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  • खाद्य विभाग की जांच में बड़ा खुलासा, पैक्ड घी में खतरनाक सीसा तय मानक से 10 गुना अधिक

    खाद्य विभाग की जांच में बड़ा खुलासा, पैक्ड घी में खतरनाक सीसा तय मानक से 10 गुना अधिक

    इंदौर
     मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में लोगों की सेहत के साथ एक बड़ा खिलवाड़ सामने आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की हालिया जांच में पैक्ड घी के नाम पर जहर बिकने की बात उजागर हुई है।जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि बीते तीन महीने यानी जुलाई से सितंबर के दौरान लिए गए घी के नमूनों में भारी मिलावट और स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक 'सीसा' पाया गया है।

    जांच के चौंकाने वाले आंकड़े

    कुल जांचे गए सैंपल- 96

    फेल हुए सैंपल- 28 (जिनमें 24 असुरक्षित और 4 अवमानक पाए गए)
    बाजार में पहुंचा दूषित घी

    मिली जानकारी के अनुसार, असुरक्षित पाए गए 24 सैंपलों से करीब 17000 लीटर घी का स्टॉक जुड़ा हुआ है। विभाग की कार्रवाई से पहले ही इसका 15 से 20% हिस्सा यानी लगभग 2550 से 3400 लीटर बाजारों तक पहुंचकर बिक चुका है। ये ज्यादातर मिलावटी और असुरक्षित ब्रांड गुजरात और महाराष्ट्र की कंपनियों के बताए जा रहे हैं।

    किन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई?
    खाद्य सुरक्षा विभाग ने इंदौर के कई प्रमुख इलाकों में डिपो और विक्रेताओं के ठिकानों पर यह कार्रवाई की है। 

        लसूड़िया, देवास नाका और बांगड़दा।
        सियागंज, पालदा और लोहामंडी।
        मल्हारगंज और राजेंद्र नगर।

    घी में 'सीसा' आया कहां से?
    विशेषज्ञों के अनुसार, नकली या घटिया घी को असली जैसा दिखाने के लिए उसमें मिलाए जाने वाले हानिकारक रंग, केमिकल या तेल/वसा में सीसा हो सकता है। इसके अलावा, प्लास्टिक की पैकेजिंग और स्टोरेज के ड्रमों के संपर्क में आने से भी घी में सीसे के अंश घुलने की आशंका जताई गई है।

    सेहत के लिए कितना खतरनाक है सीसा?
    घी में सीसे की स्वीकार्य सीमा 0.02 mg/kg होती है, लेकिन जांचे गए 10 सैंपलों में यह मात्रा 0.10 से 0.21 mg/kg यानी तय सीमा से 5 से 10.5 गुना तक ज्यादा मिली है। इसका अलग-अलग वर्गों पर बेहद घातक असर पड़ता है।

    बच्चों पर कैसा असर?
    बच्चों पर इसके असर की बात करें तो इससे बच्चों के IQ स्तर में कमी और सीखने की क्षमता कमजोर हो सकती है। एकाग्रता की कमी और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। शरीर और हड्डियों का विकास धीमा पड़ सकता है।

    वयस्कों पर कैसा पड़ता है असर?
    इसके लगातार सेवन से वयस्को को हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यह धीरे-धीरे गुर्दों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। साथ ही शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण में रुकावट पैदा करता है।

    गर्भवती महिलाओं पर असर भी समझिए
    बता दें कि गर्भावस्था के दौरान सीसे के संपर्क में आने से गर्भपात, समय से पहले प्रसव, या होने वाले नवजात शिशु के दिमागी विकास पर बुरा असर पड़ सकता है।

     

  • पंजाब में नकली घी का बड़ा खेल उजागर, स्वास्थ्य विभाग ने 22 हजार लीटर संदिग्ध देसी घी पकड़ा

    पंजाब में नकली घी का बड़ा खेल उजागर, स्वास्थ्य विभाग ने 22 हजार लीटर संदिग्ध देसी घी पकड़ा

