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  • महतारी वंदन से महिलाओं को मिला आर्थिक संबल, पूनम धावरिया ने मुख्यमंत्री को कहा—धन्यवाद

    महतारी वंदन से महिलाओं को मिला आर्थिक संबल, पूनम धावरिया ने मुख्यमंत्री को कहा—धन्यवाद

    रायपुर

    महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बनकर सामने आई है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ आर्थिक रूप से अधिक सक्षम महसूस कर रही हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सारबहरा निवासी श्रीमती पूनम धावरिया भी इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। उन्हें महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि प्राप्त हो चुकी है।

    राशि प्राप्त होने पर श्रीमती पूनम धावरिया ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें नियमित रूप से प्रत्येक माह आर्थिक सहायता मिल रही है। यह राशि उनके लिए बेहद उपयोगी है और घर-परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक सहारा प्रदान करती है।

    समय पर मिली राशि से रक्षाबंधन की खुशी हुई दोगुनी

     पूनम धावरिया ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए सितंबर माह की किस्त की राशि अगस्त माह में ही प्रदान की गई है। समय से पहले राशि मिलने से महिलाओं में खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व से पहले राशि मिलना उनके लिए विशेष खुशी की बात है।

    उन्होंने भावुक होकर कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर समय से मिली यह राशि उन्हें भाई की ओर से मिले उपहार जैसी महसूस हुई। इस आर्थिक सहायता से पर्व की तैयारियों और आवश्यक घरेलू खर्चों में उन्हें सहूलियत मिली है।

    महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
     
    पूनम ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नियमित रूप से मिलने वाली राशि से महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।

    उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग महिलाएं अपनी दैनिक जरूरतों, परिवार से जुड़े खर्चों तथा अन्य आवश्यक कार्यों में कर पा रही हैं। इससे उनमें आर्थिक आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
     पूनम धावरिया ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए भरोसे और संबल का माध्यम बन रही है। पूनम धावरिया की कहानी इसी बदलाव की एक झलक प्रस्तुत करती है, जहां समय पर मिली सहायता ने न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद की, बल्कि रक्षाबंधन के पर्व की खुशियों को भी बढ़ाया।

  • रक्षाबंधन के पहले सहायता राशि देने के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति जताया कृतज्ञता

    रक्षाबंधन के पहले सहायता राशि देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया कृतज्ञता

    रायपुर

    महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की नई राह खोल रही है। योजना से मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग महिलाएं घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ बचत और स्वरोजगार के लिए भी कर रही हैं। ऐसी ही प्रेरक कहानी बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के ग्राम मेटावाड़ा निवासी पार्वती बघेल की है, जिन्होंने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि की छोटी-छोटी बचत कर सिलाई मशीन खरीदी और अब घर बैठे ग्रामीणों के कपड़े सिलाई कर अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं।

    खेती-किसानी के साथ करतीं थीं सिलाई का काम

    पार्वती बघेल बताती हैं कि उनका आठ सदस्यीय परिवार सात एकड़ पुश्तैनी कृषि भूमि पर खेती-किसानी कर जीवन यापन करता है। पति के साथ वह भी खेती के कार्यों में हाथ बंटाती हैं। इसके साथ ही घर में ब्लाउज, पेटीकोट सहित अन्य कपड़ों की सिलाई का काम करती हैं। पहले सिलाई के लिए पर्याप्त सुविधा नहीं थी, लेकिन नियमित बचत से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी। अब गांव के लोग अपने कपड़े सिलाई के लिए उनके घर लेकर आते हैं, जिससे उन्हें घर के कामकाज के साथ अतिरिक्त आमदनी का जरिया भी मिल गया है।

    महतारी वंदन ने बचत से अपने पैरों पर खड़े होने का दिया अवसर

    पार्वती कहती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए सिर्फ घरेलू जरूरतों को पूरा करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसने उन्हें बचत करने और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर भी दिया है। वह हर महीने प्राप्त सहायता राशि में से अपनी जरूरत के अनुसार खर्च करने के बाद कुछ राशि बचाने का प्रयास करती हैं। उनकी इच्छा है कि यह बचत भविष्य में उनकी छोटी बेटी की पढ़ाई और अन्य आवश्यकताओं के काम आए। उन्होंने बताया कि खेती-किसानी परिवार की मुख्य आय का साधन है, लेकिन सिलाई कार्य से होने वाली अतिरिक्त आमदनी से छोटी-छोटी घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सुविधा होती है। घर से ही काम मिलने के कारण परिवार और बच्चों की देखभाल करते हुए वह अपने हुनर का उपयोग कर पा रही हैं।

    रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभार

    रक्षाबंधन से पहले राज्य शासन द्वारा महतारी वंदन योजना की सहायता राशि प्रदान किए जाने पर पार्वती बघेल ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने भावुक होकर कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह का पर्व है और इस अवसर पर मिली सहायता उन्हें बड़े भाई के रूप में बहनों के प्रति स्नेह और आशीर्वाद का एहसास कराती है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक सहायता ने महिलाओं में बचत की आदत को बढ़ावा देने के साथ उन्हें अपने हुनर और मेहनत के जरिए अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी दिया है।