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  • खेत से बाजार तक बढ़ेगी कमाई: गोपालगंज में तेल मिल-पैकेजिंग यूनिट के लिए योजना, लॉटरी से होगा चयन

    खेत से बाजार तक बढ़ेगी कमाई: गोपालगंज में तेल मिल-पैकेजिंग यूनिट के लिए योजना, लॉटरी से होगा चयन

     गोपालगंज
    कृषि उपज को खेत से बाजार तक तैयार उत्पाद के रूप में पहुंचाने की दिशा में जिले के किसानों के लिए नई पहल शुरू हुई है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में कच्ची घानी (कोल्ड प्रेस) तेल निष्कर्षण मिल की तीन और पैकेजिंग मशीन की तीन इकाइयां स्थापित कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    इच्छुक किसान 10 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत तिलहन फसलों की उपज का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण कर तेल तैयार करने और उसकी पैकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे किसानों को कच्ची उपज बेचने के बजाय प्रसंस्कृत उत्पाद के रूप में बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

    सामान्य वर्ग को 40, एससी-एसटी को 50 प्रतिशत अनुदान
    कच्ची घानी तेल निष्कर्षण मिल लगाने पर सामान्य श्रेणी के लाभुक को अधिकतम दो लाख रुपये या लागत का 40 प्रतिशत, जो भी कम हो, अनुदान मिलेगा। वहीं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभुकों को अधिकतम 2.50 लाख रुपये या लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।

    इसी प्रकार पैकेजिंग मशीन के लिए सामान्य श्रेणी के लाभुक को अधिकतम 1.20 लाख रुपये या लागत का 40 प्रतिशत तथा एससी-एसटी वर्ग के लाभुक को अधिकतम 1.50 लाख रुपये या लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा।

    लॉटरी से होगा लाभुकों का चयन
    निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर लाभुकों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। 14 अक्टूबर को लॉटरी होगी।

    इसके बाद चयनित आवेदकों का सत्यापन 15 से 23 अक्टूबर तक किया जाएगा। किसी कारण से चयनित किसान को योजना का लाभ नहीं मिलने पर प्रतीक्षा सूची में शामिल अगले आवेदक का चयन किया जाएगा।

    ऐसे करें आवेदन
    किसान बिहार कृषि एप-डीबीटी पोर्टल के माध्यम से योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कृषि विभाग का मानना है कि तेल निष्कर्षण और पैकेजिंग की सुविधा मिलने से स्थानीय कृषि उत्पादों का मूल्यवर्धन होगा तथा किसानों के लिए कृषि आधारित अतिरिक्त आय के अवसर बढ़ेंगे।

    योजना एक नजर में
        कच्ची घानी तेल मिल – तीन इकाइयां
        पैकेजिंग मशीन – तीन इकाइयां
        आवेदन की अंतिम तिथि – 10 अक्टूबर
        ऑनलाइन लाटरी – 14 अक्टूबर
        सत्यापन – 15 से 23 अक्टूबर
        आवेदन – बिहार कृषि एप-डीबीटी पोर्टल
        सामान्य वर्ग – 40 प्रतिशत तक अनुदान
        एससी/एसटी – 50 प्रतिशत तक अनुदान

    क्या कहते हैं अधिकारी?
        जिले में तीन तेल मिल व तीन पैकेजिंग यूनिट लगाने की योजना है। यूनिट लगाने पर किसानों को अनुदान दिया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन के लिए पोर्टल खुल गया है। – ललन कुमार सुमन, जिला कृषि पदाधिकारी

     

  • धान खरीद में देरी से नाराज किसान, कुरुक्षेत्र में GT रोड पर चक्का जाम

    धान खरीद में देरी से नाराज किसान, कुरुक्षेत्र में GT रोड पर चक्का जाम

    शाहाबाद/कुरुक्षेत्र.

