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  • बाल झड़ना होगा बंद! इन चीज़ों से करें हेयर ग्रोथ को बूस्ट — जानें क्या खाएं

    बाल झड़ना होगा बंद! इन चीज़ों से करें हेयर ग्रोथ को बूस्ट — जानें क्या खाएं

    खूबसूरत और सुंदर बाल हर किसी की चाहत होते हैं लेकिन आजकल प्रदूषण, पोषक की कमी और कई तरह के फैक्टर्स की वजह से लोगों को हेयरफॉल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

    यहां हम आपको कुछ ऐसे ड्राई फ्रूट्स की जानकारी दे रहे हैं जिन्हें अगर आप हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल के साथ सेवन करते हैं तो इससे आपके बालों को पोषण मिलेगा क्योंकि ड्राई फ्रूट्स प्रोटीन, विटामिन्स और ढेरों एंटीऑक्सिडेंट्स का रिच सोर्स होते हैं. 

    अखरोट आपकी बॉडी, दिमाग, स्किन और बालों के लिए भी सुपरफूड है. इसमें प्रोटीन, फैट, फाइबर, मैंगनीज, कॉपर, सेलेनियम, विटामिन ई, ओमेगा-3 फैटी एसिड और बायोटिन होता है जो बालों को घना, मजबूत बनाने में मदद करते हैं. साथ ही स्कैल्प को भी स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. 
        
    किशमिश व्यंजनों को सजाने और स्वाद बढ़ाने के साथ ही स्किन और बालों के लिए भी बहुत अच्छी होती है. इसमें ढेरों एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं और आयरन होता है जो ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है. इससे सिर की त्वचा में ऑक्सिजन पहुंचता है और बाल मजबूत होते हैं. इसमें विटामिन सी भी होता है जो आयरन अवशोषण और कोलेजन के उत्पादन में मदद करता है. 

    बादाम बायोटिन और विटामिन ई से भरपूर होते हैं. ये आपकी सिर की त्वचा में ब्लड सर्कुलेशन को सुधारते हैं और बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं. ये बालों के टूटने की प्रक्रिया को भी कम करते हैं. 

  • दलितों के बाल काटने की परंपरा खत्म, सरकार ने गांव में दिलाया समानता का अधिकार

    दलितों के बाल काटने की परंपरा खत्म, सरकार ने गांव में दिलाया समानता का अधिकार

    बेंगलुरु

    कर्नाटक के गडग जिले के शिंगातलूर गांव में दलित समुदाय को बाल कटवाने की सेवा से सालों तक वंचित किया गया. सामाजिक कल्याण विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस गांव में एक खास समय पर दलितों को टोंसुर या बाल कटवाने की सेवा नहीं दी जाती थी. इस अंधविश्वास के कारण दलितों को बाल कटवाने के लिए पड़ोसी गांवों का रुख करना पड़ता था, जिससे उन्हें अनेक असुविधाओं का सामना करना पड़ता था.

    प्रभावित ग्रामीणों की शिकायतों और ज्ञापनों के बाद प्रशासन ने इस मामले में हस्तक्षेप किया. अब शिंगातलूर गांव में एक नया सैलून बनाया गया है, जो सोशल वेलन विभाग, तालुक प्रशासन, तालुक पंचायत, दलित संगठनों और शिवशरणा हडपदा अप्पन्ना समुदाय की संयुक्त पहल का परिणाम है. तिप्पापुर गांव के बसवराज हडपदा को इस सैलून का संचालन सौंपा गया है, ताकि सभी समुदाय के लोगों को समान और उचित नाई सेवा मिल सके.

    गांव में मान्यता थी कि महानवमी के दौरान वीरभद्रेश्वर स्वामी हडपदा समुदाय के घर आते हैं और उस समय दलितों के बाल कटवाने से दुर्भाग्य आता है. इस अंधविश्वास के चलते कुछ लोगों ने दलितों को बाल कटवाने की सेवा देना बंद कर दिया था, जिससे सामाजिक विभाजन और भेदभाव बढ़ा.

