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  • बलरामपुर जिले के 6 हजार 968 परिवारों को मिला अपना पक्का आशियाना

    बलरामपुर जिले के 6 हजार 968 परिवारों को मिला अपना पक्का आशियाना

    बलरामपुर जिले के 6 हजार 968 परिवारों को मिला अपना पक्का आशियाना

    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत हुआ भव्य सामूहिक गृह प्रवेश, नए घरों की चौखट पर खिले हितग्राहियों के चेहरे

    पक्का आवास परिवार की सुरक्षा और सम्मान का आधार

    रायपुर, 
     छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में ग्रामीण विकास और आवासहीन जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल 2026 से अब तक पूर्ण हुए कुल 6 हजार 968 नवनिर्मित आवासों का भव्य एवं सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम 11 सितंबर 2026 को पूरे जिले में बेहद उत्साह के साथ संपन्न हुआ। आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान से पहले हजारों परिवारों का अपने पक्के घर में प्रवेश करना जिले के लिए एक विशेष उपलब्धि बन गया है।

    परंपरागत रीति-रिवाज के साथ सौंपी गई चाबियां

           बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सभी विकासखंडों में पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में पारंपरिक रीति-रिवाजों और पूजा-अर्चना के साथ हितग्राहियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपी गईं। वर्षों तक कच्चे मकानों और झोपड़ियों में जीवन बिताने वाले परिवारों के लिए यह पल बेहद भावुक और गौरव से भरा हुआ था।

    विकासखंडवार पूर्ण हुए आवासों की स्थिति

          प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत विकासखंड रामचन्द्रपुर में 2,276 आवास, विकासखंड वाड्रफनगर 1 हजार 772 आवास, विकासखंड कुसमी 1 हजार 215 आवास, विकासखंड बलरामपुर 1 हजार 142 आवास, विकासखंड राजपुर 353 आवास और विकासखंड शंकरगढ़ 210 पक्का आवास पूर्ण कराए गए हैं।

    *पक्का आवास सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य का आधार *

           गृह प्रवेश करने वाले सभी हितग्राही परिवारों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि पक्का आवास केवल ईंट-गारे का ढांचा नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि हर पात्र परिवार को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण आवास मिले और शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने हितग्राहियों को आवास के साथ-साथ अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष स्वीकृत आवासों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए और श्सेवा संकल्प अभियानश् की तैयारियां समय पर सुनिश्चित हों।

    प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार

          सेवा संकज्प के इस अवसर पर लाभान्वित हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी संकल्प और आमजन के हित में उठाए जा रहे कदमों के कारण ही आज उनका अपने पक्के घर का सपना साकार हो सका है। हितग्राहियों ने सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने और विकसित भारत 2047 के सपने में अपनी सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।

           प्रशासन के कुशल मार्गदर्शन और मैदानी अमले की लगातार निगरानी के चलते सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए गए हैं। पक्की छत मिलने से गदगद परिवारों ने मुख्यमंत्री विश्णुदेव साय का और शासन-प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है, वहीं प्रशासन ने भी बाकी बचे स्वीकृत आवासों को जल्द और गुणवत्ता के साथ पूरा करने की बात दोहराई है।

  • पंजाब में घर बनाना होगा मुश्किल, गरीब परिवारों के लिए चिंता की खबर

    पंजाब में घर बनाना होगा मुश्किल, गरीब परिवारों के लिए चिंता की खबर

    समराला.

    पंजाब के भट्ठा मालिकों ने गुजरात के कांडला पोर्ट पर कब्ज़ा हटाने के लिए केंद्रीय मंत्री को एक मेमोरेंडम दिया है, उनका आरोप है कि वे कोयला माफी से नाखुश हैं। भट्ठा मालिकों का कहना है कि पंजाब के भट्ठा मालिक पहले से ही महंगाई की वजह से अपना बिज़नेस चलाने में बड़ी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और अब कोयला माफिया की वजह से उनके बिज़नेस पर फिर से ताला लगने का खतरा मंडरा रहा है।

    यह नई समस्या गुजरात के कांडला बंदरगाह पर वहां के कोयला माफिया का कब्ज़ा है। इस कोयला माफिया ने कांडला पोर्ट से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के भट्ठों को कोयले की सप्लाई रोक दी है, जिसकी वजह से इन राज्यों में ईंट के भट्ठे पिछले 15 दिनों से पूरी तरह से बंद पड़े हैं।
    इस संबंध में भट्ठा एसोसिएशन लुधियाना की एक मीटिंग प्रधान अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में बुलाई गई। इसमें ऑल इंडिया भट्ठा एसोसिएशन के प्रधान ओम वीर सिंह का धन्यवाद किया गया, जिन्होंने भारत सरकार के कोयला मंत्री से मीटिंग की और उन्हें इस समस्या के बारे में बताया।

    डेलीगेशन ने कोयला मंत्री को बताया कि कोल माफिया ने मनमाने ढंग से एक कोयले के ट्राले की कीमत 2 लाख रुपये बढ़ा दी है, जो सरासर धक्केशाही है। इससे ईंटें गरीब और मिडिल क्लास परिवारों की पहुंच से दूर हो जाएंगी और उनके लिए घर बनाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। कोयला मंत्री ने डेलीगेशन को भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे पर रिव्यू किया जाएगा और जल्द से जल्द इसका हल निकाला जाएगा।
    दिल्ली में बुलाई गई मीटिंग में पंजाब के प्रधान हरमेश सोही हरियाणा, उत्तर प्रदेश द्वारा सांझे तौर पर कहा कि अगर भारत सरकार ने कोल माफिया पर नकेल नहीं कसी तो सभी बिजनेस बंद होने की कगार पर आ जाएंगे, जो सही नहीं होगा।

    इस मौके पर लाडी कटानी, बब्बू साहनेवाल, हरदीप सोखी जनरल सेक्रेटरी, केवल कृष्ण अरोड़ा, सरबजीत ढिल्लों, प्रितपाल पनेसर, इंद्रजीत मुल्लांपुर, अवतार सिंह मान, हरतेज गरचा, हरपाल सिंह खन्ना, कुलदीप खुल्लर, विनोद खन्ना, कुलवीत पुरी, रविंदर पुरी और अमित घुंगराना ने भी मांग पत्र देने गए डेलीगेशन का पुरजोर समर्थन किया।