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  • हाइड्रोजन ट्रेन का दिल्ली तक विस्तार, सब्जी मंडी स्टेशन पर होगा ट्रायल

    हाइड्रोजन ट्रेन का दिल्ली तक विस्तार, सब्जी मंडी स्टेशन पर होगा ट्रायल

    नई दिल्ली
     जींद-सोनीपत के बीच सफलतापूर्वक दौड़ रही भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का अगला डेस्टिनेशन अब दिल्ली होगा। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इसका ट्रायल सोनीपत से दिल्ली में सब्जी मंडी रेलवे स्टेशन के बीच शुरू किया जाएगा। यहां ट्रायल सफल होने के बाद फिर इसका दायरा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक बढ़ाए जाने की योजना है। हालांकि, सोनीपत से सब्जी मंडी के बीच ट्रायल शुरू करने में संचालन संबंधित एक दिक्कत आ रही है। जिसमें अगर इसका ट्रायल दिल्ली तक शुरू किया जाता है तो फिर चार-पांच दिनों के लिए हरियाणा में इसकी सर्विस बंद करनी पड़ेगी। इसी वजह से दिल्ली में इसका ट्रायल शुरू नहीं हो पा रहा है।

    सूत्रों का कहना है कि असल में सोनीपत से दिल्ली के बीच जब भी इस हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल शुरू किया जाएगा। तब ट्रेन और ट्रैक की क्षमता समेत अन्य तकनीकी मसलों को देखने के लिए ट्रेन में 2600 यात्रियों के वजन जितनी रेत की बोरी भरी जाएंगी। 10 डिब्बों वाली इस ट्रेन में 8 यात्री कोच हैं। हर कोच में यात्रियों के बैठने और खड़े होने की क्षमता के हिसाब से उतने ही वजन की रेत की बोरियां भी इसमें रखकर ट्रायल किया जाएगा।

    10 डिब्बों वाली ट्रेन में 8 यात्री कोच
        ट्रायल सफल होने के बाद इसका दायरा नई दिल्ली स्टेशन तक बढ़ाए जाने की योजना है यात्रियों के बैठने और खड़े होने की क्षमता अनुसार उतने ही वजन की रेत की बोरियां रखी जाएंगी

    ट्रायल में आ रही है थोड़ी दिक्कत
    कम से कम चार-पांच दिनों तक सोनीपत से दिल्ली के बीच इसका ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान यह अपनी सेवाएं जींद-सोनीपत रूट पर नहीं दे सकेगी। जबकि अब इस रूट पर ट्रेन चार्ट में यह जुड़ चुकी है। ऐसे में इसे इतने दिनों को हटाना और फिर दिल्ली के व्यस्त रूट पर इसका ट्रायल करने में थोड़ी दिक्कत आ रही है। लेकिन जल्द ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा। जिसके बाद सोनीपत से दिल्ली के बीच इसका ट्रायल होगा।

  • भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का पहला सफर रहा आरामदायक और यादगार

    भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का पहला सफर रहा आरामदायक और यादगार

    सोनीपत
    देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के नियमित संचालन के पहले दिन यात्रियों को सफर का बिल्कुल अलग अनुभव मिला। ट्रेन रविवार सुबह जींद से रवाना होकर 8:52 बजे गोहाना रेलवे स्टेशन पहुंची। यह अपने निर्धारित समय से चार मिनट देरी से थी।

    कुछ मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन सोनीपत के लिए रवाना हुई और सुबह 9:41 बजे अंतिम स्टेशन सोनीपत पहुंच गई, जो केवल एक मिनट लेट रही। ट्रेन में पहले दिन जींद से सोनीपत तक लगभग 84 यात्रियों ने बच्चों के साथ सफर किया, जबकि इसकी कुल क्षमता करीब 2600 यात्रियों की है।

    आरामदायक रहा सफर
    यात्रियों की संख्या कम रही लेकिन सफर करने वाले लोगों ने आधुनिक तकनीक और आरामदायक यात्रा की जमकर सराहना की। यात्रियों ने दैनिक जागरण को कम झटके, कम शोर, आटो लाक वाले दरवाजे, आरामदायक सीटें व गर्मी में हवा की व्यवस्था को जमकर सराहा।

