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  • Navratri 2026 Day 1: मां शैलपुत्री की आराधना से मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद, जानें मंत्र और भोग

    Navratri 2026 Day 1: मां शैलपुत्री की आराधना से मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद, जानें मंत्र और भोग

    Navratri 1st Day Maa Shailputri ; शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के साथ मनाया जाता है. नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान से माता की उपासना करने से भक्तों को सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद मिलता है. इस दौरान देवी को प्रिय वस्तुओं का भोग लगाने और श्रद्धापूर्वक पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है. उज्जैन के आचार्य पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन कुछ खास बातों का ध्यान रखकर माता की आराधना की जा सकती है.

     आज  से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि
    वैदिक पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होती है. वर्ष 2026 में प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9 बजकर 18 मिनट से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 9 बजकर 31 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के आधार पर नवरात्रि का पहला दिन 11 अक्टूबर को मनाया जाएगा. इसी दिन घट स्थापना के साथ मां दुर्गा के नौ दिवसीय पर्व की शुरुआत होगी.

    मां शैलपुत्री की पूजा का क्या है महत्व?
    नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता ने पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया था, इसलिए उनका नाम शैलपुत्री पड़ा. देवी के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल सुशोभित है. उनका वाहन वृषभ यानी बैल है. मां शैलपुत्री को शक्ति, स्थिरता और प्रकृति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि उनकी पूजा करने से चंद्रमा से जुड़े अशुभ प्रभावों को शांत करने में सहायता मिलती है.

    सफेद मिठाई और घी का लगाएं भोग
    आचार्य के अनुसार, मां शैलपुत्री को सफेद रंग प्रिय माना जाता है. ऐसे में नवरात्रि के पहले दिन उन्हें सफेद बर्फी, दूध से बनी मिठाई, रबड़ी, मावे के लड्डू या गाय के घी से तैयार हलवे का भोग अर्पित कर सकते है. पूजा के दौरान स्वच्छता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखें. भक्त अपनी सामर्थ्य के अनुसार माता को भोग लगाकर सुख-शांति और परिवार की खुशहाली की कामना कर सकते हैं.

    जरूर करें इन मंत्रों का जाप
    ऊं देवी शैलपुत्र्यै नमः।।
    या देवी सर्वभूतेषु शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:।।
    वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्।।

  • Shardiya Navratri 2026: अखंड ज्योति जलाते समय न करें ये गलतियां, जानें शुभ दिशा और जरूरी सावधानियां

    Shardiya Navratri 2026: अखंड ज्योति जलाते समय न करें ये गलतियां, जानें शुभ दिशा और जरूरी सावधानियां

    Shardiya Navratri Akhand Jyoti Niyam: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है. यह पर्व मां दुर्गा को समर्पित है, जो पूरे नौ दिनों तक चलता है.  इस दौरान मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के साथ अखंड ज्योति जलाने की भी परंपरा है. कई भक्त नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योति जलाते हैं. मान्यता है कि नौ दिनों तक लगातार जलने वाली ज्योति मां दुर्गा के प्रति आस्था और भक्ति का प्रतीक है. हालांकि, अखंड ज्योति जलाने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए.

    अखंड ज्योति जलाने के लिए सही दीपक, बत्ती और घी या तेल का इस्तेमाल करना जरूरी है. साथ ही, इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि दीपक में घी या तेल कम न हो और उसकी लौ लगातार जलती रहे. तो आइए जानते हैं नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने का सही तरीका क्या है. साथ ही जानिए इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

    अखंड ज्योति जलाने की शुभ दिशा
    वास्तु के अनुसार, नवरात्रि में अखंड ज्योति रखने के लिए घर की दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण को शुभ माना जाता है. इस दिशा का संबंध अग्नि तत्व से है. पूजा घर में जगह हो, तो यहां दीपक रख सकते हैं. ध्यान रखें कि ज्योति ऐसी जगह हो, जहां उसकी देखभाल आसानी से हो सके और आग लगने का खतरा भी न रहे.

    नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने की सही विधि
    नवरात्रि के पहले दिन सुबह स्नान करने के बाद पूजा घर की सफाई कर लें. इसके बाद मां दुर्गा की पूजा की तैयारी करें.  फिर अखंड ज्योति रखने के लिए साफ-सुथरा जगह चुनें. अब एक लकड़ी की चौकी पर साफ लाल कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर दीपक रखें. दीपक ऐसी जगह रखें, जहां वह स्थिर रहे और आसानी से गिर न सके.

    अखंड ज्योति के लिए ऐसी बत्ती चुनें, जो लंबे समय तक जल सके.  आप गाय के घी का इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर घी उपलब्ध न हो तो तिल या सरसों के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.  इस बात का ध्यान रखें कि बत्ती को दीपक में ठीक तरह से लगाएं, ताकि लौ स्थिर बनी रहे.

    दीपक जलाने से पहले मां दुर्गा का ध्यान करें. नवरात्रि के नौ दिनों तक पूजा करने का संकल्प लें. मन में अपनी श्रद्धा और मनोकामना व्यक्त करते हुए देवी से पूजा पूरी करने की प्रार्थना करें. इसके बाद अखंड ज्योति प्रज्वलित करें. फिर दीपक के पास फूल और अक्षत अर्पित करें. इसके बाद मां दुर्गा की पूजा करें. साथ ही, आरती के साथ उनका स्मरण करें.

    अखंड ज्योति जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
    अगर आपने नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाने का संकल्प लिया है, तो इसकी देखभाल के लिए पहले से इंतजाम कर लें. घर में कोई न कोई व्यक्ति इसकी निगरानी  जरूर करें. जलते हुए दीपक को अकेला छोड़ने से आग लगने का खतरा हो सकता है.

    अखंड ज्योति को चौकी पर रखना शुभ माना जाता है. दीपक को हमेशा समतल और सुरक्षित जगह पर रखें. इसके आसपास पर्दे, कागज या कपड़े जैसी चीजें न रखें. साथ ही, दीपक को बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें.

    दीपक में घी या तेल कम होने पर ज्योति बुझ सकती है. इसलिए समय-समय पर घी या तेल की मात्रा चेक करते रहें. इसे डालते समय सावधानी बरतें और दीपक को पूरा न भरें. साथ ही, बत्ती का आकार दीपक के हिसाब से रखें. इसके अलावा अखंड ज्योति से दूसरा दीपक जलाने और बार-बार उसकी बत्ती बदलने से बचना चाहिए.

    अखंड ज्योति का धार्मिक महत्व
    हिंदू धर्म में दीपक को रोशनी, आस्था और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाकर भक्त मां दुर्गा की पूजा करते हैं और नौ दिनों तक उनकी आराधना करते हैं. मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है.

  • परगट सिंह कल संभालेंगे पंजाब कांग्रेस की कमान, 10 हजार कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में होगी ताजपोशी

    परगट सिंह कल संभालेंगे पंजाब कांग्रेस की कमान, 10 हजार कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में होगी ताजपोशी

    चंडीगढ़ 
    पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान परगट सिंह ने मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस में इतने चेहरे हैं कि हर कोई मुख्यमंत्री बनने की क्षमता रखता है। हालांकि, उन्होंने किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के बजाय सामूहिक नेतृत्व पर जोर दिया और कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।

    परगट सिंह कल यानी रविवार (11 अक्टूबर) को पंजाब कांग्रेस प्रधान के रूप में अपना कार्यभार संभालेंगे। चंडीगढ़ में स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में उनके पदभार ग्रहण समारोह के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस कार्यक्रम में पार्टी के करीब 10 हजार कार्यकर्ताओं के जुटने की उम्मीद है।

    पदभार ग्रहण समारोह को लेकर प्रदेश संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार, 11 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में होने वाले इस कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों के जुटने की उम्मीद है।

    पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित केंद्रीय नेतृत्व के प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी अहम रहेगी। इस समारोह पर पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच सबकी नजरें पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की मौजूदगी पर टिकी हैं।

    दोनों नेताओं की उपस्थिति को नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठनात्मक एकजुटता के संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, समारोह में उनकी भागीदारी को लेकर अंतिम स्थिति पर नजर रहेगी।

    दिल्ली में डटे हैं दोनों सीनियर नेता
    चन्नी और वड़िंग इन दिनों दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ मतदाता सूची तथा कथित वोट चोरी के मुद्दे पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय हैं। ऐसे में चंडीगढ़ में होने वाले कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी कांग्रेस के भीतर आपसी तालमेल और नए नेतृत्व को समर्थन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रविवार को होने वाले कार्यक्रम में 8 से 10000 कांग्रेस समर्थकों के पहुंचने की उम्मीद है।