    फरीदकोट
    फरीदकोट स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोटकपूरा में सूचना के आधार पर पकड़े गए 22 हजार लीटर संदिग्ध देसी घी से भरे टैंकर से लिए गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट फेल आई है। रिपोर्ट में सैंपल अनसेफ पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने टैंकर चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही विभाग की ओर से पुलिस को शिकायत देकर आपराधिक मामला दर्ज करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    इस मामले में फूड सेफ्टी अधिकारी नवदीप सिंह चहल ने बताया कि जांच रिपोर्ट में सैंपल अनसेफ पाए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद विभाग की ओर से नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।जानकारी के मुताबिक, जीएसटी विभाग की इंटेलिजेंस विंग को सूचना मिली थी कि ग्रेटर नोएडा से देसी घी से भरा टैंकर कोटकपूरा आ रहा है। इस संबंध में जीएसटी विभाग ने स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया। 

    इसके बाद गुरुवार रात फूड कमिश्नर अमित जोशी के नेतृत्व में चंडीगढ़ से टीम कोटकपूरा पहुंची। टीम ने फरीदकोट के फूड सेफ्टी अधिकारी नवदीप सिंह चहल के नेतृत्व वाली टीम के साथ मिलकर फरीदकोट रोड स्थित फैक्ट्री में पहुंचे टैंकर को कब्जे में लिया। टैंकर से घी के सैंपल एकत्रित कर जांच के लिए भेजे गए। 

    .फूड सेफ्टी अधिकारी नवदीप सिंह चहल ने बताया कि टैंकर से लिए गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट फेल आई है। रिपोर्ट में सैंपल अनसेफ पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने टैंकर चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • भारतीय घी की बढ़ी शान, वर्ल्ड रैंकिंग के टॉप-10 में जगह बनाने वाले ये दो देसी ब्रांड

    भारतीय घी की बढ़ी शान, वर्ल्ड रैंकिंग के टॉप-10 में जगह बनाने वाले ये दो देसी ब्रांड

     नई दिल्ली

    भारत का देसी घी अब दुनिया के मशहूर डेयरी उत्पादों के बीच भी अपनी पहचान बना रहा है. फूड से जुड़ी रैंकिंग जारी करने वाले प्लेटफॉर्म टेस्टएटलस (TasteAtlas) ने दुनिया के सबसे बेहतरीन और मशहूर बटर की ​रैंकिंग जारी की है. इसमें भारत के दो घी प्रोडक्ट्स को जगह मिली है. गिरऑर्गेनिक का ए2 गिर काउ घी (GirOrganic’s A2 Gir Cow Ghee) और अमूल का प्योर घी (Amul’s Pure Ghee) इस रैंकिंग में 6ठें स्थान पर हैं। 

    टेस्टएटलस ने यह रैंकिंग सोशल मीडिया पर शेयर की है. प्लेटफॉर्म के मुताबिक, किसी बटर या घी को रैंकिंग देने और लिस्ट में शामिल करते समय उसकी गुणवत्ता, उसे बनाने का तरीका, उसकी खास पहचान, इतिहास और सांस्कृतिक महत्व जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। 

    भारत के दो घी ने बनाई जगह

    भारत की ओर से गिरऑर्गेनिक का ए2 गिर काउ घी (GirOrganic’s A2 Gir Cow Ghee) इस लिस्ट में शामिल हुआ है. यह गिर नस्ल की गाय के दूध से तैयार किए जाने वाले घी के तौर पर बाजार में पेश किया जाता है. कंपनी इसे पारंपरिक तरीके से तैयार किया गया घी बताती है। 

    दूसरा भारतीय प्रोडक्ट अमूल का प्योर घी (Amul’s Pure Ghee) है. अमूल भारत का जाना-पहचाना डेयरी ब्रांड है और इसका घी देशभर में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता है. अमूल के खुशबूदार और दानेदार घी को पारंपरिक भारतीय घी की खासियतों से जोड़ा जाता है। 

    किस आधार पर तैयार हुई रैंकिंग?
    टेस्टएटलस के मुताबिक, इस सूची में ऐसे उत्पादों को जगह दी गई है जिन्हें गुणवत्ता, बनाने की कला और खास पहचान के लिहाज से बेहतर माना जाता है. वहीं, 'आइकॉनिक' यानी मशहूर उत्पादों के लिए उनके इतिहास, दुनिया में पहचान और सांस्कृतिक महत्व को भी देखा गया है. टेस्टएटलस ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि कुछ उत्पाद सिर्फ बेहतरीन होते हैं, जबकि कुछ बेहतरीन होने के साथ-साथ अपनी अलग पहचान भी बना लेते हैं. इसी आधार पर प्लेटफॉर्म ने दुनिया के बेहतरीन और मशहूर बटर की सूची साझा की है। 

    ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम के बटर भी शामिल
    टेस्टएटलस की लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया के पेपे साया का साल्टेड कल्चर्ड बटर (Pepe Saya’s Salted Cultures Butter) और वेस्टर्न स्टार का ओरिजिनल साल्टेड बटर (Western Star’s Original Salted Butter) शामिल हैं. बेल्जियम से एलएंडएल प्लाकेट का बूर फ्ल्यूर डी सेल (L&L Plaquette’s Beurre Fleur de Sel) और कार्ल्सबर्ग का बूर द'आर्देन एओपी डू (Carlsbourg’s Beurre d’Ardenne AOP Doux) लिस्ट में हैं. डेनमार्क के आब्यब्रो मेयेरी का गामेल्डाग्स कैरनेट स्मोर (Aabybro Mejeri’s Gammeldags Kærnet Smør) और लुरपाक का स्लाइटली साल्टेड बटर (Lurpak’s Slightly Salted Butter) भी इस लिस्ट में शामिल किए गए हैं। 

    फ्रांस और इंग्लैंड के मशहूर बटर भी लिस्ट में
    इंग्लैंड से फेन फार्म डेयरी का बंगाय बटर (Fen Farm Dairy’s Bungay Butter) और कंट्री लाइफ का अनसाल्टेड बटर (Country Life’s Unsalted Butter) इस लिस्ट का हिस्सा हैं. फ्रांस से मैसन बोर्डियर का ले बूर बोर्डियर साले 4 प्रतिशत (Maison Bordier’s Le Beurre Bordier Salé 4%) और एशिरे का बूर डी'एशिरे एओपी शारांत-पोइतू डेमी-सेल (Échiré’s Beurre d’Échiré AOP Charentes-Poitou Demi-Sel) शामिल हैं। 

    आयरलैंड, इटली और न्यूजीलैंड की मौजूदगी
    आयरलैंड से साल्टरॉक डेयरी का फार्महाउस कल्चर्ड बटर विद वेक्सफोर्ड सी सॉल्ट (Saltrock Dairy’s Farmhouse Cultured Butter with Wexford Sea Salt) और केरिगोल्ड का प्योर आयरिश साल्टेड बटर (Kerrygold’s Pure Irish Salted Butter) चुना गया है. इटली से बेप्पिनो ओच्चेली का बूरो ओच्चेली (Beppino Occelli’s Burro Occelli) और प्रीआल्पी का बूरो प्रीआल्पी क्लासिको (Prealpi’s Burro Prealpi Classico) लिस्ट में हैं. न्यूजीलैंड से लुईस रोड क्रीमरी का प्रीमियम सी सॉल्ट क्रिस्टल्स बटर (Lewis Road Creamery’s Premium Sea Salt Crystals Butter) और एंकर बटर (Anchor Butter) को जगह मिली है। 

    नॉर्वे, स्पेन और अमेरिकी प्रोडक्ट भी शामिल
    नॉर्वे से रोरोसमेयेरीएट का ओकोलॉजिश्क रोरोस स्मोर 2% हावसाल्ट (Rørosmeieriet’s Økologisk Røros Smør 2% Havsalt) और टीने का टीने मेयेरीस्मोर (Tine’s Tine Meierismør) सूची में शामिल हैं. स्पेन से ऐरास मोनिज का मंतेकिया चांटादा (Airas Moniz’s Mantequilla Chantada) और कादी का मंतेगा कादी डीओपी (Cadí’s Mantega Cadí DOP) को चुना गया है. अमेरिका से एनिमल फार्म क्रीमरी का कल्चर्ड बटर (Animal Farm Creamery’s Cultured Butter) और लैंड ओ’लेक्स का साल्टेड बटर (Land O’Lakes’ Salted Butter) भी इस लिस्ट में शामिल हैं। 

    भारतीय घी के लिए क्यों खास है यह रैंकिंग?
    भारत में घी सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि पारंपरिक खान-पान का अहम हिस्सा रहा है. खाना बनाने से लेकर कई पारंपरिक व्यंजनों तक में इसका इस्तेमाल होता है. ऐसे में दुनिया के मशहूर बटर की सूची में दो भारतीय घी प्रोडक्ट्स का शामिल होना भारतीय डेयरी उत्पादों की वैश्विक पहचान के लिहाज से अहम माना जा सकता है।