    ट्रेन जैसे ही गोहाना स्टेशन से रवाना हुई यात्रियों ने सबसे पहले उसके शांत संचालन को महसूस किया। डीजल इंजन जैसी तेज आवाज और कंपन लगभग बहुत कम थे। ट्रेन धीरे-धीरे और सहज तरीके से रफ्तार पकड़ती रही।

    चलने और रुकने के दौरान पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में झटके काफी कम महसूस हुए। इसका मुख्य कारण आधुनिक डिब्बों में सेंटर बफर कपलर का हाईटेक सिस्टम बताया गया है। डीजल ट्रेनों की तरफ इस ट्रेन में धुआं नजर नहीं आया बल्कि इंजन से जलवाष्प निकलता नजर आया।

    सफर के दौरान बच्चों, किशारों, युवाओं और बुजुर्गाें ने मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाए। युवाओं, बच्चों और किशाेरों ने सफर के दौरान अलग-अलग अंदाज में सेल्फी भी लीं। ट्रेन में सफाई, मोबाइल चार्जर प्वाइंट और सामान रखने की व्यवस्था को सभी ने सराहा।

    हाइड्रोजन ट्रेन में वेस्टर्न स्टाइल टॉयलेट
    सामान्य ट्रेनों के शौचालयों में देसी सीट लगी होती है, लेकिन कम दूरी की लोकल हाइड्रोजन ट्रेन में वेस्टर्न स्टाइल की सीटें लगाई गईं हैं जो मुख्य रूप से एसी कोच और अन्य ट्रेनों में होती हैं।

    यह ट्रेन सोनीपत से सुबह 10:40 बजे निर्धारित समय से सात मिनट की देरी से रवाना हुई और गोहाना स्टेशन पर नौ मिनट की देरी से 11:38 बजे पहुंची। सोनीपत से गोहाना के लिए 78 यात्री और कई बच्चे सवार हुए।

    गोहाना स्टेशन पर लगभग 30 यात्री ट्रेन से उतरे और दूसरे लोगों से अनुभव साझा किया। कई लोग केवल इस आधुनिक ट्रेन में यात्रा करने और इसकी तकनीक को करीब से देखने के लिए पहुंचे। रविवार को छुट्टी के चलते ट्रेन में कम लोग सफर करने के लिए पहुंचे लेकिन सोमवार से संख्या बढ़ सकती है।

    क्या बोले लोग
    मैंने पहले कई बार जींद से सोनीपत और दूसरी जगह कई ट्रेनों में यात्रा की है, लेकिन यह अनुभव अलग रहा। जब ट्रेन चली तो कोई तेज आवाज या झटका महसूस नहीं हुआ। खिड़की से बाहर देखा तो पता चला कि ट्रेन अच्छी रफ्तार से आगे बढ़ चुकी है।

    सतपाल ढांढा, जींद
    मुझे कोई काम नहीं था, लेकिन देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करने के लिए घर से निकला। जींद से सोनीपत तक सफर किया और लोकल ट्रेन से इसमें अलग अनुभव रहा। सीटें आरामदायक हैं, जिससे सफर आसान बना और शौचालय एसी कोच जैसे हैं।
    कृष्ण यादव, सफीदों

    उम्र बढ़ने के साथ यात्राओं में झटकों और कंपन से परेशानी होती है, लेकिन इस ट्रेन में ऐसा बिल्कुल महसूस नहीं हुआ। भविष्य में इस तरह की ट्रेनें अन्य रूटों पर भी चलेंगी तो बुजुर्ग यात्रियों के लिए यात्रा और अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।
    वीरेंद्र गोयल, जींद

    मेरे साथ मेरी पोती, पोता व पत्नी सफर कर रहे हैं। दोनों बच्चे पूरे रास्ते ट्रेन को लेकर उत्साहित रहे। बच्चों ने सीटों पर बैठकर बाहर के दृश्य देखे और लगातार फोटो खींचे व वीडियो बनाते रहे। सामान्य ट्रेनों की तुलना में इस ट्रेन में सफर अधिक आरामदायक लगा और बच्चों को भी यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
    महासिंह और संतोष, गोहाना

    मैंने ट्रेनों में 35 साल तक सफर किया है। पाेतों और पोतियों को नई हाइड्रोजन ट्रेन में सफर का अनुभव कराने के लिए उनको साथ लेकर आया हूं। वंशिका, वैदिक, सीनू, सानवी व स्नाया ने खूब मस्ती करते हुए जींद से सोनीपत और सोनीपत से जींद तक सफर किया।
    राजपाल, जींद

    हम दोनों सोनीपत में पढ़ती हैं। रविवार को छुट्टी को जींद घर जाने की इच्छा हुई। स्टेशन पर पहुंची तो पता चला कि हाइड्रोजन ट्रेन जींद जाने के लिए तैयार है। टिकट लिया और इसमें सवार हुईं। शांत व आरामदायक सफर का अहसास हुआ और इस ट्रेन में सफर करने पर अच्छा भी लगा।
    प्रियंका व मुन्ना, जींद

    इस ट्रेन में सफर करने के लिए परिवार के साथ आई हूं। अखबारों व दूसरे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर हाइड्रोजन ट्रेन के बारे में काफी रील देखी थी, लेकिन वास्तविक अनुभव उससे भी बेहतर निकला। ट्रेन का अंदरूनी माहौल शांत रहा और पूरे सफर के दौरान कहीं भी तेज कंपन महसूस नहीं हुआ।
    खुशबू, जींद

    अभी यह सुधार की जरूरत
    – एमरजेंसी टाक सिस्टम लगा है, लेकिन ठीक से काम नहीं कर रहा है
    – यात्रियों को इसके उपयोग के प्रशिक्षण देने की जरूरत
    – दरवाजों के पास सुरक्षा के पर्याप्त उपाय नहीं हैं
    – शुभारंभ के दिन ट्रेन में काफी पुलिसकर्मी सवार थे जो रविवार को नजर नहीं आए
    – एक जगह ऐसा है जहां एक से दूसरी बोगी में जाने पर बीच में पैड सिस्टम ठीक नहीं है

     

  • हाइड्रोजन ट्रेन का इंतजार खत्म, आज से जींद में शुरू सेवा, किराया रखा गया सिर्फ 25 रुपये

    हाइड्रोजन ट्रेन का इंतजार खत्म, आज से जींद में शुरू सेवा, किराया रखा गया सिर्फ 25 रुपये

    जींद.

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उद्घाटन के बाद हाइड्रोजन ट्रेन रविवार को यात्रियों के लिए सुचारू रूप से चलना शुरू होगी। ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। शुक्रवार को नहीं चलेगी और मेंटेनेंस के लिए शकूरबस्ती जाएगी।

    उद्घाटन के दिन विद्यार्थियों व शिक्षकों ने स्पेशल पास पर ट्रेन में सफर किया था। 19 जुलाई से ट्रेन नंबर 74010 सुबह सात बजकर 40 मिनट पर जींद जंक्शन से रवाना होगी। जो सात बजकर 46 मिनट पर जींद सिटी स्टेशन पर पहुंचेगी। एक मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन सात बजकर 54 मिनट पर पांडू पिंडारा पहुंचेगी। इसके बाद 8:07 बजे ललितखेड़ा हाल्ट, 8:17 बजे भंभेवा, 8:24 बजे ईसापुरा खेड़ी हाल्ट, 8:31 बजे बुटाना, 8:39 बजे खंदराई हाल्ट, 8:47 बजे गोहाना, 8:56 बजे राबरा हाल्ट, 9:05 बजे लाठ, 9:14 बजे मोहाना, 9:25 बजे बरवासनी के बाद 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। ट्रेन 44.45 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से चलकर दो घंटे में सोनीपत पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन नंबर 74009 सुबह 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी जो 10:50 बजे बरवासनी, 11:01 बजे मोहाना, 11:10 बजे लाठ, 11:19 बजे राबरा, 11:28 बजे गोहाना, 11:49 बजे खंदराई, 11:57 बजे बुटाना, 12:04 बजे ईसापुर खेड़ी, 12:11 बजे भंभेवा, 12:21 बजे ललितखेड़ा, 12:34 बजे पांडू पिंडारा, 12:42 बजे जींद सिटी और दोपहर एक बजे जींद जंक्शन पर पहुंचेगी।

    इस दौरान ट्रेन की गति 38.18 किलोमीटर प्रतिघंटा रहेगी और सोनीपत से जींद पहुंचने में दो घंटे 20 मिनट का समय लेगी। मरम्मत के लिए हाइड्रोजन ट्रेन को शुक्रवार दोपहर 12 बजे के बाद शकूरबस्ती भेजा गया था, जिसकी रात को आने की संभावना है। इस दौरान हाइड्रोजन ट्रेन में वही किराया रहेगा जो पैसेंजर ट्रेन में रहेगा। जींद से सोनीपत रूट तक का किराया 25 रुपये रहेगा।

