Tag: GST

  • भोपाल में गुटखा फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई, संचालक गिरफ्तार; 60 करोड़ की चोरी

    भोपाल में गुटखा फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई, संचालक गिरफ्तार; 60 करोड़ की चोरी

     भोपाल
     गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) इंटेलिजेंस विभाग ने भोपाल में तंबाकू और गुटखा बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारकर 60 करोड़ रुपये से अधिक की कथित टैक्स चोरी का पता लगाया है।

    शहर के नवाबगंज इलाके में स्थित यह फैक्ट्री कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से चलाई जा रही थी और इसके परिसर में मशीनें छिपाई गई थीं। यहां गुरु ब्रांड नाम से तंबाकू उत्पाद बनाए जा रहे थे।

    छापेमारी के दौरान जीएसटी इंटेलिजेंस के अधिकारियों को बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के साक्ष्य मिले। विभाग वित्तीय अनियमितताओं की पूरी स्थिति का पता लगाकर रहा है। इसके लिए जांच जारी है।

    मामले में फैक्ट्री संचालक सुरेश सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। विभागीय अधिकारी यह भी पता कर रहे हैं कि इस फैक्ट्री के संचालन में और किन-किन लोगों की भूमिका है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

  • GST भर्ती परीक्षा में एक जैसे जवाब और नंबर बढ़ने का मामला, 42 टैक्स इंस्पेक्टर्स पर कार्रवाई

    GST भर्ती परीक्षा में एक जैसे जवाब और नंबर बढ़ने का मामला, 42 टैक्स इंस्पेक्टर्स पर कार्रवाई

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ के GST विभाग में वाणिज्यिक कर निरीक्षक बनने वाले 42 कर्मचारियों को अब अपने पुराने पद पर लौटना होगा। इन कर्मचारियों को 2021 और 2022 में हुई सीमित भर्ती परीक्षा के जरिए लिपिक पद से वाणिज्यिक कर निरीक्षक बनाया गया था। बाद में इस भर्ती परीक्षा को लेकर शिकायतें सामने आईं।

    इसके बाद जांच कराई गई। जांच में परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने वाली कई गड़बड़ियां मिलीं। चयनित कर्मचारियों की कॉपियों में एक जैसे जवाब पाए गए। कुछ मामलों में दोबारा जांच के बाद अंक बढ़ने की बात भी सामने आई। वहीं, परीक्षा में कौन-कौन कर्मचारी शामिल हुए थे, इसका उपस्थिति रिकॉर्ड भी नहीं मिला।

    जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य कर आयुक्त पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने परीक्षा और उसके आधार पर हुए चयन को रद्द कर दिया। इसके साथ ही 42 कर्मचारियों को वाणिज्यिक कर निरीक्षक पद से हटाकर उनके मूल लिपिक पद पर वापस भेजने का आदेश जारी किया है।

    जांच में मिलीं कई गड़बड़ियां
    जांच समिति ने पाया कि कई चयनित अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं में एक जैसे जवाब लिखे गए थे। कुछ जवाब मॉडल आंसर से भी काफी हद तक मिलते थे। GST की धाराओं और नियमों से जुड़े सवालों के जवाब में भी ऐसी समानता पाई गई।

    गणित के जवाबों पर भी उठे सवाल
    बताया जा रहा है कि गणित के कुछ सवालों में बिना रफ वर्क किए सीधे उत्तर लिखे मिले। डॉ. खूबचंद बघेल की जीवनी पर पूछे गए निबंध में भी कुछ चयनित कैंडिडेट्स के जवाब एक जैसे पाए जाने की बात सामने आई।

    जांच के दौरान परीक्षा केंद्र की उपस्थिति पंजी ही नहीं मिली। ऐसे में यह साबित करने वाला मूल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था कि परीक्षा में कौन-कौन अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

    किसके कितने नंबर आए, इसका भी पूरा रिकॉर्ड नहीं
    जांच में पाया गया कि परीक्षा की समेकित अंक तालिका तैयार नहीं की गई थी। इससे यह पता लगाना मुश्किल हो गया कि किस अभ्यर्थी को कितने अंक मिले और मेरिट सूची किस आधार पर तैयार हुई।

    उत्तर-पुस्तिकाओं में ऐसी कोडिंग व्यवस्था नहीं थी, जिससे कॉपी जांचते समय अभ्यर्थी की पहचान छिपी रहे। यानी कॉपी जांचने वाले को यह पता चल सकता था कि उत्तर-पुस्तिका किस अभ्यर्थी की है।

    नंबर दोबारा क्यों बढ़ाए गए?
    जांच समिति के मुताबिक, कुछ अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन किया गया। यानी कॉपी एक बार जांचने के बाद दोबारा जांची गई। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ चयनित अभ्यर्थियों के अंक पुनर्मूल्यांकन के बाद बढ़े।

    इसके बाद वे चयन सूची में शामिल हुए। जांच के अनुसार, पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया में चयन समिति से जुड़े अधिकारी भी शामिल थे।

    आरक्षण का नियम भी नहीं अपनाया गया
    जांच में पाया गया कि परीक्षा से पहले पदों का आरक्षण रोस्टर के हिसाब से वर्गवार बंटवारा नहीं किया गया था। किस वर्ग के लिए कितने पद हैं, इसका निर्धारण तय प्रक्रिया के अनुसार नहीं हुआ। विभाग के मुताबिक, इससे पात्र कर्मचारियों को समान अवसर देने की व्यवस्था प्रभावित हुई।

    2021 और 2022 की परीक्षा में इस्तेमाल हुई उत्तर-पुस्तिकाओं का पूरा रिकॉर्ड भी जांच में नहीं मिला। जांच समिति ने अभ्यर्थियों की कॉपियों के साथ परीक्षा सामग्री का रिकॉर्ड भी देखा। इसमें खरीदी गई, इस्तेमाल हुई और बची हुई उत्तर-पुस्तिकाओं की संख्या में अंतर पाया गया।

    अब 42 कर्मचारियों का क्या होगा?
    इन 42 कर्मचारियों को अब वाणिज्यिक कर निरीक्षक के पद पर नहीं रखा जाएगा। उन्हें उनके मूल पद पर वापस भेजा जाएगा। यानी जिस पद और जगह से वे कर निरीक्षक बने थे, उन्हें उसी मूल पद और पदस्थापना पर वापस भेजा जाएगा।

    चयन समिति में ये अधिकारी थे
    सीमित भर्ती परीक्षा की चयन समिति में तत्कालीन अपर आयुक्त कल्पना तिवारी, तत्कालीन संयुक्त आयुक्त और वर्तमान अपर आयुक्त टीआर धुर्वे तथा सहायक आयुक्त रौशन सिंह शामिल थे। भर्ती के समय विभाग के आयुक्त समीर विश्नोई थे।

     

  • जालंधर सराफा बाजार में GST की कार्रवाई, दुकानों में खरीद-बिक्री और बैंक खातों का रिकॉर्ड जांचा

    जालंधर सराफा बाजार में GST की कार्रवाई, दुकानों में खरीद-बिक्री और बैंक खातों का रिकॉर्ड जांचा

    जालंधर 

    जालंधर में सराफा बाजार स्थित हनुमान चौक पर जीएसटी विभाग ने आभूषण की दुकान पर छापेमारी की। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दुकान की बिक्री, खरीद, कंप्यूटर डेटा और बैंक खातों से जुड़े अहम दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।

    वी.के. ज्वैलर्स पर सोमवार को की गई इस कार्रवाई में क्या खामियां मिली हैं या कितनी टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। रेड करीब दो घंटे तक चली। जांच अधिकारी दस्तावेजों और खाते के आंकड़ों का मिलान कर रहे हैं, जिसके बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।

    ग्राहकों और व्यापारियों के लिए जरूरी नियम टैक्स चोरी पर लगाम लगाने और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जीएसटी विभाग ने आम ग्राहकों से विशेष अपील की है। विभाग के अनुसार, ग्राहक जब भी सोने-चांदी या हीरे के आभूषणों की खरीदारी करें तो दुकानदार से हमेशा पक्का जीएसटी इनवॉइस अनिवार्य रूप से लें।

