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  • उप मुख्यमंत्री ने 40 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की, कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट और एआई सुविधाओं के विस्तार की पहल

    उप मुख्यमंत्री ने 40 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की, कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट और एआई सुविधाओं के विस्तार की पहल

    रायपुर 

    उप मुख्यमंत्री ने 40 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की, कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट और एआई सुविधाओं के विस्तार की पहल

     कबीरधाम जिले के बोड़ला में प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार और उच्च शिक्षा के लिए अधोसंरचना विकास को गति देते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज 60 लाख रुपए के दो विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके तहत एसडीएम कार्यालय बोड़ला में 30 लाख रुपए की लागत से सभा कक्ष सह सामुदायिक शौचालय तथा शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय में 30 लाख रुपए की लागत से अतिरिक्त कक्ष का निर्माण किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने 40 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की। इसमें कॉलेज में बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए 15 लाख रुपये, बालिका शौचालय निर्माण के लिए 4.60 लाख रुपए, ग्राम भीरा में मंगल भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए तथा सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख 40 हजार रुपए शामिल हैं। इसके साथ ही कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट सुविधा और एआई आधारित तकनीक उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी।

    उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल तकनीक और नवाचार के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग ज्ञान बढ़ाने, क्षमताओं के विकास और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी तकनीक के स्वामी बनें, तकनीक उनका स्वामी न बने। चौटजीपीटी, जेमिनाई, ग्रोक और परप्लेक्सिटी जैसे एआई टूल्स का उपयोग पढ़ाई और रचनात्मक कार्यों को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। साथ ही विद्यार्थियों को अपने संस्कारों और मूल्यों को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विधानसभा क्षेत्र के 85 स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इनमें 50 स्थानों पर स्मार्ट बोर्ड लगाए जा चुके हैं तथा शेष 35 स्थानों पर भी लगाए जाएंगे। छात्रावासों और महाविद्यालयों में भी डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से विज्ञान, गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान जैसे विषयों की जटिल अवधारणाओं को वीडियो और डिजिटल सामग्री से सरलता से समझाया जा सकेगा।

    उप मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों की काउंसलिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत एनडीए, सीजीपीएससी, यूपीएससी, कर्मचारी चयन आयोग और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को उनके लक्ष्य के अनुरूप मार्गदर्शन मिल सके। उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीक सीखने और उसका विवेकपूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, नवाचार और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास एवं अभ्यास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष  बालका रामकिंकर वर्मा, नगर पंचायत बोड़ला अध्यक्ष  विजय पाटिल,  बरसाती लाल वर्मा,  छोटूराम चंद्रवंशी,  मोहन धुर्वे, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष  नंद वास, जिला पंचायत सदस्य मती ललिता रूपसिंग धुर्वे,  कांशीराम उईके, सरपंच  रेशमा बाई सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा और पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने की समीक्षा

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने की समीक्षा

    रायपुर

    स्वदेश दर्शन योजना के तहत लगभग 146 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किए जा रहे भोरमदेव कॉरिडोर के सभी प्रोजेक्ट की प्रगति की आज उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कबीरधाम के जिला पंचायत सभाकक्ष में समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कई निर्माण कार्य अपेक्षा के अनुरूप गति से नहीं चलने पर दोनों मंत्रियों ने संबंधित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने हर 15 दिन के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में ठोस प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

     उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति नहीं होने पर अब जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर 15 दिन में कार्य की प्रगति निर्माण स्थल पर दिखाई देनी चाहिए। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर जिम्मेदार ठेकेदारों को कार्य से पृथक करने के साथ अनुबंध की शर्तों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक परियोजना है। ठेकेदार एजेंसियों की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होगी, वहां संबंधित ठेकेदार को कार्य से पृथक कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अनुबंध की शर्तों के तहत ब्लैक लिस्ट सहित अन्य कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी प्रोजेक्ट के लिए 15-15 दिन की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। 

    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि कार्ययोजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि निर्धारित अवधि के बाद निर्माण स्थल पर उसका परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। पर्याप्त मशीनरी, मानव संसाधन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र का विकास आने वाले कई वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसलिए प्रत्येक निर्माण कार्य मजबूत, टिकाऊ और निर्धारित गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप होना चाहिए। निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कार्य में किसी तरह की तकनीकी अथवा अन्य समस्या आने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके। इसलिए सभी संबंधित एजेंसियां पूरी गंभीरता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। आगामी भोरमदेव महोत्सव तक निर्माण कार्यों में स्पष्ट और दिखाई देने वाली प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पीएमसी, ठेकेदारों और भोरमदेव विकास समिति के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही पीएमसी की भूमिका एवं जिम्मेदारियों की समीक्षा कर तकनीकी निगरानी को और प्रभावी बनाने को कहा।
    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने भी भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई कार्यों के कार्यादेश जारी हुए 8 से 09 माह हो चुके हैं, इसके बावजूद निर्माण कार्य अपेक्षा के अनुरूप गति से नहीं चल रहे हैं। मंत्री  अग्रवाल ने सभी ठेकेदारों को पूर्ण कार्ययोजना प्रस्तुत करने तथा प्रत्येक 15 दिन में किए जाने वाले कार्यों का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोरमदेव महोत्सव से 10 दिन पहले तक निर्धारित कार्यों को पूरा करने की समय-सीमा तय की जाए। प्रत्येक 15 दिन में कार्यों की प्रगति की समीक्षा होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले ठेकेदार को कार्य से पृथक करने तथा अनुबंध की शर्तों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    पर्यटन मंत्री ने पीएमसी, भोरमदेव विकास समिति और संबंधित विभागों के साथ ठेकेदारों की स्थानीय टीम के नियमित समन्वय के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थल पर ठेकेदार की ओर से ऐसा जिम्मेदार प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे, जो समिति एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर ड्राइंग, डिजाइन और निर्माण से जुड़े विषयों पर तत्काल निर्णय ले सके। उन्होंने सिंचाई, लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने और प्रगति की प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए। पर्यटन मंत्री  अग्रवाल ने निर्देश दिए कि भोरमदेव कॉरिडोर के ड्राइंग एवं डिजाइन में भोरमदेव मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला, स्वरूप और रंगत का विशेष ध्यान रखा जाए। नए निर्माण कार्य मंदिर की ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप हों और उसके साथ सामंजस्य स्थापित करें। 

