Tag: Farmers Protest

  • नेशनल हाईवे पर किसान आंदोलन का असर, पांच राज्यों तक ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित

    नेशनल हाईवे पर किसान आंदोलन का असर, पांच राज्यों तक ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित

    मोहाली.

    खेती की मोटरों के लिए पर्याप्त बिजली न मिलने से नाराज पंजाब के किसानों ने मंगलवार को लालडू में अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर जाम लगाया। इससे पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ समेत हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के वाहन चालकों को परेशानी हुई।

    किसानों ने भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में पावरकाम के एक्सईएन कार्यालय लालड़ू के बाहर धरना दिया। प्रदर्शन की अगुआई संगठन के जिला प्रधान लखविंदर सिंह हैप्पी मलकपुर ने की। किसानों ने पंजाब सरकार और पावरकाॅम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग उठाई। आरोप था कि खेती की मोटरों को जरूरत के मुताबिक बिजली नहीं मिलने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    धरने के दौरान एक्सईएन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर किसानों का रोष बढ़ गया और उन्होंने अंबाला-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इससे मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। करीब एक घंटे तक चले जाम के बाद पुलिस प्रशासन और पावरकाम अधिकारियों ने किसान नेताओं के साथ बैठक की। बातचीत के दौरान पावरकाॅम अधिकारियों ने किसानों को लिखित आश्वासन दिया कि आगे से खेती की मोटरों के लिए 20 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग से जाम हटा लिया और धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।

  • बदनावर-टिमरवानी फोरलेन विवाद: मुआवजे को लेकर अड़े किसान, रातभर खुले आसमान के नीचे डटे रहे

    बदनावर-टिमरवानी फोरलेन विवाद: मुआवजे को लेकर अड़े किसान, रातभर खुले आसमान के नीचे डटे रहे

    झाबुआ.

    बदनावर-टिमरवानी फोरलेन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाले मुआवजे से असंतुष्ट किसानों का आंदोलन झाबुआ कलेक्ट्रेट (Jhabua farmers protest) परिसर में जारी है। गुरुवार से शुरू हुए अनिश्चितकालीन धरने में प्रभावित क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं शामिल हैं।

    आंदोलनकारियों ने पहली रात खुले आसमान के नीचे बिताई। धरने पर बैठे किसानों ने अपने खाने-पीने की व्यवस्था कलेक्ट्रेट परिसर में ही की। गुरुवार रात किसानों ने मिलकर कंडे पर 30 किलोग्राम आटे की बाटी और 7 किलोग्राम चावल तैयार किए। इसके बाद सभी ने सामूहिक रूप से दाल-बाटी खाई। शुक्रवार सुबह करीब 10 लीटर दूध से चाय बनाई गई और पोहे का नाश्ता भी किया गया।

    चार गुना मुआवजे की मांग
    किसानों की प्रमुख मांग है कि फोरलेन के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन का मुआवजा नियमानुसार बाजार मूल्य से चार गुना अधिक दिया जाए। किसानों का कहना है कि मुआवजे को लेकर उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

    अधिकारियों ने की समझाइश
    किसानों के धरने को देखते हुए गुरुवार को मेघनगर एसडीएम अवनधती प्रधान और एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवेंद्र चापडेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा करते हुए उन्हें आर्बिट्रेशन के लिए आवेदन देकर अपनी समस्याएं रखने का सुझाव दिया। शाम को किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट से भी मुलाकात की।