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  • 10 डिजिटल स्टूडियो से तैयार हो रही पढ़ाई की सामग्री, क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध होगा ई-कंटेंट

    10 डिजिटल स्टूडियो से तैयार हो रही पढ़ाई की सामग्री, क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध होगा ई-कंटेंट

    उच्च शिक्षा में डिजिटल नवाचार, विद्यार्थियों तक पहुंचेगा गुणवत्तापूर्ण ई-कंटेंट

    अब डिजिटल माध्यम से घर बैठे पढ़ सकेंगे विद्यार्थी, ई-ज्ञानसेतु पर मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण ई-कंटेंट

    कला, विज्ञान और वाणिज्य सहित विभिन्न विषयों के वीडियो व्याख्यान होंगे उपलब्ध

    10 डिजिटल स्टूडियो के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में भी तैयार की जा रही डिजिटल अध्ययन सामग्री

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ई-कंटेंट वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। तैयार किए गए वीडियो विद्यार्थियों को विभाग के e-GyanSetu YouTube Channel पर मिलेंगे। विभाग की इस पहल से विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार डिजिटल माध्यम से विभिन्न विषयों की अध्ययन सामग्री का लाभ ले सकेंगे।

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 की भावना के अनुरूप प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों में स्थापित 10 डिजिटल स्टूडियो के माध्यम से स्नातक स्तर के विभिन्न विषयों एवं पाठ्यक्रमों के लिए ई-कंटेंट तैयार किया जा रहा है। कला, विज्ञान, वाणिज्य सहित विभिन्न विषयों के वीडियो व्याख्यान तैयार किए जा रहे हैं।

    ई-कंटेंट वीडियो को विद्यार्थियों के लिए अधिक प्रभावी एवं रोचक बनाने के लिए ग्राफिक्स और डिजिटल विजुअल्स का उपयोग किया जा रहा है। वीडियो की विषयगत एवं शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह ई-कंटेंट प्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों एवं सहायक प्राध्यापकों द्वारा तैयार किया जा रहा है।

    Validation Board करेगा ई-कंटेंट का परीक्षण एवं सत्यापन

    ई-कंटेंट की प्रमाणिकता, विषयवस्तु और शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तैयार वीडियो का Validation Board द्वारा परीक्षण एवं सत्यापन किया जा रहा है। वीडियो की विषयवस्तु, पाठ्यक्रमानुरूपता एवं शैक्षणिक गुणवत्ता का परीक्षण करने के बाद ही सत्यापित ई-कंटेंट को विद्यार्थियों के लिए e-GyanSetu YouTube Channel पर प्रकाशित किया जाएगा।

    क्षेत्रीय भाषाओं में तैयार किए जा रहा ई-कंटेंट

    ई-कंटेंट निर्माण में प्रदेश की भाषाई विविधता का भी विशेष ध्यान रखा गया है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बघेली, बुंदेली, मराठी एवं संस्कृत सहित विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में भी वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। इससे अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों तक डिजिटल अध्ययन सामग्री पहुंचाने में सुविधा होगी।

    अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ सकेंगे विद्यार्थी

    e-GyanSetu YouTube Channel पर उपलब्ध वीडियो के माध्यम से विद्यार्थी मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट अथवा अन्य डिजिटल माध्यमों से अपनी सुविधा के अनुसार अध्ययन कर सकेंगे। विद्यार्थी आवश्यकता के अनुसार विषयवस्तु को दोहरा सकेंगे, कठिन टॉपिक्स को पुनः समझ सकेंगे और अपनी सीखने की गति के अनुरूप अध्ययन कर सकेंगे।

    सत्यापन के बाद चरणबद्ध रूप से प्रकाशित होंगे वीडियो

    ई-कंटेंट निर्माण, एडिटिंग एवं सत्यापन की प्रक्रिया निरंतर जारी है। सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होने वाले वीडियो को चरणबद्ध रूप से e-GyanSetu YouTube Channel पर प्रकाशित किया जाएगा। इस पहल से प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण डिजिटल अध्ययन सामग्री की उपलब्धता को और व्यापक बनाने में सहायता मिलेगी।

     

  • MP में शिक्षा का डिजिटल विस्तार, 9 सितंबर को लॉन्च होगा ‘ई-ज्ञानसेतु’ YouTube चैनल; छात्रों को मिलेंगे ई-वीडियो

    MP में शिक्षा का डिजिटल विस्तार, 9 सितंबर को लॉन्च होगा ‘ई-ज्ञानसेतु’ YouTube चैनल; छात्रों को मिलेंगे ई-वीडियो

    ई-ज्ञानसेतु YouTube चैनल पर विद्यार्थियों को मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण ई-वीडियो कंटेंट

    मंत्री परमार 9 सितंबर को करेंगे ई-ज्ञानसेतु YouTube चैनल का शुभारंभ
    उच्च शिक्षा विभाग द्वारा क्षेत्रीय भाषाओं में शासकीय विश्वविद्यालय, महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं सहायक प्राध्यापकों से तैयार कराया गया है कंटेंट

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे ई-वीडियो कंटेंट अब 9 सितंबर 2026 से e-GyanSetu YouTube Channel पर उपलब्ध होंगे। ई- वीडियो कंटेंट के प्रकाशन का उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार द्वारा 9 सितंबर को शाम 5 बजे शुभारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण Google Meet एवं e-GyanSetu YouTube Channel के माध्यम से होगा।

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 की भावना के अनुरूप तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मंत्री परमार के मार्गदर्शन में प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों में स्थापित 10 डिजिटल स्टूडियो के माध्यम से स्नातक स्तर के विभिन्न विषयों एवं पाठ्यक्रमों के लिए ई-कंटेंट तैयार किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत कला, विज्ञान, वाणिज्य सहित विभिन्न विषयों के वीडियो व्याख्यान तैयार किए जा रहे हैं। अब तक 2,305 वीडियो शूट किए जा चुके हैं, जिनमें से 954 वीडियो का एडिटिंग कार्य पूर्ण हो चुका है ।

    ई-वीडियो कंटेंट को विद्यार्थियों के लिए अधिक प्रभावी और रोचक बनाने के लिए ग्राफिक्स एवं डिजिटल विजुअल्स का उपयोग किया गया है। वीडियो की शैक्षणिक एवं विषयगत गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। ये वीडियो प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों एवं सहायक प्राध्यापकों द्वारा तैयार किए जा रहे हैं।

    वीडियो की प्रमाणिकता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तैयार ई-कंटेंट का विषयवस्तु, पाठ्यक्रमानुरूपता एवं शैक्षणिक गुणवत्ता के आधार पर Validation Board द्वारा परीक्षण एवं सत्यापन किया जाता है। सत्यापन के बाद ही वीडियो को विद्यार्थियों के लिए e-GyanSetu YouTube Channel पर प्रकाशित किया जाएगा।

    ई-कंटेंट निर्माण में प्रदेश की भाषाई विविधता का भी ध्यान रखा गया है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बघेली, बुंदेली, मराठी तथा संस्कृत सहित क्षेत्रीय भाषाओं में भी वीडियो तैयार किए गए हैं। इससे अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों तक डिजिटल अध्ययन सामग्री पहुँचाने में मदद मिलेगी।

    मंत्रालय में आयोजित बैठक में मंत्री परमार के समक्ष तैयार ई-कंटेंट वीडियो प्रदर्शित किए गए थे। बैठक में हुई चर्चा के दौरान मंत्री द्वारा वीडियो को शीघ्र e-GyanSetu YouTube Channel पर अपलोड एवं प्रकाशित किए जाने के निर्देश दिए गए।

    e-GyanSetu पर उपलब्ध वीडियो के माध्यम से विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट अथवा अन्य डिजिटल माध्यमों से अध्ययन कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को विषयवस्तु को दोहराने, कठिन टॉपिक्स को पुनः समझने तथा अपनी सीखने की गति के अनुसार अध्ययन करने की सुविधा मिलेगी। ई-कंटेंट निर्माण, एडिटिंग एवं सत्यापन की प्रक्रिया निरंतर जारी है। सत्यापन पूर्ण होने वाले वीडियो को चरणबद्ध रूप से e-GyanSetu YouTube Channel पर प्रकाशित किया जाएगा। इस पहल से प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण डिजिटल अध्ययन सामग्री की उपलब्धता को और व्यापक बनाने में सहायता मिलेगी।

     

  • एजुकेशन किट से लेकर विशाल डोम तक, 1500 छात्राओं को मंत्री देवांगन की सौगात

    एजुकेशन किट से लेकर विशाल डोम तक, 1500 छात्राओं को मंत्री देवांगन की सौगात

    रायपुर : एजुकेशन किट वितरण- उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने 1500 छात्राओं को दी सौगात, कॉलेजों में विशाल डोम निर्माण की घोषणा

    बेटियां जितना पढ़ेंगी, उतना ही सशक्त होगी परिवार, समाज और प्रदेश – लखन लाल देवांगन

    रायपुर

    शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय, कोरबा में आयोजित दीक्षारम्भ समारोह में कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत नवप्रवेशित छात्राओं का स्वागत किया और अतिथियों द्वारा महाविद्यालय की लगभग 1,500 छात्राओं को सीएसआर (CSR) मद के माध्यम से एजुकेशन किट प्रदान की गई। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत अति विशिष्ट अतिथि तथा कलेक्टर कुणाल दुदावत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। 

    एजुकेशन किट वितरण- उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने 1500 छात्राओं को दी सौगात, कॉलेजों में विशाल डोम निर्माण की घोषणा

    *अन्य शासकीय कॉलेजों में भी बनेंगे विशाल डोम*

            शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक विकास पर जोर देते हुए मंत्री देवांगन ने कहा कि मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में डीएमएफ (DMF) मद से विशाल डोम का निर्माण कराया जाएगा।

    *विकास मॉडल के केंद्र में GYAN*

            मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। प्रदेश का विकास मॉडल GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) पर केंद्रित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (GER) वर्ष 2021-22 के 19.6 प्रतिशत से बढ़कर वर्तमान में 27.5 प्रतिशत हो गया है।

    *मेहनत से सफलता के शिखर तक पहुँचें बेटियाँ- महापौर*

           महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने छात्राओं को देश का भविष्य और विकसित भारत की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए निरंतर मेहनत और संघर्ष के साथ सफलता के शिखर तक पहुँचने का आह्वान किया।

    *शिक्षा डीएमएफ की सर्वाेच्च प्राथमिकता- कलेक्टर*

         कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया कि जिले में डीएमएफ मद के कार्यों में शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जिले के छात्र-छात्राओं को देश के किसी भी शासकीय महाविद्यालय में उच्च अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस अवसर पर स्थानीय पार्षद, महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती पपिया चतुर्वेदी, प्राध्यापकगण एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।