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  • रोहित-विराट की 20 साल पुरानी दोस्ती पर खुलासा, 2027 वर्ल्ड कप पर भी बोले

    रोहित-विराट की 20 साल पुरानी दोस्ती पर खुलासा, 2027 वर्ल्ड कप पर भी बोले

    नई दिल्ली
    भारत के दिग्गज क्रिकेटर्स रोहित शर्मा और विराट कोहली की दोस्ती सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रही है. करीब दो दशक से दोनों ने एक साथ क्रिकेट खेला है, मुश्किल दौर देखे हैं, बड़ी जीत का हिस्सा रहे हैं और कई यादगार मुकाबलों में भारत की उम्मीदों को संभाला है. अब रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ अपनी दोस्ती, उनकी सोच और भारतीय क्रिकेट के लिए उनके योगदान पर खुलकर बात की है.

    रोहित शर्मा और विराट कोहली के इंटरनेशनल करियर की शुरुआत करीब एक साल के अंतर के साथ हुई थी. रोहित ने 2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा, जबकि विराट ने 2008 में इंटरनेशनल डेब्यू किया. इसके बाद दोनों लंबे समय तक भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे. अलग-अलग कप्तानों के साथ खेले, खुद कप्तानी की और फिर एक-दूसरे की कप्तानी में भी टीम के लिए योगदान दिया.

    रोहित शर्मा के मुताबिक इतने लंबे समय तक साथ खेलने के कारण दोनों के बीच एक ऐसी समझ विकसित हो गई है, जिसके लिए ज्यादा शब्दों की जरूरत नहीं पड़ती. रोहित ने जियोहॉटस्टार से कहा, 'हम दोनों के बीच मजबूत दोस्ती है. हम समझते हैं कि इस स्तर पर खेलने के लिए क्या चाहिए. हमारे तरीके अलग हैं, लेकिन ऐसा ही होना चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति अलग होता है.'

    रोहित शर्मा ने बताया कि दोनों की दोस्ती की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया दौरे के आसपास हुई थी. उस दौर की कुछ पुरानी यादें आज भी दोनों के लिए खास हैं. उन्होंने कहा कि जब कभी टीवी पर उस समय से जुड़ा कोई वीडियो या पल सामने आता है, तो दोनों एक-दूसरे को देखकर हंसने लगते हैं. यानी सालों पुराने इस रिश्ते में क्रिकेट की गंभीरता के साथ दोस्ती और हल्के-फुल्के पलों की भी अपनी जगह रही है.

    कोहली बदलने वाले नहीं: रोहित शर्मा
    विराट कोहली के भारतीय क्रिकेट में योगदान को लेकर रोहित शर्मा ने किसी तरह के संदेह की गुंजाइश नहीं छोड़ी. उन्होंने कहा कि कोहली ने टीम के लिए जो हासिल किया है, वह सभी के सामने है और आगे भी उनके रवैये में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा. रोहित ने कहा, 'उन्होंने टीम के लिए जो किया है, उसके बारे में सवाल करने की जरूरत नहीं है. यह सबके सामने है. आगे भी मुझे नहीं लगता कि कुछ बदलेगा. वह वही विराट कोहली रहेंगे, जिन्हें हम जानते हैं. वह आएंगे, अच्छी तैयारी करेंगे, रन बनाएंगे और टीम इंडिया को मैच जिताने की कोशिश करेंगे.'

    विराट कोहली ने तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तानी की, जबकि रोहित शर्मा के नेतृत्व में भी वह लंबे समय तक टीम के प्रमुख बल्लेबाज रहे. रोहित का कहना है कि कप्तानी की जिम्मेदारी बदलने के बावजूद कोहली के काम करने के तरीके में कोई खास बदलाव नहीं आया. उन्होंने कहा, 'जब वह कप्तान थे, तब भी उनका रवैया लगभग ऐसा ही था. जब मैं कप्तान था, तब भी वह वैसे ही रहे. मुझे नहीं लगता कि इसमें कुछ बदलने की जरूरत है.'

    कोहली-रोहित की नजरें 2027 वर्ल्ड कप पर
    विराट कोहली पहले ही इसकी पुष्टि कर चुके हैं कि वो 2027 का वर्ल्ड कप उनके लिए आखिरी मेगा टूर्नामेंट होगा. कोहली के अनुभव को देखते हुए रोहित शर्मा का मानना है कि उन्हें विश्व कप को लेकर कुछ समझाने की जरूरत नहीं है. रोहित ने कहा, 'वह इतने सालों से खेल रहे हैं. चाहे 2027 का विश्व कप हो या 2023 का, उन्हें कुछ समझाने की जरूरत नहीं है. विश्व कप, विश्व कप होता है.'

    रोहित शर्मा और विराट कोहली की बल्लेबाजी शैली अलग है. मैदान पर उनका व्यवहार भी एक जैसा नहीं है. लेकिन जब बात भारतीय टीम के लक्ष्य की आती है, तो दोनों की सोच एक ही दिशा में जाती है. रोहित शर्मा ने कहा, 'हम दोनों अलग-अलग व्यक्ति हैं और मैदान पर खुद को अलग तरीके से पेश करते हैं. लेकिन टीम के लिए हमारा लक्ष्य और सोच लगभग एक जैसी है. हमें मैच जीतना है, विश्व कप जीतना है, टूर्नामेंट जीतना है, सीरीज जीतनी है और टीम के लिए अच्छा करना है.'

