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  • दृश्यम 3 में अजय देवगन ने मोहनलाल को छोड़ा पीछे? कहानी और कोर्टरूम ड्रामा ने बढ़ाया सस्पेंस

    दृश्यम 3 में अजय देवगन ने मोहनलाल को छोड़ा पीछे? कहानी और कोर्टरूम ड्रामा ने बढ़ाया सस्पेंस

    आज से करीब 11 साल पहले साल 2015 में अजय देवगन फिल्म दृश्यम लेकर आए थे, जिसने लोगों की नींद उड़ा दी थी. उसमें जिस तरह फैमिली इमोशन्स के साथ दिमाग हिलाने वाला ट्विस्ट डाला गया, वो सचमुच हैरान करने वाला था. ये मोहनलाल की मलयालम फिल्म दृश्यम का ऑफिशियल रीमेक थी, जिसे जीतू जोसेफ ने लिखा था. 'दृश्यम' आगे चलकर एक फिल्म फ्रैंचाइजी के रूप में बदली, जिसके अभी तक सभी भाषाओं में तीन पार्ट आए. आज 2 अक्टूबर को अजय की दृश्यम 3 यानी 'दृश्यम द कन्क्लूजन' सिनेमाघरों में रिलीज हुई.

    मोहनलाल से बेहतर अजय की फिल्म
    हिंदी में दृश्यम 3 की कहानी मोहनलाल वाली मलयालम दृश्यम 3 से बिल्कुल अलग है. वैसे तो 'दृश्यम' एक रीमेक फ्रैंचाइजी है, मगर इसे हिंदी में बनाने वाले मेकर अभिषेक पाठक ने तीसरे पार्ट की कहानी को खुद लिखा है. साथ ही विजय सलगांवकर की कहानी को फाइनल क्लोजर देकर हिंदी में इस फ्रैंचाइजी का सफर समाप्त किया है. हालांकि मलयालम में दृश्यम 4 भी बनने वाली है, जिसकी घोषणा जीतू जोसेफ पहले ही कर चुके थे.

    वैसे अगर अजय की फिल्म के मेकर्स चाहते, तो मलयालम वाली दृश्यम को ही पार्ट 3 के रूप में पेश कर सकते थे. लेकिन अब फिल्म देखने के बाद ये एहसास होता है कि जो हुआ, सही हुआ. 'दृश्यम द कन्क्लूजन' फिल्म इस साल आई मलयालम वाली दृश्यम 3 से कई गुना बेहतर है. अजय की फिल्म की कहानी मोहनलाल वाली से ज्यादा इंगेजिंग है. वहीं मलयालम वाली दृश्यम 3 इस फ्रैंचाइजी की सबसे कमजोर फिल्म है. इस बात को क्रिटिक्स और ऑडियंस ने भी माना.

    क्या थी मलयालम दृश्यम 3 की स्टोरी?
    सबसे पहले मलयालम वाली दृश्यम 3 फिल्म की कहानी को देखें, तो उसमें जॉर्जकुट्टी अपने परिवार के साथ एक नई दुनिया बिताने के ख्वाब देखता है. वो चाहता है कि उसकी बेटी अंजू अब शादी करके अपना घर बसाए. मगर शहर में उसकी इमेज विवादित वरुण मर्डर केस के चलते खराब हो चुकी है, जिसके कारण अंजू से कोई शादी नहीं करना चाहता. इस बीच वरुण के पेरेंट्स गीता और प्रभाकर अपने बेटे की मौत का बदला लेने की फिराक में हैं.

    वो जॉर्जकुट्टी की बेटी के लिए एक पहले से सोची-समझी साजिश रचते हैं, ताकि वो खुद अपने मुंह से वरुण की मौत का सच और अपने पिता का राज खोल सके. गीता और प्रभाकर इस काम में कुछ हद तक सफल होते हैं. लेकिन तभी जॉर्जकुट्टी अपनी बेटी को बचाने के लिए बीच में आ जाता है, और खुद को पुलिस के सामने सरेंडर कर देता है. यही दृश्यम 3 की कहानी का अंत हो जाता है, जो एक सस्पेंस-थ्रिलर कम बल्कि फैमिली-ड्रामा ज्यादा बन जाती है.