    हरमंदिर साहिब में माथा टेककर शुरू की नई पारी
    परगट सिंह ने गुरुवार को अमृतसर स्थित श्री गुरु हरमंदिर साहिब में सचिन पायलट और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ माथा टेककर अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। इसके बाद अब चंडीगढ़ में औपचारिक रूप से प्रदेश अध्यक्ष का पद संभालने की तैयारी है। पार्टी के सामने इस आयोजन के जरिए कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को सक्रिय करने की चुनौती भी है।

    समितियों की बैठकों का दौर होगा तेज
    प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक गतिविधियां पहले ही तेज हो चुकी हैं। चुनावी तैयारियों के तहत घोषणापत्र समिति की दो-तीन बैठकें हो चुकी हैं। अब अगले सप्ताह से पार्टी की अन्य समितियों की बैठकें आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। नए अध्यक्ष के कार्यभार संभालने के बाद इन गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। अब देखना होगा कि परगट सिंह वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय स्थापित कर पार्टी को चुनावी तैयारी के लिए किस तरह एकजुट करते हैं।

    परगट सिंह की तीन बड़ी बातें…
        परगट सिंह ने कहा कि चन्नी, राजा वड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा और सुखपाल सिंह खैरा जैसे वरिष्ठ नेताओं के पास काफी अनुभव है। वह उनके अनुभव का लाभ उठाकर पार्टी को मजबूत करने और चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।

        पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी और आपसी मनमुटाव की चर्चाओं को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि सभी नेता एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं। हर नेता की भूमिका तय की जाएगी और सभी को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा।

        उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी एक व्यक्ति के बजाय सभी नेताओं को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम किया जाएगा। हॉकी के मैदान से राजनीति में आए परगट सिंह ने कहा कि वह राजनीति में स्ट्राइकर की भूमिका निभाएंगे, लेकिन फुल बैक के तौर पर भी खेलने के लिए तैयार हैं।

    सीएम पद पर परगट सिंह की दावेदारी के 4 कारण
        प्रदेश प्रधान का पद:
    2 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस हाईकमान ने परगट सिंह को अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया प्रधान नियुक्त किया है। राजनीतिक परंपराओं के अनुसार, चुनाव से ठीक पहले प्रदेश प्रधान बनने वाला नेता स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल हो जाता है।

        गुटबाजी खत्म करने के लिए 'स्वीकार्य चेहरा': पंजाब कांग्रेस लंबे समय से चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वड़िंग के गुटों के बीच खींचतान से जूझ रही थी। परगट सिंह की छवि एक साफ-सुथरे और विवादों से दूर रहने वाले नेता की है, जिन्हें सभी धड़े स्वीकार करते हैं। वह चन्नी और नए पंजाब प्रभारी सचिन पायलट दोनों के करीबी माने जाते हैं, जिससे उनकी दावेदारी मजबूत हुई है।

        संतुलित सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण: परगट सिंह जट्ट सिख समुदाय से आते हैं और दोआबा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्हें कमान सौंपकर कांग्रेस ने बिना किसी बड़े सामाजिक बदलाव के समीकरणों को संतुलित किया है, जो 2027 के विधानसभा चुनावों में पार्टी के लिए फायदेमंद हो सकता है।

        तीन बार के विधायक रह चुके: वह भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और ओलंपिक खिलाड़ी रह चुके हैं। इसके अलावा, वह पंजाब के खेल और शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं और तीन बार के विधायक हैं। उनकी बेदाग और मुखर राजनीतिक शैली के कारण उन्हें एक मजबूत नेतृत्वकर्ता के रूप में देखा जा रहा है।

    2 अक्टूबर को बने प्रदेश अध्यक्ष
    जालंधर कैंट से विधायक और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह को 2 अक्टूबर 2026 को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह ली।

    पार्टी में अंदरूनी गुटबाजी और वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेदों की चर्चाओं के बीच कांग्रेस हाईकमान ने परगट सिंह पर भरोसा जताया। प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में विजय इंदर सिंगला का नाम भी चर्चा में था, लेकिन हाईकमान ने परगट सिंह को संगठन की कमान सौंपी।

    2027 से पहले गुटबाजी खत्म करना चुनौती
    पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने और सभी गुटों को एकजुट करने की चुनौती है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेदों की चर्चाएं होती रही हैं।

    ऐसे में परगट सिंह के सामने सभी नेताओं को साथ लेकर चलने और पार्टी को चुनाव के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी होगी। हॉकी के मैदान में भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके परगट सिंह के लिए राजनीतिक मैदान में भी टीम के सभी खिलाड़ियों को साथ लेकर चलना अहम होगा। विरोधियों का कहना है कि उनके लिए यह राह आसान नहीं होगी।

     

  • ‘मुझे 8 नोबेल शांति पुरस्कार मिलने चाहिए थे’, नवी पिल्ले को सम्मान मिलने पर ट्रंप का बयान चर्चा में

    ‘मुझे 8 नोबेल शांति पुरस्कार मिलने चाहिए थे’, नवी पिल्ले को सम्मान मिलने पर ट्रंप का बयान चर्चा में

     वाशिंगटन (डीसी)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुंह फूला हुआ है. उन्होंने भारतीय मूल की दक्षिण अफ़्रीकी न्यायविद नवी पिल्ले को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने पर नाराजगी जताई है. अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि उन्हें 8 नोबेल शांति पुरस्कार मिलने चाहिए थे, सिर्फ एक नहीं. मैंने आठ युद्धों के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को सुलझाया है. उन्होंने यह भी कहा कि ये महिला कौन हैं? न इनके बारे में जानता हूं, न ही जनता को उनके बारे में किसी को कोई जानकारी है. फिर भी उनको नोबेल दे  दिया गया। 

    पिल्ले के बारे में ये बोले ट्रंप
    ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा है कि पि
    ल्ले के बारे में किसी ने कुछ नहीं सुना है. जहां तक मेरी जानकारी है, वह स्पष्ट रूप से इजराइल की विरोधी हैं. यह भी नहीं पता कि उन्होंने वास्तव में क्या कार्य किए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मैंने तो 8 युद्धों को सुलझाया है. मैंने जिन देशों की मदद की है उन सभी मुल्कों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्रियों ने नॉर्वेजियन नोबेल समिति को पत्र भेजे थे. मैं ईरान और रूस/यूक्रेन के साथ दो और युद्धों को सुलझाने या जीतने वाला हूं. हालांकि असली मुद्दे वे आठ युद्ध हैं जिन्हें मैंने सुलझाया है. इनमें भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध बेहद खास है. यह युद्ध रुकवाना वास्तव में नोबेल पुरस्कार देने के लिए पर्याप्त है। 

    इन आठ युद्धों को भी साझा किया
    उन्होंने पोस्ट में सभी आठ युद्धों की चर्चा भी की. इनमें कंबोडिया और थाईलैंड, कोसोवा और सर्बिया, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और रवांडा, पाकिस्तान और भारत, इजराइल और ईरान, मिस्र और इथियोपिया , आर्मेनिया और अजरबैजान के अलावा इजराइल और हमास।  

    मैंने इतिहास में सबसे ज्यादा जानें बचाई हैं
    टंप ने कहा कि मैंने ही ईरान को न्यूक्लियरर वेपन बनाने से रोका, पूरे मिडिल ईस्ट को ही उजड़ने से रोका है. यह भी कहा कि इतिहास में  उन्होंने सबसे अधिक जानें बचाई हैं. पिछले साल मुझे नोबेल प्राइज देते हुए मारिया कोरिना मचाडो  ने मीडिया से कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप ने कई लड़ाइयां सुलझाईं, वे नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार है. नोबेल पाने वालों के लिए आज तक कभी किसी ने ऐसा नहीं किया। 

    इजराइल में सभी बंधकों को वापस लाया था…
    ट्रंप ने कह, 'मैंने इजराइल में सभी बंधकों को छुड़वाया जिसमें आखिरी 28 जिंदा लोगों के साथ कुछ मृतक भी थे। हमास के साथ मिलकर ये कठिन कार्य पूरा किया. मेरे ही प्रयास से दुनिया के तानाशाह निकोलस मादुरो को वेनेजुएला से हटाया जा सका. मैं वेनेजुएला को एक अमीर डेमोक्रेसी में तब्दील करने के प्रयास में हूं. ईरान के अलावा मैंने इज़राइल, मिडिल ईस्ट और यूरोप को बर्बाद करने से रोका है. मेरे निरंतर प्रयास से ही साउथ कोरिया और नॉर्थ कोरिया, जापान व नॉर्थ कोरिया के बीच जंग थमी हुई है। 

