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  • कोर्ट पेशी के बाद पूर्व DIG भुल्लर का बयान, सवालों पर बोले- ‘अभी कुछ नहीं कह सकता’

    कोर्ट पेशी के बाद पूर्व DIG भुल्लर का बयान, सवालों पर बोले- ‘अभी कुछ नहीं कह सकता’

    चंडीगढ़.

    पिछले करीब एक साल से जेल में बंद पंजाब के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर वीरवार को चंडीगढ़ कोर्ट में रो पड़े थे और शुक्रवार को फिर से उन्हें पेश किया गया तो कोर्ट से बाहर आकर बोले कि वे अभी कुछ नहीं कह सकते।

    ईडी ने भी भुल्लर को कोर्ट में पेश करने के लिए प्रोडक्शन वारंट हासिल किए थे। अब मनी लाॅन्ड्रिंग की जांच के लिए ईडी भुल्लर को हिरासत में ले सकती है। इससे पहले वीरवार को भुल्लर और कृष्णु के वकीलों ने शिकायतकर्ता आकाश बत्ता का क्राॅस एग्जामिनेशन किया था। भुल्लर ने जज के आगे कहा था कि शिकायतकर्ता आकाश बत्ता सार्वजनिक मंचों पर उन्हें बदनाम कर रहा है। उसने कई बार उनके चरित्र पर अंगुलियां उठाई, जिस कारण उन्हें समाज में शर्मसार होना पड़ रहा है।

    भुल्लर ने कहा कि उनके घर भी बहू-बेटी हैं। रिश्वत मामले में भुल्लर के बिचौलिए कृष्णु शारदा को कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान भुल्लर और कृष्णु के वकीलों ने शिकायतकर्ता आकाश बत्ता का क्राॅस एग्जामिनेशन किया। मामले में आकाश गवाही दे चुके हैं और अब बचाव पक्ष के वकील सवाल-जवाब कर रहे हैं। इससे पहले बत्ता ने सीबीआई जज के आगे दोनों आरोपितों के खिलाफ खुलकर गवाही दी थी।

    घर से मिले थे करोड़ों रुपये कैश, सोना
    भुल्लर को पिछले साल 16 अक्टूबर को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। आरोप था कि वह मंडी गोबिंदगढ़ के व्यापारी आकाश बत्ता से आठ लाख रुपये रिश्वत मांग रहे थे। उन्हें किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का डर दिया जा रहा था। बत्ता ने जब इस बारे में सीबीआइ को शिकायत दी तो जांच एजेंसी ने भुल्लर और कृष्णु को गिरफ्तार कर लिया था। भुल्लर के सेक्टर-40 स्थित घर से सीबीआइ को साढ़े सात कराेड़ रुपये कैश और करीब ढाई किलो सोना मिला था।

  • भुल्लर केस में आज अहम सुनवाई, CBI कोर्ट में शिकायतकर्ता की गवाही; ED ने जारी कराया वारंट

    भुल्लर केस में आज अहम सुनवाई, CBI कोर्ट में शिकायतकर्ता की गवाही; ED ने जारी कराया वारंट

    चंडीगढ़ 

    पंजाब के निलंबित पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। 8 लाख रुपए रिश्वत मामले में भुल्लर और शिकायतकर्ता आकाश बत्ता को CBI कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान आकाश बत्ता ने गवाही दी।

    वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दायर अर्जी पर CBI कोर्ट ने भुल्लर के प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिए हैं। आज भुल्लर को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दौरान ED मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है।

    ED ने भुल्लर के खिलाफ रिश्वत की रकम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच शुरू की है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत के जरिए हासिल की गई रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया। CBI की जांच के दौरान सामने आए वित्तीय लेनदेन और रिश्वत की रकम से जुड़े तथ्यों को भी ED अपनी जांच में शामिल कर रही है।

    बिचौलिए कृष्णु पहले ही ED की गिरफ्त में इस मामले में ED इससे पहले भुल्लर के कथित बिचौलिए कृष्णु शारदा को गिरफ्तार कर चुकी है। अब भुल्लर को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद ED उनसे मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में पूछताछ कर सकती है। कोर्ट में पेशी के दौरान एजेंसी उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई भी कर सकती है।

    कोठी से मिला 5 करोड़ कैश, गहने-लग्जरी घड़ियां रिश्वत मामले में कार्रवाई के बाद दिल्ली और चंडीगढ़ से आई CBI की करीब 52 सदस्यीय टीम ने भुल्लर के मोहाली स्थित ऑफिस और चंडीगढ़ के सेक्टर-40 स्थित कोठी की तलाशी ली थी। कोठी से 5 करोड़ रुपए कैश, भारी मात्रा में गहने, लग्जरी घड़ियां, विदेशी शराब और रिवॉल्वर बरामद होने की बात सामने आई थी।

