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  • ज्वार के आटे से बनाएं हेल्दी ग्लूटेन फ्री ब्रेड, बिना ओवन के

    ज्वार के आटे से बनाएं हेल्दी ग्लूटेन फ्री ब्रेड, बिना ओवन के

    ज्वार का आटा सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. यह ग्लूटेन-फ्री होता है और इसमें फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह डाइजेशन को बेहतर बनाने, लंबे समय तक पेट भरा रखने और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद कर सकता है. आज हम आपको ज्वार के आटे से ब्रेड बनाना बताएंगे.

    यह ब्रेड ग्लूटेन-फ्री होने के साथ-साथ फाइबर से भी भरपूर होती है. खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए न तो यीस्ट की जरूरत पड़ती है और न ही ओवन की. आप इसे कड़ाही, हांडी या प्रेशर कुकर में भी आसानी से बना सकते हैं. तो आइए जानते हैं कि ज्वार के आटे का टेस्टी ब्रेड कैसै बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है.

    इंग्रेडिएंट्स (ingredients)
    2 कप ज्वार का आटा
    3 बड़े चम्मच इसबगोल
    1/2 छोटा चम्मच नमक
    1½ बड़े चम्मच शहद
    1 छोटा चम्मच बेकिंग सोडा
    1 बड़ा चम्मच सिरका
    2 कप दूध
    ऊपर से डालने के लिए मिक्स सीड्स (ऑप्शनल)

    ज्वार के आटे से ब्रेड कैसे बनाते हैं?
        ज्वार के आटे से ब्रेड बनाने के लिए सबसे पहले हांडी, कड़ाही या प्रेशर कुकर को 10 से 15 मिनट तक कम गैस पर पहले से गर्म कर लें.
        अब एक बड़े बाउल में ज्वार का आटा, इसबगोल, नमक, शहद और बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिला लें.
        इसके बाद धीरे-धीरे दूध डालते हुए बैटर तैयार करें. अब इसमें सिरका डालें और दोबारा अच्छी तरह मिला लें.
        मिश्रण को ढककर 2 से 3 मिनट के लिए छोड़ दें, ताकि इसबगोल अच्छी तरह लिक्विड सोख ले.
        अब घोल को बटर पेपर लगे हुए लोफ टिन या किसी बेकिंग टिन में डालें. चाहें तो ऊपर से मिक्स सीड्स छिड़क दें.
        टिन को पहले से गर्म कड़ाही या कुकर में रखें और कम गैस पर  40 से 45 मिनट तक पकाएं.
        ब्रेड तैयार होने के बाद इसे पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद स्लाइस काटकर नाश्ते में मक्खन, पीनट बटर या अपनी पसंद की स्प्रेड के साथ सर्व करें.
        नॉर्मल टेंपरेचर पर यह ब्रेड 1 से 2 दिन तक ताजा रह सकती है. अगर मौसम गर्म या बहुत उमस वाला हो तो इसे फ्रिज में रखना बेहतर है. फ्रिज में रखने पर यह 4 से 5 दिन तक चल सकती है.

     

  • बच्चों के लिए बनाएं हेल्दी लसूनी सूजी रोल्स, स्वाद और सेहत दोनों

    बच्चों के लिए बनाएं हेल्दी लसूनी सूजी रोल्स, स्वाद और सेहत दोनों

    आजकल के बच्चे घर के बने देसी खाने को देखकर तुरंत मुंह बना लेते हैं, रोज-रोज पिज्जा-बर्गर और रोल्स की डिमांड करते हैं. सुबह हो या शाम उनकी जुबान पर बस जंक फूड ही रहता है. जो हर किसी के लिए बड़ी समस्या है, मगर आप चाहें तो घर पर ही बच्चों को हेल्दी और टेस्टी ब्रेकफास्ट बना सकती हैं, जिसे देखकर आपके बच्चे खुश हो जाएंगे. यह उनकी हेल्थ पर भी बुरा असर नहीं करता है और बनाने में भी आसान होता है.

    हल्की-फुल्की भूख के लिए कुछ हेल्दी और झटपट बनाना चाहते हैं, तो लसूनी सूजी रोल्स को अपनी लिस्ट में शुमार कर लें. इसमें न मैदा लगता है और न ही डीप फ्राई करने के लिए तेल. इसलिए यह बॉडी के लिए भी हेल्दी होता है और बच्चे इसे देखकर मुंह भी नहीं सड़ाते हैं.

    सबसे अच्छी बात यह है कि सूजी, दही और लहसुन से तैयार ये रोल्स स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हल्के भी होते हैं. इन्हें आप बच्चों के टिफिन, ऑफिस स्नैक या शाम की चाय के साथ भी सर्व कर सकते हैं.