    मैंने बंधकों को उनके घर तक पहुंचाया
    मैं NATO देशों के GDP के 2% से 5% तक ख
    र्च बढ़ाने, मज़बूत अलायंस और डिफेंस बनाने में भी सफल रहा हूं.यह भी कहा कि मैंने पूर्वी यूरोप के कई देशों के 900 से अधिक राजनीतिक कैदियों की रिहाई के लिए बातचीत कर उनकी वापसी पक्की कराई. दुनिया भर से 196 बंधकों को दूसरे देशों की कैद से छुड़ा कर उनको घर तक पहुंचाने वाला मैं ही हूं। 

    जिसे कोई नहीं जानता उसे नोबेल दे दिया
    मैंने इतने महत्वपूर्ण मुद्दों को सुलझाने के साथ अहम जिम्मेदारियां निभाईं इसके बाद भी नोबेल प्राइज़ एक ऐसे लिबरल इंसान को दिया गया जो यूनाइटेड नेशंस में काम करता है और जिसके बारे में कोई भी नहीं जानता. मैंने जितने भी युद्ध सुलझाए हैं उसके लिए कभी यूनाइटेड नेशंस से बात नहीं की, न वहां से कोई मदद मिली। यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका जिसे मैं आपके प्रेसिडेंट के तौर पर रिप्रेजेंट करता हूं, को नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था।  यह नॉर्वे पर लगा ऐसा दाग है जिसे कभी नहीं मिटाया जा सकेगा।

  • 34 देशों के 100 से अधिक और देश के 15 राज्यों के 180 टूर ट्रैवल ऑपरेटर और होटलियर सहित 600 से अधिक स्टेक होल्डर्स की सहभागिता

    34 देशों के 100 से अधिक और देश के 15 राज्यों के 180 टूर ट्रैवल ऑपरेटर और होटलियर सहित 600 से अधिक स्टेक होल्डर्स की सहभागिता

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व, विकासपरक नीतियों और सतत प्रयासों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश आज वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक सशक्त, गतिशील और बहुआयामी गंतव्य के रूप में स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य की विपुल प्राकृतिक संपदा, समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, पावन आध्यात्मिक केंद्रों, सघन वन्य जीव अभयारण्यों और अनूठी जनजातीय संस्कृति को केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित न रखकर इसे स्थानीय आजीविका, रोजगार सृजन और राज्य के समग्र आर्थिक सशक्तिकरण का मुख्य आधार बनाया जाए। उनके मार्गदर्शन और समग्र विकास दृष्टि का प्रत्यक्ष प्रमाण मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 की ऐतिहासिक सफलता के रूप में सामने आया है। राजधानी भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में हुए ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026’ (एमपीटीएम) का 7वां संस्करण राज्य के पर्यटन विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। इस तीन दिवसीय महाकुंभ में 34 देशों के 100 से अधिक एवं देश के 180 से अधिक टूर ऑपरेटर्स होटल व्यवसायियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ प्रदेश के 250 से अधिक ट्रैवल टूर ऑपरेटर, होटलियर और एग्जीबिटर्स को एक ही मंच पर लाकर 10 हजार से अधिक बी2बी मीटिंग्स ने प्रदेश की असीम पर्यटन संभावनाओं को वैश्विक पहचान दिलाई। आयोजन ने वन्य जीव, हेरिटेज, आध्यात्म, साहसिक और ग्रामीण पर्यटन के विविध आयामों को वैश्विक खरीदारों के समक्ष पूरी भव्यता के साथ प्रस्तुत किया। 

    ट्रैवल मार्ट में 3,729 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों से राज्य में सशक्त होगी आधुनिक पर्यटन अधोसंरचना

    ट्रैवल मार्ट के 7वें संस्करण में निजी क्षेत्र से लगभग 3,729 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं। ये प्रस्ताव लक्जरी होटलों, वेलनेस रिसॉर्ट्स, गोल्फ कोर्स, वॉटरफ्रंट रिट्रीट्स और वन्यजीव लॉज के विकास से जुड़े हैं। इन पूंजीगत निवेशों से न केवल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों की आतिथ्य क्षमता में विश्वस्तरीय वृद्धि होगी, बल्कि राज्य के दुरस्थ अंचलों में आधुनिक अधोसंरचनात्मक का विस्तार होगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे। 

    व्यावसायिक नेटवर्किंग के दौरान 10,263 बी2बी बैठकों का ऐतिहासिक कीर्तिमान: 14% की हुई वृद्धि

    व्यावसायिक संवाद और साझेदारी के दृष्टिकोण से यह आयोजन ऐतिहासिक रहा, जिसमें कुल 10,263 सफल बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें संपन्न हुईं। वर्ष 2025 में आयोजित ट्रैवल मार्ट में लगभग 9,000 बैठकें हुई थीं, जिसकी तुलना में इस वर्ष 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्ध दर्ज की गई। इन बैठकों ने स्थानीय टूर प्रमोटर्स, होटल मालिकों और ग्रामीण होमस्टे संचालकों को अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जोड़कर आगामी वर्षों के लिए दीर्घकालिक व्यावसायिक अनुबंधों का सुदृढ़ आधार तैयार किया। 

    34 देशों के 100 विदेशी टूर ऑपरेटर्स ने दिखाई गहरी रुचि, 7 नए देश हुए शामिल

    ट्रैवल मार्ट में 34 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 100 प्रमुख विदेशी टूर ऑपरेटर्स ने सक्रिय सहभागिता की। पिछले वर्ष जहां 27 देशों के 90 विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए थे, वहीं इस बार 7 नए देश ट्रैवल मार्ट में शामिल हुए। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया,और स्पेन सहित विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता और स्मारकों का गहन अध्ययन किया, जिससे आने वाले पर्यटन सत्रों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में निश्चित ही वृद्धि होगी। 

    15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स की भागीदारी से अंतर-प्रादेशिक नेटवर्क हुआ सुदृढ़

    राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों के प्रवाह को गति देने के लिए देश के 15 राज्यों से 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स ने मार्ट में हिस्सा लिया। वर्ष 2025 के 150 घरेलू टूर ऑपरेटरों की तुलना में इस बार 20 प्रतिशत वृद्धि देखी गई। देश के विभिन्न हिस्सों से आए इन प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश के प्रमुख व उभरते पर्यटन केंद्रों को अपने यात्रा कार्यक्रमों में शामिल करने के लिए स्थानीय भागीदारों से अनुबंध किए। इससे राज्य के लिए एक सुदृढ़ अंतर-प्रादेशिक पर्यटन नेटवर्क स्थापित हुआ। 

    ट्रैवल मार्ट एग्जिबिशन में 177 स्टॉल्स की आधुनिक आतिथ्य और पारंपरिक हस्तशिल्प की दुनिया

    ट्रैवल मार्ट के विशाल परिसर में ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े 177 भव्य स्टॉल्स लगाए गए। इन स्टॉल्स के माध्यम से मध्यप्रदेश सहित देश-विदेश के प्रतिष्ठित होटलों, रिसॉर्ट्स, ट्रैवल एजेंसियों, साहसिक खेल अकादमियों, पारंपरिक शिल्पकारों और उभरते हुए ग्रामीण होमस्टे को एक साझा व्यावसायिक मंच मिला। प्रदर्शनी ने खरीदारों और सेवा प्रदाताओं के बीच पारदर्शी संवाद का माध्यम बनकर पर्यटन उद्योग के संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को एक ही स्थान पर जीवंत कर दिया। 

    सीहोर के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स का 848.40 करोड़ रूपये का निवेश एमओयू

    निवेश संवर्धन के क्षेत्र में सबसे बड़ा मील का पत्थर सीहोर जिले के रामगढ़ में स्थापित होने वाली मेगा परियोजना रही, जिसके लिए ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 848.40 करोड़ रूपये के निजी निवेश का एमओयू किया गया। कंपनी के चेयरमैन एवं निदेशक  अतुल अग्रवाल के नेतृत्व में प्रस्तावित इस परियोजना में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल विकसित किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी उपक्रम क्षेत्र में 920 से अधिक कुशल व अकुशल युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगा। 

    बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा में राजसन होटल्स का 520 करोड़ रूपये का वन्य जीव निवेश

    प्रदेश के गौरवशाली वन्य जीव पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से राजसन होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के बीच 520 करोड़ रूपये के निवेश का महत्वपूर्ण समझौता हुआ। कंपनी के निदेशक  विनोद सिंह राजपुरोहित द्वारा प्रस्तुत कार्य योजना अंतर्गत बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा टाइगर रिजर्व के परिधीय क्षेत्रों में अत्याधुनिक वन्य जीव रिसॉर्ट्स विकसित किए जाएंगे। धारणीय पर्यटन मानकों पर आधारित इस परियोजना से लगभग 375 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    धरोहर संरक्षण, पर्यटक प्रशिक्षण और लक्जरी रिसॉर्ट्स में बड़े निवेश की पहल