    जींद से सोनीपत रूट पर चलने वाली ट्रेनें
    जींद से सोनीपत रूट पर सुबह सवा छह बजे पहली ट्रेन चलती है जो पौने नौ बजे सोनीपत पहुंचती है। इसके बाद हाइड्रोजन ट्रेन सुबह सात बजकर 40 मिनट पर चलेगी। तीसरी ट्रेन सुबह साढ़े 10 बजे चलकर 12 बजकर 40 मिनट पर सोनीपत पहुंचेगी। दोपहर साढ़े 12 बजे चलकर चौथी ट्रेन दोपहर ढाई बजे सोनीपत पहुंचती है। इसके अलावा पांचवीं ट्रेन फरक्का एक्सप्रेस शाम पांच बजकर 40 मिनट पर जींद से चलकर रात पौने आठ बजे सोनीपत पहुंचती है। इसका जींद के बाद गोहाना ही ठहराव होता है।

  • पीएम मोदी के उद्घाटन के बाद आज से यात्रियों के लिए चली हाइड्रोजन ट्रेन नियमित

    पीएम मोदी के उद्घाटन के बाद आज से यात्रियों के लिए चली हाइड्रोजन ट्रेन नियमित

     जींद
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उद्घाटन के बाद हाइड्रोजन ट्रेन रविवार को यात्रियों के लिए सुचारू रूप से चलना शुरू होगी। ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। शुक्रवार को नहीं चलेगी और मेंटेनेंस के लिए शकूरबस्ती जाएगी।

    उद्घाटन के दिन विद्यार्थियों व शिक्षकों ने स्पेशल पास पर ट्रेन में सफर किया था। 19 जुलाई से ट्रेन नंबर 74010 सुबह सात बजकर 40 मिनट पर जींद जंक्शन से रवाना होगी। जो सात बजकर 46 मिनट पर जींद सिटी स्टेशन पर पहुंचेगी।

    एक मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन सात बजकर 54 मिनट पर पांडू पिंडारा पहुंचेगी। इसके बाद 8:07 बजे ललितखेड़ा हाल्ट, 8:17 बजे भंभेवा, 8:24 बजे ईसापुरा खेड़ी हाल्ट, 8:31 बजे बुटाना, 8:39 बजे खंदराई हाल्ट, 8:47 बजे गोहाना, 8:56 बजे राबरा हाल्ट, 9:05 बजे लाठ, 9:14 बजे मोहाना, 9:25 बजे बरवासनी के बाद 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी।

    ट्रेन 44.45 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से चलकर दो घंटे में सोनीपत पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन नंबर 74009 सुबह 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी जो 10:50 बजे बरवासनी, 11:01 बजे मोहाना, 11:10 बजे लाठ, 11:19 बजे राबरा, 11:28 बजे गोहाना, 11:49 बजे खंदराई, 11:57 बजे बुटाना, 12:04 बजे ईसापुर खेड़ी, 12:11 बजे भंभेवा, 12:21 बजे ललितखेड़ा, 12:34 बजे पांडू पिंडारा, 12:42 बजे जींद सिटी और दोपहर एक बजे जींद जंक्शन पर पहुंचेगी।

    इस दौरान ट्रेन की गति 38.18 किलोमीटर प्रतिघंटा रहेगी और सोनीपत से जींद पहुंचने में दो घंटे 20 मिनट का समय लेगी। मरम्मत के लिए हाइड्रोजन ट्रेन को शुक्रवार दोपहर 12 बजे के बाद शकूरबस्ती भेजा गया था, जिसकी रात को आने की संभावना है। इस दौरान हाइड्रोजन ट्रेन में वही किराया रहेगा जो पैसेंजर ट्रेन में रहेगा। जींद से सोनीपत रूट तक का किराया 25 रुपये रहेगा।

    जींद से सोनीपत रूट पर चलने वाली ट्रेनें
    जींद से सोनीपत रूट पर सुबह सवा छह बजे पहली ट्रेन चलती है जो पौने नौ बजे सोनीपत पहुंचती है। इसके बाद हाइड्रोजन ट्रेन सुबह सात बजकर 40 मिनट पर चलेगी। तीसरी ट्रेन सुबह साढ़े 10 बजे चलकर 12 बजकर 40 मिनट पर सोनीपत पहुंचेगी।