    क्या है अजय वाली 'दृश्यम द कन्क्लूजन' की कहानी?
    अब अजय देवगन वाली दृश्यम 3 ने इस कहानी का सिर्फ 10 प्रतिशत ही इस्तेमाल किया है. 'दृश्यम द कन्क्लूजन' में कहानी सिर्फ विजय सलगांवकर की फैमिली नहीं, बल्कि उसके इर्द-गिर्द हुई पुलिस इनवेस्टिगेशन और इंगेजिंग कोर्ट रूम ड्रामा को भी शामिल करती है. इसमें सैम की डेडबॉडी के आसपास बना सस्पेंस आपकी टेंशन बढ़ाता है. हिंदी वाली दृश्यम 3 में मलयालम जैसे अंजू की मैरिड लाइफ पर फोकस नहीं है. बल्कि इसमें विजय सलगांवकर की समझदारी और अपने दुश्मनों से आगे रहने वाली चालाकी पर ध्यान दिया गया है.

    हिंदी वाली दृश्यम 3 अपनी फ्रैंचाइजी का जो बेस है, उसको पकड़कर आगे बढ़ती है. जबकि मलयालम वाली दृश्यम 3 फैमिली ड्रामा में ज्यादा घुस जाती है, जो निराश करती है. यानी ये कहना सही होगा कि अजय देवगन ने मोहनलाल वाली पिक्चर का फ्रेम टू फ्रेम रीमेक ना बनाकर एक सही फैसला लिया है. इसमें डायरेक्टर-राइटर अभिषेक पाठक की तारीफ बनती है कि उन्होंने फिर वही दमदार फिल्म डिलीवर की, जिसकी लोग उम्मीद लगा रहे थे.

  • दृश्यम 3 में 2 अक्टूबर नहीं, 23 जुलाई बनी सबसे बड़ी तारीख, विजय सलगांवकर के सामने फिर संकट

    दृश्यम 3 में 2 अक्टूबर नहीं, 23 जुलाई बनी सबसे बड़ी तारीख, विजय सलगांवकर के सामने फिर संकट

    डियन सिनेमा की सबसे थ्रिलिंग फिल्म फ्रैंचाइजी 'दृश्यम' एक बार फिर ऑडियंस का दिमाग घुमाने आ चुकी है. मलयालम वर्जन से परे होकर अजय देवगन इसका हिंदी वर्जन 'दृश्यम द कन्क्लूजन' लाए हैं जो एक ओरिजिनल कहानी है. सिनेमाघरों में ये रिलीज हो गई है. इस बार हिंदी में दृश्यम की कहानी खत्म हो चुकी है. विजय सलगांवकर और पुलिस के बीच हुए इस आंख-मिचोली के खेल का अंत हुआ है.

    'दृश्यम द कन्क्लूजन' या कहें दृश्यम 3 एक फ्रेश कहानी और दिमाग घुमाने वाले ट्विस्ट के साथ लौटी है. पिछले पार्ट के बाद, जहां हमें लगा कि विजय सलगांवकर की फैमिली पर खतरा अब टल गया है. वहीं एक नए किरदार की एंट्री से वो चीज वापस आ जाती है. साथ ही एक नई तारीख भी इस आंख-मिचोली के खेल में शामिल होती है, जिसके इर्द-गिर्द फिल्म में मिस्ट्री का खेल शुरू होता है. 2 अक्टूबर के बाद, विजय के परिवार पर 23 जुलाई के दिन क्या हुआ था इसपर सस्पेंस बन चुका है.

    जिन लोगों ने फिल्म 'दृश्यम द कन्क्लूजन' देख ली है, वो मेरी इस बात को आसानी से समझ गए होंगे. लेकिन जिन्होंने भी अभी तक फिल्म नहीं देखी है, तो आपके लिए एक बड़ा SPOILER ALERT है. इसके आगे आप तभी पढ़िएगा, जब आपको तीसरी फिल्म की कहानी पता हो.

    दृश्यम फ्रैंचाइजी में 2 अक्टूबर के दिन का कितना महत्व है, ये बताने की जरूरत नहीं. सलगांवकर फैमिली इसी दिन गोवा के पणजी गई, वहां पाव-भाजी खाई और सतसंग में हिस्सा लिया. पॉप कल्चर में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती नहीं, बल्कि दृश्यम जयंती बताया जाता है. जब भी इस तारीख का जिक्र उठता है, सोशल मीडिया पर फिल्म के मीम्स बनने शुरू हो जाते हैं. मगर 'दृश्यम द कन्क्लूजन' ने इस तारीख को अब बदलकर 23 जुलाई का दिन सबसे खास और महत्वपूर्ण बना दिया है.

