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  • उप मुख्यमंत्री बोले – जैविक प्रमाणन से बस्तर के वनोपज को मिलेगा वैश्विक बाजार, महिलाओं और युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

    उप मुख्यमंत्री बोले – जैविक प्रमाणन से बस्तर के वनोपज को मिलेगा वैश्विक बाजार, महिलाओं और युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

    रायपुर. 
    छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण, जैविक उत्पादों के संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में दंतेवाड़ा जिले ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत गठित माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड को वनोपज के लिए राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) के अंतर्गत जैविक प्रमाणीकरण प्राप्त हुआ है। यह प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित पहली किसान उत्पादक कंपनी है, जिसे वनोपज के लिए यह प्रमाणन मिला है। इस उपलब्धि से बस्तर के प्राकृतिक वनोपज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की नई राह खुली है।

    उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी से जुड़ी सभी महिलाओं और बिहान मिशन की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के समग्र विकास के लिए स्थानीय संसाधनों, स्थानीय प्रतिभा और स्थानीय भागीदारी पर आधारित विकास मॉडल को आगे बढ़ा रही है। इस मॉडल में महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका और प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग प्रमुख आधार हैं। माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को मिला एनपीओपी प्रमाणपत्र इसी दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि बस्तर की धरती प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है और यहां की महिलाएं पीढ़ियों से वनोपज के संग्रहण एवं संरक्षण का कार्य करती आ रही हैं। एनपीओपी प्रमाणन मिलने से उनके परिश्रम और पारंपरिक ज्ञान को औपचारिक पहचान मिलेगी। अब दंतेवाड़ा के प्रमाणित जैविक वनोपज को देश के बड़े बाजारों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं मजबूत होंगी। इससे संग्राहकों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने और वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होने की उम्मीद है।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक प्रमाणन केवल उत्पादों की गुणवत्ता की पहचान नहीं है, बल्कि यह बस्तर की महिलाओं की मेहनत और सामूहिक उद्यमशीलता को नई पहचान दिलाने का माध्यम भी है। वनोपज के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे युवाओं को अपने गांव और क्षेत्र में ही काम के अवसर मिलेंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

    शर्मा ने कहा कि शासन की मंशा है कि बस्तर के ऐसे गांवों, जहां परंपरागत रूप से रासायनिक उर्वरकों और रसायनों का उपयोग नहीं किया गया है, वहां के कृषि उत्पादों और वनोपज को निर्धारित मानकों के अनुरूप जैविक प्रमाणीकरण से जोड़ा जाए। इससे बस्तर की प्राकृतिक और पारंपरिक उत्पादन प्रणाली को विशिष्ट पहचान मिलेगी। साथ ही स्थानीय समुदायों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य, बेहतर बाजार और स्थायी आजीविका प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि ‘दण्डक ब्रांड’ बस्तर की मेहनतकश महिलाओं, समृद्ध जैव विविधता और स्थानीय उत्पादों को एक साझा पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

    1080 महिला शेयरधारक, 60 उत्पादक समूह और एक करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार
    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत वर्ष 2023 में गठित माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उनकी आजीविका बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है। वर्तमान में कंपनी से 1080 महिला शेयरधारक प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। इसके अतिरिक्त जिले के 60 उत्पादक समूहों से जुड़ी 2100 वनोपज संग्राहक दीदियां भी कंपनी की गतिविधियों से लाभान्वित हो रही हैं। ये महिलाएं स्थानीय स्तर पर वनोपज के संग्रहण और विपणन से जुड़ी हैं। कंपनी के माध्यम से इन महिलाओं को संगठित बाजार व्यवस्था, उत्पादों के मूल्य संवर्धन और बेहतर कीमत प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    कंपनी ने पिछले दो वर्षों में एक करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया है। पिछले वर्ष लगभग 54 लाख रुपए के उत्पादों की बिक्री की गई थी, जबकि इस वर्ष अब तक 50 लाख रुपए से अधिक के वनोपज की खरीदी की जा चुकी है। एनपीओपी प्रमाणन मिलने के बाद इन उत्पादों के बेहतर मूल्य पर विपणन की उम्मीद है। कंपनी अब केवल वनोपज की खरीदी-बिक्री तक सीमित न रहकर मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के माध्यम से अपने कारोबार का विस्तार कर रही है।

    ‘दण्डक ब्रांड’ से दंतेवाड़ा के स्थानीय उत्पादों को मिलेगी विशिष्ट पहचान
    माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी ने अपने उत्पादों को विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए ‘दण्डक ब्रांड’ की शुरुआत की है। इसी क्रम में दंतेवाड़ा में कंपनी के विशेष बिक्री केंद्र का शुभारंभ किया गया है। इस केंद्र के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उत्पादित एवं संग्रहित विभिन्न खाद्य पदार्थ और वनोपज अब एक ही छत के नीचे उपभोक्ताओं को उपलब्ध हो सकेंगे। 