    दोपहर साढ़े 12 बजे चलकर चौथी ट्रेन दोपहर ढाई बजे सोनीपत पहुंचती है। इसके अलावा पांचवीं ट्रेन फरक्का एक्सप्रेस शाम पांच बजकर 40 मिनट पर जींद से चलकर रात पौने आठ बजे सोनीपत पहुंचती है। इसका जींद के बाद गोहाना ही ठहराव होता है।

  • 5000 जवानों की सुरक्षा में PM मोदी का हरियाणा दौरा, 17 जुलाई को मिलेगी हाइड्रोजन ट्रेन की सौगात

    5000 जवानों की सुरक्षा में PM मोदी का हरियाणा दौरा, 17 जुलाई को मिलेगी हाइड्रोजन ट्रेन की सौगात

    जींद.

    पुलिस लाइन में 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हेलीकाप्टर से आएंगे। इसके बाद वह सड़क मार्ग से रेलवे जंक्शन पर जाएंगे और हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। जिले में बड़ा कार्यक्रम होने के कारण दूसरे जिलों से भी लगभग पांच हजार पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी सुरक्षा के लिए जींद आएंगे। इनमें 15 आइपीएस अधिकारी होंगे। 50 डीएसपी, 200 इंस्पेक्टर व 500 सब-इंस्पेक्टर शामिल होंगे।

    दूसरे जिलों से 600 के आसपास महिला पुलिस कर्मचारी भी आएंगी। पुलिस की 100 गाड़ियां भी बाहर से मंगवाई जा रही हैं। प्रत्येक 10 मीटर की दूरी पर एक पुलिसकर्मी तैनात रहेगा। जींद शहर में 80 स्थानों पर नाके लगाए जाएंगे। रैली में बड़ी संख्या में लोगों के इलेक्ट्रिक बसों, ई-रिक्शा व सीएनजी वाहनों में पहुंचने का दावा है। इसके लिए रैली स्थल हुडा ग्राउंड के पास सेक्टर नौ व आसपास पार्किंग बनाई जा रही है।

    वहीं, प्रशासन शहर को चमकाने में लगा हुआ है। जो सड़कें लंबे समय से बदहाल थी। उनको चकाचक बनाने का काम चल रहा है। डिवाइडर पर भी पेंट किया जा रहा है। सभी मार्गों की स्ट्रीट ठीक की जा रही हैं। प्रधानमंत्री की रैली इको फ्रेंडली होगी। इसके चलते इलेक्ट्रिक बसों में लोगों के आने का आह्वान किया गया है। करनाल, हिसार, पानीपत सहित अलग-अलग डिपो में चल रही लगभग 125 इलेक्ट्रिक बसों की रैली वाले दिन आने की संभावना है। ऐसे में वर्कशाप परिसर में इलेक्ट्रिक बसों के लिए आठ अस्थायी चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। वर्कशाप परिसर में दो अस्थायी ट्रांसफार्मर भी मंगवाए हैं।

    डिप्टी स्पीकर बनवा रहे 51 क्विंटल देसी घी के लड्डू
    प्रधानमंत्री का स्वागत विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा की तरफ से बनवाए जा रहे देसी घी के 51 क्विंटल लड्डुओं से होगा। रैली स्थल के पास ही सोमवार से एकलव्य स्टेडियम में चार हलवाइयों सहित 50 लोगों की टीम ने लड्डू बनाने का काम शुरू कर दिया है। सोमवार को डिप्टी स्पीकर ने अपने हाथों से बूंदी बनाई।

    प्रधानमंत्री का जींद कार्यक्रम प्रदेश के लिए गौरव : सीएम
    प्रधानमंत्री का जींद कार्यक्रम प्रदेश के लिए गौरव का अवसर है। हरियाणा की धरा पर बनी रेल पटरी पर 17 जुलाई से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन दौड़ेगी, जिसे प्रधानमंत्री झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह बात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र में रविवार रात सेक्टर-2 स्थित आवास पर कार्यकर्ताओं की बैठक में कही। उन्हें जिम्मेदारियां भी सौंपी।