    दरअसल दृश्यम 3 का पूरा प्लॉट इसी तारीख पर आकर अटका है. ये वो दिन है, जब विजय सलगांवकर ने सैम के कंकाल को फोरेंसिक लैब से निकालकर एक दूसरी बॉडी के कंकाल के साथ बदल दिया था. दृश्यम 2 में ये एक बहुत बड़ा ट्विस्ट था, जिसके दम पर विजय और उसका परिवार कोर्ट से बरी हुआ था. मगर फिर तीसरे पार्ट में क्राइम ब्रांच के एसपी राजवीर सिंह तोमर की एंट्री से ये केस वापस खुला. उसे विजय और उसकी फैमिली के खिलाफ एक बड़ा ठोस सबूत मिला, जिसके दम पर वो उन्हें वापस कोर्ट में घसीटता है.

    23 जुलाई की रात विजय सलगांवकर ने जो कुछ सैम की बॉडी के साथ किया, उसका एक हिस्सा एसपी राजवीर तोमर के हाथ लगता है. इसी के दम पर मीरा और उसके पति महेश विजय से बदला लेने की ठान लेते हैं. उस रात से जुड़े ठोस सबूत के चलते, इस बार भी विजय का परिवार कटघरे में आकर खड़ा होता है. अब क्या वो अंत में बचकर निकलता है, या उसे इस लड़ाई में हार मिलती है? ये आप फिल्म देखकर ही पता लगाइए. इसे अभिषेक पाठक ने डायरेक्ट किया है, जो दृश्यम 2 के भी डायरेक्टर थे.

  • रिलीज से पहले ‘दृश्यम 3’ का जलवा, एडवांस बुकिंग में शानदार कमाई

    रिलीज से पहले ‘दृश्यम 3’ का जलवा, एडवांस बुकिंग में शानदार कमाई

    मुंबई 
    अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर के किरदार में बड़े पर्दे पर कमबैक कर रहे हैं. दरअसल एक्टर की ब्लॉकबस्टर फ्रैंचाइजी का तीसरा और आखिरी पार्ट ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ या ‘दृश्यम 3’ 2 अक्टूबर को रिलीज हो रहा है. फाइनल चैप्टर होने की वजह से फिल्म को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट पीक पर है. इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि इसकी ताबड़तोड़ एडवांस बुकिंग हो रही है. नतीजतन रिलीज से पहले ही ‘दृश्यम 3’ ने करोड़ों कमा लिए हैं. चलिए यहां फिल्म का एडवांस बुकिंग रिपोर्ट जानते हैं। 

    ‘दृश्यम 3’ ने ओपनिंग डे के लिए कितनी कर ली एडवांस बुकिंग?

     अजय देवगन की 'दृश्यम 3 द कन्क्लूज़न' को रिलीज होने से पहले ही एडवांस बुकिंग काउंटरों पर जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. फिल्म को फर्स्ट डे देखने के लिए लोगो में होड़ मची हुई है. जिसके चलते इसकी टिकटें हाथों हाथ बिक रही हैं। 

        सैकनिल्क के मुताबिक इसके गुरुवार,1 अक्टूबर को होने वाले प्रीमियर शो के लिए अब तक 1 हजार 101 टिकटों की प्री सेल हुई है. इसी के साथ प्रीमियर शो के लिए इसने 3.18 लाख(बिना ब्लॉक सीटरो के 81 हजार 210) कमा लिए हैं। 
        वहीं 2 अक्टूबर को रिलीज के पहले दिन के लिए गुरुवार सुबह 11 बजे तक इसके 5.36 लाख टिकटों की प्री सेल हो चुकी है। 

        इसी के साथ इसने ओपनिंग डे की प्री सेल से ब्लॉक सीटों के साथ 19.74 करोड़ और बिना ब्लॉक सीटों के 16.60 लाख की कमाई कर डाली है। 

    वहीं इस फिल्म ने प्रीमियर शो को मिलाकर शुरूआती 5 दिन (2 अक्टूबर से 6 अक्टूबर) के लिए अब तक देश भर में 11.05 लाख टिकटों की प्री सेल कर ली है. इसी के साथ इसने 37.43 ककोड़ की ग्रॉस कमाई ब्लॉक सीटों के साथ और बिना ब्लॉक सीटों के साथ 28.51 करोड़ की कमाई की है। 

