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  • बारिश में तेजी से झड़ रहे बाल? प्याज के रस की ये ट्रिक करें, जड़ों से मजबूत होंगे बाल

    बारिश में तेजी से झड़ रहे बाल? प्याज के रस की ये ट्रिक करें, जड़ों से मजबूत होंगे बाल

     बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ने के कारण स्कैल्प पर चिपचिपापन, डैंड्रफ और फंगल इंफेक्शन की समस्या बढ़ जाती है. यही वजह है कि इस मौसम में बाल तेजी से झड़ने लगते हैं और जड़ों से कमजोर होकर पतले होने लगते हैं. अगर आप भी बारिश के दिनों में गुच्छों में झड़ रहे बालों को देख-देखकर परेशान हैं तो आपकी रसोई में मौजूद प्याज का रस इस समस्या का सबसे बेहतरीन और प्राकृतिक इलाज है.

    प्याज के रस में भरपूर मात्रा में सल्फर, एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो स्कैल्प का इंफेक्शन दूर कर बालों की जड़ों को पोषण देते हैं और नए बाल उगाने में मदद करते हैं.

    मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने अपने एक वीडियो में कुछ समय पहले बताया था कि हेयरफॉल के लिए प्याज का रस ज्यादा असरदार होता है. उन्होंने कहा था कि नए बालों की ग्रोथ के लिए ताजा प्याज का रस निकालें और बालों में लगा लें. हालांकि आप चाहें तो प्याज के रस में नारियल तेल और एलोवेरा जेल मिलाकर भी लगा सकते हैं.

    सामग्री:
    2 मध्यम आकार के लाल प्याज

    1 छोटा चम्मच नारियल का तेल या अरंडी का तेल (कैस्टर ऑयल)

    1 चम्मच ताजा एलोवेरा जेल (ऑप्शनल)

    रुई (कॉटन बॉल)

    इस्तेमाल की सही विधि:
    रस निकालने का सही तरीका: प्याज को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. अब इसे मिक्सी में पीसकर पेस्ट बना लें. एक साफ सूती कपड़े या बारीक छलनी की मदद से निचोड़कर प्याज का शुद्ध रस एक कटोरी में निकाल लें.

    तेल और एलोवेरा मिलाएं: प्याज के रस में 1 छोटा चम्मच नारियल का तेल और 1 चम्मच एलोवेरा जेल मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें. नारियल तेल स्कैल्प को नमी देता है और प्याज की तीखी गंध को कम करता है, जबकि एलोवेरा बारिश में होने वाली खुजली को शांत करता है.

    लगाने का सही तरीका: रुई (कॉटन बॉल) को इस मिश्रण में डुबोएं और अपने बालों की मांग (स्कैल्प) खोल-खोलकर जड़ों में अच्छी तरह लगाएं. ध्यान रखें कि रस बालों की लंबाई से ज्यादा स्कैल्प की त्वचा पर लगना चाहिए.

    हल्की मसाज करें: रस लगाने के बाद अपनी उंगलियों के पोरों से 5 मिनट तक हल्के हाथों से स्कैल्प की सर्कुलर मोशन में मालिश करें. इससे सिर में रक्त संचार (ब्लड सर्कुलेशन) बढ़ता है और प्याज का रस जड़ों तक समा जाता है.

    सुखाने और धोने का समय: प्याज के रस को बालों में 25 से 30 मिनट तक लगा रहने दें. इसके बाद किसी माइल्ड या सल्फेट-फ्री हर्बल शैम्पू से गुनगुने या सादे पानी से सिर धो लें.

    बारिश के मौसम में हफ्ते में 2 बार इस नुस्खे का इस्तेमाल करें. 2 से 3 हफ्तों के नियमित उपयोग से ही बालों का झड़ना रुक जाएगा और बालों में नई मजबूती आएगी.

  • घर पर बनाएं शुद्ध आंवला तेल, गिरते बाल और डैंड्रफ से मिलेगा छुटकारा

    घर पर बनाएं शुद्ध आंवला तेल, गिरते बाल और डैंड्रफ से मिलेगा छुटकारा

    अगर आप भी गिरते बालों, डैंड्रफ और समय से पहले सफेद होते बालों से परेशान हैं और बाजार के मिलावटी तेल को खरीद-खरीदरकर थक गए हैं तो अब उन्हें बाय कह दीजिए.आप घर पर ही नारियल तेल और ताजे आंवले की मदद से 100% शुद्ध और केमिकल-फ्री आंवला तेल बना सकते हैं.

