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  • उज्जैन सिंहस्थ के लिए 55 करोड़ से अधिक के विद्युत संबंधित कार्य पूर्ण

    उज्जैन सिंहस्थ के लिए 55 करोड़ से अधिक के विद्युत संबंधित कार्य पूर्ण

    भोपाल

    उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर पश्चिम क्षेत्र कंपनी द्वारा विद्युत संबंधित कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। इससे नगरीय क्षेत्रों, शिप्रा के घाट क्षेत्रों व मेला क्षेत्रों में आने वाले करोड़ों श्रध्दालुओं को सुविधा मिलेगी। अब तक लगभग 55 करोड़ के विद्युत संबंधित कार्य कराए गए हैं। सात करोड़ रूपए की लागत से ग्रिड, लाइन इत्यादि के कार्य प्रगति पर हैं।

    ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर के मार्गदर्शन में उज्जैन शहर में चार नए 33/11केवी ग्रिड तैयार किए जाना थे, इसमें से तीन का कार्य पूर्ण होकर इनसे बिजली आपूर्ति प्रारंभ हो गई हैं, चौथे ग्रिड का कार्य प्रगतिरत है। इन सभी ग्रिडों की लागत संबंधित लाइनों के साथ लगभग 30 करोड़ रूपए है। साथ ही 33 केवी नई लाइन व इंटर कनेक्शन इत्यादि की 20 किमी लाइन साढ़े चार करोड़ रुपए से तैयार हुई हैं। उज्जैन में 11 केवी लाइन, इंटर कनेक्शन व फीडर से संबंधित लाइनों का 80 किमी कार्य लागत 17 करोड़ रूपए से पूर्ण किया गया हैं। प्रबंध निदेशक  अनूप कुमार सिंह ने बताया कि सिंहस्थ के मद्देनजर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में नए ग्रिड, 33 केवी लाइन समेत 9 कार्यों के लिए 11.42 करोड़ मंजूर किए गए थे, इसमें से 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं, ओंकारेश्वर क्षेत्र में शेष कार्य जारी हैं।

    प्रबंध निदेशक ने बताया कि सिंहस्थ के निमित्त उज्जैन में सैंकड़ों ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं। वहीं कुछ माह बाद मेला क्षेत्र में एक हजार नए ट्रांसफार्मर और ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि के कार्य किए जाएंगे। उज्जैन शहर के चुनिंदा क्षेत्र में अंडरग्राउंड केबल और कोटेड कंडक्टर का कार्य किया गया है। सिंहस्थ को लेकर उज्जैन नगरीय क्षेत्र, शिप्रा के घाट क्षेत्रों, मेला क्षेत्र में बिजली की अधिकतम आकलित मांग 550 मेगावॉट की सतत पूर्ति की आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था जुटाई जा रही है। प्रबंध निदेशक ने बताया कि इंदौर, उज्जैन के बिजली अधिकारियों ने गत वर्ष संपूर्ण प्रयागराज महाकुंभ में की गई विद्युत व्यवस्था का भी अध्ययन किया है।

    चलित ट्रांसफार्मर, पोल पर क्यूआर कोड

    बिजली कंपनी सिंहस्थ में चलित ट्रांसफार्मर का इंतजाम करेगी। बड़े वाहन पर ट्रांसफार्मर रखे जाएंगे, कही कोई अतिरिक्त मांग या मौजूदा ट्रांसफार्मर खराब होने की अवस्था रही तो तुरंत गाड़ी पहुंच जाएगी। गाड़ी पर रखे ट्रासंफार्मर से 11 केवी के जंपर जोड़ने पर बिजली प्रदाय होने लगेगी। इधर मेला क्षेत्र में पोल पर क्यूआर कोड लगाएं जाएंगे जो मेला क्षेत्र में किसी के गुम होने पर लोकेशन बताने के काम आएगी। साथ ही क्षेत्र विशेष की बिजली आपूर्ति संबंधित शिकायतों के तेजी से समाधान में मदद करेंगे।

     

