Tag: FIFA

  • विश्व चैंपियन स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते 2032 तक संभालेंगे टीम की कमान

    विश्व चैंपियन स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते 2032 तक संभालेंगे टीम की कमान

    मैड्रिड 
     स्पेन को 2026 फीफा विश्व कप में चैंपियन बनाने वाले कोच लुइस डे ला फुएंते 2032 तक अपने पद पर बने रहने के लिए अनुबंध बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। स्पैनिश फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष राउल लूजन ने यह जानकारी दी। लुइस डे ला फुएंते का अनुबंध बढ़ाए जाने के मतबल यह हुआ कि स्पेन उन्हीं के नेतृत्व में फीफा विश्व कप 2026 में उतरेगी। वर्ल्ड फुटबॉल समिट में लूजन ने कहा कि डे ला फुएंते के रहने का फैसला, जो उनकी मौजूदा डील यूरो 2028 के बाद तक चलेगी, उनके नतीजों, काम और बड़े पैमाने पर सार्वजनिक समर्थन पर आधारित था।

    उन्होंने कहा, "उनके नतीजे खुद बोलते हैं, और उनका काम करने का तरीका खुद बोलता है। जनता उन्हें प्यार करती है और उनकी तारीफ करती है।"
    डे ला फुएंते, स्पेन के पूर्व अंडर-21 कोच, जिन्होंने 2022 वर्ल्ड कप के बाद लुइस एनरिक की जगह ली, ने स्पेन को 2023 यूईएफए नेशंस लीग, यूरो 2024 और फीफा विश्व कप 2026 का खिताब दिलाया है।

    फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली मजबूत अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर खिताब जीता था। यह स्पेन का दूसरा विश्व कप खिताब था। ठीक 2 साल पहले स्पेन ने यूरोपियन शोपीस में इंग्लैंड को 2-1 से हराया था।

    लूजान ने कहा, "मैंने उनका अनुबंध बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है क्योंकि वह आर्थिक हालात में टॉप-10 कोच में नहीं थे, और अब वह होंगे। हम अनुबंध को फाइनल कर रहे हैं ताकि वह और सालों तक हमारे साथ रहें। वह 14 साल से हमारे साथ हैं और मैं चाहता हूं कि वह अपना करियर यहीं खत्म करें।"

    डे ला फुएंते, जिन्होंने स्पेन की निचली लीग से अपना कोचिंग करियर शुरू किया था, एनरिक की जगह लेने से पहले स्पेन के यूथ सेट-अप में नौ साल बिताए, 2015 में यूरोपियन अंडर-19 चैंपियनशिप, 2019 में यूरोपियन अंडर-21 चैंपियनशिप और टोक्यो में 2021 ओलंपिक्स में रजत पदक जीता।

     

  • अर्जेंटीना फुटबॉलरों पर फीफा का शिकंजा, कुल 21 मैचों का प्रतिबंध लगाया

    अर्जेंटीना फुटबॉलरों पर फीफा का शिकंजा, कुल 21 मैचों का प्रतिबंध लगाया

     नई दिल्ली
     फीफा विश्व कप 2026 फाइनल हारने के बाद मैदान में गुंडागर्दी करने वाले अर्जेंटीना के फुटबॉलरों और कोचिंग टीम के सदस्यों पर फीफा ने कुल मिलाकर 21 मैच का प्रतिबंध लगाया है। विश्व फुटबॉल को चलाने वाली संस्था फीफा ने एक बयान जारी करते हुए इस फैसले की जानकारी दी।

    फीफा ने बीती जुलाई में ही कहा था कि वह फाइनल मैच के बाद स्पेन के खिलाड़ियों के साथ हुई धक्का-मुक्की की जांच करेंगे। स्पेन के मिडफील्डर गावी पर भी एक मैच का प्रतिबंध और 30 हजार डालर (28 लाख रुपये) का जुर्माना लगा है। यह प्रतिबंध सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान लागू रहेंगे।

    पारेदेस पर सबसे ज्यादा प्रतिबंध
    अर्जेंटीना के मिडफील्डर लींद्रो पारेदेस पर सबसे ज्यादा दस मैचों का प्रतिबंध लगा है, साथ ही उन पर 90 हजार अमेरिका डॉलर (86 लाख रुपये) का जुर्माना भी लगा है। पारेदेस ने स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया को गले से पकड़ने के साथ मिडफील्डर गावी को जमीन पर पटका भी था। अपनी टीम की जीत का जश्न मनाने जा रहे स्पेन के कप्तान रोड्री को पेट में मारने वाले अर्जेंटीना के डिफेंडर नाहुएल मोलीना पर सात मैच का प्रतिबंध और 90 हजार डॉलर का जुर्माना लगा है।

    अर्जेंटीना के अटैकिंग मिडफील्डर थिएगो अल्मादा पर एक जबकि टीम के अधिकारी रोबेर्तो अयाला पर तीन मैच का प्रतिबंध और 30-30 हजार डॉलर का जुर्माना लगाया है। फीफा ने ये भी बताया कि अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन पर 31 लाख डॉलर ( लगभग तीन करोड़ रुपये) का फाइन लगाते हुए उन्हें अपना अगला घरेलू मैच तय संख्या से आधे दर्शकों के साथ खेलने का आदेश भी दिया गया है। वैसे तो यह प्रतिबंध दो मैचों का रहेगा लेकिन दूसरे मैच वाला प्रतिबंध अनिश्चित काल के लिए निलंबित रखा गया है।

    इस कारण लगा बैन
    फीफा ने यह फाइन एक खेल समारोह की आड़ में ऐसे व्यवहार का प्रदर्शन करने के चलते लगाया है, जो खेल से इतर किसी अन्य चीज से जुड़ा हुआ हो। दरअसल, इंग्लैंड को हराने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने विवादित फाकलैंड द्वीप को अपना बताने वाले पोस्टर-बैनर दिखाए थे। पहले ये बैनर दर्शकों के हाथ में थे, लेकिन मैच के बाद इन्हें मैदान पर भी देखा गया और इंग्लैंड ने इसकी शिकायत भी की थी। फीफा ने ये भी बताया कि इस फैसले के विरुद्ध अपील की जा सकती है। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए अर्जेंटीना ने इसे खेलों की सर्वोच्च अदालत (खेल पंचाट) तक ले जाने की बात कही है।