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  • MP में ग्वालियर सबसे गर्म शहर, खजुराहो-रतलाम भी तपे; बारिश के संकेत

    MP में ग्वालियर सबसे गर्म शहर, खजुराहो-रतलाम भी तपे; बारिश के संकेत

     ग्वालियर
     ग्वालियर व चंबल अंचल में पिछले तीन दिन से लगातार तापमान बढ़ रहा है। मंगलवार को ग्वालियर का तापमान 35.2 डिसे पर पहुंच गया और प्रदेश में सबसे अधिक गर्म रहा। हालांकि, खजुराहो व रतलाम दूसरे नंबर पर रहे, यहां का तापमान 35 डिसे पर रहा।

    मौसम विज्ञान केंद्र ने 24 सितंबर से अंचल में एक बार फिर से हल्की से मध्यम वर्षा का दौर शुरू होने का अनुमान लगाया है। ऐसे में 24 से 26 सितंबर तक अंचल में ठीक ठाक वर्षा हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा अपडेट के मुताबिक मानसून की वापसी जारी है और मंगलवार को यह पंजाब के कुछ क्षेत्रों से वापस हो गया।

    हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
    लेकिन पिछले दिनों अंडमान सागर में बना निम्नदाब का क्षेत्र डिप्रेशन में बदलकर उड़ीसा के तट पर आ गया है और यह लगातार आगे बढ़ रहा है। ऐसे में 24 सितंबर से इसका असर अंचल पर भी आना शुरू हो जाएगा, जिसकी वजह से अंचल में हल्की से मध्यम वर्षा होना शुरू हो सकता है।

    यह दौर तीन से चार दिन का हो सकता है। इससे अंचल के बढ़ रहे तापमान में कमी आएगी और मौसम भी ठंडा होगा।

    तीन दिनों से बढ़ रहा तापमान
    अंचल में तापमान पिछले तीन दिन से बढ़ रहा है। तापमान पहले 33 डिसे पर पहुंचा, इसके बाद सोमवार को 35 डिसे पर और मंगलवार को 35.2 डिसे पर। तापमान के बढ़ने से अंचल में गर्मी व उमस बढ़ रही है, जिससे मंगलवार को दिन में लोगों को खासा परेशान होना पड़ा।

    वर्तमान में दिन व रात का तापमान सामान्य से कुछ अधिक हो गया है, इसलिए भी लोगों को कुछ गर्मी अधिक महसूस हो रही है।

    ये रही पारे की चाल…

    अधिकतम तापमान-35.2 डिसे

    न्यूनतम तापमान-26.0 डिसे

    05:30-26.4 डिसे

    08:30-29.0 डिसे

    11:30-33.6 डिसे

    14:30-34.6 डिसे

    17:30-32.4 डिसे

     

  • 45°C गर्मी में फोन खतरे में! ये गलती मत करना

    45°C गर्मी में फोन खतरे में! ये गलती मत करना

    देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी लोगों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के लिए भी चुनौती बन गई है. तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के बाद स्मार्टफोन यूजर्स को नई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. फोन का जरूरत से ज्यादा गर्म होना, चार्जिंग का अचानक रुक जाना, बैटरी का तेजी से खत्म होना और कैमरा ऐप का अपने आप बंद हो जाना जैसी समस्याएं अब आम होती जा रही हैं. कई लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार ओवरहीटिंग स्मार्टफोन के कई अहम पार्ट्स को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है.

    गर्मी में फोन क्यों करने लगता है धीमा काम?
    जब स्मार्टफोन का तापमान लगातार बढ़ता है तो उसका सिस्टम खुद को सुरक्षित रखने के लिए प्रदर्शन कम कर देता है. तकनीकी भाषा में इसे थर्मल थ्रॉटलिंग कहा जाता है. इस स्थिति में प्रॉसेसर अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं करता, जिससे फोन की स्पीड कम हो जाती है. ऐप्स धीरे खुलते हैं, गेमिंग का अनुभव खराब होता है और कई बार फोन हैंग भी होने लगता है.

    विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक अत्यधिक तापमान में रहने से बैटरी की हेल्थ तेजी से गिर सकती है, जिसका असर फोन की कुल लाइफ पर पड़ता है.
    धूप से आने के तुरंत बाद चार्जिंग करना पड़ सकता है भारी

    कई लोग बाहर से लौटते ही फोन को चार्जर से जोड़ देते हैं. यही आदत कई बार सबसे बड़ी गलती साबित होती है. यदि फोन पहले से गर्म है और उसी समय चार्जिंग शुरू कर दी जाए तो बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है.

    चार्जिंग के दौरान भी बैटरी गर्म होती है. ऐसे में पहले से गर्म डिवाइस में तापमान और बढ़ सकता है. यही वजह है कि कई स्मार्टफोन सुरक्षा कारणों से गर्म होने पर चार्जिंग स्पीड कम कर देते हैं या चार्जिंग अस्थायी रूप से रोक देते हैं.

    कार में फोन छोड़ना बन सकता है महंगा सौदा
    गर्मी के मौसम में बंद कार के अंदर का तापमान बाहर की तुलना में काफी ज्यादा हो सकता है. ऐसे माहौल में स्मार्टफोन छोड़ना जोखिम भरा साबित हो सकता है. अत्यधिक तापमान बैटरी को फुला सकता है, डिस्प्ले पर दाग या लाइनें ला सकता है और कैमरा सेंसर की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है.

    कई मामलों में फोन अचानक बंद हो जाता है या दोबारा चालू होने में समस्या आने लगती है. इसलिए वाहन पार्क करते समय स्मार्टफोन को हमेशा अपने साथ रखना बेहतर विकल्प है.

    फोन गर्म हो जाए तो क्या करें?
    अगर आपका स्मार्टफोन जरूरत से ज्यादा गर्म महसूस हो रहा है तो सबसे पहले उसे सीधी धूप से हटाएं. चार्जिंग बंद करें और कैमरा, वीडियो रिकॉर्डिंग या भारी ऐप्स का इस्तेमाल कुछ समय के लिए रोक दें. फोन का कवर हटाने से भी गर्मी तेजी से बाहर निकलने में मदद मिलती है.

    हालांकि एक गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए. कई लोग फोन को ठंडा करने के लिए फ्रिज में रख देते हैं या बर्फ के संपर्क में ले आते हैं. अचानक तापमान बदलने से फोन के अंदर नमी बन सकती है, जो सर्किट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकती है.

    ये छोटे बदलाव भी बचा सकते हैं आपका स्मार्टफोन
    गर्मी के मौसम में बैटरी सेवर मोड का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इससे बैकग्राउंड में चल रही कई प्रक्रियाएं सीमित हो जाती हैं. डार्क मोड भी बैटरी की खपत कम करने में मदद करता है, जिससे फोन अपेक्षाकृत कम गर्म होता है.

    इसके अलावा जहां 5जी नेटवर्क कमजोर हो, वहां 5जी बंद करके 4जी का इस्तेमाल करना बेहतर हो सकता है. कमजोर सिग्नल वाले क्षेत्रों में फोन लगातार नेटवर्क खोजता रहता है, जिससे बैटरी और प्रॉसेसर दोनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है.

    सिर्फ बैटरी नहीं, पूरे फोन की उम्र पर पड़ता है असर
    लगातार ओवरहीटिंग का प्रभाव केवल बैटरी तक सीमित नहीं रहता. समय के साथ प्रोसेसर की क्षमता प्रभावित हो सकती है, डिस्प्ले की गुणवत्ता खराब हो सकती है और कैमरा सेंसर की कार्यक्षमता भी कम हो सकती है. यही वजह है कि विशेषज्ञ गर्मियों में स्मार्टफोन को सामान्य तापमान पर रखने और उपयोग के दौरान सावधानी बरतने की सलाह देते हैं.

  • भीषण गर्मी की चपेट में मध्य प्रदेश, 47 डिग्री तक पहुंचा तापमान; इन इलाकों में चलेगी झुलसाने वाली लू

    भीषण गर्मी की चपेट में मध्य प्रदेश, 47 डिग्री तक पहुंचा तापमान; इन इलाकों में चलेगी झुलसाने वाली लू

    भोपाल

    मध्य प्रदेश में इन दिनों सूरज के सख्त तेवर और लू के थपेड़ों का सितम जारी है. मंगलवार को प्रदेश में पारा 47 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 47 डिग्री पर पहुंचा. इस बीच मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक हीटवेव की चेतावनी जारी की है. IMD के अनुसार, बुधवार को भी मौसम बेहद गर्म रहने वाला है, जिससे स्थिति और बिगड़ने वाली है। 

    लू के थपेड़े से परेशान लोग
    एमपी में सुबह से निकली तेज धूप ने दोपहर तक आग बरसने जैसा एहसास करा रहा है. वहीं लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया है. सड़कों पर निकलने वाले लोग चेहरे को कपड़े से ढककर चलते नजर आ रहे हैं. राजधानी भोपाल, ग्वालियर, इंदौर समेत कई शहरों के बाजार दोपहर में सूने पड़ गए हैं। 

    गर्मी की वजह से दोपहर के समय में शहर के बाजारों और चौराहों पर आवाजाही कम हो गई है. जरूरी काम से ही लोग घर से बाहर निकल रहे हैं. हालांकि ठंडे पेय, नींबू पानी और गन्ने के रस की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई। 