    पक्का बिल टैक्स चोरी रोकने में मदद करता है पक्का बिल न केवल टैक्स चोरी रोकने में मदद करता है, बल्कि आभूषणों की शुद्धता और भविष्य में री-सेल या एक्सचेंज के समय ग्राहक के कानूनी अधिकारों की रक्षा भी करता है। व्यापारियों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने सभी लेन-देन का सही रिकॉर्ड रखें और नियमानुसार बिल जारी करें।

     

  • GST Collection में जोरदार बढ़ोतरी, ₹1.99 लाख करोड़ जुटाए; असम के आंकड़ों ने किया हैरान

    GST Collection में जोरदार बढ़ोतरी, ₹1.99 लाख करोड़ जुटाए; असम के आंकड़ों ने किया हैरान

    नई दिल्ली
     जीडीपी ग्रोथ के बाद जीएसटी कलेक्शन के मोर्चे पर भी अच्छी खबर आई है। अगस्त में जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 14.8 प्रतिशत बढ़कर 1,99,853 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल अगस्त में यह 1,74,116 करोड़ रुपये रहा था। घरेलू लेनदेन से जीएसटी राजस्व 9.3 प्रतिशत बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। वहीं आयात से राजस्व 29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,604 करोड़ रुपये हो गया। जीएसटी कलेक्शन में लगातार तीसरी बार दोहरे अंकों में तेजी आई है। जुलाई में इसमें 15.4% और जून में 13.9% की बढ़त हुई थी।

    सकल केंद्रीय जीएसटी संग्रह अगस्त में 38,413 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी संग्रह 46,316 करोड़ रुपये और एकीकृत जीएसटी संग्रह 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। अगस्त में रिफंड भी 68 प्रतिशत बढ़कर 31,795 करोड़ रुपये हो गया। समीक्षाधीन महीने में शुद्ध जीएसटी संग्रह 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा जो सालाना आधार पर 8.3 प्रतिशत की वृद्धि है।

    सोमवार को आए GDP ग्रोथ के आंकड़े के बाद देश के लिए ये एक और सकारात्‍मक संकेतक है। 

    •     घरेलू लेनदेन से जीएसटी राजस्व 9.3 प्रतिशत बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। 
    •     वहीं आयात से GST आय 29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,604 करोड़ रुपये हो गया। 
    •     CGST यानी केंद्र सरकार के हिस्‍से आने वाला सकल केंद्रीय जीएसटी संग्रह अगस्त में 38,413 करोड़ रुपये रहा। 
    •     वहीं राज्‍यों के हिस्‍से आने वाला SGST यानी राज्य जीएसटी संग्रह 46,316 करोड़ रुपये रहा। 
    •     IGST यानी इंटीग्रेटेड जीएसटी संग्रह 1.15 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा के लेवल पर पहुंच गया। 

    पांच महीनों का लेखा-जोखा
    इस साल अप्रैल-अगस्त की अवधि में कुल GST कलेक्शन 11 प्रतिशत बढ़कर 10.43 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 9.40 लाख करोड़ रुपये था। घरेलू कुल रेवेन्यू में 5.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई जबकि इंपोर्ट से होने वाले रेवेन्यू में 27.3 प्रतिशत का उछाल आया। इस फाइनेंशियल ईयर के पहले पांच महीनों में नेट GST रेवेन्यू 9 प्रतिशत बढ़कर 8.90 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि कुल रिफंड 23.8 प्रतिशत बढ़कर 1.53 लाख करोड़ रुपये हो गए।

    इस महीने में रिफंड 68 प्रतिशत बढ़कर ₹31,795 करोड़ हो गए, जबकि नेट GST कलेक्शन ₹1.68 लाख करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 8.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है। अगस्त में ग्रॉस सेंट्रल GST कलेक्शन ₹38,413 करोड़ था, जबकि स्टेट GST कलेक्शन ₹46,316 करोड़ रहा। इस महीने में इंटीग्रेटेड GST कलेक्शन ₹1.15 लाख करोड़ से ज़्यादा रहा।

