग में किया गया था। इसके कुछ दिन बाद शासन ने उनके कार्य विभाजन और स्थानांतरण से जुड़े आदेश निरस्त कर दिए। निधि निवेदिता ने तीन सितंबर को विभाग में प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए 14 अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली थीं। अब उनके आदेश को निरस्त कर दिया गया। 

    महिला एवं बाल विकास विभाग में आयुक्त रहते निधि निवेदिता ने क्या किया जिसे बदला गया ?

        संयुक्त संचालक अक्षय श्रीवास्तव को आधार और एमआईएस शाखा का प्रभार दिया जबकि पहले उनके पास पोषण आहार शाखा थी।
        जवाहर बाल भवन के संचालक पद को लेकर जारी आदेश भी शासन ने रद्द कर दिया है। 

        निधि निवेदिता ने राजेश प्रताप सिंह को जवाहर बाल भवन का संचालक और वहां पदस्थ उषा सोलंकी को संचालनालय भेजा था

    अधिकारियों का तर्क था कि जवाहर बाल भवन के संचालक की नियुक्ति शासन स्तर से होती है। इसके अलावा सहायक ग्रेड-1 और सहायक ग्रेड-2 के 66 कर्मचारियों की पदोन्नति के बाद की गई पदस्थापना का आदेश भी निरस्त कर दिया गया है।

    बैठक के विवाद के बाद बदला था माहौल
    14 अगस्त को विभागीय बैठक के दौरान निधि निवेदिता और संयुक्त संचालक अक्षय श्रीवास्तव के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एकजुट होकर कार्यालय से बाहर आ गए और आईएएस के खिलाफ प्रदर्शन किया था। बाद में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया की मध्यस्थता मामला शांत हुआ था। जिसके बाद कर्मचारियों ने अपना प्रदर्शन बंद किया था।  

    क्या था थप्पड़ कांड जिससे आईं थीं चर्चा में  

        2020 में राजगढ़ कलेक्टर रहते हुए एक भाजपा नेता को थप्पड़ मारा 
        इसके बाद एक एएसआई ने भी थप्पड़ मारने आरोप लगाया
        सीएए के समर्थन में भाजपा नेताओं ने रैली का आयोजन किया था। इस रैली में ही कलेक्टर और भाजपा कार्यकर्ताओं का विवाद हुआ था। उन्होंने आईएएस के खिलाफ कोर्ट ने इस्तगासा लगाया था। बाद में एएसआई ने भी कलेक्टर पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया था।
        इसकी शिकायत के बाद जांच हुई थी, जिसमें शिकायत सही पाई गई थी। इस मामले में सरकार की तरफ से जांच कमेटी बनाई गई थी।
        2020 में कांग्रेस की सरकार जाने के बाद आईएएस निधि निविदेता को हटा दिया गया था।  

    किस बैच की हैं आईएएस निधि निवेदिता ?
    भारतीय प्रशासन सेवा की आईएएस निधि निवेदिता 2012 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह मूलत: झारंखड की रहने वाली हैं। उनकी पहली पोस्टिंग झाबुआ में सहायक कलेक्टर के रूप में हुई थी। इसके बाद वह कई जिलो में अलग-अलग पद पर पदस्थ रही। पांच पांच सितंबर को निधि निवेदिता का तबादला राजस्व विभाग में कर दिया गया। उन्हें भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त, ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।   

  • ‘कर्मचारियों ने ट्रांसफर की धमकी दी, शिकायत की तो मुझे ही हटाया’, 50 दिन में फिर IAS नेहा का तबादला

    ‘कर्मचारियों ने ट्रांसफर की धमकी दी, शिकायत की तो मुझे ही हटाया’, 50 दिन में फिर IAS नेहा का तबादला

     भोपाल

    एमपी में एक IAS अधिकारी के लगातार ट्रांसफर का मामला चर्चा में है. IAS अधिकारी नेहा मारव्या सिंह ने एक साल के भीतर चौथी बार अपना नाम ट्रांसफर लिस्ट में आने पर नाराजगी जताई है. उन्होंने IAS अधिकारियों के ग्रुप में अपना दर्द साझा करते हुए सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 

    5 सितंबर 2026 की ट्रांसफर लिस्ट का जिक्र करते हुए नेहा मारव्या सिंह ने लिखा कि वह बेहद परेशान हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा पद पर ज्वाइन करने के महज 50 दिन के भीतर ही उनका ट्रांसफर कर दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक IAS अधिकारी इतना कमजोर कैसे हो सकता है कि उसके साथ काम करने वाले कर्मचारी ही उसे ट्रांसफर कराने में सफल हो जाएं? नेहा मारव्या सिंह का यह संदेश IAS अधिकारियों के ग्रुप में साझा किया गया है. इसमें उन्होंने अपने साथ हुए घटनाक्रम का सिलसिलेवार जिक्र करते हुए कहा कि वह लंबे समय से चुप्पी और धैर्य बनाए हुए थीं, लेकिन अब स्थिति इस स्तर तक पहुंच गई है कि उनके मातहत उन्हें ट्रांसफर कराने की धमकी देने लगे हैं। 

    एक साल में चौथी बार मेरा नाम ट्रांसफर लिस्ट में

    IAS अधिकारी ने अपने संदेश की शुरुआत सीनियर अधिकारियों और सहयोगियों को संबोधित करते हुए की. उन्होंने कहा कि वह समझती हैं कि IAS अधिकारी होने के नाते राज्य सरकार उन्हें जहां चाहे वहां ड्यूटी करने के लिए कह सकती है और उन्होंने हमेशा सरकारी आदेशों को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया है. लेकिन इस बार उन्हें यह ट्रांसफर बेहद निराशाजनक लग रहा है. अपने संदेश में नेहा मारव्या सिंह ने ट्रांसफर की वजह को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके साथ काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने उनके खिलाफ ‘mutiny’ यानी विद्रोह जैसा माहौल बनाया. उनका कहना है कि इन कर्मचारियों का प्रशासनिक नियंत्रण सीधे उनके पास नहीं था, बल्कि उनका स्थापना संबंधी नियंत्रण विभाग के पास था। 

    नेहा के मुताबिक, इन कर्मचारियों ने उनकी टेबल पर आकर कथित तौर पर धमकी दी कि उनका ट्रांसफर करा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि उन्होंने मातहतों की कथित अनुशासनहीनता, फाइलें रोककर रखने और विभाग में उनके साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार की जानकारी उचित माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई थी. उन्हें उम्मीद थी कि इस पर जरूरी कार्रवाई होगी. लेकिन उनके मुताबिक, कार्रवाई होने के बजाय उनका ही ट्रांसफर कर दिया गया। 

    क्या IAS अधिकारी इतना कमजोर है 
    अपने संदेश में नेहा मारव्या सिंह ने सबसे बड़ा सवाल इसी बात को लेकर उठाया. उन्होंने पूछा कि इस तरह के फैसले से नीचे तक क्या संदेश जाएगा? उनके शब्दों में, क्या एक IAS अधिकारी इतना कमजोर है कि उसके मातहत कर्मचारी भी उसके खिलाफ विद्रोह कर उसे ट्रांसफर कराने में सफल हो सकते हैं? उन्होंने यह भी कहा कि किसी अधिकारी के ज्वाइन करने के एक महीने के भीतर ही उसके खिलाफ इस तरह का माहौल बन जाना सामान्य बात नहीं है. उनके मुताबिक, किसी अधिकारी को नई जगह के कामकाज को समझने में ही समय लगता है। 

    उन्होंने अपने साथ हुए घटनाक्रम को अपमानजनक बताते हुए कहा कि मातहतों के कथित विद्रोह के कारण उनका ट्रांसफर किया गया. नेहा ने अपने संदेश में अपने छोटे कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उनकी पोस्टिंग का कार्यकाल कई बार सिर्फ 2-3 महीने का रह जाता है. ऐसे में जब तक वह किसी पद की जिम्मेदारी और कामकाज को समझ पाती हैं, तब तक उन्हें हटा दिया जाता है. उन्होंने लिखा कि ऐसी स्थिति में वह प्रभावी तरीके से काम कैसे कर सकती हैं  उन्होंने दावा किया कि उनके मातहतों को भी यह महसूस होने लगा है कि अगर वह उनके हिसाब से काम नहीं करेंगी तो वे उनका ट्रांसफर करा सकते हैं. यही बात उन्हें सबसे ज्यादा परेशान कर रही है। 

    बनाए रखी चुप्पी और धैर्य 
    IAS अधिकारी ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने लंबे समय तक चुप्पी और धैर्य बनाए रखा. उन्होंने दावा किया कि उन्हें लंबे समय तक किनारे रखा गया और पर्याप्त काम नहीं दिया गया. उन्हें उम्मीद थी कि समय के साथ परिस्थितियां बेहतर होंगी. लेकिन उनके मुताबिक, स्थिति सुधरने के बजाय और खराब होती चली गई. अब स्थिति यह हो गई है कि उनके मातहत कर्मचारी ही उन्हें ट्रांसफर कराने की धमकी देने लगे हैं. अपने संदेश के अंत में नेहा मारव्या सिंह ने बेहद तल्ख टिप्पणी की. उन्होंने लिखा कि ‘Always conspirators win and I fail’, यानी उनके मुताबिक हर बार साजिश करने वाले जीत जाते हैं और वह असफल हो जाती हैं. उन्होंने कहा कि सिस्टम उन्हें विफल कर चुका है. उन्होंने यह भी लिखा कि आज वह निशाने पर हैं और कल कोई दूसरा IAS अधिकारी भी इसी तरह निशाना बन सकता है. उनका यह संदेश अब प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। 

  • MP में IAS ट्रांसफर की बड़ी सूची जारी, सागर कमिश्नर बदले; 11 की नई पदस्थापना, 5 को मिला अतिरिक्त प्रभार

    MP में IAS ट्रांसफर की बड़ी सूची जारी, सागर कमिश्नर बदले; 11 की नई पदस्थापना, 5 को मिला अतिरिक्त प्रभार