    लसूनी सूजी रोल्स के लिए सामग्री
        1 कप सूजी
        ½ कप दही
        ¼ कप पानी (जरूरत अनुसार)
        5-6 लहसुन की कलियां (बारीक कटी या कुटी हुई)
        2 हरी मिर्च (बारीक कटी)
        2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
        ½ छोटा चम्मच नमक
        ½ छोटा चम्मच काली मिर्च
        ½ छोटा चम्मच चिली फ्लेक्स
        ½ छोटा चम्मच फ्रूट सॉल्ट (ईनो)

    इस तरीके से बनाएं लसूनी सूजी रोल्स
        सबसे पहले आप एक कटोरा लीजिए और उसमें सूजी, दही और पानी मिलाकर एक गाढ़ा बैटर तैयार कर लें. पेस्ट को लगभग 5 मिनट के लिए ढककर रख दें.
        अब इसमें लहसुन, हरी मिर्च, हरा धनिया, नमक, काली मिर्च और चिली फ्लेक्स डालकर अच्छी तरह मिला लें.
        आखिर में फ्रूट सॉल्ट डालने के बाद हल्के हाथ से मिक्स करें. फिर आप एक स्टीमर या इडली कुकर को गर्म कर लें.
        जब स्टीमर या कुकर गर्म हो जाए तो बैटर को हल्का-सा ग्रीस किए हुए ट्रे या प्लेट में फैलाकर 8 से 10 मिनट तक स्टीम करें.
        स्टीम होने के बाद थोड़ा ठंडा कर लें और लंबी पट्टियों में काट लें.  हर पट्टी को सावधानी से रोल कर लें.
        आप चाहे तो चाहें तो ऊपर से थोड़ा लहसुन, हरा धनिया और चिली फ्लेक्स छिड़ककर गर्मागर्म सर्व करें.

    क्यों है यह हेल्दी?
        मैदा से पूरी तरह फ्री.
        डीप फ्राई नहीं, इसलिए कम फैट.
        सूजी से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट लंबे समय तक एनर्जी देते हैं.
        लहसुन स्वाद बढ़ाने के साथ कई पोषक तत्व भी देता है.

  • वजन घटाने के लिए खाएं हाई प्रोटीन सोया पराठा, स्वाद भी और सेहत भी भरपूर

    वजन घटाने के लिए खाएं हाई प्रोटीन सोया पराठा, स्वाद भी और सेहत भी भरपूर

     वजन घटाने के सफर में सबसे बड़ी चुनौती होती है एक ऐसा खाना ढूंढना, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखे और प्रोटीन से भरपूर हो. अगर आप रोज-रोज वही उबला हुआ खाना या फीका सलाद खाकर बोर हो चुके हैं, तो सोया पराठा आपके लिए एक परफेक्ट ऑप्शन है. यह खाने में काफी टेस्टी होता है और इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है. सही तरीके से बनाया गया सोया पराठा नाश्ते, लंच या डिनर में आसानी से शामिल किया जा सकता है. आइए जानते हैं इसकी (High Protein Soya Paratha Recipe) आसान रेसिपी.

    सोया पराठा बनाने के लिए जरूरी सामग्री
        सोया चंक्स: 1 कप (उबले और पिसे हुए)
        गेहूं का आटा (या मल्टीग्रेन आटा): 1 कप
        बारीक कटा प्याज: 1 छोटा
        हरी मिर्च: 1-2 (बारीक कटी हुई)
        अदरक-लहसुन का पेस्ट: 1 छोटा चम्मच
        मसाले: आधा चम्मच हल्दी, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच गरम मसाला, और आधा चम्मच अजवाइन
        बारीक कटा हरा धनिया: आधा कप
        नमक: स्वादानुसार
        तेल या घी: पराठा सेकने के लिए (बिल्कुल कम मात्रा में)

    पराठा बनाने की आसान विधि
    स्टेप 1: सोया कीमा तैयार करें
    सबसे पहले सोया चंक्स को गर्म पानी में थोड़ा सा नमक डालकर 10 मिनट के लिए भिगो दें. जब ये सॉफ्ट हो जाएं, तो इनका सारा पानी अच्छी तरह निचोड़ लें. अब इन्हें मिक्सी में डालकर हल्का दरदरा (कीमा जैसा) पीस लें.
    स्टेप 2: चटपटी स्टफिंग बनाएं

    एक पैन में बस आधा चम्मच तेल गर्म करें. इसमें अजवाइन, अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालकर भूनें. अब बारीक कटा प्याज डालें और हल्का गुलाबी होने तक पकाएं. इसके बाद पिसा हुआ सोया, हल्दी, लाल मिर्च, गरम मसाला और नमक डालें. सब कुछ 3-4 मिनट तक भूनें और आखिर में हरा धनिया मिलाकर गैस बंद कर दें. आपकी हाई-प्रोटीन स्टफिंग तैयार है.