    कुल मिलाकर, अगस्त में ग्रॉस GST कलेक्शन बढ़कर लगभग ₹2 लाख करोड़ हो गया, जिसकी मुख्य वजह घरेलू और इंपोर्ट से होने वाली ज़्यादा कमाई थी; हालांकि रिफंड में भी तेज़ी से बढ़ोतरी हुई और नेट कलेक्शन सालाना आधार पर 8.3 प्रतिशत बढ़कर ₹1.68 लाख करोड़ हो गया।

    GST काउंसिल सेक्रेटेरिएट द्वारा जारी एक ऑफिस मेमोरेंडम के अनुसार, GST काउंसिल की 57वीं बैठक 12 सितंबर को सुबह 11 बजे नई दिल्ली में होनी है।

    यूपी में 19% बढ़ोतरी
    बड़े राज्यों में अगस्त में उत्तर प्रदेश में घरेलू GST कलेक्शन में 19% की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद तेलंगाना में 16%, गुजरात में 15%, कर्नाटक और केरल में 13-13% और हरियाणा और पंजाब में 12-12% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। देश की इकॉनमी में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले राज्य महाराष्ट्र में 8% की बढ़ोतरी के साथ कलेक्शन ₹28,779 करोड़ हो गया।

    असम ने चौंकाया
    इस बीच दक्षिणी राज्य तमिलनाडु के कलेक्शन में 1 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि ओडिशा और आंध्र प्रदेश में 7-7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। राजस्थान और गोवा में कलेक्शन 2 प्रतिशत कम हुआ। असम में इस महीने के दौरान जीएसटी रेवेन्यू में 162 प्रतिशत की असाधारण रूप से तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले साल अगस्त में यह 1,403 करोड़ रुपये था जबकि इस बार 3,679 करोड़ रुपये रहा।

  • कागजों पर 76 करोड़ का कारोबार, 8.22 करोड़ की संदिग्ध ITC; GST की बड़ी कार्रवाई में कारोबारी अरेस्ट

    कागजों पर 76 करोड़ का कारोबार, 8.22 करोड़ की संदिग्ध ITC; GST की बड़ी कार्रवाई में कारोबारी अरेस्ट

    राजनांदगांव में 76 करोड़ रुपये की फर्जी बिल ट्रेडिंग का खुलासा, संचालक गिरफ्तार

    राज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 8.22 करोड़ रुपये की संदिग्ध आईटीसी का मामला उजागर

    रायपुर
    राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी), छत्तीसगढ़ द्वारा कर चोरी एवं फर्जी बिलिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया गया है।

    विभागीय जांच में सामने आया है कि फर्म द्वारा पिछले लगभग छह माह के दौरान करीब 76 करोड़ रुपये के लेन-देन केवल कागजी रूप से दर्शाए गए। उपलब्ध अभिलेखों, जीएसटी रिटर्न तथा अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण में 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) संदिग्ध पाई गई, जिसके माध्यम से शासन को राजस्व हानि पहुंचाने का प्रयास किया गया।

    प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि फर्म ने पश्चिम बंगाल स्थित संदिग्ध फर्मों से आयरन एवं स्टील की वास्तविक खरीदी किए बिना करोड़ों रुपये के खरीदी बिल प्राप्त किए थे। इन बिलों के आधार पर फर्जी आईटीसी का लाभ लिया गया तथा आगे अन्य करदाताओं को भी इसका लाभ हस्तांतरित किया गया।

    जांच के दौरान अधिकांश आपूर्तिकर्ता फर्मों के जीएसटी पंजीयन निरस्त पाए गए तथा उनके द्वारा वास्तविक व्यापार किए जाने के कोई विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुए। विभाग के अनुसार यह पूरा लेन-देन केवल पेपर ट्रेडिंग (कागजी बिलिंग) एवं बोगस आईटीसी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है।

    जांच में यह भी सामने आया कि जिन फर्मों से खरीदी दर्शाई गई थी, उनमें से कई केवल फर्जी बिल जारी करने एवं अवैध आईटीसी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थीं। उपलब्ध तथ्यों से संकेत मिलता है कि माल का वास्तविक आवागमन नहीं हुआ और केवल बिलों के माध्यम से कर लाभ प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई थी।