    ओरछा की धरोहर संरक्षण के लिए एसपीए, नई दिल्ली और ‘द्रोणह’ की मती शिखा जैन के साथ एमओयू किए गए। आईआईटीटीएम, ग्वालियर के साथ भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने तथा टेकनपुर बीएसएफ अकादमी में सैन्य पर्यटन के उन्नयन के लिए भी समझौते हुए। निवेश प्रस्तावों में एटमॉस्फियर ग्रुप ने उज्जैन, इंदौर और वन्यजीव क्षेत्रों में 500 करोड़ रूपये, रेनी ग्रुप ने मांडू की 350 वर्ष पुरानी लुनेरा सराय को 130 करोड़ रूपये में ‘वेलकम होटल बाय आईटीसी’ के रूप में विकसित करने और खजुराहो के कुटनी डैम पर वॉटरफ्रंट रिसॉर्ट सहित 290 करोड़ रूपये से अधिक तथा सर्व ग्रुप ने मढ़ई में ‘ताज सफारीज’ के साथ 100 करोड़ रूपये के अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट सहित कुल 300 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव रखे गए। सर्व ग्रुप ने सतपुड़ा के मढ़ई में ‘ताज सफारीज’ के साथ 100 करोड़ रूपये के अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट सहित कुल 300 करोड़ रूपये के निवेश का प्रस्ताव रखा।

    ओंकारेश्वर में सिंहस्थ पूर्व 200 करोड़ रूपये का 'रमाडा रिसॉर्ट' और वन्य जीव समूहों का उत्साह

    एमआरवीएच रिसॉर्ट्स के निदेशक  जितेंद्र सिंह ने बताया कि ओंकारेश्वर में 200 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे 'रमाडा रिसॉर्ट बाय विंडहैम' को सिंहस्थ 2028 से पूर्व, वर्ष 2026 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा, साथ ही अन्य स्थलों पर 150 करोड़ रूपये का अतिरिक्त निवेश होगा। वन्य जीव सर्किटों में रामको ग्रुप ने 120-140 करोड़ रूपये के सतत रिसॉर्ट्स, वराय होटल्स ने उज्जैन में 80 करोड़ रूपये के होटल, इवॉल्व बैक ने मांडू में 50 करोड़ रूपये और अनाशविश टाइगर कैंप ने 'द लीला' के साथ लक्जरी परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

    ओरछा में 50 करोड़ रूपये का रिसॉर्ट और पन्ना के ऐतिहासिक पैलेस में हेरिटेज होटल का प्रदान किया गया एलओए

    प्रदेश में पर्यटन परियोजनाओं की त्वरित स्थापना के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए। मेसर्स पालिया कंस्ट्रक्शन, ग्वालियर के पार्टनर  अनूप शर्मा को ऐतिहासिक नगरी ओरछा में 50 करोड़ रूपये के निवेश से आधुनिक रिसॉर्ट स्थापित करने के लिए एलओए सौंपा गया। वहीं  वीरेंद्र जादौन एवं मती रत्न जादौन को पन्ना जिले के ऐतिहासिक लक्ष्मीपुर पैलेस में 10 करोड़ रूपये के निवेश से हेरिटेज होटल विकसित करने का अनुबंध पत्र दिया गया, जिससे रियासतकालीन धरोहर को संवारते हुए पर्यटकों को राजसी अनुभव मिल सकेगा। विकेंद्रीकृत पर्यटन विकास के तहत ओरछा, बैतूल, नीमच, मंदसौर, रायसेन और सागर सहित विभिन्न क्षेत्रों में रिसॉर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी किए गए। खजुराहो-पन्ना, जबलपुर-भोपाल और उज्जैन-मक्सी मार्गों पर आधुनिक मार्ग सुविधा केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी गई, जहां यात्रियों को स्वच्छ प्रसाधन, खानपान और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी

    डिजिटल तकनीक और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा: एक्सप्लर्जर व ग्राम स्टे के साथ एमओयू

    मध्यप्रदेश में पर्यटन को डिजिटल और वैश्विक पहचान देने के लिए एक्सप्लर्जर के साथ एमओयू किया गया। इसके तहत 100 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 1,000 क्यूआर कोड बोर्ड और एआई आधारित बहुभाषी पर्यटक सहायता विकसित की जाएगी। वहीं, ‘ग्राम स्टे’ के साथ समझौते से ग्रामीण होमस्टे को अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण परिवारों को पर्यटन से सीधे आर्थिक लाभ मिल सकेगा।

    'द वायरल फीवर' और केआरएआरके के साथ करार: फिल्म पर्यटन का नया हब बनेगा मध्यप्रदेश

    मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख फिल्म निर्माण हब बनाने के उद्देश्य से प्रसिद्ध डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन हाउस 'द वायरल फीवर' और केआरएआरके फैमिली ऑफिस के साथ महत्वपूर्ण समझौता हुआ। टीवीएफ के संस्थापक  अरुणाभ कुमार ने 'पंचायत' और 'गुल्लक' जैसी चर्चित वेब-सीरीज की मध्यप्रदेश में हुई सफल शूटिंग का उल्लेख करते हुए राज्य को फिल्म निर्माण के अनुकूल बताया। इस करार के अंतर्गत फिल्म पर्यटन को प्रोत्साहित करने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए सिनेमैटोग्राफी और प्रोडक्शन तकनीकों में कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। 

    साहसिक पर्यटन में सुरक्षा मानक तय करने हेतु एटीओएआई और नैट्रैक्स से एमओयू

    साहसिक पर्यटन को व्यवस्थित करने के लिए एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ पद्म से सम्मानित  अजीत बजाज की उपस्थिति में समझौता हुआ। इसके अंतर्गत साहसिक गतिविधियों के लिए कड़े सुरक्षा मानक, मानक संचालन प्रक्रियाएं और स्थानीय गाइडों का प्रमाणन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एशिया के सबसे बड़े ऑटोमोटिव टेस्टिंग ट्रैक 'नैट्रैक्स' के निदेशक डॉ. मनीष जायसवाल के साथ मोटरस्पोर्ट्स और ऑटो-टूरिज्म के विकास के लिए समझौता हुआ। 

    वन्य जीव पर्यटन में संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर पैनल डिस्कशन

    मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के दूसरे दिन केंद्रीय पर्यटन सचिव  भुवनेश कुमार ने कहा कि वन्यजीव पर्यटन की सफलता प्रकृति संरक्षण और स्थानीय समुदायों को मिलने वाले लाभ से तय होनी चाहिए। उन्होंने कूनो में चीता संरक्षण के साथ चंबल में डॉल्फिन व गिद्ध संरक्षण और अनूठे प्राकृतिक अनुभवों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। पर्यटन सचिव एवं एमपीटीबी के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने सतत एवं संरक्षण आधारित पर्यटन मॉडल की प्रतिबद्धता दोहराते हुए भारत में जन्मी चीता द्वारा 5 शावकों के जन्म और रातापानी को नए बाघ अभयारण्य के रूप में विकसित करने का उल्लेख किया। विशेषज्ञों ने स्थानीय आतिथ्य, सुरक्षा और गाइडों को प्रभावी कहानीकार बनाने पर भी जोर दिया।

    37,576 करोड़ रूपये का राष्ट्रीय माइस बाजार: इंदौर और भोपाल को प्रमुख आयोजन केंद्र बनाने पर विमर्श

    'माइस एवं क्रिएटिव इकोनॉमी' राउंडटेबल में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं ICPB के चेयरमैन  हरिकिशोर एस. ने बताया कि देश का माइस बाजार लगभग 37,576 करोड़ रूपये का हो चुका है। उन्होंने टियर-2 शहरों की बढ़ती मांग को देखते हुए इंदौर और भोपाल में प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र बनने की व्यापक क्षमता रेखांकित की और सिटी माइस प्रमोशन ब्यूरो के गठन का सुझाव दिया। वहीं विज़क्राफ्ट के सह-संस्थापक  सब्बास जोसेफ ने ओरछा, खजुराहो, महेश्वर और मांडू को भव्य 'डेस्टिनेशन वेडिंग्स' के लिए उपयुक्त बताते हुए संपूर्ण अनुभव पैकेज विकसित करने पर बल दिया। 

    प्रदेश के पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण राउंट टेबल सत्र