    दण्डक ब्रांड को राज्य स्तर एवं देश-विदेश में छत्तीसगढ़ के स्थानीय छत्तीसकला ब्रांड के अंतर्गत विक्रय किया जाएगा। दण्डक ब्रांड के अंतर्गत नीम फूल, एचएमटी चावल, लाल चूड़ी चावल, बासमती चावल, अमचूर, इमली, महुआ, कोदो, कुटकी और रागी सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों को बाजार में उतारा गया है। इन उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर आकर्षक पैकेजिंग के साथ बिक्री की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे बस्तर के पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ ही ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

    एनपीओपी प्रमाणन के माध्यम से निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रमाणित उत्पादों को जैविक उत्पाद के रूप में विपणन करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के सहयोग से निर्यात की संभावनाएं भी तलाशी जा सकेंगी।

    पहले स्थानीय बाजार तक सीमित थे उत्पाद, अब देश-दुनिया तक पहुंचने की उम्मीद– विमला ठाकुर
    दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा विकासखंड अंतर्गत ग्राम नेलेवाड़ा निवासी एवं माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी की अध्यक्ष विमला ठाकुर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पहले उनके द्वारा संग्रहित वनोपज की बिक्री मुख्य रूप से स्थानीय बाजारों में होती थी। इससे उत्पादों का अपेक्षित मूल्य प्राप्त नहीं हो पाता था।

    ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से दण्डक ब्रांड की शुरुआत और अब एनपीओपी प्रमाणन मिलने से महिलाओं में नया उत्साह है। उन्होंने कहा कि हम सभी सदस्य बहुत खुश हैं। अब हमारे वनोपज को अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद है। हमारे उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। इससे हम महिलाओं की आमदनी बढ़ेगी और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    बस्तर में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
    माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी की यह पहल बस्तर संभाग में स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कलेक्टर दंतेवाड़ा देवेश कुमार ध्रुव के नेतृत्व में जिला प्रशासन की यह पहल कंपनी से जुड़ी 1080 महिला शेयरधारकों के साथ 60 उत्पादक समूहों की 2100 वनोपज संग्राहक दीदियों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का नया अवसर लेकर आई है। वनोपज का जैविक प्रमाणीकरण, स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन, दण्डक ब्रांड के माध्यम से विपणन और बड़े बाजारों से जुड़ाव ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे बस्तर के पारंपरिक वनोपज को व्यापक पहचान मिलने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

  • नई जिम्मेदारी के साथ नई शुरुआत, विजय शर्मा की मौजूदगी में पदाधिकारियों ने ली शपथ

    नई जिम्मेदारी के साथ नई शुरुआत, विजय शर्मा की मौजूदगी में पदाधिकारियों ने ली शपथ

    रायपुर

    उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई पद एवं गोपनीयता की शपथ

    छत्तीसगढ़ प्रदेश लोक कलाकार कल्याण संघ के शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने लोक कलाकारों की सुविधाओं और उनकी कला को आगे बढ़ाने के लिए स्टूडियो निर्माण के संबंध में आश्वासन भी दिया।  

    उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोक कला, संस्कृति और परंपराओं से है। लोक कलाकार अपनी प्रतिभा और कला के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कलाकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि लोक कला को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कलाकारों को बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कलाकारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कलाकारों के लिए स्टूडियो निर्माण की दिशा में आवश्यक सहयोग और पहल का आश्वासन दिया। स्टूडियो उपलब्ध होने से कलाकारों को अपनी कला के अभ्यास, प्रशिक्षण, रिकॉर्डिंग और प्रस्तुतियों की तैयारी के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।  

    इस दौरान संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा छत्तीसगढ़ की लोक कला एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी,  मनीराम साहू, संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी, बड़ी संख्या में लोक कलाकार और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

  • 50 सीटों के साथ इसी सत्र से शुरू हुआ कवर्धा मेडिकल कॉलेज

    50 सीटों के साथ इसी सत्र से शुरू हुआ कवर्धा मेडिकल कॉलेज

    रायपुर

    उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने कवर्धा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले जिले के प्रथम छात्र सहसपुर लोहारा निवासी  हिमांशु देवांगन से महानदी भवन नवा रायपुर से फोन पर बातचीत कर उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कवर्धा मेडिकल कॉलेज में इसी शैक्षणिक सत्र से 50 एमबीबीएस सीटों के साथ चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत हो रही है और संयोग से कॉलेज के प्रथम सत्र में प्रवेश लेने वाला छात्र कवर्धा जिले का ही निवासी है। जिले के लिए यह गौरव का विषय है कि कवर्धा में चिकित्सा शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत जिले के ही प्रतिभावान विद्यार्थी के प्रवेश के साथ हुई है।