    MP के इन शहरों में आज तीव्र लू का अलर्ट
    मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, सतना, रीवा, मऊगंज, दमोह, सीधी, सिंगरौली, सागर, रायसेन और रतलाम में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, खरगोन, शाजापुर, विदिशा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, मंडला, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, शहडोल और मैहर में लू चलने का अलर्ट है. बैतूल, पांढुर्णा, अनूपपुर और सिवनी में भी भीषण गर्मी का दौर रहेगा. इसके अलावा उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट, राजगढ़, रायसेन, कटनी और छिंदवाड़ा में वॉर्म नाइट घोषित किया गया है। 

    47 डिग्री पहुंचा पारा
    मंगलवार को छतरपुर के नौगांव सबसे गर्म रहा. यहां टेम्परेचर रिकॉर्ड 47 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं खजुराहो में तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. दतिया में तापमान 45.8 डिग्री दर्ज किया गया. इसके अलावा राजगढ़ में पारा 45.6 डिग्री सेल्सियस, दमोह में 45.5 डिग्री सेल्सियस, शाजापुर, टीकमगढ़, गुना-सागर में तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस, सतना में 45.1 डिग्री सेल्सियस, मुरैना, शहडोल, रायसेन, रीवा-श्योपुर में 45 डिग्री, मंडला में 44.6 डिग्री सेल्सियस, उमरिया में 44.5 डिग्री, खरगोन में 44.4 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में 44.2 डिग्री सेल्सियस और खंडवा में 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

    इधर, ग्वालियर में तापमान 45 डिग्री पहुंच गया है. राजधानी भोपाल में पारा 44.2 डिग्री, इंदौर में तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 43.8 डिग्री सेल्सियस और जबलपुर में पारा 44.6 डिग्री दर्ज किया गया।  

    मौसम विभाग ने गर्मी से बचने के लिए कुछ स्वास्थ्य सुझाव दिए हैं..

        दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें.
        धूप के सबसे गर्म घंटों (12 से 3 बजे) के दौरान बाहर जाने से बचें. यात्रा करते समय अपने साथ पानी जरूर रखें.
        ओआरएस, छाछ की एवं पेय पदार्थ, ताजे फल (तरबूज, खीरा), नींबू पानी, मौसमी फल सेवन करें, जो शरीर को हाइड्रेट रखते हैं.
        गर्मी के समय बाहर निकलते के वक्त सिर को ढककर रखें और सूती कपड़े पहनने से बचें की सलाह दी जाती है.
        छोटे बच्चों, बुजुर्गों एवं गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें, उन्हें धूप से बचें.
        बुखार एवं दस्त (डायरिया) होने पर लापरवाही न बरतें, शरीर गर्म होने पर डॉक्टर से संपर्क करें.
        खेत, खदान और बाहर काम करने वाले श्रमिक दोपहर में धूप में काम करने से बचें.
        भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय अधिकारियों की अधिकृत सूचना से अपडेट रहें.

  • हरियाणा में गर्मी का असर तेज, 15 मार्च से बारिश राहत दे सकती है

    हरियाणा में गर्मी का असर तेज, 15 मार्च से बारिश राहत दे सकती है

    सिरसा.

    हरियाणा के तमाम जिलों में मौसम में बदलाव के चलते अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दोपहर के समय तेज गर्मी के चलते अब पछेती गेहूं का दाना प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में 15 व 16 मार्च को बारिश के आसार हैं, जिससे आमजन व किसानों को गर्मी से राहत मिलेगी।

    सिरसा में बुधवार को अधिकतम तापमान 33 व न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। तेज धूप के कारण गेहूं और सरसों की फसल भी लगातार प्रभावित हो रही है। अगेती गेहूं में अब दाना लगभग बन चुका है, जबकि पछेती गेहूं में दाना तैयार हो रहा है। गर्मी के कारण दाना बारिक होने की भी आशंका है। गर्मी से गेहूं को बचाने के लिए किसान लगातार सिंचाई कर रहे है, लेकिन चल रही हल्की हवाओं से गेहूं गिरने का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग अनुसार, जिले में 14 मार्च तक लगातार मौसम में बदलाव होगा और बादलवाही की स्थिति बनेगी। 15 व 16 मार्च को बादलों की गरज के साथ बारिश होने के आसार है। इस दौरान तेज हवा चलती है तो फसलों को काफी नुकसान होगा और फसलों के गिरने का खतरा बनेगा।

    अगर तेज हवा या बारिश से गेहूं की फसल जमीन पर बिछ जाती है तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। औसत उत्पादन में गिरावट होने से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, हल्की बारिश से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अगेती गेहूं में दाना बन चुका है। पछेती गेहूं में अभी दाना तैयार हो रहा है। गर्मी के कारण पछेती गेहूं का नुकसान होने की आशंका है। किसान गेहूं को गर्मी से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करे। जिससे गेहूं में नमी बनी रहेगी। – डॉ. सुखदेव सिंह, कृषि उपनिदेशक सिरसा।