    कैश गिनने के लिए नोट गिनने वाली 3 मशीनें मंगवानी पड़ी थीं। इसके अलावा 15 प्रॉपर्टी और लग्जरी गाड़ियों के दस्तावेज, BMW-मर्सिडीज कारों से जुड़े कागजात और बैंक लॉकर की चाबी भी मिली थी। CBI ने भुल्लर के कथित बिचौलिए को चंडीगढ़ के सेक्टर-21 में 8 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।

  • चंडीगढ़ कोर्ट पहुंचेगा रिश्वत केस, पूर्व DIG भुल्लर की आज पेशी; पहली बार बयान

    चंडीगढ़ कोर्ट पहुंचेगा रिश्वत केस, पूर्व DIG भुल्लर की आज पेशी; पहली बार बयान

    चंडीगढ़ 

    पंजाब पुलिस के निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े रिश्वत मामले में आज चंडीगढ़ स्थित CBI की विशेष अदालत में अहम सुनवाई होगी। इस दिन मामले के शिकायतकर्ता मंडी गोबिंदगढ़ के कारोबारी आकाश बत्ता पहली बार अदालत में गवाही देंगे।

    कोर्ट ने उन्हें समन जारी किया है। रिश्वत मामले में आरोप तय होने के बाद शिकायतकर्ता की गवाही मुकदमे की अहम कड़ी मानी जा रही है। CBI के अनुसार, बत्ता ने शिकायत दी थी कि आपराधिक मामले में कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे 8 लाख रुपए रिश्वत मांगी जा रही थी।

    शिकायत के आधार पर CBI ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन DIG भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया था। अब अदालत में आकाश बत्ता के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद उनके बयान और मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा आगे बढ़ेगा।

    सेक्टर-40 स्थित घर पर तलाशी ली थी भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद CBI ने उनके सेक्टर-40 स्थित घर पर तलाशी ली थी। जांच एजेंसी की कार्रवाई में बड़ी मात्रा में नकदी, सोना और अन्य कीमती सामान बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। अलग मामले में CBI ने आय से अधिक संपत्ति की जांच भी शुरू की थी।

    आरोपमुक्त करने की अर्जी हो चुकी खारिज इस मामले में भुल्लर और कृष्णु शारदा की ओर से CBI अदालत में आरोपमुक्त किए जाने की अर्जी दाखिल की गई थी। दोनों की ओर से CBI की कार्रवाई और अधिकार क्षेत्र को लेकर सवाल उठाए गए थे। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद डिस्चार्ज एप्लीकेशन खारिज कर दी थी। इसके बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ रही है।

    रिश्वत की रकम बिचौलिए के जरिए मांगी गई थी CBI के मामले के अनुसार, कारोबारी आकाश बत्ता की शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रिश्वत की रकम बिचौलिए के जरिए मांगी गई थी। मीडिया रिपोर्टों में भी बिचौलिए कृष्णु शारदा के खिलाफ भुल्लर की ओर से रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया था।

     

  • DIG भुल्लर मामले में अदालत में आज बहस, CBI ने उठाए याचिका पर सवाल

    DIG भुल्लर मामले में अदालत में आज बहस, CBI ने उठाए याचिका पर सवाल

    अमृतसर 
    रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर द्वारा मुकदमा चलाने की मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका पर आज सुनवाई होगी। इस याचिका का CBI ने विशेष अदालत में विरोध किया है। 

    CBI ने अपने जवाब में कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 19(2) के तहत सक्षम प्राधिकारी ने जांच से जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी।

    सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता की लिखित शिकायत के आधार पर 16 अक्टूबर 2025 को डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद 3 दिसंबर 2025 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।CBI ने अदालत को बताया कि 13 मार्च को अदालत इस मामले में संज्ञान ले चुकी है और उस समय वैध अभियोजन स्वीकृति आदेश रिकॉर्ड पर मौजूद था। ऐसे में अब सैंक्शन आदेश की वैधता पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

    मुख्य सचिव को दी गई जानकारी
    CBI ने भुल्लर के इस दावे को गलत बताया कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी केवल पंजाब सरकार ही दे सकती थी। एजेंसी ने कहा कि भुल्लर IPS अधिकारी हैं और उन्हें नौकरी से हटाने का अधिकार राष्ट्रपति के पास है। उनके खिलाफ केस चलाने की मंजूरी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दी थी।

    एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार को प्रक्रिया से बाहर नहीं रखा गया था। 3 दिसंबर 2025 को सैंक्शन प्रस्ताव भेजते समय पंजाब के मुख्य सचिव को भी इसकी जानकारी दी गई थी।

    सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया हवाला
    CBI ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी से जुड़े सवाल ट्रायल के दौरान उठाए जा सकते हैं। इस समय ऐसी याचिका दाखिल करना जल्दबाजी है।

    एजेंसी ने यह भी तर्क दिया कि रिश्वत मांगना या लेना किसी भी सरकारी अधिकारी के आधिकारिक कर्तव्य का हिस्सा नहीं हो सकता। इसलिए आरोपी द्वारा अतिरिक्त कानूनी सुरक्षा का दावा भी इस मामले में लागू नहीं होता।

    ट्रायल में देरी की कोशिश: CBI
    CBI ने अदालत से कहा कि आरोपी की याचिका का उद्देश्य आरोप तय करने की प्रक्रिया को लंबित रखना और ट्रायल में देरी करना है। इसलिए याचिका को खारिज किया जाना चाहिए।

  • पूर्व DIG भुल्लर पर ED का शिकंजा, पंजाब में 11 ठिकानों पर छापेमारी

    पूर्व DIG भुल्लर पर ED का शिकंजा, पंजाब में 11 ठिकानों पर छापेमारी

    चंडीगढ़

    रिश्वतखोरी के केस में गिरफ्तार पंजाब के पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर के 11 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) तलाशी अभियान चला रही है. यह कार्रवाई सोमवार सुबह शुरू हुई. भुल्लर के चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर में स्थित 11 ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है. ये जगहें आरोपी भुल्लर और उसके साथियों और संदिग्ध बेनामीदारों से जुड़ी हैं. मालूम हो कि डीआईजी भुल्लर को पिछले साल 8 लाख रुपए के रिश्वत से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद उनके ठिकानों पर हुई छापेमारी में 7 करोड़ से ज्यादा रुपए कैश मिले थे। 

    आज भुल्लर के ठिकानों पर चल रही ईडी की रेड CBI, ACB द्वारा दर्ज किए गए मूल अपराधों से जुड़ी है। इन अपराधों में एक बिचौलिए के ज़रिए किसी आपराधिक मामले को निपटाने के लिए अवैध रिश्वत मांगने के आरोप शामिल हैं, साथ ही आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति का पता भी चला है। 

    चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा, जालंधन में चल रही तलाशी
    मिली जानकारी के अनुसार भुल्लर और उसके करीबियों के चंडीगढ़ में स्थित दो, लुधियाना में स्थित 5, पटियाला में स्थित दो के साथ-साथ नाभा और जालंधर में स्थित एक-एक ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है. इन तलाशी अभियानों का मकसद अपराध से हासिल हुई और संपत्ति का पता लगाना, बेनामी संपत्तियों की पहचान करना और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत इकट्ठा करना है। 

    बताते चले कि पिछले साल चंडीगढ़ में भुल्लर के आवास पर तलाशी के दौरान सीबीआई ने 7.36 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, 2.32 करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण, 26 ब्रांडेड घड़ियां और परिवार के सदस्यों के नाम अचल संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए थे। 

    इन 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
    ईडी की टीमें पीएमएलए की धारा 17 के तहत कुल 11 जगहों पर तलाशी अभियान चला रही हैं. ये अभियान 5 शहरों में चल रहे हैं। 

        चंडीगढ़ – 2 ठिकाने
        लुधियाना जिला – 5 ठिकाने
        पटियाला – 2 ठिकाने
        नाभा – 1 ठिकाना
        जालंधर – 1 ठिकाना

    जानकारी के अनुसार ये छापे आरोपी, उसके सहयोगियों और संदिग्ध बेनामी संपत्तियों से जुड़े लोगों के ठिकानों पर मारे जा रहे हैं. इस दौरान मनी ट्रेल और बेनामी संपत्तियों की जांच की जा रही है। 

    ईडी की कार्रवाई का ये है उद्देश्य

        . अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) का पता लगाना
        . भुल्लर से संबंधित बेनामी संपत्तियों की पहचान करना
        . मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत जुटाना

    फिलहाल ईडी की तलाशी की कार्रवाई जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है। 

    सीबीआई ने क्‍यों क‍िया था गि‍रफ्तार 
    पंजाब पुलिस के पूर्व उप महानिरीक्षक यानी DIG हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई ने पिछले साल गिरफ्तार किया था और वे तभी से जेल में बंद हैं. भुल्लर के साथ बिचौलिए कृष्ण शारदा को भी 8 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में पकड़ा था. हाल ही में भुल्लर ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत मांगी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी।