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  • तीन बहनों की आत्महत्या ने खड़े किए सवाल, क्या है ‘कोरियन लवर’ गेम का सच?

    तीन बहनों की आत्महत्या ने खड़े किए सवाल, क्या है ‘कोरियन लवर’ गेम का सच?

     गाजियाबाद

    गाजियाबाद से सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां तीन सगी नाबालिग बहनों ने देर रात 9वीं मंज़िल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना बीती रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है. घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.

    मृतक तीनों बहनें नाबालिग थीं. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तीनों बहनें एक गेमिंग ऐप की आदी हो गई थीं. बताया जा रहा है कि वे ऑनलाइन टास्क-बेस्ड कोरियन लवर गेम खेला करती थीं. तीनों ने सामूहिक आत्महत्या क्यों की, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है.

    सुसाइड नोट में लिखा है मम्मी-पापा सॉरी

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मामला गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी का है. पुलिस का कहना है कि परिजनों से पूछताछ की जा रही है और मोबाइल फोन व डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है.

    फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच में जुटी है. मृतक लड़कियों ने नाम निशिका 16 साल, प्राची 14 साल, पाखी 12 साल है. पुलिस को एक पेज का सुसाइड नोट भी मिला है. जिस पर मम्मी- पापा सॉरी लिखा है. 

    स्थानीय लोगों का कहना है कि तीनों बहनें रात में एक साथ 9वें फ्लोर से कूद गईं. ऐसे में किसी चीज के नीचे गिरने और तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे. इस दौरान डराने वाला नजारा था. क्योंकि तीन डेडबॉडी जमीन पर पड़ी थीं और खून बह रहा था. जिसके बाद लड़कियों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए. पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. 

    पुलिस ने क्या बताया?

    शालीमार गार्डन, पुलिस आयुक्त अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रात्रि करीब 02.15 बजे पीआरवी द्वारा सूचना प्राप्त हुई. जिसमें कहा गया कि थाना टीलामोड़ स्थित भारत सिटी में टावर बी-1 फ्लैट नं0 907 की नवीं मंजिल की बालकनी से तीन बच्चियां कूद गईं. जिससे तीनों की मौत हो गई है. मौके पर पहुंचकर जांच की गई तो तीन बच्चियां क्रमश निशिका उम्र करीब 16 वर्ष, प्राची उम्र लगभग 14 वर्ष, पाखी उम्र लगभग 12 वर्ष पुत्रियां चेतन कुमार की जमीन पर गिरने के कारण मृत्यु हो गई है.

    जिनको एम्बुलेंस द्वारा 50 शैय्या अस्पताल लोनी भेजा गया. जहां पर डॉक्टरों द्वारा तीनों बच्चियों को मृत घोषित कर दिया गया. मामले में पुलिस द्वारा अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. 

    क्या है 'कोरियन लवर' गेम का रहस्य?

    गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ स्थित भारत सिटी में देर रात करीब 2:30 बजे निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने नौवीं मंजिल से छलांग लगा दी. चेतन कुमार की ये तीनों बेटियां 'कोरियन लवर' नामक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम की आदी थीं. प्रारंभिक जांच में इस जानलेवा गेम की लत को ही सामूहिक आत्महत्या की वजह माना जा रहा है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों से पूछताछ और मोबाइल फोन की डिजिटल जांच शुरू कर दी है.

    आधी रात को पसरा मातम

    सन्नाटे को चीरती हुई चीखों ने पूरी सोसाइटी को झकझोर कर रख दिया. तीनों बहनें एक साथ मौत के आगोश में समा गईं. पुलिस को घटनास्थल से एक पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिस पर सिर्फ 'मम्मी पापा सॉरी' लिखा था. यह साधारण शब्द उस गहरे मानसिक दबाव की ओर इशारा कर रहे हैं, जो शायद उस गेम के टास्क ने पैदा किया था.

    क्या है 'कोरियन लवर' गेम का रहस्य?

    जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें अपनी डिजिटल दुनिया में खोई रहती थीं. वे एक कोरियन गेम के टास्क पूरा कर रही थीं. पुलिस अब उन मोबाइल फोन्स को खंगाल रही है, जिनमें छिपे टास्क ने इन मासूमों को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया. 

    फिलहाल, परिवार और पड़ोसियों के लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि स्क्रीन के पीछे बैठा कोई अदृश्य खेल तीन जिंदगियां छीन लेगा. वहीं, गाजियाबाद पुलिस हर एंगल से जांच-पड़ताल में जुट गई है. 

    पिता ने कही ये बात 

    मृतक बहनों के पिता चेतन कुमार के मुताबिक, बेटियां कोरियन गेम खेलती थीं. कल आखिरी टास्क था. जांच के लिए पुलिस उनके फोन अपने साथ ले गई है. गेम में कुल कुल 50 टास्क थे, घटना वाले दिन यानी कल आखिरी था. कूदने के लिए बेटियों ने दो स्टेप वाली सीढ़ी का इस्तेमाल किया था.

    पुलिस का बयान 

    इस मामले में एसीपी अतुल कुमार ने बताया कि रात करीब 2.15 बजे पीआरवी द्वारा थाना टीलामोड़ स्थित भारत सिटी में टावर बी-1 फ्लैट नंबर 907 की नवीं मंजिल की बालकनी से तीन बच्चियों के कूदने की और मौके पर ही उनकी मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई. फ़ौरन घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की गई तो तीन बच्चियां- निशिका, प्राची, पाखी ग्राउंड पर बेसुध पाई गईं. उनको एम्बुलेंस द्वारा 50 शैय्या अस्पताल लोनी भेजा गया जहां पर डॉक्टरों द्वारा तीनों बच्चियों को मृत घोषित किया गया. अब पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है. 

  • रूल ऑफ लॉ पूरी मजबूती से लागू, कानून से खिलवाड़ करने की किसी को छूट नहीं

    रूल ऑफ लॉ पूरी मजबूती से लागू, कानून से खिलवाड़ करने की किसी को छूट नहीं

    लखनऊ.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को होटल ताज में आयोजित वैश्विक निवेशकों एवं उद्यमियों के महासंगम “उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0” का शुभारंभ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज केवल एक राज्य नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए भरोसे की गारंटी बन चुका है। प्रदेश सरकार हर निवेशक को ट्रिपल-एस यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड की पूर्ण गारंटी देती है और उत्तर प्रदेश आज ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी का रोल मॉडल बनकर उभरा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में रूल ऑफ लॉ पूरी मजबूती से लागू है। कानून से खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं है। यदि कोई कानून को आंख दिखाने की कोशिश करता है, तो कानून अपने दायरे में लाकर उसे उसकी ही भाषा में जवाब देता है। यह नया उत्तर प्रदेश है, जहां व्यवस्था कमजोर नहीं, बल्कि निर्णायक है।

    अराजकता से विश्वास तक का सफर

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में उत्तर प्रदेश असुरक्षा, अराजकता और अविश्वास का पर्याय बन चुका था। वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 900 से अधिक दंगे हुए। शायद ही कोई शहर रहा हो, जहां कर्फ्यू न लगा हो। उद्योग, व्यापार और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को गुंडा टैक्स देना पड़ता था। सुरक्षा के अभाव में पहले से स्थापित उद्योग भी प्रदेश छोड़ने पर मजबूर थे, युवा वर्ग पलायन कर रहा था। जिस धरती पर बचपन बीता हो, उसे छोड़ना किसी के लिए भी पीड़ादायक होता है, लेकिन असुरक्षा के चलते मजबूरी थी। यह केवल किसी एक उद्यमी की पीड़ा नहीं थी, बल्कि हर व्यापारी, हर निवेशक और हर नागरिक की व्यथा थी।

    जीरो टॉलरेंस से लौटा भरोसा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें यह दायित्व सौंपा, तो सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और नागरिकों के मन में विश्वास पैदा करना था। सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। हमने स्पष्ट कहा कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा, चाहे कोई कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। आज इसका परिणाम सबके सामने है। बड़े पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहे हैं। कहीं दंगे नहीं, कहीं फिरौती नहीं, कहीं गुंडा टैक्स नहीं। उत्तर प्रदेश में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का वातावरण है और यही निवेश की सबसे मजबूत नींव है।

    डी-रेगुलेशन में नंबर वन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर बना है यूपी

    सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज डी-रेगुलेशन रैंकिंग में देश में नंबर वन है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर बन चुका है। डी-क्रिमिनलाइजेशन के तहत 13 राज्य अधिनियमों में मौजूद आपराधिक प्रावधानों को समाप्त किया गया, ताकि उद्योग बिना भय और बाधा के कार्य कर सकें। एमएसएमई सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को 1000 दिनों तक निरीक्षण से छूट दी गई है। कई अन्य सेक्टरों में भी प्रक्रियाओं को सरल किया गया है। सरकार का उद्देश्य उद्योगों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें सुविधा देना है।

    14 हजार से 30 हजार फैक्ट्रियों तक की छलांग

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में लगभग 14,000 कारखाने कार्यरत थे, जो आज बढ़कर 30,000 से अधिक हो चुके हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से काम कर रही है। प्रदेश में अब तक 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें 20 लाख करोड़ प्रस्तावो की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और कई प्रोजेक्ट्स में उत्पादन भी शुरू हो चुका है। निवेशकों के साथ सरकार का निरंतर संवाद बना हुआ है।

    फार्मा सेक्टर को बनाया जा रहा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए ठोस नीति और स्पष्ट विजन के साथ कार्य किया जा रहा है। ललितपुर में विकसित किया जा रहा बल्क ड्रग फार्मा पार्क केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं होगा, बल्कि इसे हब एंड स्पोक मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जहां अत्याधुनिक आर एंड डी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं गौतम बुद्ध नगर में मेडिकल डिवाइस पार्क, यूएस-एफडीए टेस्टिंग लैब और वर्ल्ड-क्लास लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं। फरवरी के दूसरे सप्ताह में बजट सत्र के माध्यम से लखनऊ में एक वर्ल्ड-क्लास फार्मा इंस्टीट्यूट के निर्माण की दिशा में भी कदम बढ़ाया जाएगा। बरेली सहित अन्य जनपदों में भी नए फार्मा पार्क विकसित किए जाएंगे।

    लोकल से ग्लोबल की यात्रा तय की यूपी ने

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का सफल मॉडल प्रस्तुत किया है। आज मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में देश का लगभग 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स में 60 प्रतिशत उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। देश के लगभग 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। हर जिला मुख्यालय फोरलेन से जुड़ा है। बेहतर रेल नेटवर्क, सर्वाधिक मेट्रो सेवाएं, देश का पहला इनलैंड वाटरवे और सर्वाधिक एयरपोर्ट वाला राज्य आज उत्तर प्रदेश है। वर्तमान में 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय हैं और पांचवें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जल्द ही प्रधानमंत्री राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

    निवेशकों को सरकार का पूर्ण समर्थन

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। यहां जीरो पॉलिटिकल इंटरफेयर, पारदर्शी नीतियां और समयबद्ध इंसेंटिव वितरण सुनिश्चित किया गया है। आइए निवेश करें, उत्पादन करें और समय पर इंसेंटिव प्राप्त करें, यही उत्तर प्रदेश का मॉडल है। उत्तर प्रदेश आज बीमारू नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    विकसित भारत की ओर उत्तर प्रदेश

    मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मा कॉन्क्लेव उसी संकल्प का हिस्सा है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश को फार्मा सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब के रूप में स्थापित किया जाएगा। एआई, टेलीमेडिसिन, डीप-टेक, मेड-टेक, हेल्थ-टेक और क्लिनिकल रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से आह्वान किया कि वे उत्तर प्रदेश की इस विकास यात्रा में सहभागी बनें, अपने सुझाव दें, सरकार उन्हें अंगीकार करेगी और लागू भी करेगी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ही उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है, और इसी विश्वास के साथ प्रदेश नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

    कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, औ‌द्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, एमएसएमई विभाग के मंत्री राकेश सचान, औ‌द्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवंत सैनी, राज्यसभा सदस्य एवं रामकी ग्रुप के फाउंडर अयोध्या रामी रेड्डी, नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर विनोद कुमार पॉल, सन फार्मा के चेयरमैन दिलीप सांघवी, जाइडस लाइफ साइंसेज के चेयरमैन पंकज पटेल, मैनकाइंड फार्मा के चेयरमैन रमेश जुनेजा, डॉक्टर रेड्डीज लैबोरेटरीज के चेयरमैन सतीश रेड्डी, टोरेंट फार्मा के वाइस चेयरमैन जीनल मेहता, एमएसएन लैब के चेयरमैन एमएनएस रेड्डी तथा संदीप जैन, वी कृष्ण मोहन, आदित्य वर्मा, अमिताभ दुबे समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

    बॉक्स उत्तर प्रदेश फार्मा सेक्टर में बनेगा वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब: जेपी नड्डा

    कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने वाला प्रमुख राज्य बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस उद्यमिता और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, उसमें उत्तर प्रदेश की भूमिका निर्णायक है। ललितपुर में विकसित हो रहा बल्क ड्रग फार्मा पार्क, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क और राज्य की फार्मास्यूटिकल नीति-2023, उत्तर प्रदेश को विश्वसनीय मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित कर रहे हैं। जेपी नड्डा ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण के कारण यूपी फार्मा निवेश का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। केंद्र की नीतिगत दृष्टि और उत्तर प्रदेश सरकार के जमीनी प्रयास प्रदेश को फार्मा और बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।

  • शिवराज ने रायसेन के लिए सुनाई उम्मीद की खबर, भारत सरकार से मिली रोप-वे मंजूरी

    शिवराज ने रायसेन के लिए सुनाई उम्मीद की खबर, भारत सरकार से मिली रोप-वे मंजूरी

    भोपाल

    मध्य प्रदेश के विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र में पिछले 100 दिनों से जारी सांसद खेल महोत्सव का समापन हो गया। इस मौके पर स्थानीय सांसद और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए एक बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे रायसेन में स्थित किले तक रोप-वे बनाने की अनुमति लेकर आए हैं। साथ ही उन्होंने इस बारे में जारी आदेश को समारोह में मौजूद रायसेन के विधायक प्रभुराम चौधरी को सौंप दिया। इसके अलावा केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि रोप-वे बनने के साथ ही किले पर एक म्यूजियम भी बनाया जाएगा, जिसमें इलाके के गौरवशाली इतिहास को बताते हुए इससे जुड़ी धरोहरों को वहां संजोया जाएगा। साथ ही इलाके के किसानों की भलाई के लिए लगने वाले मेले की जानकारी देते हुए शिवराज ने कहा कि यहां पर अप्रैल महीने में तीन दिनों के लिए किसान कुंभ और किसानों का मेला लगेगा। जिसमें उन्हें खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    अप्रैल महीने में तीन दिन लगेगा किसान कुंभ और मेला

    कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए शिवराज ने कहा, 'रायसेन वालों, अभी डॉ प्रभुराम चौधरी जी कह रहे थे कि किला बहुत ऊपर है, तो प्रभुरामजी आज आप ये आदेश ले लीजिए, जो हमारा रायसेन के किले में रोपवे की अनुमति भारत सरकार से मैं लेकर आया हूं रायसेन वालों। मैं आपको आदेश की कॉपी दे रहा हूं, अब रायसेन रोप-वे जाएगा और किले के ऊपर एक शानदार म्यूजियम भी बनाया जाएगा। ऊपर वाले किले को भी शानदार बनाया जाएगा। रायसेन में मेडिकल कॉलेज तो खुलेगा ही, उसकी घोषणा माननीय मुख्यमंत्री कर चुके हैं और किसानों के लिए 12, 13 और 14 अप्रैल को किसान कुंभ और किसानों का मेला लगेगा। जिसमें खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण देने का काम किया जाएगा। रायसेन अब हिंदुस्तान में आइडियल बनेगा।' इसके आगे शिवराज ने कहा, 'मैं फिर आपको वचन देता हूं कि आपकी मुस्कुराहत ही मेरी जिंदगी है, आपके चेहरे पर खुशी लाने के लिए मामा कोई कसर नहीं छोड़ेगा।'
    MLA बोले- नई ऊंचाई तक ले जाना हमारा संकल्प

    वहीं कार्यक्रम में मौजूद रायसेन के विधायक व पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी ने इस बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ‘रायसेन के मेरे प्रिय भाई-बहनों, आज हमारे लिए ऐतिहासिक क्षण है। माननीय केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान जी के प्रयासों से रायसेन किले में रोप-वे निर्माण की अनुमति भारत सरकार से प्राप्त हुई है। यह आदेश पत्र प्राप्त कर मैं आप सभी के साथ इस सुखद समाचार को साझा कर रहा हूं। अब श्रद्धालु और पर्यटक रोप-वे के माध्यम से किले तक सहज और सुरक्षित रूप से पहुंच सकेंगे। साथ ही, किले में एक भव्य संग्रहालय (म्यूजियम) का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे रायसेन की गौरवशाली विरासत को नई पहचान मिलेगी। रायसेन के विकास और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का हमारा संकल्प निरंतर जारी रहेगा।’
    बहुत ऊंची पहाड़ी पर बना है 11वीं शताब्दी का किला

    रायसेन के जिस किले तक पहुंचने के लिए शिवराज ने रोपवे बनाने की अनुमति मिलने की जानकारी दी है, वह किला राजधानी भोपाल से लगभग 40 किलोमीटर दूर है और एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। साथ ही मध्यप्रदेश के प्रमुख किलों में से एक है। इसका निर्माण 11वीं शताब्दी में किया गया था और यह पहले हिंदू राजाओं का गढ़ था। बाद में यह किला अफगान और मुग़ल शासकों के अधीन रहा। इस किले में हिंदू और मुगल वास्तुकला का मिश्रण दिखा देता है। इस किले के अंदर बादल और रानी महल, जलाशय, मंदिर, और हजरत पीर फतेह उल्लाह शाह बाबा की दरगाह स्थित हैं, जहां प्रतिवर्ष उर्स के मौके पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जिसमें सभी धर्मों के लोग शामिल होते हैं।

    बता दें कि पिछले सौ दिनों से विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव चल रहा था। जिसका समापन सोमवार को हो गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में यहां पर भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर रविंद्र जडेजा पहुंचे थे और उन्होंने रोड शो में हिस्सा लेते हुए खेल महोत्सव में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को संबोधित भी किया।

  • असली दोस्ती का सबूत? भारत को टैरिफ राहत, संसद में PM मोदी का भव्य अभिनंदन

    असली दोस्ती का सबूत? भारत को टैरिफ राहत, संसद में PM मोदी का भव्य अभिनंदन

     नई दिल्ली

    नई दिल्ली में एनडीए संसदीय दल की बैठक के दौरान भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर खास उत्साह देखने को मिला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद एनेक्सी भवन में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया. बैठक में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर पीएम मोदी को सम्मानित भी किया गया.

    इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद एनेक्सी भवन पहुंचे. उनके साथ केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और भूपेंद्र यादव भी एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल होने पहुंचे. बैठक में एनडीए के तमाम वरिष्ठ नेता और सांसद मौजूद रहे.

    बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बीते कुछ महीनों में भारत द्वारा किए गए अहम व्यापार समझौतों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में भारत ने कई बड़े ट्रेड डील्स किए हैं, जिनमें भारत-अमेरिका ट्रेड डील सबसे अहम है. रिजिजू ने इसे भारत की कूटनीतिक और आर्थिक मजबूती का बड़ा उदाहरण बताया.

    सेंसेक्स 2400, तो निफ्टी ने लगाई 700 अंकों की छलांग, टैरिफ डील से गदगद बाजार, ये 10 शेयर बने रॉकेट

    एनडीए नेताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी. नेताओं का कहना था कि इस समझौते से भारत को वैश्विक स्तर पर बड़ा आर्थिक फायदा मिलेगा और ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलेगी.
    बैठक में यह भी कहा गया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, ऊर्जा सहयोग और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका और मजबूत होगी. एनडीए नेताओं ने पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ बराबरी के स्तर पर बातचीत कर रहा है.

    एनडीए संसदीय दल की बैठक में कुल मिलाकर भारत-अमेरिका ट्रेड डील को सरकार की बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया गया और इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर बताया गया.

    भारत पर पड़ोसियों में सबसे कम टैरिफ… PAK-बांग्लादेश

    भारत के लिए गुड न्यूज (Good News For India) आ गई है और डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लागू टैरिफ को घटाने (US Tariff Cut) का ऐलान कर दिया. ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक लंबी चौड़ी पोस्ट शेयर कर Tariff Cut और India-US Trade Deal पर सहमति बनने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि भारत पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ अब 25% से घटकर सिर्फ 18% किया जाएगा. इस बीच एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताया और दोस्ती निभाते हुए टैरिफ में बड़ी कटौती कर दी. बता दें कि अब भारत पर अपने पड़ोसी पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन से भी कम Tariff हो गया है. 

    भारत पर 18% टैरिफ ही फाइनल 
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ एक व्यापार समझौते की घोषणा की है, जिसके तहत भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है. इस ऐलान के साथ ही दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच बीते कुछ समय से चले आ रहे व्यापारिक तनाव को दूर करने में मदद मिलेगी. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी कहा है कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद करेगा और उसपर 50% की जगह 18 फीसदी का टैरिफ ही फाइनल है.

    वहीं रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में व्हाइट हाउस के अधिकारी के हवाले से भी बताया गया है कि अमेरिका ने रूसी तेल आयात (Russian Oil Import) से जुड़े दंडात्मक शुल्क को वापस ले लिया है और अब सिर्फ संशोधित Reciprocal Tariff यानी 18 फीसदी लागू रहेगा.

     

    भारत सबसे ज्यादा फायदे में, चीन-PAK पीछे 
    ट्रंप के भारत को लेकर किए गए इस बड़े Tariff Cut के ऐलान से अमेरिका के नए टैरिफ स्ट्रक्चर शुल्क संरचना के साथ भारत अब इस मामले में पड़ोसी अर्थव्यवस्थाओं से ज्यादा फायदे में आ गया है. चीन और पाकिस्तान की तुलना में भी भारत में अब काफी कम शुल्क हैं, जबकि इंडोनेशिया, बांग्लादेश और वियतनाम भी भारत से ज्यादा टैरिफ झेलने वाले देश बन चुके हैं. 

    इन देशों पर सबसे ज्यादा टैरिफ

    चीन 37% 
    ब्राजील 50% 
    दक्षिण अफ्रीका 30% 
    म्यांमार 40%
    लाओस 40%

    इन देशों पर कम, लेकिन भारत से ज्यदा टैरिफ

    बांग्लादेश 20%
    वियतनाम 20%
    मलेशिया 19% 
    कंबोडिया 19%
    थाईलैंड 19% 
    पाकिस्तान 19%

    टैरिफ के ये आंकड़े इस बात को दर्शाते हैं कि भारत के लिए संशोधित Tariff Rate उसे अमेरिका के सबसे प्रमुख सहयोगियों और व्यापारिक साझेदारों की लिस्ट और भी करीब लाता है. 

  • निवेशकों के लिए चौंकाने वाली खबर! सोना-चांदी में अचानक तेजी, चांदी ₹21,000 बढ़ी

    निवेशकों के लिए चौंकाने वाली खबर! सोना-चांदी में अचानक तेजी, चांदी ₹21,000 बढ़ी

     इंदौर / नई दिल्ली
       सोना-चांदी की कीमतों में बीते कुछ दिनों से क्रैश होने का सिलसिला देखने को मिल रहा था, लेकिन मंगलवार को इसपर ब्रेक लग गया. एमसीएक्स पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही Gold-Silver की कीमतों में तूफानी तेजी के साथ ओपनिंग हुई. चांदी बीते सोमवार को गिरकर 2.25 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई थी, लेकिन पिछले बंद की तुलना में एक झटके में 21,000 रुपये से ज्यादा चढ़ गई. सोना भी कम नहीं दिखा और खुलने ही 5,000 रुपये से ज्यादा महंगा हो गया.

    चांदी की कीमतों में फिर उछाल 
    सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबार शुरू होने पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी के वायदा भाव में तगड़ा उछाल देखने को मिला. 1 Kg Silver Price एक झटके में अपने पिछले बंद भाव से 21,000 रुपये से ज्यादा महंगी हो गई.सोमवार को MCX Silver Price 2,36,261 रुपये था और मंगलवार को ये खुलने के साथ ही 2,57,480 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई. 

    तेजी के बाद भी हाई से इतनी सस्ती Silver
    मंगलवार को आई तूफानी तेजी के बावजूद अभी चांदी का वायदा भाव अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से काफी सस्ता बना हुई है. बता दें कि 29 जनवरी को MCX Silver Price ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार किया था और 4,30,048 रुपये प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी. इस स्तर से अभी भी चांदी का भाव 1,62,568 रुपये सस्ती (Silver Cheaper From High) मिल रही है. 

    Gold Rate में भी तगड़ी तेजी
    चांदी के अलावा सोने की कीमत में भी तेजी आई है और MCX Gold Rate सोमवार के अपने बंद 1,43,991 रुपये प्रति 10 ग्राम से उछलकर शुरुआती कारोबार में ही 1,49,485 रुपये पर पहुंच गया. इस हिसाब से 10 Gram 24 Karat Gold Rate 5,494 रुपये बढ़ गया. 