    भोपाल

    मध्य प्रदेश में आज राज्य शासन ने 11 अधिकारियों के तबादले आदेश जारी किए हैं। सागर के कमिश्नर अनिल सुचारी को राज्य भंडार गृह निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है। आयुक्त उद्योग दिलीप कुमार को सागर का संभागीय कमिश्नर पदस्थ किया गया है।साथ ही महिला और बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता को अब ओएसडी शहर राजस्व आयुक्त और आयुक्त भू अभिलेख की अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी सौंप गई है।सरकार ने ओएसडी शाह श्रम आयुक्त संदीप जीआर को भी बदला है और उन्हें ओएसडी सह आयुक्त महिला और बाल विकास तथा पड़े मिशन संचालक अटल बिहारी वाजपेई बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन के पद पर पदस्थ किया है।

    6 जिला पंचायत CEO भी बदले गए
    सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने एक अन्य तबादला आदेश में 6 राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के अफसर के तबादले करते हुए उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी और अपर मेला अधिकारी सिंहस्थ उज्जैन के पद पर पदस्थ किया है।

    जारी आदेश के अनुसार प्रमुख राजस्व आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव को अब सचिव राजस्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, आयुक्त सहसंचालक पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण सतेंद्र सिंह को अब सचिव पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का जिम्मा सौंपा है।

    इसके अलावा राजस्व, महिला एवं बाल विकास, नगर निगम और निगम-मंडल स्तर के कई पदों पर भी बदलाव हुए हैं। नीचे पूरी सूची दी गई है।

    ट्रांसफर सूची (नई पदस्थापना)

        आईएएस अनिल सुचारी (2006): आयुक्त, सागर संभाग, सागर से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे मध्यप्रदेश भण्डार गृह निगम, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (समकक्ष घोषित पद: सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

        आईएएस दिलीप कुमार (2008): आयुक्त उद्योग तथा प्रबंध संचालक लघु उद्योग निगम, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार सहित) से उन्हें आयुक्त बनाया गया है। अब वे सागर संभाग, सागर में पोस्टेड होंगे।

        आईएएस अनुभा श्रीवास्तव (2009): प्रमुख राजस्व आयुक्त तथा आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोवस्त, ग्वालियर (अतिरिक्त प्रभार सहित) से उन्हें सचिव बनाया गया है। अब वे राजस्व विभाग, मंत्रालय भोपाल में पोस्टेड होंगी।

        आईएएस सतेन्द्र सिंह (2009): आयुक्त-सह-संचालक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, भोपाल से उन्हें सचिव बनाया गया है। अब वे पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पोस्टेड होंगे। (अतिरिक्त प्रभार: सचिव-अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, आयुक्त-अनुसूचित जाति विकास, प्रबंध संचालक-अनुसूचित जाति वित्त निगम एवं आयुक्त-सह-संचालक पिछड़ा वर्ग कल्याण)

        आईएएस नेहा मारव्या सिंह (2011): संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं एवं अन्य प्रभार, भोपाल से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, भोपाल में पोस्टेड होंगी। (समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

        आईएएस निधि निवेदिता (2012): वि.क.अ.-सह-आयुक्त, महिला एवं बाल विकास, भोपाल से उन्हें वि.क.अ.-सह-प्रमुख राजस्व आयुक्त बनाया गया है। अब वे भोपाल में पोस्टेड होंगी। (अतिरिक्त प्रभार: आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोवस्त, ग्वालियर; समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

        आईएएस अनुराग वर्मा (2012): प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश भण्डार गृह निगम एवं राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (अतिरिक्त प्रभार सहित), भोपाल से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

        आईएएस मयंक अग्रवाल (2013): प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन, भोपाल से उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। अब वे विकसित भारत-रोजगार गारंटी आजीविका मिशन (VB-GRAMG), भोपाल में पोस्टेड होंगे। (अतिरिक्त प्रभार: मिशन संचालक, समग्र नर्मदा मिशन; समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

        आईएएस संदीप जी.आर. (2013): वि.क.अ.-सह-श्रम आयुक्त, इंदौर से उन्हें वि.क.अ.-सह-आयुक्त बनाया गया है। अब वे महिला एवं बाल विकास विभाग, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

        आईएएस अवि प्रसाद (2014): मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (अतिरिक्त प्रभार: अपर सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग; समकक्ष घोषित पद: उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

        आईएएस नेहा जैन (2018): अपर संचालक, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, इंदौर से उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। अब वे स्मार्ट सिटी, उज्जैन में पोस्टेड होंगी। (अतिरिक्त प्रभार: अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम उज्जैन; समकक्ष घोषित पद: उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

    अतिरिक्त प्रभार (मूल पद यथावत)

        आईएएस रघुराज एम.आर. (2004): सचिव, श्रम विभाग, भोपाल के मूल पद पर बने रहेंगे। उन्हें सचिव, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

