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  • मुख्यमंत्री ने मऊगंज में बलराम आयोजित कृषि महोत्सव को वर्चुअली किया संबोधित

    मुख्यमंत्री ने मऊगंज में बलराम आयोजित कृषि महोत्सव को वर्चुअली किया संबोधित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि हमारा संकल्प है। किसानों के लिए खेती के साथ पशुपालन, दूध उत्पादन, नई तकनीक अपनाना जरूरी हैं। किसानों द्वारा किए जा रहे नवाचार और कृषि उद्योगों की स्थापना से दिन-प्रतिदिन स्थितियां बदल रही हैं। मऊगंज भले ही नया जिला है, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत और यहां के लोगों के परिश्रम से जिले का तेजी से विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में किसानों को दिन में ही दस घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार किसानों की कठिनाइयों को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार मऊगंज में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मंत्रालय से संबोधित करते हुए व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मऊगंज के कार्यक्रम में शामिल हो रहे किसानों और जन सामान्य को डोल ग्यारस की बधाई दी। उन्होंने देव तालाब में विराजे भोलेनाथ और अष्टभुजा महारानी को वर्चुअल नमन भी किया।

    प्राकृतिक खेती से कम लागत में अधिक उत्पादन ले रहे हैं किसान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे किसान नीम कोटेड यूरिया, नैनो यूरिया, उच्च गुणवत्ता वाले बीज और प्राकृतिक खेती जैसे प्रयासों से कम लागत से अधिक उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उद्यानिकी में भी किसान नए प्रयोग कर रहे हैं। स्ट्रॉबेरी, काला आलू, विशेष का किस्म के तरबूज और मखाने जैसी नवाचार आधारित खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मऊगंज के टमाटर और प्याज के स्वाद के लोग दीवाने हैं। मत्स्य पालन, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियां भी किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

    सीतापुर-हनुमना, सूक्ष्म दबाव सिंचाई योजना से सिंचाई सुविधा बढ़ेगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीतापुर-हनुमना, सूक्ष्म दबाव सिंचाई योजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे 1 लाख 20 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मऊगंज जिले में गौरमा, नैना और गाड़ा तीन बड़े बांध हैं। इसके साथ ही नई गढ़ी सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। जिले में खेती मजबूत हो किसान समृद्ध हो कृषि आधारित उद्योग लगे और युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिले, इसी दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से किया संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को खेती के साथ दुग्ध उत्पादन को भी प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर सांची के ब्रांड को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से इस पहल का लाभ लेते हुए दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर अपनी आय में वृद्धि करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मऊगंज के उन्नत किसानों  जसमन पटेल,  तुलसीराम पांडे, मती अनीता मिश्रा,  उमाशंकर त्रिपाठी से कृषि के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे नवाचारों और कृषि से संबंधित अन्य विषयों पर वर्चुअली चर्चा की। मऊगंज में आयोजित कार्यक्रम में विधायक  प्रदीप पटेल और अपेक्स बैंक के प्रशासक  महेन्द्र सिंह यादव विशेष रूप से उपस्थित थे।

     

  • प्रदेश की 32 हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता में से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश की 32 हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता में से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादन और ऊर्जा भंडारण समग्र पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश अपनी ऊर्जा जरूरतों के साथ ही देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने में सक्षम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश की 32 हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता में से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण की किफायती खरीद पर विचार-मंथन के लिए भोपाल में एकत्र हुईं विद्युत कम्पनियां
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस का किया शुभारंभ

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, पावर कट से पावर सरप्लस स्टेट अर्थात बिजली गुल से बिजली फुल राज्य बना है। हमारा प्रदेश आज देश के उन चुनिंदा राज्यों में से एक है जो अपनी ऊर्जा जरूरत से आगे बढ़कर देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने की क्षमता रखते हैं। वर्तमान में नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण केवल देश ही नहीं, अपितु समग्र पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज मध्यप्रदेश में 32 हजार मेगावाट की ऊर्जा क्षमता है, जिसमें से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। मध्यप्रदेश, विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण की किफायती खरीद विषय पर आयोजित ऑल इंडिया डिस्काम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस का होटल मैरिएट में दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पुस्तक 'सैलियंट पॉवर स्टैटिस्टिक्स वर्ष 2024-25 से 2025-26' विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्युत वितरण कम्पनियों के इस साझा मंच से ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों के ठोस समाधान निकलेंगे। इस अवसर पर ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ तथा ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल आलोक कुमार, प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न विद्युत कम्पनियों के प्रतिनिधि तथा ऊर्जा विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

    मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अपने रिकॉर्ड स्वयं तोड़ रहा है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान समय में सभी क्षेत्रों में बिजली अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। राज्य सरकार बिजली की खपत बढ़ाने के साथ-साथ इसके उत्पादन और संधारण पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए नई तकनीक के साथ नई इकाईयां प्रारंभ की गई हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश में 360 डिग्री बदलाव आया है। जब जी-20 सम्मेलन में ग्रीन-क्लीन एनर्जी का उत्पादन बढ़ाने और उपयोग का मुद्दा उठा, तो भारत ऐसा देश रहा, जिसने 50 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करके दिखाया है। यह प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प से ही संभव हो पाया है। अब हम नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अपने रिकॉर्ड स्वयं तोड़ते जा रहे हैं।

    राज्य सरकार बिजली उत्पादन में आ रही सभी चुनौतियों का समाधान करने के लिए तत्पर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी क्षेत्रों की अपनी एक अलग विशेषता है। ग्रीन- गो ने नीमच-मंदसौर में 2000 मेगावॉट क्षमता का प्लांट स्थापित किया है। यह देश का सबसे अनूठा और सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा। आमतौर पर इतनी बड़ी परियोजना का काम पूरा होने में 4 से 6 वर्ष लग जाते हैं, लेकिन सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश में यह काम केवल दो से ढाई साल में पूर्ण हो रहा है। राज्य सरकार बिजली उत्पादन में आ रही सभी प्रकार की चुनौतियों का समाधान करने के लिए तत्पर है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को सौर ऊर्जा की शक्ति से परिचित कराया है। देश में सौर ऊर्जा के उपयोग के कारण कार्बन उत्सर्जन में 20 करोड़ टन से अधिक गिरावट दर्ज की गई है। थर्मल पॉवर और अन्य पारंपरिक तरीकों के स्थान पर अब हम विंड, सोलर और पंप स्टोरेज से बिजली बना रहे हैं। मध्यप्रदेश में अब पानी से और पानी पर भी बिजली बन रही है।

    सस्ती भरोसेमंद बिजली के लिए उपयोगी रहेगी कार्यशाला

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र अभूतपूर्व बदलाव से गुजर रहा है। हमारी जिम्मेदारी केवल बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करना नहीं, बल्कि उसे विश्वसनीय, टिकाऊ और किफायती बनाना है। भविष्य के लिए हमें सौर, पवन और ऊर्जा भंडारण का ऐसा संतुलित मिश्रण विकसित करना होगा, जिससे ऊर्जा संक्रमण की लागत न बढ़े और उपभोक्ताओं पर आर्थिक भार न पड़े।

    मंत्री तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में नई संगठनात्मक संरचना और नई भर्तियों को मिली स्वीकृति, निश्चित ही हमारी विद्युत कंपनियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस कार्यशाला से ऐसे व्यावहारिक सुझाव निकलेंगे जो हमारी वितरण कंपनियों को अधिक सक्षम, वित्तीय रूप से मजबूत और भविष्य के लिए तैयार कर सकेंगे। कार्यशाला सस्ती और भरोसेमंद बिजली के लिए उपयोगी रहेगी। ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल आलोक कुमार ने कांफ्रेस के उद्देश्यों की जानकारी दी। प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह ने कॉन्फ्रेंस में पधारने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।

     

  • राज्यमंत्री गौर ने कहा अतिक्रमण हटाकर मार्ग चौड़ीकरण एवं संधारण का कार्य रात्रि में कराएँ

    राज्यमंत्री गौर ने कहा अतिक्रमण हटाकर मार्ग चौड़ीकरण एवं संधारण का कार्य रात्रि में कराएँ

    राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौर ने अवधपुरी में किया सड़कों का निरीक्षण

    राज्यमंत्री गौर मार्गों के गड्ढे तत्काल भरने और बंद स्ट्रीट लाइटें चालू करने के दिए निर्देश

    राज्यमंत्री गौर ने कहा अतिक्रमण हटाकर मार्ग चौड़ीकरण एवं संधारण का कार्य रात्रि में कराएँ