    आजकल बाजार में मिलने वाले महंगे हेयर ऑयल्स में मिनरल ऑयल, सल्फेट्स और केमिकल्स की भरमार होती है जो बालों को पोषण देने के बजाय और नुकसान पहुंचाते हैं. आंवला में मौजूद विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट्स बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं, जिससे बाल लंबे, घने, काले और चमकदार होते हैं. आइए जानते हैं इसे घर पर बनाने का बेहद आसान तरीका.

    सामग्री:
    ताजे आंवले – 5 से 6 (कद्दूकस किए या कटे हुए)

    शुद्ध नारियल तेल  – 1 कप

    मेथी दाना – 1 बड़ा चम्मच (बालों को मजबूती देने के लिए)

    करी पत्ते  – 10-12 (ऑप्शनल, बालों को काला और चमकदार बनाने के लिए)

    बनाने की विधि:
    ताजे आंवलों को धोकर अच्छे से सुखा लें. इसके बाद इनके बीज निकालकर आंवलों को कद्दूकस कर लें या मिक्सी में बिना पानी डाले दरदरा पीस लें.

    एक लोहे की कढ़ाई या भारी तले के बर्तन में नारियल तेल डालें और धीमी आंच पर गरम होने दें. (लोहे की कढ़ाई का इस्तेमाल करने से तेल में आयरन के गुण भी आ जाते हैं).

    अब गरम तेल में कद्दूकस किया हुआ आंवला, मेथी दाना और करी पत्ते डालें.

    गैस की आंच एकदम धीमी रखें और मिश्रण को 15 से 20 मिनट तक पकने दें. जब आंवले का रंग हल्का भूरा/काला होने लगे और तेल का रंग बदल जाए, तो गैस बंद कर दें.

    तेल को रातभर या 6-8 घंटे के लिए कढ़ाई में ही रहने दें ताकि आंवले और लोहे के सारे पोषण तेल में आ जाएं.

    अब एक पतले सूती कपड़े या बारीक छलनी की मदद से तेल को अच्छे से निचोड़कर छान लें. इस शुद्ध आंवला तेल को कांच की साफ और सूखी बोतल में भरकर रख लें.

  • महंगे केराटिन-प्रोटीन ट्रीटमेंट छोड़िए! अंडे से बनाएं 5 होममेड हेयर मास्क, बाल होंगे मुलायम

    महंगे केराटिन-प्रोटीन ट्रीटमेंट छोड़िए! अंडे से बनाएं 5 होममेड हेयर मास्क, बाल होंगे मुलायम

     क्या आपने भी पार्लर में केराटिन और प्रोटीन ट्रीटमेंट पर हजारों रुपये खर्च किए हैं, फिर भी बाल रूखे और बेजान बने रहते हैं? अगर हां, तो इसका सबसे सस्ता और 100 प्रतिशत प्राकृतिक इलाज आपके किचन में ही मौजूद है. बालों के लिए अंडा बेस्ट माना जाता है और दादी-नानी के जमाने से ही लोग इसे बालों पर हेयर मास्क की तरह लगाते आ रहे हैं.

    प्रोटीन और बायोटिन से भरपूर अंडा बालों को जड़ों से मजबूत बनाता है और झड़ने की समस्या को कम करता है. अक्सर लड़कियां महंगे एग-बेस्ड शैंपू तो खरीद लेती हैं, लेकिन घर पर ताजा अंडा लगाने से कतराती हैं. हालांकि, करीब 80 प्रतिशत महिलाएं अंडे की तेज बदबू की वजह से इसे लगाने से बचती हैं.

    ब्यूटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, अंडे को अकेले लगाने से स्मेल आती है. लेकिन इसमें कुछ घरेलू चीजें मिला ली जाएं, तो बदबू पूरी तरह खत्म हो जाती है और बालों को दोगुना पोषण मिलता है. आइए हम आपको ऐसे 5 आसान और असरदार होममेड एग हेयर मास्क के बारे में बताते हैं, जो बिना किसी बदबू के 30 मिनट में आपके बालों को सैलून जैसी चमक और मजबूती देंगे.

    शहद, दही और अंडे का मास्क
    अगर आपके बालों में स्प्लिट्स एंड्स और ड्राईनेस है, तो यह मास्क सबसे अच्छा ऑप्शन है. 1 अंडे में 2 चम्मच घर का गाढ़ा दही और 1 चम्मच शहद मिलाकर अच्छे से फेंट लें. दही इस मास्क को क्रीमी बनाता है जिससे अं

    डा बालों में चिपकता नहीं है, वहीं शहद नमी को अंदर तक लॉक करने का काम करता है. इसे सिर्फ बालों की लेंथ पर लगाएं और 25 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें.