    *हिमांशु देवांगन ने नीट की तैयारी के लिए भिलाई में कोचिंग ली* 

    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने छात्र से बातचीत के दौरान उसकी स्कूली शिक्षा, नीट परीक्षा की तैयारी और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए हुई काउंसलिंग प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। हिमांशु ने बताया कि उसने कक्षा 12वीं में 83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं तथा नीट परीक्षा में 512 अंक हासिल किए। नीट की तैयारी के लिए उसने भिलाई में कोचिंग भी ली। बातचीत के दौरान छात्र ने मेडिकल शिक्षा को लेकर अपनी रुचि और आगे की पढ़ाई के संबंध में भी जानकारी साझा की।

    *मेडिकल कॉलेज में प्रवेश एक महत्वपूर्ण उपलब्धि* 

    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने हिमांशु का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब पूरी लगन, मेहनत और अनुशासन के साथ पढ़ाई करते हुए अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि अपनी मेहनत और उपलब्धियों से माता-पिता एवं परिवार के सपनों को पूरा करने के साथ जिले का नाम भी रोशन करें। उप मुख्यमंत्री ने हिमांशु को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉक्टर के रूप में शिक्षा पूरी करने के बाद अच्छे संस्थानों और अस्पतालों में कार्य कर अनुभव प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के साथ अपने क्षेत्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी बनाए रखें। अपनी शिक्षा और अनुभव का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए करने का प्रयास करें, ताकि आपकी सफलता का लाभ समाज और स्थानीय लोगों तक भी पहुंच सके।

    *उप मुख्यमंत्री की विशेष पहल से इसी सत्र में शुरू हो रहा मेडिकल कॉलेज*

    उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा की विशेष पहल से कवर्धा मेडिकल कॉलेज का संचालन इसी शैक्षणिक सत्र से 50 एमबीबीएस सीटों के साथ प्रारंभ हो रहा है। मेडिकल कॉलेज की शुरुआत से कवर्धा जिले और आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया अवसर उपलब्ध हुआ है। अब विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए अन्य बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी और जिले में ही मेडिकल शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होगी। मेडिकल कॉलेज के पहले सत्र में प्रवेश लेने वाला छात्र भी कवर्धा जिले के सहसपुर लोहारा का रहने वाला है। यह जिले के लिए गर्व की बात है कि कवर्धा में मेडिकल कॉलेज की शुरुआत जिले के ही विद्यार्थी के प्रवेश से हुई है।

  • कांवडि़यों के बीच बैठकर ग्रहण किया प्रसाद

    कांवडि़यों के बीच बैठकर ग्रहण किया प्रसाद

    रायपुर

    मां नर्मदा के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

    श्रावण मास के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने मध्यप्रदेश के पवित्र तीर्थस्थल अमरकंटक पहुंचकर मां नर्मदा के दर्शन किए। उन्होंने नर्मदा उद्गम स्थल स्थित नर्मदा कुंड में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात उन्होंने जलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का पूजन किया और प्रदेश एवं प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की।

    मां नर्मदा के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की    

    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने नर्मदा कुंड एवं नर्मदा उद्गम स्थल के पवित्र परिसर में पूजा-अर्चना कर मां नर्मदा का आशीर्वाद लिया। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को अमरकंटक में श्रद्धा और आस्था का विशेष वातावरण रहा। इस दौरान  शर्मा ने धार्मिक अनुष्ठानों के साथ जनकल्याण की भावना को सर्वाेपरि रखते हुए प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

    कांवडि़यों के बीच आत्मीयता से बिताया समय  

    अमरकंटक प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा कांवडि़यों के बीच भी पहुंचे। उन्होंने मृत्युंजय आश्रम में कांवडि़यों को भोजन प्रसादी वितरित की और उनके साथ बैठकर प्रसादी ग्रहण की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से आत्मीय बातचीत कर उनकी कांवड़ यात्रा, यात्रा मार्ग और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। कांवडि़यों के साथ सहजता से संवाद करते हुए उन्होंने उनकी यात्रा के अनुभव भी सुने।

    भोरमदेव-अमरकंटक कांवड़ यात्रा के लिए विशेष व्यवस्थाएं  

    उल्लेखनीय है कि अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक लगभग 150 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के निर्देश पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा मार्ग पर कांवडि़यों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य, सुरक्षा, भोजन और रात्रि विश्राम सहित आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। कांवडि़यों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्ग में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ पुलिस पेट्रोलिंग दल भी तैनात किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    मृत्युंजय आश्रम में निःशुल्क भोजन और रात्रि विश्राम की व्यवस्था

              अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम में कांवडि़यों के लिए निःशुल्क भोजन एवं रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। यहां श्रद्धालुओं को दाल-भात, सब्जी के साथ खीर, पूरी और हलवा सहित भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे लंबी कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को विश्राम के साथ पौष्टिक भोजन की सुविधा मिल रही है। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि कांवडि़यों की सुविधा और सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सावन माह के इस पवित्र अवसर पर भोरमदेव से अमरकंटक तक श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि सभी भक्तजन श्रद्धा, उत्साह और सुरक्षित वातावरण में अपनी कांवड़ यात्रा पूरी कर सकें।