    सोने का लाइफ टाइम हाई लेवल से तुलना करें, तो ये भी उच्चतम स्तर के काफी सस्ता मिल रहा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले गोल्ड का हाई रेट 1,93,096 रुपये है, जो इसने चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए बीते 29 जनवरी को ही छुआ था और इसके बाद लगातार ये Silver Price की तरह ही क्रैश होता जा रहा था. वहीं अब मंगलवार को अचानक आई बड़ी तेजी के बाद भी ये अभी इस स्तर से 43,611 रुपये कम पर मिल रहा है.

  • मध्यप्रदेश में बारिश और कोहरे का प्रभाव, 25 जिलों में अलर्ट, ग्वालियर में बूंदाबांदी, सीहोर-मुरैना में 50 मीटर विजिबिलिटी

    मध्यप्रदेश में बारिश और कोहरे का प्रभाव, 25 जिलों में अलर्ट, ग्वालियर में बूंदाबांदी, सीहोर-मुरैना में 50 मीटर विजिबिलिटी

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में अगले तीन दिन तक मावठे की बारिश सक्रिय रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को ग्वालियर से लेकर विंध्य क्षेत्र तक 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। सुबह के समय कई इलाकों में घना कोहरा भी देखने को मिला, जिससे ठंड और बढ़ गई है। रविवार को भी मौसम ने जमकर रंग दिखाया। नीमच और मंदसौर में तेज आंधी-बारिश के साथ ओले गिरे, वहीं ग्वालियर, धार, मुरैना और उज्जैन सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

    मध्य प्रदेश में एक बार फिर से आंधी, ओले और बारिश वाला मौसम है। सोमवार सुबह अशोकनगर, आगर-मालवा, टीकमगढ़ में बारिश हुई। वहीं, कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। हालांकि, ठंड का असर कम है और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर ही चल रहा है।

    मौसम विभाग ने सोमवार को 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं।

    इससे पहले दतिया, ग्वालियर, नर्मदापुरम, उज्जैन, खजुराहो, रीवा, सतना, भोपाल, गुना, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर, जबलपुर, दमोह, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, मलाजखंड, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में कोहरे का असर भी देखा गया।

    अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम

        3 फरवरी– ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश होने के आसार है।
        4 फरवरी- ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।
        5 फरवरी- आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है। ठंड का असर बढ़ सकता है।

    कई जिलों में बारिश का दौर, कोहरा भी छाया इससे पहले रविवार को प्रदेश में बारिश, आंधी और घने कोहरे वाला मौसम रहा। ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में रात और सुबह बारिश हुई। वहीं, सुबह कई शहरों में घना कोहरा छाया रहा।

    दतिया और खजुराहो में विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर तक रही। खजुराहो, राजगढ़ और नौगांव में ही पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। भोपाल में सुबह 9 बजे तक कोहरे का असर देखा गया। शाम को नीमच और मंदसौर में मौसम बदल गया। तेज आंधी-बारिश के साथ ओले गिरने लगे। इससे कई गांवों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई।

    बारिश की वजह से गेहूं की फसलें आड़ी हो गई। इससे नुकसान होने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, दतिया, खजुराहो, ग्वालियर, नौगांव, सतना, ग्वालियर, रीवा, उज्जैन, श्योपुर, राजगढ़, रतलाम, गुना, दमोह, मंडला, टीकमगढ़, मलाजखंड में कोहरे का असर अधिक रहा। बड़े शहरों में रात का तापमान 12 डिग्री से ऊपर ही रहा।

     

  • भागलपुर में बर्ड फ्लू का खतरा, चिकन के शौकिनों के लिए बड़ी चेतावनी

    भागलपुर में बर्ड फ्लू का खतरा, चिकन के शौकिनों के लिए बड़ी चेतावनी

     पटना

    भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल परिसर स्थित मैदान में बड़ी संख्या में मृत मिले कौओं की जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. जिला पशुपालन पदाधिकारी अंजली कुमारी ने आधिकारिक रूप से पुष्टि करते हुए बताया कि मृत कौओं का सैंपल जांच के लिए पटना और भोपाल लैब भेजा गया था, जहां से आई रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई है.

    रिपोर्ट सामने आते ही जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है और प्रभावित क्षेत्र के चारों ओर 10 किलोमीटर के दायरे में सेनेटाइजेशन अभियान शुरू कर दिया गया है. वहीं इलाके के सभी पोल्ट्री फार्म से भी सैंपल इकट्ठा किया जा रहा है.

    150 से अधिक कौओं की मौत से फैली दहशत

    बता दें कि 11 जनवरी की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने एक ही स्थान पर पेड़ के नीचे 150 से अधिक मृत कौवे पड़े देखे थे. कई कौवे तड़पती हालत में भी मिले थे. घटना के बाद स्थानीय लोगों में बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर दहशत फैल गई थी. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी मृत पक्षियों को सुरक्षित तरीके से हटाया गया.

    सैंपल जांच के बाद हुई फ्लू की पुष्टि

    वन विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर सैंपल कलेक्ट किए. मृत कौओं का सीरम जांच के लिए उच्च स्तरीय लैब भेजा गया था. भोपाल से आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई. जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं.

    प्रभावित इलाकों में कराया जा रहा सैनिटाइजेशन
     
    डॉक्टर अंजली ने कहा कि 11 जनवरी को कौओं की मौत हुई थी. उस समय बहुत ठंड थी. ऐसा लगा कि ये ठंड के कारण मरे हैं. लेकिन इसका सैंपल हमने बाहर भेजा, जिसके बाद सरकार से इसकी पुष्टि हुई कि कौओं की मौत बर्ड फ्लू के कारण ही हुई है. फिलहाल हम लोग प्रभावित इलाकों में सैनिटाइजेशन करवा रहे हैं. हमने 11 तारीख को भी सैनिटाइज कराया था. इसके अलावा इस इलाके में जितने भी पोल्ट्री फार्म हैं, उनका जीरो सर्विलेंस करके दोबारा भेजा जाएगा.

  • चांदी की कीमत में ₹16000 की कमी, सोना भी नहीं बचा: क्या है बाजार की स्थिति?

    चांदी की कीमत में ₹16000 की कमी, सोना भी नहीं बचा: क्या है बाजार की स्थिति?

     इंदौर 

    सोना-चांदी की कीमतें क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने का सिलसिला जारी है. बजट के दिन भर-भराकर टूटने के बाद सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में वायदा कारोबार की शुरुआत के साथ ही दोनों कीमती धातुएं और सस्ती (Gold-Silver Cheaper) हो गईं. एक ओर जहां 1 Kg Silver Price झटके में करीब 16,000 रुपये गिर गया, तो वहीं दूसरी ओर 10 Gram 24 Karat Gold का वायदा भाव एमसीएक्स पर 4000 रुपये से ज्यादा कम हो गया. 

    इतना रह गया 1 किलो चांदी का भाव
    चांदी की कीमतें बीते सप्ताह के गुरुवार को इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये के पार निकलने के बाद से ही लगातार क्रैश (Silver Price Crash) हो रही हैं. रविवार को Budget 2026 वाले दिन करीब 9 फीसदी से ज्यादा टूटने के बाद सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जब MCX पर कमोडिटी ट्रेडिंग की शुरुआत हुई, तो चांदी खुलते ही और भी सस्ती हो गई. 

    बीते कारोबारी दिन सिल्वर प्राइस तगड़ी गिरावट और फिर रिकवरी के बाद अंत में 2,65,652 रुपये पर क्लोज हुआ था और सोमवार को जैसे ही कारोबार ओपन हुआ, तो ये गिरकर 2,55,652 रुपये प्रति किलो पर आ गया और फिर इसके कुछ ही मिनटों बाद ये 2,49,713 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि चांदी वायदा 15,943 रुपये और सस्ती हो गई.

    अपने हाई से अब इतनी सस्ती Silver
    चांदी में जिस रफ्तार से बीते कुछ दिनों में तेजी देखने को मिली थी, उससे तेज रफ्तार इसके फिसलने की है. बता दें कि पिछले गुरुवार को एमसीएक्स पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी के वायदा भाव ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ते 4,20,048 रुपये के नया लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था, लेकिन इस स्तर से अब तक Silver Price 1,70,335 रुपये कम हो चुका है. 

    सोने का भी चांदी जैसा हाल
    Silver Price Crash होने से साथ ही सोना भी धड़ाम नजर आ रहा है. बजट वाले दिन ये भी 13,000 रुपये तक टूट गया था, हालांकि फिर थोड़ी रिकवरी भी देखने को मिली थी. रविवार को ये 1,47,753 रुपये के लेवल पर क्लोज हुआ था और सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबार की शुरुआत होते ही ये फिसलकर 1,43,321 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. यानी 10 Gram 24 Karat Gold Rate 4432 रुपये तक सस्ता हो गया. 

    हाई से अब कितना सस्ता Gold
    सोने की कीमत ने भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए बीते गुरुवार को अपना नया हाई लेवल छुआ था और तूफानी तेजी के साथ 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गई थी. इस स्तर पर पहुंचने के बाद Gold Rate बिखरता हुआ चला गया और अब तक ये 49,775 रुपये सस्ता मिल रहा है. 

  • बलोच विद्रोह की चुनौती: BLA के सामने क्यों कमजोर पड़ती दिख रही है पाकिस्तानी फौज?

    बलोच विद्रोह की चुनौती: BLA के सामने क्यों कमजोर पड़ती दिख रही है पाकिस्तानी फौज?

    लाहौर 
    बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, लेकिन यहां सालों से अलगाववादी आंदोलन चल रहा है. बलूच लोग खुद को पाकिस्तानी सरकार से अलग मानते हैं. अपने संसाधनों पर ज्यादा हक मांगते हैं. इस आंदोलन की मुख्य ताकत है बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA), जो पाक सेना के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध लड़ रही है. बीएलए को पाकिस्तान, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है, लेकिन बलूच इसे आजादी की लड़ाई बताते हैं. 

    बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) क्या है?

    बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक बलूच राष्ट्रवादी सशस्त्र संगठन है, जो बलूचिस्तान को पाकिस्तान से आजाद करने के लिए लड़ रहा है. बलूचिस्तान, जो पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे कम आबादी वाला और अविकसित प्रांत है, प्राकृतिक संसाधनों जैसे गैस, खनिज और तटीय संपत्तियों से समृद्ध है.

    BLA और स्थानीय लोग दावा करते हैं कि पाकिस्तान सरकार इन संसाधनों का शोषण करती है, जिसका फायदा स्थानीय बलूच लोगों को नहीं मिलता. BLA का कहना है कि बलूचों को उनके अधिकारों और स्वायत्तता से वंचित किया जा रहा है. वे इसके खिलाफ सशस्त्र संघर्ष कर रहे हैं.

    पाकिस्तान, अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने BLA को एक आतंकवादी संगठन घोषित किया है, जबकि BLA खुद को बलूच लोगों के लिए स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ने वाला संगठन मानता है.

    बलूचों के पास कितने लड़ाके हैं?

    बलूच अलगाववादियों की कुल संख्या का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है क्योंकि ये संगठन गुप्त रूप से काम करती है. पहाड़ी इलाकों में छिपे रहते हैं. बलूचिस्तान में कई समूह सक्रिय हैं, जैसे बीएलए, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF), बलूच राष्ट्रीय सेना (BNA) और यूनाइटेड बलूच आर्मी (UBA). इनमें से बीएलए सबसे बड़ा और सक्रिय है.

    बीएलए के लड़ाकों की अनुमानित संख्या: 2020 में बीएलए के करीब 600 सक्रिय लड़ाके बताए जाते थे. लेकिन 2025 तक यह संख्या बढ़कर 3000 हो गई है. बीएलए के कुल सदस्य कई हजार हैं, जिसमें लड़ाके, समर्थक और भर्ती करने वाले लोग शामिल हैं. ऑपरेशन हेरोफ में 3000 से ज्यादा बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना के खिलाफ लड़ रहे हैं. 

    अन्य बलूच समूहों के लड़ाके: बीएलएफ ने 2025 में दावा किया कि उसके 42 लड़ाके मारे गए, लेकिन कुल संख्या का अनुमान नहीं है. जेयश अल-अदल जैसे अन्य समूहों के 500-600 लड़ाके हैं. सभी बलूच अलगाववादी समूहों के लड़ाकों की संख्या 5000 से 10000 के बीच हो सकती है, लेकिन यह बदलती रहती है क्योंकि भर्ती और नुकसान दोनों होते हैं. पाकिस्तानी सेना का दावा है कि उसने 2025-2026 में 100 से ज्यादा लड़ाकों को मार गिराया है. 

    सही संख्या ज्यादा या कम हो सकती है क्योंकि ये छिपकर काम करते हैं. बलूच युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए भर्ती किया जाता है, जहां वे राष्ट्रवाद और पाकिस्तान सरकार की ज्यादतियों की कहानियां सुनाते हैं.