    नारियल तेल, एलोवेरा और अंडे का मास्क
    कई लोगों के बाल धोने के तुरंत बाद बहुत रूखे हो जाते हैं. इसके लिए 1 अंडे में 2 चम्मच एलोवेरा जेल और आधा चम्मच नारियल तेल मिलाएं. एलोवेरा हल्का और फिसलन भरा होता है जो बालों को सॉफ्ट बनाता है, जबकि नारियल तेल हल्की चमक देता है. ध्यान रहे कि नारियल तेल आधा चम्मच से ज्यादा न डालें, वरना बाल ऑयली लगेंगे.

    केला, दही और अंडे का मास्क
    अगर आपके बाल मैनेज नहीं होते और बार-बार उलझते हैं, तो यह मास्क कमाल का काम करेगा. 1 पके केले को मिक्सी में बारीक पीस लें, फिर इसमें 1 अंडा और 1 चम्मच दही मिलाएं. केले की मीठी खुशबू अंडे की बदबू को पूरी तरह खत्म कर देती है और बालों को स्मूथ बनाती है.

    एवोकाडो और अंडे का मास्क
    मोटे और कर्ली हेयर्स के लिए एवोकाडो सबसे बेस्ट माना जाता है. आधा पका एवोकाडो और 1 अंडा मिलाकर अच्छे से मैश करके पेस्ट बना लें. एवोकाडो में मौजूद नेचुरल फैट बालों को डीप मॉइश्चर और कंडीशनिंग देता है. पतले या बारीक बालों वाले लोग इस मास्क का इस्तेमाल न करें.

    कॉफी और अंडे का मास्क
    अगर आपको सिर्फ अंडे की स्मेल से प्रॉब्लम है, तो यह तरीका आपके लिए ही है. 1 अंडे में 1 चम्मच कॉफी पाउडर मिलाएं. कॉफी की स्ट्रॉन्ग खुशबू अंडे की स्मेल पर पूरी तरह भारी पड़ती है और यह स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन को भी बढ़ाती है. इसे स्कैल्प पर रगड़ें नहीं, सिर्फ 5 मिनट हल्के हाथों से मसाज करें और 30 मिनट बाद धो लें.

    अंडे की बदबू से बचने के 3 गोल्डन रूल्स
    ठंडे पानी का इस्तेमाल: एग मास्क को हमेशा नॉर्मल या ठंडे पानी से ही धोएं. गर्म पानी से अंडा बालों में जम सकता है और बदबू बढ़ जाती है.

    लास्ट रिंस: बाल धोने के बाद आखिरी बार रिंस करते समय पानी में 2 बूंद नींबू का रस या गुलाब जल मिला लें.

    कितने समय तक लगाएं: किसी भी एग हेयर मास्क को 30 मिनट से ज्यादा समय तक बालों में रखना चाहिए.

  • शैम्पू बदलने से नहीं रुकता हेयर फॉल? जानिए बाल झड़ने की असली वजह

    शैम्पू बदलने से नहीं रुकता हेयर फॉल? जानिए बाल झड़ने की असली वजह

    जब भी अधिक बाल झड़ते हैं अक्सर अधिकतर लोग सबसे पहले अपने शैम्पू को बदलने का फैसला करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि शैम्पू में ही कोई खराबी है या वो शैम्पू उनको सूट नहीं कर रहा. शैम्पू का मुख्य काम स्कैल्प और बालों से गंदगी, तेल और धूल-मिट्टी को साफ करना है. यह महज एक साबुन या क्लीन्जर की तरह होता है.

    अक्सर लोग भ्रम में रहते हैं कि शैम्पू बदलने से हेयर फॉल की समस्या रातों-रात खत्म हो जाएगी. सच तो यह है कि शैम्पू बालों की जड़ों के भीतर जाकर हेयर फॉलिकल्स को डैमेज नहीं करता, जिससे स्थायी हेयर लॉस हो सके. तो इसके पीछे का कारण क्या है, इसे समझ लीजिए.

    हेयर फॉल और हेयर ब्रेकेज में अंतर समझें
    अक्सर जिसे हम हेयर फॉल समझते हैं वह वास्तव में 'हेयर ब्रेकेज' यानी बालों का टूटना होता है. क्लीवलैंड क्लिनिक का कहना है, कई लोग शैम्पू के दौरान टूटने वाले बालों को हेयर फॉल समझ लेते हैं. यदि शैम्पू बहुत ज्यादा हार्श है या उसमें ऐसे तत्व हैं जो बालों को सूखा बना देते हैं तो बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं. इसे फॉलिकल डैमेज नहीं बल्कि बालों का टूटना यानी हेयर ब्रेकेज कहा जाता है. इसलिए शैम्पू बदलते रहने के बजाय अपनी स्कैल्प की जरूरत को समझना ज्यादा जरूरी है.