    प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने के बाद राज्य कर विभाग ने आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में कई अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। विभाग बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों तथा संबंधित व्यापारिक इकाइयों की भूमिका की गहन जांच कर रहा है।

    राज्य कर विभाग का मानना है कि आगे की जांच में इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा तथा फर्जी बिलिंग और बोगस आईटीसी जैसे अवैध कृत्यों पर प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

  • GST कलेक्शन ने बनाया रिकॉर्ड, अप्रैल में 2.43 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा आंकड़ा

    GST कलेक्शन ने बनाया रिकॉर्ड, अप्रैल में 2.43 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा आंकड़ा

    नई दिल्ली
     ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में भारी इजाफा हुआ है। इससे भारत में आर्थिक गतिविधियों पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ा है। देश में अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन 2.42 लाख करोड़ रुपये के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। नए वित्त वर्ष के पहले महीने जीएसटी कलेक्शन में भारी उछाल इस बात का संकेत है कि देश की इकॉनमी तेजी से आगे बढ़ रही है। अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन में पिछले साल के मुकाबले 8.7 फीसदी की तेजी आई है।

    इससे पहले एक महीने में सबसे अधिक जीएसटी कलेक्शन का रेकॉर्ड पिछले साल अप्रैल में बना था। उस महीने यह 2.37 लाख करोड़ रहा था। इस बार नेट जीएसटी कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल की तुलना में 7.3 फीसदी अधिक है। अप्रैल में टोटल रिफंड भी 19.3 फीसदी बढ़कर 31,793 करोड़ रुपये रहा। इस तरह नेट जीएसटी रेवेन्यू 2,10,909 करोड़ रुपये रहा। इसमें इम्पोर्ट लिंक्ड रेवेन्यू की मजबूत भूमिका रही।

    रेकॉर्ड पर जीएसटी कलेक्शन

        अप्रैल में GST कलेक्शन 2.42 लाख करोड़ के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
        यह कलेक्शन पिछले साल अप्रैल की तुलना में 8.7 फीसदी अधिक है
        पिछले साल अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन ₹2.37 लाख करोड़ रहा था
        नेट जीएसटी कलेक्शन भी 7.3% बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपये रहा
        महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु और यूपी सबसे आगे

    आयात से होने वाली कमाई में क्या रही खास बात?
    अप्रैल के जीएसटी कलेक्शन में एक खास बात आयात से जुड़ी जीएसटी रेवेन्यू के दबदबे का कायम रहना रहा। आयात पर आईजीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर लगभग 26% तो नेट कस्टम जीएसटी रेवेन्यू 42.9% की रफ्तार से बढ़ा, जो वैश्विक अस्थिरता के बावजूद कारोबार की मजबूती को दिखा रहा है। डेलाइट इंडिया के इनडायरेक्ट टैक्स पार्टनर एमएस मणि के मुताबिक इससे आयात में तेजी का पता चलता है, लेकिन उनका यह भी कहना है कि कस्टम कलेक्शंस के आंकड़े नहीं होने के चलते इस तेज उछाल के कारणों का सटीक पता लगाना मुश्किल है।

    घरेलू खपत स्थिर लेकिन ग्रोथ धीमी
    आयात ने ओवरऑस ग्रोथ को तगड़ा सपोर्ट मिला लेकिन घरेलू जीएसटी कलेक्शन इसकी तुलना में सुस्त रही। ग्रास डोमेस्टिक रेवेन्यू अप्रैल महीने में सालाना आधार पर 4.3% की रफ्तार से बढ़कर ₹1.85 लाख करोड़ पर पहुंचा जिससे सितंबर 2025 में जीएसटी दरों में कटौती के बाद भी खपत में स्थिर रुझान का संकेत मिला है। एमएस मणि का कहना है कि दरों में तेज कटौती के बावजूद घरेलू खपत पर जीएसटी कलेक्शन का बढ़ना खपत में अच्छी बढ़ोतरी का संकेत है। हालांकि एक अहम बात ये है कि यह ग्रोथ सभी राज्यों में एक जैसी नहीं रही। कुछ बड़ी मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमिंग स्टेट्स में लो-सिंगल-डिजिट ग्रोथ रही जैसे कि गुजरात में 3% और महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा में करीब 5% की ग्रोथ रही।