    प्रदेश को प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने के उद्देश्य से ‘माइस एवं क्रिएटिव इकोनॉमी’ और ‘एडवेंचर टूरिज्म’ पर विशेष राउंडटेबल आयोजित हुए। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं आईसीपीबी चेयरमैन  हरिकिशोर एस. ने 37,576 करोड़ रूपये के राष्ट्रीय माइस बाजार का उल्लेख करते हुए इंदौर-भोपाल को प्रमुख सम्मेलन केंद्र बनाने का सुझाव दिया। विज़क्राफ्ट के सह-संस्थापक  सब्बास जोसेफ ने ओरछा, खजुराहो, महेश्वर और मांडू में डेस्टिनेशन वेडिंग की संभावनाएं बताईं। पर्यटन सचिव एवं एमपीटीबी के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने वर्ष 2027 को ‘एडवेंचर ईयर’ के रूप में मनाकर साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही।

    एमपी टूरिज्म की बहुभाषी वेबसाइट का लोकार्पण और एआई अवतार 'मोगली' का आकर्षण

    वैश्विक पर्यटकों की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (www.mptourism.com) के बहुभाषी संस्करण का लोकार्पण किया गया, जिसमें हिंदी व अंग्रेजी के अलावा जर्मन, स्पैनिश, फ्रेंच और जापानी भाषाओं को शामिल किया गया है। साथ ही 360-डिग्री व्यू, वीआर लिंक्स और एआई स्टोरीटेलिंग से युक्त डिजिटल 'एमपी ट्रैवल हैंडबुक' का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में इंटरैक्टिव एआई अवतार 'मोगली' ने आगंतुकों से सीधा संवाद कर उनकी रुचि के अनुरूप कस्टमाइज्ड यात्रा कार्यक्रम तैयार किए।

    पर्यावरण-अनुकूल हरित आयोजन और डेलिगेट्स के लिए रोमांचक स्थानीय गतिविधियां

    मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने पूरे आयोजन को सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त और अधिक से अधिक पेपरलेस रखकर जिम्मेदार पर्यटन का उदाहरण प्रस्तुत किया। अतिथियों के आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया गया तथा मिट्टी के कुल्हड़ों को बढ़ावा दिया गया। इसके साथ ही 149 विशिष्ट प्रतिनिधियों ने भोपाल के कमला पार्क में हेरिटेज वॉक, बड़े तालाब पर 120 अतिथियों ने शिकारा बोट राइड, वन विहार में 70 अतिथियों ने बर्ड वॉक, योग सत्र और बड़ी संख्या में अतिथियों ने हेलीकॉप्टर जॉय राइड जैसी गतिविधियों का आनंद लिया। 

    'मां की रसोई' में महका पारंपरिक स्वाद और 'अमृतस्य मध्यप्रदेश' से बिखरी सांस्कृतिक छटा

    आतिथ्य भोज के दौरान 'मां की रसोई' में देशी-विदेशी मेहमानों ने कोदो-मेथी भात, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, मालवा के प्रसिद्ध दाल-बाफला, भटे का भरता और बुरहानपुर की ऐतिहासिक मावा जलेबी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। वहीं सांस्कृतिक संध्या में सु मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 100 से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नृत्य नाटिका 'अमृतस्य मध्यप्रदेश' ने भीमबेटका, खजुराहो, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और मां नर्मदा की आरती से होते हुए सिंहस्थ कुंभ 2028 के आध्यात्मिक वैभव को जीवंत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। 

    वैश्विक टूर ऑपरेटर्स और ग्रामीण होमस्टे संचालकों ने साझा किए अपने सकारात्मक अनुभव

    केन्या के आर-12 अफ्रीका के निदेशक  रिजवान मावजी और ऑस्ट्रेलिया के  नवनीत मित्तल ने मार्ट को वैश्विक नेटवर्किंग का शानदार मंच बताया। इंदौर के कालाकुंड से  सूरज यादव, बांधवगढ़ के खितौली से  कपिल गुप्ता और डिंडौरी से जनजातीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले  जैनली समराम जैसे होमस्टे संचालकों ने कहा कि इस आयोजन ने उनके स्थानीय आतिथ्य को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति दी है। 

    मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 की अन्य मुख्य उपलब्धियाँ

    मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में में वन्य जीव एवं सतत पर्यटन, एडवेंचर टूरिज्म, माइस और क्रिएटिव इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में नीति, अधोसंरचना, सुरक्षा मानकों, स्थानीय समुदायों के प्रशिक्षण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर विचार-विमर्श हुआ। डिजिटल पर्यटन टूल्स, फैम टूर्स, मीडिया एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की सहभागिता और सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार के साथ आयोजित इन्फ्लुएंसर्स मीट के माध्यम से प्रदेश के पर्यटन स्थलों की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दृश्यता बढ़ाने पर जोर दिया गया। वहीं, इको विलेज और आर्टिजन पवेलियन में ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय हस्तशिल्प और सतत पर्यटन को प्रदर्शित किया गया।

    पिछले 10 वर्षों में 3,963 करोड़ रूपये का निजी निवेश और 2027 तक 15 नए फाइव-स्टार होटल्स का विजन

    प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों में 91 शासकीय भूमि खंड और 12 हेरिटेज संपत्तियां लीज पर देकर 3,963 करोड़ रूपये का निजी निवेश आकर्षित किया गया, जिससे 9,608 नए कमरे जुड़े और 38,432 रोजगार सृजित हुए। वर्तमान में प्रदेश में 18 फाइव-स्टार होटल संचालित हैं तथा वर्ष 2027 तक 15 और नए फाइव-स्टार होटल विकसित करने की योजना है। आयोजन के अंतिम दिन आम नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए प्रदर्शनी के द्वार खोले गए, जिसने जन-जागरूकता के साथ इस ऐतिहासिक सातवें संस्करण को पूर्णता प्रदान की।

     

  • यूपी की महिलाओं को मिलेगी ऑनलाइन शिकायत की सुविधा, QR स्कैन से जुड़ेंगी सभी 75 जिलों की सुरक्षा व्यवस्था

    यूपी की महिलाओं को मिलेगी ऑनलाइन शिकायत की सुविधा, QR स्कैन से जुड़ेंगी सभी 75 जिलों की सुरक्षा व्यवस्था

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश की महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था तैयार कर रही है। इसके तहत महिला सुरक्षा के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल तैयार किया जा रहा है, जिसमें एप के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज कराने और उस पर एक्शन लेने की प्रक्रिया को और सुगम बनाने की तैयारी है।

    प्रस्तावित व्यवस्था में क्यूआर कोड स्कैन करते ही महिला अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगी। वहीं एप के माध्यम से महिलाओं को ऑनलाइन सुरक्षा तंत्र से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी।

    निगरानी के लिए व्यवस्था को प्रदेश स्तर पर जोड़ा जाएगा
    इस पहल की खास बात यह होगी कि महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों और उनसे संबंधित कार्रवाई की निगरानी के लिए व्यवस्था को प्रदेश स्तर पर जोड़ा जाएगा। लखनऊ स्थित कमांड सेंटर से सभी 75 जिलों पर नजर रखने की योजना है।

    कमांड सेंटर में तैनात विशेष सेल महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की मॉनिटरिंग के साथ ही जरूरत के अनुसार विभिन्न विभागों और संबंधित तंत्र के बीच समन्वय की भूमिका निभाएगा। इससे शिकायतों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने और उनके निस्तारण की निगरानी को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास होगा।

    क्यूआर स्कैन करते ही मिलेगी सुविधा
    प्रस्तावित व्यवस्था में महिलाओं को शिकायत के लिए अलग-अलग माध्यमों की तलाश करने की जरूरत कम होगी। क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद महिला शिकायत दर्ज कर सकेगी। इसके साथ ही एप के जरिए ऑनलाइन कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की तैयारी है। यानी तकनीक को महिला सुरक्षा के तंत्र से सीधे जोड़कर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने पर जोर है।

    महिला सुरक्षा से जुड़ी किसी समस्या की जानकारी मिलने पर संबंधित तंत्र तक उसकी पहुंच आसान हो, यही इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए लखनऊ में स्थापित किए जाने वाले कमांड सेंटर से जिलों की मॉनिटरिंग की जाएगी। यहां बनने वाला स्पेशल सेल जरूरत के अनुसार विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करेगा।

    लखनऊ से सभी 75 जिलों पर नजर
    प्रदेश में महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी को एकीकृत स्वरूप देने की तैयारी है। लखनऊ स्थित कमांड सेंटर को इसका प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा, जहां से प्रदेश के सभी 75 जिलों की मॉनिटरिंग की जाएगी। विशेष सेल के माध्यम से विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