    क्यों होता है हेयर फॉल?
    बालों के झड़ने के पीछे की असली वजहें बहुत गहरी होती हैं. हेल्थलाइन पर दी गई जानकारी के मुताबिक, अधिकतर मामलों में हेयर फॉल के लिए जेनेटिक्स, हार्मोनल असंतुलन, तनाव, पोषण की कमी या थायराइड जैसी मेडिकल स्थितियां जिम्मेदार होती हैं.

    शैम्पू स्कैल्प की सफाई के लिए है न कि बालों की ग्रोथ बढ़ाने वाली कोई दवा. यदि आप शैम्पू बदलने के बाद भी बहुत ज्यादा हेयर फॉल महसूस कर रहे हैं तो समस्या आपकी बोतल के अंदर नहीं, बल्कि आपकी बॉडी के अंदर हो सकती है.

    सही शैम्पू और वॉश करने का सही तरीका
    बालों को स्वस्थ रखने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि आप अपनी स्कैल्प टाइप के अनुसार शैम्पू चुनें. अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, शैम्पू को हमेशा स्कैल्प पर लगाना चाहिए पूरी लंबाई पर रगड़ने की जरूरत नहीं होती. स्कैल्प को धीरे-धीरे मसाज करें और फिर पानी से अच्छी तरह धो लें.

    अधिक मेहनत करने या नाखूनों से रगड़ने से स्कैल्प में इन्फेक्शन और इरिटेशन हो सकती है जो हेयर फॉल को और बढ़ा सकता है. इसलिए शैम्पू को दोषी ठहराने से पहले अपनी हेयर केयर रूटीन और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना बहुत जरूरी है.

  • फिटकरी से बालों की देखभाल: झड़ते बाल, डैंड्रफ और ग्रोथ की समस्या का आसान घरेलू उपाय

    फिटकरी से बालों की देखभाल: झड़ते बाल, डैंड्रफ और ग्रोथ की समस्या का आसान घरेलू उपाय

    आज के समय में अनहेल्दी लाइफस्टाइल, बढ़ता प्रदूषण, स्ट्रेस और गलत खान-पान की वजह से बालों से जुड़ी समस्याएं काफी तेजी से बढ़ रही हैं. किसी के बाल झड़ रहे हैं, किसी के बाल समय से पहले सफेद हो रहे हैं, तो किसी को डैंड्रफ की समस्या परेशान कर रही है. इन समस्याओं को कम करने के लिए कई बार लोग महंगे हेयर प्रोडक्ट्स, केमिकल वाले शैम्पू और पार्लर ट्रीटमेंट्स का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घरों में मौजूद सफेद पत्थर, जिसे फिटकरी कहा जाता है, आपके बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.

    एंटी-बैक्टीरियल और एस्ट्रिंजेंट गुणों से भरपूर फिटकरी न सिर्फ स्कैल्प को गहराई से साफ करने में मदद करती है, बल्कि बालों की जड़ों को मजबूत बनाने और डैंड्रफ कम करने में भी मदद करती है. तो आइए जानते हैं कि हम सही तरीके से फिटकरी का इस्तेमाल बालों की देखभाल में कैसे कर सकते हैं.

    बालों को बढ़ाने में करता है मदद
    अगर आप झड़ते बालों से परेशान हैं और चाहते हैं कि आपके बाल तेजी से बढ़े तो आप फिटकरी का उपयोग बालों में कर सकते हैं. इसके लिए फिटकरी को पीसकर बारीक पाउडर बना लें और इसे नारियल तेल में अच्छी तरह मिला लें. इस मिश्रण से स्कैल्प की हल्के हाथों से मसाज करें और इसे कुछ घंटों लगा रहने दें. इसके बाद माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें. इससे स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और बालों की ग्रोथ को सपोर्ट मिलता है.

    डैंड्रफ से मिलेगा राहत
    डैंड्रफ की समस्या में फिटकरी का इस्तेमाल स्कैल्प की सफाई में मदद करता है. इसके लिए फिटकरी पाउडर को पानी और नींबू के रस के साथ मिलाकर हल्के हाथों से स्कैल्प पर लगाएं और मसाज करें. 10–15 मिनट बाद बाल धो लें. इससे स्कैल्प साफ होता है और डैंड्रफ कम हो सकता है.