    स्टेप 3: आटा गूंथें और पराठा बेलें
    गेहूं के आटे में थोड़ा सा नमक और पानी डालकर एक सॉफ्ट डो (आटा) गूंथ लें. अब आटे की एक लोई लें, उसे थोड़ा सा बेलें और बीच में 2 चम्मच सोया की स्टफिंग भरें. इसे चारों तरफ से बंद करके पोटली जैसा बना लें और सूखे आटे की मदद से हल्के हाथों से गोल पराठा बेल लें.

    लॉस में क्यों फायदेमंद है सोया पराठा?
        प्रोटीन का पावरहाउस: सोयाबीन को शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है. यह मांसपेशियों (Muscles) को मजबूत बनाता है और फैट बर्न करने में मदद करता है.

        लंबे समय तक नहीं लगेगी भूख: इसमें फाइबर की मात्रा अच्छी होती है, जिससे इसे खाने के बाद दोपहर के लंच तक आपको बार-बार भूख नहीं लगती और आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं.

        मेटाबॉलिज्म बूस्ट करता है: हाई प्रोटीन डाइट लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है.

     

  • अंडा vs सोया चंक्स: प्रोटीन के मामले में कौन है ज्यादा फायदेमंद, जानिए एक्सपर्ट्स की राय

    अंडा vs सोया चंक्स: प्रोटीन के मामले में कौन है ज्यादा फायदेमंद, जानिए एक्सपर्ट्स की राय

    प्रोटीन की बात जब भी आती है, तो अक्सर लोग कंफ्यूज रहते हैं कि आखिर सबसे बेस्ट ऑप्शन क्या है. हाल ही में पश्चिम बंगाल के मिड-डे मील प्रोग्राम में अंडे की जगह सोया चंक्स को शामिल करने के फैसले ने एक नई बहस छेड़ दी है. यह विवाद सिर्फ डाइट तक सीमित नहीं, बल्कि पोषण की क्वालिटी और शाकाहार VS मांसाहार के बीच भी सिमट गया है. अंडे को जहां हाई क्वालिटी एनिमल प्रोटीन का बेस्ट सोर्स माना जाता है, वहीं सोया चंक्स वेजीटेरियन लोगों के लिए एक किफायती और दमदार विकल्प के रूप में देखे जाते हैं. तो आखिर क्या वाकई सोया चंक्स अंडे की कमी पूरी कर सकते हैं?

    दोनों ही प्रोटीन के पावरहाउस माने जाते हैं लेकिन फिर भी यह बहस काफी पहले से चली आ रही है. अंडे को जहां हाई क्वालिटी एनिमल प्रोटीन का बेस्ट सोर्स कहा जाता है वहीं सोया चंक्स वेजीटेरियन लोगों के लिए प्रोटीन का सबसे सस्ता और बेहतरीन विकल्प है.

    कई लोग वजन घटाने या मसल्स बनाने के लिए भी डाइट में इन्हें शामिल करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी फिटनेस गोल्स के हिसाब से इनमें से क्या चुनना ज्यादा फायदेमंद है? आइए जानते हैं क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स.

    अंडे और सोया चंक्स
    प्रोटीन क्वालिटी और एब्जॉर्प्शन के मामले में अंडे को हमेशा नंबर वन माना जाता है. हेल्थलाइन का कहना है, अंडे में सभी 9 जरूरी अमीनो एसिड्स भरपूर मात्रा में होते हैं जो मसल्स रिपेयर और ओवरऑल हेल्थ के लिए जरूरी हैं. 1 अंडे में करीब 6-7 ग्राम प्रोटीन होता है. इसकी बायो-अवेलेबिलिटी बहुत ज्यादा होती है जिसका मतलब है कि आपका शरीर इसे बहुत आसानी से इस्तेमाल कर लेता है.

    दूसरी तरफ सोया चंक्स प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का एक शानदार सोर्स हैं. इसमें भी सभी अमीनो एसिड्स होते हैं लेकिन इसकी क्वालिटी और एब्जॉर्प्शन रेट अंडे के मुकाबले थोड़ी कम हो सकती है. हालांकि, फाइबर की बात करें तो सोया चंक्स इस मामले में बाजी मार ले जाते हैं. 50 ग्राम सोया चंक में करीब 25 ग्राम प्रोटीन होता है.