    महिलाओं के लिए रोहतक से पांच हजार भगवा चुनरी मंगवाई
    रैली में आने वाली हर महिला को डिप्टी स्पीकर भगवा चुनरी भी देंगे। उन्होंने विशेष तौर पर रोहतक से पांच हजार भगवा चुनरी मंगवाई हैं। रैली स्थल पर महिलाओं के बैठने के लिए अलग से गैलरी बनाई गई हैं, जो भगवा रंग में नजर आएंगी।

  • रेलवे रचेगा इतिहास, जींद में हाइड्रोजन ट्रेन की पहली यात्रा में बच्चे शामिल

    रेलवे रचेगा इतिहास, जींद में हाइड्रोजन ट्रेन की पहली यात्रा में बच्चे शामिल

    जींद
     भारतीय रेलवे जल्द ही इतिहास रचने जा रही है. इस ऐतिहासिक पल के सबसे पहले गवाह कोई वीआईपी नहीं, बल्कि देश का भविष्य यानी स्कूली बच्चे बनेंगे. हरियाणा के जींद में 17 जुलाई को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन प्रस्तावित है. इस उद्घाटन यात्रा को लेकर रेलवे का एक बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण पत्र सामने आया है, जिसने ये साफ कर दिया है कि ट्रेन के पहले सफर का आनंद कौन से 50 खास लोग उठाएंगे.

    बच्चे करेंगे हाइड्रोजन ट्रेन में सफर
     ​नॉर्दर्न रेलवे के दिल्ली मंडल की ओर से 7 जुलाई 2026 को जींद के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को एक पत्र भेजा गया है. इस पत्र के मुताबिक, जींद के 5 सरकारी स्कूलों में कक्षा 7वीं और 8वीं के विद्यार्थियों के लिए विशेष ड्राइंग और निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है.​ इस प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए सबसे बड़ा रोमांच ये होगा कि उन्हें खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों सम्मानित किए जाने की योजना है.

    पीएम के साथ सफर करेंगे बच्चे
     इसके साथ ही, रेलवे ने 50 स्कूली बच्चों का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल (डेलीगेशन) तैयार करने को कहा है. ये चुनिंदा बच्चे अपने शिक्षकों के साथ जींद से सोनीपत और वापसी के सफर पर देश की इस पहली पर्यावरण-अनुकूल हाइड्रोजन ट्रेन की उद्घाटन यात्रा का हिस्सा बनेंगे.

    17 जुलाई को ट्रेन का उद्घाटन करेंगे पीएम
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 17 जुलाई को हाइड्रोजन ट्रेन के साथ- साथ जींद व नरवाना में नवनिर्मित अमृत भारत स्टेशन का भी उद्घाटन किया जाएगा. इस राष्ट्रीय उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए नार्दन रेलवे कई शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करेगा. नार्दन रेलवे की तरफ से जींद खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिख कर पांच स्कूलों में ड्राइंग व निबंध प्रतियोगिता करवाने के लिए कहा है. सातवीं व आठवीं कक्षा के विद्यार्थी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे.

    स्कूलों में प्रतियोगिता का आयोजन
    प्रतियोगिता के विषय 'मेरे शहर का विकसित स्टेशन कैसा होगा' और 'विकसित भारत बनाने के लिए मैं क्या करूंगा' होंगे. जो विद्यार्थी विजेता होंगे, उनको प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन समारोह में सम्मानित किया जाएगा. उद्घाटन के बाद हाइड्रोजन ट्रेन में जींद से सोनीपत स्कूली विद्यार्थी जाएंगे. जिनके चयन करने के लिए भी पत्र में लिखा गया है. उनके साथ शिक्षक भी जाएंगे. खंड शिक्षा अधिकारी महेंद्र ने कहा कि निबंध प्रतियोगिता करवाने व अन्य व्यवस्था करवाने के लिए संबंधित इंचार्ज को निर्देश दे दिए हैं.

  • Hydrogen Train: 17 जुलाई को ऐतिहासिक शुरुआत, 50 छात्रों को मिलेगा मुफ्त सवारी का अवसर

    Hydrogen Train: 17 जुलाई को ऐतिहासिक शुरुआत, 50 छात्रों को मिलेगा मुफ्त सवारी का अवसर

    जींद.

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 जुलाई को हाइड्रोजन ट्रेन के साथ जींद और नरवाना में नवनिर्मित अमृत भारत स्टेशन का भी उद्घाटन करेंगे। साथ ही प्रदेशभर की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री सुबह 10 बजे जींद पहुंचेंगे।

    इस राष्ट्रीय उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए नार्दन रेलवे कई शैक्षणिक कार्यक्रम करने की योजना बना रहा है। इसके लिए रेलवे ने जींद खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर पांच स्कूलों में ड्राइंग व निबंध प्रतियोगिता करवाने के लिए कहा है। इसमें सातवीं व आठवीं कक्षा के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे।

    कैसे चुने जाएंगे विद्यार्थी?
    प्रतियोगिता के विषय- मेरे शहर का विकसित स्टेशन कैसा होगा और विकसित भारत बनाने के लिए मैं क्या करूंगा/करूंगी होंगे। विजेता विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री उद्घाटन समारोह में सम्मानित करेंगे। साथ ही उद्घाटन के बाद हाइड्रोजन ट्रेन में जींद से सोनीपत जाने के लिए 50 स्कूली विद्यार्थियों चयन करने के लिए कहा गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके साथ शिक्षकों का भी दल जाएगा। ये विद्यार्थी जींद से सोनीपत जाएंगे और वापस इसी ट्रेन से जींद आएंगे। जींद खंड शिक्षा अधिकारी सरोज श्योकंद ने बताया कि रेलवे की तरफ से पत्र आया है।

    रैली की तैयारियों में जुटे मंत्री, विधायक व संगठन
    रैली की तैयारियों में मंत्री, विधायक व पार्टी संगठन जुटे हुए हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता लगातार पदाधिकारियों की बैठकें ले रही हैं। संगठन की तरफ से रैली का संयोजक राज्यसभा सदस्य संजय भाटिया को बनाया गया है। वहीं, सरकार की तरफ से मंत्री कृष्ण बेदी और विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिढ़ा जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। रैली इको फ्रेंडली करने का फैसला लिया गया है।

  • ग्रीन रेल प्रोजेक्ट में प्रगति: एयर ब्रेक टेस्ट के बाद दिल्ली से जींद लौटी हाइड्रोजन ट्रेन

    ग्रीन रेल प्रोजेक्ट में प्रगति: एयर ब्रेक टेस्ट के बाद दिल्ली से जींद लौटी हाइड्रोजन ट्रेन

    जींद.

    एक सप्ताह बाद दिल्ली से हाइड्रोजन ट्रेन जींद पहुंची। दिल्ली में हाइड्रोजन ट्रेन के एयर ब्रेक की जांच की गई। डीजल इंजन की सहायता से ट्रेन को जींद लाया गया है। सात मार्च को तकनीकी सुधार व मेंटेनेंस के लिए हाइड्रोजन ट्रेन को दिल्ली के शकूरबस्ती भेजा गया था। शनिवार को लगभग साढ़े नौ बजे ट्रेन जींद पहुंच गई थी। इसके बाद इसे हाइड्रोजन प्लांट के यार्ड में खड़ा कर दिया गया है।

    हाइड्रोजन प्लांट में इलेक्ट्रोफायर भी खराब पड़ा है, जिससे प्लांट में अच्छी गुणवत्ता वाली गैस का उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इलेक्ट्रोफायर की वाल्व खराब बताई जा रही है, जिसे ठीक करने के लिए बाहर से तकनीकी कर्मचारी को बुलाया जाएगा। बता दें कि हाइड्रोजन ट्रेन का रनिंग ट्रायल 25 से 28 फरवरी तक हुआ था। पहले दिन पांडू पिंडारा तक डीजल इंजन की मदद से ट्रेन को ले जाया गया था।

    पांडू पिंडारा से आगे ललित खेड़ा तक हाइड्रोजन इंजन के साथ ट्रेन का रनिंग ट्रायल हुआ था। दोनों स्टेशनों के बीच दो बार ट्रेन को चलाया गया था। इस दौरान ट्रेन की स्पीड 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा रही थी। फिर पिंडारा पहुंचने के बाद गोहना से आगे मुहाना तक डीजल इंजन के साथ हाइड्रोजन ट्रेन को ले जाया गया। वापसी में ट्रेन को हाइड्रोजन इंजन संग चलाया गया। 26 फरवरी को दूसरे दिन जींद से सोनीपत जाते समय ट्रेन की स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटा रही थी।