    BLA की चोट के बाद पाकिस्तानियों का उठ गया भरोसा 

    पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और पाकिस्तानी सेना के बीच जारी हिंसक टकराव के बीच अब देश के भीतर से ही सेना और सरकार की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं. पाकिस्तानी पत्रकार ओसामा बिन जावेद ने अपने लेख में साफ कहा है कि पाकिस्तान की सेना अकेले बलूचिस्तान के लोगों की समस्या का समाधान नहीं कर सकती.

    पिछले कुछ दिनों में बलूचिस्तान के कई इलाकों में BLA के कोऑर्डिनेटेड हमलों के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए. पाकिस्तानी सेना के मुताबिक इन झड़पों में करीब 200 लोग मारे गए, जिनमें 31 आम नागरिक, 17 सुरक्षाकर्मी और 145 BLA लड़ाके शामिल हैं. इनमें से 100 से ज्यादा लड़ाके सिर्फ एक दिन में मारे जाने का दावा किया गया. हालांकि, सेना ने BLA के उस दावे को खारिज किया है जिसमें 84 सुरक्षाकर्मियों की मौत की बात कही गई थी.

    ओसामा बिन जावेद लिखते हैं कि बलूचिस्तान की पहाड़ियों में लड़ी गई यह लड़ाई सिर्फ हथियारों की नहीं, बल्कि दशकों से चली आ रही नाराजगी, राजनीतिक भेदभाव और आर्थिक अन्याय की कहानी है. उन्होंने किसी सूत्र के हवाले से कहा है, "एक मिलिट्री एक मिलिटेंट को खत्म कर सकती है, लेकिन किसी शिकायत को खत्म नहीं कर सकती."

    BLA पाकिस्तान सरकार के लिए आतंकी नेटवर्क

    पाकिस्तानी पत्रकार का कहना है कि सरकार जहां BLA को सिर्फ एक आतंकी नेटवर्क के तौर पर देखती है, वहीं बलूच समाज के कई लोग इन्हें अपने बेटे और भाई मानते हैं जिन्होंने हथियार उठा लिए हैं.

    पत्रकार ने इस बात पर भी जोर दिया कि हालिया हिंसा में आम लोगों की मौत इस विद्रोह की सबसे दुखद सच्चाई को उजागर करती है, क्योंकि यह लड़ाई उन्हीं लोगों को नुकसान पहुंचा रही है जिनके नाम पर इसे लड़ा जा रहा है. उन्होंने पाकिस्तान सरकार की उस रणनीति की भी आलोचना की, जिसमें हर हमले के पीछे "विदेशी साजिश" और "भारत के उकसावे" की बात कही जाती है. ओसामा के मुताबिक, इस नैरेटिव से असली मुद्दे राजनीतिक हाशिए पर डालना, गरीबी और संसाधनों की लूट दब जाते हैं.

    चाय की दुकानों पर होती है गरीबी की चर्चा

    लेख में यह भी कहा गया है कि बलूचिस्तान जैसे खनिज संपन्न प्रांत में आज भी गरीबी क्यों है, यह सवाल आम लोग चाय की दुकानों पर फुसफुसाकर पूछते हैं. ग्वादर पोर्ट और 46 अरब डॉलर के CPEC प्रोजेक्ट को भी कई स्थानीय लोग विकास का वरदान नहीं, बल्कि इस्लामाबाद और बीजिंग के फायदे का सौदा मानते हैं.

    पाकिस्तानी सेना के खिलाफ BLA की रणनीति क्या है?

    बीएलए पाकिस्तानी सेना से सीधे टकराव से बचती है क्योंकि सेना की ताकत ज्यादा है. यह एसिमेट्रिक वॉरफेयर की रणनीति अपनाती है, जिसमें छोटे-छोटे हमले करके दुश्मन को थकाया जाता है. यह रणनीति अफगानिस्तान में तालिबान की तरह है, जहां हिट-एंड-रन का इस्तेमाल होता है. बीएलए की रणनीति समय के साथ विकसित हुई है. 

    गुरिल्ला युद्ध की मुख्य रणनीतियां

    हिट-एंड-रन हमले और घात: बीएलए लड़ाके पहाड़ी इलाकों का फायदा उठाकर सेना की चौकियों, गश्ती दलों और काफिलों पर अचानक हमला करते हैं. वे IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) यानी घरेलू बम, रॉकेट और छोटे हथियारों का इस्तेमाल करते हैं. फिर जल्दी भाग जाते हैं ताकि सेना जवाब न दे सके.

    आत्मघाती हमले: मजीद ब्रिगेड आत्मघाती बम हमले करती है, जिसमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं. ये हमले सेना के कैंपों, चेकपोस्टों और महत्वपूर्ण जगहों पर होते हैं. 2025 में ऐसे कई हमले हुए, जैसे नोशकी और पंजगुर कैंपों पर, जहां बीएलए ने तीन दिन तक इलाका कब्जे में रखा.

    कॉर्डिनेटेड अटैक: बीएलए एक साथ कई जगहों पर हमला करती है ताकि सेना की ताकत बंट जाए. जैसे ऑपरेशन हेरोफ (ब्लैक स्टॉर्म), जिसका दूसरा चरण 2026 में शुरू हुआ. इसमें 10 शहरों में हमले हुए. राजमार्ग बंद किए गए और पाकिस्तानी झंडे हटाकर बलूच झंडे लगाए गए. 2025 में बीएलए ने 521 हमलों का दावा किया, जिसमें 1060 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. 
     
    टारगेट: बीएलए मुख्य रूप से पाकिस्तानी सेना, पुलिस, बुनियादी ढांचे (जैसे गैस पाइपलाइन, रेलवे), चीनी परियोजनाओं (सीपीईसी) और गैर-बलूच निवासियों को निशाना बनाती है. वे चीनी इंजीनियरों और मजदूरों पर हमले करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि पाकिस्तान उनके संसाधनों का शोषण कर रहा है. 

    डिजिटल और प्रचार रणनीति: बीएलए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करती है. टेलीग्राम, व्हाट्सएप और रंबल जैसे प्लेटफॉर्म पर वे हमलों के वीडियो, प्रचार सामग्री और शहीदों की कहानियां शेयर करते हैं. इससे भर्ती आसान होती है. वे स्थानीय शिकायतों का फायदा उठाते हैं, जैसे जबरन गायब करना और संसाधनों का शोषण.

    जब बढ़े हमले: 2025-2026 में बीएलए की रणनीति ज्यादा आक्रामक हुई है. ऑपरेशन हेरोफ में उन्होंने ड्रोन, टावर और वाहन नष्ट किए. पाकिस्तानी सेना का कहना है कि ये हमले भारत की मदद से हो रहे हैं, लेकिन इसका कोई सबूत नहीं दिया. बीएलए का लक्ष्य लंबे समय तक छोटे हमलों से सेना को थकाना है, फिर बड़ा हमला (ब्लिट्ज) करके इलाका कब्जा करना.

    हाल के विकास: 2025-2026 में बीएलए की रणनीति ज्यादा आक्रामक हुई है. ऑपरेशन हेरोफ में उन्होंने ड्रोन, टावर और वाहन नष्ट किए. पाकिस्तानी सेना का कहना है कि ये हमले भारत की मदद से हो रहे हैं, लेकिन इसका कोई सबूत नहीं दिया. बीएलए का लक्ष्य लंबे समय तक छोटे हमलों से सेना को थकाना है, फिर बड़ा हमला (ब्लिट्ज) करके इलाका कब्जा करना.

    क्या प्रभाव पड़ रहा है?

    यह संघर्ष बलूचिस्तान की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है. पाकिस्तानी सेना बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अलगाववाद रुक नहीं रहा. विशेषज्ञ कहते हैं कि सिर्फ सैन्य कार्रवाई से समस्या हल नहीं होगी; राजनीतिक बातचीत और विकास की जरूरत है.

    बलूचिस्तान में अशांति के कारण

    बलूचिस्तान में दशकों से चल रहा यह विद्रोह कई कारणों से भड़क रहा है…

        आर्थिक शोषण: बलूचिस्तान के संसाधनों का दोहन बिना स्थानीय लोगों को लाभ दिए किया जा रहा है.
        राजनीतिक हाशिए पर: बलूच लोगों को उनके अधिकारों और स्वायत्तता से वंचित रखा गया है.
        मानवाधिकार उल्लंघन: अमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच के अनुसार, हजारों बलूच कार्यकर्ता, पत्रकार और छात्रों को जबरन गायब किया गया या मार डाला गया.

     

     

  • जालंधर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, डेरा सच्चखंड बल्लां में की अरदास; आदमपुर एयरपोर्ट का नामकरण गुरु रविदास के नाम

    जालंधर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, डेरा सच्चखंड बल्लां में की अरदास; आदमपुर एयरपोर्ट का नामकरण गुरु रविदास के नाम

     जालंधर

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आदमपुर एयरपोर्ट का नाम महान संत श्री गुरु रविदास जी के नाम पर रखने का उद्घाटन किया। इस मौके पर डेरा सचखंड बल्लां सहित विभिन्न स्थानों से पहुंची संगत और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। जैसे ही प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट के नए नाम का औपचारिक ऐलान किया, पूरा परिसर रविदास शक्ति के नारों से गूंज उठा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने हलवारा एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी का जीवन समरसता, समानता और सामाजिक न्याय का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने अपने विचारों से समाज को नई दिशा दी और भेदभाव के खिलाफ आवाज बुलंद की। आदमपुर एयरपोर्ट का नाम उनके नाम पर रखना, उनकी शिक्षाओं के प्रति सम्मान और आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों से जोड़ने का प्रयास है।

    इस अवसर पर पंजाब के सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, संत समाज, संगत और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। संगत ने गुरु रविदास जी की तस्वीरों और झंडों के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम में धार्मिक आस्था और सामाजिक सम्मान का संगम साफ नजर आया।

    राजनीतिक जानकारों के अनुसार, आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास जी के नाम पर किया जाना पंजाब की दलित राजनीति और सामाजिक चेतना के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। इसे राज्य में सामाजिक संतुलन और सम्मान की राजनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

    सुबह से ही डेरा परिसर में रौनक बढ़ने लगी और दूर-दराज़ से पहुंची संगत प्रधानमंत्री के स्वागत और देखने को लेकर बेसब्री से इंतजार करती नजर आई। डेरा प्रबंधन और संगत की ओर से पूरे परिसर को भव्य रूप से सजाया गया। गुरु रविदास जी महाराज की शिक्षाओं और संदेशों से जुड़े बैनर-पोस्टर लगाए गए, वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कड़े और चाक-चौबंद इंतजाम किए गए।

    प्रधानमंत्री मोदी के आगमन को केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि श्रद्धा, सामाजिक समरसता और दलित चेतना से जुड़े बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। डेरा सच्चखंड बल्लां, जो गुरु रविदास जी महाराज की विचारधारा का प्रमुख और प्रभावशाली केंद्र है, वहां प्रधानमंत्री की मौजूदगी को संगत ने सम्मान और मान्यता के प्रतीक के रूप में लिया। जय गुरु रविदास के उद्घोष के साथ संगत डेरा परिसर में जुटती रही और पूरा माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया।

    वहीं लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट का भी पीएम मोदी उद्घाटन करेंगे। हलवारा एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू और मुख्यमंत्री भगवंत मान कुछ ही देर में पहुंचने वाले हैं, वाटर प्रूफ टेंट में विशाल मंच सज चूका है और मेहमानों का आना निरंतर जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदमपुर एयरपोर्ट से 3.45 पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हलवारा का वर्च्युअल उद्घाटन करेंगे।

    सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता
    प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा का कड़ा इंतजाम किया गया है। पंजाब पुलिस और एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) के जवान डेरा बल्लां में तैनात हैं। डीजीपी गौरव यादव ने जालंधर में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

    एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास के नाम पर रखा जाएगा
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले जालंधर के आदमपुर एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। यहां वे इस एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास जी एयरपोर्ट रखने की घोषणा करेंगे। इसके अलावा वे लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का वर्चुअल उद्घाटन भी करेंगे। सुरक्षा कारणों से प्रधानमंत्री के दौरे का पूरा कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन सूत्रों के अनुसार पीएम डेरा सचखंड बल्लां में लगभग 40 मिनट रुकेंगे। इस दौरान वे डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास से मुलाकात कर करेंगे। वह एक संक्षिप्त संबोधन भी दे सकते हैं। इस दौरान राज्यपाल, मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता भी डेरा बल्लां पहुंच सकते हैं।

    जालंधर नो फ्लाइंग जोन घोषित, डीजीपी ने लिया सुरक्षा का जायजा
    प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा का कड़ा इंतजाम किया गया है। पंजाब पुलिस और एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) के जवान डेरा बल्लां में तैनात हैं। डीजीपी गौरव यादव ने जालंधर में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। सुरक्षा के मद्देनजर 30 जनवरी से 1 फरवरी तक जालंधर को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इस अवधि में जिला सीमा के भीतर ड्रोन, हेलिकॉप्टर और अन्य नागरिक विमानन गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। जालंधर-पठानकोट हाईवे पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा।