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  • MP के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट, सहायक ग्रेड-3 प्रमोशन के लिए पूरी करनी होंगी ये शर्तें

    MP के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट, सहायक ग्रेड-3 प्रमोशन के लिए पूरी करनी होंगी ये शर्तें

    भोपाल 
     मध्यप्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बुधवार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 या समकक्ष पदों पर पदोन्नति देने के संबंध में एक नया आदेश जारी किया गया है. इस आदेश के तहत कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता, परीक्षण अवधि, कंप्यूटर दक्षता और सीपीसीटी परीक्षा से जुड़ी शर्तों को बहुत ही सरल भाषा में स्पष्ट किया गया है, जिससे कर्मचारियों की पदोन्नति की प्रक्रिया में आने वाली सभी प्रकार की कठिनाइयों का समय पर निराकरण किया जा सके। 

    प्रमोशन के लिए जरूरी शर्तें
    सामान्य प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार ​सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति पाने के लिए कर्मचारियों के पास जरूरी शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ मान्यता प्राप्त संस्थानों से एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित कंप्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण परीक्षा यानी सीपीसीटी का स्कोर कार्ड होना अनिवार्य किया गया है. वहीं इस सीपीसीटी स्कोर कार्ड की वैधता कुल 7 वर्ष निर्धारित की गई है. जिन कर्मचारियों के पास यह योग्यता होती है, उन्हें 2 वर्ष की परीक्षण अवधि पर पदोन्नति दी जाएगी, जिसके दौरान उन्हें सीपीसीटी परीक्षा पास करनी होगी और मान्यता प्राप्त संस्था से 1 वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा या समकक्ष कोर्स प्राप्त करना होगा। 

    परीक्षा पास करने के लिए ये है तय समय सीमा
    ​यदि कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 2 वर्ष की निर्धारित परीक्षण अवधि में अपनी आवश्यक योग्यता प्राप्त नहीं कर पाता है, तो उसकी परीक्षण अवधि में अधिकतम तीन वर्ष की और वृद्धि की जा सकेगी, जो किसी भी स्थिति में कुल पांच वर्ष की अवधि से अधिक नहीं होगी. यदि पांच वर्ष की कुल परीक्षण अवधि पूरी होने के बाद भी संबंधित कर्मचारी द्वारा अपेक्षित योग्यता प्राप्त नहीं की जाती है, तो उसे अनिवार्य रूप से उसके मूल चतुर्थ श्रेणी पद पर वापस कर दिया जाएगा। 

    ​45 वर्ष से अधिक आयु वाले बता दें कि कर्मचारियों के लिए बड़ी छूट
    ​चतुर्थ श्रेणी के ऐसे शासकीय सेवक जो अपनी पदोन्नति की तिथि तक 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, उन्हें सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए सीपीसीटी स्कोर कार्ड जमा करने से छूट प्रदान की जाती है, हालांकि उनके लिए कंप्यूटर दक्षता की अनिवार्यता पहले की तरह ही बनी रहेगी. हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह विशेष छूट केवल विभागीय पदोन्नति के मामलों में ही लागू होगी और सीधी भर्ती या अन्य माध्यमों से होने वाली नियुक्तियों पर इस छूट का कोई भी प्रभाव नहीं पड़ेगा. साथ ही उन भर्तियों में सीपीसीटी और डिप्लोमा की अहर्ता पूरी तरह अनिवार्य रहेगी। 

  • मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा आदेश, 300 EL के नकदीकरण का फॉर्मूला जारी; कर्मचारी खुद कर सकेंगे हिसाब

    मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा आदेश, 300 EL के नकदीकरण का फॉर्मूला जारी; कर्मचारी खुद कर सकेंगे हिसाब

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए लीव इनकैशमेंट राशि को लेकर आदेश जारी किया है। अब कर्मचारी रिटायरमेंट या ड्यूटी के दौरान मौत की स्थिति में मिलने वाली छुट्टी लीव इनकैशमेंट राशि का अनुमान खुद लगा सकेंगे। वित्त विभाग ने सभी विभागों, कार्यालयों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया है।

    सरकार के फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से अवकाश नकदीकरण की गणना को लेकर अलग-अलग विभागों में भ्रम और विवाद की स्थिति बनती रही है। नए निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में एक समान प्रक्रिया लागू होगी।

    अर्जित अवकाश का रिकॉर्ड रखने के निर्देश
    वित्त विभाग के आदेश में सभी विभागों को यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि अवकाश नकदीकरण की गणना निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जाएगी। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों के अर्जित अवकाश का रिकॉर्ड सही तरीके से रखा जाए।

    भुगतान के समय एक समान प्रक्रिया अपनाई जाए। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कर्मचारी को भुगतान में देरी न हो और गणना में गलतियां न हों।

    अधिकतम 300 दिन के अवकाश का मिलेगा भुगतान
    राज्य सरकार के नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी को अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश का नकदीकरण लाभ दिया जाएगा। अगर किसी कर्मचारी के खाते में 300 दिनों से अधिक अर्जित अवकाश मौजूद है, तब भी भुगतान केवल 300 दिनों तक ही सीमित रहेगा।