    इस व्यवस्था में तकनीक आधारित शिकायत तंत्र और प्रदेश स्तर की निगरानी को एक साथ जोड़ा जा रहा है। इससे एक ओर महिला के लिए शिकायत दर्ज कराने का रास्ता आसान होगा तो दूसरी ओर प्रदेश स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी रहेगी। इसे देश में पहली बार शुरू की जा रही ऐसी पहल के रूप में तैयार किया जा रहा है।

    आयोग की भूमिका को भी मिलेगा और प्रभावी स्वरूप
    महिला सुरक्षा के इस व्यापक प्रयास के बीच उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की भूमिका को भी और प्रभावी बनाने पर जोर है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल के विस्तार के उपरांत गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की।

     

  • Teacher Recruitment Exam Postponed: हाईकोर्ट के निर्देश पर परीक्षा स्थगित, आरक्षित वर्गों को अवसर मिलने के बाद ही अगला फैसला

    Teacher Recruitment Exam Postponed: हाईकोर्ट के निर्देश पर परीक्षा स्थगित, आरक्षित वर्गों को अवसर मिलने के बाद ही अगला फैसला

     बिलासपुर
     छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शिक्षक और सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा पर रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस कृष्णराम महापात्र की डिवीजन बेंच ने भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग आरक्षण व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका पर यह आदेश दिया।इसके बाद छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल ने शुक्रवार को हाई कोर्ट के आदेश के बाद परीक्षा स्थगित कर दी। बता दें कि भर्ती परीक्षा में पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया था।

    उल्लेखनीय है कि सहायक शिक्षक भर्ती के कुल 2,292 पदों के लिए लिखित परीक्षा 11 अक्टूबर को प्रस्तावित थी। वहीं शिक्षक भर्ती के 1,654 पदों में के लिए लिखित परीक्षा 25 अक्टूबर को होनी थी।याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भर्ती में पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण नहीं मिला। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर इस पर जवाब मांगा है।

    हालांकि, समाज कल्याण विभाग ने 11 सितंबर 2026 को संशोधित अधिसूचना जारी कर सहायक शिक्षक पद के लिए पूर्ण दृष्टिबाधित (बी) श्रेणी को शामिल किया।हालांकि, अधिसूचना जारी होने से पहले आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। इसलिए इस श्रेणी को वर्तमान भर्ती में शामिल करना कानूनी रूप से संभव नहीं था।

    संशोधित विज्ञापन जारी कर सकती है सरकार
    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने बताया कि संशोधन केवल सहायक शिक्षक भर्ती के लिए जारी किया गया है, शिक्षक भर्ती के लिए नहीं। परीक्षा की तारीखें नजदीक होने के कारण डिवीजन बेंच ने अंतरिम आदेश जारी किया है।

    कोर्ट के आदेश के मुताबिक, 11 अक्टूबर 2026 को होने वाली सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा और 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित शिक्षक भर्ती परीक्षा तब तक नहीं होगी, जब तक विज्ञापन में सभी आरक्षित श्रेणियों को शामिल कर संबंधित अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर नहीं दिया जाता।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य शासन नियमानुसार संशोधित विज्ञापन जारी कर सकता है या सभी आरक्षित श्रेणियों को शामिल करते हुए नया विज्ञापन निकाल सकता है।

    दिव्यांग अभ्यर्थियों के आरक्षण में गड़बड़ी के आरोप
    कोरबा की रहने वाली मीनाक्षी मंगलेकर और बाकी ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने बताया कि भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण का प्रावधान होने के बावजूद पूर्ण दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को शामिल नहीं किया गया है।

    इससे वे भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के अवसर से वंचित हो रहे हैं। याचिका में इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए भर्ती विज्ञापन की शर्तों और आरक्षण व्यवस्था को चुनौती दी गई है।

    संशोधित विज्ञापन में भी दृष्टिबाधितों को शामिल नहीं किया
    सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने बताया कि 16 अप्रैल 2026 को जारी भर्ती विज्ञापन में संशोधन की सूचना 9 अक्टूबर को रायपुर और बिलासपुर के अखबारों में प्रकाशित की गई है। इसे विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है। संशोधन में आरक्षित पदों का श्रेणीवार बंटवारा किया गया है।

    शासन ने कहा कि आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 21 अगस्त 2026 निकल चुकी है। ऐसे में पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर देना संभव नहीं है।

    इस पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि जब संशोधन के जरिए आरक्षित पदों का श्रेणीवार बंटवारा किया गया है, तो दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों की श्रेणी को शामिल नहीं करने का प्रथम दृष्टया कोई उचित कारण नजर नहीं आता।

    जानिए… क्या है दिव्यांगों के लिए आरक्षण का नियम
    दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 34 के तहत सरकारी संस्थानों में सीधी भर्ती के लिए दिव्यांग व्यक्तियों को कम से कम 4% आरक्षण देने का प्रावधान है। इसमें दृष्टिहीन और कम दृष्टि वाले व्यक्ति भी शामिल हैं।

    आरक्षण का लाभ लेने के लिए सामान्यतः 40% या उससे अधिक दिव्यांगता का प्रमाणपत्र जरूरी है। याचिका में इसी 4% आरक्षण के तहत दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए पद आरक्षित नहीं करने को चुनौती दी गई है।

     

  • राज्य सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कृषि आधारित उद्योगों को दे रही है बढ़ावा

    राज्य सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कृषि आधारित उद्योगों को दे रही है बढ़ावा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बिहार के बोधगया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा शाजापुर जिले में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ में सहभागिता की। उन्होंने किसानों से संवाद कर कृषि क्षेत्र के विकास एवं किसानों के कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवाद करते हुए कहा कि शाजापुर कृषि, नवाचार और विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। जिले की पहचान प्याज, आलू, सोयाबीन जैसी फसलों के साथ-साथ कृषि आधारित उद्योगों और सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रभावी रूप से बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सड़क और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं से शाजापुर जिले के विकास को गति मिलेगी तथा किसानों और स्थानीय व्यापारियों के लिए बाजारों तक पहुंच आसान होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि कृषक कल्याण वर्ष अंतर्गत राज्य सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए सिंचाई, बिजली, सोलर पंप, भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। किसानों को नई सड़कों के लिए 4 गुना मुआवजा, दिन में बिजली उपलब्ध कराने, सोलर पंपों को प्रोत्साहित करने तथा कृषि उपज के उचित मूल्य और भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर देते हुए बताया कि जिले में प्राकृतिक खेती के लिए किसानों का चयन और कृषि सखियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान भाइयों से कहा कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, फूलों की खेती, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों को अपनाकर आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सांची दुग्ध संघ को सशक्त बनाया जा रहा है। गौशालाओं के संचालन के लिए प्रति गौमाता प्रतिदिन सहायता दी जा रही है तथा पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिताएं और पुरस्कार योजनाएं भी संचालित की जाएंगी। आलू और प्याज की प्रोसेसिंग, भंडारण तथा फूड पार्क की स्थापना से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस योजना के माध्यम से गांव-गांव तक बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस योजना के माध्यम से गांव-गांव तक बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण परिवारों के आवासों की नि:शुल्‍क रजिस्ट्री की सुविधा तथा किसानों को सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

    राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार निर्णय ले रही

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बोनस सहित खरीदी और भावांतर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार निर्णय ले रही है। किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई का रकबा विस्तारित करने और कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

    ‘बलराम कृषि महोत्सव’ किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों, आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि ‘बलराम कृषि महोत्सव’ किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों, आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजनों से किसानों को नई जानकारियां प्राप्त करने, उन्नत कृषि पद्धतियों को समझने तथा खेती में नवीन तकनीकों के उपयोग के प्रति जागरूक होने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से संवाद के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सशक्त करने तथा अन्नदाताओं की खुशहाली सुनिश्चित करने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने शाजापुर जिले के किसानों और कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

    म.प्र. राज्य सहकारी बैंक मर्यादित भोपाल (अपेक्स बैंक) प्रशासक  महेन्द्र सिंह यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और किसान देश की समृद्धि का आधार हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कृषि, पशुपालन और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को सीधे आर्थिक सहायता मिल रही है।

    विधायक  अरुण भीमावद ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश के हर जिले में ‘भगवान बलराम कृषि महोत्सव’ आयोजित हो रहा है। कृषि प्रधान शाजापुर जिले में यह महोत्सव खेती को उन्नत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

     

  • छत्तीसगढ़ कोल लेवी केस: ₹104 करोड़ के लेनदेन को लेकर बड़ा खुलासा, कांग्रेस कार्यालय का नाम आया सामने

    छत्तीसगढ़ कोल लेवी केस: ₹104 करोड़ के लेनदेन को लेकर बड़ा खुलासा, कांग्रेस कार्यालय का नाम आया सामने

    रायपुर

     ईओडब्ल्यू ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कोल लेवी घोटाले में सोमवार को विशेष अदालत में छठा पूरक आरोप पत्र दाखिल कर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि कोयला परिवहनकर्ताओं से वसूले गए अवैध लेवी के 104.20 करोड़ रुपये रायपुर स्थित राजीव भवन (प्रदेश कांग्रेस कार्यालय) पहुंचाए गए। यह रकम तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तक भेजी गई थी।

    जांच एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2020 में खनिज विभाग की आनलाइन ई-परमिट प्रणाली में बदलाव कर जिला खनिज अधिकारी (डीएमओ) का मैन्युअल अनुमोदन अनिवार्य किया गया। इसके बिना डीओ जारी होना बंद कर दिया गया और परिवहन पर रोक लगा दी गई। इसी प्रशासनिक शिकंजे की आड़ में 25 रुपये प्रति टन की दर से अवैध कोयला लेवी की वसूली शुरू हुई। वसूली का मुख्य सूत्रधार सूर्यकांत तिवारी था, जो मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और वरिष्ठ अफसरों के नाम का दुरुपयोग कर पूरा सिंडिकेट चला रहा था।

    किसे कितनी मिली अवैध रकम

    रामगोपाल अग्रवाल (तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष): डायरियों में दर्ज 'भवन' और 'सी पार्टी' कोडवर्ड की 32 प्रविष्टियों के जरिए कुल 104.20 करोड़ रुपये स्वीकार करने का आरोप।

    देवेंद्र सिंह यादव (पूर्व विधायक, भिलाई नगर): खैरागढ़ उपचुनाव और व्यक्तिगत उपयोग के लिए सहयोगी नवाज के माध्यम से 3 करोड़ रुपये लेने का विवरण।

    चंद्रदेव प्रसाद राय (पूर्व विधायक, बिलाईगढ़): नकद रकम और चुनावी खर्च के अलावा सूर्यकांत तिवारी द्वारा दिए गए लाखों रुपये के सोने के आभूषण प्राप्त किए।

    जयप्रकाश मौर्य (तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म):सिंडिकेट को मदद पहुंचाने और पैलेट उद्योगों पर 100 रुपये प्रति टन वसूली के लिए दबाव बनाने के एवज में आर्थिक लाभ प्राप्त किया।

    विनोद तिवारी व रामप्रताप सिंह (कांग्रेस नेता): राजनीतिक प्रभाव और समन्वय के लिए क्रमशः 2.12 करोड़ रुपये और अन्य लेन-देन में सहभागिता के साक्ष्य।

    राजीव भवन में रकम आने और राम गोपाल अग्रवाल तक पहुंचने की जानकारी
    चार्जशीट के मुताबिक, रकम पहुंचाने वाले लोगों के बयानों में कैश से भरा बैग राजीव भवन ले जाकर देवेंद्र डडसेना के पास जमा कराने की बात है। देवेंद्र डडसेना, राम गोपाल अग्रवाल के निजी सहायक के रूप में काम करता था और राजीव भवन में उनके कक्ष के पास बैठता था। राजीव भवन में देवेंद्र डउसेना के साथ कार्यरत कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए।

    रूपेंद्र यादव और सोहन साहू ने बताया कि उन्होंने कई बार भवन के बाईं ओर स्थित शटर के पास गाड़ियों से काले बैग उतरते और देवेंद्र डडसेना के कमरे में रखे जाते देखे। रूपेंद्र यादव ने एक बार में लगभग 8-10 बैग आने और कई बार उन्हें कमरे तक पहुंचाने में मदद करने की बात कही। सोहन साहू ने एक गाड़ी के नंबर में “0009” अंक होने और सफेद स्विफ्ट डिजायर का जिक्र किया।

    बैग लाने-ले जाने के दौरान कार्यालय के उस हिस्से को बंद करने और कर्मचारियों को वहां से हटाने की बात भी सामने आई है। शिशुपाल साहू और गजेंद्र यादव ने बताया कि राम गोपाल अग्रवाल और देवेंद्र डडसेना उस समय कार्यालय में मौजूद थे। उन्होंने उस हिस्से को बंद किए जाने और बैगों के बारे में बाद में मिली जानकारी भी दी।

    शेल कंपनियों और अचल संपत्तियों में निवेश

    जांच में सामने आया कि अवैध वसूली की रकम को छिपाने के लिए रानू साहू के भाई पियूष साहू, सौम्या चौरसिया के रिश्तेदार अनुराग चौरसिया और कारोबारी सुनील कुमार अग्रवाल (इंद्रमणि समूह) व जोगेंदर सिंह का सहारा लिया गया। फर्जी लोन,राइस मिलों के खातों और शेल कंपनियों के जरिए 10.77 करोड़ से अधिक की बैंक एंट्री कराई गई तथा बेनामी जमीनें, वाशरी और फ्लैट खरीदे गए।
    व्हाट्सएप चैट व डायरियों से खुले राज

    ईओडब्ल्यू ने जब्त हस्तलिखित डायरियों, फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट्स और आरोपियों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट को पुख्ता साक्ष्य बनाया है। डायरियों में दर्ज 'डी','आरपी', 'जेपी', 'चंद्रा', 'भगत' और 'एमयू' जैसे कोडवर्ड की पहचान जांच के दौरान उजागर हो चुकी है।
    चालान में शामिल आरोपियों की भूमिका

    1. राम गोपाल अग्रवाल

    राम गोपाल अग्रवाल संबंधित अवधि में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्क्ष एवं छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष थे। जब्त डायरियों में ‘‘भवन’ एवं "C PARTY" के नाम से 32 प्रविष्टियों में कुल ₹104.20 करोड़ (एक सौ चार करोड़ बीस लाख रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में यह रकम राजीव भवन पहुंचाए जाने तथा देवेन्द्र डडसेना के माध्यम से राम गोपाल अग्रवाल द्वारा पार्टी के लिए प्राप्त किए जाने के तथ्य मिले हैं। उनके परिवार से संबंधित कंपनियों के नाम भूमि खरीदी और रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद भुगतान का विवरण भी चालान में शामिल है।

    2. देवेन्द्र सिंह यादव

    भिलाई नगर विधायक देवेंद्र सिंह यादव एवं उनके लिए रकम प्राप्त करने वाले नवाज से संबंधित 11 डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹3 करोड़ ;तीन करोड़ रुपयेद्ध दर्ज हैं। इनमें खैरागढ़ उपचुनाव के लिए भेजी गई रकम भी शामिल है। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी की ओर से रकम प्राप्त करने तथा उसका उपयोग चुनाव संबंधी कार्यों और स्वयं के लिए करने में देवेंद्र सिंह यादव की भूमिका पाई गई है।

    3. विनोद तिवारी

    विनोद तिवारी के नाम अथवा उनसे जुड़े नामों से जब्त डायरियों में 22 प्रविष्टियों में कुल दो करोड़ बारह लाख ग्यारह हजार रुपये (लगभग ₹2.12 करोड़) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने और उसका उपयोग राजनीतिक कार्यों में करने के तथ्य मिले हैं। खैरागढ़ उपचुनाव की होर्डिंग के भुगतान तथा जिला पंचायत के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के लिए रकम की व्यवस्था से संबंधित विवरण भी सामने आया है।

    4. रामप्रताप सिंह

    जब्त डायरियों में "R P Singh" एवं "RP" नाम से रामप्रताप सिंह से संबंधित 25 प्रविष्टियों में कुल दो करोड़ बानवे लाख नब्बे हजार रुपये (लगभग ₹2.93 करोड़) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने तथा उसे व्यक्तिगत खर्च, राजनीतिक कार्यों, मीडिया प्रबंधन और वाहन व्यवस्था में उपयोग करने में उनकी भूमिका पाई गई है।

    5. चंद्रदेव प्रसाद राय

    तत्कालीन बिलाईगढ़ विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय से संबंधित चार डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹49.50 लाख (लगभग उनचास लाख पचास हजार रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने और उसका उपयोग चुनाव संबंधी खर्चों में करने के तथ्य मिले हैं। इसके अलावा सूर्यकांत तिवारी द्वारा उन्हें आभूषण उपलब्ध कराए जाने का विवरण भी चालान में शामिल है।

