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  • UP में बाढ़ के बीच मजबूत हुआ राहत तंत्र, 591 करोड़ चेतावनी संदेशों ने समय रहते लाखों लोगों को किया सतर्क

    UP में बाढ़ के बीच मजबूत हुआ राहत तंत्र, 591 करोड़ चेतावनी संदेशों ने समय रहते लाखों लोगों को किया सतर्क

     लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, आंधी-तूफान, वज्रपात और बाढ़ के बीच योगी सरकार का मजबूत चेतावनी एवं राहत-बचाव तंत्र लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ है।

    राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से बड़े पैमाने पर भेजे गए 591 करोड़ से अधिक अलर्ट मैसेज ने लाखों लोगों को समय रहते मौसम और बाढ़ के संभावित खतरे से सतर्क किया। समय पर मिली चेतावनी, स्थानीय प्रशासन की तत्परता और आमजन की सजगता का नतीजा रहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक एक भी जनहानि नहीं हुई है।

    करोड़ों संदेशों से समय रहते मिली चेतावनी
    प्रदेश में लोगों को भारी बारिश, आंधी-तूफान, वज्रपात और बाढ़ से बचाव के लिए मोबाइल संदेशों के माध्यम से लगातार अलर्ट भेजे गए। जुलाई में 306 करोड़ और अगस्त में 285 करोड़ यानी कुल 591 करोड़ अलर्ट मैसेज प्रसारित किए गए। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक करोड़ से अधिक लोगों तक मौसम संबंधी सूचनाएं और चेतावनियां पहुंचाई गईं। इस व्यापक सूचना तंत्र ने लोगों को समय रहते सावधान होने, सुरक्षित स्थानों पर जाने और जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने में मदद की।

    चेतावनी मिलते ही खुद सुरक्षित हुए लोग
    अलर्ट सिस्टम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि मौसम और नदियों के जलस्तर से जुड़ी सूचनाएं लोगों तक समय पर पहुंचीं। इससे प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग संभावित खतरे को समझकर स्वयं भी सुरक्षित स्थानों की ओर जाने में सक्षम हुए। स्थानीय प्रशासन ने भी इन चेतावनियों के आधार पर लगातार लोगों को जागरूक किया। इस तरह तकनीक, प्रशासनिक सतर्कता और आमजन की सजगता ने मिलकर जनसुरक्षा को मजबूत किया।

    3.52 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची मदद
    अलर्ट और राहत-बचाव व्यवस्था के जरिए बाढ़ की स्थिति में अब तक 3.52 लाख से अधिक लोगों तक मदद पहुंचाई गई। वहीं राहत एवं बचाव अभियानों के दौरान समय रहते 17.54 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

    1070 हेल्पलाइन से तत्काल राहत
    राहत आयुक्त कार्यालय की 1070 हेल्पलाइन भी संकट के समय लोगों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी। सूचना मिलते ही संबंधित जिला प्रशासन को जानकारी उपलब्ध कराई गई और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव दलों को मौके पर भेजा गया।

    चित्रकूट, प्रयागराज और मिर्जापुर समेत अन्य प्रभावित जिलों में बाढ़ में फंसे लोगों की लोकेशन प्राप्त कर बचाव दलों तक पहुंचाई गई, जिसके बाद नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की गई। यही प्रयास बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक शून्य जनहानि सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

  • पटना समेत 8 जिलों में बाढ़ की चेतावनी, कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द; राहत-बचाव तेज

    पटना समेत 8 जिलों में बाढ़ की चेतावनी, कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द; राहत-बचाव तेज

    पटना
    बिहार सरकार ने गुरुवार को 8 जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया। आपदा प्रबंधन विभाग ने गंगा, पुनपुन और दरधा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए यह चेतावनी जारी की है। इन जिलों में पटना, नालंदा, भोजपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद शामिल हैं। बाढ़ से इन जिलों के कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं। पटना के ग्रामीण दियारा इलाकों के बाद शहरी क्षेत्र में भी बाढ़ का पानी घुसने लगा है। जिले में पीएचईडी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक भी बुलाई है।

    दक्षिण बिहार की नदियों के जलस्तर में तेजी सो बढ़ोतरी हो रही है। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव संतोष मल्ल ने बाढ़ प्रभावित जिलों के डीएम को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। उन्हें नदियों के जलस्तर पर नजर रखने और पानी फैलने पर राहत बचाव कार्य में जुट जाने के निर्देश दिए गए हैं।

    सम्राट ने किया निरीक्षण
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को भी बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बेंगलुरु रवाना होने से पहले पटना में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। शुक्रवार को वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर आला अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

    कमांड कंट्रोल रूम से नजर
    डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने गुरुवार को जल संसाधन विभाग के कमान एंड कंट्रोल सेंटर में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जिन जगहों पर तटबंध में टूटने की खबर है, वीडियो कांफ्रेसिंग से वहां के हालत का जायजा लिया गया है।

    दक्षिण बिहार में पुनपुन और दरधा नदी का निरीक्षण किया गया है। गंगा नदी में बढ़े हुए जलस्तर के कारण भागलपुर में तटबंध टूटा है वहां का भी जायजा लिया गया।

    उन्होंने बताया कि स्टीमर से मेगा जिओ बैग लगाकर स्थिति नियंत्रण में करने की कोशिश की जा रही है। जल संसाधन विभाग के सभी अधिकारी और इंजीनियर तटबंधों पर मौजूद हैं। कमांड कंट्रोल रूम से पूरे बिहार पर नजर रखी जा रही है।

    नीतीश ने भी लिया जायजा
    पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार भी गुरुवार को बाढ़ की आशंका को देखते हुए निरीक्षण पर निकले। उन्होंने महात्मा गांधी सेतु से गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया। इस दौरान जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा भी मौजूद रहे।

    कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
    गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से पटना जिले के कई निचले और दियारा इलाकों में बाढ़ की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। प्रभावित परिवारों को संक्रामक बीमारियों से बचाने और बुनियादी सुविधाएं देने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू किया है। संकट को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर विभाग के सभी पर्यवेक्षकों और जिला कार्यालय के पदाधिकारियों की छुट्टियां बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं।