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  • यूपी में आवास योजना की सौगात, बदायूं के 15 ब्लॉकों में 2,447 परिवारों को मिलेगा घर

    यूपी में आवास योजना की सौगात, बदायूं के 15 ब्लॉकों में 2,447 परिवारों को मिलेगा घर

     बदायूं
    यूपी के बदायूं में अपने घर का सपना देख रहे लोगों के लिए खुशखबरी है। इस बार की दीपावली हजारों गरीब परिवारों के लिए खुशियों की नई सौगात लेकर आ रही है। इस बार दिवाली से पहले दो हजार से ज्यादा लोगों को बड़ा तोहफा मिलने वाला है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिले के 2,447 लाभार्थियों को दीपावली से पहले उनका अपना पक्का घर मिल जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,447 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास मिले हैं। चयनित लाभार्थियों के आवास निर्माण के लिये शासन से बजट भी मिल गया है।

    जिला स्तर से लाभार्थियों के खाते में काम शुरू कराने के लिये प्रथम किश्त भेजने की प्रकिया जारी है। जिन लाभार्थियों के खाते में रकम पहुंच गयी है उन्होंने आवास बनवाने का काम भी शुरू कर दिया है। ज्यादातर लाभार्थियों का प्रयास है कि वह अपना आवास दीपावली तक बनाकर तैयार कर लें, जिससे वह अपने नये और पक्के घर में दीपोत्सव मना सकें। पीडी डीआरडीए सत्येंद्र कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 15 ब्लॉकों में 2,447 लाभार्थियों का आवास के लिये चयन किया गया है। इन लाभार्थियों के खाते में काम शुरू कराने को प्रथम किश्त जारी की जा रही है।

    लाभार्थियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता
    प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत प्रत्येक चयनित लाभार्थी को पक्का मकान बनाने के लिये 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जायेगी। यह राशि अलग-अलग तीन किश्तों में जायेगी। प्रथम किश्त में 40 हजार, दूसरी किश्त में 70 हजार एवं तृतीय किश्त में 10 हजार मिलेंगे।

    15 ब्लॉक की 1037 ग्राम पंचायतों में आवास
    बिसौली, दहगवां, दातागंज, इस्लामनगर, जगत, कादरचौक, सहसवान, सालारपुर, समरेर, उझानी, उसावां, म्याऊं, अंबियारपुर,आसफपुर, वजीरगंज ब्लॉक की 1037 ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 2,447 लाभार्थियों का चयन हुआ है। लाभार्थियों ने अपने घर बनवाना शुरू कर दिये हैं।

    पीएम आवास योजना (ग्रामीण) में 447आवास बनाने का मिला लक्ष्य
    वहीं दूसरी ओर मथुरा में आवासहीन लोगों को आवास बनाने के लिए केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए फिलाहल 447 आवास का लक्ष्य तय किया गया है। विगत चार माह पहले कराए गए सेल्फ सर्वे में से 447 अभ्यर्थियों ने आवास बनाने के लिए आवेदन किए हैं। अब डीएम और सीडीओ ने पीआरडी के पीडी को निर्देश दिए हैं कि इन आवासों का सभी ब्लाकों के बीडीओ से सर्वे कराया जाए। उसके बाद पात्र पाए गए अभ्यर्थियों को आवास बनाने को धनराशि आवंटित की जाए। शासन के निर्देश पर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में आवास विहीन परिवारों का सेल्फ सर्वे कराया गया। सेल्फ सर्वे के दौरान जनपद में कुल 13 हजार लोगों ने अपने आवेदन किए। इस वर्ष योजना के लिए 500 आवास बनाने का लक्ष्य था जिसके सापेक्ष केन्द्र सरकार ने 477 आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया है।

  • झारखंड आवास बोर्ड की 6 सदस्यीय टीम का छत्तीसगढ़ दौरा, आवास योजनाओं का अध्ययन होगा

    झारखंड आवास बोर्ड की 6 सदस्यीय टीम का छत्तीसगढ़ दौरा, आवास योजनाओं का अध्ययन होगा

    रायपुर
    झारखंड राज्य आवास बोर्ड की 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम अध्ययन प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंची है। यह दल 15 से 18 अप्रैल 2026 तक राज्य में प्रवास कर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की आवासीय योजनाओं, नियमों, प्रक्रियाओं और नवाचारों का विस्तृत अध्ययन करेगा।

    आज छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा अध्ययन दल को योजनाओं, नीतियों और कार्यप्रणाली से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान अपर आयुक्त श्री हर्ष कुमार जोशी ने तकनीकी विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य संपदा अधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह ने संपत्ति प्रबंधन, मार्केटिंग, विक्रय प्रणाली एवं आईटी आधारित प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की। वहीं मुख्य लेखा अधिकारी श्रीमती पूजा मिश्रा शुक्ला ने वित्तीय प्रबंधन पर प्रकाश डाला। उपायुक्त श्री बी.बी. सिंह एवं कार्यपालन अभियंता श्री संदीप साहू ने भी तकनीकी पहलुओं और कार्यप्रणाली से दल को अवगत कराया।

    अध्ययन दल को यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी और मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव के मार्गदर्शन में आम नागरिकों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्रमुख उपलब्धियों में पिछले एक वर्ष में 1100 करोड़ रुपए की 5145 संपत्तियों का विक्रय, ओटीएस-2 के तहत 174 करोड़ रुपए की 1105 पुरानी संपत्तियों का निस्तारण, आबंटी पोर्टल एवं एआई चैटबोट की सुविधा शामिल है। साथ ही पिछले दो वर्षों में 3050 करोड़ रुपए की लागत से 78 आवासीय परियोजनाओं की शुरुआत तथा 7 रि-डेवलपमेंट परियोजनाओं के प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए।

    उल्लेखनीय है कि झारखंड राज्य आवास बोर्ड द्वारा वर्ष 2000 के अधिनियम में संशोधन या नए कानून के निर्माण के उद्देश्य से इस अध्ययन दल का गठन किया गया है। दल आवासीय क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक उपयोग को “मिश्रित उपयोग” में परिवर्तित करने की प्रक्रियाओं का भी अध्ययन कर रहा है।

    गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ और झारखंड दोनों राज्यों का गठन वर्ष 2000 में हुआ था, लेकिन छत्तीसगढ़ में गृह निर्माण मंडल द्वारा आवासीय योजनाओं का विस्तार तेजी से किया गया, जिससे आम नागरिकों को किफायती दरों पर पक्के मकान उपलब्ध हो सके हैं।