    धान की सरकारी खरीद शुरू न होने को लेकर मंगलवार को किसान राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर कूच कर दिया है। इससे पहले किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा के साथ बैठक की। वार्ता बेनतीजा रही, जिससे किसान जीटी रोड जाम करने के लिए निकल पड़े।

    किसानों को रोकने के लिए बराड़ा रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग की ओर बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद कई किसान फ्लाईओवर पर चढ़ गए। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए वाटर कैनन चलाया और आंसू गैस के गोले दागे। इसके बावजूद कुछ किसान फ्लाईओवर पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिस ने नीचे उतार लिया।

    आधे घंटे चले बवाल के बाद किसानों ने बराड़ा रोड पर शहीद उधम सिंह स्मारक के पास धरना शुरू कर दिया। SP चंद्रमोहन भी हालात का जायजा लेने मौके पर पहुंचे। DSP रणधीर ने कहा कि GT रोड पर ट्रैफिक चल रहा है। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा, “देश का पेट पालने वालों पर बमबारी हुई। हम पाकिस्तानी नहीं हैं। सैंकड़ों गोले दागे, पानी छोड़ा, लाठचार्ज किया। मेरे भी पैर पर चोट आई। जब तक हमारी बात नहीं मानी जाएगी, हम यहीं रहेंगे। हमने मोर्चा लगा दिया है।”

    22 सितंबर तक का दिया था अल्टीमेटम
    गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि 16 सितंबर को धान की सरकारी खरीद को लेकर शाहाबाद अनाज मंडी में किसानों की बैठक हुई थी। इसमें कुरुक्षेत्र के DC विश्राम कुमार मीणा भी पहुंचे थे। किसानों ने मंडियों में फसल पहुंचने का हवाला देते हुए जल्द खरीद शुरू करने की मांग की थी। प्रशासन ने बताया था कि राज्य सरकार ने केंद्र से तय समय से पहले 20 सितंबर से खरीद शुरू कराने का अनुरोध किया है। इस आश्वासन के बाद किसानों ने 20 सितंबर तक खरीद शुरू करने का अल्टीमेटम दिया था और मांग पूरी न होने पर 22 सितंबर को जाम लगाने की चेतावनी दी थी।

    'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' पोर्टल 27 सितंबर तक खुला
    सरकार ने किसानों को फसल रजिस्ट्रेशन का एक और मौका दिया है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल 21 से 27 सितंबर तक दोबारा खोला गया है। किसान 27 सितंबर तक फसल का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। किसानों की मांग है कि पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, वेरिफिकेशन और खरीद प्रक्रिया में तालमेल रहे, ताकि मंडियों में फसल खरीद के लिए इंतजार न करना पड़े।

    पिछले साल से शुरू हुई खरीद
    धान खरीद की तारीख को लेकर पिछले साल भी किसानों ने सरकार पर दबाव बनाया था। 2025 में हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 22 सितंबर से शुरू हुई थी। पहले खरीद 1 अक्टूबर से होनी थी, लेकिन किसानों की मांग और विरोध के बाद तारीख आगे बढ़ाई गई थी। पिछले साल करीब 59.62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी।

  • 106830 किसान होंगे लाभान्वित, 407 करोड़ का आज होगा भुगतान

    106830 किसान होंगे लाभान्वित, 407 करोड़ का आज होगा भुगतान

    दुर्ग.

    जिले के समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को अंतर की राशि 407 करोड़ 89 लाख 82 हजार का आज भुगतान होगा. इससे कुल 106830 किसान लाभान्वित होंगे. इसमें कामन धान 15351 व ग्रेड ए पर 14931 रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि दी जाएगी.

    योजनांतर्गत जिले में वर्ष 2025-26 के कृषक उन्नति योजनांतर्गत विकासखण्ड- दुर्ग के 25057 कृषकों को 8703.03, पाटन 44122 कृषकों को 16995.87 लाख एवं धमधा के 37651 कृषकों को राशि 15090.54 लाख रुपए भुगतान की जा रही है. खरीफ 2025 में प्रदेश के किसानों से उपार्जित धान की मात्रा पर धान (कॉमन) पर राशि 731 रुपए प्रति क्वि. की दर से अधिकतम राशि रू. 15351 प्रति एकड़ तथा धान (ग्रेड-ए) का राशि 711 रुपए प्रति क्वि. की दर से अधिकतम 14931 रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान किया जायेगा.