    ग्रास कलेक्शन में तेज उछाल लेकिन नेट रेवेन्यू की रफ्तार सुस्त
    मजबूत ग्रास के बावजूद नेट जीएसटी रेवेन्यू ग्रोथ सुस्त रही और यह सालाना आधार पर 7.3% बढ़कर ₹2.11 लाख करोड़ तक पहुंचा। इसकी मुख्य वजह रिफंड की अधिक स्पीड रही। अप्रैल में सालाना आधार पर टोटल रिफंड 19.3% की रफ्तार से बढ़ा तो घरेलू रिफंड 54% से अधिक बढ़ गया। टैक्स कनेक्ट एडवायजरी सर्विसेज एलएलपी के विवेक जालान का कहना है कि नेट डोमेस्टिक कलेक्शंस में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, क्योंकि रिफंड में तेज बढ़ोतरी हुई।

    टॉप 5 राज्य
    अप्रैल में ग्रॉस इम्पोर्ट रेवेन्यू 25.8 फीसदी उछलकर 57,580 करोड़ रुपये पहुंच गया जबकि ग्रॉस डोमेस्टिक रेवेन्यू 4.3 फीसदी तेजी के साथ 1.85 लाख करोड़ रुपये रहा। कस्टम से नेट रेवेन्यू यानी आयात पर जीएसटी में 42.9 फीसदी तेजी आई जबकि नेट डोमेस्टिक रेवेन्यू में केवल 0.3 फीसदी तेजी रही। इससे साफ है कि अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन में तेजी में एक्सटरनल ट्रेड की अहम भूमिका रही।

    जीएसटी कलेक्शन में टॉप पांच राज्यों में महाराष्ट्र (13,793 करोड़ रुपये), कर्नाटक (5,829 करोड़ रुपये), गुजरात (5,455 करोड़ रुपये), तमिलनाडु (4,724 करोड़ रुपये) और उत्तर प्रदेश (4,399 करोड़ रुपये) शामिल हैं। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 8.3 प्रतिशत बढ़कर 22.27 लाख करोड़ रुपए हो गया। पिछले वित्त वर्ष (2025) में यह 20.55 लाख करोड़ रुपये था। नेट जीएसटी कलेक्शन 19.34 लाख करोड़ रुपये रहा जो वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 7.1% अधिक है। यह वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत आर्थिक गतिविधि का संकेत देता है।

  • यूपी में 200 करोड़ की GST धोखाधड़ी: एसटीएफ ने गुजरात से आरोपी को दबोचा

    यूपी में 200 करोड़ की GST धोखाधड़ी: एसटीएफ ने गुजरात से आरोपी को दबोचा

     लखनऊ

    उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने फर्जी फर्मों के जरिए करीब 200 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में एसटीएफ ने गुजरात के अहमदाबाद से गैंग के अहम सदस्य मोहम्मद अल्ताफ सोजतवाला को पकड़ा है. यह नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ था और लंबे समय से संगठित तरीके से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान पहुंचा रहा था। 

    एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी के पास से लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और नकदी बरामद हुई है. जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अपने साथियों, जिनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट आकाश पीयूष सोनी समेत अन्य लोग शामिल हैं, इनके साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्मों का पंजीकरण कराता था। 

    इन फर्जी कंपनियों के जरिए फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे, जिससे वास्तविक कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) उपलब्ध कराया जाता और बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जाती थी। 

    पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह लोगों को कमीशन और लालच देकर उनके पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज हासिल करता था. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनियां खोलकर बैंक खातों के जरिए लेनदेन दिखाया जाता था. बाद में रकम को नकद या दूसरे माध्यमों से वापस कर दिया जाता था। 

    एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि यह गैंग गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में एक्टिव था. अलीगढ़ में दर्ज एक केस की जांच के दौरान इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। 

    फिलहाल एसटीएफ आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है. साथ ही गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।