    अग्रवाल ने कहा कि भोरमदेव केवल कवर्धा की आस्था का विषय नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आस्था और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। इसलिए सभी अधिकारी और संबंधित निर्माण एजेंसियां इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, पुलिस प्राधिकरण के सदस्य  भगत पटेल, कलेक्टर मती तुलिका प्रजापति, पर्यटन विभाग के प्रबंध संचालक  सौमिल रंजन चौबे, पुलिस अधीक्षक  जितेन्द्र यादव,  विदेशीराम धुर्वे,  संतोष पटेल,  लोकचंद साहू,  नंद वास सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-उपस्थित थे। 

    भोरमदेव मार्ग और आसपास के क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के निर्देश

    उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने भोरमदेव क्षेत्र में अतिक्रमण की स्थिति का चिन्हांकन कर सख्त कार्रवाई के साथ अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कवर्धा से भोरमदेव जाने वाले मुख्य मार्ग के दोनों ओर अतिक्रमण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश तहसीलदार को दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं वन विभाग की भूमि का संयुक्त रूप से चिन्हांकन किया जाए और यदि कहीं अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार उसे तत्काल हटाया जाए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई उपयुक्त शासकीय भूमि का सुव्यवस्थित उपयोग पार्किंग सहित अन्य जनसुविधाओं के विकास के लिए किया जा सकता है। साथ ही पूरे मार्ग को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

  • उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेशवासियों से स्वैच्छिक रक्तदान की अपील की

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेशवासियों से स्वैच्छिक रक्तदान की अपील की

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत प्रदेशवासियों से स्वैच्छिक रक्तदान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है। उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद का जीवन बचाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। गर्भवती महिलाओं, सिकल सेल, थैलेसीमिया, एनीमिया, डायलिसिस एवं कैंसर से पीड़ित मरीजों को नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता होती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अभियान के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों में सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं, युवा संगठनों, क्लबों तथा औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थानों की सहभागिता होगी।

    उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविरों की निगरानी भारत सरकार के e-RaktKosh पोर्टल के माध्यम से की जाएगी तथा रक्तदाताओं का ABHA ID के माध्यम से पंजीयन किया जाएगा। चिकित्सकीय पात्रता के अनुसार 18 से 65 वर्ष की आयु के स्वस्थ व्यक्ति, जिनका वजन 45 किलोग्राम से अधिक है, स्वैच्छिक रक्तदान कर सकते हैं।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से युवाओं से अभियान से जुड़ने और नियमित स्वैच्छिक रक्तदाता बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नागरिक अपने मोबाइल में e-RaktKosh App डाउनलोड कर अपने आसपास आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और रक्तदान के लिए पंजीयन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश का प्रत्येक स्वस्थ युवा नियमित रूप से रक्तदान करे, तो जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

     

  • बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचे उप मुख्यमंत्री : ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद

    बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचे उप मुख्यमंत्री : ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद

    भोपाल

    रीवा जिले में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान के बाद पैदा हुई जल भराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण में हैं। आपदा की इस घड़ी में ग्राउंड जीरो पर जनता के बीच पहुंचकर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के क्रम में आज उन्होंने जिले के कई गंभीर रूप से प्रभावित ग्रामीण अंचलों का व्यापक भ्रमण किया।

    उप मुख्यमंत्री ने जल जमाव से प्रभावित ग्राम लक्ष्मणपुर, मैरहा टोला, लोही, भटलो और कोठी सहित आसपास के बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से व्यक्तिगत रूप से भेंट की और उनके नुकसान की जानकारी ली। संकटग्रस्त परिवारों से आत्मीयता के साथ चर्चा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कठिन समय है, लेकिन सरकार पूरी मजबूती के साथ आपके साथ खड़ी है। किसी भी नागरिक को बेसहारा नहीं रहने दिया जाएगा और हर संभव सहायता त्वरित गति से पहुंचाई जाएगी।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों में बिजली, सड़क, संचार और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को जल्द से जल्द बहाल करें। जलभराव के बाद बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को विशेष प्रबंध करने के निर्देश देते हुए कहा कि घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण और पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। शुद्ध पेयजल के टैंकरों की व्यवस्था और जल स्रोतों का क्लोरीनीकरण करें, ताकि संक्रामक बीमारियों से बचा जा सके।