Tag: Governor Deka

  • राज्यपाल डेका की पदयात्रा में गूंजा नशा मुक्ति का संदेश, गांधी-शास्त्री को दी श्रद्धांजलि

    राज्यपाल डेका की पदयात्रा में गूंजा नशा मुक्ति का संदेश, गांधी-शास्त्री को दी श्रद्धांजलि

    नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ राज्यपाल डेका ने की पदयात्रा

    महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित कर डॉ. अंबेडकर को किया नमन

    रायपुर,
    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रायपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ पदयात्रा आयोजित की गई। राज्यपाल रमेन डेका पदयात्रा में शामिल हुए और नागरिकों को नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।

            राज्यपाल डेका ने टाउन हॉल परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने टाउन हॉल से शुरू हुई पदयात्रा में सहभागिता की। पदयात्रा के दौरान भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।

           टाउन हॉल रायपुर से प्रारंभ होकर पदयात्रा अंबेडकर चौक पहुंची, जहां राज्यपाल डेका ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक सहभागिता और जनजागरूकता को महत्वपूर्ण बताया।

             पदयात्रा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी सहित बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, विद्यार्थी और शहर के नागरिक शामिल हुए। पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

  • ‘डिजिटल एडिक्शन सबसे खतरनाक नशा’, ICFAI विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल डेका ने किया आगाह

    ‘डिजिटल एडिक्शन सबसे खतरनाक नशा’, ICFAI विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल डेका ने किया आगाह

    डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक – राज्यपाल  डेका

    आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल हुए शामिल

    19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित

    504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई

    रायपुर, 
     राज्यपाल रमेन डेका आज आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में वर्ष 2025 एवं वर्ष 2026 शैक्षणिक सत्र  के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक प्रदान किए गए,  जिनमें 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया शामिल हैं। स्नातकोत्तर एवं स्नातक स्तर पर कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई

    विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचने सलाह

            राज्यपाल डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं, जबकि हम उस दौर के विद्यार्थी हैं, जब शिक्षा चाक ,पेंसिल पुस्तकों और गुरुओं के माध्यम से प्राप्त करते थे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज बहुत जरूरी है, लेकिन इसका उपयोग उतना ही होना चाहिए, जितना मानव समाज के हित में आवश्यक है। आज डिजिटल एडिक्शन किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रो प्लास्टिक आज दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। 21वीं सदी में विकास के साथ उसके दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा और सतत विकास को प्राथमिकता देनी होगी।

    विद्यार्थियों पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रहें

            राज्यपाल ने विद्यार्थियों को भगवत गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि कर्म ही जीवन है। हमें इस बात की चिंता किए बिना कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं, अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपका ज्ञान कोई आपसे नहीं छीन सकता। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और सही रास्ते पर आगे बढ़ें।

    विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए

           डेका ने कहा कि विद्यार्थियों ने ज्ञान और डिग्री इसलिए हासिल की है कि उसका उपयोग मानव समाज के हित में हो। विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में है और यह देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अब छत्तीसगढ़ को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।

           समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं डिफेंस साइंटिस्ट डॉ. वी. सतीश रेड्डी तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आर.पी. कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने दिया और विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की शासी परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे।

  • ‘पत्रकारिता में सत्य और जनहित सर्वोपरि’, राज्यपाल डेका ने कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय में AI-मीडिया शोध केंद्र का किया उद्घाटन

    ‘पत्रकारिता में सत्य और जनहित सर्वोपरि’, राज्यपाल डेका ने कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय में AI-मीडिया शोध केंद्र का किया उद्घाटन

    पत्रकारिता में सत्य, तथ्य और जनहित सर्वाेच्च प्राथमिकता हो – राज्यपाल डेका

    राज्यपाल ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में कन्या छात्रावास, मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का किया शुभारंभ

    रायपुर

    राज्यपाल रमेन डेका ने आज कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का उद्घाटन भी किया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन विश्वविद्यालय के लिए विशेष महत्व रखता है। सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा के प्रसार और नारी सशक्तिकरण के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनके नाम पर कन्या छात्रावास का नामकरण छात्राओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह छात्रावास दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनकी उच्च शिक्षा और प्रतिभा विकास में सहायक होगा।

            राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगमन से मीडिया और पत्रकारिता के स्वरूप में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। ऐसे समय में विश्वविद्यालय में स्थापित मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने तथा उनके जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालय के प्रेरणा स्त्रोत स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे जी की प्रतिमा में श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। उन्होंने स्व. ठाकरे जी के सानिध्य में बिताए गए अवसरों और प्रेरणादायी उद्धरणों को साझा किया।

            डेका ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना प्रत्येक पत्रकार का दायित्व है। समाचारों में तथ्य, सत्य और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के संबंध में समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूर्ण पुष्टि आवश्यक है, क्योंकि एक समाचार का प्रभाव व्यक्ति और समाज दोनों पर पड़ सकता है।

           डेका ने कहा कि सोशल मीडिया के वर्तमान दौर में सूचनाओं का तेजी से प्रसार हो रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर उपलब्ध प्रत्येक सामग्री सत्य हो, यह आवश्यक नहीं है। ऐसे में पत्रकारों को तथ्यों की जांच-पड़ताल के बाद ही समाचारों को प्रसारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। एक श्रेष्ठ पत्रकार वह नहीं जो सबसे पहले खबर दे, बल्कि वह है जो सही, तथ्यपरक और जिम्मेदारी के साथ खबर दे।

            राज्यपाल ने प्रिंट मीडिया के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, एआई और सोशल मीडिया के आधुनिक दौर में भी प्रिंट मीडिया आज भी विश्वसनीय माध्यम समाज में बना हुआ है। पत्रकारिता को समाज के अंतिम व्यक्ति की आवश्यकताओं और समस्याओं को सामने लाने तथा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए  अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में अनेक ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए हैं, लेकिन वे व्यापक रूप से पहचाने नहीं जा सके। ऐसे अनसुने नायक-नायिकाओं के कार्यों को समाचारों और लेखों के माध्यम से समाज के सामने लाने से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।

           राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने तथा कम से कम एक हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों की आवश्यक मान्यता सुनिश्चित करने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

          कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज दयाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशुतोष मंडावी विभागाध्यक्ष प्रबंधन और आभार प्रदर्शन सुनील कुमार शर्मा कुलसचिव ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षक, प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।दुबई में इथियोपिया के राष्ट्रपति से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से लेकर छात्र कल्याण तक, राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालयों की तय की प्राथमिकताएं

    गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से लेकर छात्र कल्याण तक, राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालयों की तय की प्राथमिकताएं

    विद्यार्थियों का कल्याण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हो विश्वविद्यालयों की सर्वोच्च प्राथमिकता – राज्यपाल  डेका

    निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में नैक ग्रेडिंग, पीएचडी  की गुणवत्ता, पाठ्यक्रमों और सामाजिक दायित्वों की समीक्षा

    रायपुर
    राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि विद्यार्थियों का कल्याण विश्वविद्यालयों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विश्वविद्यालय शिक्षा के पवित्र मंदिर हैं, इसलिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।

               राज्यपाल रमेन डेका ने आज निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक लेकर विश्वविद्यालयों में शिक्षा एवं शोध की गुणवत्ता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को नैक (NAAC) में बेहतर ग्रेडिंग प्राप्त करने के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों का अनुपात संतुलित होना चाहिए तथा विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। प्रत्येक विश्वविद्यालय में कम से कम 1000 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करने को कहा।

    विश्वविद्यालय द्वारा शोधार्थियों को प्रोत्साहित करना चाहिए

           डेका ने कहा कि पीएच.डी. उपाधि प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी होनी चाहिए। पीएच.डी. के लिए होने वाले पंजीयनों की विशेषज्ञों के माध्यम से रैंडम चेकिंग कराई जाएगी, ताकि शोध कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल उपाधि प्रदान करने तक सीमित न रहकर ऐसे शोध को प्रोत्साहित करना चाहिए, जिसका समाज और देश के विकास में वास्तविक योगदान हो।

    रोजगार एवं भविष्य की संभावनाओं वाले विषयों को प्राथमिकता दें

            राज्यपाल ने कहा कि कोई भी नया पाठ्यक्रम प्रारंभ करने से पहले विश्वविद्यालय संबंधित क्षेत्र में सर्वेक्षण कर आवश्यकता और विद्यार्थियों की रुचि का आकलन करें। जिन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या नहीं है, उन्हें बंद करने पर विचार किया जाए। अनावश्यक रूप से पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़ाने के बजाय रोजगार एवं भविष्य की संभावनाओं वाले विषयों को प्राथमिकता दी जाए।

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप इंटीग्रेटेड कोर्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल

              डेका ने एनवायरनमेंटल साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप इंटीग्रेटेड कोर्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।

    विश्वविद्यालय गोद लिए गए गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका हो

           डेका ने सभी निजी विश्वविद्यालयों को अपने आसपास के गांवों को गोद लेकर वहां शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नियमित कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को अपने सामाजिक दायित्वों को प्रभावी ढंग से निभाना चाहिए। गोद लिए गए गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के साथ ब्रेस्ट कैंसर सर्वे जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी विश्वविद्यालय सक्रिय भूमिका निभाएं।

