Tag: Goddess Durga

  • मां दुर्गा शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा की प्रतीक, उनकी आराधना हमें सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की देती है प्रेरणा : मुख्यमंत्री

    मां दुर्गा शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा की प्रतीक, उनकी आराधना हमें सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की देती है प्रेरणा : मुख्यमंत्री

    रायपुर 

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित प्रसिद्ध मां काली मंदिर, कालीबाड़ी एवं दुर्गा पूजा पंडाल पहुंचे। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से मां काली एवं मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना की। उन्होंने मां के चरणों में शीश नवाकर छत्तीसगढ़ में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने का आशीर्वाद मांगा।

    मुख्यमंत्री  साय ने श्रद्धा एवं भक्तिभाव से मां भगवती की आराधना करते हुए प्रदेश की निरंतर प्रगति तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि शक्ति की आराधना का यह पावन अवसर हमें अपनी आस्था, संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ता है। मां दुर्गा शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा की प्रतीक हैं। उनकी आराधना हमें जीवन की चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करने तथा सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान अपनी समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और धार्मिक आस्था से भी है। हमारे पर्व और उत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करने वाले अवसर भी हैं। ऐसे आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक सूत्र में जोड़ते हैं और नई पीढ़ी को हमारी सांस्कृतिक विरासत तथा जीवन मूल्यों से परिचित कराते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि और दुर्गा पूजा के अवसर पर पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण है। शक्ति की उपासना का यह पर्व हमें मातृशक्ति के सम्मान और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका का भी स्मरण कराता है। हमारी संस्कृति में नारी शक्ति को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया गया है।

    मुख्यमंत्री  साय ने मां भगवती से प्रार्थना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार में सुख-शांति बनी रहे, किसानों के खेतों में समृद्धि आए, युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिले और माताओं-बहनों के जीवन में खुशहाली आए। मां भगवती की कृपा से हमारा छत्तीसगढ़ विकास, समृद्धि और खुशहाली के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

    मुख्यमंत्री  साय ने कालीबाड़ी मंदिर एवं दुर्गा पूजा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की और सभी को नवरात्रि एवं दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं। श्रद्धालुओं एवं समाजजनों ने भी मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया।

    इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा, बंगाली कालीबाड़ी समिति रायपुर के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

  • चैत्र नवरात्रि 2026: घर में नहीं होनी चाहिए ये 5 चीजें, तभी बरसेगी मां दुर्गा की कृपा

    चैत्र नवरात्रि 2026: घर में नहीं होनी चाहिए ये 5 चीजें, तभी बरसेगी मां दुर्गा की कृपा

    चैत्र नवरात्रि केवल उपवास और पूजा-पाठ का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने अंतर्मन और परिवेश को शुद्ध करने का एक पावन अवसर भी है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि नवरात्रि के नौ दिनों में आदिशक्ति मां दुर्गा स्वयं धरती पर पधारती हैं और अपने भक्तों के घर में वास करती हैं। माता रानी के स्वागत के लिए केवल मन की शुद्धि ही काफी नहीं है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारे घर में रखी कुछ चीजें नकारात्मक ऊर्जा का संचय करती हैं, जो सुख-समृद्धि के मार्ग में अदृश्य बाधाएं उत्पन्न कर सकती हैं। यदि घर में वास्तु दोष हो या भारी मात्रा में नकारात्मक ऊर्जा जमा हो, तो कठिन पूजा-अर्चना के बाद भी वह शुभ फल प्राप्त नहीं हो पाता जिसकी हम कामना करते हैं। 19 मार्च 2026 से शुरू हो रहे नव-संवत्सर और चैत्र नवरात्रि से पहले यह अत्यंत आवश्यक है कि हम अपने आशियाने को उन वस्तुओं से मुक्त करें जो दरिद्रता और अशांति को निमंत्रण देती हैं। घर के कोनों में छिपा कबाड़ या टूटी-फूटी वस्तुएं न केवल धन के प्रवाह को रोकती हैं, बल्कि परिवार के सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालती हैं। तो आइए जानते हैं, वास्तु के उन 5 खास नियमों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप नवरात्रि से पहले अपने घर का कायाकल्प कर सकते हैं।

    खंडित मूर्तियां या फटे हुए धार्मिक चित्र
    अक्सर हम अनजाने में घर के मंदिर में ऐसी मूर्तियां रखे रहते हैं जो कहीं से खंडित होती हैं या देवी-देवताओं के चित्र फटे हुए होते हैं। वास्तु के अनुसार, ऐसी मूर्तियां घर में दुख और अशांति का कारण बनती हैं। नवरात्रि शुरू होने से पहले इन्हें पूरे सम्मान के साथ किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें या पीपल के पेड़ के नीचे रख आएं।

    खराब या बंद पड़ी घड़ियां
    वास्तु में रुकी हुई घड़ी को 'ठहरे हुए भाग्य' का प्रतीक माना जाता है। बंद पड़ी घड़ियां घर की प्रगति को रोकती हैं और नकारात्मक ऊर्जा पैदा करती हैं। यदि आपके घर में कोई ऐसी घड़ी है जो काफी समय से बंद है या टूटी हुई है, तो उसे तुरंत ठीक कराएं या घर से बाहर निकाल दें।

    टूटे हुए कांच और बर्तन
    टूटे हुए शीशे या चटके हुए बर्तन घर में दरिद्रता (गरीबी) को न्योता देते हैं। नवरात्रि के दौरान माता का भोग लगाने के लिए साफ और अखंडित बर्तनों का ही उपयोग होना चाहिए। इसलिए, रसोईघर या श्रृंगार दान में रखे टूटे हुए कांच के सामान को हटाना ही श्रेयस्कर है।

    फटे-पुराने जूते और चप्पल
    वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार या अलमारी के नीचे रखे फटे-पुराने जूते-चप्पल नकारात्मकता का सबसे बड़ा स्रोत होते हैं। यह शनि दोष का भी कारण बन सकते हैं। नवरात्रि से पहले घर के कोनों की सफाई करें और जो जूते उपयोग में नहीं हैं, उन्हें हटा दें ताकि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे।

    कबाड़ और बेकार का सामान
    घर की छत या स्टोर रूम में रखा पुराना कबाड़, जंग लगा लोहा या रद्दी कागज मानसिक तनाव का कारण बनते हैं। माता अंबे की कृपा पाने के लिए घर के वातावरण को हल्का और खुला रखना जरूरी है। कबाड़ हटाने से घर में 'प्राण ऊर्जा' का संचार बढ़ता है और आर्थिक तंगी दूर होती है।