    रिलीज की तारीख और कास्ट
    'दृश्यम 3: द कन्क्लूज़' शुक्रवार, 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. इस फिल्म के डायरेक्टर अभिषेक पाठक हैं और इसमें अजय देवगन के अलावा तबू श्रिया सरन, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव, रजत कपूर, प्रकाश राज और जयदीप अहलावत अहम रोल में नजर आएंगे। 

    यह तीसरा पार्ट हिंदी 'दृश्यम' फ्रेंचाइजी का फाइनल चैप्टर (कन्क्लूज़न) माना जा रहा है. कहानी एक बार फिर विजय सलगांवकर और एक नई जांच से अपने परिवार को बचाने की उसकी कोशिशों पर बेस्ड है। 

     

  • दृश्यम 3 में किसे मिली कितनी फीस? अजय देवगन सबसे महंगे, तब्बू की कमाई भी करोड़ों में

    दृश्यम 3 में किसे मिली कितनी फीस? अजय देवगन सबसे महंगे, तब्बू की कमाई भी करोड़ों में

    2 अक्टूबर को दृश्यम 3 का बड़ा राज खुलने वाला है. मूवी में विजय सलगांवकर कैसे अपने परिवार को दुश्मनों के आखिरी वार से बचाएगा, इसकी गुत्थी सुलझेगी. दृश्यम फ्रेंचाइजी की ये आखिरी फिल्म होगी. इसे लेकर दर्शकों में जबरदस्त एक्साइटमेंट है. फिल्म रिलीज से पहले इसकी स्टारकास्ट की फीस को लेकर खूब चर्चा हो रही है. जानते हैं किसे कितनी फीस मिली है.

    अजय को मिली मोटी रकम!
    मूवी के लीड हीरो अजय देवगन फिर से अपने आइकॉनिक रोल में लौटे हैं. अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी फिल्म के हर पार्ट में अजय ने इंप्रेस किया है. उनकी तगड़ी एक्टिंग की बदौलत ये सस्पेंस ड्रामा थ्रिलर लोगों का फेवरेट बनी हुई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजय फिल्म के हाईएस्ट पेड एक्टर हैं. उनकी फीस 18-22 करोड़ बताई जा रही है.

    हीरोइनों में कौन आगे?
    विजय की पत्नी नंदिनी सलगांवकर के रोल में श्रेया सरन दिखेंगी. वो तीसरे पार्ट में फिर से वापसी कर रही हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें फिल्म के लिए करीब 1 से 1.5 करोड़ रुपये दिए गए हैं. विजय और नंदिनी की बेटी अंजू सलगांवकर का किरदार निभाने वाली इशिता दत्ता की फीस करीब 50 से 80 लाख बताई गई है.

    दृश्यम 3 में एक बार फिर अजय के सामने तब्बू यानी मीरा देशमुख होंगी. इस बार मीरा को अपने अनसुलझे सवालों के जवाब मिलने वाले हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, तब्बू को फिल्म के लिए करीब 2.5 से 3.5 करोड़ रुपये दिए जाने की चर्चा है. ये रिपोर्ट बताती है कि अजय और उनकी फीस में कितना बड़ा अंतर है.

    जयदीप-प्रकाश की फीस पर सस्पेंस
    इस बार फिल्म से दो और नए किरदार जुड़े हैं. जयदीप अहलावत और प्रकाश राज को अहम रोल में देखा जाएगा. जयदीप, राजवीर सिंह तोमर के रोल में नजर आएंगे. जयदीप को इस फिल्म के लिए कितनी फीस मिली है. इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. प्रकाश राज फिल्म में इंद्रजीत शेट्टी के किरदार में दिखाई देंगे. उनकी फीस की भी कोई डिटेल नहीं है. रजत कपूर ने तब्बू के पति महेश देशमुख का रोल किया है. उनकी फीस कथित तौर पर 40-70 लाख बताई गई है. इन सभी स्टार्स की फीस की हम पुष्टि नहीं करते हैं. ये जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए साझा की गई है.  

    पहले दिन होगी बंपर कमाई!
    फिल्म को लेकर लोगों की एक्साइटमेंट बनी हुई है. मूवी का पहला पार्ट 2015 और दूसरा 2022 में आया था. बॉक्स ऑफिस पर इसका क्लैश प्रेम कीटाणु और हनुमान अंश से होगा. ट्रेड रिपोर्ट्स की मानें तो ये फिल्म पहले दिन 40 करोड़ के आसपास कमा सकती है. इसके एडवांस बुकिंग के आंकड़े जबरदस्त हैं. अजय की फिल्म का तीसरा पार्ट मोहनलाल की दृश्यम 3 से बिल्कुल अलग होगा.
    देखना होगा अजय की ये फिल्म क्या गर्दा उड़ाती है.