    सामाजिक कल्याण विभाग ने बताया कि यह पहल अस्पृश्यता उन्मूलन जागरूकता (छुआछूत) और सामंजस्यपूर्ण जीवन (वर्क लाइफ हार्मनी) कार्यक्रम के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य सामाजिक सद्भाव बढ़ाना और बुनियादी सेवाओं तक सभी की समान पहुंच सुनिश्चित करना है. सैलून का उदघाटन स्थानीय अधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में किया गया, जो सामाजिक समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

  • बाल धोने का सही तरीका: ऑयली, ड्राई और नॉर्मल बालों के लिए कितनी बार शैंपू करें?

    बाल धोने का सही तरीका: ऑयली, ड्राई और नॉर्मल बालों के लिए कितनी बार शैंपू करें?

    अच्छे और चमकदार बाल न केवल आपकी सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि ये आपकी पर्सनल हाइजीन का भी हिस्सा हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि बालों को कितनी बार धोना चाहिए?

    सच तो यह है कि इसका कोई एक तय नियम नहीं है। यह पूरी तरह से आपके बालों के प्रकार, आपकी लाइफस्टाइल और आपके वातावरण पर निर्भर करता है। आइए जानें इन फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए आपको हफ्ते में कितनी बार बाल धोने चाहिए?

    बालों को धोने की फ्रीक्वेंसी आपकी स्कैल्प की कंडीशन पर निर्भर करती है-

        ऑयली स्कैल्प- अगर आपकी जड़ें जल्दी चिपचिपी हो जाती हैं, तो आपको हफ्ते में 3 से 4 बार बाल धोने की जरूरत पड़ सकती है। बहुत ज्यादा तेल जमने से डैंड्रफ और बाल झड़ने की समस्या हो सकती है।
        ड्राई या कर्ली बाल- सूखे और घुंघराले बालों को कम धोने की सलाह दी जाती है. क्योंकि नेचुरल ऑयल इन बालों के लिए जरूरी होता है। ऐसे लोगों के लिए हफ्ते में 1 या 2 बार बाल धोना काफी है।
        नॉर्मल बाल- अगर आपके बाल न ज्यादा ऑयली हैं और न ही ड्राई, तो हफ्ते में 2 से 3 बार धोना सबसे अच्छा बैलेंस है।
        एक्सरसाइज और पसीना- अगर आप जिम जाते हैं या धूल-मिट्टी वाले वातावरण में काम करते हैं, तो आपको बालों को ज्यादा बार धोने की जरूरत हो सकती है, ताकि पसीना और गंदगी साफ हो सके। इसके लिए हफ्ते में 4-5 बार बाल धोने पड़ सकते हैं।

    बाल धोते समय ध्यान रखने वाली बातें

    सिर्फ बाल धोना काफी नहीं है, उन्हें सही तरीके से धोना भी जरूरी है।

    पानी का तापमान- बालों के लिए कभी भी बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल न करें। गर्म पानी बालों की नमी छीन लेता है और उन्हें बेजान बना देता है। हमेशा गुनगुने या ठंडे पानी का इस्तेमाल करें।
        सही शैम्पू चुनें- हमेशा अपने बालों के टाइप के अनुसार सल्फेट-फ्री शैम्पू चुनें। शैम्पू को सीधे बालों पर लगाने के बजाय, उसे थोड़े पानी में घोलकर इस्तेमाल करें। ध्यान रहे कि शैम्पू का मुख्य काम स्कैल्प की सफाई करना है, इसलिए इसे जड़ों पर ज्यादा फोकस करें।
        कंडीशनर है जरूरी- शैम्पू के बाद कंडीशनर लगाना कभी न भूलें। कंडीशनर बालों को हाइड्रेटेड रखता है और उन्हें टूटने से बचाता है। याद रखें, कंडीशनर को सिर्फ बालों के सीरों पर लगाएं, जड़ों में नहीं।
        सुखाने का सही तरीका- गीले बाल सबसे कमजोर होते हैं। उन्हें तौलिये से जोर-जोर से न रगड़ें। इसके बजाय, माइक्रोफाइबर तौलिये या पुरानी सूती टी-शर्ट से हल्के हाथों से पानी थपथपाकर सुखाएं। हेयर ड्रायर का इस्तेमाल कम से कम करें।
        कंघी कैसे करें- गीले बालों में कंघी न करें। बाल सूखने के बाद चौड़े दांतों वाली लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करें।