    रहवासी क्षेत्र में संचालित अवैध गोदाम को सील करें

    भोपाल

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के अवधपुरी स्थित आदर्श विहार, रीगल टाउन, सरला स्टेट, न्यू फोर्ट कॉलोनी एवं कंचन नगर में सड़कों की स्थिति तथा मूलभूत नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मार्गों की जर्जर स्थिति, स्थान-स्थान पर उभरे गड्ढों एवं खुले सीवेज नेटवर्क को देखकर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कार्यपालक एजेंसियों एवं ठेकेदारों की शिथिलता पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में सुधारात्मक कार्यवाही पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए।

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों की लापरवाही का खामियाजा आम नागरिकों को नहीं भुगतने दिया जाएगा। आगामी पर्वों एवं त्योहारों के दृष्टिगत नागरिकों को सुगम, सुरक्षित एवं बाधारहित आवागमन उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों के गड्ढों का भराव कार्य तत्काल एवं पूर्ण मजबूती के साथ कराने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व एवं नगर निगम दल को सीमांकन कर सड़कों पर व्याप्त अतिक्रमण अविलंब हटाने तथा आवश्यकतानुसार मार्ग चौड़ीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि दिन के समय आमजन की आवाजाही एवं यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए सड़कों के निर्माण एवं संधारण कार्य मुख्य रूप से रात्रिकालीन समय में निष्पादित किए जाएं।

    क्षेत्र की प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के संबंध में राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बंद पड़ी समस्त स्ट्रीट लाइटों को आगामी 10 दिवस की निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने रहवासी क्षेत्र में नियमों के विपरीत संचालित गोदाम को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर सीलिंग की कठोर कार्यवाही करने के भी आदेश दिए। रहवासियों से संवाद करते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि मानसून पश्चात क्षतिग्रस्त मार्गों के स्थाई एवं गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा। स्थलीय निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर पालिक निगम भोपाल तथा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

     

  • TRAI का बड़ा नियम: बिना डेटा वाले Voice-SMS प्लान होंगे उपलब्ध, 30 दिन की वैलिडिटी का विकल्प

    TRAI का बड़ा नियम: बिना डेटा वाले Voice-SMS प्लान होंगे उपलब्ध, 30 दिन की वैलिडिटी का विकल्प

    नई दिल्ली

    प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज कराने वाले करोड़ों लोगों के हित में टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने बड़ा फैसला लिया है। ट्राई ने ‘टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशन, 2026’ के नियमों को जारी कर दिया है। इसके बाद अब Jio-Airtel-Vi-BSNL को ग्राहकों के लिए सिर्फ कॉल और एसएमएस वाले नए व सस्ते मोबाइल रिचार्ज लेकर आने होंगे। इससे लोगों को मजबूरन डेटा वाले प्लान नहीं लेने होंगे और उन्हें सस्ते रिचार्ज मिल पाएंगे। ट्राई ने इस संबंध में एक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।

    क्या हैं ट्राई के नए नियम
    आसान भाषा में समझाएं तो ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को स्पष्ट बता दिया है कि उन्हें ग्राहकों के लिए सस्ते मोबाइल रिचार्ज लेकर आने होंगे। ऐसे लोग जिन्हें मोबाइल रिचार्ज कराते समय डेटा की जरूरत नहीं होती, उन्हें ज्यादा और सस्ते विकल्प मिल पाएंगे। नए नियमों के तहत

        टेलीकॉम कंपनियों को Voice & SMS Only STV देने होंगे।
        30 दिन और उससे कम वैलिडिटी के लिए ऐसे प्लान जरूरी कर दिए गए हैं।
        हर महीने एक ही तारीख को रिन्यू होने वाला विकल्प भी ग्राहकों को देना होगा।
        30 दिन से अधिक वैलिडिटी वाला कम-से-कम 1 Voice-SMS प्लान भी जरूरी हो गया है। (REF.)

    ट्राई के फैसले से लोगों को क्या फायदा?

        पैसे की बचत: डेटा इस्तेमाल नहीं करने वाले ग्राहकों को बेवजह डेटा के पैसे नहीं देने पड़ेंगे।

        ज्यादा विकल्प: ग्राहक अपनी जरूरत और खर्च के हिसाब से छोटे-बड़े रिचार्ज चुन सकेंगे।

    टेलीकॉम कंपनियां नहीं दे रही थीं ऑप्शन
    ट्राई ने कहा है कि टेलीकॉम कंपनियां 'वॉइस और SMS' ओनली वाले STV (स्पेशल टैरिफ वाउचर) बहुत कम और सिर्फ लंबी वैलिडिटी पर ही दे रही थीं। इससे कम आय वाले उपभोक्ताओं को सस्ते और कम वैलिडिटी के रिचार्ज नहीं मिल पा रहे थे। ट्राई ने कुछ महीने पहले इस मामले पर सुझाव मांगे थे। ट्राई को 1132 प्रतिक्रियाएं/सुझाव मिले थे।