  • ‘दृश्यम 3’ में अजय देवगन का बड़ा दांव, मोहनलाल की फिल्म से बिल्कुल अलग होगी कहानी

    ‘दृश्यम 3’ में अजय देवगन का बड़ा दांव, मोहनलाल की फिल्म से बिल्कुल अलग होगी कहानी

    अजय देवगन की फिल्म दृश्यम 3 का धांसू ट्रेलर देखकर मन में लड्डू तो फूटे होंगे. दृश्यम फ्रेंचाइजी की फिल्मों का इंतजार जो रहता है. ट्रेलर के साथ क्लियर हो गया कि ये दृश्यम की हिंदी फ्रेंचाइजी की आखिरी फिल्म होगी. इसके बाद विजय सालगांवकर की कहानी को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. दूसरी अच्छी बात ये रही कि अजय की ये फिल्म मोहनलाल की दृश्यम 3 से बिल्कुल अलग है. पूरी कहानी को नए सिरे से लिखा गया है.

    अजय देवगन का स्मार्ट मूव
    इसलिए अगर आपने साउथ की दृश्यम 3 देखी है, तो आपको कहीं से कोई स्पॉयलर नहीं मिला है. वैसे अच्छा ही है दृश्यम 3 की कहानी बिल्कुल अलग है, वरना अजय की फिल्म क्रिटिक्स के घेरे में आ सकती थी. क्योंकि सीधी बात, नो बकवास.. मोहनलाल की दृश्यम 3 इस फ्रेंचाइजी की सबसे कमजोर फिल्म है. दृश्यम फैन होने के नाते जब मैंने एक्साइटेड होकर मोहनलाल की मूवी देखी तो सिर पकड़ लिया. क्योंकि इंटरवल तक फिल्म घनघोर बोर करती है. फिर सेकंड पार्ट में ट्विस्ट देने के चक्कर में कहानी ऐसी घुमाई गई है जो आपका सिर चकरा देगी.

    मोहनलाल की स्क्रीन प्रेजेंस दमदार है. लेकिन स्क्रीनप्ले वीक है. ये फिल्म देखकर मेकर्स से बस यही पूछने का मन करेगा कि आखिर ये क्यों बनाई? साउथ में इसे मिक्स्ड रिव्यू मिले हैं. मूवी बस फ्रेंचाइजी के ठप्पे और मोहनलाल के फैंडम की बदौलत वर्ल्डवाइड 242 करोड़ के करीब बिजनेस करने में कामयाब रही. लेकिन ये फिल्म लोगों का दिल तोड़ गई.

    क्या है कहानी?
    दृश्यम 2 में पुलिस को चकमा देने के बाद जॉर्जकुट्टी अपने परिवार के साथ नॉर्मल लाइफ जीने की कोशिश कर रहा है. कहानी साढ़े चार साल आगे बढ़ती है. जॉर्जकुट्टी केबल टीवी ऑपरेटर से फिल्म प्रोड्यूसर बन चुका है. उसकी लिखी हुई फिल्म ब्लॉकबस्टर हुई है. वो फैमिली संग ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा है. लेकिन कहते हैं ना क्रिमिनल को कभी चैन नहीं आता. उसके अंदर की बेचैनी और पकड़े जाने का डर उसे खोखला कर देता है. जॉर्जकुट्टी का भी यही हाल है.

    पत्नी और बेटियों को वो दिखाता है कि सब नॉर्मल है, लेकिन उसका सुकून छिना हुआ है. पुरानी केस फाइल खुलने और परिवार पर खतरा आने का डर उसे चैन की सांस नहीं लेने देता. उसकी बेटी अंजू केस की वजह से मेंटली डिस्टर्ब रहती है. जॉर्जकुट्टी अपने बेटी की शादी करवाना चाहता है. लेकिन अंजू का अतीत उसका घर नहीं बसने दे रहा है.