    कौन है आपके लिए बेस्ट?
    यदि आप मसल बिल्डिंग पर फोकस कर रहे हैं तो अंडा एक कंप्लीट और सुपीरियर प्रोटीन सोर्स है. इसकी डाइजेस्टिबिलिटी अंडे की तुलना में ज्यादा मानी जाती है. हालांकि यदि आप शुद्ध शाकाहारी हैं या बजट फ्रेंडली ऑप्शन ढूंढ रहे हैं तो सोया चंक्स एक बेस्ट ऑल्टरनेटिव है.

    वेबएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, सोया जैसे प्लांट-बेस्ड सोर्स न सिर्फ प्रोटीन देते हैं बल्कि हार्ट हेल्थ में भी सुधार कर सकते हैं. बस ध्यान रखें कि सोया चंक्स को अगर आप अनाज जैसे चावल या रोटी के साथ मिलाकर खाएं, तो यह इसकी प्रोटीन प्रोफाइल को और बेहतर बना देता है. अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले हमेशा अपनी बॉडी की जरूरतों को समझना जरूरी है.

  • वजन घटाने के लिए बेस्ट हैं ये 5 हेल्दी इवनिंग स्नैक्स, भूख भी मिटेगी और कैलोरी भी कम रहेगी

    वजन घटाने के लिए बेस्ट हैं ये 5 हेल्दी इवनिंग स्नैक्स, भूख भी मिटेगी और कैलोरी भी कम रहेगी

     जब बात वजन घटाने की आती है, तो यह एक ऐसा सफर है, जिसमें सबसे बड़ी चुनौती जिम जाना नहीं, बल्कि अपनी भूख को कंट्रोल करना होता है. अक्सर देखा जाता है कि लोग सुबह का ब्रेकफास्ट और दोपहर का लंच तो हेल्दी तरीके से मैनेज कर लेते हैं, लेकिन शाम को भूख लगते ही कचौरी, समोसा या फिर बिस्कुट खाने के लिए निकल पड़ते हैं. शाम के समय होने वाली यही क्रेविंग्स अक्सर पूरे डाइट प्लान को खराब कर देती हैं. अगर आप भी हर शाम लगने वाली भूख से परेशान हैं, लेकिन अपना वजन बढ़ने नहीं देना चाहते, तो आपको भूखे रहने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. आपको सिर्फ अपने अनहेल्दी स्नैक्स को कुछ टेस्टी और लो-कैलोरी ऑप्शंस से रिप्लेस करना होगा. आज हम आपको कुछ ऐसे इवनिंग स्नैक्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप अपने शाम के नाश्ते में शामिल कर सकते हैं. इन स्नैक्स की खासियत यह है कि ये स्वादिष्ट होने के साथ-साथ लो-कैलोरी भी होते हैं, इसलिए इन्हें खाने से शरीर को एक्स्ट्रा कैलोरी नहीं मिलती और आपकी वेट लॉस जर्नी भी पटरी पर बनी रहती है.

    टेस्ट और हेल्थ का कॉम्बिनेशन हैं भुने हुए मखाने
    जब शाम को कुछ क्रंची या क्रिस्पी खाने का मन करे, तो मखाने सबसे अच्छा ऑप्शन हैं. मखाने में कैलोरी बहुत कम होती है और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है. जब आप इन्हें खाते हैं तो आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है. भुने हुए मखानों को तैयार करने के लिए सबसे पहले एक कढ़ाई में थोड़ा सा घी या बिना घी के भी मखानों को सेंक लें. अब इसमें थोड़ा सा सेंधा नमक, हल्दी और काली मिर्च पाउडर मिलाएं. यह लाइट और टेस्टी स्नैक आपकी शाम की चाय के साथ एक बेहतरीन जुगलबंदी बनाएगा.

    प्रोटीन का पावरहाउस है स्प्राउट्स चाट
    अगर आपको शाम के वक्त कुछ चटपटा और तीखा खाने की आदत है, तो स्प्राउट्स चाट आपके लिए बेस्ट है. इसे तैयार करने के लिए मूंग और चने को स्प्राउटेड करके उसमें बारीक कटा हुआ प्याज, टमाटर, खीरा और हरी मिर्च मिलाएं. अब इसके ऊपर से थोड़ा सा नींबू का रस और चाट मसाला डाल लें. यह स्नैक न केवल लो-कैलोरी है, बल्कि इसमें प्रोटीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो वजन घटाने में और आपके मसल्स को स्ट्रॉन्ग रखने में मदद कर सकता है.

    भुना हुआ चना शरीर को देगा इंस्टेंट एनर्जी
    ऑफिस में काम करते समय या फिर कहीं ट्रैवल करते समय भुने हुए चने खाना सबसे आसान और हेल्दी उपाय है. बता दें चने में फाइबर और प्रोटीन दोनों भरपूर मात्रा में होते हैं, जो ब्लड में शुगर के लेवल को अचानक बढ़ने नहीं देते. इसे खाने से आपको इंस्टेंट एनर्जी मिलती है और बार-बार कुछ मीठा या फ्राइड खाने की इच्छा शांत हो जाती है. इस बात का ख्याल रखें कि बिना छिलके वाले चनों की जगह छिलके सहित भुने चने खाएं, क्योंकि छिलके में फाइबर ज्यादा होता है.

