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  • शिक्षक दिवस पर शिक्षा मंत्री की बड़ी पहल, राज्य के सभी 5.80 लाख शिक्षकों को भेजा पत्र

    शिक्षक दिवस पर शिक्षा मंत्री की बड़ी पहल, राज्य के सभी 5.80 लाख शिक्षकों को भेजा पत्र

    पटना
    शिक्षक दिवस के दिन राज्य के सभी पांच लाख 80 हजार शिक्षकों को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पत्र भेजा। तीन पेज के इस पत्र में मंत्री ने शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका, उनके योगदान और समाज एवं राज्य के भविष्य निर्माण में उनकी जिम्मेदारी का उल्लेख किया है।शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के साथ उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से राज्य के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उनमें अच्छे संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की अपील की है।

    उन्होंने कहा कि बिहार का उज्ज्वल भविष्य आज के विद्यालयों और वहां पढ़ने वाले बच्चों से जुड़ा है। ऐसे में शिक्षक राज्य के भविष्य को संवारने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षकों ने इस पहल के लिए शिक्षा मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वे शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे। शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित गोपालगंज और बांका की दोनों महिला शिक्षकों बधाई दी है।

    डाक विभाग: इंस्पेक्टर पदोन्नति परीक्षा के लिए आवेदन की तिथि 15 तक बढ़ी
    डाक विभाग ने इंस्पेक्टर पदोन्नति के लिए आयोजित होने वाली विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (एलडीसीई) के लिए अब उम्मीदवार 15 सितंबर शाम 5:30 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 5 सितंबर निर्धारित थी। इस संबंध में डाक विभाग संचार मंत्रालय भारत सरकार के विभागीय परीक्षा अनुभाव ने अधिसूचना जारी की है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि जो योग्य कर्मचारी किसी कारणवश समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे, उन्हें एक और मौका मिल सके और कोई भी पात्र व्यक्ति इस पदोन्नति के अवसर से वंचित न रहे। यह परीक्षा 26 और 27 सितंबर 2026 को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से इंस्पेक्टर पदों पर 66.66 प्रतिशत विभागीय कोटे के तहत पदोन्नति दी जानी है। जो केवल डाक विभाग में पहले से ही कार्यरत कर्मचारियों के लिए है।

    विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पदोन्नति वर्ष 2026 की उन रिक्तियों के लिए होगी जो एक जनवरी 2026 से लेकर 31 दिसंबर 2026 के बीच खाली होंगी या हो सकती हैं। आवेदनों के सत्यापन का काम 16 सितंबर तक करना होगा। अगर किसी आवेदन में कोई गलती या कमी पाई जाती है तो उसे सुधारने के लिए उम्मीदवारों को 17 सितंबर तक का समय दिया गया है, जबकि पहले यह तारीख 11 सितंबर थी। इसके बाद जब उम्मीदवार अपने सुधरे हुए आवेदन दोबारा जमा करेंगे, तो नियंत्रण अधिकारी उन्हें 18 सितंबर तक जांचकर पास करेंगे। आवेदनों को अंतिम रूप देने और परीक्षा केंद्र आवंटित करने का काम नोडल अधिकारी अब 19 सितंबर तक करेंगे। प्रवेश पत्र 22 सितंबर शाम 5:30 बजे से डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। इस परीक्षा का लाभ देश के सभी डाक सर्किलों के कर्मचारियों को मिलेगा। बिहार के सभी जिलों में तैनात पात्र डाक कर्मचारी इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं और अगर वे सफल होते हैं तो इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत हो सकते हैं।

  • नियुक्तियों और विज्ञान संकाय पर घमासान, शिक्षा मंत्री के जवाब पर विधानसभा में हंगामा

    नियुक्तियों और विज्ञान संकाय पर घमासान, शिक्षा मंत्री के जवाब पर विधानसभा में हंगामा

    जयपुर

    राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल में सरकारी स्कूलों में विज्ञान संकाय खोलने और शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े सवाल पर जोरदार हंगामा हुआ। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से जब संबंधित आंकड़े मांगे गए तो उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने शुरू कर दिए, जिस पर विपक्ष ने आपत्ति जताई। मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार रिक्त पदों को भर रही है और आगामी सेवानिवृत्तियों को ध्यान में रखते हुए पूर्व योजना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने स्कूल तो खोले, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की।

    स्पीकर का हस्तक्षेप और सवालों की पुनरावृत्ति
    स्थिति तीखी होने पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री से मूल प्रश्न का उत्तर देने को कहा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल दोहराते हुए पूछा कि पिछले दो वर्षों में कितने विज्ञान संकाय खोले गए और कितने पदों पर नियुक्तियां की गईं। इस दौरान मंत्री और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मंत्री ने पूर्व सरकार पर तबादलों में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए, जिस पर टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री सदन को गुमराह कर रहे हैं और तथ्यों के आधार पर जवाब दें। बाद में मंत्री ने बताया कि एक बार 3880 और दूसरी बार 970 पद स्वीकृत किए गए।
     
    दिव्यांग स्कूटी वितरण पर भी टकराव
    प्रश्नकाल के दौरान दिव्यांगों को स्कूटी वितरण से जुड़े सवाल पर भी बहस तेज हो गई। भाजपा विधायक के पूरक प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने पिछली सरकार के समय हुई देरी का उल्लेख किया और समाधान का आश्वासन दिया। जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पूरक सवाल पूछने के लिए खड़े हुए तो सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने टोका, जिस पर जूली ने आपत्ति जताई और स्पीकर से व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की।
     
    टिप्पणी पर बढ़ा विवाद
    इसके बाद अविनाश गहलोत की एक टिप्पणी को लेकर विवाद और बढ़ गया। मंत्री ने तंज करते हुए कहा कि सदन में पूर्व मुख्यमंत्री की मौजूदगी के कारण विपक्ष में प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है। इस पर टीकाराम जूली ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि राजनीतिक टिप्पणियों के बजाय सवाल का सीधा जवाब दिया जाए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बीच प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रही।