    स्वास्थ्य के लिए योग और ध्यान महत्वपूर्ण

           राज्यपाल ने विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग और ध्यान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को प्रत्येक विद्यार्थी तक योग पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। विद्यार्थियों को योग के लिए इस प्रकार प्रेरित किया जाए कि यह उनकी दैनिक जीवनशैली और आदत का हिस्सा बन जाए।

    छत्तीसगढ़ी भाषा से जुड़े विषयों पर शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा दें

         डेका ने छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए विश्वविद्यालयों  को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ी भाषा से जुड़े विषयों पर शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर भाषा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

    फार्मेसी पाठ्यक्रम की गुणवत्ता के लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें 

               राज्यपाल ने कहा कि फार्मेसी सीधे मानव स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए जिन विश्वविद्यालयों में फार्मेसी पाठ्यक्रम संचालित हैं, वहां विद्यार्थियों के बेहतर व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ टाई-अप किया जाए। उन्होंने फार्मेसी पाठ्यक्रम की गुणवत्ता के लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें

                डेका ने विश्वविद्यालयों से नशा मुक्ति अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें नशे से दूर रखने में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, रोजगारपरक शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के बीच बेहतर समन्वय करें

              राज्यपाल ने निजी विश्वविद्यालयों को शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, रोजगारपरक शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

              बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, उच्च शिक्षा सचिव अविनाश चंपावत, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष वी. के. गोयल सहित विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।

  • विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाना सर्वाेच्च प्राथमिकता – राज्यपाल  डेका

    विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाना सर्वाेच्च प्राथमिकता – राज्यपाल डेका

    रायपुर

    विभिन्न शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों की बैठक

    राज्यपाल  रमेन डेका ने आज प्रदेश के विभिन्न शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों की बैठक लेकर विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की संख्या, रिक्त पदों की पूर्ति, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन तथा नवाचार एवं स्टार्टअप गतिविधियों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की।  
             
    राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में सीटों के अनुपात में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और इस दिशा में प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में जहां भी व्यवस्थागत कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाए तथा शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए सभी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
     

    ’विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए’
            
    राज्यपाल  डेका ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए उन्हें शीघ्र भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में नियमानुसार स्थानीय योग्य एवं प्रतिभाशाली लोगों को प्राथमिकता देने के प्रयास किए जाएं, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर मिल सके।  डेका ने विश्वविद्यालयों की नैक  (NAAC) एवं एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय अपनी रैंकिंग में सुधार के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करें।

    ’नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ संकल्प अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ा’
           
     राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को अपने आसपास के गांवों को गोद लेकर वहां इनोवेशन एवं स्टार्टअप गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में उपलब्ध ज्ञान, विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए। विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार एवं उद्यमिता से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ संकल्प अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को खेलकूद के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। 
    ’परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं लीक-प्रूफ बनाने पर विशेष जोर’
            
     राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में इंटरनल ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने तथा इसके लिए इंटरनल कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं लीक-प्रूफ बनाने पर विशेष जोर देते हुए इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों में परीक्षा नियंत्रकों की आधिकारिक नियुक्ति सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने आयुष विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित निजी मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि इन संस्थानों का संचालन निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप सुनिश्चित हो।
            
    बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव कृषि विभाग डॉ. सिद्धार्थ कोमल परदेशी, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव  अविनाश चंपावत, चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त  रितेश अग्रवाल, सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रदेश के विभिन्न शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिव उपस्थित थे।

  • राज्यपाल डेका से निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने की भेंट

    राज्यपाल डेका से निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने की भेंट

    राज्यपाल डेका से निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने की भेंट

    रायपुर
    राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में राज्य के निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित प्रावधानों पर राज्यपाल से विचार-विमर्श किया। डेका ने राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के विस्तार के सबंद्ध में अपने विचार साझा किए।

    इस अवसर पर मैट्स विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति गजराज पगारिया, शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई दुर्ग के कुलाधिपति आईपी मिश्रा, भारती विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलाधिपति सुशील चंद्राकर, कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति डॉ. संदीप अरोड़ा, आईएसबीएम विश्वविद्यालय, गरियाबंद और रायपुर के कुलपति डॉ. आनंद महलवार, अंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति अभिषेक अग्रवाल, दावड़ा विश्वविद्यालय रायपुर के सीईओ चिन्मय दावड़ा, कोलंबिया विश्वविद्यालय रायपुर के प्रो. कुलाधिपति हरजीत सिंह हूरा उपस्थित थे।