    6. जयप्रकाश मौर्य

    तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म, जयप्रकाश मौर्य से संबंधित दो डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹1 करोड़ (लगभग एक करोड़ रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने, खनिज विभाग के मामलों में उसके साथ संपर्क रखने तथा अवैध वसूली की व्यवस्था में सहयोग करने में उनकी भूमिका पाई गई है। पैलेट उद्योगपतियों को ₹100 प्रति टन की रकम सूर्यकांत तिवारी अथवा उसके लोगों को देने के निर्देश दिए जाने का विवरण भी उनके विरुद्ध चालान में शामिल है।

    7. पियूष कुमार साहू

    पियूष कुमार साहू की भूमिका अपनी बहन रानू साहू को कोयला लेवी से प्राप्त रकम अपने एवं परिवारजनों के नाम संपत्तियों में निवेश कराने में पाई गई है। परिवार से संबंधित 13 संपत्तियों की खरीदी में बैंक खातों से भुगतान के अलावा रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद भुगतान भी किया गया। रकम के लेन-देन और संपत्ति खरीदी में उनके तथा परिवारजनों के बैंक खातों का उपयोग किया गया।

    8. जोगेन्दर सिंह

    जोगेन्दर सिंह, सूर्यकांत तिवारी के व्यावसायिक भागीदार थे। विवेचना में जय अम्बे रोड लाइन्स के माध्यम से नकद रकम की व्यवस्था करने तथा अपनी फर्मों के खातों से बैंक प्रविष्टियां उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका पाई गई है। सात फर्मों को भेजी गई लगभग ₹40 करोड़ (लगभग चालीस करोड़ रुपये) की राशि और उससे संबंधित लेन-देन का विवरण भी चालान में दिया गया है।

    9. अनुराग चौरसिया

    अनुराग चौरसिया की भूमिका सौम्या चौरसिया को कोयला लेवी से प्राप्त रकम अपने एवं परिवारजनों के नाम फ्लैट और भूमि खरीदी में लगाने में पाई गई है। इसके लिए मोटल मधुबन तथा परिवारजनों के बैंक खातों का उपयोग किया गया। इन खातों में प्राप्त रकम, आगे किए गए भुगतान और संपत्तियों में निवेश का विवरण चालान में शामिल है।

    10. दीपेश टांक

    दीपेश टांक की भूमिका भूमि सौदे में रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद रकम प्राप्त करने तथा नकद रकम को कृषि आय के रूप में दर्शाने में पाई गई है। भूमि विक्रय के बाद भी वे ओम एग्रो फार्म के कार्यों एवं भुगतान से जुड़े रहे। अवैध रकम को भूमि और फार्म के कार्यों में लगाने तथा उसे वैध आय दर्शाने से संबंधित तथ्य चालान में दिए गए हैं।

    11. सुनील कुमार अग्रवाल

    इंद्रमणि समूह के सुनील कुमार अग्रवाल की भूमिका सूर्यकांत तिवारी की ओर से भेजी गई नकद रकम अपने यहां रखने, उससे आगे भुगतान करने तथा वाशरी खरीदी में निवेश कराने में पाई गई है। इंद्रमणि समूह से संबंधित लेन-देन, वाशरी एवं भूमि खरीदी और नकद रकम के उपयोग का विवरण चालान में शामिल है।

    12. राहुल मिश्रा

    राहुल मिश्रा, सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी निर्माण परियोजनाओं में कार्य करते थे। विवेचना में उनके पास बड़ी नकद रकम रखे जाने तथा आवश्यकता पड़ने पर उसे निखिल चंद्राकर के माध्यम से सूर्यकांत तिवारी को वापस उपलब्ध कराए जाने के तथ्य मिले हैं। निर्माण कार्यों के भुगतान और नकद रकम सुरक्षित रखने में उनकी भूमिका का विवरण चालान में दिया गया है।

     

  • लोन हो सकते हैं महंगे, लेकिन काबू में आएगी महंगाई! रेपो रेट पर SBI रिसर्च का बड़ा दावा

    लोन हो सकते हैं महंगे, लेकिन काबू में आएगी महंगाई! रेपो रेट पर SBI रिसर्च का बड़ा दावा

     नई दिल्‍ली
    SBI रिसर्च ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से रेपो रेट को लेकर ज्‍यादा अग्रेसिव नजरिया अपनाने का सुझाव दिया है और कहा है कि संभव हो तो दिसंबर तक 50 बेसिस पॉइंट रेपो रेट में बढ़ोतरी करनी चाहिए, क्‍योंकि ग्‍लोबल स्‍तर पर महंगाई तेजी से बढ़ रही है, फाइनेंशियल उथल-पुथल जारी है, कैपिटल की लागत भी बढ़ रही है और मुद्रा भी अस्थिर है।  

    9 अक्‍टूबर को Ecowrap में SBI रिसर्च ने कहा कि अभी के माहौल में रणनीति बदलने की आवश्‍यकता है, जिसमें ब्‍याज दरों में बड़ी बढ़ोतरी, लिक्विडिटी और विदेशी मुद्रा बाजार में अस्थिरता रोकना शामिल है. इस रिपोर्ट में अगली आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी के इंतजार के बजाय ऑफ सर्किल पॉलिसी एक्शन की भी बात कही गई है। 

    कितनी रहेगी भारत की जीडीपी ग्रोथ? 
    SBI रिसर्च को उम्‍मीद है कि आर्थिक विकास दर लचीला बना रहेगा, जो संभावित 7.5 फीसदी से ज्‍यादा हो सकता है और उनका मानना है कि दिसंबर की पॉलिसी बैठक में ब्‍याज दरों मं बड़ी बढ़ोतरी उचित हो सकती है. हालांकि, रिपोर्ट में इन उपायों को RBI से सिफारिश के तौर पर पेश किया गया है। 

    क्‍यों बढ़ानी चाहिए और रेट? 
    रिपोर्ट में ग्‍लोबल अनिश्चितता में बढ़ोतरी, सरकारी बॉन्‍ड पर मिले ब्‍याज में उतार-चढ़ाव, वस्‍तुओं की आपूार्ति को लेकर चिंताएं और अमेरिकी ब्‍याज दरों के बारे में बदलती उम्‍मीदों की ओर इशारा किया गया है. इन घटनाक्रमों ने वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है और उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव तेज कर दिया है. एसबीआई रिसर्च का तर्क है कि उभरते बाजारों को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है, क्योंकि ग्‍लोबल कैपिटल फ्लो अधिक अस्थिर हो जाता है और फंड की लागत और उपलब्धता बिगड़ जाती है। 

    रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि RBI द्वारा हाल ही में की गई ब्याज दर में बदलाव का बॉन्ड यील्ड और विनिमय दर पर प्रभाव सीमित रहा है, क्योंकि बाजारों ने पहले ही इस बदलाव को ध्यान में रख लिया है. इस कारण अगली नीतिगत प्रतिक्रिया का समय और दायरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। 

    आरबीआई को एसबीआई रिसर्च ने दिया ये भी सुझाव 
    ब्‍याज दर में बढ़ोतरी के साथ-साथ, एसबीआई रिसर्च ने लिक्विडिटी एटजेस्‍टमेंट फैसिलिटी (LAF) कॉरिडोर को 50 आधार अंकों से बढ़ाकर सीमित अवधि के लिए उच्च स्तर पर करने का प्रस्ताव दिया है. अभी रेपो रेट 5.5 फीसदी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई अपनी लिक्विडिटी मैनेजमेंट के तहत, MPC के नीतिगत दर पर लिए गए निर्णय से स्वतंत्र रूप से, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी और रिवर्स रेपो दरों को समायोजित कर सकता है. इसमें 2013 के टेपर टैंट्रम और 2020 के कोविड-19 संकट के दौरान केंद्रीय बैंक की कार्रवाइयों को वित्तीय तनाव की अवधि के दौरान कॉरिडोर को चौड़ा करने के लिए मिसाल के तौर पर अपडेट किया गया है। 

    इस बड़ी बढ़ोतरी से क्‍या मतलब है?
    ब्‍याज दरों में ज्‍यादा बढ़ोतरी से मॉनिटरी पॉलिसी की विश्वसनीयता को मजबूत करने और महंगाई की आशंकाओं को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है, लेकिन इससे फैमिली और बिजनेस के लिए उधार लेने की लागत भी बढ़ सकती है. उच्च ब्याज दरें, निवेश और लोन की मांग पर दबाव डाल सकती हैं, जबकि सख्त वित्तीय स्थितियां आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं। 

    एसबीआई रिसर्च ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन को मजबूत करने, लोन और इक्विटी बाजारों में लॉन्‍गटर्म कैपिटल आकर्षित करने के लिए सरकारी उपायों की भी मांग की है. आखिर में रिपोर्ट में तर्क दिया गया है कि RBI को विकास और वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाना होगा और लगातार आने वाले झटकों का सामना करना होगा।