        आईएएस तरुण राठी (2010): आयुक्त, आदिवासी विकास, भोपाल के मूल पद पर बने रहेंगे। उन्हें आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं, MAPCET एवं आदिम जाति अनुसंधान संस्थान का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

        आईएएस कुमार पुरूषोत्तम (2012): अपर सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय, भोपाल के मूल पद पर बने रहेंगे। उन्हें आयुक्त उद्योग एवं प्रबंध संचालक लघु उद्योग निगम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

        आईएएस शीतला पटले (2014): सचिव, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर के मूल पद पर बनी रहेंगी। उन्हें श्रम आयुक्त, इंदौर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
        आईएएस अनिशा श्रीवास्तव (2021): कार्यकारी संचालक, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम, ग्वालियर के मूल पद पर बनी रहेंगी। उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्वालियर विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

  • Punjab में प्रशासनिक बदलाव: चार IAS अधिकारियों की नई पोस्टिंग, जानें किस अधिकारी को मिली कौन-सी जिम्मेदारी

    Punjab में प्रशासनिक बदलाव: चार IAS अधिकारियों की नई पोस्टिंग, जानें किस अधिकारी को मिली कौन-सी जिम्मेदारी

    चंडीगढ़ 

    पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल करते हुए चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले और नई तैनातियां की हैं। कार्मिक विभाग की आईएएस शाखा की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। अधिकारियों को अपनी नई जिम्मेदारियां तुरंत संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

    आईएएस अधिकारी वरुण रूजम वर्तमान में परिवहन विभाग के प्रशासनिक सचिव हैं। उन्हें परिवहन विभाग के साथ खेल एवं युवा सेवाएं विभाग के प्रशासनिक सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आईएएस अधिकारी साक्षी साहनी विशेष सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और नशा विरोधी अभियान की नोडल अधिकारी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अब उन्हें अपने मौजूदा प्रभार के साथ निदेशक, खेल एवं युवा सेवाएं का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। 

    आईएएस अधिकारी संदीप ऋषि को ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमएडीए) के मुख्य प्रशासक के साथ नगर निगम जालंधर के कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वह निकास कुमार की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे। आईएएस अधिकारी निकास कुमार को नगर निगम जालंधर के कमिश्नर पद से हटाकर अपर सचिव, सामान्य राज्य प्रशासन एवं समन्वय विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। 

  • भोपाल: आईपीएस अधिकारियों के बड़े तबादले, कई जिलों में एसपी बदले गए

    भोपाल: आईपीएस अधिकारियों के बड़े तबादले, कई जिलों में एसपी बदले गए

    भोपाल
    मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में थोकबंद तबादले करते हुए 23 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को बदल दिया गया है. इसके अलावा पुलिस मुख्यालय में भी सीनियर पुलिस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. प्रदेश के भिंड, शिवपुरी, रीवा, सागर, धार, मुरैना, छतरपुर, खंडवा, झाबुआ, नीमच सहित 21 जिलों के एसपी को बदला गया है. इसके अलावा भोपाल देहात और इंदौर देहात के पुलिस अधीक्षकों को भी बदला गया है. उधर पुलिस ट्रेनिंग में नए-नए प्रयोगों के लिए चर्चा में रहने वाले एडीजी राजाबाबू सिंह को एडीजी रेल बनाया गया है. इसके अलावा कई रेंज के आईजी को भी बदल दिया गया है.

    इन जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले

    प्रदेश के 21 जिलों में नए पुलिस अधीक्षक बनाए गए हैं. इसमें भिंड, शिवपुरी, रीवा, सागर, धार, मुरैना, छतरपुर, खंडवा, झाबुआ, नीमच, पांढुर्णा, आगर मालवा, अनूपपुर, मऊगंज, डिंडौरी, मंडला, दतिया, सीहोर, सिंगरौली, दमोह, सिवनी जिले शामिल हैं. इसके अलावा भोपाल और इंदौर देहात के दो और पुलिस अधीक्षकों को भी बदला गया है. इस तरह कुल 23 एसपी को बदला गया है.

    यह पुलिस अधीक्षक बदले गए

    मनोज कुमार राय– पुलिस अधीक्षक (जिला-खण्डवा) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया.

    राहुल कुमार लोढ़ा – पुलिस अधीक्षक (रेल, भोपाल) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया.

    सिमाला प्रसाद – पुलिस अधीक्षक (रेल, जबलपुर) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया.

    असित यादव – पुलिस अधीक्षक (जिला-भिण्ड) को उप पुलिस महानिदेशक (ग्वालियर रेंज, ग्वालियर) बनाया गया.

    विवेक सिंह – पुलिस उपायुक्त (जोन-2, भोपाल) को उप पुलिस महानिदेशक (शहडोल रेंज, शहडोल) बनाया गया.

    शैलेन्द्र सिंह चौहान – पुलिस अधीक्षक (जिला-रीवा) को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था, भोपाल) बनाया गया.

     

    कुमार प्रतीक – पुलिस उपायुक्त (जोन-2, इन्दौर) को उप पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स, इन्दौर) बनाया गया.

     

    शिव दयाल – पुलिस अधीक्षक (जिला-झाबुआ) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया.

    मयंक अवस्थी – पुलिस अधीक्षक (जिला-धार) को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था, इन्दौर) बनाया गया.

    अरविन्द तिवारी – सहायक पुलिस महानिदेशक (भोपाल) को सेनानी (34वीं वाहिनी, विसबल, धार) बनाया गया.

    सूरज कुमार वर्मा – पुलिस अधीक्षक (जिला-दतिया) को पुलिस अधीक्षक (जिला-भिण्ड) बनाया गया.

    यांगचेन डोलकर भुटिया – पुलिस अधीक्षक (देहात, इन्दौर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-शिवपुरी) बनाया गया.

    गुरूकरण सिंह – सेनानी (24वीं वाहिनी, विसबल, रतलाम) को पुलिस अधीक्षक (जिला-रीवा) बनाया गया.

    दीपक कुमार शुक्ला – पुलिस अधीक्षक (जिला-सीहोर) को सेनानी (32वीं वाहिनी, विसबल, उज्जैन) बनाया गया.

    अमन सिंह राठौड़ – पुलिस अधीक्षक (जिला-शिवपुरी) को पुलिस उपायुक्त (जोन-2, इन्दौर) बनाया गया.

    अनुराग सुजानिया – सहायक पुलिस महानिदेशक (भोपाल) को पुलिस अधीक्षक (जिला-सागर) बनाया गया.

    सचिन शर्मा – संयुक्त आवासीय आयुक्त (नई दिल्ली) को पुलिस अधीक्षक (जिला-धार) बनाया गया.

    वाहनी सिंह – पुलिस अधीक्षक (जिला-डिंडौरी) को पुलिस अधीक्षक (पीटीसी, इन्दौर) बनाया गया.

    विकास कुमार सहवाल – पुलिस अधीक्षक (जिला-सागर) को पुलिस उपायुक्त (जोन-2, भोपाल) बनाया गया.

    धर्मराज मीना – सेनानी (32वीं वाहिनी, विसबल, उज्जैन) को पुलिस अधीक्षक (जिला-मुरैना) बनाया गया.

    समीर सौरभ – पुलिस अधीक्षक (जिला-मुरैना) को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (रेडियो, भोपाल) बनाया गया.

    रजत सकलेचा – पुलिस अधीक्षक (जिला-मण्डला) को पुलिस अधीक्षक (जिला-छतरपुर) बनाया गया.

    अगम जैन – पुलिस अधीक्षक (जिला-छतरपुर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-खण्डवा) बनाया गया.

    मनीष खत्री – पुलिस अधीक्षक (जिला-सिंगरौली) को सहायक पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया.

    सुनील कुमार मेहता – पुलिस अधीक्षक (जिला-सिवनी) को पुलिस उपायुक्त (जोन-4, इन्दौर) बनाया गया.

    देवेन्द्र कुमार पाटीदार – पुलिस अधीक्षक (जिला-बुरहानपुर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-झाबुआ) बनाया गया.

    रामशरण प्रजापति – पुलिस अधीक्षक (देहात, भोपाल) को सहायक पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया.

    सुन्दर सिंह कनेश – पुलिस अधीक्षक (जिला-पांढुर्ना) को पुलिस अधीक्षक (रेल, जबलपुर) बनाया गया.

    राजेश व्यास – पुलिस उपायुक्त (आसूचना एवं सुरक्षा, इन्दौर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-नीमच) बनाया गया.

    विनोद कुमार सिंह – पुलिस अधीक्षक (जिला-आगर मालवा) को सेनानी (24वीं वाहिनी, विसबल, रतलाम) बनाया गया.

    पंकज कुमार पाण्डे – सहायक पुलिस महानिदेशक (भोपाल) को पुलिस अधीक्षक (देहात, भोपाल) बनाया गया.

    प्रकाश चन्द्र परिहार – पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय, इन्दौर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-पांढुर्ना) बनाया गया.

    दिलीप कुमार सोनी – पुलिस अधीक्षक (जिला-मऊगंज) को पुलिस अधीक्षक (जिला-आगर मालवा) बनाया गया.

    राजेन्द्र कुमार वर्मा – पुलिस अधीक्षक (पीटीसी, इंदौर) को पुलिस अधीक्षक (देहात, इन्दौर) बनाया गया.

    विक्रांत मुराब – सहायक पुलिस महानिदेशक (अ.वि., पुलिस मुख्यालय, भोपाल) को पुलिस अधीक्षक (जिला-अनूपपुर) बनाया गया.

    सुरेन्द्र कुमार जैन – पुलिस अधीक्षक (पीटीएस, रीवा) को पुलिस अधीक्षक (जिला-मऊगंज) बनाया गया.

    आशीष खरे – जोनल पुलिस अधीक्षक (विशेष शाखा, जबलपुर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-डिंडौरी) बनाया गया.

    अंकित जायसवाल – पुलिस अधीक्षक (जिला-नीमच) को पुलिस अधीक्षक (रेल, भोपाल) बनाया गया.

    राजेश रघुवंशी – अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जिला-खण्डवा) को पुलिस अधीक्षक (जिला-मण्डला) बनाया गया.

    मोती उर्र रहमान – पुलिस अधीक्षक (जिला-अनूपपुर) को सेनानी (9वीं वाहिनी, विसबल, रीवा) बनाया गया.

    श्रुतकीर्ति सोमवंशी – पुलिस अधीक्षक (जिला-दमोह) को सेनानी (13वीं वाहिनी, विसबल, ग्वालियर) बनाया गया.

    मयूर खण्डेलवाल – पुलिस उपायुक्त (जोन-4, भोपाल) को पुलिस अधीक्षक (जिला-दतिया) बनाया गया.

    सोनाक्षी सक्सेना – पुलिस उपायुक्त (आसूचना व सुरक्षा, भोपाल) को पुलिस अधीक्षक (जिला-सीहोर) बनाया गया.

    शियाज, के.एम. – सेनानी (हॉकफोर्स, बालाघाट) को पुलिस अधीक्षक (जिला-सिंगरौली) बनाया गया.

    आनंद कलादगी – पुलिस उपायुक्त (जोन-4, इन्दौर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-दमोह) बनाया गया.

    कृष्ण लालचंदानी – पुलिस उपायुक्त (जोन-1, इन्दौर) को पुलिस अधीक्षक (जिला-सिवनी) बनाया गया.

    आयुष गुप्ता – अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जिला-जबलपुर) को पुलिस उपायुक्त (जोन-3, भोपाल) बनाया गया.

    आदर्शकांत शुक्ला – प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एन्टी नक्सल आपरेशन, बालाघाट) को पुलिस उपायुक्त (जोन-4, भोपाल) बनाया गया.

    नरेन्द्र रावत – माननीय राज्यपाल के परिसहाय को पुलिस उपायुक्त (जोन-1, इन्दौर) बनाया गया.

    अभिषेक रंजन – अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जिला-उज्जैन) को पुलिस उपायुक्त (जोन-3, इन्दौर) बनाया गया.

    राहुल देशमुख – सीएसपी (कोतवाली, उज्जैन) को माननीय राज्यपाल का परिसहाय बनाया गया.

    सीनियर पुलिस अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

    रवि कुमार गुप्ता – विशेष पुलिस महानिदेशक (रेल, भोपाल) को विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण एवं निदेशक, पुलिस अकादमी, भौरी भोपाल) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया.

    राजाबाबू सिंह – अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण, पुलिस मुख्यालय, भोपाल) को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (रेल, भोपाल) बनाया गया.

    डी.पी. गुप्ता – अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (शिकायत एवं मानव अधिकार, भोपाल) को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सामुदायिक पुलिसिंग, आरटीआई, लोक सेवा गारंटी आदि) बनाया गया.

    सोलोमन यश कुमार मिंज – अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (शिकायत एवं मानव अधिकार एवं अवनि, लेखा/कल्याण) बनाया गया.

        पेंशनरों की हो गई बल्ले बल्ले, पहली तारीख से पहले मोहन यादव ने कर दिया अकाउंट फुल
        मध्यप्रदेश में देर रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, 26 IAS के तबादले, भोपाल, सागर सहित 14 जिलों के कलेक्टर बदले

    अमित सिंह – अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था, इन्दौर) को उप पुलिस महानिदेशक (विसबल, इन्दौर रेंज) बनाया गया.

    अवधेश कुमार गोस्वामी – अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था, भोपाल) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया.

    अमित सांघी – उप पुलिस महानिदेशक (ग्वालियर रेंज, ग्वालियर) को उप पुलिस महानिदेशक (होमगार्ड/एस.डी.ई.आर.एफ, भोपाल) बनाया गया.

    वीरेन्द्र कुमार सिंह – उप पुलिस महानिदेशक (चयन, भोपाल) को उप पुलिस महानिदेशक (नर्मदापुरम रेंज, नर्मदापुरम) बनाया गया.

    प्रशांत खरे – उप पुलिस महानिदेशक (नर्मदापुरम रेंज, नर्मदापुरम) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया.

    मनीष कुमार अग्रवाल – उप पुलिस महानिदेशक (होमगार्ड/एस.डी.ई.आर.एफ, भोपाल) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया.

    रियाज इकबाल – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (रेडियो, भोपाल) को उप पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय, भोपाल) बनाया गया.

  • प्रदेश में आधी रात को प्रशासनिक बदलाव, 26 IAS अफसरों का तबादला, प्रियंक मिश्रा बने कलेक्टर

    प्रदेश में आधी रात को प्रशासनिक बदलाव, 26 IAS अफसरों का तबादला, प्रियंक मिश्रा बने कलेक्टर

     भोपाल
    मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार रात एक बड़ी ट्रांसफर लिस्ट जारी की है. इसमें 2008 से लेकर 2017 बैच तक के 26 IAS अफसरों के नाम शामिल हैं. इस फेरबदल में सबसे चर्चित नाम प्रियंक मिश्रा का है, जिन्हें राजधानी भोपाल की कमान सौंपी गई है। 

    2013 बैच के IAS प्रियंक मिश्रा को धार कलेक्टर से अब भोपाल के नए कलेक्टर बनाया गया है. वहीं, कौशलेंद्र विक्रम सिंह (2010) निवर्तमान भोपाल कलेक्टर को अब मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किया गया है. साथ ही उन्हें नगर और ग्राम निवेश का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। 

    इनको मिली नई जिम्मेदारी 

    भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है। वहीं धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा अब भोपाल के नए कलेक्टर होंगे। नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीणा को वित्त विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं मंडला के कलेक्टर रहे सोमेश मिश्रा नर्मदापुरम के नए कलेक्टर होंगे।

    तबादलों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच गुरुवार को लंबी बैठक हुई। इसके बाद सूची को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अहम बैठक के लिए पूरा दिन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में रिजर्व रखा था। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने तबादलों को अंतिम रूप देते हुए आदेश जारी कर दिए।

    दरअसल, चुनाव आयोग द्वारा अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू कराई गई SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया के बाद ही इन तबादलों की तैयारी शुरू हो गई थी। योजना के अनुसार 22 फरवरी के बाद तबादले किए जाने थे, लेकिन त्योहारों और बजट सत्र के चलते यह फैसला लगातार टलता रहा।

    14 अफसरों में 9 महिलाएं शामिल
    14 आईएएस अफसरों में 9 महिलाएं हैं। इनमें शिल्पा गुप्ता, प्रतिभा पाल, सोनिया मीणा, शीतला पटले, नेहा मीना, रानी बाटड, राखी सहाय, शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी का नाम शामिल हैं। इनमें से 5 को कलेक्टर पद पर पदस्थापना मिली है। इनमें प्रतिभा पाल और नेहा मीना पहले से ही अन्य जिलों में कलेक्टर थीं, जबकि राखी सहाय, शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी को अन्य पदों से हटाकर पहली बार जिले की कमान सौंपी गई है।

    पहली बार जिले की कमान

        राखी सहाय – कलेक्टर, उमरिया
        शीला दाहिमा – कलेक्टर, श्योपुर
        बिदिशा मुखर्जी – कलेक्टर, मैहर

    पहले से कलेक्टर, अब नई जिले की जिम्मेदारी

        प्रतिभा पाल – कलेक्टर, सागर।
        नेहा मीना – कलेक्टर, सिवनी।

    प्रतिभा दूसरी अफसर जिसे रीवा के बाद सागर कलेक्टर बनाया

    प्रीति मैथिल के बाद प्रतिभा पाल ऐसी दूसरी आईएएस हैं जो रीवा जिले की कलेक्टर बनने के बाद सागर कलेक्टर बनी हैं। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में प्रीति मैथिल को रीवा कलेक्टर के बाद सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

    तीन महिला अधिकारी को कलेक्टर बनाया, दो के जिले बदले, तीन को हटाया
    तबादला सूची में महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इंदौर लोक सेवा आयोग की सचिव राखी सहाय को उमरिया कलेक्टर, सहकारिता विभाग की उप सचिव शीला दाहिमा को श्योपुर कलेक्टर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उप सचिव बिदिशा मुखर्जी को मैहर कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा, नेहा मीना को झाबुआ से स्थानांतरित कर सिवनी कलेक्टर तथा प्रतिभा पाल को रीवा से सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना को हटा कर वित्त विभाग में अपर सचिव और सिवनी कलेक्टर शीतला पटले को लोक सेवा आयोग में सचिव बनाया गया है। मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ को सहकारिता विभाग में उपसचिव बनाया है। 

    नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त बदले
    नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त कृष्णगाेपाल तिवारी को हटा कर आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण बनाया गया है। उनकी जगह पर आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ को आयुक्त नर्मदापुरम संभाग बनाया गया है।

    इनको जिले से हटाया
    शिवपुरी जिले के कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी को नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं, उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को विमानन विभाग का अपर सचिव बनाया गया। सागर कलेक्टर संदीप जी आर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह श्रम आयुक्त इंदौर, दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव तथा पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 

    इन अधिकारियों को भी फील्ड में भेजा
    विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह आयुक्त-सह संचालक संस्थागत वित्त तथा संचालक, बजट राजीव रंजन मीना को धार कलेक्टर, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के उप सचिव प्रताप नारायण यादव को दमोह कलेक्टर, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा जल संसाधन के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राहुल नामदेव धोटे को मंडला कलेक्टर, आयुष्मान भारत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेश तुकाराम भरसट को झाबुआ कलेक्टर, नगर पालिक निगम रीवा के आयुक्त डॉ.सौरभ संजय सोनवणे को बैतूल कलेक्टर बनाया गया है। 

    इन कलेक्टर के जिले बदले
    श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिवपुरी कलेक्टर, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना को सिवनी कलेक्टर, मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम कलेक्टर, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को रीवा कलेक्टर, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को सागर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है। 

    संभाग और मंत्रालय स्तर पर फेरबदल
    कृष्ण गोपाल तिवारी (2008): नर्मदापुरम कमिश्नर से अब सामाजिक न्याय विभाग के आयुक्त होंगे.

    शिल्पा गुप्ता (2008): लोक शिक्षण आयुक्त से अब गृह विभाग की सचिव होंगी.

    अभिषेक सिंह (2009): गृह विभाग से अब आयुक्त, लोक शिक्षण की जिम्मेदारी संभालेंगे.

    श्रीकांत बनोठ (2009): अब नर्मदापुरम संभाग के नए कमिश्नर होंगे.

    एसीएस की तर्ज पर डीजी, एडीजी बने संभाग प्रभारी:वरुण कपूर भोपाल, उपेंद्र जैन उज्जैन, पंकज श्रीवास्तव जबलपुर संभाग प्रभारी

    राज्य सरकार ने अपर मुख्य सचिवों की तर्ज पर स्पेशल डीजी और एडीजी स्तर के अधिकारियों को संंभागीय स्तर पर कानून व्यवस्था की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है। यह अधिकारी रेंज स्तर पर पदस्थ आईजी के अलावा संभागों की कानून व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

    डीजी वरुण कपूर को भोपाल, उपेंद्र जैन को उज्जैन तथा स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को जबलपुर संभाग का प्रभारी बनाया गया है। यह व्यवस्था प्रदेश में यूसीसी लागू करने के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के फैसले के बाद प्रभावी की गई है।

     

  • हरियाणा में 6 ट्रेनी IAS अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी, विवेक यादव को हिसार, विशाल को रोहतक और शिवानी को कैथल

    हरियाणा में 6 ट्रेनी IAS अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी, विवेक यादव को हिसार, विशाल को रोहतक और शिवानी को कैथल

    चंडीगढ़ 

    हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से 6 प्रशिक्षणाधीन आईएएस अधिकारियों के नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। अमितेज पांगटे को नूंह तथा मुस्कान श्रीवास्तव को फरीदाबाद में सहायक आयुक्त लगाया गया है। इसी तरह शिवानी पांचाल को कैथल, सोहम शैलेन्द्र को करनाल, विशाल सिंह को रोहतक तथा विवेक यादव को हिसार में सहायक आयुक्त लगाया गया है।

  • टीना डाबी समेत 65 IAS अफसरों का ट्रांसफर, राजस्थान में 25 जिलों के कलेक्टर में बदलाव

    टीना डाबी समेत 65 IAS अफसरों का ट्रांसफर, राजस्थान में 25 जिलों के कलेक्टर में बदलाव

    जयपुर

    राजस्थान में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है. सूबे की सरकार ने एक साथ 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं, जिससे ब्यूरोक्रेसी में हलचल तेज हो गई है. राज्य के 25 कलेक्टर बदले गए हैं. इस बड़े प्रशासनिक बदलाव में खास बात यह है कि मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रमुख सचिव को छोड़कर करीब सभी अधिकारियों को बदल दिया गया है. इसे सरकार का बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है। 

    आईएएस टीना डाबी का बाड़मेर से सचिन पायलट के इलाके टोंक में कलेक्टर पद पर तबादला हुआ है. टीना की बहन रिया डाबी को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है. जयपुर के कलेक्टर जितेंद्र सोनी को सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बनाया गया है। 

    राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को बहुत जरूरी माना जा रहा है, क्योंकि इतने बड़े स्तर पर एक साथ तबादले कम ही देखने को मिलते हैं। 

    जयपुर में संदेश नायक को कलेक्टर बनाया गया है, जबकि टोंक की जिम्मेदारी टीना डाबी को सौंपी गई है. उदयपुर में गौरव अग्रवाल और बीकानेर में निशांत जैन को तैनात किया गया है. करौली में अक्षय गोदारा और जोधपुर में आलोक रंजन को जिम्मेदारी दी गई है। 

    जैसलमेर में अनुपमा जोरवाल, बाड़मेर में चिनमयी गोपाल, प्रतापगढ़ में शुभम चौधरी और सीकर में आशीष मोदी को कलेक्टर बनाया गया है. फलौदी में अंकित कुमार सिंह और बारां में बाल मुकुंद असावा को पोस्टिंग मिली है। 

    श्रीगंगानगर में अमित यादव, चित्तौड़गढ़ में मंजू, पाली में रविन्द्र गोस्वामी और सिरोही में रोहिताश्व सिंह तोमर को नियुक्त किया गया है. बूंदी में हरफूल सिंह यादव, डीडवाना-कुचामन में अवधेश मीणा और नागौर में देवेंद्र कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। 

    दौसा में सौम्या झा, खैरथल-तिजारा में अतुल प्रकाश, सलूंबर में मुहम्मद जुनैद पीपी, डूंगरपुर में देशल दान और डीग में मयंक मनीष को कलेक्टर बनाया गया है. वहीं, करौली-बहरोड़ में अपर्णा गुप्ता को जिला कलेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है।