    लॉन्च करना होगा सस्ता टैरिफ वाउचर
    TRAI ने TCPR 2026 के 13वें संसोधन को मंजूरी दे दी है, जिसमें टेलीकॉम ऑपरेटर्स को बिना डेटा वाले वॉइस और SMS ओनली वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर (STV) लाने का निर्देश दिया गया है। इस नए नियम का ड्राफ्ट दूरसंचार नियामक ने 7 अप्रैल 2026 को अपनी वेबसाइट पर पब्लिश की थी। इस प्लान को खास तौर पर उन यूजर्स के लिए लाया जाएगा, जिनकी आय बहुत कम है। टेलीकॉम सर्विस लोगों के लिए एक जरूरी माध्यम बन गया है, जिसकी वजह से दूरसंचार नियामक ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स को सस्ते मंथली प्लान लाने का आदेश दिया है।

    क्या है नया नियम?
    दूरसंचार नियामक ने अपने नए नियम में टेलीकॉम ऑपरेटर्स को आदेश दिया है कि हर टेलीकॉम ऑपरेटर्स को 30 दिन या इससे कम वैलिडिटी के स्पेशल टैरिफ वाउचर लॉन्च करने होंगे, जिनमें केवल वॉइस और SMS ऑफर किया जाएगा। 

    इसके अलावा दूरसंचार कंपनियों को यह भी आदेश दिया है कि उन्हें रिचार्ज कराने वाले ग्राहकों के सामने एक ऐसा विकल्प भी रखना होगा, जिसमें ग्राहक हर महीने एक तय तारीख पर अपना रिचार्ज रिन्यू कर सके। इससे ग्राहकों को अलग-अलग तारीखों पर रिचार्ज कराने की झंझट नहीं रहेगी।

    साथ ही, 30 दिन से ज्यादा वैलिडिटी वाला कम से कम एक वॉइस और SMS ओनली प्लान भी ग्राहकों को देना होगा। इसका मतलब साफ है कि अब ग्राहकों के पास लंबी वैलिडिटी वाला भी वॉइस और SMS ओनली प्लान से रिचार्ज कराने का विकल्प रहेगा। दूरसंचार नियामक ने यह भी कहा है कि इन प्लान की कीमतों में उचित कटौती की जाए ताकि ये प्लान डेटा वाले प्लान के मुकाबले सस्ते हो।

    इसके अलावा TRAI ने फर्जी कमर्शियल कॉल्स के नियमों को और सख्त कर दिया है। नए नियम के तहत संदिग्ध स्पैम की पहचान के लिए एआई बेस्ड तरीकों को शामिल किया गया है। साथ ही, ऑटोमैटेड कॉल्स के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। संशोधित नियमों के मुताबिक, टेलीकॉम ऑपरेटर्स को संदिग्ध स्पैम एक्टिविटी से जुड़े नंबरों की जानकारी शेयर करनी होगी। यही नहीं, एक्टिविटी से जुड़े कई नंबरों पर संदेह होने पर आगे की जांच की अनुमति दी गई है।

    कब तक आ जाएंगे नए रिचार्ज?
    ट्राई ने अपने नोटिफिकेशन में किसी तारीख का जिक्र नहीं किया है। ऐसे में माना जाना चाहिए कि अब टेलीकॉम कंपनियों को कदम उठाना है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में ऐसे नए प्रीपेड प्लान्स आ सकते हैं जो कम वैलिडिटी के साथ सिर्फ कॉल और एसएमएस की सुविधा पेश करेंगे। यानी आने वाले दिनों में अगर किसी को 30 दिन की वैलिडिटी वाला रिचार्ज चाहिए और डेटा की जरूरत नहीं है तो उसे ओनली वॉयस और एसएमएस वाला रिचार्ज जरूर मिलेगा।

     

  • मंत्री राजेश अग्रवाल ने सुनीं नागरिकों की समस्याएं, जनसेवा को बताया सुशासन की प्राथमिकता

    मंत्री राजेश अग्रवाल ने सुनीं नागरिकों की समस्याएं, जनसेवा को बताया सुशासन की प्राथमिकता