    रोहित शर्मा ने बदलते क्रिकेट कैलेंडर का एक दूसरा पहलू भी बताया. पहले भारतीय क्रिकेटरों को लगातार दौरे करने पड़ते थे. कई बार पांच-सात दिन के अंतराल में ही अगली सीरीज के लिए रवाना होना पड़ता था. इसका असर निजी जिंदगी और परिवार के साथ बिताए जाने वाले समय पर भी पड़ता था. अब दोनों को पहले की तुलना में घर पर ज्यादा समय मिल रहा है. रोहित ने बताया, 'करीब एक साल पहले तक हर पांच-सात दिन में हम दौरे पर होते थे. इसलिए घर पर ज्यादा समय नहीं मिल पाता था. अब हम दोनों घर पर ज्यादा समय बिता रहे हैं, जो हमेशा अच्छा लगता है."

    करीब दो दशक के इस सफर में रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट के कई दौर देखे हैं. टीम बदली, कप्तान बदले, भूमिकाएं बदलीं, लेकिन दोनों के बीच आपसी समझ और भारत के लिए जीत हासिल करने की इच्छा कायम रही. 2027 विश्व कप की तैयारी के बीच रोहित की बातें इस लंबे रिश्ते की उस तस्वीर को सामने लाती हैं, जिसमें प्रतिस्पर्धा से ज्यादा सम्मान, अनुभव से ज्यादा समझ और व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर टीम की जीत दिखाई देती है.

  • मैदान की दुश्मनी भूले खिलाड़ी, जेमिमा-फातिमा की दोस्ती बनी चर्चा का विषय

    मैदान की दुश्मनी भूले खिलाड़ी, जेमिमा-फातिमा की दोस्ती बनी चर्चा का विषय

    भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले हमेशा रोमांच और भावनाओं से भरपूर होते हैं. लेकिन पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव का असर क्रिकेट मैदान पर भी साफ दिखाई दिया है. हाल के कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंटों में भारतीय और पाकिस्तानी कप्तानों ने पारंपरिक प्री-मैच और पोस्ट-मैच हैंडशेक नहीं किया, जिससे यह मुद्दा लगातार चर्चा में रहा l

    इसी माहौल के बीच इंग्लैंड में खेली जा रही द हंड्रेड विमेंस लीग से आई एक तस्वीर सुर्खियां बटोर रही है. साउथम्प्टन के द रोज बाउल में खेले गए मुकाबले में सदर्न ब्रेव्स ने बर्मिंघम फीनिक्स को 24 रनों से हराया. मैच खत्म होने के बाद भारतीय बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स और पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना आमने-सामने आईं. दोनों ने पहले हाथ मिलाया और फिर एक-दूसरे को गले लगाया. कुछ सेकंड का यह दृश्य कैमरे में कैद हुआ और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया l

    जेमिमा रोड्रिग्स और फातिमा सना का यह व्यवहार इसलिए ज्यादा चर्चा में है क्योंकि हाल के भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में ऐसी तस्वीरें देखने को नहीं मिली थीं. पिछले एक साल में दोनों देशों के बीच खेले गए कई बड़े मैचों में भारतीय कप्तानों ने पाकिस्तान के कप्तानों के साथ पारंपरिक हैंडशेक नहीं किया. यह बदलाव क्रिकेट जगत में लगातार चर्चा का विषय बना रहा l

    इस सिलसिले की शुरुआत 2025 एशिया कप से चर्चा में आई, जब भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच मैच से पहले और बाद में हैंडशेक नहीं हुआ. इसके बाद यह क्रम कई बड़े टूर्नामेंटों में भी जारी रहा l

    अंडर-19 विश्व कप 2026 में भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे और पाकिस्तान के फरहान यूसुफ ने टॉस के दौरान हाथ नहीं मिलाया. फिर आईसीसी मेन्स टी20 विश्व कप 2026 में सूर्यकुमार यादव और सलमान अली आगा के बीच भी हैंडशेक नहीं हुआ. जबकि महिला टी20 विश्व कप 2026 के दौरा भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर और पाकिस्तान की फातिमा सना ने भी पारंपरिक हैंडशेक से परहेज किया l

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भले ही माहौल अलग रहा हो, लेकिन फ्रेंचाइजी क्रिकेट में खिलाड़ियों के रिश्ते हमेशा पेशेवर और दोस्ताना रहे हैं. जेमिमा रोड्रिग्स और फातिमा सना का यह गर्मजोशी भरा अभिवादन उसी की मिसाल बन गया. दोनों ने यह दिखाया कि मैदान पर मुकाबला कितना भी बड़ा क्यों ना हो, खिलाड़ियों के बीच सम्मान और खेल भावना हमेशा सबसे ऊपर रहता है l