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  • कर्नाटक राजनीति में बड़ा बदलाव, सिद्धारमैया की विदाई के बाद DK शिवकुमार सरकार बनने की तैयारी

    कर्नाटक राजनीति में बड़ा बदलाव, सिद्धारमैया की विदाई के बाद DK शिवकुमार सरकार बनने की तैयारी

    बेंगलुरु
     कर्नाटक सरकार में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता शुक्रवार सुबह साफ हो गया है. राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने आज सुबह सीएम सिद्दारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. बता दें, सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने आवास 'कावेरी' पर आयोजित ब्रेकफास्ट मीटिंग में इस मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था. राज्यपाल अभी कर्नाटक से बाहर इंदौर में हैं. इसके बाद दोपहर 3 बजे वे लोकभवन गए और राज्यपाल के सचिव को अपना त्यागपत्र सौंपा. इस्तीफा स्वीकार करते ही राज्य में नई सरकार के गठन होने का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है। 

    कर्नाटक में आज 29 मई को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चुनाव होगा. जानकारी के मुताबिक यह बैठक शाम 5 बजे के करीब होनी है. नई सरकार को लेकर नई दिल्ली में भी कवायद शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पूर्व सीएम सिद्धारमैया दिल्ली पहुंच चुके हैं। 

    राज्य के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी दिल्ली पहुंचे हैं. जहां दोनों नेता पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे. ऐसा माना जा रहा है कि सरकार में किन नेताओं को मंत्रिपद मिलेगा, इसकी मंत्रणा की जाएगी। 

    इससे पहले सिद्धारमैया के आवास पर आयोजित ब्रेकफास्ट मीटिंग में पूरी कैबिनेट शामिल हुई थी, जहां सिद्धारमैया ने पद से हटने की घोषणा की. वहीं, डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पहले गले मिले और उसके बाद पैर छूकर आर्शीवाद लिया. आपको बता दें, राज्य में काफी दिनों से नेतृत्व परिवर्तन की बात चल रही थी, जिसका अब पटाक्षेप हो गया है. सूत्रों से जानकारी मिली है कि रविवार को नई सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम हो सकता है। 

  • CM पद को लेकर कर्नाटक में हलचल: दिल्ली पहुंचे डी के शिवकुमार, हाईकमान से मुलाकात की अटकलें

    CM पद को लेकर कर्नाटक में हलचल: दिल्ली पहुंचे डी के शिवकुमार, हाईकमान से मुलाकात की अटकलें

    बेंगलुरु
    मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवकुमार के साथ जारी खींचतान के बीच, सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा था कि अगर कांग्रेस आलाकमान उन्हें अवसर देता है तो वह दो और बजट पेश कर सकते हैं। सिद्धरमैया ने शुक्रवार को राज्य के वित्त मंत्री के रूप में अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश किया। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के नई दिल्ली दौरे ने विधानसभा के बजट सत्र के बाद राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को फिर से हवा दे दी है। सरकारी और पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार रविवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कलबुर्गी से राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुए। इससे पहले दिन में, दोनों नेताओं ने जिले के चित्तपुर में 1,069 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत की थी। मीडिया के साथ साझा किए गए शिवकुमार के यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, वह एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नयी दिल्ली गये हैं और सोमवार सुबह बेंगलुरु लौटेंगे।

    सिद्धारमैया क्या बोले
    मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवकुमार के साथ जारी खींचतान के बीच, सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा था कि अगर कांग्रेस आलाकमान उन्हें अवसर देता है तो वह दो और बजट पेश कर सकते हैं। सिद्धरमैया ने शुक्रवार को राज्य के वित्त मंत्री के रूप में अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश किया।

    कहा जा रहा है कि शिवकुमार के समर्थक कुछ विधायक दिल्ली जाकर पार्टी आलाकमान के सामने अपने नेता को विधानसभा के बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री बनाए जाने की इच्छा व्यक्त चुके हैं। यह बजट सत्र 27 मार्च को समाप्त होगा। इस बीच, शिवकुमार 10 मार्च को सभी मंत्रियों, कांग्रेस विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए रात्रिभोज का आयोजन करेंगे, जो कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष के रूप में उनके छह साल पूरे होने का जश्न होगा।

    पहले भी दे चुके संकेत
    शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि वह 'अत्यंत धैर्य' रखे हुए हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की क्रांति में शामिल होने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उन्हें खुद पर विश्वास है और उम्मीद है। कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के प्रमुख शिवकुमार ने कहा कि उन्हें न तो स्वार्थ के लिए किसी भी तरह की 'ब्लैकमेलिंग' में दिलचस्पी है और न ही कांग्रेस के लिए किसी तरह की परेशानी पैदा करने में। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि वह मैदान में उतरकर लड़ने वाले व्यक्ति हैं, लेकिन उनकी लड़ाई कभी भी पार्टी के भीतर नहीं होती। शिवकुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा था, 'आज तक मैंने मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर कभी कुछ नहीं कहा है। हमारे बीच के मुद्दे, मेरे, मुख्यमंत्री और पार्टी आलाकमान तक ही सीमित हैं। मैंने सिर्फ इतना कहा है कि जो फैसला हुआ है उसमें हम शामिल हैं, इसके अलावा मैंने कभी कुछ नहीं कहा।'

    उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, 'कुछ लोग कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री का पद खाली हो जाएगा, दलितों को यह पद मिलना चाहिए, दूसरों को मिलना चाहिए। ये वही लोग हैं जो मुख्यमंत्री का पद खाली करवाना चाहते हैं, चाहते हैं कि यह पद दलितों और अन्य लोगों को दिया जाए। मैंने इस बारे में कभी कुछ नहीं कहा।'