    जनसेवा ही सुशासन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

    नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में जनदर्शन, दूर-दराज से पहुंचे नागरिकों से आत्मीय संवाद कर सुनीं समस्याएं और मांगें

    अधिकारियों को प्रकरणों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने दिए निर्देश

    रायपुर
    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों एवं आगंतुकों से भेंट की। इस दौरान उन्होंने आमजन से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी मांगों, समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक जानकारी ली।

    जनदर्शन में दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं से मंत्री अग्रवाल को अवगत कराया। मंत्री अग्रवाल ने प्रत्येक व्यक्ति की बात को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों का निराकरण करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के साथ ही प्रकरणों पर समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित करें।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जनसेवा ही सुशासन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रदेश की जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। आमजन से निरंतर संवाद के माध्यम से उनकी आवश्यकताओं को समझते हुए प्रभावी निराकरण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनदर्शन के माध्यम से नागरिकों को अपनी बात सीधे रखने का अवसर मिल रहा है और प्राप्त प्रकरणों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

    जनदर्शन के दौरान नागरिकों ने अपनी समस्याओं के साथ विभिन्न सुझाव भी साझा किए। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि आमजन के सुझाव शासन की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य कर रही है।

  • धान खरीदी से पहले बड़ी सौगात, 69.58 लाख से 7 उपार्जन केंद्रों का होगा कायाकल्प-मंत्री राजवाड़े

    धान खरीदी से पहले बड़ी सौगात, 69.58 लाख से 7 उपार्जन केंद्रों का होगा कायाकल्प-मंत्री राजवाड़े

    मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल से भटगांव विधानसभा के 7 धान उपार्जन केंद्र होंगे सुविधा-संपन्न

    69.58 लाख रुपए से पक्के फड़ एवं समतलीकरण कार्य को मिली स्वीकृति, किसानों को मिलेगी बेहतर उपार्जन सुविधा

    रायपुर
     किसानों को धान उपार्जन के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भटगांव विधानसभा क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की गई है। भटगांव विधायक एवं कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र के 7 धान उपार्जन केंद्रों में पक्के फड़ निर्माण एवं समतलीकरण कार्य के लिए 69.58 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। इससे इन केंद्रों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और किसानों को धान बेचने के दौरान अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।

    स्वीकृत कार्यों में सूरजपुर विकासखंड के टमकी, सिरसी, करोटी बी, खोपो, बतरा, सांवारांवां एवं कुर्रीडीह स्थित धान उपार्जन केंद्र शामिल हैं। प्रत्येक केंद्र में 9.94 लाख रुपए की लागत से पक्के फड़ निर्माण एवं समतलीकरण का कार्य किया जाएगा।

    धान उपार्जन केंद्रों में पक्के फड़ और समतलीकरण होने से उपार्जन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी। इससे धान की आवक, खरीदी और रख-रखाव के दौरान होने वाली व्यावहारिक परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही किसानों को उपार्जन केंद्रों पर बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में यह कार्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को गति देने के क्रम में यह स्वीकृति एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा भटगांव विधानसभा क्षेत्र में किसानों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के प्रयासों का यह एक और परिणाम है। इससे धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था मजबूत होने के साथ किसानों को सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था का लाभ मिलेगा।

  • कुंजनगर में महिलाओं से रूबरू हुईं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, योजनाओं के लाभ पर लिया फीडबैक

    कुंजनगर में महिलाओं से रूबरू हुईं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, योजनाओं के लाभ पर लिया फीडबैक

    मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पहुंचीं ग्राम कुंजनगर, महिलाओं से किया आत्मीय संवाद

    सेवा संकल्प अभियान के तहत महतारी वंदन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राहियों से जानी योजनाओं की उपयोगिता

    रायपुर
    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले रहीं महिलाओं से सीधे संवाद की पहल को आगे बढ़ाते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ग्राम कुंजनगर पहुंचीं। उन्होंने महिलाओं और अन्य हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभ, उनके अनुभवों और परिवार के जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली।

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विशेष रूप से महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने जाना कि योजनाओं से प्राप्त आर्थिक सहायता महिलाओं की दैनिक आवश्यकताओं, परिवार के खर्च और मातृत्व से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में किस प्रकार सहयोगी बन रही है। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासकीय योजनाओं से उन्हें आर्थिक संबल और आत्मविश्वास मिला है।

    महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाएं महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ मातृत्व और परिवार के बेहतर पोषण में भी सहयोग प्रदान कर रही हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से इन योजनाओं के वास्तविक लाभ और हितग्राहियों के अनुभवों को सामने लाने के साथ शासन और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत किया जा रहा है।

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने ग्रामीण महिलाओं की बातों को गंभीरता से सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े उनके अनुभव जाने। ग्राम कुंजनगर में महिलाओं से हुआ यह संवाद महिला सशक्तिकरण, जनभागीदारी और सेवा की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

  • MP के स्टेट हाईवे पर लगेगी ‘यूजर फीस’? जानें नए कानून में क्या है प्रावधान

    MP के स्टेट हाईवे पर लगेगी ‘यूजर फीस’? जानें नए कानून में क्या है प्रावधान

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में स्टेट हाईवे के विकास, रखरखाव और संचालन के लिए नया कानूनी ढांचा लागू हो गया है। राज्य सरकार अब स्टेट हाईवे या उसके किसी हिस्से के उपयोग से मिलने वाली सेवाओं और सुविधाओं के बदले यूजर फीस लगा सकेगी। शुल्क की दर और वसूली की प्रक्रिया नियमों के जरिए तय होगी। इसके साथ ही सरकार हाईवे के विकास और रखरखाव के लिए किसी व्यक्ति या संस्था के साथ समझौता भी कर सकेगी। इसके तहत संबंधित निजी संस्था को तय शर्तों के अनुसार शुल्क वसूलने और उसे अपने पास रखने का अधिकार भी दिया जा सकेगा। यह प्रावधान मप्र राजमार्ग (संशोधन) अधिनियम 2026 में किया गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह तत्काल प्रभावी हो चुका है।

    संशोधन में मूल मप्र राजमार्ग अधिनियम, 2004 की प्रस्तावना में भी बदलाव किया है। इसमें राजमार्गों से अतिक्रमण रोकने और हटाने के साथ यूजर फीस लगाने का प्रावधान जोड़ा गया है। वहीं सड़क सुरक्षा तथा सड़क परिवहन के सभी साधनों की अधिकतम दक्षता सुनिश्चित करने वाली सुविधाओं को भी कानून के दायरे में शामिल किया गया है।

    नए नियम के फायदे
    रखरखाव के लिए अतिरिक्त आयः यूजर फीस से हाईवे के विकास और रखरखाव के लिए अतिरिक्त संसाधन आसानी से जुटाए जा सकेंगे।

    निजी निवेश का रास्ताः विकास और रखरखाव के लिए निजी संस्थाओं के साथ करार होने से पूंजी और तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल भी संभव होगा।

    सुविधाओं में सुधारः अतिरिक्त शुल्क से मिलने वाले संसाधनों का उपयोग सड़क की गुणवत्ता. संचालन, सुरक्षा और संबंधित सुविधाओं में किया जा सकता है।

    जिम्मेदारी तय करने में मददः करार में निर्माण, रखरखाव, प्रबंधन और संचालन की शर्तें स्पष्ट की जा सकेंगी।

    नए नियम को लेकर ये चुनौतियां
    वाहन चालकों पर अतिरिक्त बोझः
    यूजर फीस से नियमित यात्रियों और मालवाहक वाहनों की यात्रा लागत बढ़ सकती है।

    दोहरी फीस की आशंकाःकिसी मार्ग पर पहले से अन्य शुल्क लागू होने की स्थिति में नया शुल्क अतिरिक्त आर्थिक बोझ डॉल सकता है। यह अनिवार्य प्रावधान नहीं, बल्कि संभावित प्रशासनिक चुनौती है।

    निजी एजेंसी की निगरानीःशुल्क वसूली का अधिकार निजी संस्था को मिलने पर दर, सेवा की गुणवत्ता और करार की निगरानी जरूरी होगी।

    कम ट्रैफिक वाले मार्गः कम यातायात वाले हाईवे निजी निवेश के लिए कम आकर्षक होंगे। ऐसे मार्गों के रखरखाव के लिए सरकार को अलग संसाधन जुटाने पड़ सकते हैं।

    सरकार तय करेगी फीस की नई दरें
    अधिनियम में नई धारा 8-ए जोड़ी गई है। इसके तहत राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना जारी कर स्टेट हाईवे के पूरे या किसी हिस्से के उपयोग से संबंधित सेवाओं या लाभों के लिए नियमों में तय दरों पर शुल्क लगा सकेगी। शुल्क की वसूली भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही होगी। हालांकि, किस हाईवे पर कितनी फीस लगेगी और किन वाहनों या उपयोगकर्ताओं पर लागू होगी, यह संबंधित नियमों और अधिसूचनाओं से स्पष्ट होगा।