    दूसरी तरफ, वरुण के माता-पिता यानी गीता और प्रभाकर बेटे के लिए अब न्याय नहीं, उसकी मौत का बदला चाहते हैं. प्रभाकर पूर्व पुलिसकर्मी सहदेवन और नए पुलिस अधिकारी थॉमस बास्टिन संग मिलकर जॉर्जकुट्टी की जिंदगी नर्क बनाने की प्लानिंग करता है. उसने जॉर्जकुट्टी के खिलाफ ऐसा जाल बिछाया कि उसमें अंजू भी फंस गई. कहानी में ऐसे ट्विस्ट आए कि जॉर्जकुट्टी सरेंडर करने को मजबूर हो जाता है. लेकिन उसके ऐसा करने के पीछे की वजह शॉकिंग है.

    इस बार जॉर्जकुट्टी खुद को दांव पर लगाकर अपनी फैमिली को बचाता है. पुलिस और वरुण के पेरेंट्स के साथ शह-मात के इस खेल को खत्म करने के लिए अंत में जॉर्जकुट्टी जो करता है, वो देखकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी. क्लाइमैक्स में आया ट्विस्ट सबसे बड़ा शॉकर है.

    कहां रह गई कमी?
    फिल्म में वो सब चीजें मिसिंग हैं जो पहले और सेकंड पार्ट में भरपूर थी. मोहनलाल की दृश्यम 3 में थ्रिल, सस्पेंस और ट्विस्ट्स की कमी है. पहले पार्ट में सरप्राइज फैक्टर ना के बराबर है. सेकंड पार्ट में बस क्लाइमैक्स आपको चौंकाएगा. उससे पहले वहां भी निल बट्टे सन्नाटा है. स्क्रीनप्ले स्लो और फ्लैट है. मेकर्स ने दृश्यम 3 तो बना दी, लेकिन कहानी पर होमवर्क करना भूल गए. फिल्म में ऐसा कोई ट्विस्ट नहीं है जो आपको सोचने को मजबूर करे या दिमाग हिला डाले. तीसरे पार्ट में डायरेक्टर जीतू जोसेफ ने सस्पेंस से ज्यादा इमोशन और ड्रामे को घुसाया. यहीं से सारी गड़बड़ हुई. फिल्म को बस जलेबी की तरह गोल-गोल घुमाया गया है.

    मलाल बस इस बात का है कि जॉजकुट्टी इस बार इमोशंस में ज्यादा बहा. वो अपने क्राइम को छिपाने के लिए माइंड गेम नहीं खेल पाया. मानो सालों से परिवार को बचाते हुए अब वो थक चुका है. इस बार उसने दिमाग से नहीं दिल से बाजी चली. कहानी जॉर्जकुट्टी के अपराधबोध पर ज्यादा फोकस करती है, यही खेल खराब हुआ.

    मोहनलाल को सलाम..गजब एक्टिंग
    बस देखने लायक अगर कुछ है तो वो मोहनलाल की जानदार एक्टिंग है. उन्हें स्क्रीन पर देखना सुकून देता है. जिस ठहराव और सहजता के साथ उन्होंने इस कॉम्पलेक्स कैरेक्टर को निभाया है, वो काबिलेतारीफ है. उनके कंधों पर ये फिल्म 242 करोड़ कमा पाई, वरना तो ऐसी कमजोर थ्रिलर फिल्म का पिटना तय था. मोहनलाल ने जिस तरह अपने दो इमोशंस, डर और सेलिब्रेशन को पर्दे पर दिखाया है, उनको बिग सैल्यूट.

    बाल-बाल बचे अजय!
    मोहनलाल की दृश्यम सीरीज के शुरुआती दो पार्ट हिंदी में बिल्कुल सेम बनाए गए हैं. लेकिन तीसरे पार्ट को लेकर कहानी में पेंच फंसा. हिंदी दृश्यम 3 का स्क्रीनप्ले बिल्कुल नया है. इसे अभिषेक पाठक, आमिल कीयान खान और परवेज शेख ने मिलकर लिखा है. अभिषेक ही मूवी के डायरेक्टर भी हैं. अजय की फिल्म का ट्रेलर, इसकी स्टारकास्ट में शामिल नए चेहरे कहानी को फ्रेश वाइब दे रहे हैं. उम्मीद है ये साउथ की दृश्यम 3 को देखकर हुए अफसोस की भरपाई करेगी. अजय की फिल्म 2 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है. अजय ने ट्रेलर लॉन्च इवेंट में कहा कि वो चाहते हैं मोहनलाल और जीतू जोसेफ उनकी बनाई दृश्यम 3 देखें.

    तो देखते हैं दृश्यम 3 वर्सेज दृश्यम 3 में कौन बाजी मारेगा?