    पहले लाभ लिया है तो घटेंगे उतने दिन
    वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी पहले किसी अवसर पर अर्जित अवकाश नकदीकरण का लाभ ले चुका है, तो जितने दिनों का लाभ पहले लिया गया है, उसे 300 दिनों की अधिकतम सीमा में से घटा दिया जाएगा। कर्मचारी को कुल मिलाकर 300 दिनों से अधिक अर्जित अवकाश नकदीकरण का लाभ नहीं मिल सकेगा।

    कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?
        नए आदेश के बाद सरकारी कर्मचारियों को कई तरह के लाभ मिलने की उम्मीद है।
        कर्मचारी पहले से अपनी संभावित लीव इनकैशमेंट राशि का अनुमान लगा सकेंगे।
        विभागों में गणना को लेकर होने वाली गलतियों में कमी आएगी।
        भुगतान संबंधी विवाद कम होंगे।
        सभी विभागों में एक समान नियम और प्रक्रिया लागू होगी।
        रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों की पारदर्शिता बढ़ेगी।

    ईएल इनकैशमेंट पर पारदर्शी लाना
    राज्य सरकार का कहना है कि इस आदेश का मुख्य उद्देश्य अर्जित अवकाश नकदीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और एकरूप बनाना है। अलग-अलग विभागों में अपनाई जा रही अलग-अलग प्रक्रियाओं के कारण कई बार कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब वित्त विभाग के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बाद सभी विभागों में एक जैसी व्यवस्था लागू होगी।

    क्या होता है लीव इनकैशमेंट
    सरकारी सेवा के दौरान कर्मचारियों के खाते में अर्जित अवकाश (ईएल) जमा होते रहते हैं। कई कर्मचारी अपने पूरे अर्जित अवकाश का उपयोग नहीं कर पाते, जिसके कारण उनके खाते में बड़ी संख्या में छुट्टी बचे रह जाते हैं।

    जब कर्मचारी रिटायर होता है या सेवा के दौरान उसकी मौत हो जाती है, तब उसके खाते में बचे हुए ईएल के बदले सरकार नकद भुगतान करती है। इसी भुगतान को अवकाश नकदीकरण या लीव इनकैशमेंट कहा जाता है। यह राशि कर्मचारियों के रिटायरमेंट लाभों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। कई मामलों में यह लाखों रुपए तक पहुंच सकती है।

  • एमपी में कर्मचारियों को 3% DA बढ़ाकर राहत, एरियर 6 किस्तों में मिलेगा, मई से नई सैलरी शुरू

    एमपी में कर्मचारियों को 3% DA बढ़ाकर राहत, एरियर 6 किस्तों में मिलेगा, मई से नई सैलरी शुरू

    भोपाल

     अप्रैल की शुरुआत मध्य प्रदेश के 12 लाख कर्मचारियों के लिए खुशखबरी लेकर आई है। प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 3 फीसदी महंगाई भत्ता और राहत भत्ता बढ़ाने को लेकर आदेश जारी कर दिया है। आगे अब एरियर 6 किस्तों में मिलेगा, 4200 रुपए तक सैलरी में बढ़ोतरी होगी, बढ़ी हुई राशि अप्रेल की सैलरी में जोड़कर मई में दी जाएगी।

    सरकार ने पेंशनरों को भी बड़ी सौगात दी है, उनकी मंहगाई राहत 58% और 257% तक बढ़ गई है। जारी आदेश के अनुसार सातवें वेतनमान के अंतर्गत कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता अब दिनांक एक जुलाई 2025 से (भुगतान माह अगस्त 2025 से) 55 प्रतिशत से 3 प्रतिशत बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया गया है।

    महंगाई भत्ता अब 58 प्रतिशत होगा
    वित्त विभाग के परिपत्र के अनुसार यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जुलाई 2025 से कुल 58 प्रतिशत देय माना जाएगा। सरकार द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि 3 प्रतिशत की इस वृद्धि के बाद कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता अब 58 प्रतिशत हो जाएगा। यह निर्णय राज्य के लाखों कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत लेकर आएगा।

    6 किश्तों में होगा एरियर का भुगतान
    वित्त विभाग ने शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ते में हुई वृद्धि का लाभ एक जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की एरियर राशि का भुगतान 6 समान किश्तों में दिया जाएगा। इन किश्तों का भुगतान मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में किया जाएगा।

    सेवानिवृत्त और दिवंगत कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान
    वित्त विभाग ने जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त हो चुके हैं या जिनका निधन हो गया है, उन्हें अथवा उनके नामांकित सदस्य को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त प्रदान की जाएगी।

    भुगतान संबंधी अन्य निर्देश
    महंगाई भत्ते की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक राशि को अगले पूर्ण रुपए में जोड़ा जाएगा। जबकि 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि महंगाई भत्ते का कोई भी हिस्सा किसी अन्य प्रयोजन के लिए वेतन का भाग नहीं माना जाएगा। सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि महंगाई भत्ते के भुगतान पर होने वाला व्यय संबंधित विभाग के स्वीकृत बजट प्रावधान के भीतर ही सुनिश्चित किया जाए।