    वहीं नई धारा 8-बी के तहत सरकार को स्टेट हाईवे के पूरे या किसी हिस्से के विकास और रखरखाव के लिए किसी व्यक्ति या संस्था से समझौता करने का अधिकार मिला है। करार की शर्तों के तहत संबंधित संस्था को सेवाओं या सुविधाओं के बदले शुल्क वसूलने और अपने पास रखने का अधिकार दिया जा सकता है। संशोधन अधिनियम के तहत मध्यप्रदेश राजमार्ग अधिनियम, 1936 और भारतीय टोल (मध्यप्रदेश संशोधन) अधिनियम, 1932 को निरस्त कर दिया गया है। हालांकि पहले जारी अधिसूचनाएं, निर्धारित यूजर फीस. रियायत समझौते, लाइसेंस, प्राधिकरण और शुल्क वसूलने से जुड़े अधिकार तत्काल खत्म नहीं होंगे।

  • उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से की चर्चा, VB-G RAM-G के क्रियान्वयन पर जोर

    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से की चर्चा, VB-G RAM-G के क्रियान्वयन पर जोर

    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से वीसी द्वारा की वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन पर की चर्चा

    375 अनुमेय कार्यों में से स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कार्यों का करें चयन- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    रायपुर
     विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों से संवाद किया। बैठक में योजनांतर्गत जिलों में स्वीकृत कार्यों, प्रगति तथा योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। 

           उपमुख्यमंत्री शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से बारी-बारी संवाद करते हुए योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली तथा उनके सुझाव और जमीनी स्तर पर आ रही कठिनाइयों को जाना। उन्होंने सभी को वीबी-जीरामजी के अंतर्गत अब 375 प्रकार के अनुमय कार्यों में से स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कार्यों का चयन एवं स्वीकृति के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में पर्याप्त संख्या में कार्य स्वीकृत किए गए है, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ग्राम सभा के माध्यम से नए कार्य भी लिए जा सकते हैं।

         उन्होंने बताया कि योजना में मजदूरी एवं सामग्री का 60:40 अनुपात बनाए रखते हुए तथा जल संरक्षण से संबंधित कम से कम 30 प्रतिशत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ग्राम सभाएं आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कार्य स्वीकृत कर सकती हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजना का लाभ ग्रामीणों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन करने पर जोर दिया।

         बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा ने पंचायतों में स्वीकृत कार्यों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किए जाएंगे, जिससे निर्माण कार्यों की प्रभावी निगरानी की जा सकेगी।

          आयुक्त, विकसित भारत–जीरामजी तारन प्रकाश सिन्हा ने जिला पंचायत सदस्यों के योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा तकनीकी समस्याओं से संबंधित प्रश्नों का समाधान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों तथा किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खेत सड़क और धरसा को भी अनुमय कार्यों में शामिल किया गया है। प्रदेश में बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड तथा डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज जैसे कार्यों को प्राथमिकता से लिया जा रहा है। ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकता के अनुसार इन कार्यों का चयन कर सकती हैं। सिन्हा ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस) से संबंधित भारत सरकार का नोटिफिकेशन जल्द जारी होने की प्रक्रिया में है। वहीं मनरेगा के शेष लंबित भुगतान के संबंध में भारत सरकार को पत्र प्रेषित किया गया है।

           वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मानव संसाधन को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रथम चरण में 175 पदों पर भर्ती की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें कार्यक्रम अधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर एवं लेखापाल के पद शामिल हैं तथा भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। इसके अतिरिक्त बस्तर, बीजापुर एवं नारायणपुर जिलों में 63 रोजगार सहायक पदों पर भर्ती की अनुमति भी प्रदान की गई है।

          बैठक में जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव साझा किए तथा मैदानी स्तर पर आ रही विभिन्न कठिनाइयों से अधिकारियों को अवगत कराया। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं को आवश्यक कार्रवाई हेतु संकलित किया गया है।

  • UP Rise 2026 में युवाओं की प्रतिभा का प्रदर्शन, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने जीता खिताब

    UP Rise 2026 में युवाओं की प्रतिभा का प्रदर्शन, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने जीता खिताब

    यूपी राइज 2026: इन्वर्टिस में युवाओं के विचारों को मिला मंच, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने मारी बाजी