  • 4838 शिविरों में 2 लाख 15 हजार 035 बिजली संबंधी शिकायतों का मौके पर निराकरण

    4838 शिविरों में 2 लाख 15 हजार 035 बिजली संबंधी शिकायतों का मौके पर निराकरण

    भोपाल

    बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का उनके घर के नजदीक त्वरित समाधान उपलब्ध कराने तथा मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के उद्देश्यों की पूर्ति की दिशा में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा संचालित "संपर्क अभियान 2026" को उल्लेखनीय सफलता मिली है। 14 मई से प्रारंभ हुए इस विशेष अभियान के अंतर्गत भोपाल एवं ग्वालियर रीजन के 16 जिलों में अब तक 4,838 विशेष शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 2 लाख 15 हजार 035 उपभोक्ताओं की शिकायतों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। अभियान के माध्यम से उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर सुविधाजनक एवं त्वरित समाधान उपलब्ध कराते हुए विद्युत सेवाओं में पारदर्शिता, सुगमता और उपभोक्ता संतुष्टि को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    भोपाल रीजन के वृत्तों में लगे शिविर

    भोपाल रीजन के अंतर्गत शहर वृत्त भोपाल में 359 शिविरों में 21,569 शिकायतों का निराकरण किया गया। बैतूल (ओ एंड एम) वृत्त में 427 शिविरों में 24,684 शिकायतों का निराकरण, भोपाल (ओ एंड एम) वृत्त में 246 शिविरों में 9,593 शिकायतों का निराकरण, हरदा वृत्त में 127 शिविरों में 17,477 शिकायतों का निराकरण, नर्मदापुरम वृत्त में 326 शिविरों में 26,368 शिकायतों का निराकरण, रायसेन वृत्त में 244 शिविरों में 16,378 शिकायतों का निराकरण, राजगढ़ वृत्त में 351 शिविरों में 4,798 शिकायतों का निराकरण, सीहोर वृत्त में 312 शिविरों में 7,106 शिकायतों का निराकरण तथा विदिशा वृत्त में 204 शिविरों में 10,940 शिकायतों का निराकरण किया गया।

    ग्वालियर रीजन के वृत्तों में लगे शिविर

    ग्वालियर रीजन के अंतर्गत शहर वृत्त ग्वालियर में 287 शिविरों में 5,844 शिकायतों का निराकरण किया गया। वहीं अशोकनगर वृत्त में 143 शिविरों में 15,781, भिंड (ओ एंड एम) वृत्त में 274 शिविरों में 5,625, दतिया (ओ एंड एम) वृत्त में 169 शिविरों में 7,430, गुना वृत्त में 247 शिविरों में 9,138, ग्वालियर (ओ एंड एम) वृत्त में 239 शिविरों में 4,316, मुरैना वृत्त में 377 शिविरों में 15,757, श्योपुर (ओ एंड एम) वृत्त में 182 शिविरों में 5,046 तथा शिवपुरी वृत्त में 324 शिविरों में 7,185 शिकायतों का निराकरण किया गया।

    इन शिकायतों और सेवाओं पर हुआ त्वरित काम

    इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट समाधान करना है। शिविरों में मुख्य रूप से त्रुटिपूर्ण बिल, मीटर रीडिंग एवं अन्य बिलिंग संबंधी शिकायतों का तत्काल निराकरण किया गया। साथ ही मात्र 5 रुपये में नवीन ग्रामीण घरेलू एवं कृषि पंप कनेक्शन प्रदान किए गए। इसके अलावा भार वृद्धि, नाम परिवर्तन, श्रेणी परिवर्तन, स्थायी कनेक्शन विच्छेदन, अस्थायी कनेक्शन, ई-केवाईसी, अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), बंद/खराब मीटर बदलना, स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतों का निराकरण, सर्विस केबल सुधार, वोल्टेज संबंधी समस्याओं का समाधान, ट्रांसफार्मर से जुड़ी शिकायतों का निराकरण, बिजली बिलों का आंशिक एवं पूर्ण भुगतान, अग्रिम भुगतान पर छूट, बकाया राशि जमा कराने सहित विभिन्न जनहितैषी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ प्रदान किए गए।