    रिफ्रेशिंग और लाइट खीरे और गाजर की स्टिक्स
    गर्मियों के मौसम में या जब आपको बहुत ही हल्की भूख लगी हुई हो, तो इसे शांत करने के लिए खीरे, गाजर या चुकंदर को पतली स्टिक्स के रूप में काट लें. आप अगर चाहें तो इन्हें पुदीने और दही से बनी घर की चटनी के साथ भी शाम के नाश्ते में खा सकते हैं. बता दें इनमें पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे आपका शरीर हाइड्रेटेड रहता है और आपको बिल्कुल भी एक्स्ट्रा कैलोरी नहीं मिलती.

    बिना गिल्ट के खाएं पॉपकॉर्न
    बहुत से लोगों को लगता है कि पॉपकॉर्न खाने से वजन बढ़ता है, लेकिन ऐसा उसी समय होता है जब आप उसमें बहुत ज्यादा बटर या चीज मिला देते हैं. अगर आप घर पर बिना बटर या कम तेल में प्लेन पॉपकॉर्न बनाते हैं, तो यह एक बेहतरीन लो-कैलोरी स्नैक बन जाता है. बता दें तीन कप पॉपकॉर्न में बहुत ही कम कैलोरी होती है और यह फाइबर से भी लोडेड होता है, जिससे आपका पेट आसानी से भर जाता है.

  • बच्चों के लिए हेल्दी पास्ता: मैदे की जगह लौकी से बनाएं टेस्टी और न्यूट्रिशस डिश

    बच्चों के लिए हेल्दी पास्ता: मैदे की जगह लौकी से बनाएं टेस्टी और न्यूट्रिशस डिश

     हेल्दी चीजों की बजाय अक्सर ही बच्चे जंक फूड खाने के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन गर्मियों में ज्यादा बाहर का खाना भी सेहत के लिए हानिकारक होता है. इसलिए जितना हो बच्चों को घर का बना ही खाना खिलाना चाहिए, लेकिन इस मौसम में मिलने वाली सब्जियों को देखकर बच्चे नाक सिकुड़ लेते हैं. जबकि बाहर का पिज्जा, बर्गर और पास्ता उनको बहुत अच्छा लगता है. अगर आपके बच्चे भी पास्ता बड़े शौक से खाते हैं, तो आप उनको उसका हेल्दी वर्जन खिला सकते हैं.

    आमतौर पर पास्ता मैदे से बनता है, लेकिन आप चाहें तो घर पर ही लौकी से टेस्टी और पौष्टिक पास्ता बना सकते हैं. यह रेसिपी न सिर्फ बच्चों को पसंद आएगी, बल्कि उन्हें बिना नखरे किए सब्जियां खिलाने का आसान तरीका भी बन सकती है.

    आइए आपको घर पर लौकी से पास्ता बनाने का आसान तरीका बताते हैं, जिससे आपकी काफी मुश्किलें आसान हो जाएंगी.

    लौकी का पास्ता बनाने के लिए सामग्री
        1 बड़ी लौकी
        100 ग्राम तुलसी के पत्ते
        2 लहसुन की कली
        1/4 कप परमेसन चीज
        2 चम्मच ऑलिव ऑयल
        6-7 बारीक कटा पिस्ता
        1/2 चम्मच काली मिर्च
        नमक स्वादानुसार

    लौकी का पास्ता बनाने का तरीका
        इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़ी लौकी को छीलकर अच्छी तरह धो लें और पीलर की मदद से उसे पतले लंबे स्ट्रिप्स में काट लें.
        बीज वाला हिस्सा अलग कर दें और इन स्ट्रिप्स को पानी में डालकर रख दें, ताकि उनका रंग खराब न हो.
        इसके लिए एक पैन में पानी गर्म करें और उसमें थोड़ा नमक डालकर तुलसी के पत्तों को कुछ सेकंड के लिए उबाल लें.
        इसके बाद पत्तों को तुरंत बर्फ वाले ठंडे पानी में डाल दें, फिर उनका अतिरिक्त पानी निचोड़कर मिक्सर में डालें.
        इसमें लहसुन की कलियां, बारीक कटे पिस्ते, ऑलिव ऑयल, नमक और परमेसन चीज डालकर अच्छी तरह पीस लें. आपकी फ्रेश बेसिल सॉस तैयार है.
        इसके बाद एक बर्तन में पानी उबालें और उसमें थोड़ा नमक और ऑयल मिलाएं. अब लौकी की स्ट्रिप्स डालकर उन्हें नरम होने तक पकाएं.
        जब ये अच्छी तरह सॉफ्ट हो जाएं तो पानी छानकर इन्हें एक बाउल में निकाल लें. अब तैयार की हुई बेसिल सॉस को लौकी के पास्ता में अच्छी तरह मिलाएं.
        ऊपर से थोड़ा परमेसन चीज और काली मिर्च छिड़कें. कुछ ही मिनटों में स्वाद से भरपूर, पौष्टिक और ग्लूटन-फ्री लौकी पास्ता तैयार है.

    हेल्दी-टेस्टी पास्ता
    आप चाहे तो पास्ता में ऊपर से थोड़ा चीज डालकर गर्मागर्म सर्व करें. रंग-बिरंगे वेजिटेबल्स और चीज के साथ यह हेल्दी पास्ता बच्चों को काफी पसंद आएगा. सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें मैदे की जगह लौकी और गेहूं का इस्तेमाल होता है, जिससे यह स्वाद के साथ-साथ पोषण भी देता है.

  • मूंग दाल पकौड़े बनेंगे खस्ता और कम तेल वाले, जानें सीक्रेट ट्रिक

    मूंग दाल पकौड़े बनेंगे खस्ता और कम तेल वाले, जानें सीक्रेट ट्रिक

    बारिश का मौसम हो या शाम की चाय, गरमा-गरम पकौड़े मिल जाएं तो मजा आ जाता है. लेकिन अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि मूंग दाल के पकौड़े या तो बहुत ज्यादा तेल सोख लेते हैं या फिर कढ़ाई से निकलते ही मुलायम पड़ जाते हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो अब चिंता छोड़ दीजिए.

    आज हम आपको एक ऐसी चीज के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे दाल के बैटर में मिलाते ही आपके पकौड़े एकदम करारे, खस्ता और ऑयल-फ्री बनेंगे. आइए जानते हैं क्या है वो सीक्रेट चीज और कैसे बनाएं परफेक्ट मूंग दाल पकौड़े.

    ये है वो सीक्रेट चीज
    अगर आप बैटर में चावल का आटा या बारीक सूजी मिलाते हैं तो इससे ये करारे बनते हैं. इसके अलावा बैटर में थोड़ा सा गर्म तेल मिलाने से भी पकौड़े तेल नहीं पीते और लंबे समय तक क्रिस्पी रहते हैं.

    सामग्री
    धुली या छिलके वाली मूंग दाल – 1 कप (3-4 घंटे भीगी हुई)

    चावल का आटा या सूजी – 2 बड़े चम्मच (सीक्रेट सामग्री)

    हरी मिर्च – 2-3 (बारीक कटी हुई)

    अदरक – 1 इंच टुकड़ा (घिसा हुआ)

    हरा धनिया – आधा कप (बारीक कटा हुआ)

    साबुत धनिया और सौंफ – 1 छोटा चम्मच (दरदरा कुटा हुआ)

    हींग – 1 चुटकी

    लाल मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच

    गरम तेल – 1 बड़ा चम्मच (बैटर में मिलाने के लिए)

    नमक – स्वादानुसार

    तेल – तलने के लिए

    बनाने का तरीका
    भीगी हुई मूंग दाल का पूरा पानी निकालकर उसे मिक्सर में बिना पानी (या सिर्फ 1-2 चम्मच पानी) डाले दरदरा पीस लें. ध्यान रहे, पेस्ट को एकदम बारीक नहीं करना है.

    पिसी हुई दाल को एक बड़े बर्तन में निकालें और 3-4 मिनट तक एक ही दिशा में अच्छी तरह फेंटें. इससे दाल हल्की हो जाएगी और पकौड़े अंदर से जालीदार बनेंगे.

    अब इस बैटर में 2 चम्मच चावल का आटा मिलाएं. साथ ही इसमें 1 बड़ा चम्मच गर्म तेल डालें. यह ट्रिक पकौड़ों को बाहर से क्रिस्पी बनाएगी और वह एक्स्ट्रा तेल नहीं सोखेंगे.

    अब बैटर में कटी हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, कुटा हुआ साबुत धनिया-सौंफ, हींग, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह मिक्स करें.

    एक कढ़ाई में तेल गरम करें. तेल मध्यम से तेज गरम होना चाहिए. अब हाथों से या चम्मच से छोटे-छोटे पकौड़े तेल में डालें.

    पकौड़ों को मीडियम आंच पर अलट-पलट कर सुनहरा और करारा होने तक तल लें. आंच को बहुत धीमा न रखें, नहीं तो पकौड़े तेल सोख सकते हैं.

    तैयार हैं आपके एकदम करारे, बिना तेल पिए और क्रिस्पी मूंग दाल के पकौड़े. इन्हें तीखी हरी चटनी और गरम चाय के साथ सर्व करें.

  • बिना तेल और बिना गैस वाला हेल्दी पोहा, फिटनेस फ्रीक्स के लिए बना परफेक्ट नाश्ता

    बिना तेल और बिना गैस वाला हेल्दी पोहा, फिटनेस फ्रीक्स के लिए बना परफेक्ट नाश्ता

    आजकल लोग खाने में स्वाद के साथ-साथ सेहत भी ढूंढ रहे हैं. आलम ये है कि ये लोग मुंह में कुछ भी देने से पहले हजार बार सोचते हैं. इसी वजह से उनका नाश्ते से लेकर डिनर करने तक का स्टाइल बदल गया है. भारी-भरकम नाश्ते की जगह अब ऐसी चीजें पसंद की जा रही हैं जो जल्दी बन जाएं, पेट भी हल्का रखें और शरीर को जरूरी पोषण भी दें. यूं तो ऐसे बहुत से फूड्स हैं, लेकिन इनमें बिना तेल से बनने वाला पोहा लोगों का फेवरेट बनता जा रहा है. जी हां, पोहा बिना तेल के भी बन जाता है. खास बात ये है कि इसे बनाने के लिए आपको गैस जलाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी.

    इसे बनाने के लिए ना कड़ाही चाहिए और ना ही ज्यादा मेहनत. कुछ ताजी सब्जियां, भीगा हुआ पोहा और हल्के मसाले मिलाकर आप कुछ ही मिनटों में टेस्टी और हेल्दी नाश्ता तैयार कर सकते हैं. ये बेशक बिना तेल के बनता हो, लेकिन खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है. वजन कम करने वाले लोग, फिटनेस फॉलो करने वाले और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं. चलिए जानते हैं कैसे बनाते हैं हेल्दी पोहा.

    इंग्रेडिएंट्स:
        1 कप पतला पोहा
        1 बारीक कटा प्याज
        1 छोटा टमाटर
        1 हरी मिर्च
        थोड़ा हरा धनिया
        1 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर
        स्वादानुसार काला नमक
        1 नींबू का रस
        थोड़ी मूंगफली
        चाहें तो अंकुरित मूंग, खीरा और अनार के दाने भी डाल सकते हैं

    ऐसे बनाएं बिना गैस वाला पोहा
    1. बिना कड़ाही चढ़ाए और बिना तेल के पोहा बनाने के लिए सबसे पहले पोहे को हल्के पानी से धो लें और 2-3 मिनट के लिए छोड़ दें ताकि वो अच्छे से सॉफ्ट हो जाए.

    2. जब पोहा फूलकर सॉफ्ट हो जाए तब इसमें बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें. सभी चीजें डालने के बाद खूब अच्छे से मिलाएं.

    3. इसके बाद इसमें काला नमक, भुना जीरा और नींबू का रस मिलाकर अच्छे से मिक्स करें. ऊपर से मूंगफली, अंकुरित मूंग या अनार डाल दें. बस आपका हेल्दी और टेस्टी पोहा तैयार है.

    फिटनेस फ्रीक्स को क्यों आ रहा पसंद?
    ये पोहा बिना तेल और कम कैलोरी वाला होता है, इसलिए डाइट फॉलो करने वाले लोग इसे अपने मील प्लान में शामिल कर रहे हैं. इसमें फाइबर और ताजी सब्जियां होने की वजह से डाइजेशन भी बेहतर रहता है.  

     

  • गर्मियों के लिए परफेक्ट तड़के वाला प्याज-टमाटर रायता, स्वाद और सेहत दोनों में बेहतरीन

    गर्मियों के लिए परफेक्ट तड़के वाला प्याज-टमाटर रायता, स्वाद और सेहत दोनों में बेहतरीन

     गर्मियों के मौसम में जब तेज धूप और लू से शरीर बेहाल होने लगता है. तब दोपहर के खाने में ठंडी-ठंडी चीजें पेट को सुकून देती हैं. ऐसे में प्याज-टमाटर के तड़के वाला रायता एक ऐसा परफेक्ट ऑप्शन है, जो न सिर्फ खाने का स्वाद दोगुना करता है बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है.

    गर्मियों में इस रायते को खाने के कई बेमिसाल फायदे हैं. दही में भरपूर मात्रा में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो चिलचिलाती गर्मी में आपके डाइजेशन को दुरुस्त रखते हैं और पेट को ठंडक पहुंचाते हैं. वहीं, इसमें मौजूद प्याज शरीर को लू से बचाने का काम करती है और टमाटर बॉडी को हाइड्रेट रखकर जरूरी विटामिन्स देता है.

    जब इस कॉम्बिनेशन में राई, कढ़ी पत्ते और सूखी लाल मिर्च का देसी तड़का लगता है, तो इसकी तासीर और पाचक गुण दोनों और बढ़ जाते हैं. यह रायता गर्मियों में छाछ और सादे रायते से बोर हो चुके लोगों के लिए एक रिफ्रेशिंग और लजीज चॉइस है.

    तड़के वाला प्याज-टमाटर रायता रेसिपी
    सामग्री:
    ताजा दही: 2 कप (अच्छे से फेंटा हुआ)

    प्याज: 1 मीडियम (बारीक कटा हुआ)

    टमाटर: 1 मीडियम (बारीक कटा हुआ, बीज निकाले हुए)

    हरी मिर्च: 1 (बारीक कटी हुई)

    हरा धनिया: बारीक कटा हुआ

    काला नमक व सादा नमक: स्वादानुसार

    भुना जीरा पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच

    चाट मसाला: 1/4 छोटा चम्मच

    तड़के के लिए:

    तेल या घी: 1 छोटा चम्मच

    राई- 1/2 छोटा चम्मच

    कढ़ी पत्ता: 5-6

    साबुत सूखी लाल मिर्च: 1

    बनाने का तरीका
    एक बड़े बर्तन में फेंटे हुए दही को लें. इसमें कटा हुआ प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिला लें.

    अब इसमें काला नमक, सादा नमक, भुना जीरा पाउडर और चाट मसाला डालकर मिक्स करें.

    तड़का पैन में 1 चम्मच तेल या घी गर्म करें. गर्म होने पर राई चटकाएं, फिर कढ़ी पत्ता और सूखी लाल मिर्च डालें.

    इस गरमा-गरम तड़के को तुरंत दही के मिक्चर के ऊपर डालें और ढक दें ताकि तड़के की खुशबू रायते में समा जाए. आपका टेस्टी तड़का रायता तैयार है, इसे ठंडा-ठंडा सर्व करें.

  • अलग-अलग रोटियों की कैलोरी और पोषण: वजन घटाने के लिए कौन-सी रोटी है सबसे बेहतर?

    अलग-अलग रोटियों की कैलोरी और पोषण: वजन घटाने के लिए कौन-सी रोटी है सबसे बेहतर?

     भारतीय खाने में रोटी सबसे ज्यादा खाई जाने वाली चीजों में से एक है. देशभर में गेहूं, ज्वार, मक्का और बाजरे जैसे अलग-अलग अनाजों से रोटियां बनाई जाती हैं. हर रोटी का स्वाद और पोषण अलग-अलग होता है. ऐसे में हेल्दी डाइट फॉलो करने वाले या वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता हैं कि कौन-सी रोटी में कितनी कैलोरी होती है और वह वह कितनी हेल्दी है. आज हम आपको अलग-अलग तरह की रोटियों में मौजूद कैलोरी और उनके पोषण के बारे में बताएंगे.

    गेहूं की रोटी
    गेहूं की रोटी में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है. लगभग 40 ग्राम की एक गेहूं की रोटी में लगभग 120 कैलोरी होती है. यह शरीर को बैलेंस पोषण और लंबे समय तक एनर्जी देने में मदद करती है.

    ज्वार की रोटी
    ज्वार ग्लूटेन-फ्री अनाज माना जाता है, जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. 40 ग्राम ज्वार की रोटी में लगभग 100 कैलोरी होती है. इसमें मौजूद फाइबर डाइजेशन सिस्टम को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है.

    मक्के की रोटी
    मक्के की रोटी में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो आंखों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. 40 ग्राम मक्के की रोटी में करीब 110 कैलोरी होती है. यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद कर सकती है.

    रागी रोटी
    रागी में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा इसमें कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं. लगभग 40 ग्राम रागी रोटी में करीब 90 कैलोरी होती है. यह हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है, इसलिए महिलाओं के लिए इसे काफी फायदेमंद माना जाता है.

    बेसन की रोटी
    बेसन में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है. लगभग 40 ग्राम बेसन की रोटी में करीब 115 कैलोरी होती है. यह शरीर को प्रोटीन देने के साथ मसल्स रिकवरी में भी मदद करती है.

    बाजरे की रोटी
    बाजरा प्रोटीन और कई जरूरी विटामिन व मिनरल्स से भरपूर होता है. इसमें मैग्नीशियम, आयरन और फोलेट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. 40 ग्राम बाजरे की रोटी में करीब 105 कैलोरी होती है. यह शरीर में आयरन की कमी को दूर करने में मदद करती है और सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में भी फायदेमंद मानी जाती है.