    युवाओं को नौकरी खोजने के बजाय रोजगार देने वाला बनने के लिए किया गया प्रेरित

    ‘संवाद, संकल्प, सफलता’ थीम पर विद्यार्थियों ने पेश किए नए कारोबारी विचार

    ‘ट्रैवल देखो’ दूसरे और ‘एसएस पार्ट्स प्लैनेट प्राइवेट’ लिमिटेड तीसरे स्थान पर रही

    बरेली
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन को युवाओं तक पहुंचाने के लिए इन्वर्टिस विश्वविद्यालय में ‘यूपी राइज-2026’ का आयोजन किया गया। संवाद, संकल्प, सफलता’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपने स्टार्टअप व नए व्यावसायिक विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में ‘ब्रह्माबाइट इनोवेशंस एंड टेक प्राइवेट लिमिटेड’ ने पहला स्थान हासिल किया। कार्यक्रम में युवा उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि बदलते दौर में युवाओं को केवल सरकारी या निजी नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें अपने विचारों को व्यावसायिक मॉडल में बदलकर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए।
    मुख्य अतिथि अध्ययन फाऊंडेशन फॉर पॉलिसी एंड रिसर्च के सीईओ शशांक सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए उन्हें नए भारत की मजबूत नींव बताया। कहा कि युवाओं में नए विचारों और नवाचार की कमी नहीं है। आवश्यकता अपने विचार पर विश्वास करने, सही मार्गदर्शन लेने और उसे धरातल पर उतारने की है।

    शक्ति क्षेत्र में युवाओं ने लिखे आत्मनिर्भर यूपी के सपने

    विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच देने के लिए आयोजन स्थल पर विशेष ‘शक्ति क्षेत्र’ बनाया गया। यहां छात्र-छात्राओं ने पर्चियों पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश को लेकर अपने विचार और सपने लिखकर साझा किए। युवाओं ने बताया कि वे अपने कौशल और नवाचार के माध्यम से प्रदेश के विकास में किस तरह योगदान देना चाहते हैं।
    कार्यक्रम में घूमते पहिये पर आधारित मनोरंजक गतिविधि भी आकर्षण का केंद्र रही। तत्काल तस्वीर निकालकर देने की व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों में खास उत्साह दिखाई दिया। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान 300 से अधिक तस्वीरें निकालकर छात्र-छात्राओं को दी गईं।

    सक्रिय भागीदारी करने वाले 200 विद्यार्थियों को मिले उपहार

    कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन और सक्रिय भागीदारी करने वाले करीब 200 विद्यार्थियों को विशेष उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया। इनमें डायरी, कपड़े के थैले, टी-शर्ट और डेटा सुरक्षित रखने वाले छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल रहे। विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने वाले मेंटर्स और प्रतियोगिता के निर्णायकों को भी स्मृति चिह्न, कॉफी मग और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन स्थल को 12 प्रचार पट्टिकाओं, छह बड़े प्रचार पटों, 10 दिशा-सूचक पट्टों और भव्य प्रवेश द्वार से सजाया गया था।

    मिष्टी, आशु, अन्नू और सचिन ने संभाली आयोजन की कमान
    आयोजन में विद्यार्थियों के नेतृत्व कौशल को विकसित करने पर भी जोर दिया गया। विश्वविद्यालय के चार विद्यार्थियों मिष्टी, आशु गुप्ता, अन्नू गंगवार और सचिन गंगवार को महाविद्यालय प्रतिनिधि बनाया गया। चारों विद्यार्थियों ने पंजीकरण से लेकर अतिथियों के प्रबंधन, मंच के आसपास की व्यवस्था और कार्यक्रम संचालन तक में सक्रिय भूमिका निभाई। 

    ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने जीता खिताब

    प्रतियोगिता में विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों के कारोबारी विचारों का नवाचार, उपयोगिता और रोजगार सृजन की संभावनाओं के आधार पर मूल्यांकन किया गया। ‘ब्रह्माबाइट इनोवेशंस एंड टेक प्राइवेट लिमिटेड’ ने निर्णायकों को प्रभावित करते हुए विजेता का खिताब हासिल किया। ‘ट्रैवल देखो’ ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि ‘एसएस पार्ट्स प्लैनेट प्राइवेट लिमिटेड’ तीसरे स्थान पर रही। आयोजन के माध्यम से युवाओं को अपने विचारों को कारोबार में बदलने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।