    कमजोर बालों को जड़ों से देता है पोषण
    फिटकरी बालों को हेल्दी रखने में काफी मदद कर सकता है. इसके लिए फिटकरी पाउडर को कलौंजी के तेल में मिलाकर एक मिश्रण तैयार करें और इससे स्कैल्प की हल्के हाथों से मसाज करें. इसके रेगुलर इस्तेमाल से बालों की जड़ों को पोषण मिलता है और बालों की हेल्थ बेहतर हो सकती है.

    फिटकरी का इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
        फिटकरी का इस्तेमाल बालों पर सीमित मात्रा में ही करें. इसका ज्यादा या बार-बार उपयोग करने से स्कैल्प ड्राई हो सकता है.
        अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है तो बालों पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें.
        फिटकरी लगाते समय ध्यान रखें कि यह आंखों के आस-पास न लगें.
        अगर किसी तरह की जलन या एलर्जी महसूस हो तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर दें.

     

  • हेयर लॉस के शुरुआती संकेत, समय रहते पहचानें वरना बढ़ सकता है गंजापन

    हेयर लॉस के शुरुआती संकेत, समय रहते पहचानें वरना बढ़ सकता है गंजापन

    आजकल की बिजी लाइफस्टाइल और बढ़ते स्ट्रेस के बीच हेयर लॉस होना एक बेहद कॉमन समस्या बन चुका है. लोग अक्सर उस समय अधिक परेशान हो जाते हैं, जब कंघी में बालों के गुच्छे आने लगते हैं या स्कैल्प खाली दिखने लगती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किसी के भी बाल अचानक नहीं झड़ते, बल्कि हमारा स्कैल्प बहुत पहले ही इसके संकेत देना शुरू कर देता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यदि आप समय रहते इन शुरुआती लक्षणों को पहचान लें तो गंजेपन का शिकार होने से बच सकते हैं. आइए जानते हैं कि हेयर फॉल की शुरुआत कैसे होती है और रिकवरी के क्या ऑपशंस हैं.

    ये है हेयर फॉल का पहला संकेत
    एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब भी गंजेपन की शुरुआत होती है तो उसका सबसे पहला संकेत हेयर थिनिंग यानी बालों का पतला होना है. इस स्टेज में आपके बाल अचानक टूटने नहीं लगते बल्कि उनका डायमीटर (मोटाई) धीरे-धीरे कम होने लगता है.

    यदि आपको महसूस हो रहा है कि आपकी मांग (Parting) चौड़ी हो रही है या पोनीटेल पहले के मुकाबले पतली महसूस हो रही है तो समझ जाएं कि आपके बालों की सेहत बिगड़ रही है.

    क्या है फॉलिकल का मिनिएचराइजेशन?
    साइंस की भाषा में बालों के पतले होने की इस पूरी प्रक्रिया को मिनिएचराइजेशन ओएफ फॉलिकल कहा जाता है. हेल्थलाइन के मुताबिक, इस प्रोसेस में स्कैल्प के अंदर मौजूद हेयर फॉलिकल्स यानी जहां से बाल उगते हैं, वो धीरे-धीरे सिकुड़ने लगते हैं.

    इसके कारण हेयर फॉलिकल्स तक खून की सप्लाई और जरूरी न्यूट्रिशन नहीं पहुंच पाता. नतीजा यह होता है कि हर नए हेयर साइकिल में निकलने वाला बाल पहले से ज्यादा कमजोर, पतला और छोटा होता जाता है जो बाद में पूरी तरह टूटने लगता है और आप गंजेपन की ओर बढ़ जाते हैं.

    स्टेज 1 से 5 के बीच रिकवरी है पॉसिबल
    यदि आपके बाल पतले हो रहे हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है. साइंटिफिक फैक्ट्स बताते हैं कि जब तक मिनिएचराइज्ड फॉलिकल पूरी तरह सील या बंद नहीं हो जाते तब तक उनसे नए और घने बाल वापस पाना मुमकिन है. हेयर लॉस को मापने के लिए डॉक्टर्स नॉरवुड स्केल का इस्तेमाल करते हैं.

    उनके अनुसार, यदि आप स्टेज 1 से स्टेज 5 के बीच में हैं तो आपको डेफिनिटली सही ट्रीटमेंट ट्राई करना चाहिए. इस दौरान फॉलिकल्स जीवित होते हैं और डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह पर मिनोक्सिडिल, पीआरपी थेरेपी या सही डाइट से इन्हें दोबारा एक्टिव किया जा सकता है.